petrol diesel rate today: पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत या भ्रम? एक्साइज ड्यूटी कट के बाद भी सस्ते नहीं होंगे दाम

petrol diesel rate today: भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है, लेकिन क्या इससे आम जनता को राहत मिलेगी? जानें नई दरें, वजह और कीमतों पर असर। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। petrol diesel rate today: अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। हालांकि यह फैसला सुनने में राहत भरा लगता है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए इसका असर सीमित ही रह सकता है। कितनी घटी एक्साइज ड्यूटी? सरकार के ताजा आदेश के मुताबिक: यह कटौती 26 मार्च 2026 से लागू हो चुकी है। क्यों लिया गया यह फैसला? अमेरिका-ईरान युद्ध और ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इस संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ATF पर नया टैक्स सरकार ने पहली बार Aviation Turbine Fuel (ATF) पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी लागू की है: इससे एयरलाइंस की लागत बढ़ सकती है और हवाई टिकट महंगे होने की संभावना है। तेल कंपनियों को राहत, जनता को नहीं? सरकार ने 2022 में लागू विंडफॉल टैक्स भी खत्म कर दिया है और निर्यात पर भी कई शुल्कों में छूट दी है। इससे तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है — क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा? जवाब: संभावना कम है क्यों नहीं घटेंगे दाम? इसलिए पंप पर कीमतों में तुरंत राहत मिलना मुश्किल है।

MP News: बिजली पर महंगाई का झटका: MP में 4.8% टैरिफ बढ़ा, 1 अप्रैल से नई दरें लागू

MP News: मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से बिजली दरों में 4.8% बढ़ोतरी लागू होगी। MPERC के नए टैरिफ का असर घरेलू, औद्योगिक और कृषि  भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ महंगाई का बड़ा झटका लगने वाला है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने बिजली दरों में औसतन 4.80% बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होंगी। सभी श्रेणियों पर असर, LT उपभोक्ताओं को राहत नई टैरिफ व्यवस्था के तहत घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक और कृषि—सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। हालांकि, लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि न्यूनतम शुल्क (Minimum Charge) पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इससे कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिल कुछ कम आ सकता है। कंपनियों ने मांगी थी 10% बढ़ोतरी बिजली वितरण कंपनियों ने करीब 6,043 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए 10.19% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन आयोग ने इस मांग को कम करते हुए 4.80% बढ़ोतरी ही मंजूर की।इस फैसले का असर प्रदेश के करीब 1.29 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बढ़ती लागत और घाटा बना कारण ऊर्जा विभाग के अनुसार, वर्ष 2026-27 में बिजली कंपनियों को करीब 65,374 करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जबकि मौजूदा दरों से केवल 59,330 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। इस घाटे को पूरा करने के लिए दरों में बढ़ोतरी जरूरी बताई गई है। स्मार्ट मीटर और बिजली खरीद का खर्च सरकार का कहना है कि हालांकि, इस पर सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि पहले दावा किया गया था कि इन योजनाओं का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। सौर ऊर्जा सस्ती, फिर भी बढ़े दाम प्रदेश में गैर-पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन क्षमता 5,781 मेगावाट तक पहुंच चुकी है और सौर ऊर्जा 3 रुपये प्रति यूनिट से भी कम दर पर उपलब्ध है। इसके बावजूद बिजली दरों में बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं और ऊर्जा विशेषज्ञों को चौंका दिया है।

Rules Change: 1 अप्रैल से बड़े बदलाव: LPG महंगा, ATM-PAN-टैक्स नियम बदलेंगे, जेब पर सीधा असर

Rules Change: 1 अप्रैल 2026 से देश में LPG, इनकम टैक्स, ATM ट्रांजैक्शन, PAN कार्ड और रेलवे टिकट नियमों में बड़े बदलाव लागू होंगे। जानिए हर बदलाव का आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Rules Change: मार्च का महीना खत्म होने के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से देशभर में कई बड़े वित्तीय और रोजमर्रा से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब, बैंकिंग, टैक्स और यात्रा पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन-कौन से 5 बड़े बदलाव लागू होने वाले हैं— 1. LPG, ATF और CNG-PNG के दाम बदल सकते हैं हर महीने की तरह इस बार भी 1 अप्रैल को गैस सिलेंडर के नए रेट जारी हो सकते हैं। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के चलते पहले ही LPG की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। इसका असर सीधे किचन बजट और ट्रांसपोर्ट खर्च पर पड़ेगा। 2. नया इनकम टैक्स नियम लागू 1 अप्रैल से आयकर अधिनियम 2025 लागू होने जा रहा है, जो पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा। इससे सैलरीड और बिजनेस दोनों टैक्सपेयर्स प्रभावित होंगे। 3. ATM नियमों में बदलाव (HDFC, PNB, Bandhan Bank) HDFC Bank Punjab National Bank Bandhan Bank ATM इस्तेमाल करने वालों को अब ज्यादा सावधानी रखनी होगी। 4. PAN कार्ड के नियम होंगे सख्त PAN Card 1 अप्रैल से PAN से जुड़े नियम कड़े हो सकते हैं— नए PAN आवेदन और अपडेट प्रक्रिया थोड़ी कठिन हो सकती है। 5. रेलवे टिकट कैंसिल करना महंगा Indian Railways रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका— अचानक यात्रा कैंसिल करने पर जेब पर ज्यादा बोझ पड़ेगा।

Social Media new rules: सोशल मीडिया KYC अनिवार्य? फेसबुक-इंस्टा यूजर्स के लिए बड़ा प्रस्ताव

Social Media new rules: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर KYC अनिवार्य करने की संसदीय समिति की सिफारिश, जानें क्या बदल सकता है Facebook, Instagram और अन्य ऐप्स के लिए नया नियम। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Social Media new rules: आने वाले समय में Facebook, Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संसदीय समिति ने यह अहम सिफारिश की है। क्यों जरूरी समझा गया KYC? संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इन समस्याओं को रोकने के लिए यूजर्स की पहचान और उम्र का सत्यापन जरूरी हो गया है। समिति ने गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय को सुझाव दिया है कि सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर KYC आधारित वेरिफिकेशन लागू किया जाए। महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर फोकस ‘साइबर अपराध और महिलाओं की साइबर सुरक्षा’ विषय पर पेश रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि कई मामलों में गुमनाम अकाउंट्स के जरिए महिलाओं और नाबालिगों को निशाना बनाया जाता है।ऐसे में KYC अनिवार्य होने से फर्जी अकाउंट्स पर लगाम लगाई जा सकेगी। कंपनियों के लिए भी सख्त नियम समिति ने प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए भी कड़े नियम सुझाए हैं: निजता पर उठ सकते हैं सवाल हालांकि, इस सिफारिश के बाद डेटा सुरक्षा और यूजर्स की निजता को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि KYC से सुरक्षा तो बढ़ेगी, लेकिन व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का खतरा भी बढ़ सकता है। क्या बदल सकता है आपके लिए? अगर सरकार इन सिफारिशों को लागू करती है, तो आने वाले समय में:

Hormuz Strait News: होर्मुज से भारत को राहत: ईरान ने दी मंजूरी, तेल-गैस लदे 20 जहाज जल्द पहुंचेंगे

Hormuz Strait News: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने भारत सहित 5 देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी। फंसे 20 भारतीय तेल-गैस जहाजों के लौटने से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Hormuz Strait News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद वहां फंसे भारत के तेल और गैस से लदे जहाजों के देश पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। क्या है पूरा मामला? वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात के चलते दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल (Crude) और LNG की सप्लाई होती है, वहां आवाजाही बाधित होने से कई देशों की चिंता बढ़ गई थी। भारत के भी लगभग 20 जहाज इस रूट पर फंसे हुए थे। ईरान ने किन देशों को दी अनुमति ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सहित पांच मित्र देशों—चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान—के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। उनके मुताबिक, ये देश “गैर-शत्रुतापूर्ण” श्रेणी में आते हैं और इन्होंने सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान से संपर्क किया था। हालांकि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर रोक जारी रहेगी। पहले भी मिले थे संकेत रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों को संदेश भेजकर सीमित आवाजाही की अनुमति देने के संकेत दे चुका था। इसमें कहा गया था कि केवल सुरक्षित और गैर-शत्रु देशों के जहाजों को ही गुजरने दिया जाएगा। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है और अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। क्या खत्म होगा तेल-गैस संकट? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर स्थिति और खराब नहीं होती है और जहाज सुरक्षित पहुंच जाते हैं, तो भारत में तेल-गैस की आपूर्ति जल्द स्थिर हो सकती है। हालांकि मिडिल ईस्ट की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।

घर के पास PNG गैस तो LPG बंद! सरकार का नया नियम लागू

सरकार का बड़ा फैसला—घर के पास PNG पाइपलाइन होने पर 3 महीने में लेना होगा कनेक्शन, नहीं तो LPG सिलेंडर सप्लाई होगी बंद। जानें नए नियम और पूरी प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PNG Gas: केंद्र सरकार ने गैस वितरण को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू कर दिया है। इसके तहत जिन घरों के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां अब PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। अगर किसी घर के पास पाइपलाइन होने के बावजूद कनेक्शन नहीं लिया जाता, तो पहले 3 महीने का नोटिस दिया जाएगा और उसके बाद उस पते पर LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और गैस की संभावित कमी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि देश में गैस सप्लाई सुचारू बनी रहे और उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। नए नियम की 4 बड़ी बातें 1. सोसाइटी को 3 दिन में देना होगा परमिशन अब हाउसिंग सोसायटी या RWA पाइपलाइन बिछाने में बाधा नहीं बन सकेंगी। 2. सरकारी मंजूरी में देरी नहीं 3. जमीन मालिक को मिलेगा ज्यादा मुआवजा 4. सुरक्षा और सुविधा पर जोर फायदे: नुकसान: PNG लेने पर LPG सिलेंडर करना होगा सरेंडर सरकार के नए नियम के अनुसार: किराएदार कैसे लें PNG कनेक्शन? किराएदार भी PNG कनेक्शन ले सकते हैं: मकान मालिक मना करे तो क्या होगा? अगर मकान मालिक पाइपलाइन लगाने से मना करता है, तब भी नियम लागू होगा।90 दिन बाद उस पते पर LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी। घर बदलने पर क्या करें?

रतलाम में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, प्रशासन ने किया स्टॉक सत्यापन

रतलाम जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के बीच प्रशासन ने पेट्रोल पंपों पर स्टॉक का सत्यापन किया। कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों ने जांच कर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बताया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों द्वारा जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर स्टॉक का सत्यापन किया जा रहा है। वीडियो देखे जांच के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी हुई है। आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों में आकर पैनिक खरीदारी न करें। प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल वाहनों में ही पेट्रोल-डीजल भरें। किसी भी स्थिति में ड्रम या बोतल में ईंधन नहीं दिया जाएगा, ताकि अनावश्यक जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके। विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों ने किया निरीक्षण नायब तहसीलदार पिन्की साठे ने साक्षी पेट्रोल पंप रतलाम का निरीक्षण किया, वहीं तहसीलदार रतलाम शहर ऋषभ ठाकुर ने पटेल पेट्रोल पंप पर स्टॉक की स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा तहसीलदार बाजना मनीष जैन ने बाजना क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की जांच की। एसडीएम जावरा सुनील जयसवाल और एसडीएम रतलाम ग्रामीण विवेक सोनकर द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर स्टॉक का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।

Ratlam News: इंदौर–दाहोद रेल परियोजना में तेजी, पीथमपुर–धार ट्रैक का टॉवर वेगन से परीक्षण शुरू

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत बहुप्रतीक्षित इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में टीही से धार के बीच निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जबकि इंदौर से टीही तक का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। वीडियो देखे रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए टीही–धार खंड को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कार्य किया जा रहा है। टीही से पीथमपुर के बीच टनल निर्माण अभी शेष है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ट्रैक मशीन (टीटीएम) को सड़क मार्ग से लाकर ट्रैक पर उतारा गया। इस मशीन के जरिए पीथमपुर से धार तक ट्रैक की पैकिंग और आवश्यक मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद अब ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के लिए टॉवर वेगन से परीक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 23 मार्च से 26 मार्च 2026 के बीच टॉवर वेगन को निर्धारित गति से चलाकर ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा का परीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पहले ही ट्रैक के आसपास न जाने की एडवाइजरी जारी की है। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण की निगरानी स्वयं मुख्य इंजीनियर (निर्माण) धीरज कुमार कर रहे हैं, जो मुंबई से इंदौर पहुंचे हैं। उन्होंने 23 मार्च को पीथमपुर से धार तक टॉवर वेगन के माध्यम से ट्रैक का निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। खास बात यह है कि इंदौर–दाहोद रेल लाइन पर पहली बार टॉवर वेगन चलाकर परीक्षण किया गया, जो इस परियोजना की तेज प्रगति को दर्शाता है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि पीथमपुर–धार खंड को जल्द से जल्द तैयार कर रेल सेवा शुरू की जाए। साथ ही समानांतर रूप से टनल निर्माण कार्य भी तेजी से जारी रहेगा। क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर से धार के बीच यात्रा आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

1 अप्रैल से HDFC Bank के नियम बदलेंगे: UPI ATM विड्रॉल पर लगेगा चार्ज, जानिए पूरी डिटेल

1 अप्रैल 2026 से HDFC Bank के ATM और UPI विड्रॉल नियम बदल रहे हैं। अब UPI कैश निकासी भी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल होगी। जानिए नए चार्ज, लिमिट और बचने के तरीके। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  HDFC Bank New Rules April 2026:नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक HDFC Bank अपने ग्राहकों के लिए अहम बदलाव करने जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से एटीएम ट्रांजैक्शन से जुड़े नियमों में बड़ा परिवर्तन लागू होगा, जिसका सीधा असर करोड़ों ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। अब तक एटीएम से UPI के जरिए कैश निकालना (UPI Withdrawal) एक अलग सुविधा मानी जाती थी, लेकिन नए नियमों के तहत इसे भी आपकी मंथली फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल कर दिया गया है। UPI विड्रॉल अब फ्री लिमिट में शामिल 1 अप्रैल से लागू नए नियम के अनुसार: फ्री लिमिट खत्म होते ही लगेगा चार्ज मेट्रो vs नॉन-मेट्रो: अलग लिमिट ग्राहकों पर क्या होगा असर? इस बदलाव के बाद: कैसे बचें अतिरिक्त चार्ज से?

Instagram DM Privacy Update: 8 मई से हटेगा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, प्राइवेट मैसेज पर बढ़ेगी निगरानी?

Instagram DM Privacy Update: Instagram ने डायरेक्ट मैसेज से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाने का फैसला लिया है। 8 मई 2026 से लागू होने वाले इस अपडेट के बाद प्राइवेट चैट की सुरक्षा पर सवाल उठ सकते हैं। जानिए पूरा मामला। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Instagram DM Privacy Update: दुनिया के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक Instagram के करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने डायरेक्ट मैसेज (DM) से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर को हटाने जा रही है। यह बदलाव 8 मई 2026 से लागू होगा। इस अपडेट के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज पहले की तरह पूरी तरह प्राइवेट नहीं रहेंगे। यानी तकनीकी रूप से कंपनी चाहे तो यूजर्स के मैसेज को एक्सेस कर सकती है। 2023 में शुरू हुआ था एन्क्रिप्टेड चैट फीचर रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्टाग्राम ने दिसंबर 2023 में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर की शुरुआत की थी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी बातचीत को सिर्फ मैसेज भेजने वाला और रिसीव करने वाला ही पढ़ सके। लेकिन अब इस फीचर को हटाने के बाद यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा समाप्त हो जाएगी। यूजर्स अपनी चैट और मीडिया डाउनलोड कर सकते हैं इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta Platforms ने कहा है कि एन्क्रिप्शन बंद होने से पहले यूजर्स अपनी मौजूदा चैट और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकते हैं। आखिर Meta ने यह फैसला क्यों लिया? हालांकि Meta ने आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे ऑनलाइन सुरक्षा और सरकारी नियमों का दबाव हो सकता है। दुनिया के कई देशों की सरकारें एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियम लागू करने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि एन्क्रिप्टेड चैट्स के जरिए बच्चों के शोषण या गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़ा कंटेंट ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। नए नियमों का भी असर यूरोपियन यूनियन का प्रस्तावित EU Chat Control Regulation और ब्रिटेन का Online Safety Act 2023 सोशल मीडिया कंपनियों को संदिग्ध और अवैध कंटेंट को स्कैन करने और हटाने के लिए बाध्य करता है। ऐसे में एन्क्रिप्शन हटाने से Meta के लिए इन नियमों का पालन करना आसान हो सकता है। क्या WhatsApp और Messenger पर भी पड़ेगा असर? इस फैसले के बाद यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे WhatsApp और Facebook Messenger पर भी भविष्य में ऐसे बदलाव हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल कंपनी ने इन ऐप्स के एन्क्रिप्शन को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की है।

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