शर्मनाक हरकत : नशे में धुत शिक्षक ने कैंची से काटी छात्रा की चोटी, वायरल वीडियो के बाद किया सस्पेंड

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में एक चौंकाने वाली घटना में एक शिक्षक ने नशे की हालत में एक छात्रा की चोटी काट दी। यह घटना रावटी के प्राइमरी स्कूल सेमलखेड़ी-2 में बुधवार को हुई। शिक्षक के इस कृत्य के बाद छात्रा रोते हुए खड़ी रही, जबकि शिक्षक ने जवाब में कहा कि जो करना है कर लेना। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जो गुरुवार को सामने आया। शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर राजेश बाथम ने कहा, “शिक्षक का आचरण मर्यादाहीन और पद की गरिमा के खिलाफ है। उसके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।” संकुल प्राचार्य (क्लस्टर प्रिंसिपल) संदीप जैन ने बताया कि यह स्कूल आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत आता है। स्कूल में करीब 50 स्टूडेंट हैं। वीडियो गुरुवार सुबह संज्ञान में आया है। वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है। वीडियो में दिख रहा है कि शिक्षक वीर सिंह मईड़ा के हाथ में कैंची है। पास ही 5वीं की एक छात्रा खड़ी है। वह लगातार रोए जा रही है। फर्श पर कटी हुई चोटी पड़ी है। पास ही एक और छात्र भी खड़ा है। वीडियो बनाने वाला शख्स जब इस हरकत पर आपत्ति जताता है, तो शिक्षक बच्चों के सामने ही अपशब्द कहते हुए कहता है- जो भी करना हो कर लेना। शिक्षक ने कहा- कोई कुछ नहीं कर सकता स्कूल के पास रहने वाले गौतम ने बताया, ‘उस वक्त मैं घर पर था। अचानक स्कूल के 5-6 बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनी। आकर देखा, तो शिक्षक वीर सिंह कैंची से बच्ची के बाल काट रहे थे। उनसे पूछा तो उन्होंने कहा- ये लोग पढ़ाई नहीं करते हैं। मैं मोबाइल से वीडियो बनाने लगा, तो सर ने कहा कि वीडियो बनाना है, बना ले। कोई कुछ नहीं कर सकता। घटना के सामने आने के बाद कलेक्टर राजेश बाथम नेे सहायक आयुक्त (आदिम जाति) रंजना सिंह को जांच के आदेश दिए थे। गुरुवार को आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने बच्ची के बयान भी लिए। इस दौरान पीड़ित बच्ची ने अफसरों को अपनी कटी हुई चोटी भी दिखाई।

धार्मिक झंडे को लेकर बवालः हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने, महिनेभर में इस प्रकार की यह तिसरी घटना

एसपी के निर्देश के बाद देर शाम टीआई ने दोनों पक्षों के प्रबुद्धजनों को बुलाकर की चर्चा, आपसी सोहाद्र बनाने की अपील रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने हो गए। मामला धार्मिक झंडे को रोड किनारे पर लगाने का था। दरअसल आने वाले दिनों में हिंदू धर्म का प्रमुख गणेशोत्सव का त्यौहार है। वहीं मुस्लिम समुदाय का भी ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाना है। ऐसे में दोनों पक्षों की तैयारियां चल रही है। मंगलवार दोपहर झंडे लगाने की बात पर करीब 3 घंटों तक गहमागहमी चलती रही। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अनुराग यादव मौके पर बल सहित पहुंचे और समझाइश के बाद मामला शांत करवाया। दोनों पक्षों ने अपने – अपने झंडे एक साथ में लगा लिए। महिनेभर में धार्मिक झंडे के विवाद का यह तिसरा मामला है। इससे पहले मोहर्ऱम के समय उकाला रोड व दो दिन पहले कलाईगर रोड पर विवाद सामने आ चुके है। हालांकी दोनों में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया। जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए कड़े नियम लागू करने की आवश्यकता है। जिससे भविष्य में कोई बड़े सांप्रदायिक विवाद जैसी स्थिति निर्मित ना हो।    हिंदू समाज के लोगों का कहना था की हर साल गणेशोत्सव के पहले हनुमान मंदिर के पास पांडाल लगाया जाता है। पांडाल के आसपास रोड किनारे पोल पर भगवा ध्वज और लाइट लगाई जाती है। यह बात दुसरे पक्ष को पहले से पता होने के बावजूद उन्होने पांडाल व उसके आसपास देर रात झंडे लगा दिए। जबकी हर बार दोनों पक्ष तय सीमा में ही अपने झंडे लगाते है। लेकिन इस बार पांडाल के पास ही झंडे लगा दिए। वहीं दुसरी और मुस्लिम पक्ष के अनुसार ईद मिलादुन्नबी के पहले मस्जिद के आसपास वे भी हर साल सजावट करते है और झंडे लगाते है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाईश देकर पांडाल स्थल के पास लगे झंडों को हटवाया। एसपी राहुल लोढ़ा ने मामले में थाना दिनदयाल नगर टीआई रविंद्र दण्डोतिया को क्षेत्र के प्रबुद्धजनों से चर्चा के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद टीआई रविंद्र ने दोनों पक्षों को बुलाकर आगामी त्यौहार शांति व सोहाद्र से बनाने की अपील की। टीआई ने बताया की अगर कोई भी द्वेष फेलाकर शांतिभंग करने की कोशिश करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर पुलिस विशेष निगरानी रखे हुए है।

ढाबे पर डॉक्टरी… : मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स की गुंडागर्दी आई सामने, मारपीट और तोड़फोड़ का केस हुआ दर्ज

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम पुलिस ने मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा की गई मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना बंजली सेजावता बायपास पर स्थित रायल ढाबा पर हुई, जहां मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स ने ढाबे पर खाना खाने के बाद पैसे नहीं दिए और गालियां देते हुए शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। पुलिस के अनुसार, रायल ढाबा संचालक रितिक राठौर पिता राजेश राठौर निवासी दीनदयाल नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेडिकल कालेज के स्टूडेंट्स ने ढाबे पर खाना खाने के बाद पैसे नहीं दिए और गालियां देते हुए शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। आरोपी स्टूडेंट्स ने घायल फरियादी से मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान भी मारपीट की। पुलिस ने आरोपियों पर हफ्ता वसूली, मारपीट, तोड़फोड़ सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। जानकारी के अनुसार फरियादी ढाबा संचालक रितिक राठौर ने बताया की सुमित जाटव, विजय परमार, महावीर सौलंकी, लोकेन्द्र चौहान, यश परमार, कार्तिक सारवे, मनीष परमार, आशीष सौलंकी, प्रतिक कौशल ढाबे पर खाना खाने आये थे। जिन्होने खाना खाने के बाद खाने का पैसे भी नही दिया और गालियां देते हुए शराब पीने के लिए पैसो की मांग करने लगे। इन लोगो को पैसे देने से मना किया और ढाबा बंद करके घर जाने के दौरान रात करीब 1 बजे सुमित जाटव, विजय परमार  ढाबे पर पत्थर फेंक कर भागे। जिनका पीछा करता हुआ फरियादी मेडिकल कालेज के केम्पस पहुंच गया। जहां सुमित जाटव, विजय परमार, संजय डांगी, महावीर सौलंकी, लोकेन्द्र चौहान, यश परमार, कार्तिक सारवे, मनीष परमार, आशीष सौलंकी, प्रतिक कौशल हाकी व डंडे लेकर एक साथ एक मत होकर आये और मारपीट करने लगे।तथा उतावलेपन से पत्थर फैंककर कार के कांच फोड दिये और कार मे रखा मोबाईल तोडकर नुकसान कर दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी सुमित जाटव और विजय परमार को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों संजय डांगी, महावीर सौलंकी, लोकेन्द्र चौहान, यश परमार, कार्तिक सारवे, मनीष परमार, आशीष सौलंकी, प्रतिक कौशल की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 616/2024 धारा-296,115(2),351(3),119(1), 125,191(2)(3),324(4) BNS का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आरोप पत्र दायर किया जाएगा।

शिक्षक या भक्षक! : छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में कोचिंग के शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज, 4 महीने में दूसरी घटना

घटनास्थल पर पुलिस ने झांका तक नहीं, नागरवास में संचालित है शुभम कोचिंग क्लासेस! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर में एक कोचिंग सेंटर पर शिक्षक द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 4 महीने में यह कोचिंग सेंटर का दूसरा मामला है, जो महिला अपराध से जुड़ा है। आरोपी द्वारा इस मामले को बड़ी चतुराई से दबाने की कोशिश की जा रही थी। कोचिंग संचालक ने सूबे के पुलिस कप्तान एसएसपी राहुल लोढा के सीसीटीवी लगाने के सख्त निर्देशों तक को हवा में कर दिया। वहीं मामले की जांच कर रहे डीडी नगर टीआई रविंद्र दंडोतिया ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर जांच तक करना मुनासिब नहीं समझा। मामला थाना माणकचौक अंतर्गत नागरवास स्थित शुभम कोचिंग सेंटर का है। सेंटर पर आने वाली एक 12 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक अजय पिता कनकमल जैन (55 वर्ष) निवासी नागरवास पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया। घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है। घटना से डरकर घबराई छात्रा ने कोचिंग जाना बंद कर दिया था। घटना के 4 दिन बाद यानी 21 अगस्त को एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी के पिता शासकीय विद्यालय में प्राचार्य रह चुके है। तभी से कोचिंग संचालित हो रही है। पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया की उसने कुछ दिनों पहले ही कोचिंग शुरू की थी। कोचिंग पर पढ़ाने वाले सर का नाम अजय जैन है। वहां और भी बच्चे पढ़ने आते है। 17 अगस्त की सुबह 8 बजे कोचिंग पहुंची तब और भी बच्चे क्लास रूम में मौजूद थे। आरोपी अजय ने पढ़ाना शुरू कर दिया था। तब आरोपी ने क्लास के ही एक छात्र को कुछ बोला और पीड़िता की टेबल के सामने आकर खड़ा हो गया। आरोपी अजय जैन ने गलत नियत से हाथ पकड़कर खिंचा और अन्य छात्र से बोला की देख यह मेरे साथ जम रही है। तू कैसा सड़ा दिख रहा है। इस दौरान क्लासरूम में अन्य छात्र भी मौजूद थे। पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत पर बीएनएस की धारा 75 व एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन की पत्नी प्रिंसी जैन कोचिंग सेंटर की संचालक है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। परिजन के नाम से संचालित है सेंटर, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन के परिजन के नाम से कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। देर रात घर नहीं पहुंची छात्रा, पुलिस की खानापूर्तिजानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा गरीब परिवार से है। घटना के बाद से वह डर और सहम गई थी। छात्रा अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए एक दुकान पर काम करने जाती थी। सुबह जब छात्रा को कोचिंग भेजा तो वह जाकर कालिका माता मंदिर में बैठी गई। जिस दुकान पर वह काम करती है, वहां भी नहीं गई। करीब पौने नो बजे जब छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने दुकान पर फोन लगाकर पूछा की उनकी बेटी घर क्यों नहीं आई। तब दुकान मालिक ने उसके दुकान पर नहीं आने की जानकारी परिजनों को दी। कुछ देर बाद जब छात्रा घर पहुंची तो उसके माता पिता ने उससे दिनभर बाहर रहने का कारण पूछा। तब छात्रा ने पूरा घटनाक्रम बताया और कहा की सर के डर के कारण में कोचिंग नहीं गई। जिसके बाद परिजन उसे माणक चौक थाने लेकर पहुंचे और आरोपी शिक्षक अजय जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह गडरिया के अवकाश पर होने से इस मामले में दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने कायमी की। लेकिन उन्होंने महिला अपराध से जुड़े मामले में गंभीरता ना दिखाते हुए केवल खानापूर्ति कर ली। घटना के बाद लगे सीसीटीवी, आती है और भी छात्राएं!आरोपी शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे थाने से जमानत मिल गई। मामले की भनक तक किसी को नहीं लगने दी गई। जिसके बाद उसने ताबड़तोड़ अपने क्लास में सीसीटीवी कैमरा लगवा लिए। जबकि अप्रैल माह में इंग्लिश कोचिंग सेंटर के संचालक संजय पोरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पोरवाल पर महिला ने ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जब पुलिस ने जांच की तो पोरवाल के और भी काले चिठ्ठे निकलकर सामने आए। पूरे जिले में इस घटनाक्रम को लेकर घोर निंदा हुई। जिसके बाद पुलिस महकमा जागा और एसएसपी राहुल लोढा ने कोचिंग संचालकों को अपने सेंटर्स पर कैमरे लगाने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारियों को समय समय पर कोचिंग सेंटर्स की जांच के दिशा निर्देश भी दिए थे। लेकिन आरोपी अजय के … Read more

मानवता का “मर्डर” : मां को बनाना चाहता था अपनी हवस का शिकार, इसलिए 10 माह की मासूम बच्ची को उठा कर ले गया दरिंदा दशरथ

रोती – बिलखती मासूम का मुंह दबाकर कुंए में फेंका शव…. सजा – ए – मौत की उठी आवाज! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिला मुख्यालय के कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी से 17 अगस्त की रात एक 10 माह की मासूम के अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी थी। जिसके बाद पूरा पुलिस फोर्स अलग – अलग एंगल से बालिका को ढूंढने में जुट गया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बगैर किसी सुराग के आरोपी तक पहुंचने की थी। आरोपी पुलिस के सामने ही था। मगर पुलिस के पास पर्याप्त सुराग नहीं होने से वह केवल रडार पर था। रतलाम पुलिस की अथक मेहनत और खोजी कुत्ते की एक निशानदेही ने आरोपी दशरथ के कारनामें को उजागर कर दिया। पुलिस पहुंचती उसके चंद घंटे पहले वह फरार हो चुका होता है। रतलाम पुलिस ने तत्तपरता से आरोपी को अन्य राज्यों में ढूंढने के प्रयास कर दिए। एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया, जिसे अब सलाखों के पीछे धकेल दिया। पुलिस सहित समाज को मलाल इसी बात का है की नन्हीं मासूम जीवित नहीं रही। दरिंदे दशरथ ने 10 माह की बच्ची जो ठीक से शायद अपनी मां की पहचान ही जानती थी, उसे दुनियां देखने से पहले ही मौत की नींद सुला दिया। इस पूरे मामले ने आज मानवता की हत्या की है। ऐसी नीच और ओच्छी मानसिकता आखिर समाज में कहां से व्याप्त हो रही है? यह विचार करने का एक गंभीर विषय है। पूरा समाज आज क्रोधित है और आरोपी दशरथ के खिलाफ जल्द से जल्द “सजा – ए – मौत” चाहता है! गौरतलब है की प्रेमा पति मुकेश उर्फ राकेश खारोल निवासी ग्राम उपरवाड़ा करीब एक साल से कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी में अपने मायके में थी। डिलेवरी के पहले वह अपने मायके आई थी। डिलेवरी के बाद से वह मायके में ही थी। पति मिलने आता जाता था। 17 अगस्त की रात प्रेमा घर में अपनी बच्ची तनु के साथ सो रही थी। रात 11 से 12 बजे के बीच मां प्रेमा की नींद खुली तो बच्ची पास में नहीं थी। घर का अंदर से दरवाजा बंद था। खिड़की खुली हुई थी। रात में ही बच्ची के पिता को सूचना दी। गांव में भी बच्ची के गायब होने पर हड़कंप मच गया। रात में पुलिस को सूचना दी। बच्ची को तलाश किया, लेकिन नहीं मिली। जिसके बाद रतलाम एसएसपी राहुल लोढा ने मौके पर पहुंचकर गंभीरता से इस मामले की छानबीन के लिए टीम को लगाया। जिसके बाद परत दर परत मामला खुलता गया और पुलिस ने लसुडिया नाथी निवासी आरोपी दशरथ पिता रामलाल कटारिया (23) को गिरफ्तार किया। दशरथ का बच्ची के पड़ोस में ही घर है, जिसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसका दो साल का एक बेटा भी है। पूरे मामले के खुलासे में एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी शक्तिसिंह व कालूखेड़ा टीआई नीलम चौंगड़ की विशेष भूमिका रही। बच्ची को उठाया, ताकी मां के साथ…एसएसपी राहुल लोढा के अनुसार सख्ती से पूछताछ के दौरान आरोपी दशरथ ने बताया की बच्ची की मां यानी प्रेमा पर उसकी बुरी नजर थी। आरोपी दशरथ की पत्नी राखी के लिए 16 अगस्त को गई थी। 17 की रात वह पड़ोसी महिला के घर में खिड़की से गलत नियत से घुसने की फिराक में था। खिड़की के पास उसने बाहर से मां के पास सो रही बच्ची को उठा लिया। उसकी मंशा थी की बच्ची को उठाकर ले जाने से मां उसे ढूंढते हुए बाहर निकलेगी और वह उसका फायदा उठाकर महिला के साथ गलत कार्य कर सके। लेकिन बच्ची को उठाते ही वह रोने लगी तो उसने उसका मुंह हाथ से दबा दिया। इसी बीच बच्ची के मामा मौसी उठ गए और मां भी जाग गई। सभी बच्ची को ढूंढने लगे। आरोपी को जब लगा की मुंह दबाने से बच्ची मर गई है, तो उसने जुर्म छुपाने के लिए घर के पीछे कुछ दूरी पर स्थित कुंए में फेंक दिया। स्निफर डॉग से हाथ लगा सुरागएसएसपी ने बताया घटनास्थल की जांच के लिए साइबर और रेडियो टीम के हाथ भी कुछ नहीं लग रहा था। 200 से अधिक सीसीटीवी छाने, जावरा के प्रत्येक थाने और चौकी के प्रभारी को काम पर लगा दिया गया। गांव के एक – एक घर की तलाशी लेने के साथ सभी से पूछताछ जारी रखी गई। मानव तस्करी के एंगल से जांच को शुरू किया और बांछड़ा डेरो पर कड़ी निगरानी रखी गई। इतना सबकुछ करने के बाद भी नाकाफी सा लग रहा था। आरोपी जिस रास्ते से गया वहां तीन कैमरा थे मगर 2 रास्ते के कैमरा सही थे और उसी रास्ते का कैमरा खराब था जहां से आरोपी गुजरा। मामले में डॉग स्क्वाड को बुलाकर स्निफर डॉग (खोजी कुत्ता) की मदद ली गई। बच्ची के मकान से डॉग 3 किलोमीटर दूर चिकलाना में एक मकान तक पहुंचा। दूसरी बार फिर डॉग को फॉलो किया तो वापस वहीं जाकर डॉग रुक गया। जहां डॉग रुक रहा था वहां शराब मिलती है। पूछताछ में दशरथ कटारिया का नाम सामने आया। इस आधार पर दो बार उससे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यहां तक कि आरोपी बच्ची की तलाश में गांव के लोगों के साथ भी में रहा। जब दशरथ पर शक गहराया और सुराग हाथ लगा तब तक वह फरार हो गया। जिसे ढूंढने के लिए अलग – अलग टीमें बनाई। अपने ससुराल जाकर छुपा था आरोपीआरोपी दशरथ पुलिस से बचने के लिए राजस्थान के प्रतापगढ़ में हथूनिया गांव के एक सूने मकान में छुपकर रहने लगा था। रतलाम पुलिस को जांच में जब इसके ऊपर शंका हुई तो पुलिस ने कालूखेड़ा, मंदसौर, नीमच, प्रतापगढ़ के कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी कहीं नहीं मिला। रतलाम पुलिस ने राजस्थान पुलिस को भी जानकारी दी। इस बीच रविवार दोपहर को हथुनिया थाने के कांस्टेबल सुरेश मीणा को सूचना मिली कि आरोपी एक सुने झोपड़ीनुमा मकान में छिपा है। कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, तो दशरथ ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। कांस्टेबल मीणा की मदद से उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद रतलाम पुलिस को … Read more

गैरजिम्मेदाराना रवैया : पाकिस्तानी झंडा लहराने का विरोध करने पर एबीवीपी नेताओं पर एफआईआर

स्कूल की जांच और कार्रवाई निल बटे सन्नाटा!, एबीवीपी करेगा उग्र आंदोलन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नगर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बालिका के हाथों में पाकिस्तान का झंडा लहराने का विरोध करने वाले छात्र नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो गई। विद्यार्थी परिषद को कलेक्टर कार्यालय के सामने जावरा फाटक-सालाखेड़ी रोड पर दो घंटे तक जाम लगाना छात्र नेताओं पर भारी पड़ गया है। स्टेशन रोड पुलिस ने जिला प्रशासन के प्रतिवेदन पर जिला संयोजक सत्यम दवे सहित नौ छात्र नेताओं पर केस दर्ज किया है। छात्र नेताओं ने निजी स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहाराने का विरोध किया था। यह विरोध अधिकारियों को संभवत नागवार गुजरा, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद मुकदमा कायम कर लिया है। वहीं स्कूल पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई या जांच अब तक सामने नहीं आई है। इस मामले में कलेक्टर राजेश बाथम से हमने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एबीवीपी जिला संगठन मंत्री विनोद सिरोही ने बताया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रवादी संगठन है। जिला प्रशासन ने इसलिए केस दर्ज किया क्योंकि छात्र-छात्राएं भारत माता और तिरंगे के सम्मान में सड़कों पर उतरे थे। और पाकिस्तानी झंडे का विरोध कर रहे थे यह अत्यंत निंदनीय है। जबकी स्कूल पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। एबीवीपी जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगी। प्रशासन को रिकॉर्डिंग और पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराने के बाद भी प्रशासन अब तक कार्रवाई करने में नाकाम है। इससे यह साफ है की प्रशासन सांठ – गांठ या किसी के दबाव में काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड पुलिस ने अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई की और से शहर तहसीलदार के मिले पत्र को आधार बनाकर यह केस पंजीबद्ध किया है। आवेदन प्रस्तुत करने वाले तरुण कुमार रघुवंशी की रिपोर्ट पर अभाविप जिला संयोजक सत्यम दवे सहित 9 के खिलाफ यह केस पंजीबद्ध किया है। इसमें कहा गया कि नए कलेक्टर आफिस के सामने आमरोड पर भीड एकत्रित कर रोड को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे आने जाने वाले आम लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की? यह सार्वजनिक नहीं हुई है। वहीं सूत्रों की माने तो सत्ताधारी नेताओं के हस्तक्षेप हो जाने के बाद इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी का परिणाम है की प्रशासन ने बेख़ौफ विद्यार्थियों के हित में कार्य करने वाले राष्ट्र के सबसे बड़े विद्यार्थी संगठन पर एफआईआर तक दर्ज कर दी। यह है पूरा मामलास्वतंत्रता दिवस के दौरान शहर के रामबाग क्षेत्र में चलने वाले टाइम किड्स प्री स्कूल में बच्चों के कार्यक्रम में पाकिस्तान का झंडा लहराया गया। इसका वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद छात्र नेताओं ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अधिकारियों को पसंद नहीं आया। जिस स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहराया, उसके लिए जांच का निर्णय लिया। 2 दिन के अल्टीमेटम के बाद जांच का तो अता पता नहीं  लेकिन छात्र नेताओं पर पुलिस ने एडीएम के आवेदन पर तुरंत एक्शन लेते हुए मुकदमा कायम कर लिया। हालांकि मामले के तुल पकड़ने के बाद स्कूल के दीपक पंत ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी थी की आधा वीडियो वायरल किया, पूरे वीडियो में विभाजन की त्रासदी का मंचन किया गया। लेकिन जब पब्लिक वार्ता ने उनसे सवाल किया था तब उन्होंने इसे पाकिस्तान का झंडा मानने से इंकार किया और समाजिक सदभाव का प्रतिक बताया था। लेकिन अब खुद दीपक पंत इसे पाकिस्तान का झंडा मानने के साथ सफाई देते हुए खेद जताया रहे है। यह भी देखिए EXCLUSIVE🔥 :स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल का जागा पाकिस्तान प्रेम! रतलाम के टाइम किड्स प्री स्कूल में नन्हीं बच्ची के हाथों लहरवाया पाकिस्तानी झंडा – PUBLIC वार्ता स्कूल संचालक दीपक पंत को झंडे में नजर आता है सामाजिक सदभाव! देखिए वीडियो👇🏻

कार्रवाई कब तक? : 2 घंटे तक विद्यार्थी परिषद का उग्र प्रदर्शन, मामला टाइम किड्स स्कूल में पाकिस्तानी झंडे का

कलेक्टर के नहीं आने पर जाम किया सिटी फोरलेन, 2 दिन में कार्रवाई की चेतावनी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के टाइम किड्स प्री स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित सांस्कृति कार्यक्रम में पाकिस्तानी झंडा लहराने के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जमकर प्रदर्शन किया। बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टोरेट ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन के दौरान कार्यकर्ता कलेक्टर राजेश बाथम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। कलेक्टर के नहीं आने पर परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और चक्काजाम करने की चेतावनी दी। जिसके काफी देर बाद कलेक्टर बाथम ज्ञापन लेने कार्यालय से बाहर आए। कलेक्टर के आते ही नाराज कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी जिससे कलेक्टर राजेश बाथम नाराज होकर वापस चले गए। कलेक्टर के जाने से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट के बाहर सिटी फोरलेन को पूरी तरह से जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले विरोध के बाद अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई और एडिशनल एसपी राकेश खाखा ज्ञापन लेने सड़क पर पहुंचे। एबीवीपी ने स्कूल की मान्यता निरस्त करने और संचालक के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी है कि दो दिन के भीतर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो जिलेभर में रतलाम कलेक्टर के विरुद्ध प्रदर्शन किया जाएगा। गौरतलब है की रतलाम के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री-स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान नन्हीं बच्ची के हाथों में पाकिस्तानी झंडा लहराते हुए स्कूल ने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मुद्दे को उठाते हुए स्कूल संचालक दीपक पंत से जब बात की तो उन्होंने इसे सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बताकर सही ठहराते हुए वीडियो नहीं हटाया। हालांकि मामले के तूल पकड़ने के बाद अब दीपक पंत द्वारा मीडिया में जारी बयान में यह बताया जा रहा है की यह नाट्य प्रस्तुति थी जिसमें ब्रिटिश झंडा भी था। बरहाल सवाल यही है की जिन बच्चों को सामान्य प्रस्तुतियां ठीक से नहीं आती हो उन्हें इतने गंभीर विषय पर प्रस्तुति करवा कर स्कूल प्रशासन क्या दर्शाना चाह रहा था? वहीं इस प्रकार की प्रस्तुति में पाकिस्तान के भारत विभाजन का क्या औचित्य है? फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय है। देखना यह है की क्या प्रशासन केवल खानापूर्ति करेग या गंभीरता से जांच! क्योंकि वीडियो सामने आने के 5 दिन बाद तक भी जिम्मेदारों ने स्कूल संचालक को नोटिस तक नहीं दिया। इससे साफ जाहिर होता है की किस प्रकार से एक उद्योगपति अपने रसूख का उपयोग कर ऐसे देशविरोधी कारनामें को अंजाम दे सकता है। और जिम्मेदार केवल तिरंगा यात्राएं निकालकर और स्वागत सत्कार करवाते हुए अपनी एक तरफा देशभक्ति जाहिर करते रहेंगे। अगर आज स्कूल संचालक दीपक पंत का समाजिक सदभाव का प्रतीक पाकिस्तानी झंडा है तो कल से हर गली में ऐसे देशविरोधी पनपे नजर आएंगे जो बच्चों के हाथों पाकिस्तानी झंडे देंगे और बाद में उसे सदभाव बताकर खुद को निर्दोष साबित कर देंगे। जिला शिक्षा अधिकारी को थमाया नोटिस, टीम पहुंची स्कूलस्कूल प्रबंधन ने वीडियो को इंस्टाग्राम पेज पर 15 अगस्त 2024 को शेयर किया था। पब्लिक वार्ता के माध्यम से वीडियो सामने आने के बाद 17 अगस्त 2024 को चाइल्ड लाइन को गोपनीय रूप से शिकायत भी प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर चाइल्ड लाइन ने प्रतिवेदन बनाकर बाल कल्याण समिति को भेजा। बाल कल्याण समिति ने 20 अगस्त 2024 को रतलाम जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी कर जांच के निर्देश दिए थे। समिति सदस्य शंभू मांगरोदा और ममता चौहान के हस्ताक्षर से जारी नोटिस की प्रतिलिपि प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग भोपाल और रतलाम कलेक्टर को भी भेजी गई।  वहीं एबीवीपी के प्रदर्शन के बाद प्रशासन एक्टिव हुआ और एक टीम को स्कूल भेजकर अपनी जांच शुरू की।

ABVP का घेराव : टाइम किड्स स्कूल संचालक के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, मामला स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का

स्कूल संचालक ने बताया था सामाजिक सदभाव! , कल विद्यार्थी परिषद का कलेक्ट्रेट घेराव पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शहर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बच्ची के हाथों पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो स्कूल ने अपने सोशल मीडिया के एकाउंट पर डाला था। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मामले को जनता के सामने रखा। बकौल स्कूल संचालक दीपक पंत ने इसे सामाजिक सदभाव का प्रतीक बताया। लेकिन तीन दिन बाद तक जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इतने गंभीर मामले में प्रशासन के रवैय्ये को लेकर तीखी आपत्ति ली है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए वीडियो को हटा लिया गया और खेद जताकर मामले में इतिश्री कर ली। विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक सत्यम दवे ने बताया की मामला घोर निंदनीय है। खबर प्रसारित होने और वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह प्रशासन की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के अलावा अगर प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्कूल संचालक दीपक पंत पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई स्कूल के खिलाफ नहीं की तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। एडवोकेट मंथन मुसले के अनुसार इस पूरे कृत्य में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 और 196 (अ और ब) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद माना जा सकता है की यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। स्कूल व संचालक के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए। बाल आयोग को भी इसमें संज्ञान लेकर स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

होटल पर दबिश! : रईसजादों की अय्याशी का अड्डा बना समता सागर पैलेस, 9 जुआरियों से 1 लाख 40 हजार से अधिक जब्त

होटल संचालक पुलिस कार्रवाई से कोसों दूर, घनघनाने लगे थाने के फोन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। महू रोड स्थित शहर की नामचीन होटल समता सागर पैलेस पर देर रात एसपी राहुल लोढा की टीम ने छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया। होटल के कमरा नं 336 में लाखों रुपये की हार – जीत की जा रही थी। सूत्रों की माने तो होटल समता सागर में जुआ लंबे समय से संचालित होते आ रहा है। इसके अलावा भी यह होटल अन्य गतिविधियों के चलते चौराहों की सुर्खियों में बना रहता है। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत आने वाले इस होटल में शहर के रईसजादों की अय्याशियों के किस्से अक्सर सुनाई देते रहते है। शहर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों के लोग भी ताश पत्तियों पर हाथ आजमाने यहां चले आते है। होटल संचालक अतुल बाफना से पब्लिक वार्ता ने संपर्क कर होटल में जुआ संचालित करने व पुलिस दबिश संबंधी सवाल पूछा तो उन्होंने पुलिस दबिश व ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। पूरे मामले में अब तक समता सागर होटल संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एएसआई लोकेंद्रसिंह बेंस ने बताया की मामले में आगे जांच कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान होटल संचालक की संलिप्तता अगर पाई जाती है, तो जरूर कार्रवाई करेंगे। जानकारी के अनुसार देर रात करीब 12 बजे एसपी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर होटल में जुआ संचालित होने पर दबिश दी। मौके से पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 लाख 40 हजार 120 रूपये और ताश पत्ते जब्त किए। गिरफ्तार हुए कई आरोपी शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी परिवारों से जुड़े है। पुलिस ने मौके से आरोपी गौरव पिता सुरेशचंद्र परमार निवासी गोपाल गौशाला, कासिम पिता आबीद रंगवाला निवासी बोहरा बाखल, आशीष पिता रामनाथ शिवहरे निवासी कस्तूरबा नगर, आनंद पिता मांगीलाल सोनी निवासी भोलेनाथ मंदिर के पास चांदनी चौक, इरफान पिता यूसुफ खान निवासी नाहरपुरा गली नं1, मनजीत पिता आजाद जैन निवासी त्रिपोलिया गेट, अंकित पिता शांतिलाल जैन निवासी धानमंडी, आकाश पिता जगदीश रावत निवासी आमलिया भेरू काटजू नगर, एवं आशीष पिता मनोहरलाल जैन निवासी मोहन टाकीज को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 1 लाख 40 हजार 120 रुपए की नगदी सहित ताशपत्ते बरामद किए है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। देर रात आरोपियों के थाने पहुंचते ही थाने से उनको छुड़वाने के प्रयास तेज हो गए। पुलिस अधिकारियों के फोन भी तेजी से घनघनाने लगे, वहीं कई तो अपने चहितों के लिए थाने तक भी आ गए। गौरतलब है की इस होटल से एसपी कार्यालय की दूरी महज 300 से 400 मीटर है।

विरोध प्रदर्शनः कार्रवाई ना होने से हिंदू जागरण मंच ने घेरा थाना, डेढ़ माह पहले हिंदू युवती को बहला कर ले गया था मुस्लिम शिक्षक

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। हिंदू जागरण मंच ने रविवार दोपहर शहर के डीडी नगर पुलिस थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ता थाने के बाहर जमीन पर बैठ गए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए। सीएसपी के देरी से आने पर नाराज होकर पदाधिकारियों ने थाने के बाहर से गुजर रहे रतलाम-शिवगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। दरअसल मामला डेढ़ माह पूर्व एक हिंदू युवती को मुस्लिम शिक्षक गुमराह कर ले जाने का है। युवती के परिजनों ने थाने गुमशुदगी दर्ज कराई है। डेढ़ माह बितने के बाद भी आज तक युवती का पुलिस पता नहीं कर पाई। इस कारण थाने का घेराव किया। थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया बात करने आए तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने की मांग पर पदाधिकारी अड़ गए। सीएसपी अभिनव बारंगे को सूचना दी गई। सीएसपी के आने में देरी होने से प्रदर्शन कर रहे पदाधिकारी व कार्यकर्ता आक्रोशित होने लगे। सड़क जाम करने की चेतावनी दी। तब उन्हें बताया कि सीएसपी जगन्नाथ रथ यात्रा में है। कुछ देर इंतजार के बाद सभी थाने परिसर से बाहर निकल रतलाम-शिवगढ़ मार्ग सागोद रोड पुलिया पर पहुंच जाम लगा दिया। इस दौरान सीएसपी बारंगे आ गए। पदाधिकारियों ने युवती की तलाश नहीं करने पर सवाल-जवाब किए। पदाधिकारियों का कहना था कि युवक का परिवार रतलाम में ही रहता है तो अभी तक युवती की तलाश क्यों नहीं की गई। इसके अलावा शहर में समय से पहले दुकाने बंद कराने को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने विरोध कर कहा कि विशेष वर्ग समुदाय के क्षेत्रों में देर रात तक दुकाने खुली रहती है। सीएसपी ने सारी बाते सुनकर तीन से चार दिन में युवती की तलाश कर लाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद मामला शांत हुआ। जागरण मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर तीन से चार दिन में युवती को पुलिस तलाश नहीं कर पाती है तो सर्व हिंदू समाज द्वारा रतलाम बंद कराया जाएगा।इस दौरान हिंदू जागरण मंच के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राजेश कटारिया, जिला संयोजक जगदीश पाटीदार, कमलेश ग्वालियरी, सिद्धार्थ पंड्या, कार्तिक, नंदकिशोर,सूरज चौहान, राकेश मिश्रा समेत बड़ी संख्या में हिंदू संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। दर्ज है गुमशुदगी, नहीं हो रही कार्रवाईपुलिस के अनुसार परिजनों थाने में जो आवेदन दिया था उसमें युवती 21 मई 24 को घर से जाना बताया। 23 मई को अनीस खान निवासी लक्ष्मणपुरा के खिलाफ गुमराह कर ले जाने को लेकर गुमशुदगी दर्ज कराई। लगातार युवती को तलाश भी किया गया। परिजनों को आशंका है कि युवती को गुमराह कर ले जाया गया है। पुलिस की माने तो युवती की तलाश के बाद सारे बिंदुओं पर जांच की जाएगी। डीडी नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंतोडिया ने बताया युवती की तलाश के लिए लगातार टीमे लगी हुई है। एमपी के बाहर भी पुलिस टीम गई है। शीघ्र ही युवती को तलाश कर लिया जाएगा।हिंदू जागरण मंच के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राजेश कटारिया ने बताया कि डेढ़ माह पूर्व हिंदू युवती को मुस्लिम शिक्षक गुमराह करके ले गया है। डेढ़ माह से पुलिस से संपर्क कर रहे है। पुलिस द्वारा सही कार्रवाई नहीं की जा रही है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे तो चक्काजाम करना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि की तीन से चार दिन में युवती को तलाश लेंगे। युवती को तलाश कर नहीं लाया जाता है तो हम हिंदू सर्व समाज को लेकर रतलाम बंद करेंगे।