MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, नया सिस्टम एक्टिव, इन 7 जिलों में बारिश का अलर्ट  

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। शनिवार को भिंड जिले के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई, वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।   मौसम विभाग ने बताई बारिश की वजह   भारतीय मौसम विभाग आईएमडी के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण चंबल संभाग में बारिश हुई। भिंड के अटेर क्षेत्र में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा, देश के पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते मध्यप्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट देखी गई।   अगले 24 घंटे में इन जिलों में बारिश का अलर्ट   मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, झाबुआ और रतलाम जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।   तापमान का हाल: नर्मदापुरम सबसे गर्म, शहडोल सबसे ठंडा   शनिवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   कन्नौद, खजुराहो और टीकमगढ़ में 39.6 डिग्री सेल्सियस, जबकि राजगढ़, नौगांव, शिवपुरी और कल्याणपुर में तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।   शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।   मार्च के तापमान रिकॉर्ड   सबसे अधिक तापमान 30 मार्च 2021 को 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।   सबसे कम तापमान 9 मार्च 1979 को 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था।   पश्चिमी विक्षोभ का असर, बढ़ सकती है हीट वेव   वर्तमान में पश्चिमी अफगानिस्तान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से गुजरात और राजस्थान की गर्म हवाएं मध्यप्रदेश तक पहुंच रही हैं, जिससे राज्य में तापमान बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश में भी हीट वेव का असर दिख सकता है।   क्यों जरूरी है यह अलर्ट   यदि आप भिंड, मुरैना, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, झाबुआ या रतलाम में रहते हैं, तो हल्की बारिश के लिए तैयार रहें।   गर्मी से बचने के लिए धूप में निकलते समय सावधानी बरतें और हाइड्रेटेड रहें।   मौसम अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक रिपोर्ट्स पर नजर रखें।  

MP Weather: ठंड में मावठे की दस्तक; मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट, ओले गिरने की संभावना

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन समेत अन्य जिलों में 24 से 28 दिसंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।  पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और ओले की चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रहा है। इसका असर पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश दोनों हिस्सों में देखने को मिलेगा।  भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, विदिशा, सागर, दमोह और सतना जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है।  इन जिलों में रहेगा बारिश का असरमौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, भिंड, दतिया, नरसिंहपुर, सतना, छतरपुर, पन्ना, डिंडोरी, शहडोल, अनूपपुर और उमरिया शामिल हैं। इन जिलों में 28 दिसंबर तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।  कोहरे का कहर जारीबारिश के साथ-साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा। ग्वालियर, मुरैना और भिंड में सुबह से ही कोहरे की स्थिति बनी हुई है। ठंड बढ़ने से कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रहा।  कब पड़ेगी कड़ाके की ठंड?मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का असर खत्म होते ही प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट हो सकती है। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड शुरू होने की संभावना है।  अगले 4 दिनों का मौसम का हाल24 दिसंबर: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, खरगोन, विदिशा, गुना और अशोकनगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अशोकनगर, निवाड़ी और छतरपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।  25 दिसंबर: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, अशोकनगर और गुना में घना कोहरा छाया रह सकता है।  26 दिसंबर: इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर और गुना में हल्की बारिश का दौर रहेगा। इनमें से अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।  27 दिसंबर: इस दिन मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, बारिश और गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, आगर-मालवा, नीमच, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, जबलपुर, कटनी और उमरिया में गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।  27 दिसंबर को स्ट्रॉन्ग सिस्टम का अलर्टमौसम विभाग ने 27 दिसंबर को प्रदेश में सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम रहने का अनुमान जताया है। इस दिन भोपाल और ग्वालियर समेत 21 जिलों में ओले गिरने और भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के महीने में प्रदेश में बारिश होना सामान्य है और पिछले 10 वर्षों से ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। क्या करें सावधानियां?1. बारिश और ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।  2. किसान अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतें।  3. कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष ध्यान रखें।

MP Monsoon Update: 27 जिलों में बारिश, 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

भोपाल – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| MP Monsoon Update: मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बीच एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है। राज्य के 46 जिलों से मानसून लौट चुका है, लेकिन वर्तमान में बने 2 सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। रतलाम और आगर मालवा में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। उज्जैन, धार और गुना समेत 27 जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। रतलाम और आगर मालवा में तेज बारिश, उज्जैन-धार में भी पानी गिरारतलाम और आगर मालवा में रविवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। उज्जैन और गुना में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। धार जिले के मनावर में शनिवार रात को करीब डेढ़ घंटे तक बारिश हुई। इंदौर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। क्यों हो रही है बारिश?मौसम वैज्ञानिको ने बताया कि अरब सागर में बने लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण दक्षिण-पश्चिमी हवाएं नमी लेकर आ रही हैं, जिससे इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर और शहडोल संभागों में बारिश हो रही है। यह स्थिति 15 अक्टूबर तक बनी रहेगी। मानसून विदाई की स्थितिमौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश के 46 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। 2 अक्टूबर को ग्वालियर, मुरैना, भिंड समेत 6 जिलों से और 5 अक्टूबर को भोपाल, इंदौर, रतलाम सहित 28 जिलों से मानसून लौट गया था। 11 अक्टूबर तक जबलपुर, शहडोल, रीवा संभाग के भी कई जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 3 दिन बाद पूरी तरह विदा होगा मानसूनमौसम विभाग ने 13, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश में गरज-चमक और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद मध्यप्रदेश से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। बारिश का असरप्रदेश में इस साल औसतन 44.1 इंच बारिश हुई है। जबलपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसमें मंडला जिले में 60.6 इंच से ज्यादा और सिवनी में 56.8 इंच बारिश हुई है। श्योपुर, निवाड़ी और राजगढ़ में भी 52 इंच से ज्यादा बारिश हुई है। भोपाल, सागर, अलीराजपुर, डिंडौरी और छिंदवाड़ा भी सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-10 जिलों में शामिल हैं। अगले सप्ताह ठंड बढ़ने के आसारमौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद प्रदेश में ठंडक बढ़ने लगेगी। रात के तापमान में गिरावट आकर यह 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे जा सकता है। हालांकि, दिन का तापमान 33-34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। अक्टूबर के अंत तक दिन के तापमान में भी कमी आने लगेगी। अगले तीन दिनों तक मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा, जिसके बाद मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को मौसम में बदलाव का अहसास होगा।

Heavy Rain in Ratlam: रतलाम में रविवार को मूसलाधार बारिश, किसानों की सोयाबीन भीगी, बाइक सवार गिरे नाले में, बिजली भी गिरी

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Heavy Rain in Ratlam: शहर में रविवार को भारी बारिश हुई, जिसने शहर की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया। दोपहर 2 बजे के बाद शुरू हुई हल्की बारिश ने शाम 4:30 बजे के आसपास मूसलाधार रूप धारण कर लिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बादल फट गए हों, क्योंकि दो घंटे तक लगातार तेज बारिश होती रही, इस दौरान लगभग 2 इंच बारिश दर्ज की गई। रतलाम में अब तक 43.88 इंच के करीब वर्षा हो चुकी है, जो की सामान्य से 7.96 इंच ज्यादा है। तेज बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में पानी भर गया। खासतौर पर अलकापुरी क्षेत्र में बिजली गिरने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई, और अन्य क्षेत्र भी प्रभावित हुए। हालांकी इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं बारिश के बीच नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के बाजना बस स्टैंड क्षेत्र में राहगीर खुले नाले में  बाइक सहित गिर गए, जिन्हें आसपास के लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। निचले क्षेत्र जलमग्नशहर के पावर हाउस रोड, डॉट की पुलिया, न्यू रोड, बाजना बस स्टैंड, बड़बड़ और अन्य क्षेत्रों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। घने अंधेरे और जलभराव के कारण वाहन चालकों को अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े, और कई जगहों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असररतलाम से 8 किलोमीटर दूर पलसोड़ा गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गया। यहां का मुख्य चौराहा पानी से भर गया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा तक पानी आ गया। गांव के सड़क मार्गों का संपर्क टूट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। नामली में भी सड़कों की हालत नदियों की तरह हो गई। खेतों में पानी, सोयाबीन की फसलें प्रभावितरतलाम के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी खेतों में पानी भर गया। सोयाबीन की फसलें भीग गईं और कई किसानों की फसलें खराब हो गईं। कटाई के बाद खेतों में रखे सोयाबीन भी पानी में डूबने से नुकसान हो गया। कुछ वीडियो में सोयाबीन की फसलें पानी में बहकर भी जाती हुई दिखाई दी। जाते मानसून ने कई किसानों को प्रभावित किया है। सितंबर के अंत में हुई इस भारी बारिश ने रतलाम शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को काफी प्रभावित किया। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, और खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

MP Weather Alert: अगले 2 दिन मौसम रहेगा खराब या निकलेगी धूप, इन जिलों में बारिश का अलर्ट

उज्जैन में रामघाट डूबा, रतलाम की सड़कों पर भरा पानी: कई जिलों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश; अब तक 17% ज्यादा बरसा मानसून भोपाल – पब्लिक वार्ता,MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में एक बार फिर से जोरदार बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में 2 दिन के लिए मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। मध्यप्रदेश में रविवार को उज्जैन, ग्वालियर और रतलाम समेत कुछ जिलों में बारिश हुई। उज्जैन में शिप्रा का रामघाट डूब गया। रतलाम में दोपहर में तेज बारिश से शहर की सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई। शाम 5:30 बजे अंधेरा सा छा गया, जिसके चलते वाहनों चालकों को हेडलाइट्स ऑन कर गाड़ियां चलानी पड़ी। कई जगह गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली भी गिरी है। किन जिलों में बारिश का अलर्ट?मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम यूपी पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। रतलाम में अब तक 42.81 इंच के करीब वर्षा हो चुकी है, जो की सामान्य से 6.96 इंच ज्यादा है। 30 सितंबर को इन जिलों में बारिश की संभावनाभोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, मंदसौर, शाजापुर, आगर मालवा। 1 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश का पूर्वानुमानमंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योंपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुरना। प्रदेश में अब तक कितनी हुई बारिश?मध्य प्रदेश में 1 जून से 27 सितंबर तक औसत से 17% अधिक बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 13% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19% अधिक बारिश हो चुकी है। इस साल अब तक प्रदेश में 43.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्यतः इस अवधि में 37.2 इंच बारिश होती है। यह सामान्य से 17% ज्यादा है। मंडला ऐसा जिला है, जहां सबसे ज्यादा 60.5 इंच पानी गिर चुका है। सिवनी प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। यहां 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। विशेष रूप से श्योपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है, जहां औसत से 98% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां 657.3 मिमी की तुलना में 1320.2 मिमी बारिश हो चुकी है। वहीं, रीवा, इंदौर और उज्जैन में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश में मानसून के इस आखिरी दौर के बाद 1 अक्टूबर से मौसम के साफ होने की संभावना है।

MP WEATHER : अगले 2 दिनों तक प्रदेश में रहेगा बारिश का दौर, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल -पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Weather:  शुक्रवार को भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। खजुराहो और टीकमगढ़ में 1 इंच, जबकि नर्मदापुरम में 0.75 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने उज्जैन, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी, गुना, शिवपुरी, निवाड़ी, और टीकमगढ़ में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अब तक औसत 42.6 इंच वर्षा हो चुकी है, जिसमें मंडला में सबसे अधिक 59.5 इंच बारिश हुई है। रतलाम (Ratlam) में इस मानसून के दौरान लगभग 42 इंच बारिश दर्ज की गई है। सायसर (वायुमंडलीय दबाव) और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण अगले दो दिन तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, उसके बाद सिस्टम कमजोर हो सकता है। अगले 24 घंटों में उज्जैन, अलीराजपुर, और रतलाम जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि मंडला, डिंडौरी, और अनूपपुर में धूप खिलने की संभावना है। भोपाल और इंदौर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहेगी, जबकि 28 सितंबर को इंदौर और उज्जैन संभागों में फिर से बारिश की संभावना है।  29 और 30 सितंबर को मौसम साफ होने की संभावना है।

MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: भोपाल-इंदौर समेत 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क।  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain in MP) का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग के जिलों में अगले 24 घंटों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 15% अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जिससे जलस्तर बढ़ने के साथ ही जनजीवन पर असर पड़ा है। (MP Weather) अलर्ट वाले जिलेबैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, मऊगंज, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला और सागर जैसे जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को इंदौर-उज्जैन संभाग और 28 सितंबर को जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में बारिश की संभावना जताई है। मौसम प्रणालियों का असरमौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, दक्षिणी छत्तीसगढ़ में हवा के ऊपरी हिस्से में चक्रवात बना हुआ है, जो प्रदेश में बारिश का प्रमुख कारण है। इसके साथ ही कोंकण से लेकर बांग्लादेश तक फैली द्रोणिका (ट्रफ लाइन) और तेलंगाना के पास बनी शियर जोन भी बारिश को प्रबल कर रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण राज्यभर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। अब तक हुई वर्षाप्रदेश में 1 जून से 25 सितंबर तक कुल 1074.8 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 937.9 मिमी. से 15% अधिक है। प्रमुख जिलों की बात करें तो खंडवा में 56 मिमी, मंडला में 30 मिमी, दमोह और उमरिया में 18 मिमी, पचमढ़ी में 17 मिमी, और इंदौर में 8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। आने वाले दिनों का पूर्वानुमानमौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में रुक-रुककर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, क्योंकि कहीं-कहीं बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। मानसून की विदाईसितंबर का चौथा मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय होने के बाद, अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून की विदाई की संभावना है।

मौसम की मार : तपती गर्मी में अचानक शुरू हुई तेज बारिश, सैलाना में आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

रतलाम समेत कई जिलों में अलर्ट जारी, सप्ताह भर ऐसा ही रहेगा मौसम पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिन से आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिन तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम रहने की चेतावनी दी है। मध्य प्रदेश में 10 से 13 अप्रैल तक मौसम खराब रहने पूर्वानुमान है। रतलाम के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। जिले में शाम 5 बजे से शुरू हुई तेज बारिश ने सभी को हैरत में डाल दिया। रुक रुक कर तेज बारिश होती रही। जिले के ग्रामीण में ओला वृष्टि भी देखी गई। आपको बता दे बुधवार से प्रदेश में बेमौसम बारिश का मौसम जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में 21 जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। जिले के सैलाना में एक युवक पर आकाशीय बिजली गिर जाने से उसकी मृत्यु हो गई। मिली जानकारी के अनुसार सैलाना की गीताभवन गली निवासी अंकित पिता प्रकाश रजक उम्र23 वर्ष बायपास रोड पर बन्टी ढाबे के पास था कि उस पर बिजली गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। युवक के शव को मेडीकल कालेज ले जाया गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और अरब सागर, बंगाल की खाड़ी से नम हवाओं के आने से मध्य प्रदेश में तीन दिन मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है।  यही नहीं राजस्थान और महाराष्ट्र के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। 10-11 अप्रैल को एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे मौजूदा सिस्टम और भी मजबूत हो जाएगा। इस कारण एक सप्ताह तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां बारिश का अनुमानवर्षा या गरज चमक के साथ बौछारों का कई जिलों में अनुमान है। इनमें शहडोल और उज्जैन संभाग, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, पन्ना, दमोह और सागर शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के जिलों में, रायसेन, सिहोर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा शामिल हैं। यहां के लिए चेतावनी बिजली गिरने के साथ आंधी शहडोल संभाग के जिलों में, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगौन, बड़वानी झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, अगरमालवा, मंदसौर, नीमच, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, पन्ना, दमोह और सागर जिलों में । ओलावृष्टि व वज्रपात के साथ आंधी रायसेन सिहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, नारसिंहपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर और बालाघाट जिलों में।  यहां पर ओलावृष्टि का रेड अलर्टबैतूल छिंदवाड़ा सिकनी और पांढुर्णा जिलों में। 

चिंता की बारिश : रेड जोन में आने के बाद रतलाम जिला प्रशासन हुआ अलर्ट, भारी बारिश का दौर अब तक नहीं थमा, इमरजेंसी नंबर जारी

बवंडर से फसले हुई चौपट, कई कच्चे मकान भी धराशायी, जिले के सभी तालाब लबालब, पढ़िये पूरे जिले की स्थिति – पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। जिले में बीती रात से हो रही लगातार तेज बारिश शनिवार शाम तक भी नहीं थमती नजर आ रही हव। वहीं मौसम विभाग ने रतलाम को रेड जोन में रख कर भारी बारिश की चेतावनी पहले ही जारी कर दी है। इसके बाद से जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कलेक्टर ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कोटवार, होमगार्ड के जवान, पुलिस जवान तथा अन्य विभागों की टीम को प्रो एक्टिव मोड पर रहने के निर्देश जारी कर दिए है। गठित टीम सक्रियता से मूवमेंट करते हुए तालाबों, जल संरचनाओं, पुलियाओं व नदियों पर मूवमेंट करते हुए नजर रख रही है। फिलहाल जिले में किसी भी स्थान से अब तक कोई अप्रिय स्थिति या सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने जिला स्तरीय कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित किया है। इसके इमरजेंसी नंबर 07412 270 416 है। कंट्रोल रूम 24 घंटे नजर बनाए हुए है। किसी भी प्रकार की जानकारी व सहायता इन नंबर पर उपलब्ध रहेगी। जिले में जिन स्थानों पर पर पुलिया या रपट ओवरफ्लो हो रही है, वहां मौके पर नायाब तहसीलदारों को भेजा गया है। पुलिस एवं होमगार्ड के जवान भी तैनात किए गए है। बहाव वाले स्थानों पर वाहनों व लोगों को पार करने से सख्ती से रोका जा रहा है। 122 स्थानों पर निगरानी, ढोलावाड़ डेम के 4 गेट खोले : जिले में जल संसाधन विभाग के समस्त 122 छोटे-बड़े तालाबों पर कर्मचारी तैनात किए गए है। जो तालाबों में जल बहाव की स्थिति पर नजर रख रहे है। विभाग के 98 छोटे तालाब तथा 22 बड़े बैराज है, जहां पर निगरानी दल तैनात है। शाम तक की स्थिति में विभाग के लगभग 70 छोटे तालाबों के वेस्ट वेयर चालू थे। सभी तालाब अपनी पूर्ण क्षमता में भर चुके हैं। वहीं शाम 4 बजे तक धोलावाड़ सरोज सरोवर डेम के चार गेट खोले जा चुके है। जिले के बाजना में प्रशासन द्वारा करण नदी और तेलनी नदी पर होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई है। सैलाना एसडीएम ने बताया कि ग्राम गोवर्धनपुरा में तेज हवा के बवंडर के कारण 7 किसानो की फसलों में नुकसानी हुई है। जिनका सर्वे करके आरबीसी 6 _4 के तहत सहायता दी जाएगी। सैलाना नगरीय क्षेत्र के शिवगढ़ मार्ग पर पानी के कारण जाम की स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रशासन से जेसीबी की मदद से पानी की निकासी कराई। निचली बस्तियों में निगरानी, पूरा अमला अलर्ट : रतलाम ग्रामीण एसडीएम ने बताया कि भदवासा से सिखेड़ी मार्ग पर गंगायता नदी पुल के ऊपर बहने के कारण आवागमन रोक दिया गया। मऊ – बिरमावल मार्ग तथा बिरमावल – जबड़ा मार्ग पर पुल के ऊपर पानी बहने के चलते चौकीदारों की तैनाती की है। छतरी – जबड़ा मार्ग पर पुलिस जवान एवं चौकीदार तैनात किए गए। रतलाम शहर में राजस्व, पुलिस तथा नगर निगम की टीम समन्वय बनाकर निचली बस्तियों में सतत निगरानी रख रही है। करमदी, कनेरी, मथुरी गांव में रपट पर जल बहाव के कारण होमगार्ड जवानों तथा कोटवार को तैनात किया गया है। मौके पर नायब तहसीलदारों को भी भेजा गया है। जावरा एसडीएम ने बताया कि जावरा अनुभाग में कहीं किसी मार्ग पर वर्षा के कारण यातायात अवरुद्ध नहीं है। आलोट एसडीएम ने बताया कि अनुभाग में विगत रात से जारी बारिश के कारण ग्राम जोयन,थूरिया, किशनगढ़, धतुरिया, ददियाखेड़ी, भोजाखेड़ी, भूतिया आदि में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से पुल, रपटो व पुलियाओ पर लगातार पानी का स्तर बढ़ा हुआ है। मौके पर संबंधित ग्रामों के कोटवार को लगाया है। ग्रामीणों को पुल से गुजरने से रोका जा रहा है। ग्राम अवलिया सोलंकी तथा कस्बा आलोट के राम सिंह दरबार क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा के कारण एक कच्चे मकान के गिरने की शिकायत तथा कुछ मकानों में बारिश का पानी घरों में घुसने से सामान के नुकसान की संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई है। मौके पर संबंधित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को भेजकर प्रभावित व्यक्तियों के रुकने व भोजन के लिए ग्राम पंचायत और नगर परिषद के माध्यम से ग्राम पंचायत अरवलिया सोलंकी में पंचायत भवन तथा कस्बा क्षेत्र में रैन बसेरा भवन में व्यवस्था की गई है। अतिवृष्टि से मकान गिरने व पानी भरने से नुकसान की रिपोर्ट बनाकर आर्थिक सहायता हेतु प्रकरण स्वीकृत किए गए। क्षेत्र में अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि पशु हानि नहीं हुई छह।

24 घंटे में कोटा पूरा : जिलेभर में तेज बारिश का दौर जारी, नदी – नाले आए उफान पर

  मौसम विभाग का अलर्ट, ढोलावाड़ जलाशय के 6 में से 3 गेट खोले, केदारेश्वर झरना भी आया अपने रंग में, देखे वीडियो पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। शुक्रवार को दोपहर से शुरू हुई भादो की बारिश पूरी रात जारी रही। तेज बारिश का सिलसिला अब तक जारी है। भारी बारिश के कारण जहां रतलाम का मुख्य पेयजल स्त्रोत ढोलावड जलाशय लबालब हो गया है वहीं दोपहर तक उसके 6 में से 3 गेट खोल दिए गए है। भारी बारिश के कारण आसपास अंचल में कई नाले – नदियां उफान पर आ चुकी है। कई पेड़ व कच्चे मकान धराशाई होने की भी सूचना है। जिस कारण गांवों के रास्ते बन्द हो गए है। तेज बारिश के चलते रतलाम कलेक्टर नरेंद्र सूर्यनवंशी ने स्कूलों व आंगनवाड़ी में अवकाश घोषित कर दिया है। मौसम विभाग ने रतलाम में 3 दिन अतिभारी वर्षा की चेतावनी जारी कर दी है। वहीं प्रशासन ने नागरिकों के सभी पिकनिक स्पॉट व जल क्षेत्र में जाने पर रोक लगा दी है। देखिए वीडियो – जारी आंकड़ों के अनुसार 24 घंटों के दौरान जिले में औसतन 5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसको मिलाकर जिले में इस बार अब तक कुल 40 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में यह अब भी 5 इंच कम है। जिले में सर्वाधिक वर्षा बाजना तहसील में हुई जहां 24 घण्टों में 10 इंच बारिश हुई। बाजना में अब तक कुल 55 इंच बारिश हो चुकी है और यह पिछले वर्ष की तुलना में 14 इंच अधिक है। इसी तरह रतलाम में 24 घण्टों के दौरान 3.5 इंच वर्षा दर्ज की गई। रतलाम में अब तक कुल 27 इंच बारिश हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6 इंच कम है। जिले के जावरा में 3 इंच, आलोट में 7 इंच, ताल में 4 इंच, रावटी में 6 इंच और सैलाना में 5 इंच बारिश दर्ज की गई। ढोलावाड लबालब, सभी गेट खोले : बाजना इलाके में हुई बेहद तेज बारिश के कारण ढोलावाड जलाशय लबालब भर गया है। ढोलावाड जलाशय का एक गेट सुबह 10 बजे खोल दिया गया था जिसके कुछ मिनटों बाद दूसरा गेट भी खोला गया। दोपहर डेढ़ बजे केरीब ढोलावाड़ के 3 गेट खोल दिए गए। लगातार बारिश को देखते हुए वाटर लैवल पर लगातार निगाह रखी जा रही है। उफान पर नदी नाले, संपर्क टूटा : तेज बारिश के चलते नदी नालों पर बनी छोटी रपटों और पुलियाओं पर पानी होने से कई गांव का संपर्क टूट चुका है। कुछ स्थानों पर तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से भी यातायात बाधित हुआ है। समीप के हतनारा में मलेनी नदी उफान पर है। बाजना में माही नदी में जबरदस्त उफान आया हुआ है। सैलाना के प्रसिद्ध स्थल केदारेश्वर महादेव में भी लबालब पानी भर गया है। जिस कारण शिवलिंग तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। केदारेश्वर का झरना पूरे रंग में आ चुका है।

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