lawrance bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को मिलेगा 1 करोड़ 11 लाख का इनाम, क्षत्रिय करणी सेना का ऐलान

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क : lawrance bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर पर इनाम की घोषणा करते हुए क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने एक बड़ा ऐलान किया है। शेखावत ने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करता है, तो उसे 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से की है। गोगामेड़ी की हत्या का आरोप शेखावत ने इस इनाम की घोषणा करते हुए कहा कि बिश्नोई पर क्षत्रिय करणी सेना के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या कराने का आरोप है। पिछले साल 5 दिसंबर 2023 को राजस्थान के जयपुर में गोगामेड़ी की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ ने दावा किया था कि गोगामेड़ी उनके कामकाज में अड़चन डाल रहे थे और उन्हें चेतावनी देने के बाद उनकी हत्या कराई गई। शेखावत ने अपने बयान में कहा, “हमारे आदरणीय सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई द्वारा कराई गई थी। अब हमें भयभीत नहीं, भयमुक्त भारत चाहिए। जो भी पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करेगा, उसे करणी सेना की ओर से 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा।” करणी सेना की केंद्र सरकार से मांगकरणी सेना ने केंद्र सरकार से भी यह मांग की है कि जल्द से जल्द लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर किया जाए, ताकि देश को गैंगस्टर के आतंक से मुक्ति मिल सके। इस संबंध में शेखावत ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। गुजरात की जेल में बंद है बिश्नोईलॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की जेल में बंद है और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बिश्नोई का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में भी सामने आया है, जिसमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला प्रमुख है। करणी सेना द्वारा किए गए इस इनाम के ऐलान के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है और देखना होगा कि इस पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।

Ratlam News: रतलाम की दिव्यांशी परिहार का MBBS के लिए चयन, परिवार में हर्ष का माहौल

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम के अलकापुरी निवासी होमगार्ड नायक पवन कुमार परिहार की बेटी दिव्यांशी परिहार ने नीट 2024 मॉप-अप काउंसलिंग में शानदार सफलता प्राप्त कर रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट हासिल की है। यह न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे रतलाम शहर के लिए गर्व का क्षण है। खास बात यह है की दिव्यांशी अब रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बनने का सपना साकार करेगी। दिव्यांशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट को दिया है। उसने बताया कि उसका संयुक्त परिवार हमेशा से चाहता था कि परिवार का एक सदस्य डॉक्टर बने, और इसी सपने को साकार करने के लिए दिव्यांशी ने अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट से नीट की तैयारी की। कोचिंग की मेहनत और समर्थन से मिली सफलता दिव्यांशी ने कोचिंग संस्थान की सराहना करते हुए कहा, “अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की फैकल्टी ने पूरे समर्पण के साथ मेरी मदद की। DTS, माइनर टेस्ट और Pre-NEET टेस्ट ने मेरी तैयारी को और मजबूत किया।” अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर नीलिमा कुमावत ने बताया कि इस वर्ष कोचिंग से 50 से अधिक विद्यार्थियों का मेडिकल कॉलेजों में चयन हुआ है, जिसमें से तीन विद्यार्थियों को रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट मिली है। इसमें दिव्यांशी परिहार के साथ-साथ सज्जन विहार कॉलोनी निवासी संदीप राठौर और झाबुआ निवासी नीरज खराड़ी भी शामिल हैं। रतलाम को मिला गौरव दिव्यांशी की इस सफलता पर पूरे शहर में हर्ष का माहौल है। परिवार और दोस्तों ने उसकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। दिव्यांशी के पिता पवन कुमार परिहार, जो होमगार्ड नायक के पद पर कार्यरत हैं, अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की ओर से सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं। रतलाम के लिए यह गर्व की बात है कि यहां के छात्र मेडिकल क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रहे हैं और शहर का नाम रोशन कर रहे हैं।

Train Time: वडोदरा मंडल में ब्लॉक के चलते ट्रेनों का परिचालन प्रभावित

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क । Train Time: पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में आणंद-गोधरा खंड के दोहरीकरण कार्य हेतु प्रस्तावित ब्लॉक के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें प्रभावित होंगी। यात्रियों की सुविधा और सुगम यात्रा के मद्देनजर कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी। प्रभावित ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है: 1. गाड़ी संख्या 09350 (दाहोद-आणंद स्पेशल)     यह ट्रेन 24 अक्टूबर तक दाहोद से गोधरा के बीच ही चलेगी, जबकि गोधरा से आणंद के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा। 2. गाड़ी संख्या 20935 (गांधीधाम-इंदौर एक्सप्रेस)    यह ट्रेन 21 अक्टूबर को गांधीधाम से इंदौर के लिए परिवर्तित मार्ग से चलेगी। नया मार्ग: गांधीधाम-विरमगाम-अहमदाबाद-आणंद-बाजवा-छायापुरी-गोधरा-रतलाम-उज्जैन-इंदौर। 3. गाड़ी संख्या 19320 (इंदौर- वेरावल एक्सप्रेस)   22 अक्टूबर को इंदौर से वेरावल के लिए चलने वाली यह ट्रेन भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी। नया मार्ग: इंदौर-उज्जैन-रतलाम-गोधरा-छायापुरी-बाजवा-आणंद-अहमदाबाद-विरमगाम। 4. गाड़ी संख्या 09452 (भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल)   21 अक्टूबर को भागलपुर से गांधीधाम के लिए चलने वाली इस ट्रेन का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है। नया मार्ग: गोधरा-छायापुरी-बाजवा-आणंद-गीर-अहमदाबाद। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले अपने ट्रेन शेड्यूल की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किए हैं।

Ratlam News: महालक्ष्मी मंदिर में पुजारी को लेकर विवाद, आरोप; सूतक के दौरान मंदिर में पहुंचा, शुध्दिकरण कर खोला मंदिर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पंडित संजय पुजारी द्वारा सूतक के दौरान पूजा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। श्रीमाली ब्राह्मण समाज ने इस कृत्य का विरोध जताया। विवाद बढ़ने के बाद रविवार रात को प्रशासन ने मंदिर का ताला लगा दिया और सोमवार सुबह 11 घंटे बाद मंदिर का ताला खोला गया। प्रशासन ने संजय पुजारी को हटाकर सत्यनारायण व्यास को अस्थायी पुजारी नियुक्त कर दिया। शहर के माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर को हर साल दिवाली पर करोड़ों रुपए के नोटों और जेवरों से सजाया जाता है। इस वर्ष भी सजावट का काम शुरू हो चुका है, लेकिन पंडित संजय पुजारी के बड़े भाई के निधन से सूतक के चलते उन्हें पूजा से दूर रहने का कहा गया था। फिर भी उन्होंने पूजा की, जिससे श्रीमाली समाज में नाराजगी फैल गई। गौरतलब है की श्रीमाली ब्राह्मण समाज लक्ष्मी जी को कुलदेवी के रूप में पूजता है। पुजारी को समझाईश देने आए बाद भी उसने मंदिर में प्रवेश करना नहीं बंद किया। जिसके बाद समाज के लोग आक्रोशित होकर मंदिर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन की मौजूदगी में ताला लगवा दिया। समाज का विरोध और शुद्धिकरणश्री माली ब्राह्मण समाज ने मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और गंगाजल व गोमूत्र से शुद्धिकरण किया। समाज के अनुसार, सूतक के दौरान पूजा नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन पुजारी संजय ने नियमों का पालन नहीं किया। नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय की मौजूदगी में विवाद के समाधान के लिए पुजारी को बदला गया और सजावट का काम जारी रखने का निर्णय लिया गया। सजावट की जिम्मेदारी और सुरक्षामंदिर में दिवाली के दौरान सजावट के लिए भक्त बड़ी मात्रा में रुपए और आभूषण दान कर रहे हैं। विवाद के बाद लोगों ने चिंता जताई कि अब सजावट की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सजावट का कार्य रुकेगा नहीं और पुराने पुजारी के सहयोगी इसे पूरा करेंगे। साथ ही, मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के लिए पुलिस और पटवारियों की तैनाती की गई है, ताकि दान की गई धनराशि और आभूषणों का सही रिकॉर्ड रखा जा सके। अस्थायी रूप से नया पुजारी नियुक्ततहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि फिलहाल मंदिर में पटवारियों को तैनात किया गया है, जो अलग-अलग समय पर मंदिर में मौजूद रहेंगे। मंदिर के पुजारी परिवार में सूतक समाप्त होने के बाद, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार संजय पुजारी के मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंदिर में दीपावली पर होने वाली सजावट को लेकर प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

Mahalaxmi Temple Ratlam: विदेशों से आ रहे फोन, हमारा “धन भी चढ़ाना है!”, हीरे – जवाहरातों की सजावट हुई शुरू

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Mahalaxmi Temple Ratlam: विश्व प्रसिद्ध श्री महालक्ष्मी मंदिर दीपोत्सव के अवसर पर भक्तों द्वारा लाई जा रही स्वर्ण आभूषणों और नोटों की श्रृंगार सामग्री से सजने के लिए तैयार है। मंदिर में कार्यकर्ता नोटों की लड़ियां बनाते नजर आएंगे। जहां 10, 20, 50 से लेकर 2000 के नोट की लड़ियां बनाई जा रही है, जो मंदिर में सजने के लिए तैयार है। भक्तजन बड़ी संख्या में माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में पहुंच रहे हैं, जहां हर साल की तरह इस बार भी महालक्ष्मी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें मंदिर परिसर में 29 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस बल और पटवारियों की भी तैनाती की गई है, ताकि मंदिर में लाई जाने वाली सामग्री और दान-दक्षिणा का सही हिसाब रखा जा सके। इस बार मंदिर में चढ़ावे के लिए दुबई और अमेरिका में रह रहे भारतीय भी उत्सुक है। वहां से भक्त रतलाम में अपने रिश्तेदारों से फोन पर संपर्क कर रहे है। उन्हें जानना है की वे किस माध्यम से अपनी धनराशि मां लक्ष्मी के चरणों में साज सज्जा के लिए दे सकते है। हालांकी मंदिर में फिलहाल बैंक एकाउंट व अन्य डायरेक्ट माध्यम से राशि व आभूषण लेने की कोई सुविधा नहीं है। जिससे विदेश में रहने वाले भक्त अपनी धन सामग्री चढ़ा नहीं सकते है। गौरतलब है की मध्यप्रदेश के रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर नोट, सोना – चांदी, हीरे – जवाहरातों की अपनी सजावट के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लोग दूर – दूर से यहां दर्शन के लिए आते है। मान्यता है की यहां धन चढ़ाने से उसे वापस प्रसाद के रूप में ले जाने से घर व व्यापार – व्यवसाय में धन की वृद्धि होती है। भक्तों ने स्वर्ण आभूषण और नोट किए दानमंदिर में भक्त अपनी ओर से स्वर्ण आभूषणों और नोटों की गड्डियां मां के श्रृंगार के लिए भेंट कर रहे हैं। रतलाम के अलावा इंदौर, नागपुर, मुंबई, झाबुआ आदि अन्य राज्यों व शहरों से आए भक्तों ने आभूषणों और नोटों की गड्डियां दान की है। अब तक करीब 400 भक्तों ने महालक्ष्मी के श्रृंगार के लिए नोटों की गड्डियां सौंपी, जिसके बदले उन्हें मंदिर प्रशासन की ओर से टोकन प्रदान किया गया। यह टोकन दिवाली के बाद दिखाने पर ही श्रृंगार सामग्री भक्तों को वापस सौंपी जाएगी। सुरक्षा और रिकॉर्ड रखने की विशेष व्यवस्थामंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। मंदिर प्रशासन ने हर आने-जाने वाले भक्तों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 29 सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की है। इसके साथ ही, प्रशासन की ओर से पटवारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि मंदिर में आई सामग्री और दान-दक्षिणा का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 6 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया है। बाहर से रंगरोगन का काम जल्द करवा लिया जाएगा। जीर्णोद्धार का कार्य दीपोत्सव के बाद शुरू किया जाएगा, ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो। नोट कैसे जमा कराएंमहालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव का आयोजन हर साल की तरह इस बार भी धूमधाम से मनाया जाएगा। धनतेरस से शुरू होने वाले इस उत्सव में मंदिर को सजाने का काम भक्तों द्वारा लाई गई नोटों की गड्डियों से किया जाएगा। मंदिर के पुजारी ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा 28 अक्टूबर तक श्रृंगार सामग्री स्वीकार की जाएगी। भक्तों को अपने साथ श्रृंगार सामग्री के अलावा नाम, पता, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा ताकि रजिस्टर में उनकी एंट्री की जा सके।

Blast In Delhi: धमाके से दहल उठी दिल्ली, आतंकी साजिश की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Blast In Delhi: राजधानी दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए जोरदार धमाके ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। दिवाली से ठीक पहले हुए इस धमाके की जांच दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। घटना स्थल से सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा है या किसी और कारण से हुआ है। लेकिन त्योहारों के इस मौसम में हुए इस धमाके ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा कड़ी, दिल्ली में हाई अलर्ट घोषितरोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में सुबह करीब 7.47 बजे हुए हुए इस धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विशेष रूप से प्रमुख बाजार क्षेत्रों जैसे चांदनी चौक, लाजपत नगर, कमला मार्केट, सरोजिनी नगर, सदर बाजार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन इलाकों में पुलिस की पैनी नजर संदिग्ध गतिविधियों पर बनी हुई है और सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। 13 साल बाद दिल्ली में बड़ा धमाकायह धमाका दिल्ली में लगभग 13 साल बाद हुआ है। इससे पहले, 2011 के बाद राजधानी में कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ था। हालांकि, 14 जनवरी 2022 को गाजीपुर फूल मंडी के गेट पर एक बैग में आईईडी विस्फोटक मिला था, जिसे एनएसजी की टीम ने निष्क्रिय किया था। उस विस्फोटक में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। अब, इस हालिया धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NIA और NSG की टीम जुटी जांच मेंपुलिस सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान राजधानी में आतंकी साजिश के इनपुट्स पहले से ही मिले थे, जिसके बाद से दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया था। घटना के बाद घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, IGL, NIA और NSG की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। एनएसजी कमांडो ने सीआरपीएफ स्कूल के पास के इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया है। विशेषज्ञों की जांच जारीरोहिणी के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि धमाके की असल वजह का पता लगाने के लिए एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। शुरुआती जांच में क्रूड बम जैसा मटेरियल मिलने की बात सामने आई है, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि धमाके के सोर्स का पता लगाया जा सके। आतंकी साजिश की जांचदिल्ली पुलिस की एटीएस घटना की जांच आतंकी हमले के एंगल से भी कर रही है। आस-पास के पुलिस थानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और बाजारों में पैदल गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। स्थानीय लोगों में दहशतविस्फोट की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। घटनास्थल के पास चश्मे की दुकान चलाने वाले सुमित ने कहा, “धमाका इतना जोरदार था कि मेरी दुकान के खिड़की के शीशे टूट गए और सारा सामान जमीन पर गिर गया।” वहीं, स्थानीय निवासी राकेश गुप्ता ने बताया, “सुबह करीब 7.30 बजे हमने बहुत तेज धमाके की आवाज सुनी। हमें लगा कि पास में कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है। कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं।” इस धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, और इस मामले में आतंकी साजिश की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जांच जारी है, और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

MP News: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला, शासकीय कर्मचारियों को दिया ये तोहफा

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के मद्देनजर प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर तक आहरित कर लिया जाए, ताकि सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली से पहले वेतन मिल सके। यह कदम शासकीय सेवकों के त्यौहार को और भी आनंददायक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा, “त्यौहार से पूर्व वेतन प्राप्त होने से सभी कर्मचारियों का दीपोत्सव और भी विशेष हो जाएगा। दीपावली परिवार और प्रियजनों के साथ मिलकर मनाने का पर्व है, और वेतन समय पर मिलना इसे और खुशहाल बनाएगा।” सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दीपावली के खर्चों के लिए समय पर वेतन मिलना उनके लिए बेहद सहूलियत भरा रहेगा।

दिवाली पर रहे सावधान! : रतलाम जिले में मिलावट का जहर, प्रतिष्ठित दुकानों व फैक्ट्रियों के सैंपल फेल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। दिवाली पर रहे सावधान! : त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन इस बीच एक गंभीर खतरा भी मंडरा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई जांच में 13 खाद्य पदार्थों को मानकों पर खरा नहीं पाया गया। कलेक्टर राजेश बाथम के निर्देशन में लिए गए 109 खाद्य सैंपलों की रिपोर्ट ने त्योहार की खुशियों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। दीवाली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार के समय पर मिलावटखोरों का यह खेल लाखों लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ प्रतीत हो रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा ने बताया कि जिन संस्थाओं के नमूने अवमानक पाए गए हैं, उनमें कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इनमें बिलपांक स्थित ग्रीन ईडन सिस्टमैटिक प्राइवेट लिमिटेड का चना दाल, जावरा के राजश्री नमकीन सेंटर के सेव, ढोढर के श्री गणेश रेस्टोरेंट का सेव, जावरा के श्री राधे नमकीन की मावा बर्फी, रावटी के जाट दूध डेरी का मिक्सड दूध, रतलाम के सज्जन मिल रोड स्थित फायदा बाजार का काबुली चना, पिपलौदा के मां आशापुरा मिल्क चिलिंग सेंटर का मिक्सड दूध, परवलिया के होटल ग्रीन प्लाजा का पनीर, सज्जन पद के साइन मिलकर प्रोसेसिंग प्लांट का भैंस का दूध, सैलाना के हकीम ब्रदर का रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सैलाना के देवेंद्र स्वीट्स का मावा पेडा, ढोढर के बालाजी नाश्ता सेंटर की मिठाई और पीर हिंगोरिया के नाथूलाल मावा भट्टी का भैंस का दूध शामिल हैं। सवाल उठता है कि क्या ऐसे समय में जब लोग अपने परिवार के साथ त्यौहार की खुशियाँ मना रहे हैं, मिलावटखोर अपनी जेबें भरने के लिए उनकी जिंदगी से खेल रहे हैं? क्या ये मिलावट सिर्फ सस्ती चीजों तक सीमित है या फिर ये हमारे त्योहारी खाद्य पदार्थों में भी जहर घोल रहे हैं? प्रशासन ने सभी संबंधित उत्पादकों को सुधार के लिए एक माह की समय सीमा दी है। अगर इस अवधि में अपील नहीं की गई, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालय में मामला दर्ज किया जाएगा। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि जब तक कार्रवाई होगी, तब तक कितने और लोग इन मिलावटी उत्पादों का शिकार बनेंगे? खाद्य सुरक्षा की यह ढीली निगरानी लाखों लोगों के जीवन से खेल रही है। इस दीवाली, जहाँ लोग मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, वहां इस तरह की घातक मिलावट समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। जनता को इस बारे में सतर्क रहना होगा और प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि त्यौहार की खुशियाँ किसी के लिए दुखदाई न बनें।

Karwa Chauth 2024: कल है करवा चौथ, जानें कब निकलेगा चंद्रमा और पूजन का शुभ मुहूर्त

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Karwa Chauth 2024 Date and Significance:कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला करवा चौथ का व्रत इस साल 20 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। यह व्रत सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को और भगवान शिव ने माता पार्वती को बताया था। व्रत के दिन भगवान गणेश, माता गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है। करवा चौथ 2024 शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth 2024 Shubh Muhurat): हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को सुबह 6:46 बजे होगी और इसका समापन 21 अक्टूबर को सुबह 4:16 बजे होगा। पूजा के लिए मुख्य रूप से दो शुभ मुहूर्त मिलेंगे:– अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 तक।– विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 से 2:45 तक।  चंद्रोदय का समय (Karwa Chauth Moonrise Time):  इस साल करवा चौथ पर चंद्रमा का उदय शाम 7:54 बजे होगा। करवा चौथ की पूजन विधि (Karwa Chauth Pujan Vidhi)– सूर्योदय से पहले स्नान करके पूजा घर की सफाई करें।  – सास द्वारा दिए गए भोजन का सेवन करें और निर्जला व्रत का संकल्प लें।  – शाम को एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना करें और करवे रखकर पूजा प्रारंभ करें।  – चंद्रोदय से एक घंटा पहले पूजा शुरू करें और करवा चौथ की कथा सुनें।  – चंद्रमा के दर्शन के बाद छलनी से चंद्र दर्शन करके अर्घ्य दें। फिर सास को थाली में मिष्ठान, फल और उपहार देकर आशीर्वाद प्राप्त करें। करवा चौथ पर विशेष सावधानियां (Karwa Chauth Precautions):– पूजा के बाद विवाहित महिलाओं में करवा बांटें।  – दिन भर निराहार रहकर गणेश मंत्र का जाप करें।  – चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करने के साथ गणेश जी और चतुर्थी माता को भी अर्घ्य दें।  – नमक युक्त भोजन से दूर रहें।  – व्रत को कम से कम 12 या 16 साल तक रखें और इसके बाद उद्यापन करें।  करवा चौथ व्रत से जुड़ी इन परंपराओं और नियमों का पालन करके महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ व्रत की कथा, क्या है इसके पीछे का रहस्य?

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ का पर्व सनातन धर्म में खास महत्व रखता है। यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस साल करवा चौथ 20 अक्टूबर 2024, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिनें माता करवा और चंद्रमा की पूजा करती हैं और करवा चौथ की व्रत कथा सुनती हैं। कहा जाता है कि इस कथा के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। यहां जानिए करवा चौथ व्रत की पूरी कथा। करवा चौथ व्रत की कथा :प्राचीन समय में एक ब्राह्मण के सात पुत्र और एक पुत्री थी, जिसका नाम करवा था। करवा का विवाह एक योग्य ब्राह्मण के साथ हुआ था। एक दिन कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को करवा अपने ससुराल में थी। उस दिन उसने पूरे विधि-विधान से करवा चौथ का व्रत रखा। शाम के समय, जब चंद्रमा निकलने से पहले करवा चांद का इंतजार कर रही थी, तभी उसके भाइयों ने उसकी भूख देखकर उसे भोजन करने का आग्रह किया। करवा ने अपने भाइयों से कहा कि वह चंद्रमा के दर्शन के बाद ही भोजन करेगी, लेकिन उसके भाइयों से उसकी भूख बर्दाश्त नहीं हुई। इसलिए उन्होंने एक चाल चली। भाइयों ने पीपल के पेड़ के पीछे एक दीपक जलाकर छलपूर्वक करवा से कहा, “देखो, चांद निकल आया है, अब तुम अपना व्रत तोड़ सकती हो।” करवा ने बिना ध्यान दिए, उनके कहे अनुसार चंद्रमा के दर्शन कर व्रत तोड़ दिया और भोजन कर लिया। व्रत तोड़ते ही करवा का पति बीमार हो गया और उसका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। करवा को एहसास हुआ कि उसने चंद्रमा के उदय से पहले व्रत तोड़ा था, जो व्रत के नियमों का उल्लंघन था। उसने अपने गलती के लिए पश्चाताप किया और अगले वर्ष फिर से पूरे विधि-विधान से करवा चौथ का व्रत रखा। इस बार उसने सच्चे मन और श्रद्धा से व्रत किया और चंद्रमा के दर्शन कर विधिपूर्वक अपना व्रत तोड़ा। इस व्रत के प्रभाव से उसका पति स्वस्थ हो गया और उन्हें सुख-समृद्धि प्राप्त हुई। तब से यह मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए करती हैं।करवा चौथ की यह कथा स्त्रियों को पति की दीर्घायु, प्रेम और विश्वास का प्रतीक बनाती है, और इसे पूर्ण निष्ठा से मनाने की परंपरा आज भी चलती आ रही है। करवा चौथ व्रत का महत्वकरवा चौथ व्रत न केवल पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास को भी बढ़ाता है। इस व्रत को करने से रिश्तों में मजबूती आती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। विवाहित महिलाएं इस व्रत को अपने सुखी वैवाहिक जीवन और समृद्धि के लिए रखती हैं। यह व्रत महिलाओं को संपूर्ण जीवन में सौभाग्यशाली बनाता है और उनके जीवन में खुशहाली लाता है।

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