MP News: मध्यप्रदेश में बलात्कार के मामलों में 19% वृद्धि, प्रतिदिन 20 घटनाएं  

पिछले पांच वर्षों में इंदौर में सर्वाधिक 2301 मामले, झाबुआ में 158% वृद्धि   भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वर्ष 2024 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। वर्ष 2020 में यह संख्या 6134 थी, जो 2024 में बढ़कर 7294 हो गई, यानी पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में 19% की वृद्धि हुई।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक पंकज उपाध्याय के प्रश्न के उत्तर में दी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन में दर्शाई गई बलात्कार की कुल संख्या 5374 असत्य थी। वास्तविक आंकड़ा 7202 था, जिसमें से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से जुड़े मामलों की संख्या 3831 थी। जबकि वार्षिक प्रतिवेदन में इसे केवल 883 बताया गया था।   वार्षिक प्रतिवेदन के आंकड़े असत्य   मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा शाखा और अजाक शाखा से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह गड़बड़ी हुई। जिलों से वास्तविक आंकड़े मंगाने पर पता चला कि रिपोर्ट में दी गई संख्या से वास्तविक आंकड़े काफी अधिक हैं।   विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि वार्षिक प्रतिवेदन में वास्तविक संख्या छिपाने का प्रयास किया गया और विधानसभा में गलत आंकड़े पेश कर उसकी अवमानना की गई।   2023 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बलात्कारों की संख्या 5374 थी, जबकि असल में यह 7202 रही। अनुसूचित जाति की महिलाओं से जुड़े मामले 883 बताए गए, लेकिन असल में यह 3831 थे। यानी अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं से बलात्कार के मामले 340% अधिक निकले।   जातिगत आधार पर बलात्कार के बढ़ते आंकड़े   मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति की महिलाओं से बलात्कार की घटनाओं में 10%, अनुसूचित जनजाति में 26%, पिछड़ा वर्ग में 20% और सामान्य वर्ग में 24% की वृद्धि हुई है।   2020 से 2024 के बीच अनुसूचित जाति की महिलाओं के बलात्कार के मामलों में सरकारी रिपोर्ट और वास्तविक आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया।   वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में 546, 2021 में 611, 2022 में 593, 2023 में 538 और 2024 में 557 मामले थे, जबकि वास्तविक आंकड़ों के अनुसार 2020 में 1640, 2021 में 1712, 2022 में 1861, 2023 में 1769 और 2024 में 1799 मामले सामने आए।   इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी सरकारी रिपोर्ट में आंकड़े काफी कम बताए गए। वार्षिक रिपोर्ट में 2020 में 395, 2021 में 394, 2022 में 403, 2023 में 345 और 2024 में 359 मामले बताए गए, जबकि वास्तविक आंकड़े 2020 में 1742, 2021 में 1968, 2022 में 2874, 2023 में 2062 और 2024 में 2194 रहे।   जिलावार बलात्कार के आंकड़े   पिछले पांच वर्षों में इंदौर जिला बलात्कार के मामलों में सबसे आगे रहा, जहां 2301 मामले दर्ज हुए। इसके बाद भोपाल में 1949, धार में 1602, खरगोन में 1230, सागर में 1200, जबलपुर में 1056 और रतलाम में 1018 मामले सामने आए।   सबसे अधिक वृद्धि झाबुआ में देखी गई, जहां 158% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इंदौर शहर में 103% वृद्धि, इंदौर ग्रामीण में 69% वृद्धि, भोपाल शहर में 59% वृद्धि और रतलाम में 46% वृद्धि दर्ज की गई।   वहीं, बालाघाट और जबलपुर में क्रमशः 33% और 15% की कमी आई। गुना, अशोकनगर, भिंड, बुरहानपुर, शाजापुर, कटनी, सिवनी, पन्ना, सतना, अनूपपुर और राजगढ़ में भी मामले घटे। ग्वालियर, दमोह और विदिशा में संख्या स्थिर रही।   न्यायालय में सजा का प्रतिशत कम   विधायक पंकज उपाध्याय ने न्यायालय में बलात्कार के मामलों की सफलता दर पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में सजा की दर बेहद कम रही। अनुसूचित जाति के 2739 मामलों में सिर्फ 23% दोषसिद्धि हुई और 77% आरोपी बरी हुए। अनुसूचित जनजाति के 3163 मामलों में 22% दोषसिद्धि हुई और 78% आरोपी बरी हो गए। पिछड़ा वर्ग के 3982 मामलों में 21% दोषसिद्धि और 79% बरी हुए। सामान्य वर्ग के 1222 मामलों में केवल 18% दोषसिद्धि हुई और 82% आरोपी छूट गए।   महिला सुरक्षा पर सवाल   बलात्कार के मामलों में लगातार वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया में कम दोषसिद्धि दर ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विधायक पंकज उपाध्याय ने मांग की है कि सरकार को बलात्कार के मामलों में सही आंकड़े प्रस्तुत करने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।  

Ratlam News: चांदनी चौक में सराफाकर्मी पर जानलेवा हमला, पीठ में फंसा चाकू, 2 नाबालिग गिरफ्तार

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। शुक्रवार रात आजाद चौक पर दो बदमाशों ने सराफा कर्मी योगेश राठौर (30) निवासी रामगढ़ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में चाकू उसकी पीठ में ही फंस गया, जिसे अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाला गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।    चाकूबाजी की वारदात से दहशत   शुक्रवार रात करीब 8 बजे योगेश अपनी बाइक लेने और लघुशंका करने आजाद चौक पहुंचा था। तभी वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए, जिससे योगेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों में से एक ने उसकी पीठ पर चाकू घोंप दिया, जो वहीं फंसा रह गया।   रत्यक्षदर्शियों ने बताया घटनाक्रम   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बादल जाट (ग्राम मूंदड़ी) और महेंद्र सिंह (ग्राम कनेरी) भी उसी समय अपनी बाइक लेने पहुंचे थे। उन्होंने देखा कि दो लड़के योगेश पर चाकू से हमला कर रहे हैं। जब वे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू लहराया, जिसके बाद वे पीछे हट गए।    पुराने विवाद के चलते हुआ हमला   पीड़ित योगेश और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार शाम चार बजे आजाद चौक पर ये दोनों हमलावर 17 वर्षीय एक किशोर को डरा-धमका रहे थे। योगेश ने इसका विरोध किया और लड़कों से पूछा कि वे उसे क्यों धमका रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने रात में योगेश पर हमला किया।    अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाला चाकू   हमले के बाद आसपास के लोगों ने योगेश को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी पीठ में फंसे चाकू को ऑपरेशन कर निकाला। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी   घटना 21 मार्च को हुई, जब योगेश राठौर की दोपहर करीब 2 बजे दो नाबालिग लड़कों से कहासुनी हो गई थी। शाम को दोनों आरोपियों ने इसी विवाद के चलते योगेश पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद थाना माणकचौक में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 148 25 धारा 109, 296, 3 5 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।   पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को चाकूबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना प्रभारी माणकचौक उपनिरीक्षक अनुराग यादव की अगुवाई में एक टीम गठित की गई।   पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर 3 घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया।   गिरफ्तार आरोपियों में एक विधि विरुद्ध बालक 17 वर्ष और दूसरा 16 वर्ष का है।   इस मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी अनुराग यादव, सउनि शिवनाथ राठौर, प्र आर नारायण जादौन, प्र आर दिलीप रावत, आर राजेंद्र, आर नितिन और आर अविनाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।   रतलाम पुलिस की तत्परता से इस मामले में त्वरित कार्रवाई हुई और आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने अपराधों पर रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

Ratlam News: किसानों को एमएसपी से कम दाम पर बेचना पड़ रहा गेहूं, जानिए वजह

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में किसानों को अपनी मेहनत की फसल गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचनी पड़ रही है। कृषि उपज मंडी में गेहूं की कीमतें सरकार द्वारा निर्धारित 2425 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे जा रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीदी केंद्रों पर अब तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में निजी व्यापारियों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है।   मंडी में गेहूं की बंपर आवक बनी वजह   रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की तेजी से हार्वेस्टिंग हो रही है, जिससे कृषि उपज मंडियों में बंपर आवक देखने को मिल रही है। लेकिन सरकारी खरीदी शुरू न होने से किसानों को कम दाम पर ही फसल बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।   नौगांवा गांव के किसान दीपक प्रजापत ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में गेहूं के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं। एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद मंडी में 2200-2400 रुपये प्रति क्विंटल तक ही दाम मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि खेती से जुड़े खर्चों, मजदूरी और केसीसी की किश्त चुकाने के लिए उन्हें मजबूरी में कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा है।   सरकारी खरीद में देरी से बढ़ी किसानों की परेशानी   किसानों का कहना है कि सरकारी खरीदी अप्रैल में शुरू होगी और भुगतान मिलने में भी समय लगेगा। ऐसे में उन्हें तुरंत नकद पैसों की जरूरत होने के कारण मंडी में गेहूं बेचना पड़ रहा है। किसान समर्थ पाटीदार का कहना है कि गेहूं की वास्तविक कीमत 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलनी चाहिए, लेकिन फिलहाल हमें एमएसपी से भी कम दाम मिल रहे हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसान को एमएसपी से कम दाम न मिले।   गेहूं के दाम गिरने की बड़ी वजहें   मंडी में गेहूं खरीदने वाले व्यापारी नरेंद्र जैन ने बताया कि इस बार मंडी में नमीयुक्त और मध्यम गुणवत्ता का गेहूं अधिक मात्रा में आ रहा है, जिससे उसके दाम 2200-2400 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं। हालांकि, अच्छी गुणवत्ता और सूखा गेहूं 2700-2800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।   किसानों को चाहिए समय पर सरकारी खरीद   किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू कर दे, तो किसानों को मजबूरी में गेहूं औने-पौने दाम पर नहीं बेचना पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि वह मंडियों में एमएसपी से कम में हो रही बिक्री पर सख्त कदम उठाए और तत्काल खरीद शुरू करे, ताकि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके।  

 PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा घोटाला: राजस्थान में 7 करोड़ की हेराफेरी, 29 हजार फर्जी खाते मिले  

पाली/ राजस्थान- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। पाली जिले की तीन तहसीलों—रानी, मारवाड़ जंक्शन और देसूरी में भौतिक सत्यापन के दौरान 29 हजार से अधिक फर्जी खाते मिले हैं। इन खातों के जरिए करीब 7 करोड़ रुपए की राशि गलत तरीके से ट्रांसफर की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों के लिए भेजी गई यह रकम पश्चिम बंगाल और बिहार के खातों में चली गई।   तीन तहसीलों में बड़ा घोटाला, 7 करोड़ की गड़बड़ी   पाली जिला प्रशासन के निर्देश पर हुए सत्यापन में देसूरी में 20 हजार, रानी में 9 हजार 4 और मारवाड़ जंक्शन में 62 फर्जी खाते मिले। जांच में खुलासा हुआ कि   – देसूरी तहसील में 1.51 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए।   – रानी तहसील में 5.40 करोड़ रुपए फर्जी खातों में गए।   मामले में एफआईआर दर्ज, प्रशासन सख्त   पाली जिला कलेक्टर एलएल मंत्री ने बताया कि मारवाड़ जंक्शन, देसूरी और रानी तहसीलों के तहसीलदारों ने घोटाले की रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज करवाई है। वहीं, पूरे मामले की जांच एडीएम सीलिंग अश्विन के पवार को सौंपी गई है। प्रशासन ने कहा है कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना   प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को हर साल 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। लेकिन राजस्थान में इस योजना का पैसा गलत खातों में ट्रांसफर होने से यह बड़ा घोटाला उजागर हुआ है।   जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई   सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में आंतरिक मिलीभगत की भी आशंका है। लिहाजा, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस मिलकर इस घोटाले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।  

Ratlam News: विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस: रतलाम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने दिया महत्वपूर्ण संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के अवसर पर रतलाम ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनिक सोसायटी द्वारा पोलो ग्राउंड स्थित जन चेतना परिषद द्वारा संचालित दिव्यांग विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाजसेवियों, डॉक्टरों और अभिभावकों ने भाग लिया।   कार्यक्रम की शुरुआत में दिव्यांग बच्चों ने सोसायटी अध्यक्ष डॉ. सुनीता वाधवानी, सचिव डॉ. अदिति राठौर, डॉ. राजकुमारी पुरोहित, समाजसेवी सविता तिवारी और स्कूल अध्यक्ष एम.एल. दुबे का स्वागत किया।    डाउन सिंड्रोम को समझें और जागरूक बनें   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोसायटी अध्यक्ष डॉ. सुनीता वाधवानी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उन बच्चों और वयस्कों को समर्पित है जो डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि डाउन सिंड्रोम एक जेनेटिक विकार है, जो बच्चे के जन्म से पहले ही हो जाता है और उसके शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करता है। हालांकि, प्यार, समर्थन और सही देखभाल से ये बच्चे भी सामान्य जीवन जी सकते हैं।    बड़ी उम्र में विवाह से बढ़ता है जोखिम   विशेषज्ञों ने बताया कि बड़ी उम्र में विवाह करने से बच्चों में डाउन सिंड्रोम का खतरा बढ़ सकता है। जब माता-पिता की उम्र अधिक होती है, तो उनके शिशु में इस विकार की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, युवाओं को इस बारे में जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।    समाज में समावेशी माहौल जरूरी   डॉ. अदिति राठौर ने कहा कि हमें डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों को प्यार, समर्थन और सम्मान देना चाहिए। हमें उनकी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करनी चाहिए।   समाजसेवी सविता तिवारी ने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, हमें इसे पहचानकर उसे विकसित करना चाहिए।   डॉ. राजकुमारी पुरोहित ने कहा कि डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए उनका संपूर्ण इलाज और देखभाल बेहद जरूरी है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक समावेशी और सहयोगी समाज का निर्माण करें।    अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान   इस अवसर पर डॉक्टरों ने उपस्थित अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। साथ ही, बच्चों को मनोरंजन के साधन और उपयोगी वस्तुएं वितरित की गईं।    इनकी रही उपस्थिति   कार्यक्रम में अनुराधा खाबिया, उषा तिवारी, रूपा पाल, सोनू पांचाल, कमलेश नारोलिया, रामचंद्र गोखले, ऋषिका चौहान सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   कार्यक्रम का संचालन शशि सिंह ने किया और आभार डॉ. अदिति सिंह ने व्यक्त किया।  

Ratlam News: परम आनंद सोशल क्लब एवं मेहंदीकुई बालाजी जनकल्याण न्यास द्वारा चार दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: परम आनंद सोशल क्लब एवं मेहंदीकुई बालाजी जनकल्याण न्यास के संयुक्त तत्वावधान में मेहंदीकुई बालाजी परिसर में चार दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में महामंडलेश्वर अनंतदेव गिरी (स्वामी वामदेव, ज्योर्तिमठ, वृंदावन) अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान की गंगा में गोता लगवा रहे हैं।   प्रणाम का महत्व एवं पापों से मुक्ति का मार्ग बताया प्रवचन के पहले दिन अनंतदेव गिरी ने प्रणाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रणाम न केवल एक अभिवादन है, बल्कि यह एक अनुष्ठान भी है। उन्होंने बताया कि बड़ों के सान्निध्य में रहकर अच्छी बातें ग्रहण करना चाहिए तथा माता-पिता, गुरुजनों और वृद्धजनों का सम्मान करना चाहिए।   उन्होंने कहा कि मनुष्य द्वारा किए गए पापों की मुक्ति के लिए शास्त्रों में कई विधियाँ बताई गई हैं। पवित्र नदियों में स्नान, गौ सेवा, संत सेवा और विभिन्न अनुष्ठानों के माध्यम से पापों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भगवान राम ने भी राक्षसों के संहार के बाद अश्वमेध यज्ञ करके स्वयं को पापों से मुक्त किया था।   आत्महत्या को बताया सबसे बड़ा पाप अनंतदेव गिरी ने आत्महत्या के विषय में गहन विचार रखते हुए कहा कि शास्त्रों में आत्महत्या का कोई विधान नहीं है। उन्होंने बताया कि मनुष्य को अपने जीवन का अंत करने का अधिकार नहीं है और आत्महत्या करने वाला व्यक्ति संस्कारों और क्रियाकर्म का लाभ प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्महत्या जैसे महापाप से दूर रहने का आह्वान किया।   स्वागत एवं आयोजन समिति की भागीदारी कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था प्रमुख डॉ. पवन मजावदिया, जयकुमार टेकचंदानी और बंशीलाल मजावदिया ने अनंतदेव गिरी का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। मंच पर दंडी स्वामी, पं. संजय दवे एवं अन्य संतजनों का भी समिति द्वारा सम्मान किया गया।   इस अवसर पर मेहंदीकुई बालाजी न्यास के अध्यक्ष बाबुलाल चौधरी, संजय दलाल, दीपक सिसोदिया, कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट से मोहनलाल भट्ट, जिंदल, गीता मंदिर ट्रस्ट से ट्रस्टी सुनील खारीवाल, वीरेंद्र वाफगांवकर, संजय व्यास, अनिल पुरोहित, हरीश रत्नावत, गोपालजी का बड़ा मंदिर न्यास से मनोहर पोरवाल, महेश व्यास, जांगड़ा पोरवाल समाज के अध्यक्ष गोपाल मजावदिया, लक्ष्मीनारायण धनोतिया, राजेंद्र पोरवाल, योगेश दलाल, समाजसेवी कैलाश झालानी, पंकज अग्रवाल, सचिन तिवारी आदि गणमान्यजन उपस्थित रहे।   भव्य प्रसादी वितरण के साथ हुआ समापन प्रवचन के समापन पर श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई, जिससे उपस्थित भक्तजनों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।  

MP News: रतलाम मंडल को राजभाषा के क्षेत्र में दो बड़े सम्मान, अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद को मिला रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: रेलवे बोर्ड द्वारा आयोजित 154वीं राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में रतलाम मंडल को आचार्य महावीर प्रसाद चल वैजयंती पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद को रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक प्रदान किया गया। यह सम्मान राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया।   रेलवे बोर्ड ने रतलाम मंडल को किया सम्मानित   रेल भवन में आयोजित इस समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश कुमार ने राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्षेत्रीय रेलवे, मंडलों और अधिकारियों को सम्मानित किया। इस दौरान रतलाम मंडल को आधार वर्ष 2023 हेतु आचार्य महावीर प्रसाद चल वैजयंती पुरस्कार दिया गया, जिसे अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद ने प्राप्त किया।   अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद को रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक   अशफाक अहमद को रतलाम मंडल में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए रेलमंत्री राजभाषा रजत पदक प्रदान किया गया। इस सम्मान के तहत उन्हें रजत पदक, प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया।   पश्चिम रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि   रेलवे बोर्ड स्तर पर रतलाम मंडल को एक साथ दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त होना, न केवल मंडल बल्कि पूरे पश्चिम रेलवे के लिए एक विशिष्ट उपलब्धि है। इस उपलब्धि पर मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने हर्ष व्यक्त किया और मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।   राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में रतलाम मंडल की अहम भूमिका   रतलाम मंडल लगातार राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और सरकारी कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मान मंडल के समर्पित प्रयासों का प्रमाण है।  

Ratlam News: रतलाम में 25वीं भव्य और विराट चुनरी यात्रा, 23 मार्च को होगी तैयारी बैठक  

सात अप्रैल को श्री गढखंखई माता जी को चढ़ाई जाएगी 111 फीट लंबी चुनरी   रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: चैत्र नवरात्रि की सप्तमी, 4 अप्रैल 2025 शुक्रवार को आयोजित होने वाली श्री गढखंखई माता चुनरी यात्रा के सफल आयोजन को लेकर 23 मार्च 2025 रविवार को शाम 5 बजे श्री बड़ा गोपाल जी का मंदिर, माणक चौक, रतलाम में एक महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है। इस बैठक में सभी धर्मप्रेमी भाई-बहनों से शामिल होने की अपील की गई है।    39 किमी पैदल यात्रा में हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल   श्री पद्मावती माता मंदिर, राजमहल पेलेस रोड से यह भव्य चुनरी यात्रा शाम 6 बजे शुरू होगी। यात्रा में 111 फीट लंबी चुनरी के साथ सैकड़ों भगवा ध्वज लहराएंगे। यह यात्रा पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, माणक चौक, घांस बाजार, चोमुखी पुल, चांदनी चौक, लक्कड़ पीठा, बाजना बस स्टैंड, सागोद रोड और शिवगढ़ होते हुए 39 किमी की पैदल यात्रा पूरी कर प्रातः 6 बजे श्री गढखंखई माता मंदिर, राजापुरा पहुंचेगी। वहां मां पद्मावती एवं मां चामुंडा को 11-11 फीट की चुनरी चढ़ाई जाएगी और हिंदू राष्ट्र की कामना की जाएगी।   यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं की मांग   श्री गढखंखई माता चुनरी यात्रा आयोजन समिति ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर यात्रा के दौरान बेहतर व्यवस्थाओं की मांग की है। समिति के संयोजक जनक नागल, अध्यक्ष धर्मेंद्र रांका, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चियों की संख्या अधिक होती है। साथ ही, दोपहिया और चारपहिया वाहनों का बड़ा काफिला भी माता के दर्शन को जाता है, जिससे कई स्थानों पर जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।   यात्रा मार्ग पर प्रमुख समस्याएँ और समाधान की मांग   1. सड़क सुधार कार्य – रतलाम से राजापुरा तक सड़क का दुरुस्तीकरण करवाया जाए   2. सुरक्षा व्यवस्था – भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक कंट्रोल और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की जाए   3. प्रकाश व्यवस्था – दुर्घटना संभावित स्थानों पर उचित लाइटिंग लगाई जाए   4. चिकित्सा सुविधा – आपातकालीन स्थिति के लिए मार्ग में मेडिकल टीम और एम्बुलेंस तैनात की जाए   5. पार्किंग व्यवस्था – गढखंखई माता मंदिर के पास पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं   समिति ने श्रद्धालुओं से की अपील   श्री गढखंखई माता चुनरी यात्रा आयोजन समिति के पदाधिकारियों जनक नागल, धर्मेंद्र रांका, नरेंद्र सिंह चौहान, श्याम उपाध्याय, मंगल सिंह पंवार, ओमप्रकाश धीमान, अजय यार्दे, मदन सोनी, विपिन सोनी, डॉ रचित अग्रवाल, संजय पेमाल, नीरज चावला, ऋषि पाटीदार, पुखराज हंसवाल, प्रकाश सेठिया, मुकेश गांधी, गब्बर यादव, चिराग जायसवाल, लाखन सिंह शेखावत, गोविंद सिंह, नितिन संधवी, राजेश नागल, जितेंद्र बामनिया, राहुल शर्मा एडवोकेट, रवि वंडेला, निखिलेश सिंह पंवार, विनोद गुर्जर और अर्जुन प्रजापति सहित अन्य सदस्यों ने नगर के सभी धर्मप्रेमियों से बैठक में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने और चुनरी यात्रा में सपरिवार शामिल होने का अनुरोध किया है।  

Ratlam News: रतलाम में चोरों का आतंक: एक ही रात में पांच स्थानों पर चोरी, लाखों का माल ले उड़े बदमाश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीती रात चोरों ने शहर में एक के बाद एक पांच स्थानों पर धावा बोल दिया। दो सूने मकानों से चोर लाखों रुपये की ज्वेलरी और नगदी चुरा ले गए, जबकि तीन अन्य स्थानों पर ताले तोड़े गए, लेकिन वहां से कोई बड़ी चोरी नहीं हो पाई। वारदातों के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।    कोर्ट के सामने बने मकान को बनाया निशाना   पहली बड़ी चोरी कोर्ट के सामने रहने वाले इशान उपाध्याय के घर में हुई। इशान अपने परिवार के साथ सूरजमल नगर गए हुए थे। जब गुरुवार सुबह वे लौटे, तो घर के ताले टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था। चोर अलमारियों के लॉकर तोड़कर करीब 35 ग्राम सोने की ज्वेलरी, 500 ग्राम चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नगद लेकर फरार हो गए। चोरी के समय घर के सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े थे, जिससे चोरों को आसानी हो गई।    इंदौर था परिवार, रतलाम में हुई चोरी   दूसरी बड़ी चोरी टीआईटी रोड निवासी मोहित मंत्री के घर में हुई। मोहित इंदौर में प्राइवेट नौकरी करता है, और उसके माता-पिता भी वहीं रह रहे थे। गुरुवार सुबह उसके चाचा ने फोन कर चोरी की जानकारी दी। जब मोहित और उसके पिता रतलाम पहुंचे, तो देखा कि चोरों ने सोने-चांदी के गहनों और 30 हजार रुपये नगद पर हाथ साफ कर दिया था।   अन्य स्थानों पर भी ताले तोड़े   इसके अलावा जावरा रोड और शास्त्री नगर क्षेत्र में भी चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। डॉ. सीबी राठौर के मकान के ताले तोड़े गए, हालांकि अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।   पुलिस जांच में जुटी, जल्द होगी गिरफ्तारी   घटनाओं की जानकारी मिलते ही सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और थाना प्रभारी स्वराज डाबी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया गया और शहरभर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सीएसपी घनघोरिया ने कहा कि जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।   शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं से दहशत   रतलाम में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोग डरे हुए हैं। शहरवासी प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखने और गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है।  

MP News: इंदौर की रंगपंचमी गेर में पहली बार मौत, महिलाओं और बच्चों को बनाया निशाना, सीएम ने निरस्त किया कार्यक्रम

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: ऐतिहासिक रंगपंचमी गेर में इस बार उल्लास के बीच दर्दनाक घटनाएं भी देखने को मिलीं। पहली बार गेर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हुड़दंगियों ने महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया, जिससे गेर की छवि पर दाग लग गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में मौजूद थे, लेकिन घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने गेर में शामिल होने का कार्यक्रम निरस्त कर दिया।   ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक की मौत   बुधवार को इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में रंगपंचमी गेर के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। गेर में शामिल एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक सनी मौर्य की मौत हो गई। हादसे के बाद उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सनी एरोड्रम क्षेत्र के रुक्मिणी नगर का रहने वाला था। पहचान के लिए उसके पास कोई दस्तावेज नहीं था, जिसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर उसकी फोटो वायरल कर जनसहयोग मांगा। दोस्त राहुल सेन ने तस्वीर देखकर सनी की पहचान की।   युवक की मौत की खबर मिलते ही उसकी दिव्यांग मां मीरा मौर्य बिलख पड़ी। सनी अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और सीतला माता बाजार में काम करता था। उसके पिता धर्मेंद्र मौर्य का निधन पहले ही हो चुका था। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।   गेर में महिलाओं और बच्चों को बनाया निशाना   इस बार रंगपंचमी गेर में महिलाओं और बच्चों के साथ बदसलूकी के कई मामले सामने आए। हुड़दंगियों ने जगह-जगह उत्पात मचाया, जिससे कई महिलाएं और बच्चियां रोती हुई दिखीं। अमर उजाला की टीम ने विभिन्न स्थानों से इस स्थिति की तस्वीरें कैद की हैं, जिनमें महिलाओं को परेशान किए जाने के दृश्य सामने आए हैं।   महापौर की पत्नी की आंख में लगी चोट   महापौर पुष्यमित्र भार्गव की पत्नी जूही भार्गव गेर का आनंद ले रही थीं, लेकिन इस दौरान उनके वाहन में लगी पिचकारी अचानक चालू हो गई, जिससे पानी की तेज धार सीधा उनकी आंख में लगी। उन्हें तत्काल जूपिटर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।    कई जगहों पर हादसे, आधा दर्जन लोग घायल   गेर में भारी भीड़ के चलते कई लोग धक्का-मुक्की और घबराहट की वजह से बेहोश हो गए। एमजी रोड थाना क्षेत्र में प्रवीण जोशी नामक व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। अन्य पांच लोगों को एंबुलेंस में ही प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई।   आंखों में चोट और गाड़ियों से गिरकर घायल हुए लोग   तेज गति से फेंके गए रंग, पानी और गुलाल के पैकेट से कई लोगों की आंखों में चोट आई। कुछ स्थानों पर वाहन चालकों के गिरने से भी लोग घायल हुए। अकेले आईं महिलाएं और किशोरियां परेशान होती देखी गईं, जबकि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हुड़दंगियों ने जमकर उत्पात मचाया।   गेर की प्रतिष्ठा को धक्का   इंदौर की रंगपंचमी गेर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर में शामिल कराने की कोशिशें चल रही हैं। इसके लिए विदेशी नागरिकों और एनआरआई को आमंत्रित किया जा रहा है। लेकिन इस बार की घटनाओं ने गेर की छवि को धूमिल कर दिया है।    हर जगह के फुटेज रिकॉर्ड में – कलेक्टर   कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि गेर मार्ग पर सीसीटीवी, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हर गतिविधि पर कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही थी। सभी घटनाओं के वीडियो फुटेज प्रशासन के पास मौजूद हैं। पुलिस अब गेर संचालक और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।