दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग प्रभावित: रतलाम मंडल ने स्टेशनों पर यात्रियों को बांटा भोजन और पेयजल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मुंबई सेंट्रल मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में स्थित एक रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण गुरुवार को रेल परिचालन प्रभावित हो गया। इसका असर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर चलने वाली कई ट्रेनों पर पड़ा, जिन्हें रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर निर्धारित समय तक रोका गया। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने तत्काल राहत व्यवस्था शुरू की। विभिन्न स्टेशनों पर भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जबकि रेलवे अधिकारी और सुरक्षा बल लगातार यात्रियों की सहायता में जुटे रहे। रेलवे प्रशासन के अनुसार, स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और रेल परिचालन की अद्यतन जानकारी भी लगातार साझा की जा रही है। प्रभावित ट्रेनों के यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रतलाम, नामली, नागदा, मेघनगर, लिमखेड़ा, थांदला रोड और बामनिया स्टेशनों पर रुकी ट्रेनों के यात्रियों को उपलब्धता के अनुसार भोजन और पेयजल वितरित किया गया। यात्रियों को दाल-चावल, खिचड़ी, पोहा, केले और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। रेलवे का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार यह व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। सामाजिक संगठनों ने भी बढ़ाया सहयोग रेलवे की इस राहत व्यवस्था में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागदा, रतलाम, मेघनगर और लिमखेड़ा स्टेशनों पर कई सामाजिक संगठनों ने यात्रियों के बीच भोजन और पेयजल का वितरण कर रेलवे प्रशासन का सहयोग किया। खान-पान स्टॉल और पानी की अतिरिक्त व्यवस्था रतलाम मंडल ने सभी संबंधित स्टेशनों को निर्देश दिए हैं कि रेल परिचालन सामान्य होने तक खान-पान स्टॉल पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। साथ ही, यात्रियों को पेयजल की कमी न हो इसके लिए अतिरिक्त वाटर कैम्पर मंगाए गए हैं। स्टॉल संचालकों को भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उपलब्धता पर रेलवे लगातार निगरानी रख रहा है। सुरक्षा व्यवस्था भी की गई मजबूत स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी स्टेशनों पर मौजूद रहकर यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। यात्रियों को समय-समय पर ट्रेनों की स्थिति और रेल परिचालन से जुड़ी ताजा जानकारी भी दी जा रही है। रेलवे प्रशासन ने क्या कहा? पश्चिम रेलवे के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात या प्रतिकूल परिस्थिति में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए रतलाम मंडल पूरी तरह तैयार है और हालात सामान्य होने तक राहत कार्य जारी रहेगा।

DA Hike: सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, GAIL, BHEL, NTPC, IRCTC समेत 32+ सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

DA Hike: केंद्र सरकार ने CPSE कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (IDA) बढ़ाने का ऐलान किया है। GAIL, BHEL, NTPC, ONGC, IRCTC समेत 32+ सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। DA Hike: महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के अधिकारियों और गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों के लिए इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की नई दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के लागू होने से विभिन्न सरकारी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की मासिक आय बढ़ जाएगी। लोक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises) द्वारा जारी आदेश के अनुसार महंगाई भत्ते में संशोधन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर किया गया है। इसका लाभ अलग-अलग वेतनमान वाले कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि यह बढ़ोतरी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के नियमित DA से अलग है। यह केवल CPSE के उन अधिकारियों और गैर-यूनियन कर्मचारियों पर लागू होगी, जो संबंधित IDA वेतनमान के अंतर्गत आते हैं। किन कर्मचारियों को मिलेगा बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ? सरकार ने चार अलग-अलग वेतनमान के अंतर्गत आने वाले CPSE कर्मचारियों के लिए नई DA/IDA दरें लागू की हैं। किन सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को होगा फायदा? नई DA दरों का लाभ देश की प्रमुख महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न सरकारी कंपनियों के अधिकारियों एवं गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों को मिलेगा। महारत्न कंपनियां नवरत्न कंपनियां प्रमुख मिनीरत्न कंपनियां सैलरी में कितना होगा इजाफा? महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की कुल मासिक आय पर पड़ेगा। उदाहरण 1 यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹60,000 है और वह 2017 वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो— उदाहरण 2 यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹15,000 है और वह 2007 वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो— DA बढ़ाने का आधार क्या है? लोक उद्यम विभाग समय-समय पर ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस की समीक्षा करता है। महंगाई में बदलाव के अनुसार नई दरें तय की जाती हैं ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर असर कम पड़े। महत्वपूर्ण जानकारी (Quick Facts)

Banking Jobs 2026: PNB और यूनियन बैंक में 940 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता, सैलरी और आवेदन प्रक्रिया

PNB और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 940 पदों पर भर्ती निकाली है। जानें योग्यता, आयु सीमा, सैलरी, चयन प्रक्रिया, आवेदन की अंतिम तारीख और पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Banking Job 2026: सरकारी बैंक में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर आया है। Punjab National Bank (PNB) और Union Bank of India ने मिलकर 940 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। दोनों बैंकों में अलग-अलग पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस भर्ती अभियान के तहत ग्रेजुएट, B.Tech, MBA, MCA, CA और अन्य प्रोफेशनल डिग्री धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन के साथ देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में काम करने का मौका मिलेगा। अगर आप बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो आवेदन की अंतिम तारीख, योग्यता, चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न जैसी सभी जरूरी जानकारी यहां विस्तार से पढ़ सकते हैं। PNB में 545 लोकल बैंक ऑफिसर पदों पर भर्ती पंजाब नेशनल बैंक ने लोकल बैंक ऑफिसर (Local Bank Officer) के 545 पदों पर भर्ती निकाली है। नियुक्तियां गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, असम, पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में की जाएंगी। इन पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना अनिवार्य है। जिस राज्य के लिए आवेदन किया जाएगा, वहां की स्थानीय भाषा पढ़ने, लिखने और बोलने का ज्ञान भी जरूरी होगा। PNB भर्ती की मुख्य जानकारी विवरण. जानकारी कुल पद. 545 योग्यता. Graduation आयु सीमा. 20–30 वर्ष आवेदन की अंतिम तिथि 9 अगस्त 2026 चयन प्रक्रिया ऑनलाइन परीक्षा, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, भाषा परीक्षा (यदि आवश्यक), इंटरव्यू बेसिक सैलरी ₹48,480 से ₹85,920 प्रतिमाह PNB परीक्षा पैटर्न PNB की भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी। लिखित परीक्षा में शामिल विषय ऑनलाइन परीक्षा के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा। जिन उम्मीदवारों ने स्थानीय भाषा नहीं पढ़ी होगी, उन्हें भाषा दक्षता परीक्षा देनी होगी। इसके बाद 50 अंकों का पर्सनल इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। Union Bank में 395 पदों पर निकली भर्ती यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 395 स्पेशलिस्ट ऑफिसर और जनरल बैंकिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती निकाली है। इसके अलावा मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर और असिस्टेंट जनरल मैनेजर जैसे पद भी शामिल हैं। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन जारी है और इच्छुक उम्मीदवार 10 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। Union Bank भर्ती की मुख्य जानकारी विवरण. जानकारी कुल पद. 395 योग्यता Graduation, B.Tech, MCA, MBA, CA एवं संबंधित प्रोफेशनल डिग्री अनुभव 2 से 15 वर्ष (पद अनुसार) आयु सीमा 22–50 वर्ष आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 Union Bank में सैलरी कितनी मिलेगी? पद के अनुसार वेतन अलग-अलग निर्धारित किया गया है। अन्य पदों का वेतन बैंक के नियमानुसार दिया जाएगा। Union Bank चयन प्रक्रिया पद के अनुसार चयन प्रक्रिया अलग होगी। स्केल-1 से स्केल-3 स्केल-4 से स्केल-6 स्पेशलिस्ट ऑफिसर पदों के लिए प्रोफेशनल नॉलेज टेस्ट भी लिया जाएगा। आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

MP UCC Bill पास: शादी का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य, लिव इन से नौकरी रिकॉर्ड तक क्या बदल जाएगा?

MP UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा से UCC बिल पास हो गया है। शादी के रजिस्ट्रेशन, लिव इन रिलेशन, नौकरी रिकॉर्ड और संपत्ति विवाद से जुड़े नए नियम क्या होंगे, जानिए पूरी जानकारी भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला चौथा भाजपा शासित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है। हालांकि, यह कानून अभी लागू नहीं हुआ है। इसके लिए राज्यपाल और उसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होगी। कानून लागू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव विवाह पंजीकरण को लेकर देखने को मिलेगा। 23 सितंबर 2008 के बाद हुई ऐसी शादियां, जिनका अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकृत कराना होगा। इसके अलावा नौकरी के रिकॉर्ड, लिव इन रिलेशन और संपत्ति विवाद से जुड़े प्रावधान भी नए कानून का हिस्सा होंगे। राज्य सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना और दस्तावेजी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है। MP UCC Bill में सबसे बड़ा बदलाव: शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कानून लागू होने के बाद 23 सितंबर 2008 या उसके बाद हुई सभी गैर-पंजीकृत शादियों का रजिस्ट्रेशन एक वर्ष के भीतर कराना होगा। यदि किसी दंपति ने पहले ही विवाह पंजीकरण करा लिया है तो उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। दूसरी ओर, 23 सितंबर 2008 से पहले हुई शादियों के लिए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। राज्य के बाहर शादी करने वालों पर भी लागू होंगे नियम यदि कोई व्यक्ति कानूनी रूप से मध्य प्रदेश का निवासी है और उसने किसी दूसरे राज्य में विवाह किया है, तब भी यह प्रावधान उस पर लागू होगा। यानी केवल शादी का स्थान बदलने से नियमों में कोई छूट नहीं मिलेगी। रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो क्या होगा? यदि निर्धारित समय में विवाह का पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो संबंधित रजिस्ट्रार नोटिस जारी कर सकता है। इसके अलावा अधिकतम 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन नहीं होने के आधार पर विवाह को अवैध नहीं माना जाएगा। नौकरी के रिकॉर्ड में भी बदलेंगे नियम UCC लागू होने के बाद सरकारी और निजी संस्थानों में कर्मचारी की वैवाहिक स्थिति बदलने के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अब केवल विवाह कार्ड, शपथ-पत्र (हलफनामा) या अन्य दस्तावेजों के आधार पर सेवा रिकॉर्ड में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका प्रभाव भविष्य में इन मामलों पर पड़ सकता है— इनसे जुड़े विस्तृत नियम सरकार बाद में अलग से जारी कर सकती है। संपत्ति विवाद में अदालत नियुक्त कर सकेगी ‘रक्षक’ UCC विधेयक में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक नया प्रावधान भी शामिल किया गया है। यदि किसी मामले में आवश्यकता महसूस होती है, तो अदालत एक “रक्षक” नियुक्त कर सकेगी। रक्षक की जिम्मेदारियां होंगी— लिव इन रिलेशन को लेकर भी प्रावधान विधेयक में लिव इन रिलेशन से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। कानून लागू होने के बाद इससे संबंधित प्रक्रियाएं और नियम अधिसूचना एवं विस्तृत नियमावली के माध्यम से स्पष्ट किए जाएंगे। किन लोगों पर लागू होगा यह कानून? यह कानून केवल मध्य प्रदेश में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका दायरा उन लोगों तक भी हो सकता है जो— यदि वे कानूनी रूप से मध्य प्रदेश के निवासी हैं, तो उन पर भी संबंधित प्रावधान लागू हो सकते हैं। आगे क्या होगा? विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक को राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और अधिसूचना जारी होने पर कानून प्रभावी होगा। कई प्रक्रियाओं और नियमों की विस्तृत जानकारी सरकार अलग से अधिसूचित करेगी।

अस्पताल से सोनम वांगचुक की सरकार को चिट्ठी, इन शर्तों पर अनशन खत्म करने को हुए तैयार

CJP Protest: अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सरकार को पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की शर्तें रखीं। छात्रों पर कार्रवाई न करने, मुआवजा और संसद में चर्चा की मांग की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से केंद्र सरकार को एक अहम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ किया है कि यदि सरकार कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर भरोसा देती है तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने अपने पत्र में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने और संसद में पूरे मामले पर गंभीर चर्चा कराने की मांग भी दोहराई। उनकी यह चिट्ठी ऐसे समय आई है जब आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद भी इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। JP नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात का किया जिक्र सोनम वांगचुक ने पत्र में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने दोनों नेताओं का धन्यवाद करते हुए लिखा कि बातचीत के दौरान सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चर्चा में पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने, संसद में सार्थक बहस कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। ’20 जुलाई का चलो संसद मार्च शांतिपूर्ण रहा’ अपने पत्र में वांगचुक ने 20 जुलाई को आयोजित चलो संसद मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि पुलिस की सख्ती और बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया ने देखा कि युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे। इसलिए आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास को कमजोर करेगी। करीब 65 सांसदों ने की अनशन खत्म करने की अपील वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई सांसद उनसे मिलने भी आए और बाकी भी मिलने वाले हैं। सभी का मानना है कि देशहित में उन्हें स्वस्थ रहकर आगे भी काम करना चाहिए। “मैं जीना चाहता हूं, छात्रों के बीच लौटना चाहता हूं” पत्र में वांगचुक ने भावुक शब्दों में लिखा कि वह अपने छात्रों, शिक्षा और समाज के लिए किए जा रहे कार्यों के बीच वापस लौटना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव है जब उन युवाओं के साथ न्याय हो, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू किया गया था। कब खत्म करेंगे अनशन? वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार यह भरोसा देती है कि आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल होगी, तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत अपील नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों की अपेक्षाओं का सवाल है।

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से उठी आवाज अब देशभर में गूंज रही

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP Protest अब कई राज्यों तक पहुंच गया है। संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी की हिरासत और देशभर के ताजा अपडेट पढ़ें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ शुरू हुआ CJP Protest LIVE अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का रूप ले चुका है। दिल्ली से लेकर पटना, जयपुर, भोपाल और अन्य शहरों तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई स्थानों पर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आए, जिससे तनाव की स्थिति बनी। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। CJP Protest क्यों शुरू हुआ? आंदोलन की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ ही दिनों में यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित न रहकर कई राज्यों में फैल गया। संसद मार्च के दौरान क्या हुआ? प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई। राहुल गांधी की हिरासत पर बढ़ी सियासत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मैदान में उतरे। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। संसद में भी गूंजा मुद्दा बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते नजर आए। मकर द्वार के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन में कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कई राज्यों में तेज हुआ प्रदर्शन दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रमुख घटनाक्रम सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावे कांग्रेस का आरोप सरकार का पक्ष आंदोलन आगे क्या दिशा ले सकता है? आंदोलन से जुड़े आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता दिख रहा है। FAQ 1. CJP Protest किस मुद्दे को लेकर हो रहा है? यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया जा रहा है। 2. राहुल गांधी को क्यों हिरासत में लिया गया? प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था। कांग्रेस ने इसे विरोध दबाने की कार्रवाई बताया है। 3. किन-किन राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं? दिल्ली के अलावा पटना, जयपुर, भोपाल, अहमदाबाद समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 4. संसद में क्या हुआ? विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। 5. सरकार का इस मामले में क्या कहना है? सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

Kisan Andolan News: दिल्ली मार्च रुका, सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा

Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों ने फिलहाल मार्च रोक दिया है। सरकार ने शिवराज सिंह चौहान के साथ 8–10 दिनों में बैठक कराने का भरोसा दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए। हालांकि शंभू, खनौरी और कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत से आंदोलन में नया मोड़ आ गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने का भरोसा भी दिया गया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना दिल्ली मार्च रोकने का फैसला किया है। आंदोलन की अगली रणनीति अब प्रस्तावित बैठक और किसान नेताओं की रिहाई के बाद तय की जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के अगले कदम पर उनकी आगे की रणनीति निर्भर करेगी। सरकार ने क्या भरोसा दिया? हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान यूनियनों द्वारा सौंपा गया मांग पत्र सरकार को मिल गया है। इसे संबंधित अधिकारियों के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक कराने का प्रयास करेगी। बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि के साथ कराई जा सकती है। सरवन सिंह पंधेर ने क्या कहा? किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन? किसानों का कहना है कि उनके आंदोलन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख चिंताएं हैं— आगे क्या होगा? सरकार ने किसानों के मांग पत्र पर विचार करने और जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो आगे का निर्णय उसी आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मार्च स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

LTCG Tax पर सरकार का साफ रुख, इक्विटी निवेशकों को फिलहाल नहीं मिलेगी टैक्स राहत

LTCG Tax: सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि इक्विटी पर LTCG Tax खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। जानिए मौजूदा टैक्स नियम, FPI और घरेलू निवेशकों के लिए क्या व्यवस्था है नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LTCG Tax: शेयर बाजार में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट कर दी है। लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि क्या रिटेल निवेशकों के लिए इक्विटी पर लगने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म किया जा सकता है। अब सरकार ने संसद में इस पर अपना स्पष्ट रुख सामने रख दिया है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में कहा कि फिलहाल सरकार के पास इक्विटी निवेश पर लगने वाले LTCG Taxको समाप्त करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी पर टैक्स की दर समान है। बाजार से जुड़े निवेशकों के बीच लंबे समय से टैक्स में राहत की मांग उठती रही है। हालांकि सरकार ने संकेत दिया है कि टैक्स नीतियों की समय-समय पर समीक्षा होती रहती है, लेकिन इस समय किसी बदलाव का निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार ने संसद में क्या कहा? लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सरकार के पास रिटेल और घरेलू निवेशकों के लिए इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स समाप्त करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया कि कर संबंधी नीतियों की समीक्षा समय-समय पर की जाती है। हर साल बजट तैयार करते समय आर्थिक परिस्थितियों, राजस्व आवश्यकताओं और अन्य वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाते हैं। इक्विटी निवेश पर अभी कितना LTCG Tax लगता है? फिलहाल सूचीबद्ध (Listed) शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश पर निम्न नियम लागू हैं। दो वर्षों में सरकार को मिला 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक टैक्स इक्विटी पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से सरकार की आय लगातार बढ़ रही है। असेसमेंट वर्ष टैक्स संग्रह AY 2024-25 ₹72,249 करोड़ AY 2025-26. ₹1,29,158 करोड़ कुल ₹2.01 लाख करोड़ से अधिक इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि LTCG टैक्स सरकार के लिए राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। FPI और घरेलू निवेशकों के टैक्स में क्या अंतर है? सरकार ने संसद में यह भी स्पष्ट किया कि इक्विटी निवेश के मामले में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को कोई अतिरिक्त टैक्स छूट नहीं दी गई है। घरेलू निवेशकों की तरह ही FPI को भी सूचीबद्ध शेयरों से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होता है। FPI को किस निवेश पर मिली है छूट? सरकार के अनुसार, हालिया आयकर संशोधन के तहत FPI को केवल Government Securities (G-Secs) में निवेश से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर टैक्स राहत दी गई है। यह छूट केवल सरकारी बॉन्ड में निवेश पर लागू होती है। इक्विटी निवेश पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। टैक्स नीतियों की समीक्षा कब होती है? वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार समय-समय पर कर नीतियों की समीक्षा करती है। विशेष रूप से: इसका मतलब यह है कि भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है। निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी ध्यान रखें

31 जुलाई नहीं, इन टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त है ITR फाइल करने की आखिरी तारीख, जानें पूरा नियम

31 जुलाई सभी के लिए ITR की आखिरी तारीख नहीं है। जानें किन टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भरने की छूट मिली है और नए नियम क्या कहते हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ITR Filling: अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं और आपको लगता है कि 31 जुलाई 2026 ही अंतिम तारीख है, तो एक बार अपने टैक्स प्रोफाइल की जांच जरूर कर लें। सभी टैक्सपेयर्स के लिए यह डेडलाइन समान नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए सरकार ने कुछ श्रेणी के टैक्सपेयर्स को ITR दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। खासतौर पर बिजनेस इनकम वाले लोगों, कुछ प्रोफेशनल्स और इंट्राडे या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेड करने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 हो सकती है। यदि आपने पूरे वित्त वर्ष में केवल एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या F&O में ट्रेड किया है, तो इनकम टैक्स कानून के तहत आपकी आय का वर्गीकरण बदल सकता है। ऐसे में आपकी ITR फाइलिंग की डेडलाइन भी अलग हो सकती है। किन लोगों के लिए 31 अगस्त 2026 है आखिरी तारीख? वित्त अधिनियम 2026 के अनुसार जिन टैक्सपेयर्स की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस श्रेणी में शामिल हो सकते हैं— इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या नियम है? अगर आपने पूरे साल में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग की है, तो इनकम टैक्स विभाग इसे स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम मानता है। इसका मतलब यह है कि आपकी आय केवल कैपिटल गेन के रूप में नहीं बल्कि बिजनेस इनकम के रूप में भी मानी जा सकती है। ऐसी स्थिति में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त 2026 हो सकती है। स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम क्या होती है? इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर उसी दिन खरीदे और बेचे जाते हैं। इस तरह होने वाला लाभ या नुकसान स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। इसके नुकसान को केवल स्पेकुलेटिव मुनाफे से ही समायोजित (Adjust) किया जा सकता है। F&O ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या है नियम? फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग से होने वाली आय को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। हालांकि इसमें शेयरों की डिलीवरी नहीं होती, लेकिन इनकम टैक्स कानून के तहत इसे बिजनेस इनकम की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए F&O ट्रेड करने वालों को भी अपनी ITR फाइलिंग की समय-सीमा समझना जरूरी है। टैक्स ऑडिट जरूरी होने पर क्या होगी आखिरी तारीख? यदि F&O या अन्य बिजनेस गतिविधियों के कारण आपका टर्नओवर टैक्स ऑडिट की निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, तो पहले टैक्स ऑडिट कराना होगा। ऐसे मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी। महत्वपूर्ण जानकारी ITR फाइल करने से पहले यह जरूर जांच लें

MP News: MP के 1100 करोड़ के चावल घोटाले में बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र से दो राइस मिल संचालक गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित चावल घोटाले में एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। अब तक 10 गिरफ्तारी, 5 आरोपी फरार हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित MP चावल घोटाले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर निकला करोड़ों रुपये का फोर्टिफाइड चावल उनकी राइस मिल में खपाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जुगल खंडेलवाल और उनके भाई किशनलाल खंडेलवाल हैं। इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य राइस मिलों की भूमिका भी सामने आ सकती है। इसी वजह से एसआईटी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। महाराष्ट्र से हुई गिरफ्तारी, एसआईटी की जांच तेज एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया पहुंचकर जुगल खंडेलवाल और किशनलाल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर जारी किया गया करीब 40 ट्रक फोर्टिफाइड चावल, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है, आरोपितों की राइस मिल में पहुंचाया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक कड़ी है और जांच आगे बढ़ने पर अन्य राइस मिलों और संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।  क्या है पूरा चावल घोटाला? यह मामला 3 जून को मध्य प्रदेश के बालाघाट और सिवनी जिलों में सामने आया था। जांच में आरोप लगा कि एफसीआई (FCI) के गोदामों से निकला फोर्टिफाइड चावल अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा। जांच के मुताबिक, 12.66 करोड़ रुपये मूल्य का 54,590 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एग्रिको ग्रुप के एथनॉल प्लांट के लिए जारी किया गया था, लेकिन वह प्लांट तक पहुंचा ही नहीं। 1100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है जांच जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। यदि जांच में ये आशंकाएं सही साबित होती हैं, तो यह मध्य प्रदेश के सबसे बड़े खाद्यान्न घोटालों में से एक माना जा सकता है। एथनॉल नीति क्या कहती है? प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार, एफसीआई के गोदामों में रखा पुराना और मानव उपभोग के लिए अनुपयोगी हो चुका चावल एथनॉल उत्पादन में उपयोग किया जा सकता है। महत्वपूर्ण जानकारी जांच अभी जारी, और बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां एसआईटी की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों, परिवहन रिकॉर्ड और संबंधित राइस मिलों की जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं

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