Ratlam News: महिला के घर मुस्लिम युवक आने पर बवाल, ग्रामीणों ने की मारपीट और तोड़फोड़; पुलिस जांच में जुटी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के सैलाना थाना क्षेत्र अंतर्गत करिया गांव में बुधवार रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला के घर मुस्लिम युवक के आने की जानकारी ग्रामीणों को लगी। आक्रोशित ग्रामीणों ने महिला के घर पहुंचकर युवक के साथ मारपीट की और घर व कार में तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति को नियंत्रित किया। WATCH VIDEO युवक को पकड़कर की मारपीट, कार छोड़कर भागा जानकारी के अनुसार, गांव में रहने वाली 35 वर्षीय तलाकशुदा महिला के घर बुधवार शाम करीब 6:30 बजे राजस्थान के बांसवाड़ा से एक युवक आया था। ग्रामीणों को जब युवक के गांव में आने की खबर मिली तो बड़ी संख्या में लोग महिला के घर पहुंच गए। आरोप है कि ग्रामीणों ने दरवाजा तोड़कर युवक को बाहर निकाला और उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव के दौरान महिला के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। हालात बिगड़ते देख युवक अपनी कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घर और कार में की तोड़फोड़ ग्रामीणों ने महिला के घर का दरवाजा, टीन शेड और कवेलू तोड़ दिए। वहीं युवक की कार के आगे और साइड के कांच फोड़ दिए गए। आधी नंबर प्लेट भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। महिला का आरोप: “मदद करने आया था मुंहबोला भाई” महिला ने सैलाना थाने में नामजद आवेदन देकर बताया कि युवक उसका मुंहबोला भाई है, जो घर की छत पर पल्ली लगाने में मदद करने आया था। उसने आरोप लगाया कि राहुल बैरागी, जितेंद्र बैरागी, नंदकिशोर पाटीदार, किशन और सोहन नायक सहित अन्य लोगों ने घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की। महिला ने कहा कि “अगर कुछ गलत मिला हो तो सजा दें, लेकिन बेवजह मारपीट करना अपराध है। मैं पढ़ी-लिखी हूं और कानून जानती हूं।” जान-माल की सुरक्षा की मांग महिला ने आवेदन में परिवार और मुंहबोले भाई की सुरक्षा की मांग की है। उसने घर में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की भी मांग की है। घटना के बाद महिला के बच्चे डरे हुए हैं। कार पर राजनीतिक चिन्ह मौके पर मिली कार पर भाजपा का कमल चिन्ह और ‘अल्पसंख्यक मोर्चा, बांसवाड़ा’ लिखा हुआ है। हालांकि नंबर प्लेट आंशिक रूप से टूटी हुई पाई गई है। पुलिस का बयान सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया कि बाहरी युवक के गांव में आने की सूचना पर कुछ लोग आक्रोशित हो गए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया। महिला के आवेदन पर जांच की जा रही है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: दिनदहाड़े व्यापारी की बाइक की डिक्की से 1.24 लाख चोरी, आरोपी हिरासत में

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच दिनदहाड़े एक व्यापारी की बाइक की डिक्की से 1 लाख 24 हजार रुपये चोरी होने का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। WATCH VIDEO जानकारी के अनुसार, व्यापारी किसी काम से बाजार क्षेत्र में पहुंचे थे और अपनी बाइक खड़ी कर पास की दुकान में चले गए। इसी दौरान एक अज्ञात युवक ने मौके का फायदा उठाते हुए बाइक की डिक्की खोली और उसमें रखी 1,24,000 रुपये की नकदी निकालकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की और संदिग्ध की पहचान कर कुछ ही घंटों में उसे पकड़ लिया। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसके साथ कोई अन्य साथी तो शामिल नहीं था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से बाजार क्षेत्र में व्यापारियों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन में बड़ी रकम न रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Ratlam News: शराब दुकान कर्मचारियों पर हमला, जीप के शीशे फोड़े

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बस स्टैंड के पास शराब दुकान कर्मचारियों के साथ मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। शराब के नशे में धुत आरोपितों ने जीप का रास्ता रोककर गालियां दीं और विरोध करने पर एक कर्मचारी के सिर पर शराब की बोतल मार दी। घटना के बाद पुलिस ने एक नामजद सहित तीन आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। WATCH VIDEO प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम भोनपुरा, जिला भिण्ड निवासी दीपसिंह पुत्र संजीवसिंह भदोरिया रावटी स्थित शराब दुकान पर कार्यरत है। शुक्रवार दोपहर वह अपने साथी सोनू राजावत, किशन सिंह तोमर और आनंद पाल के साथ जीप वाहन से रानीसिंग बस स्टैंड से रावटी की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार तीन युवक शराब के नशे में आए और जीप का रास्ता रोक लिया। इनमें से एक युवक को दीपसिंह ने पहचान लिया, जिसका नाम बबलु दामा निवासी कुंवरपाड़ा बताया गया है। आरोपितों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। मना करने पर बबलु दामा ने हाथ में पकड़ी शराब की बोतल से दीपसिंह के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसे चोट आई। इसके बाद आरोपितों ने लकड़ी से जीप (बोलेरो) के चारों शीशे तोड़ दिए। वाहन में सवार अन्य कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जाते-जाते आरोपितों ने जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित की शिकायत पर एक नामजद सहित तीन आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Ratlam News: पिपलिया जोधा डेरे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बाहरी 5 आरोपितों पर धारा 170 बीएनएसएस के तहत केस

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने पिपलिया जोधा डेरे में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर सख्त निगरानी रखते हुए कार्रवाई की है। इस दौरान बाहर से आए पांच संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस कार्रवाई के दौरान जब आरोपी मीडिया के सामने लाए गए, तो सभी अपने चेहरे छिपाते हुए नजर आए। इससे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान जिन आरोपितों को पकड़ा गया, उनके नाम इस प्रकार हैं— पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी ग्राम सिहावदा, थाना देपालपुर, जिला इंदौर के निवासी हैं और बिना किसी वैध कारण के डेरे क्षेत्र में मौजूद पाए गए थे। पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी आरोपितों को प्रतिबंधात्मक धाराओं में चालान किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी इस तरह की निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

रेल के साथ खेल नहीं अभियान: आरपीएफ ने स्कूलों में नुक्कड़ नाटक से बच्चों और ग्रामीणों को किया जागरूक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्रियों की जान-माल की हिफाजत और रेल संचालन में बाधा बनने वाली घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) रतलाम मंडल द्वारा “रेल के साथ खेल नहीं” नामक विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल रतलाम, पश्चिम रेलवे श्री रामराज मीना के दिशा-निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत मंडल स्तर पर आरपीएफ बल सदस्यों की विशेष टीम का गठन किया गया। इसी क्रम में दिनांक 30 जनवरी 2026 को रेसुब पोस्ट मेघनगर के क्षेत्राधिकार में उप निरीक्षक अंकित चौधरी, उप निरीक्षक मायाराम गुर्जर एवं अन्य आरपीएफ स्टाफ द्वारा विभिन्न स्कूलों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीम द्वारा झाबुआ जिले के मेघनगर विकासखंड अंतर्गत पीएम श्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चैनपुरा, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नौगांव, पीएम श्री कन्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बामनिया एवं शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बामनिया में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों सहित कुल लगभग 3000 से अधिक लोग उपस्थित रहे। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सवारी गाड़ियों पर पत्थरबाजी न करने, रेलवे ट्रैक पार न करने, पटरी पर पत्थर या अन्य वस्तुएं न रखने, रेलवे लाइन पर वीडियो या रील न बनाने, ट्रैक के पास लगे उपकरणों से छेड़छाड़ न करने और रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने के प्रति जागरूक किया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं, जिनमें जुर्माना एवं कारावास तक का प्रावधान है। साथ ही यह भी समझाया गया कि रेलवे एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसमें यात्रा करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। आरपीएफ द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आने वाले दिनों में मंडल के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगा।

Ratlam News: वेल्डिंग के दौरान कार्बेट टैंक में विस्फोट, 15 फीट दूर सड़क पर जा गिरा टैंक, CCTV में कैद हादसा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के व्यस्त इलाके बाल चिकित्सालय रोड पर शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सैलाना बस स्टैंड के पास एक वेल्डिंग दुकान में कार्बेट टैंक में जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तीव्र था कि टैंक दुकान से उड़कर करीब 15 फीट दूर मुख्य सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। WATCH VIDEO प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मुख्य डाकघर के सामने स्थित न्यू जनरल इंजीनियरिंग एंड वेल्डिंग वर्क्स की दुकान पर हुई। दुकान संचालक 80 वर्षीय इमामउद्दीन पिता कमरुद्दीन, निवासी जवाहर नगर, दुकान के बाहर एक बाइक के फुटरेस्ट में वेल्डिंग का काम कर रहे थे। उसी दौरान वेल्डिंग उपकरणों से जुड़े कार्बेट टैंक में अचानक विस्फोट हो गया। धमाके के साथ टैंक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के समय दुकान पर मौजूद कर्मचारी 28 वर्षीय जुबेर भी सुरक्षित रहा। संयोग अच्छा था कि जिस समय टैंक सड़क पर गिरा, उस वक्त वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। CCTV कैमरे में कैद हुआ हादसा टैंक के उड़कर सड़क पर गिरने की पूरी घटना पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह विस्फोट के बाद टैंक हवा में उछलते हुए सड़क पर जा गिरता है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी और नायब तहसीलदार मनोज चौहान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने दुकान संचालक से घटना की जानकारी ली और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार मनोज चौहान ने बताया कि, “वेल्डिंग दुकान में विस्फोट की सूचना मिली थी। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। विस्फोट के कारणों की जांच कराई जा रही है। साथ ही शहर में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां इस तरह की घटनाओं की आशंका बनी रहती है।” विस्फोट के कारण स्पष्ट नहीं दुकान संचालक इमामउद्दीन ने बताया कि कार्बन टैंक में पानी भरा रहता है और उसमें कार्बेट मिलाया जाता है। विस्फोट कैसे हुआ, इसका उन्हें भी स्पष्ट कारण नहीं पता है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। घटना ने एक बार फिर वेल्डिंग दुकानों में सुरक्षा मानकों और गैस टैंकों के सुरक्षित उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Ratlam News: मेरठ के शातिर चोर 10 मिनट में कर गए नकबजनी, रतलाम पुलिस ने 10 घंटे में दबोचा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: थाना नामली क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई नकबजनी की सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से आए अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के दो कुख्यात आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात, वारदात में प्रयुक्त कार और विशेष ताला तोड़ने के औजार जप्त किए हैं। WATCH VIDEO गिरफ्तार आरोपितों के नामइरफान पिता मुन्न सैफी (38 वर्ष) निवासी जाकिर हुसैन कॉलोनी, मेरठ तथाआमिर पिता तस्लीम पठान (38 वर्ष) निवासी जाकिर कॉलोनी, इकबाल नगर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) हैं। दोनों पर हत्या समेत 10 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होना सामने आया है। दिनदहाड़े दिया चोरी को अंजाम एसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 27 जनवरी को फरियादी सुरेश पिता प्रहलाद धाकड़, निवासी कस्बा नामली, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी सुबह करीब 11 बजे घर पर ताला लगाकर खेत गया था। शाम करीब 5 बजे लौटने पर घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। प्रकरण दर्ज कर एएसपी शहर राकेश खाखा एवं एसडीओपी किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गायत्री सोनी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। 300 किमी पीछा कर पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया, जिसमें एक संदिग्ध कार नजर आई। वाहन की पतारसी करते हुए पुलिस ने पीछा शुरू किया। आरोपी बड़नगर होते हुए उज्जैन की ओर भागे और हाईवे पर पुलों के नीचे से वाहन उतार-चढ़ाकर व बार-बार रास्ते बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते रहे। करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के पास ग्राम बाहर पत्थर क्षेत्र में आगे-पीछे से घेराबंदी कर कार सहित दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तरीका-ए-वारदात पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हाईवे किनारे स्थित सुनसान मकानों को निशाना बनाते थे। ताला तोड़ने के लिए उन्होंने विशेष औजार बनवा रखे थे, जिससे 10 मिनट के भीतर चोरी को अंजाम दे देते थे।आरोपी इरफान सिर मुंडा होने के कारण वारदात के समय विग (नकली बाल) लगाता था। दोनों के पास से अलग-अलग कपड़े और चश्मे भी मिले हैं, जिनका उपयोग वे वारदात के बाद हुलिया बदलने में करते थे। जप्त मशरूका कुल जप्त मशरूका की कीमत: ₹5,22,400 आपराधिक रिकॉर्ड सीसीटीएनएस जांच में सामने आया कि आरोपी आमिर के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर व एंटी सोशल एक्टिविटी सहित 10 गंभीर अपराध दर्ज हैं। वहीं इरफान के विरुद्ध चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर एक्ट सहित 11 अपराध दर्ज पाए गए। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस कार्रवाई में निरीक्षक गायत्री सोनी, उप निरीक्षक कन्हैया अवस्थी, सहायक उप निरीक्षक प्रदीप शर्मा, हीरालाल चंदन, प्रधान आरक्षक नारायण सिंह, दिलीप रावत, आरक्षक माखन सिंह व रविन्द्र कुमार की अहम भूमिका रही।साथ ही साइबर सेल एवं सीसीटीएनएस शाखा का भी सराहनीय योगदान रहा।

उमंग के रंग, सेवा के संग: JSG संगिनी उमंग रतलाम ने लगाया स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ₹50 में 650 जांचें

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित JSG संगिनी उमंग रतलाम द्वारा अपने सेवा के संकल्प के अंतर्गत एक और सराहनीय पहल करते हुए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 27 जनवरी 2026 को लॉयंस डायग्नोस्टिक सेंटर पर संपन्न हुआ। इस शिविर का आयोजन ग्रुप सखी प्रतिभा पाटनी के सौजन्य से किया गया, जिसमें आमजन को मात्र ₹50 शुल्क में लगभग ₹650 मूल्य की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में डॉक्टर परामर्श के साथ हृदय जांच, ECG, शुगर, किडनी, लीवर (SGPT), ब्लड प्रेशर एवं कैल्शियम जैसी महत्वपूर्ण जांचें की गईं। शिविर के दौरान रीजन चिकित्सा कमेटी कन्वीनर एवं अध्यक्ष श्री मनोज कटारिया तथा रतलाम ज़ोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ ग्रुप सखियों सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उठाया। आयोजन में ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया, बिंदु कटारिया, निर्मला पटवा, अनिता कोठारी, रश्मि जैन, प्रतिभा पाटनी, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, किरण मेहता, पुष्पलता जिन्दानी, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, स्नेहलता धाकड़ सहित अनेक सखियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार ग्रुप सचिव द्वारा व्यक्त किया गया।JSG संगिनी उमंग रतलाम की यह पहल समाज के प्रति उनकी निरंतर सेवा भावना और स्वास्थ्य जागरूकता को दर्शाती है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।