UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

Ratlam News: मेडिकल कॉलेज रतलाम का कलेक्टर मिशा सिंह ने किया निरीक्षण, मरीजों व विद्यार्थियों की सुविधाओं पर दिया विशेष जोर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:’कलेक्टर मिशा सिंह ने शुक्रवार को डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडेय शासकीय मेडिकल कॉलेज, रतलाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, प्रबंधन व्यवस्था और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। WATCH VIDEO निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड का अवलोकन किया तथा मरीजों से प्रत्यक्ष चर्चा कर व्यवस्थाओं का सत्यापन किया। उन्होंने लैबोरेटरी जांच कक्ष में मरीजों की पर्चियों का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट मरीजों को ऑनलाइन माध्यम से सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए, ताकि भर्ती के बाद किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट एसएमएस के माध्यम से मोबाइल पर भेजी जा रही है। कलेक्टर ने मरीजों से चर्चा कर इसकी पुष्टि की, जिस पर मरीजों ने संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जांच पूर्ण होने का संदेश पहले भेजा जाए तथा उसके पश्चात रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि मरीज को स्पष्ट जानकारी मिल सके। जन्म-मृत्यु पंजीयन कक्ष के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रसूता को जन्म प्रमाण पत्र डिस्चार्ज से पूर्व उनके पलंग पर ही उपलब्ध कराया जाए। आवश्यकता होने पर मोबाइल पर सॉफ्ट कॉपी भी भेजी जा सकती है। एक्स-रे कक्ष में ग्राम सोनागिरी, आलोट से आई महिला मरीज से जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। अस्पताल में साइनज व्यवस्था सुधारने और कलर कोडेड पर्ची प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार का भ्रम न हो। निर्माणाधीन सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण करते हुए सीटी स्कैन सुविधा शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। सोनोग्राफी कक्ष में अधिक वेटिंग को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों के कार्य समय बढ़ाने तथा ओपीडी और आईपीडी मरीजों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। प्रसव पूर्व कक्ष में सुमन हेल्प डेस्क के रिकॉर्ड का अवलोकन किया गया। प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में 24 महिलाएं प्रसव हेतु आई हैं, जिनमें से 15 रेफरल होकर आई हैं। सभी महिलाओं को शासकीय एंबुलेंस से लाया गया, जिसकी पुष्टि कलेक्टर ने परिजनों से चर्चा कर की। कलेक्टर ने परिजनों से भोजन और पानी की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली, जिस पर संतोषजनक व्यवस्था होना बताया गया। प्रसव पूर्व कक्ष के बाहर परिजनों की भीड़ को देखते हुए पृथक प्रतीक्षा कक्ष की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया गया। निजी कैंटीन का निरीक्षण करते हुए अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि मरीजों को सभी आवश्यक दवाइयां जेनेरिक एवं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर मिशा सिंह ने छात्रावास की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि भोजन व्यवस्था हेतु टेंडर प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को भोजन एवं पानी की किसी भी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने कहा कि 29 जनवरी को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में मेडिकल कॉलेज की डीन की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, जिससे आगामी कार्ययोजना तैयार की जा सके। निरीक्षण के दौरान डॉ. अनीता मुथा (डीन मेडिकल कॉलेज), डॉ. पवन शर्मा (ईएनटी विशेषज्ञ), डॉ. विनय शर्मा (सीएमओ), डॉ. नागर (छाती रोग विशेषज्ञ), डॉ. अंकित शर्मा (अस्पताल प्रबंधक) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Ratlam News: मालवा मीडिया फेस्ट 2025: तीसरे संस्करण का पोस्टर लॉन्च, 9 जनवरी को पद्मश्री प्रह्लाद टिपानिया की प्रस्तुति

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सक्षम संचार फाउंडेशन एवं स्थानीय आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे मालवा मीडिया फेस्ट (MMF) के तीसरे संस्करण के पोस्टर का विधिवत विमोचन संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम रतलाम के उजाला पैलेस में आगामी 9 जनवरी 2025 को आयोजित किया जाएगा। पोस्टर विमोचन अवसर पर समाजसेवी, लेखक और वरिष्ठ रंगकर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कैलाश व्यास, ललित चौरड़िया, नरेंद्र सिंह पंवार, विकास श्रीवाल, मीनाक्षी मलिक, वैदेही कोठारी, तुषार कोठारी, प्रवीणा दवेसर, अदिति दवेसर एवं अर्चना शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। मालवा मीडिया फेस्ट 2025 की खास बात यह है कि इसमें पद्मश्री प्रह्लाद टिपानिया अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। इसके साथ ही संविधान पर आधारित प्रदर्शनी और काकोरी कांड पर आधारित वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन भी किया जाएगा। फेस्ट में सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों की भी भरमार रहेगी। कार्यक्रम के तहत भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी रानी अबक्का पर लाइव थिएटर, आदि शंकराचार्य पर संगीतमय कथा, तथा नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) के अधिकारियों द्वारा पुस्तकों के ई-डिजिटलीकरणपर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं को आकर्षित करने के लिए रील मेकिंग प्रतियोगिता और पारंपरिक फैशन शो जैसी रोमांचक प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। आयोजकों के अनुसार, मालवा मीडिया फेस्ट का उद्देश्य मीडिया, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक सरोकारों को एक साझा मंच प्रदान करना है। यह आयोजन रतलाम ही नहीं, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उत्सव साबित होगा।

MP News: एमपी में 2026 की छुट्टियों का कैलेंडर जारी, 25 सामान्य, 19 सार्वजनिक और 63 ऐच्छिक अवकाश घोषित

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश शासन ने वर्ष 2026 के लिए शासकीय कार्यालयों, संस्थाओं, बैंकों और कोषालयों के लिए अवकाशों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित की गई है। इसमें सामान्य अवकाश, सार्वजनिक अवकाश और ऐच्छिक (आप्शनल) अवकाश की विस्तृत जानकारी दी गई है। 25 सामान्य अवकाश घोषित राज्य शासन ने वर्ष 2026 के लिए कुल 25 सामान्य अवकाश घोषित किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। साथ ही समस्त रविवार भी सामान्य अवकाश के रूप में रहेंगे। 19 सार्वजनिक अवकाश भी घोषित परक्राम्य लिखित अधिनियम, 1881 के अंतर्गत राज्य शासन ने 19 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए हैं, जिनका प्रभाव विशेष रूप से बैंकों, कोषालयों और उप-कोषालयों पर रहेगा।इनमें बैंकों की वार्षिक लेखाबंदी (1 अप्रैल), ईदुज्जुहा, मोहर्रम, मिलाद-उन-नबी, जन्माष्टमी सहित कई पर्व शामिल हैं। 63 ऐच्छिक अवकाशों की सूची राज्य शासन ने कर्मचारियों के लिए 63 ऐच्छिक (Optional) अवकाश भी घोषित किए हैं। प्रत्येक शासकीय कर्मचारी को इनमें से अपनी पसंद के केवल 3 अवकाश लेने की अनुमति होगी। ऐच्छिक अवकाशों में— रविवार को पड़ने वाले पर्वों पर अलग अवकाश नहीं राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जो पर्व रविवार को पड़ रहे हैं, उनके लिए अलग से अवकाश घोषित नहीं किया गया है। इनमें— राज्यपाल के नाम से जारी अधिसूचना यह अधिसूचना मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से एवं आदेशानुसार अपर सचिव सुभाष कुमार द्विवेदी द्वारा जारी की गई है। नोट: यह अवकाश सूची वर्ष 2026 में प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और संबंधित विभागों पर लागू होगी।

Ratlam News: रतलाम में कलेक्टर का रेन बसेरों का औचक निरीक्षण, ओटलों पर सो रहे लोगों को कराया शिफ्ट, ठंड से बचाव के दिए सख्त निर्देश

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शीत लहर और बढ़ती ठंड को देखते हुए रतलाम जिले में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने नगर निगम आयुक्त श्री अनिल भाना, एसडीएम शहर सुश्री आर्ची हरित एवं तहसीलदार श्री ऋषभ ठाकुर के साथ शहर के विभिन्न रेन बसेरों का निरीक्षण किया। WATCH VIDEO कलेक्टर ने महू रोड बस स्टैंड परिसर के प्रथम तल, हाथीखाना क्षेत्र में जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय के पास तथा सिविक सेंटर के समीप संचालित निशुल्क रेन बसेरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पलंग, गद्दे, तकिया, चादर, कंबल, बाथरूम में पानी, पेयजल एवं ठंड के मौसम में गर्म पानी की सुविधा सहित सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय के बाहर मेडिकल स्टोर के ओटलों पर कुछ लोग ठंड में सोते हुए मिले। इस पर कलेक्टर ने तत्काल शासकीय वाहन रुकवाकर उन्हें रेन बसेरे में शिफ्ट करवाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए और ठंड के कारण किसी को भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम आयुक्त एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी रात्रि भ्रमण कर खुले में सो रहे लोगों को रेन बसेरों में शिफ्ट कराएं, अन्यथा लापरवाही की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि आश्रय स्थलों पर महिलाओं के लिए पृथक कक्ष की व्यवस्था उपलब्ध है। रेन बसेरों में ठहरे लोगों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने आश्रय स्थलों के आसपास साइन बोर्ड लगाने और रेन बसेरों की जानकारी के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। प्रशासन की इस पहल से ठंड के मौसम में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आश्रय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

Ratlam News: DIG निमिष अग्रवाल ने पुलिस लाइन रतलाम में लिया परेड का वार्षिक निरीक्षण, बलवा ड्रिल और डॉग स्क्वाड का किया अवलोकन

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रतलाम रेंज निमिष अग्रवाल द्वारा जिले का वार्षिक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में 22 दिसंबर 2025 को पुलिस लाइन ग्राउंड, रतलाम में परेड का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रतलाम  अमित कुमार भी उपस्थित रहे। WATCH VIDEO निरीक्षण के दौरान परेड कमांडर रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत के नेतृत्व में परेड द्वारा DIG महोदय को सलामी दी गई। सलामी के उपरांत परेड में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के टर्नआउट, अनुशासन, ड्रिल, मार्चिंग और आपसी समन्वय का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। यातायात अभ्यास और बलवा ड्रिल का प्रभावी प्रदर्शन परेड के बाद टोलीवार कार्यवाही संपन्न कराई गई। इसके पश्चात पुलिस प्लाटून द्वारा यातायात नियंत्रण, सड़क दुर्घटना रोकथाम और भीड़ प्रबंधन से संबंधित अभ्यास कराया गया। इसके बाद पुलिस डॉग स्क्वाड, वाहन शाखा और पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया गया। शासकीय वाहनों में पुलिस जीप, चार पहिया वाहन, वज्र वाहन एवं विशेष उपयोगी वाहनों की कार्यशीलता, रख-रखाव और उपकरणों की जांच की गई। बलवा ड्रिल अभ्यास के दौरान आंसू गैस, वाटर कैनन, बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेरा निर्माण एवं प्राथमिक चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। 200 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी रहे उपस्थित परेड में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश खाखा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल सहित 3 डीएसपी, 1 रक्षित निरीक्षक, 20 निरीक्षक, 2 सूबेदार, 11 उप निरीक्षक, 14 सहायक उप निरीक्षक, 36 प्रधान आरक्षक और 110 आरक्षक, कुल 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस सम्मेलन में रखी गईं समस्याएं परेड के उपरांत पुलिस लाइन में पुलिस सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी।इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखे, जिन्हें DIG निमिष अग्रवाल ने गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

Ratlam News: ट्रेन में गूंजी किलकारी: रतलाम स्टेशन पर 20941 एक्सप्रेस में महिला यात्री की सुरक्षित डिलीवरी, मिशन ‘मातृशक्ति’ के तहत रेलवे पुलिस की सराहनीय भूमिका

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मिशन “मातृशक्ति” के अंतर्गत शुक्रवार को रतलाम रेलवे स्टेशन पर मानवता और यात्री सेवा का एक सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। गाड़ी संख्या 20941 के रतलाम स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों ने शोर मचाया कि एक महिला यात्री को तेज लेबर पेन हो रहा है। WATCH VIDEO सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात महिला हेड कांस्टेबल शिवानी तत्काल इंजन के पास स्थित जनरल कोच में पहुंचीं, जहां अन्य महिला यात्रियों की सहायता से गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई गई। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद HC हरिनारायण मीणा ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से अधिकारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही उपनिरीक्षक श्रद्धा ठाकुर एवं LCT गीता मौके पर पहुंचीं और ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर को भी अवगत कराया गया। कोच में जांच के दौरान महिला यात्री की पहचान किरण (19 वर्ष), पति दीपुराम, निवासी ताड़ीघाट, गाजीपुर (उत्तरप्रदेश) के रूप में हुई। महिला वापी से गाजीपुर की यात्रा कर रही थी। डिलीवरी के बाद महिला ने स्वस्थ बालिका को जन्म दिया। परिवार की सहमति से जच्चा-बच्चा और महिला के पति को आगे के इलाज के लिए रतलाम स्टेशन पर ट्रेन से उतारा गया। महिला की स्थिति को देखते हुए रेलवे एंबुलेंस से सिविल हॉस्पिटल भेजा गया, जहां LHC शिवानी को प्राथमिक उपचार हेतु उनके साथ तैनात किया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान उपनिरीक्षक श्रद्धा ठाकुर ने स्टाफ के साथ स्टेशन पर उचित सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखी। इस कारण ट्रेन 08:29 से 09:02 बजे तक कुल 31 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही और बाद में सुरक्षित रूप से गंतव्य के लिए रवाना हुई। यात्रियों द्वारा एसीपी भी की गई, हालांकि गार्ड आर.के. मीणा द्वारा कोई मेमो नहीं दिया गया। रेलवे पुलिस एवं महिला स्टाफ की तत्परता और संवेदनशीलता से एक महिला और नवजात की जान सुरक्षित रह सकी, जो मिशन मातृशक्ति की भावना को साकार करता है।

New Labour Law: जॉयनिंग लेटर, समय पर सैलरी, रिटायरमेंट सिक्योरिटी के साथ 5 बड़े फायदे

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Labour Law: भारत में चार नए श्रम कानून आधिकारिक रूप से नोटिफाई कर दिए गए हैं, जो पुराने 29 लेबर लॉ की जगह लेंगे।नए नियम सैलरी, पेंशन, ग्रेच्युटी, PF, मिनिमम वेतन और हेल्थ कवर जैसे फायदे लेकर आए हैं। इन बदलावों का मकसद काम को अधिक पारदर्शी बनाना और कर्मचारियों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा देना है। 1. गिग वर्कर्स को पहली बार कानूनी मान्यता देश में पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स – जैसे डिलीवरी एजेंट, कैब ड्राइवर, ऐप बेस्ड वर्कर्स – को श्रम कानूनों में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम डिजिटल और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। 2. सभी सेक्टर में न्यूनतम वेतन और समय पर पेमेंट नए कोड के तहत: सभी वर्कर्स को जॉइनिंग लेटर आवश्यकमिनिमम वेतन अनिवार्य समय पर सैलरी का भुगतान जरूरी इससे अलग-अलग शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की मंथली इनकम स्थिर होगी। अब किसी भी कैटेगरी में देरी से पेमेंट या कम पेमेंट की समस्या पर रोक लगेगी। 3. हेल्थ कवर और सालाना मेडिकल टेस्ट नियमों में ESI कवरेज का विस्तार किया गया है।साथ ही फ्री सालाना हेल्थ चेकअप की सुविधा भी मिलेगी। 4. महिलाओं को बेहतर सुरक्षा और अधिक अवसर अब महिलाएं: अलग-अलग सेगमेंट मेंनाइट शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी शर्त है कि नियोक्ता सुरक्षा व्यवस्था और सहमति सुनिश्चित करें। यह बदलाव लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स में महिलाओं के लिए नए अवसर खोलेगा। 5. एग्रीगेटर्स से सामाजिक सुरक्षा फंड गिग वर्कर्स के लिए नया वेलफेयर मॉडल भी लागू होगा। यह फंड लाखों प्लेटफॉर्म-बेस्ड वर्कर्स के भविष्य को सुरक्षित करेगा।

Ratlam News: रतलाम में ट्रैफिक मित्र योजना शुरूः 24 स्टूडेंट्स का प्रशिक्षण पूरा, 200 से ज्यादा लोगों ने किया पंजीकरण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने ‘ट्रैफिक मित्र योजना’ की शुरुआत कर दी है। पुलिस ट्रेंनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल के निर्देश पर यह अभियान पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार और जिला कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। शहर के विद्यार्थियों, व्यवसायियों, नौकरीपेशा लोगों और वरिष्ठ नागरिकों को योजना से जुड़ने के लिए लिंक जारी कर प्रेरित किया गया। इस पहल को नागरिकों से उत्साहपूर्ण समर्थन मिला है और अब तक करीब 200 लोगों ने पंजीकरण कर यातायात सुधार अभियान में सहयोग देने की इच्छा जताई है। 24 स्टूडेंट्स का पहला प्रशिक्षण सम्पन्न योजना के प्रथम चरण में 24 छात्रों का प्रशिक्षण नए कंट्रोल रूम, पुलिस अधीक्षक कार्यालय रतलाम में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जिला कलेक्टर मिशा सिंह और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने छात्रों से संवाद किया व उनका मनोबल बढ़ाया। कलेक्टर मिशा सिंह ने कहा कि—“युवाओं की भागीदारी से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलेगी।” वहीं SP अमित कुमार ने सामुदायिक पुलिसिंग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—“ट्रैफिक मित्र के रूप में जुड़कर युवा अनुशासित और उत्तरदायी नागरिक बनते हुए यातायात में बदलाव ला सकते हैं।” ट्रैफिक नियम, सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया और डीएसपी ट्रैफिक आनंद सोनी ने छात्रों को— की विस्तृत जानकारी दी और आगे भी सक्रिय रूप से यातायात व्यवस्था में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए बड़ी पहल ट्रैफिक मित्र योजना शहर में स्वैच्छिक नागरिक सहभागिता के माध्यम से ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में और भी नागरिकों को इस अभियान से जोड़ने की तैयारी है।

Rules Change: 1 दिसंबर से बदल जाएंगे कई बड़े नियम: आधार, यूपीआई, LPG, पेंशन और इनकम टैक्स—जानें क्या होगा आपके लिए ज़रूरी 

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Rules: देश में 1 दिसंबर 2025 से कई महत्वपूर्ण नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब और दैनिक जीवन पर पड़ेगा। इनमें आधार कार्ड, यूपीआई, पेंशन, बैंकिंग सर्विस, आयकर नियम और LPG सिलेंडर की कीमतें शामिल हैं। नवंबर समाप्त होने से पहले इन बदलावों को जानना बहुत ज़रूरी है, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके। आधार कार्ड के फॉर्मेट में बड़ा बदलाव यूआईडीएआई आधार कार्ड का नया सिक्योर फॉर्मेट लाने की तैयारी कर रहा है। यूपीआई नियमों में बड़ा अपडेट 31 दिसंबर 2025 से नए यूपीआई नियम लागू होंगे। SBI ग्राहकों के लिए अहम बदलाव – MCash सर्विस बंद 1 दिसंबर 2025 से SBI की M-Cash सुविधा बंद हो जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए UPS चुनने की आखिरी तारीख यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) चुनने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2025 है। पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का आखिरी मौका 30 नवंबर 2025 के बाद पेंशनभोगी लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं कर पाएंगे। आयकर नियमों में बड़े बदलाव 30 नवंबर 2025 तक इन कामों को पूरा करना ज़रूरी है— LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हर महीने की तरह 1 दिसंबर 2025 को भी LPG की नई कीमतें जारी होंगी। विमान ईंधन (ATF) की कीमतों की समीक्ष 1 दिसंबर 2025 को ATF की नई कीमतें भी जारी होंगी।

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