Ratlam News: अनमोल पोर्टल के संबंध में मेडिकल ऑफिसर्स का उन्मुखीकरण सम्पन्न  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के जिला प्रशिक्षण केंद्र, विरियाखेड़ी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु मेडिकल ऑफिसर्स को अनमोल पोर्टल के उपयोग पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एम.एस. सागर ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यस्थल पर नियमित रूप से उपस्थित रहकर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करें।   अनमोल पोर्टल: डिजिटल स्वास्थ्य प्रबंधन की ओर कदम   प्रशिक्षण में बताया गया कि अनमोल पोर्टल के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का ऑनलाइन पंजीयन किया जाता है। इस पोर्टल पर महिला की स्वास्थ्य स्थिति, हाई-रिस्क लक्षण, सभी प्रकार की जांच एवं टीकाकरण की जानकारी दर्ज की जाती है।   इसके अलावा, गर्भवती महिला का आधार नंबर, समग्र आईडी और बैंक खाता संख्या भी पोर्टल पर अपलोड की जाती है, जिससे उन्हें प्रसव के समय जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के तहत आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में प्राप्त हो सके।   लक्ष्य दंपत्तियों को लिंक करना अनिवार्य   डॉ. सागर ने कहा कि सभी लक्ष्य दंपत्तियों को अपना आधार नंबर एवं समग्र आईडी लिंक करवाना आवश्यक है ताकि भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्र में ANM एवं आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित करें ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी संचालन हो सके और सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।   प्रशिक्षण में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित   प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डीएचओ डॉ. जितेंद्र जायसवाल, डीपीएम हीना मकरानी, सीपीएचसी कंसल्टेंट डॉ. संकल्प श्रीवास्तव, एम एंड ई अधिकारी आशीष कुमावत, जिला मीडिया अधिकारी आशीष चौरसिया, सचिन वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

Ratlam News: सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन, 210 मरीजों ने लिया लाभ  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र, जिला चिकित्सालय रतलाम द्वारा बुधवार को आरोग्यम उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें 210 मरीजों ने अपनी जांच करवाई और निःशुल्क दवाइयों का लाभ उठाया।   शिविर में एचआईवी, वीडीआरएल, हेपेटाइटिस बी और सी, टीबी, रक्तचाप और शुगर जैसी प्रमुख बीमारियों की जांच की गई। मरीजों को हेल्थ काउंसलिंग के साथ 1097 टोल-फ्री हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई और एचआईवी के लक्षण एवं बचाव पर जागरूकता फैलाई गई।   शिविर में मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग   शिविर में BMO डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य की उपस्थिति में डॉ. पूजा राठौर और डॉ. प्रियांशु शर्मा ने मरीजों की जांच की। इस दौरान आईसीटीसी परामर्शदाता धर्मेंद्र बड़ोदिया, STS राहुल पाटीदार, फार्मासिस्ट संजय माली, लैब टेक्नीशियन महेश कटारा और निलेश पांचाल ने अहम भूमिका निभाई।   इसके अलावा, सीएचओ रोहित पाटीदार, ममता पाटोदी, मनीषा भाटे (एएनएम), आशा सहयोगिनी हेमलता शर्मा, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी शिविर को सफल बनाने में योगदान दिया।   सम्पूर्ण सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान जारी   सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर हरीश बिसेन ने बताया कि सरकार के सम्पूर्ण सुरक्षा अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाना है, जिससे अधिक से अधिक लोग समय पर अपनी जांच करवा सकें और उचित इलाज पा सकें।  

Ratlam News: रतलाम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का अनूठा आयोजन: दिवंगत 18 चिकित्सकों की फोटो गैलरी का अनावरण  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) रतलाम द्वारा नगर के दिवंगत और प्रसिद्ध 18 चिकित्सकों की याद में डॉ. निशिकांत शर्मा मेमोरियल हॉल में फोटो गैलरी स्थापित की गई। इस भावनात्मक कार्यक्रम में दिवंगत चिकित्सकों के परिजन और नगर के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हुए। स्वर्गीय डॉक्टरों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, जिससे माहौल भावुक हो गया।   नगर के गौरवशाली चिकित्सा इतिहास का सम्मान   कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों ने नगर की स्वास्थ्य सेवाओं में दिवंगत डॉक्टरों के योगदान को याद किया। डॉ. जयंत सूभेदार ने IMA रतलाम के संस्थापक डॉ. केडीएस राव और रतलाम में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान कार्यरत कैनेडियन डॉक्टर बॉब मैक्लोर के अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया।   मध्य प्रदेश में पहली बार IMA द्वारा अनूठी पहल   वरिष्ठ नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण पुरोहित ने बताया कि मध्य प्रदेश में यह पहला अवसर है जब IMA द्वारा दिवंगत चिकित्सकों की स्मृति में स्थायी फोटो गैलरी स्थापित की गई है। वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट कैप्टन एन. के. शाह ने कहा कि इस कार्य में समय जरूर लगा, लेकिन दिवंगत चिकित्सकों के परिजनों से संपर्क स्थापित होने के बाद इसे मूर्त रूप दिया गया।   मुख्य अतिथियों ने की सराहना   कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेल मंडल रतलाम के प्रबंधक अश्विनी कुमार और डॉ. अर्चना उपाध्याय ने इस सराहनीय पहल के लिए IMA रतलाम के सभी चिकित्सकों की प्रशंसा की। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. डॉली मेहरा ने महिलाओं को जागरूकता और सेवा कार्यों के लिए प्रेरित किया।   भावुक क्षण: परिजनों की अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि   कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. निशिकांत शर्मा के चित्र पर उनके पुत्र डॉ. सूर्यकांत शर्मा और पुत्रवधु डॉ. ममता शर्मा द्वारा माल्यार्पण से हुई। 92 वर्षीय चंद्रकांता निगम ने अपने पति स्वर्गीय डॉ. नूर सिंह निगम (सेवानिवृत्त CMHO) की तस्वीर पर माल्यार्पण कर भावुकता व्यक्त की। अन्य दिवंगत चिकित्सकों के परिजनों ने भी अपने स्वजन को श्रद्धांजलि दी।   इन 18 दिवंगत चिकित्सकों को दी गई श्रद्धांजलि   इस फोटो गैलरी में शामिल चिकित्सकों में डॉ. बॉब मैक्लोर, डॉ. केडीएस राव, डॉ. फजल हक, डॉ. इंद्रमल चौधरी, डॉ. जीएम फडनिस, डॉ. नूर सिंह निगम, डॉ. बीडी पुरोहित, डॉ. दशरथ व्यास, डॉ. वीएस जैन, डॉ. एसएन मेहरा, डॉ. केके माहेश्वरी, डॉ. श्याम काबरा, डॉ. एमएल गुप्ता, डॉ. अनिल बाजपेई, डॉ. डीसी बोरिवाल, डॉ. पीडी बंसल, डॉ. पीआर सिंह और डॉ. मनोज सोलंकी के नाम शामिल हैं।    IMA रतलाम ने रचा इतिहास   इस कार्यक्रम में नगर के प्रमुख चिकित्सकों और IMA रतलाम के सदस्यों ने भाग लिया। संचालन डॉ. जयंत सूभेदार ने किया और IMA अध्यक्ष डॉ. गोपाल यादव ने आभार व्यक्त किया।  

Indore News: विश्व श्रवण दिवस पर नुक्कड़ नाटक से जागरूकता, स्पीकर और ईयरफोन के अधिक प्रयोग से सुनने की क्षमता पर खतरा

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल परिसर में 3 मार्च 2025 को विश्व श्रवण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डीन डॉ. अनीता मूथा के नेतृत्व में और नाक, कान, गला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार मौर्य तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार शर्मा, डॉ. लोकेश भालोट और डॉ. हिमानी नरेश सिंह के मार्गदर्शन में 2024 बैच के विद्यार्थियों ने एक जागरूकता नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।   इस नाटक के माध्यम से बताया गया कि तेज आवाज में स्पीकर और ईयरफोन के लगातार इस्तेमाल से किस तरह कम उम्र में ही लोगों की सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। धीरे-धीरे यह आदत बहरेपन का कारण बन सकती है। नुक्कड़ नाटक के बाद नाक, कान, गला रोग विभाग के विशेषज्ञों ने मरीजों को इससे होने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बारे में जानकारी दी।   ### सुनने की क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों की सलाह   – तेज आवाज में ईयरफोन या स्पीकर का कम से कम उपयोग करें।   – लगातार ईयरफोन लगाने से बचें, हर 30 मिनट में ब्रेक लें।   – अगर सुनने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।   – स्वस्थ कानों के लिए नियमित जांच करवाएं और संतुलित आहार लें।   कम उम्र में ही सुनने की समस्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, ताकि लोग अपनी सुनने की क्षमता के प्रति जागरूक हों और तेज आवाज के दुष्प्रभावों से बच सकें।

Ratlam News: खुशियों की दास्तान: 6 माह की नवजात शिशु को मिला नया जीवन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: चिकित्सा के क्षेत्र में जिला चिकित्सालय रतलाम ने एक और मिसाल कायम की है। सुवासरा, उज्जैन निवासी बेबी ऑफ भावना/नवीन (ध्रुव), उम्र 6 माह को गंभीर स्थिति में 13 फरवरी को मातृ एवं शिशु चिकित्सालय यूनिट, जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि इससे पहले बच्चे का नागदा और एक निजी अस्पताल में इलाज हुआ, लेकिन सुधार न होने पर वे उसे रतलाम लेकर आए।   गंभीर अवस्था में भर्ती, विशेषज्ञों ने किया सफल उपचार   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस. सागर के अनुसार, भर्ती के समय बच्चे को सीवियर निमोनिया विथ सेप्सिस विथ जीडीडी डायग्नोस किया गया था। शिशु झटकों, तेज सांस, 105 डिग्री फारेनहाइट तापमान और सेप्टिक शॉक की स्थिति में था। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तत्काल सी-पैप मशीन से ऑक्सीजन देना शुरू किया और झटकों, तापमान और शॉक का प्रभावी प्रबंधन किया।   लगातार पांच दिन तक बनी रही गंभीर स्थिति   शिशु की हालत पांच दिन तक नाजुक बनी रही। डॉक्टरों की टीम ने सी-पैप, एंटी-कंवलजेंट, आयनोट्रॉप्स और अन्य आवश्यक उपचारों के माध्यम से उसकी स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद धीरे-धीरे सुधार दिखने लगा।   इलाज के आठवें दिन हुआ ब्लड ट्रांसफ्यूजन   शिशु की स्थिति में सुधार के बावजूद, खून की कमी के चलते आठवें दिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया। दसवें दिन से आईवी इलाज बंद कर ओरल फीडिंग शुरू की गई। ग्यारहवें दिन से बच्चे को कटोरी-चम्मच से फीडिंग सिखाई गई।   बारहवें दिन मिली नई जिंदगी, स्वस्थ होकर डिस्चार्ज   लगातार बारह दिनों तक चले उपचार और देखभाल के बाद शिशु को स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया और जिला चिकित्सालय में उपलब्ध उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की सराहना की।   जिला चिकित्सालय रतलाम में पीआईसीयू की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं गंभीर स्थिति में आए नवजातों को नया जीवन दे रही हैं। यह सफलता एक बार फिर रतलाम के स्वास्थ्य तंत्र की सुदृढ़ता को दर्शाती है।

Ratlam News: सुखेड़ा में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 202 मरीजों का हुआ परीक्षण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। RatlamNews: जिला चिकित्सालय रतलाम के सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा सोमवार को सुखेड़ा में एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न बीमारियों की जांच और नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं।   शिविर का शुभारंभ सरपंच महावीर मेहता की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान डॉ. प्राची पालीवाल, डॉ. अरुण पाटीदार, डॉ. प्रियांशु शर्मा, डॉ. अरुण मालपानी सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लगभग 202 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में एचआईवी, वीडीआरएल, हेपेटाइटिस बी और सी, टीबी, रक्तचाप, शुगर और मलेरिया की जांच की गई।   मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां दी गईं और स्वास्थ्य जागरूकता (IEC) सामग्री प्रदान की गई। इस दौरान एचआईवी के लक्षण, निदान और यौन रोगों की जानकारी भी दी गई। साथ ही, 1097 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया गया, जिससे जरूरतमंद लोग मुफ्त परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें।   शिविर को सफल बनाने में अरविंद पाटीदार (फार्मासिस्ट), मनीष शर्मा (डीएसआरसी परामर्शदाता), लैब टेक्नीशियन सय्यद सैफ अली, एसएसके ओआरडब्ल्यू हिमांशु चौहान सहित सुखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम का विशेष योगदान रहा। सीएचओ हेमलता शर्मा, सपना राठौर, रेखा त्रिवेदी, एएनएम विनीता मुनिया, गीता रावत, आशा सहयोगिनी पवित्रा शर्मा, और आशा कार्यकर्ता सरोज कीर, सुनीता सैनी, राधा सेन, राधा कुंवर, नीलम मकवाना ने भी अहम भूमिका निभाई।   सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर हरीश बिसेन ने बताया कि शासन द्वारा संचालित सम्पूर्ण सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क जांच, परामर्श व उपचार उपलब्ध कराना है।  

Ratlam News: रतलाम मेडिकल कॉलेज में अमानक दवाइयों का सामूहिक दहन, डॉक्टरों ने जताया विरोध

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम में मेडिकल टीचर एसोसिएशन रतलाम के सदस्यों ने शासकीय स्वशासी चिकित्सा महासंघ के तत्वाधान में अमानक दवाइयों का प्रतीकात्मक सामूहिक दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन 21 फरवरी 2025 को दोपहर 1:30 बजे आयोजित किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने शासकीय अस्पतालों में बांटी जा रही अमानक दवाइयों के खिलाफ नाराजगी जताई।   डॉक्टरों ने जताई चिंता   एमटीए रतलाम के अध्यक्ष डॉ प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि शासकीय अस्पतालों में अमानक दवाइयां आवंटित की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके कारण मरीजों की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि असली गुनहगार कोई और होता है।   डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच बढ़ रहे विवाद   डॉ बघेल ने कहा कि घटिया दवाइयों की वजह से मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं होता, जिससे डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच झगड़े की नौबत आ जाती है। डॉक्टरों ने सरकार से मांग की है कि शासकीय अस्पतालों में गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को सही उपचार मिल सके और डॉक्टरों को अनावश्यक विवादों का सामना न करना पड़े।   प्रदर्शन में शामिल चिकित्सक   इस विरोध प्रदर्शन में मेडिकल टीचर एसोसिएशन रतलाम के सचिव डॉ देवेंद्र नरगावे, डॉ अनिल मीणा, डॉ योगेश तिलकर, डॉ देवेंद्र चौहान, डॉ शैलेंद्र डावर सहित कई अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।   डॉक्टरों की सरकार से मांग   डॉक्टरों ने सरकार से शासकीय अस्पतालों में दवाइयों की गुणवत्ता की जांच कराने और अमानक दवाइयों की आपूर्ति पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। यदि इस मुद्दे पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो डॉक्टरों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।   डॉ प्रवीण सिंह बघेल, अध्यक्ष, मेडिकल टीचर एसोसिएशन रतलाम   डॉ देवेंद्र नरगावे, सचिव, मेडिकल टीचर एसोसिएशन रतलाम

Ratlam News: नि क्षय मित्र अभियान के तहत इप्का लेबोरेट्री ने 100 टीबी मरीजों को फूड बास्केट दी  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में चल रहे 100 दिवसीय नि क्षय भारत शिविर अभियान के दौरान टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान करने की मुहिम लगातार जारी है। इसी कड़ी में इप्का लेबोरेट्री द्वारा 100 फूड बास्केट जिला क्षय केंद्र रतलाम को प्रदान की गई, जिससे टीबी मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता मिल सके।   अब तक 401 लोग बन चुके हैं नि क्षय मित्र   जिले में नि क्षय मित्र योजना के तहत अब तक 401 लोग जुड़ चुके हैं, जो टीबी मरीजों को पोषण आहार देकर उनकी मदद कर रहे हैं। कलेक्टर राजेश बाथम ने भी आम जनता से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक नि क्षय मित्र बनने की अपील की है, ताकि टीबी मरीजों को बेहतर पोषण मिल सके और उनका जल्द इलाज संभव हो।   इप्का लेबोरेट्री की सामाजिक पहल   इप्का लेबोरेट्री के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश सियाल, प्रशासकीय अधिकारी विक्रम कोठारी और डॉ. मनीष गुप्ता (मेडिकल ऑफिसर) द्वारा 100 फूड बास्केट जिला क्षय केंद्र रतलाम को सौंपी गई। इन फूड बास्केट में 5 किलो आटा, 1 किलो तुअर दाल, 1 किलो मूंगफली और 1 किलो चना शामिल है, जो हाई प्रोटीन डाइट के रूप में टीबी मरीजों के पोषण के लिए जरूरी है।   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एम. एस. सागर ने इप्का लेबोरेट्री के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि टीबी मरीजों के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।   नि क्षय पोषण योजना के तहत 1000 रुपये प्रति माह सहायता   जिला क्षय अधिकारी डॉ. अभिषेक अरोरा ने बताया कि नि क्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को हर माह 1000 रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जा रही है। इसके साथ ही, नि क्षय मित्र योजना के तहत कोई भी व्यक्ति टीबी मरीजों के लिए फूड बास्केट प्रदान कर सकता है।    टीबी के मरीजों को पोषण आहार क्यों जरूरी   टीबी मरीजों को स्वस्थ होने के लिए उच्च प्रोटीन युक्त आहार की आवश्यकता होती है। पोषण की कमी से इलाज की प्रभावशीलता कम हो सकती है और मरीजों की रिकवरी में देरी हो सकती है। नि क्षय मित्र योजना के तहत मिलने वाली फूड बास्केट से मरीजों को सही पोषण मिल रहा है, जिससे उनका टीबी से उबरना तेजी से संभव हो रहा है।    सीएमएचओ और जिला क्षय अधिकारी ने इप्का लेबोरेट्री का जताया आभार   सीएमएचओ डॉ. एम. एस. सागर और डॉ. अभिषेक अरोरा ने इप्का लेबोरेट्री के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश सियाल, विक्रम कोठारी और डॉ. मनीष गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह योगदान टीबी मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता साबित होगा।   नि क्षय मित्र कैसे बन सकते हैं   जो भी व्यक्ति या संगठन टीबी मरीजों की मदद करना चाहता है, वह नि क्षय मित्र योजना से जुड़ सकता है। इसके तहत वे जिला क्षय केंद्र में आकर फूड बास्केट प्रदान कर सकते हैं, जिससे टीबी मरीजों को हर माह आवश्यक पोषण मिल सके।   नि क्षय अभियान के तहत जिले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे टीबी को जड़ से खत्म किया जा सके और समाज को स्वस्थ बनाया जा सके।

Ratlam News: डॉ आनंद चंदेलकर सेवानिवृत्त, डॉ एम एस सागर बने नए CMHO रतलाम

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एवं पूर्व सिविल सर्जन आनंद चंदेलकर आज अपनी शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति पर जिला चिकित्सालय, जिला मलेरिया कार्यालय एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।   इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी महेंद्र सिंह राठौर भी अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने के बाद सेवानिवृत्त हुए। कार्यक्रम में नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एम एस सागर ने आनंद चंदेलकर को शाल, श्रीफल और पुष्पहार पहनाकर सम्मानित किया।   सेवानिवृत्ति समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कृपाल सिंह राठौर, बी एल तापड़िया, अभिषेक अरोरा, ममता शर्मा, अंकित जैन, कैलाश चारेल, प्रणब मोदी, रजत दुबे सहित कई अन्य चिकित्सकों और विभागीय कर्मचारियों ने आनंद चंदेलकर को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।   सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आनंद चंदेलकर को अभिनंदन पत्र भेंट कर भावभीनी विदाई दी। इस मौके पर उपस्थित सभी अतिथियों ने उनके योगदान की सराहना की और उनके स्वस्थ एवं सुखमय भविष्य की कामना की।

Ratlam News: जिला चिकित्सालय को कायाकल्प, एन-क्वास और मुस्कान पुरस्कार, कलेक्टर ने दी बधाई

रतलाम – पब्लिक वार्ता,  न्यूज डेस्क। Ratlam News: जिला चिकित्सालय रतलाम को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कायाकल्प, एन-क्वास और मुस्कान पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इन पुरस्कारों के तहत अस्पताल को कुल 53.89 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। कलेक्टर राजेश बाथम ने इस उपलब्धि पर चिकित्सालय प्रशासन को बधाई दी और निर्देश दिए कि यह राशि मरीजों की सुविधाओं में सुधार के लिए उपयोग की जाए।    रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिए गए अहम फैसले   कलेक्टर राजेश बाथम की अध्यक्षता में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एम. एस. सागर, सीएमएचओ डॉ. आनंद चंदेलकर, आरएमओ डॉ. अभिषेक अरोरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   बैठक में निम्नलिखित अहम निर्णय लिए गए:   – पुरस्कार राशि का उपयोग मरीजों की सुविधाओं में सुधार के लिए किया जाएगा।   – नर्सिंग कॉलेज भवन का उपयोग वर्तमान में खाली पड़े भवन का चिकित्सालय की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा।   – थैलेसीमिया मरीजों के लिए सुविधा हेतु 3 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर फिजियोथेरेपी सेंटर की स्थापना की जाएगी।   – 70 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र मरीजों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने और अन्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे।   – मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में मरीजों के आवागमन में बाधा पहुंचाने वाले अनुपयोगी गोल चक्र को हटाया जाएगा।   – अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को शिशु जन्म के समय ही जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी, जिससे आमजन को परेशानी न हो।    अस्पताल में निरीक्षण एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा   बैठक के बाद कलेक्टर राजेश बाथम ने जिला चिकित्सालय का दौरा किया और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थैलेसीमिया वार्ड, नर्सिंग कॉलेज, स्टोर रूम, जनरेटर, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।   थैलेसीमिया और सिकल सेल मरीजों की स्थिति – जिले में थैलेसीमिया के 183 मरीज हैं, जिनमें से 179 मरीजों को जिला चिकित्सालय में नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा दी जा रही है।   – जिले में सिकल सेल के 29 मरीज हैं, जिनमें से 23 मरीजों का इलाज जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है।   वीरयाखेड़ी वृद्ध आश्रम का दौरा   कलेक्टर राजेश बाथम ने वीरयाखेड़ी वृद्ध आश्रम का भी निरीक्षण किया और वहां रह रहे वृद्धजनों से बातचीत की। वृद्धजनों ने भोजन, ठहरने और अन्य सुविधाओं को लेकर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने रेड क्रॉस एंबुलेंस का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए।