MP Weather: MP में 27-31 मार्च के बीच लू के आसार, रतलाम-नर्मदापुरम सबसे गर्म, भोपाल-इंदौर में भी बढ़ेगी गर्मी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश और ओलों का दौर थमते ही गर्मी ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री के पार पहुंच चुका है। रतलाम में लगातार दूसरे दिन तापमान 39 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में भी गर्मी तीखी बनी रही। मौसम विभाग ने 27 से 31 मार्च के बीच लू चलने की संभावना जताई है, खासतौर पर मालवा-निमाड़ के जिलों रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार में लू का असर ज्यादा रह सकता है।   मौसम विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 40 डिग्री के पार जा सकता है। सोमवार को रतलाम में सबसे अधिक 39.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.9 डिग्री, धार में 38.6 डिग्री, खरगोन में 37.2 डिग्री, शाजापुर में 37.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।     बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.5 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री और जबलपुर में 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।   अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम   25 मार्च को गर्मी का असर रहेगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।   26 मार्च को तीखी धूप के कारण गर्मी और बढ़ेगी, बारिश की संभावना नहीं है।   मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन लू चलने की संभावना जताई है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा रहेगा, जिससे 30 से 35 दिन तक गर्म हवाएं चल सकती हैं।   भोपाल में मार्च में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का भी ट्रेंड है। 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान 41 डिग्री पहुंचा था। 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री तक गिर गया था। 2014 से 2023 के बीच अधिकतर बार तापमान 38 से 41 डिग्री के बीच रहा।   इंदौर में मार्च में गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है।   ग्वालियर में 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी।   जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है।   उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।   गर्मी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें, ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लें, धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछा इस्तेमाल करें और जरूरत हो तो ओआरएस या इलेक्ट्रॉल का सेवन करें।  

Weather Update: भारत के शहर भीषण गर्मी से निपटने को तैयार नहीं, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Update: भारत के प्रमुख शहरों में भीषण गर्मी से बचाव के लिए दीर्घकालिक समाधान की कमी है। सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता सिर्फ तत्काल राहत देने वाले उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली रणनीतियों की कमी बनी हुई है।    9 प्रमुख शहरों का अध्ययन, स्थिति चिंताजनक   रिपोर्ट में दिल्ली, बेंगलुरु, फरीदाबाद, ग्वालियर, कोटा, लुधियाना, मेरठ, मुंबई और सूरत में गर्मी से बचाव की तैयारियों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि इन शहरों में पानी की उपलब्धता, कार्यस्थल समय में बदलाव और अस्पतालों की तैयारियों जैसे तात्कालिक उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन हीट एक्शन प्लान को लेकर कोई ठोस दीर्घकालिक नीति नहीं बनाई गई है।   हीटवेव का खतरा बढ़ेगा, समाधान जरूरी   विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में हीटवेव की तीव्रता और अवधि बढ़ने की आशंका है। यदि शहरी नियोजन में बदलाव, ग्रीन कवर बढ़ाने, ऊर्जा व्यवस्था मजबूत करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गर्मी से होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।   संस्थान और प्रशासन में तालमेल की कमी   रिपोर्ट में बताया गया कि नगर निकाय और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय की भारी कमी है। हीट एक्शन प्लान का संस्थागत ढांचा कमजोर है और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नजर आती है।   क्या करने की जरूरत? रिपोर्ट में अहम सुझाव   1. स्थानीय प्रशासन को दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी, जिसमें ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, गर्मी सहन करने योग्य इमारतें और सार्वजनिक स्थानों को अधिक आरामदायक बनाने पर जोर दिया जाए।   2. आपदा प्रबंधन निधि से हीटवेव से निपटने के लिए धन जुटाने की व्यवस्था करनी होगी।   3. हीट ऑफिसर्स की नियुक्ति कर उनके अधिकार बढ़ाने होंगे, ताकि वे गर्मी से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।   4. शहरी नियोजन में बदलाव कर गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी होगी।   हीटवेव से बचने के लिए ठोस रणनीति जरूरी   सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को भीषण गर्मी से बचने के लिए तत्काल उपायों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक समाधान अपनाने होंगे। अन्यथा, भविष्य में गर्मी का संकट और गंभीर हो सकता है।  

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, नया सिस्टम एक्टिव, इन 7 जिलों में बारिश का अलर्ट  

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। शनिवार को भिंड जिले के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई, वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।   मौसम विभाग ने बताई बारिश की वजह   भारतीय मौसम विभाग आईएमडी के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण चंबल संभाग में बारिश हुई। भिंड के अटेर क्षेत्र में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा, देश के पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट देखी गई।   अगले 24 घंटे में इन जिलों में बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, झाबुआ और रतलाम जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।   तापमान का हाल: नर्मदापुरम सबसे गर्म, शहडोल सबसे ठंडा   शनिवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   कन्नौद, खजुराहो और टीकमगढ़ में 39.6 डिग्री सेल्सियस, जबकि राजगढ़, नौगांव, शिवपुरी और कल्याणपुर में तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।   शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।   मार्च के तापमान रिकॉर्ड   सबसे अधिक तापमान 30 मार्च 2021 को 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।   सबसे कम तापमान 9 मार्च 1979 को 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था।   पश्चिमी विक्षोभ का असर, बढ़ सकती है हीट वेव   वर्तमान में पश्चिमी अफगानिस्तान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से गुजरात और राजस्थान की गर्म हवाएं मध्यप्रदेश तक पहुंच रही हैं, जिससे राज्य में तापमान बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश में भी हीट वेव का असर दिख सकता है।   क्यों जरूरी है यह अलर्ट   यदि आप भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, झाबुआ या रतलाम में रहते हैं, तो हल्की बारिश के लिए तैयार रहें।   गर्मी से बचने के लिए धूप में निकलते समय सावधानी बरतें और हाइड्रेटेड रहें।   मौसम अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक रिपोर्ट्स पर नजर रखें।  

MP Weather: ठंड में मावठे की दस्तक; मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, ओले गिरने की संभावना

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में 24 से 28 दिसंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।  पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और ओले की चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रहा है। इसका असर पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों हिस्सों में देखने को मिलेगा।  भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, विदिशा, सागर, दमोह और सतना जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है।  इन जिलों में रहेगा बारिश का असरमौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, दतिया, नरसिंहपुर, सतना, छतरपुर, पन्ना, डिंडोरी, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में 28 दिसंबर तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।  कोहरे का कहर जारीबारिश के साथ-साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा। ग्वालियर, मुरैना और भिंड में सुबह से ही कोहरे की स्थिति बनी हुई है। ठंड बढ़ने से कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा।  कब पड़ेगी कड़ाके की ठंड?मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का असर खत्म होते ही प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट हो सकती है। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड शुरू होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों का मौसम का हाल24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, खरगोन, विदिशा, गुना और अशोकनगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।  25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, अशोकनगर और गुना में घना कोहरा छाया रह सकता है।  26 दिसंबर: इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर और गुना में हल्की बारिश का दौर रहेगा। इनमें से अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।  27 दिसंबर: इस दिन मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, बारिश और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, जबलपुर, कटनी और उमरिया में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।  27 दिसंबर को स्ट्रॉन्ग सिस्टम का अलर्टमौसम विभाग ने 27 दिसंबर को प्रदेश में सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहने का अनुमान जताया है। इस दिन भोपाल और ग्वालियर समेत 21 जिलों में ओले गिरने और भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के महीने में प्रदेश में बारिश होना सामान्य है और पिछले 10 वर्षों से ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। क्या करें सावधानियां?1. बारिश और ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।  2. किसान अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतें।  3. कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष ध्यान रखें।

MP Monsoon Update: 27 जिलों में बारिश, 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

भोपाल – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बीच एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। राज्य के 46 जिलों से मानसून लौट चुका है, लेकिन वर्तमान में बने 2 सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। रतलाम और आगर मालवा में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। उज्जैन, धार और गुना समेत 27 जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। रतलाम और आगर मालवा में तेज बारिश, उज्जैन-धार में भी पानी गिरारतलाम और आगर मालवा में रविवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। उज्जैन और गुना में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। धार जिले के मनावर में शनिवार रात को करीब डेढ़ घंटे तक बारिश हुई। इंदौर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। क्यों हो रही है बारिश?मौसम वैज्ञानिको ने बताया कि अरब सागर में बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं नमी लेकर आ रही हैं, जिससे इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर और शहडोल संभागों में बारिश हो रही है। यह स्थिति 15 अक्टूबर तक बनी रहेगी। मानसून विदाई की स्थितिमौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश के 46 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। 2 अक्टूबर को ग्वालियर, मुरैना, भिंड समेत 6 जिलों से और 5 अक्टूबर को भोपाल, इंदौर, रतलाम सहित 28 जिलों से मानसून लौट गया था। 11 अक्टूबर तक जबलपुर, शहडोल, रीवा संभाग के भी कई जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 3 दिन बाद पूरी तरह विदा होगा मानसूनमौसम विभाग ने 13, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश में गरज-चमक और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद मध्यप्रदेश से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। बारिश का असरप्रदेश में इस साल औसतन 44.1 इंच बारिश हुई है। जबलपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसमें मंडला जिले में 60.6 इंच से ज्यादा और सिवनी में 56.8 इंच बारिश हुई है। श्योपुर, निवाड़ी और राजगढ़ में भी 52 इंच से ज्यादा बारिश हुई है। भोपाल, सागर, अलीराजपुर, डिंडौरी और छिंदवाड़ा भी सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में शामिल हैं। अगले सप्ताह ठंड बढ़ने के आसारमौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद प्रदेश में ठंडक बढ़ने लगेगी। रात के तापमान में गिरावट आकर यह 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे जा सकता है। हालांकि, दिन का तापमान 33-34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। अक्टूबर के अंत तक दिन के तापमान में भी कमी आने लगेगी। अगले तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा, जिसके बाद मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को मौसम में बदलाव का अहसास होगा।

Heavy Rain in Ratlam: रतलाम में रविवार को मूसलाधार बारिश, किसानों की सोयाबीन भीगी, बाइक सवार गिरे नाले में, बिजली भी गिरी

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Heavy Rain in Ratlam: शहर में रविवार को भारी बारिश हुई, जिसने शहर की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया। दोपहर 2 बजे के बाद शुरू हुई हल्की बारिश ने शाम 4:30 बजे के आसपास मूसलाधार रूप धारण कर लिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बादल फट गए हों, क्योंकि दो घंटे तक लगातार तेज बारिश होती रही, इस दौरान लगभग 2 इंच बारिश दर्ज की गई। रतलाम में अब तक 43.88 इंच के करीब वर्षा हो चुकी है, जो की सामान्य से 7.96 इंच ज्यादा है। तेज बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में पानी भर गया। खासतौर पर अलकापुरी क्षेत्र में बिजली गिरने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई, और अन्य क्षेत्र भी प्रभावित हुए। हालांकी इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं बारिश के बीच नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के बाजना बस स्टैंड क्षेत्र में राहगीर खुले नाले में  बाइक सहित गिर गए, जिन्हें आसपास के लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। निचले क्षेत्र जलमग्नशहर के पावर हाउस रोड, डॉट की पुलिया, न्यू रोड, बाजना बस स्टैंड, बड़बड़ और अन्य क्षेत्रों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। घने अंधेरे और जलभराव के कारण वाहन चालकों को अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े, और कई जगहों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असररतलाम से 8 किलोमीटर दूर पलसोड़ा गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गया। यहां का मुख्य चौराहा पानी से भर गया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा तक पानी आ गया। गांव के सड़क मार्गों का संपर्क टूट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। नामली में भी सड़कों की हालत नदियों की तरह हो गई। खेतों में पानी, सोयाबीन की फसलें प्रभावितरतलाम के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी खेतों में पानी भर गया। सोयाबीन की फसलें भीग गईं और कई किसानों की फसलें खराब हो गईं। कटाई के बाद खेतों में रखे सोयाबीन भी पानी में डूबने से नुकसान हो गया। कुछ वीडियो में सोयाबीन की फसलें पानी में बहकर भी जाती हुई दिखाई दी। जाते मानसून ने कई किसानों को प्रभावित किया है। सितंबर के अंत में हुई इस भारी बारिश ने रतलाम शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को काफी प्रभावित किया। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, और खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

MP Weather Alert: अगले 2 दिन मौसम रहेगा खराब या निकलेगी धूप, इन जिलों में बारिश का अलर्ट

उज्जैन में रामघाट डूबा, रतलाम की सड़कों पर भरा पानी: कई जिलों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश; अब तक 17% ज्यादा बरसा मानसून भोपाल – पब्लिक वार्ता,MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में एक बार फिर से जोरदार बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में 2 दिन के लिए मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। मध्यप्रदेश में रविवार को उज्जैन, ग्वालियर और रतलाम समेत कुछ जिलों में बारिश हुई। उज्जैन में शिप्रा का रामघाट डूब गया। रतलाम में दोपहर में तेज बारिश से शहर की सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई। शाम 5:30 बजे अंधेरा सा छा गया, जिसके चलते वाहनों चालकों को हेडलाइट्स ऑन कर गाड़ियां चलानी पड़ी। कई जगह गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली भी गिरी है। किन जिलों में बारिश का अलर्ट?मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम यूपी पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। रतलाम में अब तक 42.81 इंच के करीब वर्षा हो चुकी है, जो की सामान्य से 6.96 इंच ज्यादा है। 30 सितंबर को इन जिलों में बारिश की संभावनाभोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, मंदसौर, शाजापुर, आगर मालवा। 1 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश का पूर्वानुमानमंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योंपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुरना। प्रदेश में अब तक कितनी हुई बारिश?मध्य प्रदेश में 1 जून से 27 सितंबर तक औसत से 17% अधिक बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 13% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19% अधिक बारिश हो चुकी है। इस साल अब तक प्रदेश में 43.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्यतः इस अवधि में 37.2 इंच बारिश होती है। यह सामान्य से 17% ज्यादा है। मंडला ऐसा जिला है, जहां सबसे ज्यादा 60.5 इंच पानी गिर चुका है। सिवनी प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। यहां 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। विशेष रूप से श्योपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है, जहां औसत से 98% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां 657.3 मिमी की तुलना में 1320.2 मिमी बारिश हो चुकी है। वहीं, रीवा, इंदौर और उज्जैन में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश में मानसून के इस आखिरी दौर के बाद 1 अक्टूबर से मौसम के साफ होने की संभावना है।

MP WEATHER : अगले 2 दिनों तक प्रदेश में रहेगा बारिश का दौर, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल -पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Weather:  शुक्रवार को भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। खजुराहो और टीकमगढ़ में 1 इंच, जबकि नर्मदापुरम में 0.75 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने उज्जैन, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी, गुना, शिवपुरी, निवाड़ी, और टीकमगढ़ में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अब तक औसत 42.6 इंच वर्षा हो चुकी है, जिसमें मंडला में सबसे अधिक 59.5 इंच बारिश हुई है। रतलाम (Ratlam) में इस मानसून के दौरान लगभग 42 इंच बारिश दर्ज की गई है। सायसर (वायुमंडलीय दबाव) और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण अगले दो दिन तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, उसके बाद सिस्टम कमजोर हो सकता है। अगले 24 घंटों में उज्जैन, अलीराजपुर, और रतलाम जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि मंडला, डिंडौरी, और अनूपपुर में धूप खिलने की संभावना है। भोपाल और इंदौर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहेगी, जबकि 28 सितंबर को इंदौर और उज्जैन संभागों में फिर से बारिश की संभावना है।  29 और 30 सितंबर को मौसम साफ होने की संभावना है।

MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: भोपाल-इंदौर समेत 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क।  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain in MP) का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग के जिलों में अगले 24 घंटों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 15% अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिससे जलस्तर बढ़ने के साथ ही जनजीवन पर असर पड़ा है। (MP Weather) अलर्ट वाले जिलेबैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, मऊगंज, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला और सागर जैसे जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को इंदौर-उज्जैन संभाग और 28 सितंबर को जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की संभावना जताई है। मौसम प्रणालियों का असरमौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात बना हुआ है, जो प्रदेश में बारिश का प्रमुख कारण है। इसके साथ ही कोंकण से लेकर बांग्लादेश तक फैली द्रोणिका (ट्रफ लाइन) और तेलंगाना के पास बनी शियर जोन भी बारिश को प्रबल कर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण राज्यभर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। अब तक हुई वर्षाप्रदेश में 1 जून से 25 सितंबर तक कुल 1074.8 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 937.9 मिमी. से 15% अधिक है। प्रमुख जिलों की बात करें तो खंडवा में 56 मिमी, मंडला में 30 मिमी, दमोह और उमरिया में 18 मिमी, पचमढ़ी में 17 मिमी, और इंदौर में 8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। आने वाले दिनों का पूर्वानुमानमौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में रुक-रुककर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, क्योंकि कहीं-कहीं बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। मानसून की विदाईसितंबर का चौथा मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय होने के बाद, अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून की विदाई की संभावना है।

मौसम की मार : तपती गर्मी में अचानक शुरू हुई तेज बारिश, सैलाना में आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

रतलाम समेत कई जिलों में अलर्ट जारी, सप्ताह भर ऐसा ही रहेगा मौसम पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिन से आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिन तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहने की चेतावनी दी है। मध्य प्रदेश में 10 से 13 अप्रैल तक मौसम खराब रहने पूर्वानुमान है। रतलाम के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। जिले में शाम 5 बजे से शुरू हुई तेज बारिश ने सभी को हैरत में डाल दिया। रुक रुक कर तेज बारिश होती रही। जिले के ग्रामीण में ओला वृष्टि भी देखी गई। आपको बता दे बुधवार से प्रदेश में बेमौसम बारिश का मौसम जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में 21 जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। जिले के सैलाना में एक युवक पर आकाशीय बिजली गिर जाने से उसकी मृत्यु हो गई। मिली जानकारी के अनुसार सैलाना की गीताभवन गली निवासी अंकित पिता प्रकाश रजक उम्र23 वर्ष बायपास रोड पर बन्टी ढाबे के पास था कि उस पर बिजली गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। युवक के शव को मेडीकल कालेज ले जाया गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और अरब सागर, बंगाल की खाड़ी से नम हवाओं के आने से मध्य प्रदेश में तीन दिन मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है।  यही नहीं राजस्थान और महाराष्ट्र के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। 10-11 अप्रैल को एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे मौजूदा सिस्टम और भी मजबूत हो जाएगा। इस कारण एक सप्ताह तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां बारिश का अनुमानवर्षा या गरज चमक के साथ बौछारों का कई जिलों में अनुमान है। इनमें शहडोल और उज्जैन संभाग, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, पन्ना, दमोह और सागर शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के जिलों में, रायसेन, सिहोर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा शामिल हैं। यहां के लिए चेतावनी बिजली गिरने के साथ आंधी शहडोल संभाग के जिलों में, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगौन, बड़वानी झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, अगरमालवा, मंदसौर, नीमच, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, पन्ना, दमोह और सागर जिलों में । ओलावृष्टि व वज्रपात के साथ आंधी रायसेन सिहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, नारसिंहपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर और बालाघाट जिलों में।  यहां पर ओलावृष्टि का रेड अलर्टबैतूल छिंदवाड़ा सिकनी और पांढुर्णा जिलों में। 

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