MP Weather: मध्य प्रदेश मौसम अलर्ट: 48 घंटे भारी, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से किसानों पर संकट

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। उत्तर भारत से सक्रिय होकर आगे बढ़े पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वीडियो देखिए अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए संवेदनशील रहेंगे। कई जिलों में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है और ठंड का असर बढ़ेगा। 23-24 फरवरी को फिर बदलेगा मौसम एक नया पश्चिमी विक्षोभ 23 फरवरी से सक्रिय होगा। इन जिलों में ओलावृष्टि की आशंका राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी के कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। आंधी-तूफान का अलर्ट ग्वालियर, भिंड, दतिया और मुरैना में तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इन शहरों में हल्की बारिश इंदौर, भोपाल और उज्जैन में आंशिक बादल छाए रहेंगे, साथ ही कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए खतरे की घंटी फरवरी में तीसरी बार मौसम बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल पर बारिश और ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान हो सकता है।कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक: सलाह:किसान 23 फरवरी से पहले फसल की कटाई पूरी कर लें और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें। पिछले 48 घंटे का हाल प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। उज्जैन, मंदसौर, धार, शिवपुरी, ग्वालियर, भोपाल समेत 25 जिलों के करीब 80 शहरों में बारिश हुई।श्योपुर में 63 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चली और कई गांवों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने कई क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। तापमान में गिरावट बारिश और ठंडी हवाओं के कारण अधिकांश शहरों में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 28°C और न्यूनतम 17°C रहने का अनुमान है।

MP Weather Update: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बढ़ा बारिश का खतरा,मध्यप्रदेश में कब तक बरसेगी बारिश? IMD ने दी बड़ी चेतावनी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने दोहरे सिस्टम के असर से राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे ठंडक में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बारिश और ठंड दोनों का असर बढ़ सकता है। दो सिस्टमों का डबल इफेक्ट मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस समय प्रदेश पर दो प्रमुख मौसम प्रणालियों का असर है। इन दोनों सिस्टमों से लगातार नमी आ रही है, जिससे आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। नवंबर में दस्तक देगा पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दस्तक देगा, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा।इससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।1 से 4 नवंबर के बीच कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।इसके साथ ही दिन और रात का तापमान गिरने से ठंड का असर भी बढ़ेगा। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वे हैं —भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीधी, रीवा, विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगौन, आगर, मंदसौर, नीमच, मऊगंज, अनुपपुर, गुना, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली और शहडोल। किसानों और आम जनता के लिए चेतावनी मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार बारिश से फसलों को नुकसान की संभावना है।किसानों को सलाह दी गई है कि वे साथ ही, आम जनता को भी बिजली कड़कने, तेज हवा और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।

Heat Waves Alert: रतलाम, मंदसौर और निमच में अगले दो दिन हीटवेव की चेतावनी, तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने के आसार

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Heat Waves Alert: मध्यप्रदेश में गर्मी ने दस्तक दे दी है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 39 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। 29 अप्रैल 2025 को शाम 5:30 बजे तक गुना में सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री दर्ज किया गया। बीते 24 घंटों में तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया है। राज्य के ग्वालियर, गुना, रतलाम, उज्जैन, सागर और टीकमगढ़ जिलों में सामान्य से अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है, जबकि शेष जिलों में तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। तापमान पूर्वानुमान:भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य सीमा में रहने की संभावना है, लेकिन यह 39 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हीटवेव चेतावनी:आगामी दो दिनों में रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लू चलने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। सावधानियां व सुझाव:

MP Weather Update: एमपी में भीषण गर्मी का कहर: 13 जिलों में पारा 40 के पार, दो जिलों में लू, कुछ इलाकों में बारिश का अलर्ट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को प्रदेश के 13 जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे अधिक तापमान रतलाम में 42.6 डिग्री और नर्मदापुरम में 42.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जहां लू जैसे हालात बने रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ने की चेतावनी जारी की है। भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में पहली बार 40 के पार पाराइस सीजन में पहली बार भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों का तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल में रविवार को तापमान 40.5 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री और उज्जैन में 40.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं इंदौर और जबलपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में रहे, जहां तापमान क्रमशः 39.8 और 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रात में भी नहीं मिल रही राहतगर्मी का असर रात के तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। धार में रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे गर्म रातों में से एक रही। हालांकि पचमढ़ी में रविवार को प्रदेश का सबसे कम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो थोड़ी राहत देने वाला रहा। लू और बारिश दोनों का अलर्ट जारीमौसम विभाग के मुताबिक, 9 अप्रैल को बालाघाट, डिंडोरी, सिंगरौली, मंडला और अनूपपुर जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, राजस्थान से सटे एमपी के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को गर्मी और लू से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगले 3 दिन सतर्क रहेंविशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन दिन तक प्रदेश में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर बना रहेगा। दिन में बाहर निकलने से बचें, धूप में छाता या टोपी का उपयोग करें और पानी की कमी न होने दें। ताजा मौसम अपडेट और अलर्ट के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।

MP Weather: MP में 27-31 मार्च के बीच लू के आसार, रतलाम-नर्मदापुरम सबसे गर्म, भोपाल-इंदौर में भी बढ़ेगी गर्मी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश और ओलों का दौर थमते ही गर्मी ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री के पार पहुंच चुका है। रतलाम में लगातार दूसरे दिन तापमान 39 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में भी गर्मी तीखी बनी रही। मौसम विभाग ने 27 से 31 मार्च के बीच लू चलने की संभावना जताई है, खासतौर पर मालवा-निमाड़ के जिलों रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार में लू का असर ज्यादा रह सकता है।   मौसम विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 40 डिग्री के पार जा सकता है। सोमवार को रतलाम में सबसे अधिक 39.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.9 डिग्री, धार में 38.6 डिग्री, खरगोन में 37.2 डिग्री, शाजापुर में 37.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।     बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.5 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री और जबलपुर में 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।   अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम   25 मार्च को गर्मी का असर रहेगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।   26 मार्च को तीखी धूप के कारण गर्मी और बढ़ेगी, बारिश की संभावना नहीं है।   मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन लू चलने की संभावना जताई है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा रहेगा, जिससे 30 से 35 दिन तक गर्म हवाएं चल सकती हैं।   भोपाल में मार्च में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का भी ट्रेंड है। 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान 41 डिग्री पहुंचा था। 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री तक गिर गया था। 2014 से 2023 के बीच अधिकतर बार तापमान 38 से 41 डिग्री के बीच रहा।   इंदौर में मार्च में गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है।   ग्वालियर में 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी।   जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है।   उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।   गर्मी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें, ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें, धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें और जरूरत हो तो ओआरएस या इलेक्ट्रॉल का सेवन करें।  

Weather Update: भारत के शहर भीषण गर्मी से निपटने को तैयार नहीं, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Update: भारत के प्रमुख शहरों में भीषण गर्मी से बचाव के लिए दीर्घकालिक समाधान की कमी है। सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता सिर्फ तत्काल राहत देने वाले उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली रणनीतियों की कमी बनी हुई है।    9 प्रमुख शहरों का अध्ययन, स्थिति चिंताजनक   रिपोर्ट में दिल्ली, बेंगलुरु, फरीदाबाद, ग्वालियर, कोटा, लुधियाना, मेरठ, मुंबई और सूरत में गर्मी से बचाव की तैयारियों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि इन शहरों में पानी की उपलब्धता, कार्यस्थल समय में बदलाव और अस्पतालों की तैयारियों जैसे तात्कालिक उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन हीट एक्शन प्लान को लेकर कोई ठोस दीर्घकालिक नीति नहीं बनाई गई है।   हीटवेव का खतरा बढ़ेगा, समाधान जरूरी   विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में हीटवेव की तीव्रता और अवधि बढ़ने की आशंका है। यदि शहरी नियोजन में बदलाव, ग्रीन कवर बढ़ाने, ऊर्जा व्यवस्था मजबूत करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गर्मी से होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।   संस्थान और प्रशासन में तालमेल की कमी   रिपोर्ट में बताया गया कि नगर निकाय और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय की भारी कमी है। हीट एक्शन प्लान का संस्थागत ढांचा कमजोर है और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नजर आती है।   क्या करने की जरूरत? रिपोर्ट में अहम सुझाव   1. स्थानीय प्रशासन को दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी, जिसमें ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, गर्मी सहन करने योग्य इमारतें और सार्वजनिक स्थानों को अधिक आरामदायक बनाने पर जोर दिया जाए।   2. आपदा प्रबंधन निधि से हीटवेव से निपटने के लिए धन जुटाने की व्यवस्था करनी होगी।   3. हीट ऑफिसर्स की नियुक्ति कर उनके अधिकार बढ़ाने होंगे, ताकि वे गर्मी से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।   4. शहरी नियोजन में बदलाव कर गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी होगी।   हीटवेव से बचने के लिए ठोस रणनीति जरूरी   सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को भीषण गर्मी से बचने के लिए तत्काल उपायों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक समाधान अपनाने होंगे। अन्यथा, भविष्य में गर्मी का संकट और गंभीर हो सकता है।  

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, नया सिस्टम एक्टिव, इन 7 जिलों में बारिश का अलर्ट  

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। शनिवार को भिंड जिले के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई, वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।   मौसम विभाग ने बताई बारिश की वजह   भारतीय मौसम विभाग आईएमडी के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण चंबल संभाग में बारिश हुई। भिंड के अटेर क्षेत्र में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा, देश के पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट देखी गई।   अगले 24 घंटे में इन जिलों में बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, झाबुआ और रतलाम जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।   तापमान का हाल: नर्मदापुरम सबसे गर्म, शहडोल सबसे ठंडा   शनिवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   कन्नौद, खजुराहो और टीकमगढ़ में 39.6 डिग्री सेल्सियस, जबकि राजगढ़, नौगांव, शिवपुरी और कल्याणपुर में तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।   शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।   मार्च के तापमान रिकॉर्ड   सबसे अधिक तापमान 30 मार्च 2021 को 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।   सबसे कम तापमान 9 मार्च 1979 को 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था।   पश्चिमी विक्षोभ का असर, बढ़ सकती है हीट वेव   वर्तमान में पश्चिमी अफगानिस्तान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से गुजरात और राजस्थान की गर्म हवाएं मध्यप्रदेश तक पहुंच रही हैं, जिससे राज्य में तापमान बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश में भी हीट वेव का असर दिख सकता है।   क्यों जरूरी है यह अलर्ट   यदि आप भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, झाबुआ या रतलाम में रहते हैं, तो हल्की बारिश के लिए तैयार रहें।   गर्मी से बचने के लिए धूप में निकलते समय सावधानी बरतें और हाइड्रेटेड रहें।   मौसम अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक रिपोर्ट्स पर नजर रखें।  

MP Weather: ठंड में मावठे की दस्तक; मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, ओले गिरने की संभावना

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में 24 से 28 दिसंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।  पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और ओले की चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रहा है। इसका असर पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों हिस्सों में देखने को मिलेगा।  भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, विदिशा, सागर, दमोह और सतना जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है।  इन जिलों में रहेगा बारिश का असरमौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, दतिया, नरसिंहपुर, सतना, छतरपुर, पन्ना, डिंडोरी, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में 28 दिसंबर तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।  कोहरे का कहर जारीबारिश के साथ-साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा। ग्वालियर, मुरैना और भिंड में सुबह से ही कोहरे की स्थिति बनी हुई है। ठंड बढ़ने से कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा।  कब पड़ेगी कड़ाके की ठंड?मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का असर खत्म होते ही प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट हो सकती है। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड शुरू होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों का मौसम का हाल24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, खरगोन, विदिशा, गुना और अशोकनगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।  25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, अशोकनगर और गुना में घना कोहरा छाया रह सकता है।  26 दिसंबर: इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर और गुना में हल्की बारिश का दौर रहेगा। इनमें से अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।  27 दिसंबर: इस दिन मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, बारिश और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, जबलपुर, कटनी और उमरिया में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।  27 दिसंबर को स्ट्रॉन्ग सिस्टम का अलर्टमौसम विभाग ने 27 दिसंबर को प्रदेश में सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहने का अनुमान जताया है। इस दिन भोपाल और ग्वालियर समेत 21 जिलों में ओले गिरने और भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के महीने में प्रदेश में बारिश होना सामान्य है और पिछले 10 वर्षों से ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। क्या करें सावधानियां?1. बारिश और ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।  2. किसान अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतें।  3. कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष ध्यान रखें।

MP Monsoon Update: 27 जिलों में बारिश, 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

भोपाल – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बीच एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। राज्य के 46 जिलों से मानसून लौट चुका है, लेकिन वर्तमान में बने 2 सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। रतलाम और आगर मालवा में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। उज्जैन, धार और गुना समेत 27 जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। रतलाम और आगर मालवा में तेज बारिश, उज्जैन-धार में भी पानी गिरारतलाम और आगर मालवा में रविवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। उज्जैन और गुना में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। धार जिले के मनावर में शनिवार रात को करीब डेढ़ घंटे तक बारिश हुई। इंदौर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। क्यों हो रही है बारिश?मौसम वैज्ञानिको ने बताया कि अरब सागर में बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं नमी लेकर आ रही हैं, जिससे इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर और शहडोल संभागों में बारिश हो रही है। यह स्थिति 15 अक्टूबर तक बनी रहेगी। मानसून विदाई की स्थितिमौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश के 46 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। 2 अक्टूबर को ग्वालियर, मुरैना, भिंड समेत 6 जिलों से और 5 अक्टूबर को भोपाल, इंदौर, रतलाम सहित 28 जिलों से मानसून लौट गया था। 11 अक्टूबर तक जबलपुर, शहडोल, रीवा संभाग के भी कई जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 3 दिन बाद पूरी तरह विदा होगा मानसूनमौसम विभाग ने 13, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश में गरज-चमक और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद मध्यप्रदेश से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। बारिश का असरप्रदेश में इस साल औसतन 44.1 इंच बारिश हुई है। जबलपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसमें मंडला जिले में 60.6 इंच से ज्यादा और सिवनी में 56.8 इंच बारिश हुई है। श्योपुर, निवाड़ी और राजगढ़ में भी 52 इंच से ज्यादा बारिश हुई है। भोपाल, सागर, अलीराजपुर, डिंडौरी और छिंदवाड़ा भी सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में शामिल हैं। अगले सप्ताह ठंड बढ़ने के आसारमौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद प्रदेश में ठंडक बढ़ने लगेगी। रात के तापमान में गिरावट आकर यह 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे जा सकता है। हालांकि, दिन का तापमान 33-34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। अक्टूबर के अंत तक दिन के तापमान में भी कमी आने लगेगी। अगले तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा, जिसके बाद मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को मौसम में बदलाव का अहसास होगा।

Heavy Rain in Ratlam: रतलाम में रविवार को मूसलाधार बारिश, किसानों की सोयाबीन भीगी, बाइक सवार गिरे नाले में, बिजली भी गिरी

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Heavy Rain in Ratlam: शहर में रविवार को भारी बारिश हुई, जिसने शहर की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया। दोपहर 2 बजे के बाद शुरू हुई हल्की बारिश ने शाम 4:30 बजे के आसपास मूसलाधार रूप धारण कर लिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बादल फट गए हों, क्योंकि दो घंटे तक लगातार तेज बारिश होती रही, इस दौरान लगभग 2 इंच बारिश दर्ज की गई। रतलाम में अब तक 43.88 इंच के करीब वर्षा हो चुकी है, जो की सामान्य से 7.96 इंच ज्यादा है। तेज बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में पानी भर गया। खासतौर पर अलकापुरी क्षेत्र में बिजली गिरने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई, और अन्य क्षेत्र भी प्रभावित हुए। हालांकी इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं बारिश के बीच नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के बाजना बस स्टैंड क्षेत्र में राहगीर खुले नाले में  बाइक सहित गिर गए, जिन्हें आसपास के लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। निचले क्षेत्र जलमग्नशहर के पावर हाउस रोड, डॉट की पुलिया, न्यू रोड, बाजना बस स्टैंड, बड़बड़ और अन्य क्षेत्रों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। घने अंधेरे और जलभराव के कारण वाहन चालकों को अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े, और कई जगहों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असररतलाम से 8 किलोमीटर दूर पलसोड़ा गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गया। यहां का मुख्य चौराहा पानी से भर गया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा तक पानी आ गया। गांव के सड़क मार्गों का संपर्क टूट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। नामली में भी सड़कों की हालत नदियों की तरह हो गई। खेतों में पानी, सोयाबीन की फसलें प्रभावितरतलाम के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी खेतों में पानी भर गया। सोयाबीन की फसलें भीग गईं और कई किसानों की फसलें खराब हो गईं। कटाई के बाद खेतों में रखे सोयाबीन भी पानी में डूबने से नुकसान हो गया। कुछ वीडियो में सोयाबीन की फसलें पानी में बहकर भी जाती हुई दिखाई दी। जाते मानसून ने कई किसानों को प्रभावित किया है। सितंबर के अंत में हुई इस भारी बारिश ने रतलाम शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को काफी प्रभावित किया। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, और खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।