Illegal pistol: रतलाम में अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पिस्टल और कारतूस बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,News डेस्क। रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पॉइंट 32 एमएम की तीन पिस्टल (Pistol), पांच जिंदा कारतूस और एक सफेद रंग की स्कोडा कार (MP-09-ZH-9871) बरामद की गई है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के अनुसार मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि डेलनपुर की ओर से एक सफेद रंग की स्कोडा कार रतलाम आ रही है, जिसमें तीन व्यक्ति सवार हैं, जिनके पास अवैध पिस्टल हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नंदलई फंटा, रतलाम-सैलाना रोड पर एक सफेद स्कोडा कार को रोक लिया। कार में तीन व्यक्ति बैठे थे, जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शक के आधार पर पुलिस ने तीनों की तलाशी ली और उनके पास से तीन अवैध पिस्टल (Illegal pistol) और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने दानिश अली (25) निवासी नयापुरा हाट रोड रतलाम, जावेद उर्फ गोलु (33) निवासी 16 शहर सराय रतलाम, व अहमद हुसैन (30) निवासी ताल नाका, जावरा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान, दानिश अली की कमर से .32 एमएम की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं, जावेद और अहमद की कमर से भी .32 एमएम की पिस्टल और कारतूस मिले। तीनों आरोपियों के पास पिस्टल रखने का कोई लाइसेंस नहीं था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अवैध हथियार लेकर चल रहे थे। आर्म्स एक्ट में दर्ज किया प्रकरणआरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे अवैध हथियारों की सप्लाई के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आरोपियों से अवैध पिस्टल कहां से लाए व इसे रखने के पीछे की वजह जैसे बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (ips Amit Kumar) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव वारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम वी.डी. जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इस टीम में उपनिरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी, प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह जादौन, दिनेश जाट, तेज सिंह जगावत, हर्षवर्धन सिंह, अमित त्यागी, जितेंद्र सिंह गौड़ सहित अन्य आरक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।

MP News: चोरी की शंका में दलित युवक को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, चार आरोपी गिरफ्तार

मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था पीड़ित, रात में पैदल अपने गांव जा रहा था तभी उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा… रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक दलित युवक को पेड़ से बांधकर क्रूरता से पीटा गया। ताल थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव के रहने वाले श्रवण पिता केशूराम (चंद्रवंशी) के साथ यह बर्बरता की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (MP News) घटना 16 सितंबर की रात की है, जब श्रवण मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था। जिले के ताल में बस से उतरने के बाद वह पैदल अपने गांव नासिरगंज जा रहा था। रात के समय उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा। इस बीच टुंगनी गांव के कुछ ग्रामीणों ने उसे चोर समझ लिया। श्रवण ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसकी बातों को नजरअंदाज करते हुए उसे पेड़ से बांध दिया और लकड़ियों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। जांच में पता चला कि आरोपी दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा ने श्रवण को पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की थी। श्रवण के पिता केशूराम की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक के हाथ-पैर हुए फ्रैक्चर मारपीट में श्रवण के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। श्रवण मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है, लेकिन इस घटना ने उसकी जिंदगी में त्रासदी ला दी है। ताल थाना पुलिस ने आरोपियों दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 126(2), 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2)VA के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस क्रूरता की निंदा कर रहे हैं। स्थानीय समाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।

MP’s Vyapam Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, 11 साल में कहां पहुंची जांच!

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग, एसटीएफ और सीबीआई पर घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप! भोपाल – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) के मामले में सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व विधायक और व्यापमं घोटाले के व्हिसिल ब्लोअर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। सकलेचा ने व्यापमं घोटाले में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग की थी, जो पहले इंदौर हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। आपको बता दे 2013 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। माना जाता है कि आजाद भारत में व्यापमं सबसे बड़ा घोटाला रहा। मामले में जब जांच शुरू हुई तो जांचकर्ता और आरोपियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने लगी। घोटाले के तार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचने पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी गई। व्यापमं घोटाला जांच में गड़बड़ी के आरोपपारस सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि एसटीएफ और सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और सिर्फ छोटे रैकेटियर, दलाल, स्कोरर, छात्र और अभिभावकों पर ही कार्रवाई की गई है। सकलेचा का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चलने वाला रैकेट सरकार और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 850 पेज का दस्तावेजी साक्ष्य पेशसकलेचा ने अपने आवेदन में लगभग 850 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा सचिव, और व्यापमं के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सकलेचा का दावा है कि इन बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बिना व्यापमं जैसा बड़ा घोटाला संभव नहीं था। इंदौर हाईकोर्ट से निरस्त हुई थी याचिकाइससे पहले, पारस सकलेचा ने व्यापमं घोटाले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 19 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आज जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप: बड़े अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई!सकलेचा ने अपने आवेदन में कहा कि एसटीएफ और सीबीआई को व्यापमं घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी और दस्तावेज देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसटीएफ को 350 पेज का आवेदन और मौखिक साक्ष्य के अलावा 240 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इसके बावजूद, बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही शिकंजा कसा गया। प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवालपारस सकलेचा ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच में प्रशासन और सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने बताया कि 2009 में जब व्यापमं घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, तब भी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की भर्ती की जांच नहीं की गई, जबकि यह भी घोटाले का एक प्रमुख हिस्सा था। अब आगे क्या ?व्यापमं घोटाले (Vyapam) की जांच को लेकर पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। गौरतलब है की व्यापमं घोटाले को करीब 11 साल हो चुके है। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक रिश्वत लेकर प्रवेश परीक्षाओं और भर्तियों में नकल करने के मामले में 4046 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें से 956 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। वहीं CBI ने 1242 लोगों को आरोपी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापमं घोटाले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले से जुड़े 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो चुकी है। इनमें टीवी चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह भी शामिल है, जिनकी मौत झाबुआ में एक इंटरव्यू के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय बताते हैं कि यह घोटाला पूरी तरह से पिरामिड की तरह काम कर रहा था। इस पिरामिड में सबसे नीचे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स थे। जबकि ऊपर रसूखदार लोग थे, जिन्हें इस पूरे घोटाले का पैसा जा रहा था। जो रसूखदार लोग थे उन्हें कभी जेल नहीं हुई। कुछ लोग जेल गए भी तो सबूत के अभाव में छूट गए। 

Ratlam News : थाना माणकचौक का जिलाबदर रितिक खरे शहर में घूमते हुए पकड़ाया, एसपी अमित कुमार के निर्देशन के बाद जारी है धरपकड़

रतलाम- पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। नवागत एसपी अमित कुमार (ips amit kumar) के निर्देशों के बाद पुलिस का सघन चेकिंग अभियान जारी है। एसपी ने क्राइम मीटिंग के दौरान जिले में गुंडा, हिस्ट्रीशीटर, और जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया था। एसपी ने अच्छे काम के लिए पुलिस टीम को प्रोत्साहन के लिए इनाम देने की भी बात कही थी। इसी के अंतर्गत थाना औद्योगिक क्षेत्र  पुलिस टीम ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना माणकचौक के जिलाबदर आरोपी रितिक पिता सुनील खरे (23) निवासी नयापुरा हाट रोड, थाना माणकचौक, हाल मुकाम एमबी नगर को पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 660/2024 के तहत मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम की मुस्तैदी से पकड़ाया जिलाबदरपुलिस कप्तान अमित कुमार ने अपराधियों पर नियंत्रण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम पुलिस (ratlam police) शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभियान के तहत उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रतलाम के एमबी नगर इलाके से रितिक खरे को गिरफ्तार किया। रितिक के खिलाफ पहले से ही कई अपराधों में शामिल होने के चलते जिलाबदर का आदेश लागू किया गया था, लेकिन वह इसके बावजूद शहर में घूम रहा था। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के साथ प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक मयंक चौधरी और आरक्षक राजेश प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Hit and Run by Thar Jeep : केमिकल इंजीनियर और साली को 10 फिट तक हवा में उछाला, दो मासूम बच्चियां हुई अनाथ

शहर में काले शीशे से लैस थार गाड़ियों की बेख़ौफ स्टंटबाजी, पुलिस सुस्त! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में एक तेज रफ्तार थार जीप (Thar Jeep) ने बाइक सवार केमिकल इंजीनियर और उनकी साली को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों करीब 10 फीट तक हवा में उछल गए। हादसे में इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साली को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है। यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुआ। वहीं हादसे के 16 घंटे बीतने के बाद पुलिस सिर्फ जीप ही जप्त कर पाई है। आरोपी ड्राइवर का पता नहीं चल सका। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। जानकारी के अनुसार शहर के शिवशक्ति नगर निवासी मुकेश भाटी रविवार रात साली प्रीति बरोठा को लेकर घर लौट रहे थे। प्रीति इंदौर के स्कीम 51, सृष्टी पैलेस की रहने वाली हैं। रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र में दोनों साक्षी पेट्रोल पंप से नया गांव जाने वाले रास्ते की तरफ क्रॉस हुए, तभी डेलनपुर की तरफ से आ रहा थार जीप (जीजे 08 डीडी 0006) का ड्राइवर दोनों को रौंदता हुआ भाग निकला। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां मुकेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात 2 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सोमवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की सुस्ती पर सवालघटना के 16 घंटे बाद भी पुलिस सिर्फ जीप को जप्त करने में सफल हो पाई है, जबकि आरोपी ड्राइवर अब भी फरार है। इस मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं।  वहीं शहर में अब थार गाड़ियों से स्टंट बाजी देखना आम हो गया है। काले शीशों से लैस थार गाड़ियां बेधड़क सड़कों पर घूम रही है। जो आम लोगों रौंद कर तेजी से रफ्फू चक्कर होने में देर नहीं करती। ऐसे में बड़ा सवाल है की इस मौत के बाद पुलिस महकमा और आरटीओ विभाग ऐसी गाड़ियों के शौरूम संचालकों और गाड़ी मालिकों पर कार्रवाई करेगा? अनाथ हुई दो मासूम बेटियांपरिजनों के अनुसार मुकेश का इंदौर में ससुराल है। वे साली को लेने इंदौर गए थे। देर रात में ट्रेन से रतलाम लौटे। रेलवे स्टेशन से पार्किंग में खड़ी बाइक से वे साली को लेकर घर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। मृतक मुकेश मूलत: बड़नगर के रहने वाले थे। डेढ़ साल पहले रतलाम में रहने आए थे। इप्का फैक्ट्री के एपीआई प्लांट 24 में केमिकल इंजीनियर थे। घर में पत्नी रानी भाटी हैं। दो बेटी मानसी जिसकी उम्र 7 वर्ष और मिस्टी उम्र 2 वर्ष है। जिनके सर पर से अब पिता का साया उठ गया है। डेलनपुर के पवन पोरवाल की है थारथार जीप रतलाम के डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। घटना के बाद जीप उसी के घर पर खड़ी थी। पुलिस वहां जाकर जीप को लेकर आई, लेकिन मौके पर पवन पोरवाल नहीं मिला। थाना औद्योगिक क्षेत्र में पवन पोरवाल के खिलाफ पूर्व में धारा 188 के 2 व अवैध शराब और एट्रोसिटी के मामले में भी केस दर्ज है। थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी वीडी जोशी ने बताया कि अज्ञात जीप चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जीप डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। जप्ती में ली है। आरोपी अभी गिरफ्त में नहीं आया।

Fake IPS Officer: बिहार में 18 साल का फर्जी आईपीएस गिरफ्तार, 2 लाख रुपये देकर बना ‘अधिकारी’

मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने 2 लाख 30 हजार रुपये में बना दिया Fake IPS Officer, अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया….. बिहार/जमुई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बिहार के जमुई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सिकंदरा पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। (Fake IPS Officer) गिरफ्तार युवक, मिथलेश कुमार, लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव का निवासी है। उसने 2 लाख रुपये देकर फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने का दावा किया। पुलिस ने मिथलेश को सिकंदरा चौक से हिरासत में लिया, जब वह आईपीएस की वर्दी पहनकर अपनी बाइक पर सवार था। कैसे खुली पोल? भीड़ के शक से हुई गिरफ्तारीमिथलेश कुमार आईपीएस की वर्दी में कमर पर पिस्टल लटकाकर सिकंदरा चौक पर रुका, जहां लोगों ने उसके हाव-भाव और वर्दी को देखकर संदेह जताया। किसी ने सिकंदरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फर्जी आईपीएस के खुलासे! दो लाख रुपये देकर ली ‘नौकरी’गिरफ्तार मिथलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि खैरा इलाके के मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने उसे पुलिस में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। इसके बदले में मनोज सिंह ने 2 लाख 30 हजार रुपये की मांग की। मिथलेश ने अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया। इसके बाद, मनोज ने उसका नाप लेकर उसे आईपीएस की वर्दी, बैज और पिस्टल सौंप दी। वर्दी पहन मां का लिया आशीर्वाद, बाकी रकम देने जा रहा था तभी पकड़ा गयामिथलेश ने बताया कि वर्दी पहनकर वह अपनी मां से आशीर्वाद लेने घर गया, जिसके बाद मनोज सिंह से बाकी 30 हजार रुपये देने के लिए निकल पड़ा। सिकंदरा चौक पर थोड़ी देर के लिए रुका, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा। एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि युवक को फर्जी आईपीएस वर्दी में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अगर मिथलेश की बात सही निकली, तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गिरोह का पर्दाफाश करना होगी, जो बेरोजगार युवकों को ठगकर फर्जी अधिकारियों का खेल रच रहा है। जमुई पुलिस फिलहाल इस गिरोह का सुराग तलाशने में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ईद मिलादुन्नबी जुलूस: पुलिस ने जारी किया ट्रैफिक रुट डायवर्जन प्लान, एसपी अमित कुमार ने दिए आवश्यक निर्देश

स्टेशन रोड थाना प्रभारी दिनेश भोजक और साइबर प्रभारी अमित शर्मा लाइन अटैच रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। रतलाम पुलिस द्वारा मुस्लिम समुदाय के ईद मिलादुन्नबी पर्व के अवसर पर यातायात डायवर्सन प्लान जारी किया गया। 16 सितंबर 2024 को सुबह 8 बजे से जुलूस निकलेगा। इस दौरान दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में परिवर्तन किया जाएगा। जुलूस आबकारी चौराहे से प्रारंभ होकर शहर सराय, अण्डागली, नाहरपुरा तिराहा, गोविन्द पान वाला, आरोग्यम हॉस्पिटल, नगर निगम, हाथीखाना, मोचीपुरा, हाकिमवाडा, शैरानीपुरा, जमातखाना, आन्नद काँलोनी, काँन्वेन्ट तिराहा, कोर्ट तिराहा, स्टेशन रोड, दो बत्ती, न्युरोड, लोकेन्द्र टाँकिज, शहर सराय होते हुए आबकारी चौराहे पर समाप्त होगा। जुलूस के मद्देनजर शहर में पुलिस व्यवस्था भी चाकचौबंद रहेगी। सभी क्रिटिकल पॉइंट पर माइक्रो सिक्योरिटी के बंदोबस्त किए जा रहे है। पुलिस सोशल मीडिया से लेकर गली – मोहल्लों तक में हर तरह से निगरानी रखे हुए। नवागत एसपी अमित कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए शहर के सभी थानों का औचक निरीक्षण किया। एसपी कुमार ने संवेदनशील क्षेत्रों और आपराधिक प्रवत्ति में शामिल लोगों पर विशेष निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए। एसपी ने आमजन से शांति व सोहाद्र के साथ त्यौहार मनाने की अपील भी की। शहर के नागरिक किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान ना दे। सभी पुलिसकर्मियों को छोटी से छोटी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल एक्टिव होकर निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। गणेश चतुर्थी पर हुए घटनाक्रम के बाद एक्शन लेते हुए एसपी ने देर रात थाना प्रभारियों में फेरबदल किया। एसपी ने स्टेशन रोड थाना प्रभारी दिनेश भोजक और साइबर सेल प्रभारी अमित शर्मा को लाइन अटैच कर दिया। रतलाम आईए थाना प्रभारी राजेन्द्र वर्मा को थाना प्रभारी स्टेशन रोड बना दिया। प्रकाश गडरिया को लाइन से कंट्रोल रूम प्रभारी, चौकी प्रभारी सूखेड़ा वीडी जोशी को आईए थाना प्रभारी बनाया। जुलूस के रूट पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जुलूस के दौरान आम जनता की सुविधा को देखते हुए यातायात पुलिस द्वारा निम्नलिखित यातायात व्यवस्था और डायवर्सन प्लान तैयार किया गया है:

राजधानी पहुंचा आक्रोश: रतलाम के तत्कालीन SP राहुल लोढा को भोपाल में दिखाए काले झंडे, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आकर जानेंगे हाल

बजरंग दल कार्यकर्ता ने एसपी की सद्बुद्धि के लिए पढ़ी  हनुमान चालिसा, जमकर की नारेबाजी भोपाल/रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। मध्यप्रदेश के रतलाम में गणेश जुलूस पर पथराव और लाठीचार्ज के मामले में ट्रांसफर होकर भोपाल पहुंचे एसएसपी राहुल कुमार लोढा का वहां भी विरोध शुरू हो गया। भोपाल रेल में ज्वाइनिंग से पहले बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर काले झंडे दिखाए। बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने एसपी लोढा की सद्बुद्धि के लिए सुंदरकांड और हनुमान चालिसा का पाठ भी किया। बजरंग दल के नेताओं के अनुसार ऐसे एसपी राहुल लोढा को पीएचक्यू में अटैच किया जाए या फिर उन्हें सस्पेंड किया जाए। हिंदू संगठनों का आरोप है की एसपी ने शासन को गुमराह करते हुए गलत जानकारी दी और एकतरफा कार्रवाई कर दी। इससे पहले जब वे भोपाल, बुराहनपुर, गुना आदि जिलों में थे तब भी उनकी मानसिकता हिंदू विरोधी रही है। भोपाल रेल में एसपी राहुल के पदभार ग्रहण को लेकर बजरंगदल नेता ने चेतावनी देते हुए कहा की अगर वे यहां पदभार ग्रहण करते है तो बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा। गौरतलब है की रतलाम में गणेश प्रतिमा जुलूस और हिंदुओं पर पत्थरबाजी की खबरों ने शहर में अराजकता का माहौल बना दिया था। जिसके बाद एसपी राहुल लोढा ने कार्रवाई करते हुए 13 लोगों पर नामजद एफआईआर करते हुए, अगले दिन मीडिया में पूरे घटनाक्रम को अफवाह बताया था। मामले में गणेश पांडाल में पुलिस की मारपीट के वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और देखते ही देखते पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगने शुरू हो गए। लाठीचार्ज में 19 वर्षीय  युवक की मौत का आरोप भी पुलिस पर लगा। जिसके बाद मामला गरमाया और हजारों की संख्या में हिंदू समाज ने सड़को पर उतरकर कलेक्टर के नाम एसपी राहुल लोढ़ा, एडिशनल एसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव बारंगे, टीआई दिनेश भोजक समेत पुलिस के अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा। सियासत गरमाई, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष कल रतलाम मेंपत्थरबाजी के मामले में सियासत भी गर्म गई। कांग्रेस और भाजपा आमने सामने हो गई। अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भाजपा सदस्यता अभियान के अंतर्गत रतलाम का दौरा करेंगे। शर्मा सुबह 08:30 बजे सर्किट हाउस मे प्रमुख कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधियों से मिलेंगे। 11 बजे सैलाना और फिर वापस रतलाम बैठक में शामिल होंगे। जिसके बाद वे झाबुआ के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के अनुसार इस घटनाक्रम ने भाजपा की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। हिंदू संगठनों व आमनागरिकों की स्थानीय नेताओं व पदाधिकारियों के विरोध की खबर हाईकमान तक जा पहुंची है। जिसके चलते ताबड़तोड़ वीडी शर्मा को रतलाम आना पड़ रहा है। इस विषय पर हिंदू संगठन के स्थानीय नेताओं से भी शर्मा चर्चा कर सकते है। ज्ञात हो की पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह ने भाजपा को घेरते हुए ट्वीट कर लिखा की पत्थर फेंकने की झूठी बात फैलाकर धर्म विशेष को फंसाने के लिए एसपी पर दबाव बनाया गया। प्लानिंग कर अफवाह फैलाकर निर्दोष लोगों को फंसाने की कहानी का पुलिस ने ईमानदारी से पर्दाफाश किया। वहीं पलटवार में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा की दिग्विजय सिंह जी को भी सम्मान मिलना चाहिए। उनकी भाषा, शब्द और पाकिस्तान के प्रति प्रेम अद्भुत है। ओसामा बिन लादेन से लेकर सभी का सम्मान करने वाले दिग्विजय सिंह ही हैं। कांग्रेस इसी प्रकार की बातें कर रही है, जो दुर्भाग्यजनक है। यह हुआ था उस दिनगणेश चतुर्थी पर रतलाम के संवेदनशील क्षेत्र मोचिपुरा में गणेश प्रतिमा जुलूस पर पथराव हुआ था। जिसके बाद हिंदू समाज ने सैंकड़ों की संख्या में स्टेशन रोड थाने का घेराव किया था। तत्कालीन एसपी राहुल कुमार लोढ़ा पुलिस बल के साथ जांच के लिए घटना स्थल मोचीपुरा पहुंचे। पीछे-पीछे भीड़ भी गई। SP ने लोगों से वहां से जाने के लिए कहा, इसी बीच दूसरी और से पथराव शुरू हो गया। पुलिस की गाड़ी पर भी एक पत्थर लगा। गाड़ी का कांच फूट गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। रात लगभग साढ़े आठ बजे शुरू हुआ हंगामा-प्रदर्शन करीब 2 बजे खत्म हुआ। इसके बाद कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। पुलिस पर गणेश पांडाल में मारपीट, महिला अभद्रता, लाठीचार्ज में युवक की मौत, एफआईआर में फर्जी नाम जोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे।इस घटना के बाद तत्काल गृह विभाग से एसपी राहुल लोढ़ा का ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह अमित कुमार को जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं राहुल लोढ़ा को भोपाल रेल का एसपी बनाया गया। जहां पर उन्हें अब विरोध का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल पूरे मामले में जांच चल रही है।

प्रेस क्लब ज्ञापन : पत्रकार दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा की प्रीमियम राशि बढ़ाने का विरोध

फर्जी और ब्लेकमेलर की हो जांच, उपद्रव में पत्रकार पर एफआईआर में हो निष्पक्ष जांच! रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। रतलाम प्रेस क्लब ने पत्रकार दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा की प्रीमियम राशि में बढ़ोतरी के विरोध में कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने कहा कि प्रीमियम राशि में बढ़ोतरी न्यायसंगत नहीं है और इसे तत्काल संशोधित किया जाना चाहिए। रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई वर्षों से प्रदेश के अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकारों को मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकार स्वास्थ एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन इस बार प्रीमियम राशि में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की गई है, जो न्यायसंगत नहीं है। पत्रकारों ने मांग की है कि बीमा राशि 4 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रुपए की जानी चाहिए। साथ ही प्रेस क्लब ने फर्जी और ब्लेकमेलर पत्रकारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। वहीं कुछ दिनों पहले शहर में हुए उपद्रव के घटनाक्रम में पत्रकार के नाम पर एफआईआर को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे और उन्होंने नारेबाजी भी की। एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने पत्रकारों को ज्ञापन लेकर आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। फर्जी और ब्लेकमेलर को करे बाहरप्रेस क्लब ने कलेक्टर बाथम के नाम भी एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि जिले में फर्जी एवं ब्लैकमेलर पत्रकारों को रोकने के लिए जनसम्पर्क द्वारा सूची एवं समाचार प्रदाय ईमेल एड्रेस को तत्काल अपडेट करवाया जाए। फर्जी पत्रकार एवं सोशल मीडिया इंन्फ्लूंसर सरकारी कार्यक्रमों आकर गैर जिम्मेदारी से तथ्यों को प्रस्तुत करते है। कई फर्जी पत्रकार संगठन बिना वेरिफिकेशन के कार्ड एवं वाहन पर चिपकाने वाले मीडिया स्टीकर जारी कर रहे हैं। ऐसे लोगो पर कार्रवाही की जाए। यह भी मांग की गई कि रतलाम के पत्रकारों को जिले भर में कव्हरेज के लिए जाना पड़ता है। इस दौरान जिले में स्थित टोल बुथ कर्मचारी उनसे गलत बर्ताव करते है। प्रशासन टोलबुथ को सख्त निर्देश जारी करे कि अधिमान्य पत्रकारों के साथ ही संस्थान के कार्डधारी पत्रकारों को बेरोकटोक आवागमन कर सके। सरकारी योजनाओ के क्रियान्वयन निरीक्षण के  लिए मीडिया टूर का समय -समय पर आयोजन किया जाए। विभिन्न सरकारी समितियों में रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष सविच या उनके द्वारा नामित पत्रकारों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। एफआईआर के मामले में हो निष्पक्ष जांचरतलाम प्रेस क्लब के सदस्य पत्रकार जयदीप गुर्जर पर 7 सितम्बर 2024 को रात्रि में रतलाम शहर में हुए उपद्रव के मामले में दर्ज किए गए प्रकरण को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है एवं भयमुक्त तरीके से सभी अपना कार्य कर सके इसके लिए रतलाम प्रेस क्लब सदैव प्रयास करता रहता हैं। जयदीप गुर्जर एक सक्रिय पत्रकार है एवं इस दौरान वो घटना दिनांक को अन्य पत्रकारों की तरह ही वहां पर कव्हरेज के लिए ही मौजूद थे। इस मामले में निष्पक्ष जांच कर पत्रकार साथी पर हुई एफआईआर का खात्मा किया जाए। ये रहे मौजूदप्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी, सचिव यश शर्मा बंटी, कोषाध्यक्ष राजेंद्र केलवा, उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, अमित निगम, सहसचिव मुबारिक शेरानी, कार्यकारिणी सदस्य हेमंत भट्ट, दिनेश दवे, राजेश पोरवाल, दिव्यराज सिंह राठौर, सिकंदर पटेल, चंंद्रेशेखर सोलंकी, प्रदीप नागौरा, शुभ दशोत्तर, वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी,  राजेश जैन, राजेश मूणत, सुरेंद्र जैन, रमेश टांक ,ऋषीकुमार शर्मा, गोविंद उपाध्याय, रामाकांत शुक्ला, हेरंब सिंह सैंगर, ओम त्रिवेदी, महिला पत्रकार अदिति मिश्रा,तुषार कोठारी, विजय मीणा,  नरेंद्र जोशी, नीरज शुक्ला,  सौरभ कोठारी, भेरूलाल टांक, सुधीर जैन, डीएन पंचोली, केके शर्मा, जितेंद्र श्रीवास्तव, संजय पाठक, कमल सिंह जाधव,  सुशील खरे,  हेमंत कोठारी, राजेश पुरोहित,  अर्पित चौबे, विनोद वाधवा, निलेश बाफना, यशवंत राठौर, भुवनेश पंडित, विवेकानंद चौधरी, सुरेश बोरासी, चिंटु मेहता, स्वदेश शर्मा, दिग्विजय सिंह सेंगर, नवीन टांक, अशोक शर्मा, राजू अग्रवाल, संजय मिश्रा,मोंटी पारे आदि मौजूद थे।

ताक पर महिला सुरक्षा : हरितालिका तीज पर पूजा करने जा रही युवती से छेड़छाड़, घंटों तक इंतजार के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस

थाने पहुंचे भाजयुमो नेता को धक्का मारकर निकाला बाहर, प्रदर्शन के बाद एएसआई कनिक लाइन हाजिर रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर में चरमराई कानून व्यवस्था की तस्वीर शुक्रवार रात सामने आई। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत हरमाला रोड पर हरतालिका तीज मनाने एक युवती पूजा के लिए घर से तैयार होकर जब मंदीर पहुंच रही थी तभी रास्ते में कुछ मनचलों ने उस पर ताने कंसने शुरू कर दिए। छेड़छाड़ की घटना से घबराई युवती नेज ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद क्षेत्रवासियों और परिजनों ने मौके पर आरोपियों को पकड़ लिया। क्षेत्रवासियों के अनुसार युवकों को पकड़कर पुलिस को फोन लगाए लेकिन थाना स्टेशन रोड से कोई भी जिम्मेदार घटनास्थल नहीं पहुंचा। जिसके बाद क्षेत्र के पार्षद प्रतिनिधि और भाजयुमो उपाध्यक्ष जलज सांखला, मंडल अध्यक्ष आयुष पडियार को बुलाया और सभी थाने पहुंचे। गौरतलब है की हरमाला रोड पर चौगानिया भेरु और फूल मंडी के आसपास का क्षेत्र शराबियों का अड्डा बना हुआ है और पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। वहीं इस घटना ने शहर के थानों पर महिला सुरक्षा के पुलिस दावों की पोल खोल कर रख दी है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब आठ बजे दो शराबी मनचलों ने मंदिर जा रही युवती को छेड़ दिया। इसकी जानकारी लगने पर लोगों ने स्टेशन रोड थाने पर शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर रहवासी भड़क गए और थाने पहुंचे। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि जिला उपाध्यक्ष जलज सांखला व भाजयुमो मंडल अध्यक्ष आयुष पड़ियार भी उनके साथ थे। आरोप है की कार्रवाई नहीं करने पर मंडल अध्यक्ष आयुष पड़ियार जब थाने के अंदर पहुंचे तो वहां मौजूद एएसआई दिनेश कनिक ने उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया। जिसके बाद भाजयुमो जिलाध्यक्ष विप्लव जैन कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर विरोध किया। आक्रोशित कार्यकर्ता बदतमीजी करने वाले एएसआई दिनेश कनिक पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जिसके बाद एसएसपी राहुल लोढा ने कनिक को लाइन अटैच कर दिया। उधर युवती की ओर से भी थाने पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।