डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हुए? जानिए कब करें शिकायत और कैसे वापस मिल सकता है आपका पैसा

डिजिटल धोखाधड़ी होने पर कितने समय में शिकायत करनी चाहिए? बैंक, साइबर क्राइम पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने का तरीका जानें। RBI के नियमों के अनुसार पैसा वापस मिलने की पूरी प्रक्रिया समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेक। देश में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। यूपीआई, नेट बैंकिंग और कार्ड पेमेंट ने लोगों की जिंदगी आसान बनाई है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है, क्योंकि आपकी एक छोटी सी देरी लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है। डिजिटल धोखाधड़ी होने के बाद सबसे पहले क्या करें? यदि आपके खाते से बिना अनुमति के पैसा कट जाता है या किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक को इसकी जानकारी दें। बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें और अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग सेवाओं को तुरंत ब्लॉक करवाएं। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय रहते शिकायत करने पर संबंधित एजेंसियां संदिग्ध ट्रांजैक्शन को फ्रीज करने का प्रयास कर सकती हैं। कितने समय में करनी चाहिए शिकायत? विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल फ्रॉड की शिकायत 24 से 48 घंटे के भीतर करना सबसे प्रभावी माना जाता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत यदि ग्राहक पांच दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कर देता है तो उसे “Zero Liability” यानी शून्य जिम्मेदारी का लाभ मिल सकता है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे की रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी। देर होने पर धोखेबाज राशि को कई खातों में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिससे जांच और रिकवरी मुश्किल हो जाती है। RBI के नियम: कितना पैसा वापस मिलेगा? शून्य जिम्मेदारी अगर धोखाधड़ी बैंक की तकनीकी गड़बड़ी, सिस्टम फेलियर या किसी तीसरे पक्ष की गलती से हुई है और ग्राहक ने पांच दिनों के भीतर शिकायत कर दी है, तो पूरी राशि वापस मिलने की संभावना रहती है। सीमित जिम्मेदारी यदि शिकायत कुछ देरी से, आमतौर पर 4 से 7 दिनों के भीतर दर्ज की जाती है, तो ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित हो सकती है। ऐसे मामलों में बैंक नियमों के अनुसार आंशिक या सीमित राहत दे सकता है। पूरी जिम्मेदारी यदि ग्राहक ने खुद OTP, PIN, CVV या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा की हो, फर्जी लिंक पर क्लिक किया हो या शिकायत दर्ज करने में अत्यधिक देरी की हो, तो नुकसान की जिम्मेदारी ग्राहक पर आ सकती है और पैसा वापस मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है। अपने अकाउंट को ऐसे रखें सुरक्षित शिकायत के बाद भी समाधान न मिले तो क्या करें? यदि बैंक आपकी शिकायत का समाधान नहीं करता है, तो आप बैंक के शिकायत निवारण सेल या RBI के बैंकिंग लोकपाल के पास अपील कर सकते हैं। बड़ी रकम की धोखाधड़ी होने पर पुलिस में FIR दर्ज कराना भी जरूरी है, ताकि कानूनी कार्रवाई के साथ आपकी रिकवरी की संभावना मजबूत हो सके।

श्री गुरुजी बालक छात्रावास में प्रवेशोत्सव संपन्न, 7 नए विद्यार्थियों का हुआ स्वागत

सेवा भारती रतलाम द्वारा संचालित श्री गुरुजी बालक छात्रावास में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। 7 नए विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मण परवाल ने संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा भारती रतलाम द्वारा संचालित श्री गुरुजी बालक छात्रावास में रविवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं अभिनंदन के लिए भव्य प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुभाष नगर स्थित छात्रावास परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, दुपट्टा पहनाकर तथा पेन-कॉपी भेंट कर स्वागत किया गया। इस वर्ष छात्रावास में कुल 7 नए विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त वातावरण में शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रसेवा और व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित करना रहा। वैदिक हवन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ प्रवेशोत्सव की शुरुआत वैदिक हवन-पूजन से हुई, जिसमें सभी छात्र शामिल हुए। हवन के मुख्य यजमान सेवा भारती रतलाम समिति के सदस्य संजीव पाठक एवं उनकी धर्मपत्नी रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना की। इसके बाद भारत माता, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं पूजनीय श्री गुरुजी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बनेगा सशक्त समाज: डॉ. लक्ष्मण परवाल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. लक्ष्मण परवाल ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक महत्वपूर्ण पाठशाला है। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को अनुशासन, स्वावलंबन, राष्ट्रभक्ति और जीवन मूल्यों की शिक्षा मिलती है, जो उनके भविष्य को दिशा प्रदान करती है। डॉ. परवाल ने विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का साधन मानने का आह्वान किया। सेवा भारती के प्रकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे सेवा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक सुरेन्द्र सुरेका ने कहा कि सेवा भारती के सेवा प्रकल्प समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता और अवसर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री गुरुजी बालक छात्रावास आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भारतीय संस्कार प्रदान कर रहा है। छात्रावास की व्यवस्थाओं की हुई सराहना कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को छात्रावास की कार्यप्रणाली, दैनिक दिनचर्या, अनुशासन व्यवस्था और सेवा भारती द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी गई। उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने छात्रावास के संस्कारमय वातावरण और व्यवस्थाओं की सराहना की। सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष अनुज छाजेड़ ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सचिव मोहित कसेरा ने किया। अंत में उपाध्यक्ष नितिन फलोदिया ने आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में उपस्थित रहे समाजजन कार्यक्रम में स्वतंत्र पाटनी, वीणा छाजेड़, राकेश मोदी, शीतल भंसाली, संजीव पाठक, योगेश जाट सहित सेवा भारती के कार्यकर्ता, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Ratlam Firing Case: शेयर मार्केट विवाद में चली सुपारी की गोली! सैफी नगर फायरिंग कांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

Ratlam Firing Case में बड़ा खुलासा। सैफी नगर फायरिंग कांड शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा निकला। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Firing Case: रतलाम के सैफी नगर में सराफा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश नहीं बल्कि शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा था। मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार बताया जा रहा है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को दोपहर करीब 3:16 बजे सैफी नगर स्थित मकान नंबर 80 पर चार बदमाश दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे। उस समय घर के मालिक कमल सोनी अपने पुत्र के साथ जावरा गए हुए थे। घर पर मौजूद मनीषा सोनी खिड़की के पास खड़ी थीं, तभी एक आरोपी ने उन पर पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि उनकी सतर्कता के कारण गोली उन्हें नहीं लगी और खिड़की के कांच में जा लगी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पूरे इलाके में दहशत फैल गई। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और मुखबिरों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस ने फायरिंग करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। पूछताछ में सामने आई सुपारी की साजिश पुलिस जांच में पता चला कि फरियादी के पुत्र दिव्यांश सोनी का सरवन निवासी आदित्य के साथ शेयर मार्केट और MCX कारोबार से जुड़े पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते कथित तौर पर दबाव बनाने और रकम वसूलने के उद्देश्य से फायरिंग की साजिश रची गई। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने विनय शर्मा उर्फ वीनू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से आदित्य ने विनय शर्मा को सुपारी दी थी, जिसके बाद इस पूरी घटना को अंजाम दिया गया। 5 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता फरार पुलिस ने भोला पाटीदार, विनीत उर्फ चुचू, अजय उर्फ गट्टू, रविन्द्र राजन और कन्हैया नायक को गिरफ्तार किया है। वहीं विनोद उर्फ वीनू शर्मा समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का बयान पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना अभी जारी है। घटना में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी और पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Ratlam Murder Case: खेत में मिला किसान का खून से लथपथ शव, जमीन विवाद में हत्या की आशंका से सनसनी

Ratlam Murder Case में ताल थाना क्षेत्र के ग्राम कोठड़ी में 35 वर्षीय किसान राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू दांगी का खून से लथपथ शव खेत में मिला। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Murder Case: रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक किसान का खून से लथपथ शव खेत में पड़ा मिला। मृतक की पहचान ग्राम कोठड़ी निवासी 35 वर्षीय राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू पुत्र दुलेसिंह दांगी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। घटना का वीडियो देखे शुक्रवार दोपहर खेत पर गए थे किसान, फिर नहीं लौटे जानकारी के अनुसार राजेंद्र सिंह दांगी शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं आने पर परिवार ने अनुमान लगाया कि वह खेती के काम के चलते खेत पर ही रुक गए होंगे। लेकिन शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उनके काका के पुत्र रामेश्वर दांगी जब गाय का दूध निकालने खेत पहुंचे तो उन्होंने खेत में राजेंद्र सिंह का शव पड़ा देखा। शव के आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था और शरीर पर चोटों के कई निशान मौजूद थे। Ratlam Murder Case में पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही खारवा कला पुलिस चौकी और ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र की सघन जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि राजेंद्र सिंह का कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण परिवार हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जता रहा है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ-साथ पुरानी रंजिश और भूमि विवाद के एंगल पर भी जांच कर रही है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राजेंद्र सिंह दांगी के परिवार में पहले भी दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। उनकी पहली पत्नी सीमा का पूर्व में निधन हो चुका है, जिससे उनकी 12 वर्षीय पुत्री दिव्या है। बाद में उन्होंने भागूबाई से दूसरा विवाह किया था, जिनसे 10 वर्षीय पुत्री प्रियंका और 7 वर्षीय पुत्र यश हैं। परिवार में उनका छोटा भाई मनोहर दांगी भी है। दोनों भाइयों के हिस्से में करीब 12 बीघा कृषि भूमि और दो ट्रैक्टर हैं। क्या बोले थाना प्रभारी? ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है।”

Gold-Silver Rate Crash: दो दिन में ₹22,000 टूटी चांदी, सोना भी हुआ धड़ाम; खरीदारी का सुनहरा मौका?

Gold-Silver Rate Crash: सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट। दो दिन में चांदी ₹22,000 प्रति किलो और सोना ₹7,600 प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हुआ। जानिए गिरावट की वजह और ताजा रेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gold-Silver Rate Crash: सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त टूट दर्ज की गई, जबकि सोना भी हजारों रुपये सस्ता हो गया। दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹22,000 प्रति किलो और सोना ₹7,600 से अधिक प्रति 10 ग्राम तक फिसल चुका है। खुलते ही ₹8,000 से ज्यादा टूटी चांदी MCX पर 3 जुलाई एक्सपायरी वाली चांदी गुरुवार को ₹2,37,572 प्रति किलो पर बंद हुई थी। शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही इसका भाव गिरकर ₹2,29,561 प्रति किलो पर पहुंच गया। यानी एक ही झटके में चांदी ₹8,011 प्रति किलो सस्ती हो गई। अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो बुधवार को चांदी ₹2,51,807 प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहां से शुक्रवार तक इसमें कुल ₹22,246 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। Gold Rate Crash: सोना भी हुआ हजारों रुपये सस्ता चांदी की तरह सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। 5 अगस्त एक्सपायरी वाले 24 कैरेट गोल्ड का भाव शुक्रवार को गिरकर ₹1,46,252 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह गुरुवार के बंद भाव ₹1,49,309 प्रति 10 ग्राम से ₹3,057 कम है। वहीं 17 जून को सोने का भाव ₹1,53,879 प्रति 10 ग्राम था। इस हिसाब से दो कारोबारी दिनों में सोना ₹7,627 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। रिकॉर्ड हाई से कितना नीचे आया सोना? इस साल जनवरी में सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया था। वायदा बाजार में सोने का भाव पहली बार ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा था और इसका हाई लेवल ₹2,04,375 दर्ज किया गया था। वर्तमान कीमत की तुलना करें तो सोना अपने रिकॉर्ड हाई से करीब ₹58,123 प्रति 10 ग्राम नीचे आ चुका है। इससे निवेशकों और खरीदारों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। अचानक क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका का केंद्रीय बैंक (US Federal Reserve) है। फेडरल रिजर्व ने अपनी जून 2026 की बैठक में ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला किया है। हालांकि अधिकारियों ने बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई है और भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने पर निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बनाते हैं, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव आता है। निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या है संकेत? सोना और चांदी में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन शादी-ब्याह या निवेश के लिए खरीदारी करने वालों के लिए यह राहत भरी खबर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी फेड की नीतियों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल, सोना और चांदी दोनों अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे बाजार में खरीदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

Ratlam News: सरकारी स्कूल के पास मिला रहस्यमयी युवक का शव, जेब में मिला ‘वीर बहादुर सिंह’ नाम का आईडी कार्ड; नेपाली होने का अनुमान

रतलाम के नामली थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला। जेब से मिले आईडी कार्ड पर ‘वीर बहादुर सिंह’ नाम लिखा मिला है। पुलिस पहचान और मौत के कारणों की जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र के भदवासा गांव में एक रहस्यमयी घटना सामने आई है। यहां सरकारी स्कूल के पास बुधवार रात एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक की जेब से मिले एक आईडी कार्ड पर केवल ‘वीर बहादुर सिंह’ नाम लिखा मिला है, जिसके आधार पर पुलिस उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया। फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है। जेब में मिला आईडी कार्ड, लेकिन अधूरी है पहचान नामली थाना प्रभारी अमित कोरी के अनुसार मृतक की उम्र करीब 25 वर्ष के आसपास प्रतीत हो रही है। युवक की जेब से एक आईडी कार्ड बरामद हुआ है, जिस पर केवल “वीर बहादुर सिंह” नाम अंकित है। हालांकि कार्ड पर अन्य कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, जिससे पहचान स्थापित करने में कठिनाई हो रही है। पुलिस का कहना है कि शव पूरी तरह कड़क हो चुका था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि युवक की मौत एक से दो दिन पहले हुई होगी। फोटो भेजकर की जा रही शिनाख्त की कोशिश प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मृतक नेपाली मूल का हो सकता है। उसकी शारीरिक बनावट और चेहरे की बनावट के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इसकी पुष्टि पहचान होने के बाद ही की जा सकेगी। युवक की पहचान के लिए उसके फोटो जिले के विभिन्न थानों सहित आसपास के जिलों में भेजे गए हैं। इसके अलावा भदवासा गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी पूछताछ की जा रही है ताकि मृतक के बारे में कोई जानकारी मिल सके। थाने में दर्ज नहीं है कोई गुमशुदगी पुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। नामली थाने में फिलहाल किसी भी युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं है। ऐसे में पुलिस अन्य जिलों और राज्यों से भी संपर्क कर रही है। थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा बड़ा खुलासा फिलहाल पुलिस युवक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत प्राकृतिक थी, दुर्घटना का परिणाम थी या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

EPFO Good News: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा! 7 करोड़ कर्मचारियों को जून में मिल सकती है बड़ी सुविधा

PF EPFO Good News: Withdrawal via UPI और ATM की सुविधा शुरू कर सकता है। श्रम मंत्रालय के अनुसार जून 2026 के अंत तक 7 करोड़ से अधिक EPFO सदस्यों को यह बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। EPFO Good News: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही ऐसी सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिससे पीएफ खाते में जमा राशि को ATM और UPI के जरिए निकाला जा सकेगा। श्रम मंत्रालय के मुताबिक यह सुविधा जून महीने के अंत तक शुरू हो सकती है, जिससे करीब 7 करोड़ EPFO सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा। PF Withdrawal Via UPI-ATM: क्या है नई सुविधा? श्रम मंत्रालय द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, EPFO की नई डिजिटल व्यवस्था अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 2.01 सर्वर पूरी तरह सक्रिय होते ही सदस्य अपने PF खाते से राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे और फिर ATM के माध्यम से नकदी निकाल सकेंगे। इसके अलावा UPI के जरिए भी PF निकासी की प्रक्रिया आसान बनाई जाएगी। इससे कर्मचारियों को बार-बार EPFO कार्यालय जाने या लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने पहले ही दिए थे संकेत केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने मई में ही इस सुविधा के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार EPFO को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि कर्मचारियों को अपना पैसा निकालने के लिए किसी तरह की परेशानी न हो। मंत्री के अनुसार, डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद PF निकासी पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और पारदर्शी हो जाएगी। कितनी होगी UPI से PF निकालने की लिमिट? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UPI या ATM के जरिए निकासी की सीमा सदस्य के कुल PF बैलेंस के लगभग 50 प्रतिशत तक हो सकती है। हालांकि अंतिम नियम और सीमा EPFO द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी। PF खाते को UPI से जोड़ने के लिए क्या जरूरी होगा? नई सुविधा का लाभ लेने के लिए EPFO सदस्यों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी: जरूरी दस्तावेज और शर्तें जानकारी के अनुसार, EPFO पोर्टल और UMANG ऐप पर जल्द ही “Link PF with UPI” या “PF Withdrawal via UPI” जैसा नया विकल्प दिखाई दे सकता है। इसके जरिए Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM जैसी UPI सेवाओं को PF खाते से जोड़ा जा सकेगा। कब निकाल सकते हैं पूरा PF पैसा? EPFO नियमों के अनुसार कर्मचारी 55 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट के बाद पूरा PF फंड निकाल सकते हैं। इसके अलावा विकलांगता, नौकरी छूटने, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, विदेश में स्थायी रूप से बसने या अन्य विशेष परिस्थितियों में भी पूरा PF अमाउंट निकालने की अनुमति मिलती है।

MP News: कोर्ट के आदेश से मचा हड़कंप! दो TI समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR, 30 मिनट की कार्रवाई पर उठे सवाल

MP News: राजस्थान की चौमहला कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश पुलिस के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज हुई है। 30 मिनट में की गई मादक पदार्थ जब्ती कार्रवाई को कोर्ट ने संदिग्ध माना। मध्यप्रदेश- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले की चौमहला कोर्ट के आदेश के बाद एमपी पुलिस के दो थाना प्रभारियों (TI) समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के डग थाना क्षेत्र में की गई मादक पदार्थों की जब्ती कार्रवाई से जुड़ा है, जिसे कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के आगर मालवा की कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में छापेमारी की थी। पुलिस ने दावा किया था कि कार्रवाई के दौरान करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य का मादक पदार्थ (एमडी), स्मैक, कैटामाइन, नशीले इंजेक्शन, केमिकल ड्रम और हथियार बरामद किए गए। हालांकि आरोप है कि इस कार्रवाई की पूरी जानकारी स्थानीय डग पुलिस को नहीं दी गई। केवल फोन पर महिलाओं द्वारा अभद्रता किए जाने की सूचना दी गई, लेकिन छापेमारी की सही जगह और सहायता की आवश्यकता के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई। कोर्ट ने क्यों माना कार्रवाई को संदिग्ध? गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर कर आरोप लगाया कि एमपी पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए गांव में प्रवेश किया, घरों में तोड़फोड़ की और उनके परिवार को झूठे मामले में फंसा दिया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार: 30 मिनट में पूरी कार्रवाई पर सवाल इन्हीं तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने कार्रवाई को संदिग्ध मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। किन पुलिस अधिकारियों पर दर्ज हुआ मामला? कोर्ट के आदेश के बाद तत्कालीन आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह बैस, उप निरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक अजय जाट, पुलिसकर्मी राहुल विश्वकर्मा, शुभम सहित पूरी टीम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप परिवादी हमीद खान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनसे 10 लाख रुपये की मांग की थी। रुपये देने में असमर्थता जताने पर उनके परिवार के दो सदस्यों शाहिर खान और मनोवर खान को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मादक पदार्थों का मामला दर्ज कर दिया गया। पीड़ित परिवार का दावा है कि उनके घरों की तलाशी में केवल एक लाइसेंसशुदा बंदूक, एक एयर गन और सात मोबाइल फोन मिले थे। किसी प्रकार का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। अब आगे क्या? राजस्थान में दर्ज हुई यह एफआईआर मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। दोनों राज्यों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला पुलिस कार्रवाई और एनडीपीएस मामलों की जांच प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।

MP Police Direct Recruitment: खिलाड़ियों के लिए CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, अब बिना परीक्षा मिलेगी पुलिस में नौकरी!

MP Police Direct Recruitment 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती फिर शुरू करने का फैसला किया है। जानिए उप निरीक्षक और आरक्षक पदों के लिए पात्रता, नियम और नई भर्ती प्रक्रिया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Police Direct Recruitment: मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। गृह विभाग ने ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन कर अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अब अपने ही प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। हर साल होगी MP Police Direct Recruitment नए नियमों के तहत मध्यप्रदेश पुलिस में खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से हर वर्ष आयोजित की जाएगी। पुलिस मुख्यालय आरक्षक (Constable) और उप निरीक्षक (Sub-Inspector) पदों की रिक्तियों का विज्ञापन जारी करेगा। सरकार की योजना के अनुसार खिलाड़ियों को 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। यह कदम न केवल खिलाड़ियों के रोजगार को सुरक्षित करेगा, बल्कि उन्हें खेल गतिविधियों को जारी रखने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। CM मोहन यादव ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों की पुलिस में सीधी भर्ती की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उनका मानना है कि इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्य राज्यों में नौकरी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। खिलाड़ियों को मिलेगी कई बड़ी छूट संशोधित नियमों के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कई महत्वपूर्ण राहतें दी गई हैं। प्रमुख सुविधाएं इसके अलावा खिलाड़ियों की नियुक्ति किसी आरक्षित वर्ग के तहत नहीं, बल्कि सामान्य श्रेणी में की जाएगी। कौन बन सकेगा उप निरीक्षक? उप निरीक्षक (SI) पद के लिए पात्र खिलाड़ी वे खिलाड़ी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने: इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी पात्र माना जाएगा। आरक्षक पद के लिए कौन होगा पात्र? आरक्षक पद के लिए पात्रता का दायरा और व्यापक रखा गया है। आरक्षक (Constable) पद के लिए पात्र खिलाड़ी मेरिट कैसे तय होगी? यदि दो खिलाड़ियों के मेरिट अंक समान होते हैं तो प्राथमिकता का क्रम इस प्रकार रहेगा: इसके बाद खिलाड़ी की आयु को आधार बनाया जाएगा। वहीं केवल वही खेल मान्य होंगे जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रहे हैं। खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय मध्यप्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। लंबे समय से खिलाड़ी पुलिस भर्ती में खेल कोटे की बहाली की मांग कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले से हजारों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का नया अवसर मिलेगा।

ट्रेन में सीट नहीं मिली तो युवक ने फैलाई बम की अफवाह, रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कंप; जांच के बाद गिरफ्तार

लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना फैला दी। सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तलाशी ली, जांच में मामला फर्जी निकला। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक की हरकत से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और ट्रेन की सघन जांच शुरू कर दी गई। सीट नहीं मिलने पर फैलाई बम की अफवाह पुलिस के मुताबिक, तेलंगाना निवासी 26 वर्षीय युवक ट्रेन से सफर करने के लिए ऐशबाग रेलवे स्टेशन पहुंचा था। ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उसे सीट नहीं मिल सकी। इसी बात से नाराज होकर उसने ट्रेन में बम रखे होने की झूठी सूचना फैला दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल ट्रेन को रोककर सभी डिब्बों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। यात्रियों में मची अफरा-तफरी बम की सूचना फैलते ही यात्रियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों को एहतियात के तौर पर ट्रेन से नीचे उतारा गया। स्टेशन परिसर और ट्रेन के प्रत्येक कोच की गहन तलाशी ली गई। घंटों चली जांच के बाद भी किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रेन को सुरक्षित घोषित कर आगे के लिए रवाना कर दिया। पूछताछ में सामने आई सच्चाई जांच के दौरान पुलिस ने सूचना देने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि सीट नहीं मिलने के कारण उसने गुस्से में आकर बम की झूठी सूचना दी थी। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने दी चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बम जैसी झूठी सूचनाएं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं और आपातकालीन संसाधनों का अनावश्यक उपयोग करवाती हैं। इससे यात्रियों में भय का माहौल बनता है और प्रशासन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी केवल सत्यापित आधार पर ही संबंधित एजेंसियों को दें।

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