MP News: पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों पर लगेगी सख्त लगाम, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होंगे केस

MP News: मध्य प्रदेश सरकार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नया सख्त कानून लाने जा रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट, संपत्ति कुर्की और AI आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में सार्वजनिक परीक्षाओं के दौरान होने वाले पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, फर्जी अभ्यर्थियों और डिजिटल माध्यम से नकल जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संबंधी नया कानून तैयार किया जा रहा है। इस प्रस्तावित कानून के तहत परीक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। केवल जेल और जुर्माना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आरोपियों की संपत्ति भी कुर्क की जा सकेगी। ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि ईमानदार अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। पेपर लीक रोकने के लिए बनेगा सख्त कानून राज्य सरकार जिस नए कानून की तैयारी कर रही है, उसमें परीक्षा से जुड़े संगठित अपराधों पर विशेष फोकस रहेगा। प्रस्तावित कानून के तहत निम्न मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा— इन मामलों में कठोर दंड, आर्थिक जुर्माना, संपत्ति कुर्की, त्वरित जांच और शीघ्र अभियोजन की व्यवस्था की जाएगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई सरकार का उद्देश्य केवल अपराध दर्ज करना नहीं बल्कि समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना भी है। इसलिए परीक्षा से जुड़े गंभीर मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का प्रस्ताव है, जिससे लंबित मामलों में तेजी से फैसला हो सके। भर्ती परीक्षाओं में होंगे बड़े बदलाव राज्य सरकार सामान्य प्रशासन विभाग, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती परीक्षाओं के नियमों में भी बदलाव कर रही है। नियमों के प्रारूप पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की जा चुकी है और अब इन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। समान योग्यता वाले पदों के लिए होगी एक ही परीक्षा नई व्यवस्था के तहत एक जैसी पात्रता वाले पदों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। सरकार समान प्रकृति के पदों का समूह बनाएगी और वर्ष में केवल एक संयुक्त परीक्षा आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार आवेदन और परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। AI, बायोमैट्रिक और CCTV से होगी निगरानी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे ये उपाय ऑनलाइन शिकायत प्रणाली भी होगी शुरू भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक स्वतंत्र शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे, उसकी स्थिति ट्रैक कर सकेंगे और तय समय सीमा में शिकायतों का समाधान किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर स्वतंत्र जांच भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए। उनका कहना है कि परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए सख्त कानून लाना इस सुधार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

रतलाम के रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग का शानदार रिजल्ट, GNM प्रथम वर्ष परीक्षा में सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल, भोपाल द्वारा आयोजित जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) प्रथम वर्ष की मुख्य परीक्षा में रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, रतलाम के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया है। परीक्षा परिणाम में कॉलेज के सभी सफल विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। संस्थान के प्रिंसिपल जगदीश दुके ने बताया कि परीक्षा में रीना जांगड़े ने 77.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं मधुबाला शर्मा ने 74.8 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और शुभम सुथार ने 74.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रिंसिपल जगदीश दुके ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम छात्रों की मेहनत, नियमित अध्ययन और अनुभवी फैकल्टी के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाता है, जिससे उनका समग्र विकास होता है। उन्होंने कहा कि संस्थान के 120 बेड के स्वयं के हॉस्पिटल में मिलने वाली क्लीनिकल ट्रेनिंग विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी ताकत है। प्रथम वर्ष से ही छात्रों को लाइव केस स्टडी और वास्तविक मरीजों की देखभाल का अनुभव कराया जाता है, जिससे उनका विषय ज्ञान मजबूत होता है और बोर्ड परीक्षाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ता है। प्रिंसिपल ने कहा कि रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग भविष्य में भी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल में विद्यारंभ संस्कार का आयोजन, 50 नन्हे बच्चों ने रखा शिक्षा जगत में पहला कदम

रतलाम के गुरु रामदास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यारंभ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नर्सरी के 50 बच्चों ने ‘ॐ’ लिखकर शिक्षा की शुरुआत की। कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए इंदिरा नगर स्थित गुरु रामदास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार, 27 जून 2026 को नर्सरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ‘विद्यारंभ संस्कार’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 50 नन्हे विद्यार्थियों ने अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सचिव श्री कशमीर सिंह, प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर एवं प्रधानाध्यापिका श्रीमती पूनम गांधी ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान श्री गणेश एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक फूलों एवं रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया, जिससे समारोह का वातावरण बेहद मनमोहक बन गया। विद्यालय पहुंचे नन्हे विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने कहा कि विद्यारंभ संस्कार बच्चों के ज्ञानार्जन की पहली सीढ़ी है।विद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का भी समुचित विकास करना है। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों को उपहार स्वरूप नर्सरी कक्षा का संपूर्ण पाठ्यक्रम, पुस्तकें, मोरपंख एवं पेंसिल प्रदान की गई। इसके साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को फल एवं स्वल्पाहार भी वितरित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती नीलिमा उपाध्याय एवं श्रीमती रानू सकलेचा ने किया, जबकि श्रीमती रविंद्र कौर मठारू एवं श्रीमती ब्रिजेशलता वर्मा ने आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन समिति एवं समस्त स्टाफ ने कार्यक्रम में शामिल सभी अभिभावकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

रॉयल कॉलेज के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का इतिहास, BBA-BCA परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज (रॉयल कॉलेज) के विद्यार्थियों ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा घोषित BBA एवं BCA तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। विद्यार्थियों ने शानदार अंक अर्जित करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया। संस्थान के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने जानकारी देते हुए बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और प्राध्यापकों के मार्गदर्शन के बल पर यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। BBA तृतीय वर्ष मेरिट सूची बीबीए तृतीय वर्ष में कु. उम्मेहानी खामोशी ने 87.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं कु. अल्जीना खान ने 86.80 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय तथा कु. निशिता पाटीदार ने 86.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया। BCA तृतीय वर्ष में भी शानदार सफलता बीसीए तृतीय वर्ष में कु. अशिका पांचाल ने 86.20 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। कु. दीप्ति कुशवाह ने 84 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय तथा कु. प्रांजल शर्मा ने 82.30 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, एचओडी दीपिका कुमावत सहित समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

रतलाम में नर्सिंग छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब बिना एंट्रेंस मिलेगा GNM-ANM में एडमिशन, रॉयल नर्सिंग कॉलेज में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश और मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 से GNM और ANM पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी। अब विद्यार्थियों को इन कोर्सों में एडमिशन के लिए किसी भी प्रकार की प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। सीधे 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर प्रवेश दिया जाएगा। रतलाम के प्रमुख नर्सिंग संस्थानों में शामिल Royal Institute of Nursing में भी भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के नए नियमों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया लागू की जाएगी। संस्थान के प्राचार्य जगदीश डूके ने बताया कि GNM (General Nursing and Midwifery) और ANM (Auxiliary Nurse Midwifery) कोर्स अब विद्यार्थियों के लिए और अधिक आसान व पारदर्शी हो जाएंगे। वहीं B.Sc Nursing में प्रवेश पहले की तरह PNST परीक्षा के माध्यम से काउंसलिंग द्वारा ही किया जाएगा। रॉयल नर्सिंग कॉलेज में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं प्राचार्य के अनुसार संस्थान विद्यार्थियों को केवल थ्योरी शिक्षा ही नहीं बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष फोकस करता है। कॉलेज परिसर में ही 120 बेड का सर्वसुविधायुक्त अस्पताल संचालित है, जहां विद्यार्थियों को लाइव क्लिनिकल प्रैक्टिस और अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रतलाम और आसपास के करीब 50 किलोमीटर क्षेत्र तक कॉलेज बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैंपस में सुरक्षित एवं आधुनिक गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था भी की गई है। GNM और ANM के बाद रोजगार के बड़े अवसर नर्सिंग क्षेत्र आज देश और विदेश में तेजी से बढ़ता हुआ करियर विकल्प बन चुका है। GNM और ANM पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र-छात्राएं सरकारी एवं निजी अस्पतालों में स्टाफ नर्स, ICU नर्स, होम केयर नर्स, ट्रैवल नर्स और क्लिनिकल नर्स स्पेशलिस्ट जैसे पदों पर कार्य कर सकते हैं। भारतीय नर्सों की मांग अमेरिका, यूके, कनाडा, गल्फ देशों और यूरोप में लगातार बढ़ रही है, जहां आकर्षक वेतन पैकेज और बेहतर करियर अवसर उपलब्ध हैं। मालवा के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर प्राचार्य जगदीश डूके ने कहा कि नई मेरिट आधारित प्रवेश व्यवस्था और संस्थान में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों से मालवा अंचल के विद्यार्थियों को नर्सिंग क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने का शानदार अवसर मिलेगा। सत्र 2026-27 से लागू हो रही यह नई व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए करियर के नए रास्ते खोलेगी।

MP B.Ed Admission 2026: 14 मई तक करें आवेदन, तीन चरणों में होगी प्रवेश प्रक्रिया

बी.एड. सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू, जानिए पूरी टाइम टेबल और जरूरी नियम रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा बी.एड. (दो वर्षीय) नियमित पाठ्यक्रम सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए विस्तृत समय सारणी जारी कर दी गई है। प्रदेशभर के इच्छुक विद्यार्थी एमपी ऑनलाइन के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, रतलाम की शिक्षा संकाय की प्राचार्य डॉ. आर.के. अरोरा ने जानकारी देते हुए बताया कि बी.एड. प्रवेश के लिए सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को स्नातक या स्नातकोत्तर में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है। वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन विद्यार्थियों का स्नातक अंतिम वर्ष का परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है, वे प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के अंकों के आधार पर ऑनलाइन पंजीयन कर प्रावधिक प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। प्रथम चरण: 14 मई अंतिम तिथि बी.एड. प्रवेश प्रक्रिया के प्रथम चरण में ऑनलाइन पंजीयन एवं कॉलेज चॉइस फिलिंग की अंतिम तिथि 14 मई 2026 निर्धारित की गई है। दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 15 मई रहेगी। द्वितीय चरण की प्रक्रिया दूसरे चरण में ऑनलाइन पंजीयन 28 मई से 3 जून 2026 तक होंगे। दस्तावेज सत्यापन 29 मई से 4 जून तक किया जाएगा। तृतीय चरण की समय सारणी तीसरे चरण में ऑनलाइन पंजीयन 15 जून से 19 जून 2026 तक होंगे। दस्तावेज सत्यापन 16 जून से 20 जून तक किया जाएगा। प्रवेश नहीं लेने पर अगले चरण से बाहर हो सकते हैं छात्र डॉ. आर.के. अरोरा ने बताया कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण में प्रथम वरीयता के आधार पर सीट आवंटित होने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी प्रवेश नहीं लेता है या प्रवेश लेकर निरस्त कराता है, तो उसे आगामी चरणों की चॉइस फिलिंग प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन एवं दस्तावेज सत्यापन पूरा करने की अपील की है। कॉलेज आवंटन के बाद विद्यार्थियों को मूल दस्तावेज, मूल टीसी और माइग्रेशन प्रमाण-पत्र के साथ हेल्प सेंटर पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही शुल्क भुगतान की लिंक सक्रिय की जाएगी। निर्धारित समय में शुल्क जमा नहीं करने पर प्रवेश निरस्त माना जाएगा।

रॉयल कॉलेज में वरिष्ठ IAS राहुल जैन ने दिए सफलता के मंत्र, रोजगार-स्वरोजगार पर किया मार्गदर्शन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज में विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ IAS अधिकारी एवं भारत सरकार के वित्त आयोग में संयुक्त सचिव श्री राहुल जैन शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और आध्यात्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन श्री प्रमोद गुगालिया ने की। उन्होंने राहुल जैन का परिचय देते हुए बताया कि वे वर्ष 2005 बैच (मध्यप्रदेश कैडर) के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। वे मध्यप्रदेश के ग्वालियर, रीवा और नर्मदापुरम जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं तथा TNCP में निदेशक पद पर भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे भारत सरकार के वित्त आयोग में संयुक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही वे चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं। युवाओं को योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान राहुल जैन ने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना, कॉरपोरेट मित्र पोर्टल और iGOT Platform जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने भविष्य को मजबूत बनाने की अपील की। डिग्री से ज्यादा जरूरी है स्किल उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल अकादमिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है। विद्यार्थियों को किताबों के ज्ञान के साथ उद्योग जगत की मांगों के अनुसार खुद को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं। डिजिटल अनुशासन और संस्कारों पर दिया जोर राहुल जैन ने डिजिटल अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग समय बर्बाद करने के लिए नहीं, बल्कि कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और संस्कार हमारी असली पूंजी हैं। परिवार, समाज और अच्छे संस्कार मिलकर व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में समाजसेवी श्री ओमजी अग्रवाल, श्री मांगीलाल जैन, श्री अजय बाकीवाला, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष सोनी, डॉ. कल्पना पाटीदार, डॉ. अमित शर्मा, प्रो. कपिल कैरोल, प्रो. दीपिका कुमावत, डॉ. संदीप सिद्ध, प्रो. समीक्षा मेहरा, प्रो. ज्योत्सना सोलंकी, प्रो. मृदुला उपाध्याय सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बीएड प्राचार्य डॉ. आर.के. अरोरा ने किया, जबकि आभार प्रबंधन संकाय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री ने व्यक्त किया।

MP Board Result 2026 15 अप्रैल को होगा जारी: ऐसे करें तुरंत चेक

MP Board Result 2026 15 अप्रैल सुबह 11 बजे जारी होगा। जानें कैसे करें चेक, डायरेक्ट लिंक, मोबाइल ऐप और Digilocker से रिजल्ट देखने का तरीका। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Board Result 2026: मध्यप्रदेश बोर्ड के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। MP Board Result 2026 कल यानी 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे घोषित किया जाएगा। छात्र ऑनलाइन और मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से अपना रिजल्ट देख सकेंगे। MP Board Result 2026 कब होगा जारी? माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी और डी.पी.एस.ई. परीक्षा का MP Board Result 2026 15 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे जारी किया जाएगा। यह परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) से घोषित किया जाएगा। MP Board Result 2026 कैसे चेक करें? छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना MP Board Result 2026 चेक कर सकते हैं: ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए स्टेप्स: MP Board Result 2026 मोबाइल ऐप से कैसे देखें? छात्र मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आसानी से MP Board Result 2026 देख सकते हैं। उपलब्ध ऐप्स: प्रक्रिया:

MP Board Result 2026: 15 अप्रैल तक आ सकते हैं 10वीं-12वीं के नतीजे, जानें पूरी अपडेट

MP Board Result 2026 जल्द जारी होने वाला है। MPBSE 10वीं-12वीं रिजल्ट 15 अप्रैल तक आने की संभावना, जानें रिजल्ट डेट, समय, पासिंग मार्क्स और चेक करने का पूरा तरीका। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Board Result 2026: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम अब किसी भी वक्त जारी किए जा सकते हैं। ताजा अपडेट के अनुसार, बोर्ड ने रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है और 15 अप्रैल 2026 तक परिणाम घोषित होने की संभावना जताई जा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी होगा रिजल्ट सूत्रों के मुताबिक, इस बार भी रिजल्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जारी किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है। साथ ही कुल पास प्रतिशत, टॉपर्स लिस्ट, जिला-वार और जेंडर-वार रिजल्ट भी साझा किया जाएगा। कब तक आएगा रिजल्ट? ऐसे चेक करें MP Board Result 2026 रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इन आसान स्टेप्स से अपना परिणाम देख सकते हैं: छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपना एडमिट कार्ड पहले से तैयार रखें।

MP Board Result 2026: 10वीं-12वीं रिजल्ट जल्द, 7–12 अप्रैल के बीच आ सकते हैं नतीजे

MP Board Result 2026: एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में जारी हो सकता है। 16 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Board Result 2026: मध्यप्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश (MPBSE) द्वारा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट अप्रैल के पहले पखवाड़े में जारी किए जाने की पूरी संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिजल्ट 7 से 12 अप्रैल के बीच घोषित किया जा सकता है, जबकि विभाग 15 अप्रैल से पहले परिणाम जारी करने की तैयारी में है। करीब 16 लाख छात्रों को रिजल्ट का इंतजार इस साल एमपी बोर्ड परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए हैं। कुल मिलाकर करीब 16 लाख छात्र-छात्राओं को अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार है। अंतिम चरण में कॉपी जांच और वेरिफिकेशन सूत्रों के अनुसार, बोर्ड द्वारा कॉपियों की जांच, डेटा एंट्री और क्रॉस वेरिफिकेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस बार शिक्षा विभाग का फोकस समय पर और त्रुटिरहित रिजल्ट जारी करने पर है, ताकि छात्रों को आगे की पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो। रिकॉर्ड स्तर पर परीक्षा केंद्र इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर सख्त निगरानी और बेहतर व्यवस्था के साथ परीक्षा आयोजित की गई। हर साल बदलता रिजल्ट ट्रेंड पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो एमपी बोर्ड का रिजल्ट प्रतिशत लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरता रहा है। कभी पास प्रतिशत में गिरावट आई, तो कभी सुधार देखने को मिला। ऐसे में इस बार के नतीजों को लेकर छात्रों और अभिभावकों में उत्सुकता बनी हुई है। छात्रों को मिलेगा एडमिशन का समय अगर रिजल्ट तय समयसीमा के भीतर जारी हो जाता है, तो छात्रों को कॉलेज एडमिशन और अगली पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। यही वजह है कि शिक्षा विभाग इस बार रिजल्ट को जल्दी घोषित करने पर पूरी ताकत लगा रहा है। कैसे चेक करें MP Board Result 2026 रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इन स्टेप्स से अपना परिणाम देख सकेंगे:

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