Fake IPS Officer: बिहार में 18 साल का फर्जी आईपीएस गिरफ्तार, 2 लाख रुपये देकर बना ‘अधिकारी’

मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने 2 लाख 30 हजार रुपये में बना दिया Fake IPS Officer, अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया….. बिहार/जमुई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बिहार के जमुई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सिकंदरा पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। (Fake IPS Officer) गिरफ्तार युवक, मिथलेश कुमार, लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव का निवासी है। उसने 2 लाख रुपये देकर फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने का दावा किया। पुलिस ने मिथलेश को सिकंदरा चौक से हिरासत में लिया, जब वह आईपीएस की वर्दी पहनकर अपनी बाइक पर सवार था। कैसे खुली पोल? भीड़ के शक से हुई गिरफ्तारीमिथलेश कुमार आईपीएस की वर्दी में कमर पर पिस्टल लटकाकर सिकंदरा चौक पर रुका, जहां लोगों ने उसके हाव-भाव और वर्दी को देखकर संदेह जताया। किसी ने सिकंदरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फर्जी आईपीएस के खुलासे! दो लाख रुपये देकर ली ‘नौकरी’गिरफ्तार मिथलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि खैरा इलाके के मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने उसे पुलिस में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। इसके बदले में मनोज सिंह ने 2 लाख 30 हजार रुपये की मांग की। मिथलेश ने अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया। इसके बाद, मनोज ने उसका नाप लेकर उसे आईपीएस की वर्दी, बैज और पिस्टल सौंप दी। वर्दी पहन मां का लिया आशीर्वाद, बाकी रकम देने जा रहा था तभी पकड़ा गयामिथलेश ने बताया कि वर्दी पहनकर वह अपनी मां से आशीर्वाद लेने घर गया, जिसके बाद मनोज सिंह से बाकी 30 हजार रुपये देने के लिए निकल पड़ा। सिकंदरा चौक पर थोड़ी देर के लिए रुका, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा। एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि युवक को फर्जी आईपीएस वर्दी में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अगर मिथलेश की बात सही निकली, तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गिरोह का पर्दाफाश करना होगी, जो बेरोजगार युवकों को ठगकर फर्जी अधिकारियों का खेल रच रहा है। जमुई पुलिस फिलहाल इस गिरोह का सुराग तलाशने में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ईद मिलादुन्नबी जुलूस: पुलिस ने जारी किया ट्रैफिक रुट डायवर्जन प्लान, एसपी अमित कुमार ने दिए आवश्यक निर्देश

स्टेशन रोड थाना प्रभारी दिनेश भोजक और साइबर प्रभारी अमित शर्मा लाइन अटैच रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। रतलाम पुलिस द्वारा मुस्लिम समुदाय के ईद मिलादुन्नबी पर्व के अवसर पर यातायात डायवर्सन प्लान जारी किया गया। 16 सितंबर 2024 को सुबह 8 बजे से जुलूस निकलेगा। इस दौरान दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में परिवर्तन किया जाएगा। जुलूस आबकारी चौराहे से प्रारंभ होकर शहर सराय, अण्डागली, नाहरपुरा तिराहा, गोविन्द पान वाला, आरोग्यम हॉस्पिटल, नगर निगम, हाथीखाना, मोचीपुरा, हाकिमवाडा, शैरानीपुरा, जमातखाना, आन्नद काँलोनी, काँन्वेन्ट तिराहा, कोर्ट तिराहा, स्टेशन रोड, दो बत्ती, न्युरोड, लोकेन्द्र टाँकिज, शहर सराय होते हुए आबकारी चौराहे पर समाप्त होगा। जुलूस के मद्देनजर शहर में पुलिस व्यवस्था भी चाकचौबंद रहेगी। सभी क्रिटिकल पॉइंट पर माइक्रो सिक्योरिटी के बंदोबस्त किए जा रहे है। पुलिस सोशल मीडिया से लेकर गली – मोहल्लों तक में हर तरह से निगरानी रखे हुए। नवागत एसपी अमित कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए शहर के सभी थानों का औचक निरीक्षण किया। एसपी कुमार ने संवेदनशील क्षेत्रों और आपराधिक प्रवत्ति में शामिल लोगों पर विशेष निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए। एसपी ने आमजन से शांति व सोहाद्र के साथ त्यौहार मनाने की अपील भी की। शहर के नागरिक किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान ना दे। सभी पुलिसकर्मियों को छोटी से छोटी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल एक्टिव होकर निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। गणेश चतुर्थी पर हुए घटनाक्रम के बाद एक्शन लेते हुए एसपी ने देर रात थाना प्रभारियों में फेरबदल किया। एसपी ने स्टेशन रोड थाना प्रभारी दिनेश भोजक और साइबर सेल प्रभारी अमित शर्मा को लाइन अटैच कर दिया। रतलाम आईए थाना प्रभारी राजेन्द्र वर्मा को थाना प्रभारी स्टेशन रोड बना दिया। प्रकाश गडरिया को लाइन से कंट्रोल रूम प्रभारी, चौकी प्रभारी सूखेड़ा वीडी जोशी को आईए थाना प्रभारी बनाया। जुलूस के रूट पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जुलूस के दौरान आम जनता की सुविधा को देखते हुए यातायात पुलिस द्वारा निम्नलिखित यातायात व्यवस्था और डायवर्सन प्लान तैयार किया गया है:

राजधानी पहुंचा आक्रोश: रतलाम के तत्कालीन SP राहुल लोढा को भोपाल में दिखाए काले झंडे, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आकर जानेंगे हाल

बजरंग दल कार्यकर्ता ने एसपी की सद्बुद्धि के लिए पढ़ी  हनुमान चालिसा, जमकर की नारेबाजी भोपाल/रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। मध्यप्रदेश के रतलाम में गणेश जुलूस पर पथराव और लाठीचार्ज के मामले में ट्रांसफर होकर भोपाल पहुंचे एसएसपी राहुल कुमार लोढा का वहां भी विरोध शुरू हो गया। भोपाल रेल में ज्वाइनिंग से पहले बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर काले झंडे दिखाए। बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने एसपी लोढा की सद्बुद्धि के लिए सुंदरकांड और हनुमान चालिसा का पाठ भी किया। बजरंग दल के नेताओं के अनुसार ऐसे एसपी राहुल लोढा को पीएचक्यू में अटैच किया जाए या फिर उन्हें सस्पेंड किया जाए। हिंदू संगठनों का आरोप है की एसपी ने शासन को गुमराह करते हुए गलत जानकारी दी और एकतरफा कार्रवाई कर दी। इससे पहले जब वे भोपाल, बुराहनपुर, गुना आदि जिलों में थे तब भी उनकी मानसिकता हिंदू विरोधी रही है। भोपाल रेल में एसपी राहुल के पदभार ग्रहण को लेकर बजरंगदल नेता ने चेतावनी देते हुए कहा की अगर वे यहां पदभार ग्रहण करते है तो बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा। गौरतलब है की रतलाम में गणेश प्रतिमा जुलूस और हिंदुओं पर पत्थरबाजी की खबरों ने शहर में अराजकता का माहौल बना दिया था। जिसके बाद एसपी राहुल लोढा ने कार्रवाई करते हुए 13 लोगों पर नामजद एफआईआर करते हुए, अगले दिन मीडिया में पूरे घटनाक्रम को अफवाह बताया था। मामले में गणेश पांडाल में पुलिस की मारपीट के वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और देखते ही देखते पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगने शुरू हो गए। लाठीचार्ज में 19 वर्षीय  युवक की मौत का आरोप भी पुलिस पर लगा। जिसके बाद मामला गरमाया और हजारों की संख्या में हिंदू समाज ने सड़को पर उतरकर कलेक्टर के नाम एसपी राहुल लोढ़ा, एडिशनल एसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव बारंगे, टीआई दिनेश भोजक समेत पुलिस के अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा। सियासत गरमाई, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष कल रतलाम मेंपत्थरबाजी के मामले में सियासत भी गर्म गई। कांग्रेस और भाजपा आमने सामने हो गई। अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भाजपा सदस्यता अभियान के अंतर्गत रतलाम का दौरा करेंगे। शर्मा सुबह 08:30 बजे सर्किट हाउस मे प्रमुख कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों से मिलेंगे। 11 बजे सैलाना और फिर वापस रतलाम बैठक में शामिल होंगे। जिसके बाद वे झाबुआ के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के अनुसार इस घटनाक्रम ने भाजपा की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। हिंदू संगठनों व आमनागरिकों की स्थानीय नेताओं व पदाधिकारियों के विरोध की खबर हाईकमान तक जा पहुंची है। जिसके चलते ताबड़तोड़ वीडी शर्मा को रतलाम आना पड़ रहा है। इस विषय पर हिंदू संगठन के स्थानीय नेताओं से भी शर्मा चर्चा कर सकते है। ज्ञात हो की पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह ने भाजपा को घेरते हुए ट्वीट कर लिखा की पत्थर फेंकने की झूठी बात फैलाकर धर्म विशेष को फंसाने के लिए एसपी पर दबाव बनाया गया। प्लानिंग कर अफवाह फैलाकर निर्दोष लोगों को फंसाने की कहानी का पुलिस ने ईमानदारी से पर्दाफाश किया। वहीं पलटवार में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा की दिग्विजय सिंह जी को भी सम्मान मिलना चाहिए। उनकी भाषा, शब्द और पाकिस्तान के प्रति प्रेम अद्भुत है। ओसामा बिन लादेन से लेकर सभी का सम्मान करने वाले दिग्विजय सिंह ही हैं। कांग्रेस इसी प्रकार की बातें कर रही है, जो दुर्भाग्यजनक है। यह हुआ था उस दिनगणेश चतुर्थी पर रतलाम के संवेदनशील क्षेत्र मोचिपुरा में गणेश प्रतिमा जुलूस पर पथराव हुआ था। जिसके बाद हिंदू समाज ने सैंकड़ों की संख्या में स्टेशन रोड थाने का घेराव किया था। तत्कालीन एसपी राहुल कुमार लोढ़ा पुलिस बल के साथ जांच के लिए घटना स्थल मोचीपुरा पहुंचे। पीछे-पीछे भीड़ भी गई। SP ने लोगों से वहां से जाने के लिए कहा, इसी बीच दूसरी और से पथराव शुरू हो गया। पुलिस की गाड़ी पर भी एक पत्थर लगा। गाड़ी का कांच फूट गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। रात लगभग साढ़े आठ बजे शुरू हुआ हंगामा-प्रदर्शन करीब 2 बजे खत्म हुआ। इसके बाद कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। पुलिस पर गणेश पांडाल में मारपीट, महिला अभद्रता, लाठीचार्ज में युवक की मौत, एफआईआर में फर्जी नाम जोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे।इस घटना के बाद तत्काल गृह विभाग से एसपी राहुल लोढ़ा का ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह अमित कुमार को जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं राहुल लोढ़ा को भोपाल रेल का एसपी बनाया गया। जहां पर उन्हें अब विरोध का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल पूरे मामले में जांच चल रही है।

प्रेस क्लब ज्ञापन : पत्रकार दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा की प्रीमियम राशि बढ़ाने का विरोध

फर्जी और ब्लेकमेलर की हो जांच, उपद्रव में पत्रकार पर एफआईआर में हो निष्पक्ष जांच! रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। रतलाम प्रेस क्लब ने पत्रकार दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा की प्रीमियम राशि में बढ़ोतरी के विरोध में कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने कहा कि प्रीमियम राशि में बढ़ोतरी न्यायसंगत नहीं है और इसे तत्काल संशोधित किया जाना चाहिए। रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई वर्षों से प्रदेश के अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकारों को मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकार स्वास्थ एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन इस बार प्रीमियम राशि में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की गई है, जो न्यायसंगत नहीं है। पत्रकारों ने मांग की है कि बीमा राशि 4 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रुपए की जानी चाहिए। साथ ही प्रेस क्लब ने फर्जी और ब्लेकमेलर पत्रकारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। वहीं कुछ दिनों पहले शहर में हुए उपद्रव के घटनाक्रम में पत्रकार के नाम पर एफआईआर को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे और उन्होंने नारेबाजी भी की। एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने पत्रकारों को ज्ञापन लेकर आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। फर्जी और ब्लेकमेलर को करे बाहरप्रेस क्लब ने कलेक्टर बाथम के नाम भी एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि जिले में फर्जी एवं ब्लैकमेलर पत्रकारों को रोकने के लिए जनसम्पर्क द्वारा सूची एवं समाचार प्रदाय ईमेल एड्रेस को तत्काल अपडेट करवाया जाए। फर्जी पत्रकार एवं सोशल मीडिया इंन्फ्लूंसर सरकारी कार्यक्रमों आकर गैर जिम्मेदारी से तथ्यों को प्रस्तुत करते है। कई फर्जी पत्रकार संगठन बिना वेरिफिकेशन के कार्ड एवं वाहन पर चिपकाने वाले मीडिया स्टीकर जारी कर रहे हैं। ऐसे लोगो पर कार्रवाही की जाए। यह भी मांग की गई कि रतलाम के पत्रकारों को जिले भर में कव्हरेज के लिए जाना पड़ता है। इस दौरान जिले में स्थित टोल बुथ कर्मचारी उनसे गलत बर्ताव करते है। प्रशासन टोलबुथ को सख्त निर्देश जारी करे कि अधिमान्य पत्रकारों के साथ ही संस्थान के कार्डधारी पत्रकारों को बेरोकटोक आवागमन कर सके। सरकारी योजनाओ के क्रियान्वयन निरीक्षण के  लिए मीडिया टूर का समय -समय पर आयोजन किया जाए। विभिन्न सरकारी समितियों में रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष सविच या उनके द्वारा नामित पत्रकारों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। एफआईआर के मामले में हो निष्पक्ष जांचरतलाम प्रेस क्लब के सदस्य पत्रकार जयदीप गुर्जर पर 7 सितम्बर 2024 को रात्रि में रतलाम शहर में हुए उपद्रव के मामले में दर्ज किए गए प्रकरण को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है एवं भयमुक्त तरीके से सभी अपना कार्य कर सके इसके लिए रतलाम प्रेस क्लब सदैव प्रयास करता रहता हैं। जयदीप गुर्जर एक सक्रिय पत्रकार है एवं इस दौरान वो घटना दिनांक को अन्य पत्रकारों की तरह ही वहां पर कव्हरेज के लिए ही मौजूद थे। इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पत्रकार साथी पर हुई एफआईआर का खात्मा किया जाए। ये रहे मौजूदप्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी, सचिव यश शर्मा बंटी, कोषाध्यक्ष राजेंद्र केलवा, उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, अमित निगम, सहसचिव मुबारिक शेरानी, कार्यकारिणी सदस्य हेमंत भट्ट, दिनेश दवे, राजेश पोरवाल, दिव्यराज सिंह राठौर, सिकंदर पटेल, चंंद्रेशेखर सोलंकी, प्रदीप नागौरा, शुभ दशोत्तर, वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी,  राजेश जैन, राजेश मूणत, सुरेंद्र जैन, रमेश टांक ,ऋषीकुमार शर्मा, गोविंद उपाध्याय, रामाकांत शुक्ला, हेरंब सिंह सैंगर, ओम त्रिवेदी, महिला पत्रकार अदिति मिश्रा,तुषार कोठारी, विजय मीणा,  नरेंद्र जोशी, नीरज शुक्ला,  सौरभ कोठारी, भेरूलाल टांक, सुधीर जैन, डीएन पंचोली, केके शर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव, संजय पाठक, कमल सिंह जाधव,  सुशील खरे,  हेमंत कोठारी, राजेश पुरोहित,  अर्पित चौबे, विनोद वाधवा, निलेश बाफना, यशवंत राठौर, भुवनेश पंडित, विवेकानंद चौधरी, सुरेश बोरासी, चिंटु मेहता, स्वदेश शर्मा, दिग्विजय सिंह सेंगर, नवीन टांक, अशोक शर्मा, राजू अग्रवाल, संजय मिश्रा,मोंटी पारे आदि मौजूद थे।

ताक पर महिला सुरक्षा : हरितालिका तीज पर पूजा करने जा रही युवती से छेड़छाड़, घंटों तक इंतजार के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस

थाने पहुंचे भाजयुमो नेता को धक्का मारकर निकाला बाहर, प्रदर्शन के बाद एएसआई कनिक लाइन हाजिर रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर में चरमराई कानून व्यवस्था की तस्वीर शुक्रवार रात सामने आई। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत हरमाला रोड पर हरतालिका तीज मनाने एक युवती पूजा के लिए घर से तैयार होकर जब मंदीर पहुंच रही थी तभी रास्ते में कुछ मनचलों ने उस पर ताने कंसने शुरू कर दिए। छेड़छाड़ की घटना से घबराई युवती नेज ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद क्षेत्रवासियों और परिजनों ने मौके पर आरोपियों को पकड़ लिया। क्षेत्रवासियों के अनुसार युवकों को पकड़कर पुलिस को फोन लगाए लेकिन थाना स्टेशन रोड से कोई भी जिम्मेदार घटनास्थल नहीं पहुंचा। जिसके बाद क्षेत्र के पार्षद प्रतिनिधि और भाजयुमो उपाध्यक्ष जलज सांखला, मंडल अध्यक्ष आयुष पडियार को बुलाया और सभी थाने पहुंचे। गौरतलब है की हरमाला रोड पर चौगानिया भेरु और फूल मंडी के आसपास का क्षेत्र शराबियों का अड्डा बना हुआ है और पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। वहीं इस घटना ने शहर के थानों पर महिला सुरक्षा के पुलिस दावों की पोल खोल कर रख दी है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब आठ बजे दो शराबी मनचलों ने मंदिर जा रही युवती को छेड़ दिया। इसकी जानकारी लगने पर लोगों ने स्टेशन रोड थाने पर शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर रहवासी भड़क गए और थाने पहुंचे। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि जिला उपाध्यक्ष जलज सांखला व भाजयुमो मंडल अध्यक्ष आयुष पड़ियार भी उनके साथ थे। आरोप है की कार्रवाई नहीं करने पर मंडल अध्यक्ष आयुष पड़ियार जब थाने के अंदर पहुंचे तो वहां मौजूद एएसआई दिनेश कनिक ने उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया। जिसके बाद भाजयुमो जिलाध्यक्ष विप्लव जैन कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर विरोध किया। आक्रोशित कार्यकर्ता बदतमीजी करने वाले एएसआई दिनेश कनिक पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जिसके बाद एसएसपी राहुल लोढा ने कनिक को लाइन अटैच कर दिया। उधर युवती की ओर से भी थाने पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।

शर्मनाक हरकत : नशे में धुत शिक्षक ने कैंची से काटी छात्रा की चोटी, वायरल वीडियो के बाद किया सस्पेंड

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में एक चौंकाने वाली घटना में एक शिक्षक ने नशे की हालत में एक छात्रा की चोटी काट दी। यह घटना रावटी के प्राइमरी स्कूल सेमलखेड़ी-2 में बुधवार को हुई। शिक्षक के इस कृत्य के बाद छात्रा रोते हुए खड़ी रही, जबकि शिक्षक ने जवाब में कहा कि जो करना है कर लेना। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, जो गुरुवार को सामने आया। शुरुआती जांच के आधार पर आरोपी सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर राजेश बाथम ने कहा, “शिक्षक का आचरण मर्यादाहीन और पद की गरिमा के खिलाफ है। उसके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।” संकुल प्राचार्य (क्लस्टर प्रिंसिपल) संदीप जैन ने बताया कि यह स्कूल आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत आता है। स्कूल में करीब 50 स्टूडेंट हैं। वीडियो गुरुवार सुबह संज्ञान में आया है। वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है। वीडियो में दिख रहा है कि शिक्षक वीर सिंह मईड़ा के हाथ में कैंची है। पास ही 5वीं की एक छात्रा खड़ी है। वह लगातार रोए जा रही है। फर्श पर कटी हुई चोटी पड़ी है। पास ही एक और छात्र भी खड़ा है। वीडियो बनाने वाला शख्स जब इस हरकत पर आपत्ति जताता है, तो शिक्षक बच्चों के सामने ही अपशब्द कहते हुए कहता है- जो भी करना हो कर लेना। शिक्षक ने कहा- कोई कुछ नहीं कर सकता स्कूल के पास रहने वाले गौतम ने बताया, ‘उस वक्त मैं घर पर था। अचानक स्कूल के 5-6 बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनी। आकर देखा, तो शिक्षक वीर सिंह कैंची से बच्ची के बाल काट रहे थे। उनसे पूछा तो उन्होंने कहा- ये लोग पढ़ाई नहीं करते हैं। मैं मोबाइल से वीडियो बनाने लगा, तो सर ने कहा कि वीडियो बनाना है, बना ले। कोई कुछ नहीं कर सकता। घटना के सामने आने के बाद कलेक्टर राजेश बाथम नेे सहायक आयुक्त (आदिम जाति) रंजना सिंह को जांच के आदेश दिए थे। गुरुवार को आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने बच्ची के बयान भी लिए। इस दौरान पीड़ित बच्ची ने अफसरों को अपनी कटी हुई चोटी भी दिखाई।

धार्मिक झंडे को लेकर बवालः हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने, महिनेभर में इस प्रकार की यह तिसरी घटना

एसपी के निर्देश के बाद देर शाम टीआई ने दोनों पक्षों के प्रबुद्धजनों को बुलाकर की चर्चा, आपसी सोहाद्र बनाने की अपील रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने हो गए। मामला धार्मिक झंडे को रोड किनारे पर लगाने का था। दरअसल आने वाले दिनों में हिंदू धर्म का प्रमुख गणेशोत्सव का त्यौहार है। वहीं मुस्लिम समुदाय का भी ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाना है। ऐसे में दोनों पक्षों की तैयारियां चल रही है। मंगलवार दोपहर झंडे लगाने की बात पर करीब 3 घंटों तक गहमागहमी चलती रही। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अनुराग यादव मौके पर बल सहित पहुंचे और समझाइश के बाद मामला शांत करवाया। दोनों पक्षों ने अपने – अपने झंडे एक साथ में लगा लिए। महिनेभर में धार्मिक झंडे के विवाद का यह तिसरा मामला है। इससे पहले मोहर्ऱम के समय उकाला रोड व दो दिन पहले कलाईगर रोड पर विवाद सामने आ चुके है। हालांकी दोनों में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया। जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए कड़े नियम लागू करने की आवश्यकता है। जिससे भविष्य में कोई बड़े सांप्रदायिक विवाद जैसी स्थिति निर्मित ना हो।    हिंदू समाज के लोगों का कहना था की हर साल गणेशोत्सव के पहले हनुमान मंदिर के पास पांडाल लगाया जाता है। पांडाल के आसपास रोड किनारे पोल पर भगवा ध्वज और लाइट लगाई जाती है। यह बात दुसरे पक्ष को पहले से पता होने के बावजूद उन्होने पांडाल व उसके आसपास देर रात झंडे लगा दिए। जबकी हर बार दोनों पक्ष तय सीमा में ही अपने झंडे लगाते है। लेकिन इस बार पांडाल के पास ही झंडे लगा दिए। वहीं दुसरी और मुस्लिम पक्ष के अनुसार ईद मिलादुन्नबी के पहले मस्जिद के आसपास वे भी हर साल सजावट करते है और झंडे लगाते है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाईश देकर पांडाल स्थल के पास लगे झंडों को हटवाया। एसपी राहुल लोढ़ा ने मामले में थाना दिनदयाल नगर टीआई रविंद्र दण्डोतिया को क्षेत्र के प्रबुद्धजनों से चर्चा के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद टीआई रविंद्र ने दोनों पक्षों को बुलाकर आगामी त्यौहार शांति व सोहाद्र से बनाने की अपील की। टीआई ने बताया की अगर कोई भी द्वेष फेलाकर शांतिभंग करने की कोशिश करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर पुलिस विशेष निगरानी रखे हुए है।

ढाबे पर डॉक्टरी… : मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स की गुंडागर्दी आई सामने, मारपीट और तोड़फोड़ का केस हुआ दर्ज

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम पुलिस ने मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा की गई मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना बंजली सेजावता बायपास पर स्थित रायल ढाबा पर हुई, जहां मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स ने ढाबे पर खाना खाने के बाद पैसे नहीं दिए और गालियां देते हुए शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। पुलिस के अनुसार, रायल ढाबा संचालक रितिक राठौर पिता राजेश राठौर निवासी दीनदयाल नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेडिकल कालेज के स्टूडेंट्स ने ढाबे पर खाना खाने के बाद पैसे नहीं दिए और गालियां देते हुए शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। आरोपी स्टूडेंट्स ने घायल फरियादी से मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान भी मारपीट की। पुलिस ने आरोपियों पर हफ्ता वसूली, मारपीट, तोड़फोड़ सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। जानकारी के अनुसार फरियादी ढाबा संचालक रितिक राठौर ने बताया की सुमित जाटव, विजय परमार, महावीर सौलंकी, लोकेन्द्र चौहान, यश परमार, कार्तिक सारवे, मनीष परमार, आशीष सौलंकी, प्रतिक कौशल ढाबे पर खाना खाने आये थे। जिन्होने खाना खाने के बाद खाने का पैसे भी नही दिया और गालियां देते हुए शराब पीने के लिए पैसो की मांग करने लगे। इन लोगो को पैसे देने से मना किया और ढाबा बंद करके घर जाने के दौरान रात करीब 1 बजे सुमित जाटव, विजय परमार  ढाबे पर पत्थर फेंक कर भागे। जिनका पीछा करता हुआ फरियादी मेडिकल कालेज के केम्पस पहुंच गया। जहां सुमित जाटव, विजय परमार, संजय डांगी, महावीर सौलंकी, लोकेन्द्र चौहान, यश परमार, कार्तिक सारवे, मनीष परमार, आशीष सौलंकी, प्रतिक कौशल हाकी व डंडे लेकर एक साथ एक मत होकर आये और मारपीट करने लगे।तथा उतावलेपन से पत्थर फैंककर कार के कांच फोड दिये और कार मे रखा मोबाईल तोडकर नुकसान कर दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी सुमित जाटव और विजय परमार को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों संजय डांगी, महावीर सौलंकी, लोकेन्द्र चौहान, यश परमार, कार्तिक सारवे, मनीष परमार, आशीष सौलंकी, प्रतिक कौशल की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं। इस मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 616/2024 धारा-296,115(2),351(3),119(1), 125,191(2)(3),324(4) BNS का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आरोप पत्र दायर किया जाएगा।

शिक्षक या भक्षक! : छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में कोचिंग के शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज, 4 महीने में दूसरी घटना

घटनास्थल पर पुलिस ने झांका तक नहीं, नागरवास में संचालित है शुभम कोचिंग क्लासेस! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर में एक कोचिंग सेंटर पर शिक्षक द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 4 महीने में यह कोचिंग सेंटर का दूसरा मामला है, जो महिला अपराध से जुड़ा है। आरोपी द्वारा इस मामले को बड़ी चतुराई से दबाने की कोशिश की जा रही थी। कोचिंग संचालक ने सूबे के पुलिस कप्तान एसएसपी राहुल लोढा के सीसीटीवी लगाने के सख्त निर्देशों तक को हवा में कर दिया। वहीं मामले की जांच कर रहे डीडी नगर टीआई रविंद्र दंडोतिया ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मौके पर जांच तक करना मुनासिब नहीं समझा। मामला थाना माणकचौक अंतर्गत नागरवास स्थित शुभम कोचिंग सेंटर का है। सेंटर पर आने वाली एक 12 वीं कक्षा की छात्रा ने शिक्षक अजय पिता कनकमल जैन (55 वर्ष) निवासी नागरवास पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया। घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है। घटना से डरकर घबराई छात्रा ने कोचिंग जाना बंद कर दिया था। घटना के 4 दिन बाद यानी 21 अगस्त को एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी के पिता शासकीय विद्यालय में प्राचार्य रह चुके है। तभी से कोचिंग संचालित हो रही है। पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया की उसने कुछ दिनों पहले ही कोचिंग शुरू की थी। कोचिंग पर पढ़ाने वाले सर का नाम अजय जैन है। वहां और भी बच्चे पढ़ने आते है। 17 अगस्त की सुबह 8 बजे कोचिंग पहुंची तब और भी बच्चे क्लास रूम में मौजूद थे। आरोपी अजय ने पढ़ाना शुरू कर दिया था। तब आरोपी ने क्लास के ही एक छात्र को कुछ बोला और पीड़िता की टेबल के सामने आकर खड़ा हो गया। आरोपी अजय जैन ने गलत नियत से हाथ पकड़कर खिंचा और अन्य छात्र से बोला की देख यह मेरे साथ जम रही है। तू कैसा सड़ा दिख रहा है। इस दौरान क्लासरूम में अन्य छात्र भी मौजूद थे। पुलिस ने पीड़ित छात्रा की शिकायत पर बीएनएस की धारा 75 व एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन की पत्नी प्रिंसी जैन कोचिंग सेंटर की संचालक है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। परिजन के नाम से संचालित है सेंटर, डिग्री तक की ग्यारंटी!सूत्रों के अनुसार कोचिंग का संचालन आवासीय परिसर में किया जाता है। आरोपी अजय जैन के परिजन के नाम से कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है। आरोपी की पत्नी शहर के एक निजी स्कूल में वाईस प्रिंसीपल भी है। 10वीं व 12वीं में फैल छात्र – छात्राओं को पास करने के नाम पर कोचिंग संचालित की जाती है। इस एक कोचिंग सेंटर पर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चे पढ़ाए जाते है। इसके अलावा नर्सिंग, नीट, जेईई, एम्स जैसे कई विषय भी पढ़ने का दावा किया जाता है। यही नहीं स्कूल व होस्टल फैसिलिटी के साथ यहां मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्रियां भी करवाई जाती है। हालांकी पूरे मामले में शुभम कोचिंग सेंटर के आरोपी शिक्षक अजय जैन ने अपने पर लगे आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। बकौल जैन वे कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है लेकिन हमारी पड़ताल में ऐसी कोई एसोसिएशन शहर में नहीं होने की बात सामने आई है। देर रात घर नहीं पहुंची छात्रा, पुलिस की खानापूर्तिजानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा गरीब परिवार से है। घटना के बाद से वह डर और सहम गई थी। छात्रा अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए एक दुकान पर काम करने जाती थी। सुबह जब छात्रा को कोचिंग भेजा तो वह जाकर कालिका माता मंदिर में बैठी गई। जिस दुकान पर वह काम करती है, वहां भी नहीं गई। करीब पौने नो बजे जब छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने दुकान पर फोन लगाकर पूछा की उनकी बेटी घर क्यों नहीं आई। तब दुकान मालिक ने उसके दुकान पर नहीं आने की जानकारी परिजनों को दी। कुछ देर बाद जब छात्रा घर पहुंची तो उसके माता पिता ने उससे दिनभर बाहर रहने का कारण पूछा। तब छात्रा ने पूरा घटनाक्रम बताया और कहा की सर के डर के कारण में कोचिंग नहीं गई। जिसके बाद परिजन उसे माणक चौक थाने लेकर पहुंचे और आरोपी शिक्षक अजय जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह गडरिया के अवकाश पर होने से इस मामले में दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने कायमी की। लेकिन उन्होंने महिला अपराध से जुड़े मामले में गंभीरता ना दिखाते हुए केवल खानापूर्ति कर ली। घटना के बाद लगे सीसीटीवी, आती है और भी छात्राएं!आरोपी शिक्षक अजय जैन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उसे थाने से जमानत मिल गई। मामले की भनक तक किसी को नहीं लगने दी गई। जिसके बाद उसने ताबड़तोड़ अपने क्लास में सीसीटीवी कैमरा लगवा लिए। जबकि अप्रैल माह में इंग्लिश कोचिंग सेंटर के संचालक संजय पोरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पोरवाल पर महिला ने ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जब पुलिस ने जांच की तो पोरवाल के और भी काले चिठ्ठे निकलकर सामने आए। पूरे जिले में इस घटनाक्रम को लेकर घोर निंदा हुई। जिसके बाद पुलिस महकमा जागा और एसएसपी राहुल लोढा ने कोचिंग संचालकों को अपने सेंटर्स पर कैमरे लगाने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारियों को समय समय पर कोचिंग सेंटर्स की जांच के दिशा निर्देश भी दिए थे। लेकिन आरोपी अजय के … Read more

मानवता का “मर्डर” : मां को बनाना चाहता था अपनी हवस का शिकार, इसलिए 10 माह की मासूम बच्ची को उठा कर ले गया दरिंदा दशरथ

रोती – बिलखती मासूम का मुंह दबाकर कुंए में फेंका शव…. सजा – ए – मौत की उठी आवाज! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिला मुख्यालय के कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी से 17 अगस्त की रात एक 10 माह की मासूम के अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी थी। जिसके बाद पूरा पुलिस फोर्स अलग – अलग एंगल से बालिका को ढूंढने में जुट गया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बगैर किसी सुराग के आरोपी तक पहुंचने की थी। आरोपी पुलिस के सामने ही था। मगर पुलिस के पास पर्याप्त सुराग नहीं होने से वह केवल रडार पर था। रतलाम पुलिस की अथक मेहनत और खोजी कुत्ते की एक निशानदेही ने आरोपी दशरथ के कारनामें को उजागर कर दिया। पुलिस पहुंचती उसके चंद घंटे पहले वह फरार हो चुका होता है। रतलाम पुलिस ने तत्तपरता से आरोपी को अन्य राज्यों में ढूंढने के प्रयास कर दिए। एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया, जिसे अब सलाखों के पीछे धकेल दिया। पुलिस सहित समाज को मलाल इसी बात का है की नन्हीं मासूम जीवित नहीं रही। दरिंदे दशरथ ने 10 माह की बच्ची जो ठीक से शायद अपनी मां की पहचान ही जानती थी, उसे दुनियां देखने से पहले ही मौत की नींद सुला दिया। इस पूरे मामले ने आज मानवता की हत्या की है। ऐसी नीच और ओच्छी मानसिकता आखिर समाज में कहां से व्याप्त हो रही है? यह विचार करने का एक गंभीर विषय है। पूरा समाज आज क्रोधित है और आरोपी दशरथ के खिलाफ जल्द से जल्द “सजा – ए – मौत” चाहता है! गौरतलब है की प्रेमा पति मुकेश उर्फ राकेश खारोल निवासी ग्राम उपरवाड़ा करीब एक साल से कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी में अपने मायके में थी। डिलेवरी के पहले वह अपने मायके आई थी। डिलेवरी के बाद से वह मायके में ही थी। पति मिलने आता जाता था। 17 अगस्त की रात प्रेमा घर में अपनी बच्ची तनु के साथ सो रही थी। रात 11 से 12 बजे के बीच मां प्रेमा की नींद खुली तो बच्ची पास में नहीं थी। घर का अंदर से दरवाजा बंद था। खिड़की खुली हुई थी। रात में ही बच्ची के पिता को सूचना दी। गांव में भी बच्ची के गायब होने पर हड़कंप मच गया। रात में पुलिस को सूचना दी। बच्ची को तलाश किया, लेकिन नहीं मिली। जिसके बाद रतलाम एसएसपी राहुल लोढा ने मौके पर पहुंचकर गंभीरता से इस मामले की छानबीन के लिए टीम को लगाया। जिसके बाद परत दर परत मामला खुलता गया और पुलिस ने लसुडिया नाथी निवासी आरोपी दशरथ पिता रामलाल कटारिया (23) को गिरफ्तार किया। दशरथ का बच्ची के पड़ोस में ही घर है, जिसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसका दो साल का एक बेटा भी है। पूरे मामले के खुलासे में एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी शक्तिसिंह व कालूखेड़ा टीआई नीलम चौंगड़ की विशेष भूमिका रही। बच्ची को उठाया, ताकी मां के साथ…एसएसपी राहुल लोढा के अनुसार सख्ती से पूछताछ के दौरान आरोपी दशरथ ने बताया की बच्ची की मां यानी प्रेमा पर उसकी बुरी नजर थी। आरोपी दशरथ की पत्नी राखी के लिए 16 अगस्त को गई थी। 17 की रात वह पड़ोसी महिला के घर में खिड़की से गलत नियत से घुसने की फिराक में था। खिड़की के पास उसने बाहर से मां के पास सो रही बच्ची को उठा लिया। उसकी मंशा थी की बच्ची को उठाकर ले जाने से मां उसे ढूंढते हुए बाहर निकलेगी और वह उसका फायदा उठाकर महिला के साथ गलत कार्य कर सके। लेकिन बच्ची को उठाते ही वह रोने लगी तो उसने उसका मुंह हाथ से दबा दिया। इसी बीच बच्ची के मामा मौसी उठ गए और मां भी जाग गई। सभी बच्ची को ढूंढने लगे। आरोपी को जब लगा की मुंह दबाने से बच्ची मर गई है, तो उसने जुर्म छुपाने के लिए घर के पीछे कुछ दूरी पर स्थित कुंए में फेंक दिया। स्निफर डॉग से हाथ लगा सुरागएसएसपी ने बताया घटनास्थल की जांच के लिए साइबर और रेडियो टीम के हाथ भी कुछ नहीं लग रहा था। 200 से अधिक सीसीटीवी छाने, जावरा के प्रत्येक थाने और चौकी के प्रभारी को काम पर लगा दिया गया। गांव के एक – एक घर की तलाशी लेने के साथ सभी से पूछताछ जारी रखी गई। मानव तस्करी के एंगल से जांच को शुरू किया और बांछड़ा डेरो पर कड़ी निगरानी रखी गई। इतना सबकुछ करने के बाद भी नाकाफी सा लग रहा था। आरोपी जिस रास्ते से गया वहां तीन कैमरा थे मगर 2 रास्ते के कैमरा सही थे और उसी रास्ते का कैमरा खराब था जहां से आरोपी गुजरा। मामले में डॉग स्क्वाड को बुलाकर स्निफर डॉग (खोजी कुत्ता) की मदद ली गई। बच्ची के मकान से डॉग 3 किलोमीटर दूर चिकलाना में एक मकान तक पहुंचा। दूसरी बार फिर डॉग को फॉलो किया तो वापस वहीं जाकर डॉग रुक गया। जहां डॉग रुक रहा था वहां शराब मिलती है। पूछताछ में दशरथ कटारिया का नाम सामने आया। इस आधार पर दो बार उससे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यहां तक कि आरोपी बच्ची की तलाश में गांव के लोगों के साथ भी में रहा। जब दशरथ पर शक गहराया और सुराग हाथ लगा तब तक वह फरार हो गया। जिसे ढूंढने के लिए अलग – अलग टीमें बनाई। अपने ससुराल जाकर छुपा था आरोपीआरोपी दशरथ पुलिस से बचने के लिए राजस्थान के प्रतापगढ़ में हथूनिया गांव के एक सूने मकान में छुपकर रहने लगा था। रतलाम पुलिस को जांच में जब इसके ऊपर शंका हुई तो पुलिस ने कालूखेड़ा, मंदसौर, नीमच, प्रतापगढ़ के कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी कहीं नहीं मिला। रतलाम पुलिस ने राजस्थान पुलिस को भी जानकारी दी। इस बीच रविवार दोपहर को हथुनिया थाने के कांस्टेबल सुरेश मीणा को सूचना मिली कि आरोपी एक सुने झोपड़ीनुमा मकान में छिपा है। कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, तो दशरथ ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। कांस्टेबल मीणा की मदद से उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद रतलाम पुलिस को … Read more

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