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मध्यप्रदेश चुनाव 2023 : मोदी के 25 मिनट – 25 बड़ी बातें

रतलाम की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर रही कांग्रेस, गिनाई डबल इंजन सरकार की योजनाएं..“मध्यमवर्गीय परिवार” भी आया याद! – जैन, सनातन, आदिवासी व दलित सभी को साधने की कोशिश..भाजपा के कार्यकर्ताओं को दी नसीहत और दे गए एक काम!देखिए पूरा VIDEO पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/मध्यप्रदेश/रतलामस्पेशल रिपोर्ट, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में चुनावी रंग अब चढ़ता दिख रहा है। मालवा के बिगड़ते समीकरण को साधने भाजपा के फायरब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाला। मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने खुद “एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी” का नारा दिया। रतलाम के बंजली में प्रधानमंत्री मोदी की विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 25 मिनट मंच से बोले। इन 25 मिनट में मोदी ने 25 बड़ी बातें कही जो आपको जानना जरूरी है। मोदी ने आते ही सबसे पहले रतलामी सेंव को याद किया। सेंव की तारीफ का चुनावी शगूफा बनाते हुए मोदी ने कहा कि आने वाली 3 दिसंबर को जब जीत का जश्न मनेगा तब लड्डू के साथ सेंव भी खूब खाई जाएगी। लाडली बहना व लाडली लक्ष्मी योजना का जिक्र करते मोदी ने कहा की पूरे देश में इसकी प्रशंसा। सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित शहर प्रत्याशी चेतन्य काश्यप, ग्रामीण प्रत्याशी मथुरालाल डामर, सैलाना की संगीता चारेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, महामंत्री प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान मोर्चा बंशीलाल गुर्जर ने किया। शुरुआत में कुछ मिनट मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। सभा में प्रधानमंत्री को विधायक चेतन्य काश्यप ने थेवा आर्ट से रतलाम के कारीगर राजेश सोनी द्वारा बने प्रतीक चिन्ह को भेंट किया। भाषण की शुरुआत भारत माता की जय से हुई जो खत्म भी भारत माता की जय पर हुआ। अपने भाषण के शुरू में मोदी ने बांगरोद स्थित खाटूश्यामजी मंदिर व आलोट के श्री नागेश्वर तीर्थ धाम का जयकारा लगाया। इसे सीधे – सीधे असर शहर में चल रहे जैन – सनातन फेक्टर से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा दलित व आदिवासी समाज को साधने के लिए भी मोदी ने बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा आदि का जिक्र किया। मोदी ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा की इस बार जीत केवल सीट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शत प्रतिशत बूथ पर कमल खिलना चाहिए। मोदी ने कार्यकर्ताओं को हर घर जा कर मोदीजी ने प्रणाम कहा है यह काम भी सौंपा। मोदी की 25 बड़ी बातें –

यह दौरा खास है! : मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सभा रतलाम में, 4 नवंबर की तैयारियां अंतिम दौर में

पढ़िए खास खबर…आखिर क्यों मालवा में मोदी की दिलचस्पी?,भाजपा के बिगड़ते समीकरणों को मोदी फेक्टर का सहारा! पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/भोपाल/रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी है। 17 नवंबर को मतदान होना है ऐसे में सभी चुनावी पार्टियां अपने स्टार प्रचारकों को उतारने का प्लान बना रही है, जिसमें भाजपा सबसे आगे है। सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को मध्यप्रदेश के रतलाम में अपनी पहली सभा को संबोधित करेंगे। 2023 के विधानसभा चुनाव की प्रदेश में पीएम की पहली सभा रतलाम में होगी। जिसमें मोदी 9 से अधिक विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के समर्थन में जनता से अपील करेंगे। इसके बाद पीएम की प्रदेश में 1 और बड़ी सभा हो सकती है जो की ग्वालियर संभाग में हो सकती है। मगर दिलचस्प यह है कि इंदौर, ग्वालियर, भोपाल जैसे महानगरों को छोड़कर मोदी का पहला रुख मालवा के रतलाम में है। मोदी की सभा के जरिये सभी 16 विधानसभा सीटों पर माहौल बनाने की रणनीति भाजपा ने बनाई है।पीएम मोदी छत्तीसगढ़ से चुनावी रैली की शुरूआत कर चुके है। पीएम को स्टार प्रचारक के रूप में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना व मिज़ोरम में भी समय देना है। एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी पहले बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से चुनावी सभा का शंखनाद करने वाले थे, लेकिन किन्ही कारणों से यह कार्यक्रम टल गया, अब वे रतलाम आ रहे हैं। इस साल प्रधानमंत्री मोदी का मध्य प्रदेश में यह 12वां दौरा कार्यक्रम होगा। प्रधानमंत्री मोदी रतलाम के समीप ग्राम बंजली में सभा को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर रतलाम शहर भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने पदाधिकारियों की बैठक ली। मालवा में क्यों जरूरी मोदी फेक्टर :मध्यप्रदेश के चुनाव को भाजपा हल्के में नहीं लेना चाहती है। यही कारण है की इस बार केंद्रीय नेतृत्व सीधे तौर पर दखल दे रहा है। भाजपा का मालवा पर इस बार विशेष फोकस है, क्योंकि यहां भाजपा की परंपरागत सीटे है। मालवा के अंतर्गत आगर, देवास , धार , इंदौर , झाबुआ , मंदसौर , नीमच , राजगढ़ , रतलाम , शाजापुर , उज्जैन आदि जिले आते है। मालवा में विशेषकर जातीय समीकरण गहरा प्रभाव रखता है और इसी बेल्ट में आदिवासी बहुल आबादी क्षेत्र है। इसके अलावा इंदौर के आसपास नीमच तक राजपूत समाज का प्रभाव भी अधिक है। अपनी – अपनी मांगों को लेकर दोनों ही समाज सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मुखर है और इनके संगठनों के नेता अब चुनावी मैदान में उतर चुके है। भाजपा और कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी नाराजगी व नजरअंदाजगी के चलते इनके साथ हो गए है।ऐसे में भाजपा कोई रिस्क ना लेते हुए। मालवा पर विशेष फोकस बनाए हुए। भाजपा के फायर ब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, जिससे भाजपा को लगता है की मोदी फेक्टर जनता पर काम करेगा और उसका सत्ता का समीकरण नहीं बिगड़ेगा। भाजपा जीते हुए अपने गढ़ को नहीं हारना देना चाहती है। रतलाम की 5 में से 4 सीट पर असमंजस :फिलहाल रतलाम में जावरा, आलोट, सैलाना व रतलाम ग्रामीण में भाजपा के बागी और सामाजिक संगठनों के निर्दलीय प्रत्याशी एक बड़ी मुसीबत बन सकते है। हाल ही में हुए पंचायत और निकाय चुनाव में सभी लोग इसका उदाहरण देख चुके है। मंदसौर व नीमच में भी अंचल क्षेत्र भाजपा से दूरी बनाने के मूड में है। उज्जैन की बड़नगर सीट पर भी यही हाल है। झाबुआ – पेटलावद सीट पर आदिवासी प्रभाव अधिक है। सैलाना व रतलाम ग्रामीण से झाबुआ तक जयस प्रभावी है उसी तरह करणी सेना भी अपना प्रभाव बनाये हुए है। हाल ही में दोनों सामाजिक संगठनों ने राजनीति में अपना – अपना समर्थन एक दूसरे को देकर एक नई उलझन पैदा कर दी है।

PM मोदी in रतलाम : 2 घंटे रतलाम में रहेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खुली जीप से पहुंचेगे सभास्थल

प्रत्याशी चेतन्य काश्यप ने ली बैठक, आज केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर रतलाम में पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भाजपा के फायरब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को रतलाम आएंगे। इस दौरान वे रतलाम समेत आसपास के कुल 17 प्रत्याशियों के समर्थन में जनता से अपील करेंगे। प्रधानमंत्री की सभा रतलाम शहर के नजदीक ग्राम बंजली में आयोजित की जाएगी। पीएम के दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार पूरे आयोजन में प्रधानमंत्री मोदी दो घंटे का समय देंगे, जिसमें एक घंटे तक वह सभा को संबोधित करेंगे। व्यवस्था इस तरह से की जा रही है कि बंजली हवाई पट्टी से सभास्थल पर प्रधानमंत्री मोदी खुली जीप में कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए पहुंचेंगे। मोदी की सभा में नीमच जिले की तीन, मंदसौर की चार, रतलाम की पांच विधानसभा सहित बड़नगर, बदनावर, खाचरौद, महिदपुर, झाबुआ विधानसभा के प्रत्याशी भी मंच पर मौजूद रहेंगे। रतलाम में होने जा रही सभा की तैयारियों के संबंध में भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक चेतन्य काश्यप की उपस्थिति में पार्टी पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। काश्यप ने बताया कि विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में विशाल जनसभा संबोधित करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को रतलाम आ रहे है। वे बंजली में सभा को संबोधित करेंगे। इस सभा में रतलाम सहित 9 विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशी मौजूद रहेंगे। इसमें प्रधानमंत्री जी की सभा को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई। बैठक में सभा के विभिन्न कार्यों हेतु पदाधिकारियों में कार्य विभाजन भी किया गया। इस दौरान प्रदेश, जिला एवं मंडल पदाधिकारी, मोर्चा, प्रकोष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। आज केंद्रीय मंत्री तोमर आएंगे :भारतीय जनता पार्टी चुनाव समिति संयोजक केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर 2 नवंबर को रतलाम आएंगे। वे शाम 6 बजे सज्जनप्रभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आमसभा की तैयारियों को लेकर विधानसभा प्रत्याशियों एवं पदाधिकारियों की बैठक लेंगे। इसके बाद शाम 7.30 बजे विसाजी मेंशन पर त्रिदेव कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होंगे। इस प्रकार रहेगा पूरा कार्यक्रम :भाजपा के संगठन स्तर पर जारी किए गए कार्यक्रम अनुसार प्रधानमंत्री मोदी चार नवंबर को हेलीकाप्टर से दोपहर 1:50 बजे बंजली हवाई पट्टी पर पहुंचेंगे। 2.20 बजे हवाई पट्टी पर कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया जाएगा। 2.30 बजे खुले वाहन में कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार कर 2.45 बजे मंच पर पहुंचेंगे। जनसभा को संबोधित करने के बाद 3.45 बजे मंच के पीछे कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद वह बंजली हवाई पट्टी से 3.55 बजे इंदौर के लिए रवाना होंगे।

मैदान में मयंक : पारस दादा के समर्थन में निकले युवा नेता मयंक जाट, विजय तिलक लगाकर लोगों ने किया स्वागत

मयंक जाट के मोर्चा संभालते ही राजनीतिक गलियारों में चुनावी चर्चा हुई तेज पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव में शहर के कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा “दादा” के चुनाव प्रचार ने अब गति पकड़ ली है। इसी बीच युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और कांग्रेस के कद्दावर नेता मयंक जाट ने भी मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि मयंक शुरू से ही प्रचार में जुटे है मगर मंगलवार शाम कांग्रेस नेता मयंक जाट बगैर प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जनसपंर्क पर निकले। मयंक के इस जनसंपर्क के बाद से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई है। चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि निकाय चुनाव में महापौर प्रत्याशी रहे जाट ने भाजपा के सामने एक चुनौती खड़ी कर दी थी। निकाय चुनाव में भाजपा ने अपनी लीड भी खो दी थी। मयंक युवाओं में चर्चित चेहरा है उसके अलावा महिला वर्ग व छोटे बच्चों में भी मयंक का अपना फेन बेस मजबूत बना हुआ है। अब विधानसभा चुनाव में एक और पारस सकलेचा प्रचार का मोर्चा संभाले है तो दूसरी और मयंक जाट। सकलेचा के समर्थन में युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मयंक जाट ने गांधी नगर स्थित श्री राधाकृष्ण मन्दिर में भगवान का आशीर्वाद लेने के बाद वार्ड 1 व 2 में  जनसम्पर्क किया। इस दौरान क्षेत्र में बच्चों से लेकर बड़े तक मयंक के स्वागत में जुट गए। बालिकाओं ने विजय तिलक लगाकर जनसंपर्क पर आए कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। वहीं दूसरी और कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा ने चांदनी चौक में जनसंपर्क किया। मयंक जाट ने बताया कि जनता का प्रेम व आशीर्वाद कांग्रेस के साथ है। शहर में विकास के नाम पर भोली भाली जनता को केवल ठगा गया। जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है और यह परिवर्तन जनता अपने मत का प्रयोग कर बहुत जल्द लाने वाली है। रतलाम सहित प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बनाने जा रही है। भाजपा से गरीब व अमीर सभी तबके के लोग परेशान है। जनसंपर्क में शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह अठाना, प्रेमलता दवे, सुजीत उपाध्याय, संजय दवे आदि कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

चुनावी रण में डॉक्टर साहब : ग्रामीण में भाजपा – कांग्रेस के विकल्प बनकर निर्दलीय उतरे डॉ. अभय ओहरी?, चौपालों से जमा रहे रंग

नेता नहीं आपके बीच आपका बेटा और सेवक बनकर आया हूं – डॉ. ओहरी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम ग्रामीण से निर्दलीय नामंकन दाखिल करने के बाद जयस नेता डॉ. अभय ओहरी ने भी विधानसभा के चुनावी रण में अपना बिगुल फूंक दिया है। डॉ. ओहरी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करने में व्यस्त है। इनकी चौपाल पर चर्चा के अंदाज ने सबको हैरत में डाला हुआ है। डॉ. ओहरी के मैदान में आने के बाद ग्रामीण में तीसरे विकल्प के कयास लगने तेज हो गए है। डॉ ओहरी के जनसपंर्क को “बदलाव के लिए तैयार है हम” अभियान का नाम दिया गया है। चौपाल बैठकों में आने वाले नागरिक अपनी – अपनी समस्याओं से डॉ. ओहरी को अवगत करवा रहे है। मंगलवार को डॉ. अभय ओहरी ने समर्थकों के साथ 4 पंचायतों में जनसपंर्क किया। जिसमें राजपुरा, सरवनी खुर्द, बिबड़ोद, रामपुरिया व पलसोड़ी में चौपाल बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पूर्व विधायक श्रीमति लक्ष्मीदेवी खराड़ी ने डॉ. ओहरी का स्वागत कर जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। डॉ. ओहरी ने लक्ष्मीदेवी खराड़ी के पैर छूकर जीत का आशीर्वाद लिया। डॉ. ओहरी ने चौपाल पर दिए एक भाषण में खुद के पीछे हटने से साफ मना कर दिया है। ओहरी ने बताया कि इस बार ग्रामीण की जनता बदलाव चाहती है। ग्रामीण का हर व्यक्ति ना भाजपा को पसंद करता है और ना ही कांग्रेस को। विपक्षी दलों द्वारा एक नई अफवाह को जन्म दिया जा रहा है। जिससे ग्रामीण की भोली भाली जनता को बरगलाया जा सके।विपक्षी दल के लोग कान खोलकर सुन ले की मेरे द्वारा किसी भी कीमत पर नामांकन फार्म वापस नहीं लिया जाएगा। चुनावी मैदान से अब हम पीछे नहीं हटेंगे और जनता का हमें पूरा समर्थन है। इस बार पूरा विश्वास है कि जनता अपना आशीर्वाद देकर हमारी विजयी सुनिश्चित करेगी। ग्रामीण करेगा तरक्की, वादा है! :डॉ. ओहरी ने जनता से संवाद करते हुए कहा कि में नेता नहीं आपके बीच आपका बेटा और सेवक बनकर आया हूं। लगातार सत्ता व शासन से आपकी मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों की लड़ाई में आपके साथ खड़ा रहा और आगे भी खड़ा रहूंगा। पिछले जितने विधायक जीतकर आए उन्होंने ग्रामीण की हमारी भोली भाली जनता को केवल झूठे वादे और आश्वासन दिया। आपका आशीर्वाद मुझ पर बना रहा तो निश्चित ही हमारा ग्रामीण क्षेत्र उम्मीद से अधिक तरक्की करेगा यह वादा भी है और इरादा भी। समस्याओं से घिरा मेरा ग्रामीण परिवार अब बदलाव के लिए तैयार है। जनसंपर्क में जयस के कार्यकर्ता व ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

तेज होता जनसंपर्क : शहर में भाजपा प्रत्याशी चेतन्य काश्यप का जगह – जगह भव्य स्वागत, समर्थन में लग रहे नारे

पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने परिवार के साथ किया स्वागत पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक चेतन्य काश्यप का जनसंपर्क शनिवार को संत रविदास चौक से आरंभ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। जनसंपर्क करते हुए डालू मोदी बाजार पैलेस रोड पर काश्यप, पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी के निवास पहुंचे। कोठारी ने सपरिवार काश्यप का आत्मीय स्वागत किया। भाजपा प्रत्याशी चेतन्य काश्यप बाद में भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह लुनेरा, जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय, निर्मल कटारिया, जिला उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, सुनील सारस्वत, जिला कार्यालय मंत्री मनोज शर्मा, सह कार्यालय मंत्री राकेश नागर सहित पार्टी पदाधिकारियों ने स्वागत-अभिनंदन किया। जनसंपर्क में क्षेत्र के रहवासियों द्वारा काश्यप का आत्मीय स्वागत किया। जनसंपर्क के दौरान बैंड वाले ने अपना यंत्र बजाकर अनोखे अंदाज में कश्यप का स्वागत किया। समर्थक कमल का फूल देकर अबकी बार 56 हजार पार के नारे लगाते भी नजर आए। जनसंपर्क शनिवार को सुबह वार्ड क्रमांक 24, 25, 26, 40 एवं 42 में किया गया। इसकी शुरुआत संत रविदास चौक से हुई। यहां से हरमाला रोड, मेहताजी का वास, थावरिया बाजार से टंकी चौराहा, गायत्री मेडिकल, नागर वास, दौलतगंज से डालूमोदी बाजार होकर पैलेस रोड होकर पैलेस गेट पर समापन हुआ।

अंदाज अपना – अपना : प्रचार के बाद बजरंग पर पहुंचे पारस दादा, युवाओं के साथ ली चाय की चुस्की और सेल्फी

केंद्रीय चुनाव कार्यालय का हुआ उदघाटन… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव के नामांकन दाखिल होते ही प्रत्याशी जनता के बीच अपने – अपने अंदाज में पहुंच रहे है। यही नजारा रतलाम शहर में भी देखने को मिला। रतलाम में शाम होते ही चाय के शौकीनों का जमावड़ा लगता है। शनिवार को स्टेशन रोड पर शहर की फेमस बजरंग चाय पर कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा अचानक पहुंचे। यहां उन्होंने पहुंचते ही अपने लिए व समर्थकों के लिए चाय का आर्डर दिया। सकलेचा को देखकर हर कोई हैरत में भी पड़ गया। बजरंग चाय पर युवाओं ने सकलेचा के साथ चाय पी और सेल्फी भी ली। इस दौरान करीब 30मिनट तक सकलेचा ने युवाओं से शहर के मुद्दों के बारे में चर्चा की। आपको बता दे की शहर में धीरे धीरे चुनावी रंग परवान चढ़ते नजर आ रहा है। प्रत्याशी अपने- अपने अंदाज में चुनाव प्रचार के लिए जुट गए है। कांग्रेस प्रत्याशी पारस दादा सकलेचा के केंद्रीय चुनाव कार्यालय  लक्कड़ पीठा (यूको बैंक के सामने) पर खोला गया। जिसका शुभारंभ वरिष्ठ अभिभाषक शांतिलाल मालवीय के हाथों किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को भारी बहुमतों से रतलाम शहर और मध्य प्रदेश में विजय दिलाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर  युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मयंक जाट, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा, राजकुमार जैन लाला, विनोद मिश्रा मामा, संदीप शुक्ला, जोएब आरिफ, राकेश झालानी, पीयूष बाफना, पुनीत शर्मा, धर्मेंद्र मंडवारिया, सतीश पुरोहित, अनिल झालानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दशहरा मिलन समारोह : रतलाम के नेपाली समाज ने मनाया बड़ा दसैं का त्यौहार, तिलक लगाकर निभाई परंपरा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले में नेपाली संस्कृति परिषद द्वारा दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया। बड़बड़ हनुमान मंदिर परिसर स्थित राम भवन में रखे गए इस आयोजन में रतलाम के नेपाली परिवारों ने हिस्सा लिया। आपको बता दे कि नेपाल देश में नेपाली समाज दशहरा को बड़ा दसैं के रूप में मनाते है। गोरखाओं के बीच भी ये त्यौहार मनाया जाता है। यह नेपाल सम्वत् वार्षिक कैलेंडर में सबसे लंबा और सबसे शुभ त्यौहार माना जाता है, जिसे नेपाली लोगों द्वारा दुनिया भर में अपने प्रवासी लोगों के साथ मनाया जाता है। समाज द्वारा रतलाम के इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सामाजिक समरसता संयोजक एडवोकेट देवराज सिंह ने अपना उद्बोधन दिया। देवराजसिंह ने कहा की नेपाली समाज एक बहादुर कौम है। हमारे प्रथम फील्ड मार्शल मानिक शाह द्वारा एक शब्द गोरखाओं के बारे में कहा गया था कि मौत से जो नहीं डरता वो या तो झूठ बोल रहा है या फिर वह गोरखा है। नेपाली कौम बहादुर कौम है। देवराजसिंह ने साथ ही कहा की सभी भारतीय हिंदू सनातन बहुसंख्यक समाज के अभिन्न अंग है। आप लोगों को यहां पर किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो समूर्ण हिंदू समाज आपके साथ खड़ा है। परंपरागत त्यौहार मनाता है समाज :नेपाल में इसे देश के सबसे बड़े त्यौहार के रूप में भी जाना जाता है और इस समय 5 दिनों का सबसे लंबा राष्ट्रीय/सार्वजनिक अवकाश रहता है। यह नेपाल में सबसे प्रतीक्षित त्यौहार है। इस समय नेपाल के लोग दुनिया के सभी हिस्सों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से एक साथ जश्न मनाने के लिए एकत्रित होते हैं। त्यौहार की अवधि के दौरान सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और अन्य कार्यालय बंद रहते हैं।समाज के नरेंद्र श्रेष्ठ ने बताया की दशहरे पर बुजुर्गों व बड़ो का आशीर्वाद लेने के लिए सभी एकत्रित होते हैं  तथा आनेवाली पीढ़ी को भी उसी परंपरा का पालन करने की प्रेरणा देते है। इस दिन सामूहिक तौर पर पूरा परिवार बुजुर्गों से माता दुर्गा का लाल टीका व 9 दिन तक लगाए हरे जमरे को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते है। रतलाम में नेपाली समजा करीब 400 की संख्या में निवासरत है।समाज के लोगों ने पशुपति श्रेष्ठ एवं रुक्मणी श्रेष्ठ के हाथों दशहरे का टीका एवं जमरा ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में सुमन थापा ,ललित जंगशाही, दिनेश विश्वकर्मा, ज्योति गुरुंग गायत्री सिंह एवं सैकड़ो समाजजन शामिल रहे।

“बा-साब” का अनोखा अंदाज : ग्रामीण भाजपा प्रत्याशी मथुरालाल डामर ट्रैक्टर से पहुंचे नामांकन भरने, हजारों कार्यकर्ता हुए शामिल

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव में भाजपा के ग्रामीण प्रत्याशी मथुरालाल डामर ने गुरुवार को अपना नामांकन फार्म दाखिल किया। नामांकन भरने के दौरान पूर्व विधायक रहे मथुरालाल डामर का अनोखा अंदाज देखने को मिला। वहीं डामर रैली के  दौरान अपनी पारंपरिक वेशभूषा कुर्ता और धोती में नजर आए। नामांकन रैली सालाखेड़ी फोरलेन स्थित मिडवे होटल के पास से शुरू होकर पुराने कलेक्टर कार्यालय पर समाप्त हुई। नामांकन रैली में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल, जनपद अध्यक्ष साधना जायसवाल, पदमा जायसवाल आदि नेताओं ने हिस्सा लिया। रैली में सैकड़ों कार्यकर्ता अबकी बार 60 हजार पार का नारा लगाते हुए जोश के साथ शामिल हुए। नामांकन रैली का कार्यकर्ताओं द्वारा जगह – जगह भव्य स्वागत भी किया गया। प्रत्याशी मथुरालाल डामर ने पुराने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ग्रामीण विधानसभा रिटर्निंग अधिकारी त्रिलोचन गौड़ को अपना नामांकन पत्र सौंपा। वहीं पूरी नामांकन रैली में ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना कहीं नजर नहीं आए। मकवाना के नामांकन के दौरान साथ नहीं होने के सवाल पर डामर थोड़े सकपका गए और कहा की साथ ही है और पार्टी के है, बुधवार को बैठक में उपस्थित थे। प्रत्याशी डामर ने मीडिया से कहा कि में खुद एक किसान हूं और आज भी खेती करता हूं। मेरा क्षेत्र किसानों का है। जिस तरह ट्रैक्टर से नामांकन दाखिल किया है, उसी तरह ट्रैक्टर से विधानसभा पहुंचेगे। रतलाम ग्रामीण में भाजपा प्रचंड बहुमत से विजय होगी। किसान भाइयों के लिए भाजपा ने अब तक कार्य किया है। अब जो कार्य अधूरे है उनको पूरा किया जाएगा। सड़क बिजली पानी की मूलभूत सुविधाएं भाजपा शासन में मिलती आ रही है इसे और व्यवस्थित किया जाएगा।

भैरव मंदिर ऐसा भी! : यहां गलती होने पर तुरंत मिलती है सजा, निःसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान है ये मंदिर

कई किस्से कहानियों के साथ आज भी जिंदा है परंपरा, पढ़िए विशेष खबर रतलाम के इस अनूठे भैरव मंदिर की…. पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भारत धार्मिक मान्यता प्रधान देश है। यहांहर त्यौहार अपना विशेष महत्व रखता है। देश के हर राज्य व शहर में चमत्कारिक देवस्थल मौजूद हैं जहां चमत्कारिक घटनाओं की साक्षात अनुभूति होती है। आज हम बात करेंगे मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में स्थित ऐसे ही एक प्राचीन स्थल की। यहां के धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर अपनी अनोखी गाथाओं व किस्से कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है की यहां भूत बाधाओं से छुटकारा मिलने के साथ – साथ निःसंतान दंपत्ति को संतान का सुख भी मिलता है। इसके अलावा यहां अगर पूजन – पाठ में गलती या खराब मन से कोई पहुंचता है तो उसे तुरंत भैरव महाराज सजा देते है। संबंधित व्यक्ति को उसी समय गलती का एहसास हो जाता है। इस मंदिर को पछाड़मल भैरव के नाम से जाना जाता है। इस नाम के पीछे मान्यता है कि जो कोई भी गलती करता है, तो उसे भैरवनाथ पछाड़ कर सजा देते है। भैरवनाथ को मां दुर्गा के बाद पूजने का विशेष महत्व है कहा जाता है कि जिस प्रकार नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार भगवान भैरवनाथ की आराधना भी महत्व रखती है। दर्शन के लिए इस मंदिर तक आप शहर के थावरिया बाजार या हरमाला रोड होते हुए आसानी पहुंच सकते है। दो प्रतिमाएं विराजमान, मदिरा व दूध का लगता भोग :पिछले कई वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे रविंद्रसिंह सोनगरा बताते हैं कि यहां भैरवनाथ की काला व गौरा दो प्रतिमाएं विराजमान है। इनमें से एक को मदिरा तो दूसरे को दूध का भोग लगता है। इन प्रतिमाओं की स्थापना की सही जानकारी किसी को नहीं मालूम है। बताया जाता है कि रतलाम रियासतकाल से यह मंदिर स्थापित है। यहां नौ दिन अखंड ज्योत व जवारों की स्थापना होती है। दशहरे पर विधि विधान से जवारों का विसर्जन किया जाता है। देश भर से यहां श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है। यहां रियासतकाल के दौर से जवारों का विसर्जन किया जा रहा है जिसे स्थानीय लोग बाड़ी के नाम से भी जानते है। फिलहाल मंदिर के जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा जो कि जनसहयोग से पूरा किया जाएगा। मनोकामना पूरी करते है पछाड़मल भैरव :इस मंदिर के बारे में कई किस्से कहानियां आज भी जिंदा है। भक्त यहां आज भी मनोकामना लेकर आते है। जिनकी मनोकामनाएं यहां से पूरी हुई है और शहर के बाहर है वे लोग नवरात्रि में विशेष रूप से यहां आते है। मान्यता है की यहां जवार विसर्जन के दौरान शामिल होने पर दुख दर्द भी विसर्जित हो जाते है। विसर्जन के बाद लोग जवार को अपने साथ लेकर घर आते है और लाल कपड़े में बांध कर भी रखते है। लोगों द्वारा दावा किया जाता है कि यहां भूत बाधाओं व शारीरिक कष्टों से भी छुटकारा मिलता है। निःसंतान दंपत्ति यहां संतान की मनोकामना लेकर जाते है तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। भैरव को यहां मदिरा व दूध के अलावा लोग सिंदूर का चोला चढ़ाते है। कई लोग यहां बकरे की बलि या दाल, बाटी व चूरमे की मन्नत भी रखते है। इस क्षेत्र के लोगों की मान्यता है कि यहां मन्नत लेने से सबकुछ मिलता है। सबसे खास बात है कि यहां मन्नत के समय कुछ खास चढ़ावा नहीं चढ़ाना होता है। मदिरा, दूध या नारियल से ही भैरव बाबा खुश हो जाते है। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। पब्लिक वार्ता इस बारे में किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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