Internship 2026: भारतीय सेना का खास इंटर्नशिप प्रोग्राम, मीडिया छात्रों को मिलेगा ₹75 हजार तक स्टाइपेंड, 2 अगस्त तक करें आवेदन

Internship 2026: भारतीय सेना ने BJMC छात्रों के लिए 75 दिन का इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है। चयनित अभ्यर्थियों को ₹75 हजार तक स्टाइपेंड मिलेगा। जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Internship 2026: पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भारतीय सेना ने एक शानदार अवसर उपलब्ध कराया है। सेना ने मीडिया और रणनीतिक संचार से जुड़े छात्रों के लिए 75 दिनों का विशेष इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ आकर्षक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन और रणनीतिक सूचना प्रबंधन की बेहतर समझ देना है। ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम और प्रोफेशनल मीडिया वर्किंग स्टाइल से भी परिचित कराया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 2 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन कर सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। Indian Army Internship 2026 क्या है? यह इंटर्नशिप कार्यक्रम AICTE Internship Portal के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। इसका संचालन भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय (Additional Directorate General) द्वारा किया जाएगा। इसमें पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) के छात्रों को आधुनिक मीडिया, रणनीतिक संचार और डिजिटल कम्युनिकेशन की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी। कैसे होगी पूरी ट्रेनिंग? इंटर्नशिप की अवधि 75 दिन होगी। ट्रेनिंग शेड्यूल क्या-क्या सीखने का मिलेगा मौका? प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। प्रमुख विषय कितना मिलेगा स्टाइपेंड? चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने ₹30,000 का स्टाइपेंड दिया जाएगा। पूरे प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने पर कुल ₹75 हजार तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। हालांकि, स्टाइपेंड प्राप्त करने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। निर्धारित उपस्थिति से कम रहने पर आर्थिक लाभ नहीं दिया जाएगा। कार्यालय में इन नियमों का करना होगा पालन भारतीय सेना ने सुरक्षा कारणों से कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करना आवश्यक होगा। ध्यान रहे कि दिल्ली में रहने और अन्य व्यक्तिगत खर्चों की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। आवेदन से पहले जान लें यह महत्वपूर्ण बात भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इंटर्नशिप पूरी करने के बाद किसी भी प्रकार की स्थायी नौकरी या नियुक्ति की गारंटी नहीं दी जाएगी।

Ratlam News: 12 साल पुराने यास्मीन शेरानी गोलीकांड में अदालत का फैसला, दो दोषियों को 10-10 साल की सजा

Ratlam News: रतलाम के चर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 साल और एक आरोपी को आर्म्स एक्ट में 3 साल की सजा सुनाई, जबकि दो आरोपी बरी हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड में करीब 12 साल बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने गोली चलाने वाले आरोपी और उसके सहयोगी को हत्या के प्रयास के अपराध में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं एक अन्य आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। यह मामला वर्ष 2014 में रतलाम शहर में हुए उन घटनाक्रमों में शामिल रहा, जिनके बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में हुआ था हमला अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच तत्कालीन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी नगर निगम परिसर से अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने उन पर गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। डीएनए जांच ने खोला अहम राज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया। भागते समय उसने बाईजी का वास क्षेत्र में अपना हेलमेट फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान हेलमेट बरामद किया और उसमें मिले बालों का डीएनए परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट में डीएनए आरोपी चंदन शर्मा से मेल खा गया। अभियोजन पक्ष के लिए यह वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और अदालत ने इसे मामले के अहम सबूतों में शामिल माना। किन आरोपियों को कितनी सजा मिली? पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत का फैसला गोलीकांड के कुछ घंटे बाद हुई थी दूसरी सनसनीखेज वारदात यास्मीन शेरानी पर हमले के कुछ घंटे बाद ही रतलाम रोडवेज बस स्टैंड स्थित होटल संचालक कपिल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी घटनाओं के बाद शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया था। उस समय यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था। अभियोजन पक्ष की भूमिका अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने अदालत में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पक्ष रखा। वैज्ञानिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना।

Ratlam News: चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, मां को दोहरा आजीवन कारावास

Ratlam News: रतलाम में चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने मां को दोहरा आजीवन कारावास और पति को साक्ष्य छिपाने के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। चार माह के मासूम जुड़वा बच्चों हसन और फातिमा की पानी के ड्रम में डुबोकर हत्या करने की दोषी मां पम्मी उर्फ मुस्कान को न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को गंभीर मानते हुए जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में आरोपी के पति आमिर कुरैशी को साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह फैसला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सुनाया गया। करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। सुनवाई के दौरान कई गवाह मुकर गए, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, पम्मी उर्फ मुस्कान अपने पति आमिर कुरैशी और चार माह के जुड़वा बच्चों हसन व फातिमा के साथ वेदव्यास कॉलोनी नंबर-4 में किराये के मकान में रहती थी। 20 नवंबर 2024 को दोपहर के समय घर से शोर सुनकर पड़ोसी छत पर पहुंचे। वहां दोनों मासूम बच्चे पानी से भरे प्लास्टिक के ड्रम में पड़े मिले। बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर माणकचौक थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बिना पोस्टमार्टम के कर दिया था अंतिम संस्कार जांच में सामने आया कि बच्चों के शवों को पुलिस को सूचना दिए बिना नूरानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। बाद में पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर दोनों शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम कराया। मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई थी। पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी पुलिस जांच के दौरान आरोपी मां ने बताया कि घटना वाले दिन पति और सास रिश्तेदारी में गए थे। उसने पति से घर पर रुकने की बात कही थी क्योंकि वह अकेले दोनों बच्चों को संभालने में असमर्थ महसूस कर रही थी। अभियोजन के अनुसार, पति के जाने के बाद गुस्से में उसने पहले बेटे हसन को पानी के ड्रम में डुबोया और फिर बेटी फातिमा को भी उसी ड्रम में डाल दिया। घटना के बाद उसने पति को फोन कर इसकी जानकारी दी। 16 गवाह मुकर गए, फिर भी अदालत ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला मामले की सुनवाई अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने कुल 24 गवाह पेश किए, जिनमें से 16 गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने क्या सजा सुनाई? अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के अनुसार न्यायालय ने— अभियोजन पक्ष का पक्ष अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। कई गवाहों के मुकरने के बावजूद उपलब्ध प्रमाणों को न्यायालय ने विश्वसनीय माना।

Ratlam News: रतलाम PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान बवाल, महिला से मारपीट के आरोप; निगम टीम पर पथराव

Ratlam News: रतलाम के डोसीगांव PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान हिंसा, महिला से मारपीट और पथराव का मामला सामने आया। निगम ने 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी दी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के ईडब्ल्यूएस आवास परिसर में शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। बकाया राशि के अंतिम नोटिस चस्पा करने पहुंची निगम टीम और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और पथराव की नौबत आ गई। घटना का पूरा वीडियो देखे घटना के दौरान एक महिला के साथ निगम कर्मचारियों द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और निगम कर्मचारियों पर पत्थर, गमले तथा लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस दौरान घटनास्थल की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी घायल हो गए। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध वसूली के आरोपों से बढ़ा विवाद स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम के उपयंत्री राजेश पाटीदार ने पहले उनसे अवैध रूप से राशि ली थी और भरोसा दिलाया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। जब शुक्रवार को निगम की टीम अंतिम नोटिस लेकर पहुंची तो इसी मुद्दे को लेकर लोगों ने विरोध जताया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नोटिस देने पहुंची थी नगर निगम की टीम जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह, इंजीनियरों और करीब 25 से 30 कर्मचारियों की टीम डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पहुंची थी। उद्देश्य बकायादार हितग्राहियों को अंतिम नोटिस देना और बकाया राशि जमा कराने के लिए समझाइश देना था। इसी दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हुई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। पथराव के बाद कर्मचारियों को भागकर बचानी पड़ी जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद भीड़ ने निगम कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया। गमले फेंके गए और लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कई कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। पत्रकार भी हुए घायल, बाद में पहुंची पुलिस हंगामे के दौरान कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी हमले में घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने के बाद नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक अधिकांश उपद्रवी वहां से जा चुके थे। पुलिस सुरक्षा में दोबारा हुई कार्रवाई स्थिति सामान्य होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने दोबारा कार्रवाई शुरू की। बकायादार हितग्राहियों के फ्लैटों पर अंतिम नोटिस चस्पा किए गए और कुछ मामलों में बिजली कनेक्शन भी काटे गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव के 208 हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर करीब 1.80 लाख रुपये की बकाया राशि जमा करने का अंतिम नोटिस दिया है। यदि तय समय तक भुगतान नहीं किया गया तो 4 अगस्त 2026 से फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम आयुक्त ने क्या कहा नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि वर्ष 2019 में इन फ्लैटों की लागत करीब सात लाख रुपये थी, लेकिन पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता से लगभग दो लाख रुपये में आवास उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि निगम की टीम फ्लैट खाली कराने नहीं, बल्कि लोगों को बकाया राशि जमा कर रजिस्ट्री कराने के लिए समझाने पहुंची थी। कर्मचारियों पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर रही वीडियो के आधार पर जांच सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के अनुसार, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी

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