Ratlam News: मध निषेध सप्ताह के तहत निकाली नशामुक्ति जागरूकता रैली, 100 बालिकाओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: मध निषेध सप्ताह के तहत 2 से 8 अक्टूबर तक रतलाम के नवीन कन्या विद्यालय, आनंद कॉलोनी में नशामुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने बाजार क्षेत्र में जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति की शपथ ली। कार्यक्रम के अंतर्गत 100 बालिकाओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई, और 7 निर्धन छात्राओं की फीस के लिए आर्थिक मदद प्रदान की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद के प्रदेश प्रचार मंत्री सीए शांतिलाल चपलोद ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। म.प्र. जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने नशामुक्त भारत अभियान के बारे में विस्तार से बताते हुए नशामुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 की जानकारी दी। तंबाकू नियंत्रण समिति के सदस्य अशोक अग्रवाल ने नशे से होने वाले सामाजिक और आर्थिक नुकसान की चर्चा की। उन्होंने कैंसर जागरूकता पर भी जानकारी दी। वहीं, भारत विकास परिषद के जिला अध्यक्ष स्नेह सजदेव ने शिक्षा को नशे के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बताते हुए विद्यार्थियों को शिक्षित होने की प्रेरणा दी। स्वास्थ्य विभाग रतलाम की अतिरिक्त मीडिया प्रभारी सरला कुरिल ने शिक्षा को सफलता की कुंजी बताया और कहा कि शिक्षा ही नशे की बुराइयों को दूर कर सकती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्राचार्य ममता अग्रवाल ने की, जिन्होंने नैतिक शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। इस आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थी और शिक्षकगण उपस्थित थे, जिनका नशामुक्ति और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Railway Job’s: रेलवे में फर्जी नौकरी देने वालों का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड बास्केटबॉल कोच फरार! फर्जी जॉइनिंग लेटर भी जप्त

आरोपियों के पास से पश्चिम रेलवे के करीब 20 फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं। इन नियुक्ति पत्रों में गैंगमैन, खलासी, और टिकट निरीक्षक जैसे पद शामिल! रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Railway job’s:  पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से रेलवे भर्ती प्रक्रिया के ग्रुप डी और सी के फर्जी जॉइनिंग लेटर भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने उनके पास से एक लैपटॉप भी जब्त किया है, जिसमें नियुक्ति पत्र तैयार किए जाते थे। गिरफ्तार युवक मध्य प्रदेश के पन्ना और शहडोल जिलों के निवासी हैं। वहीं इस पूरे जालसाजी रैकेट का मास्टर माइंड बास्केटबॉल कोच विक्रम बाथव है। शातिर सरगना बाथव की पुलिस को सरगर्मी से तलाश है। गिरफ्तार रैकेट के दो गुर्गों को आज पुलिस न्यायालय में पेश करेगी। शातिर ठगों के सरगना बाथव के खिलाफ भोपाल, मंदसौर में भी जालसाजी के प्रकरण दर्ज है। मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारीस्टेशन रोड थाना के सब इंस्पेक्टर प्रेमसिंह हटिला ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर डॉट की पुल के पास स्थित एक होटल से दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश लोधी (30), निवासी पन्ना, और विमलेंद्र कुमार मिश्रा (36), निवासी शहडोल, के रूप में हुई है। ये दोनों रतलाम में किसी स्थानीय व्यक्ति के लिए काम कर रहे थे, जो रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का रैकेट चला रहा था। पुलिस से इनसे पूछताछ कर रही है। रतलाम के फरार साथी विक्रम बाथवा की तलाश की जा रही है। फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र बरामदपुलिस ने बताया कि इन दोनों आरोपियों के पास से पश्चिम रेलवे के करीब 20 फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं। इन नियुक्ति पत्रों में गैंगमैन, खलासी, और टिकट निरीक्षक जैसे पदों के फर्जी पत्र शामिल हैं। आरोपियों ने ये नियुक्ति पत्र खुद तैयार किए थे। कोर्ट में पेशी और जांच जारीपुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (4), 338, 336 (3), और 340 (2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर रही है और इस मामले में रतलाम के अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

Terrorist Threat : महाकाल मंदिर समेत MP-राजस्थान के स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरा पत्र, लिखा- जिहादियों की मौत का बदला लेंगे!

पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है, राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देने की साजिश? उज्जैन – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Terrorist Threat: महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। अज्ञात व्यक्ति ने एक पत्र के माध्यम से राजस्थान के हुनमानगढ़ के रेलवे स्टेशन अधीक्षक को दी है। इसमें उज्जैन (Ujjain) रेलवे स्टेशन, हनुमानगढ़ जंक्शन सहित राज्य के श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, बूंदी, उदयपुर, जयपुर रेलवे स्टेशन सहित राजस्थान के कुछ धार्मिक स्थल को आगामी 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी है। पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है। हनुमानगढ़ के स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि पात्र हमारे यहां मिला था, जिसमें राजस्थान और मध्यप्रदेश को खून से रंगने की बात लिखी थी। साथ ही राजस्थान के कई रेलवे स्टेशन और उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र जीआरपी को सौंप दिया है। पत्र में जम्मू कश्मीर में जेहादियों की हत्या का बदला लेने के लिए स्टेशनों और मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी लिखी है। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को मिला है पत्रराजस्थान के हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन के अधीक्षक नागेंद्र सिंह को एक पत्र मिला है, जिसमें राजस्थान के कई शहर और रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मंगलवार को मिले पत्र में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के जम्मू कश्मीर के एरिया कमांडर सलीम अंसारी के नाम से पत्र भेजा गया है। जेहादी की मौत का बदला लेंगेपत्र में लिखा है कि हे खुदा मुझे माफ करना जम्मू कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जेहादी की मौत का बदला लेंगे। हम ठीक 30 अक्टूबर को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, गंगानगर और हनुमानगढ़, बूंदी उदयपुर सिटी जयपुर मंडल राजस्थान और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ा देंगे। हम ठीक 2 नवंबर को महाकाल उज्जैन शिव मंदिर और जयपुर के कई धार्मिक स्थान, हवाई अड्डा, मिलिट्री कैंप को बम से उड़ा देंगे। एमपी राजस्थान को खून से रंग देंगेपत्र लिखने वाला ने लिखा है कि हम राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देंगे। इसके बाद लिखा कि खुदा आफिज, (Jaish E Mohmmad) आतंकवादी संगठन, जैश ए मोहम्मद एरिया कमांडर मो. सलीम अंसारी जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान जिंदाबाद। हालांकि उज्जैन पुलिस को इस बात की सूचना साझा नहीं की गई है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मीडिया से सूचना हमको मिली है। जानकारी लगने के बाद हम सतर्कता बरत रहे है। राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) से संपर्क कर कार्रवाई करेंगे। 10 साल तक की सजा का प्रावधानतहत सजा हो सकती है। किसी भी तरह की बम की धमकी को, भले ही वह मजाक के रूप में दी गई हो, कानून गंभीर अपराध की श्रेणी में रखता है। ऐसी धमकी से अफरातफरी का माहौल बन सकता है। ऐसे में बम की धमकी देने वाले को 10 साल तक की अलग-अलग धाराओं के कई मायनों में ऐसा लगता है कि आतंकवादी गतिविधियों  से प्रेरित होकर या कोई आतंकी साहित्य पढ़कर ऐसा किया गया है तो पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेशन एक्ट (UAPA) के तहत भी कार्रवाई कर सकती हैं।

Ratlam News: रतलाम में नवरात्रि पर्व पर यातायात डायवर्शन, कालिका माता मेले की शुरुआत के साथ होंगे संस्कृति कार्यक्रम

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर में नवरात्रि पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए रतलाम पुलिस ने यातायात डायवर्शन प्लान जारी किया है। 3 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2024 तक होने वाले गरबा कार्यक्रमों और भारी भीड़ के मद्देनजर यह प्लान तैयार किया गया है, ताकि शहर में यातायात सुचारू रूप से चल सके। वहीं शहर के प्रसिद्ध कालिक माता मंदिर में लगने वाले 10 दिवसीय मेले की भी तैयारियां कर ली गई है। मेले की शुरुआत होने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नगर निगम करेगा। यातायात डायवर्शन प्लान:– राम मंदिर की ओर आने वाले भारी वाहन: बंजली से राम मंदिर की ओर शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे।– बाजना बस स्टैंड की ओर : वन विभाग सागोद पुलिया से बाजना बस स्टैंड की ओर आने वाले भारी वाहन इसी अवधि में प्रतिबंधित रहेंगे।– फव्वारा चौक की ओर: प्रतापनगर पुलिया से फव्वारा चौक की ओर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।– संत रविदास चौराहा: करमदी से संत रविदास चौराहा की ओर शाम 6 से रात 12 बजे तक भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।– शैरानीपुरा की ओर: प्रतापनगर पुलिया से शैरानीपुरा की ओर आने वाले भारी वाहन इसी अवधि में प्रतिबंधित रहेंगे। मेले की पार्किंग व्यवस्था:– कालका माता की ओर आने वाले श्रद्धालु: उनकी पार्किंग गुलाब चक्कर के पास रहेगी।– फव्वारा चौक और दो बत्ती: इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग कॉन्वेंट स्कूल से मित्र निवास तक होगी।– आनंद कॉलोनी और पुलिस कॉलोनी: यहां पार्किंग की व्यवस्था लॉ कॉलेज के सामने की गई है। यातायात पुलिस ने अपील की है कि लोग भारी वाहनों को बाजार क्षेत्र में न लाएं और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें। अन्यथा यातायात बाधित होने पर वाहनों को क्रेन से टो किया जा सकता है। श्री कालिका माता नवरात्रि मेले का शुभारंभशहर के प्रसिद्ध श्री कालिका माता मंदिर परिसर में 3 से 12 अक्टूबर तक 10 दिवसीय श्री कालिका माता नवरात्रि मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मेला 3 अक्टूबर को शाम 7 बजे मेला परिसर स्थित निगम रंगमंच पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप और सांसद अनिता नागरसिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ होगा। महापौर प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में यह समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला:– 5 अक्टूबर: सैक्सोफोन क्वीन लिपिका समंता की इन्स्ट्रूमेंटल कलेक्टिव नाइट।– 6 अक्टूबर: प्रसिद्ध भजन गायिका सुरभी चतुर्वेदी की भजन संध्या।– 7 अक्टूबर: इंडियन आइडल फेम सवाई भाट की प्रस्तुति।– 8 अक्टूबर: फीमेल ऑर्केस्ट्रा का आयोजन।– 9 अक्टूबर: लोक गीत – लोक नृत्य।-10 अक्टूबर: लाफ्टर कलाकार धारषि बरडिया का शॉ और आर्केस्ट्रा। – 11 अक्टूबर: अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, जिसमें प्रसिद्ध कवि धीरज शर्मा, मुकेश शांडिल्य, निशा पंडित सहित अन्य कवि भाग लेंगे।–  12 अक्टूबर: दशहरे पर नेहरू स्टेडियम में आकर्षक आतिशबाजी और रावण दहन का आयोजन किया जाएगा।

MP News: महिला ने कही ज्वेलरी डबल करने की चुपड़ी – चुपड़ी बातें और दे दी गोल्ड चेन, मंगलसूत्र और टॉप्स! फिर पड़ा रोना…

रूकसाना ने अपने साथियों से अंजान बनने की एक्टिंग करते हुए, पीड़िता को चुपड़ी बातों में उलझाया और उसे ज्वेलरी डबल करने का लालच देकर उससे चेन, मंगलसूत्र व अन्य उतरवा लिए. रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम के राम मंदिर क्षेत्र में एक महिला से ठगी के बहुचर्चित मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ठगी की यह घटना एक माह पूर्व यानी 31 अगस्त 2024 को हुई थी, जब शक्ति नगर निवासी मंजु राठोर को एक अज्ञात महिला और दो पुरुषों ने ठग लिया था। ठगों ने महिला से चापलूसी कर उसके कान की टॉप्स, चेन, मंगलसूत्र और अंगूठी उतरवाकर ठगी की थी। घटना के बाद मंजु ने थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर अपराध क्रमांक 615/2024 धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी वीडी जोशी ने बताया की मामले में आरोपी महिला रूकसाना उर्फ सुरैया पति रशीद मुसलमान, निवासी मीरदाता दरगाह के पास जावरा फाटक को गिरफ्तार किया है। उसने अपने साथी नौशाद और फिरोज के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम देने की बात कबूली है। दोनों उत्तरप्रदेश के रहने वाले है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। स्पेशल टीम बनाकर यूपी भेजी गई है , जल्द ही फरार आरोपियों नोशाद और फिरोज को गिरफ्तार किया जाएगा। 165 सीसीटीवी खंगाले, जब मिली सफलतापुलिस ने सबसे पहले राम मंदिर क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहनता से जांच की। करीब 165 कैमरों की जांच के बाद पुलिस को एक संदिग्ध महिला के जावरा फाटक क्षेत्र में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने पिछले 15 दिनों से संदिग्ध महिला की तलाश की और आखिरकार 29 सितंबर 2024 को सूचना मिली कि ठगी करने वाली महिला राम मंदिर क्षेत्र में फिर से देखी गई है। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी रूकसाना के कब्जे से एक सोने का बड़ा मंगलसूत्र बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई गई है। गेर पर भरोसा करना पड़ा भारीमामले की जांच कर रहे एएसआई सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया की ठगी करने वाले महिला रूकसाना पीड़ित महिला मंजु के पास जाकर किराए के रुपए मांगे। इस दौरान आरोपी रूकसाना के दो अन्य साथी नोशाद और फिरोज वहां पहुंचे। आरोपी रूकसाना ने नोशाद और फिरोज को नहीं जानने की एक्टिंग पीड़िता मंजु के सामने की। रूकसाना ने जो पैसे मांगे उसे नोशाद और फिरोज को दे दिए। जिसके बाद रूकसाना को नोट की गड्डी दोनों शातिर आरोपियों ने थमा दी। यह देखकर मंजु भी हैरान हो गई। रूकसाना ने अपने साथियों से अंजान बनने की एक्टिंग करते हुए, पीड़िता को चुपड़ी बातों में उलझाया और उसे ज्वेलरी डबल करने का लालच देकर उससे चेन, मंगलसूत्र व अन्य उतरवा लिए। ज्वेलरी उतरवाकर उसे एक लाल कपड़े में बांधा और पोटली चालाकी से पीछे करते हुए उसे एक अन्य भारी भरकम लाल पोटली से बदल लिया। महिला जब पोटली खोलने लगी तब आरोपियों ने उसे 5 मिनट बाद खोलने का हवाला दिया। शातिर ठग महिला को पास के मंदिर जाकर वापस आने की बात कहकर रवाना हो गए। जब बहुत देर तक नहीं आए तब महिला ने पोटली खोली तो उसमें से पत्थर निकले। तब महिला ने रोते हुए शोर मचाया और उसके साथ ठगी की जानकारी लोगों को दी। इनकी रही सराहनीय भूमिकाइस पूरे मामले की जांच और गिरफ्तारी में थाना औद्योगिक क्षेत्र के उपनिरीक्षक सत्येन्द्र रघुवंशी, आरक्षक संजय खिंची, दुर्गालाल गुजराती, दिनेश मईड़ा, महिला आरक्षक सरिता ग्रेवाल, रीना मकवाना, और सुरक्षा समिति सदस्य सुनिता सिसोदिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Ratlam News:  लक्ष्मी नगर में होगा भव्य गरबा आयोजन, लकी ड्रा में होंगे आकर्षक उपहार

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर ने लक्ष्मी नगर स्थित मां अंबे माता मंदिर में इस वर्ष का नवरात्रि महोत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। माँ अम्बे नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित यह नौ दिवसीय गरबा महोत्सव 3 अक्टूबर, गुरुवार से प्रारंभ होकर 11 अक्टूबर तक चलेगा। हर दिन भव्य महाआरती का आयोजन रात 8:30 बजे होगा, जिसके बाद रात 9 बजे से गरबा उत्सव की शुरुआत की जाएगी। इस महोत्सव में गरबा खेलने वाली सभी बालिकाओं के लिए कार्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, पंचमी, छठ, सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिनों में लकी ड्रॉ का आयोजन होगा, जिसमें मिक्सर, माइक्रो ओवन, 32 इंच स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज जैसे आकर्षक इनाम दिए जाएंगे। प्रतिदिन की आरती और महाप्रसादी के बाद भक्तों और गरबा प्रेमियों को इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

Devmali “Best Tourist Village”: कच्चे घरों के पीछे पक्के विश्वासों की अनूठी कहानी, मध्यप्रदेश से भी कनेक्शन

राजस्थान/मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Devmali “Best Tourist Village” : राजस्थान यूं तो कई अनोखे और ऐतिहासिक गांवों से भरा पड़ा है, लेकिन अजमेर जिले का देवमाली गांव एक ऐसा स्थल है, जहां आधुनिकता के इस दौर में भी लोग अपने पूर्वजों की मान्यताओं और परंपराओं का पालन करते हुए रहते हैं। देवमाली गांव की विशेषता यह है कि यहां के सभी घर कच्चे हैं, चाहे फिर परिवार कितना ही समृद्ध क्यों न हो। इस अनोखे गांव की अनगिनत विशेषताएं इसे अन्य गांवों से अलग करती हैं। राजस्थान के इस गांव का मध्यप्रदेश से भी कनेक्शन है। मध्यप्रदेश में निवासरत गुर्जर समाज के लोग देवमाली भगवान देवनारायण के दर्शन को जाते है। उनके लिए यह एक विशेष तीर्थ है। भगवान देवनारायण गुर्जर समाज के आराध्य देव है। मध्यप्रदेश के रतलाम से गुर्जर समाज युवा इकाई अध्यक्ष मुरलीधर गुर्जर के अनुसार लंबे समय से देवमाली के मंदिर के दर्शन के लिए संदेश यात्राओं का आयोजन करते आ रहे है। जिसमें प्रदेश के कई हिस्सों से देवमाली के लिए यात्री एकत्रित होते है। संदेश यात्रा का उद्देश्य धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक होता है। जिसमें देवमाली की विशेषताओं को आत्मसात करना है, जिसके कारण आज वह श्रेष्ठ पर्यटक गांव बना है। कच्ची छतें, पक्के विश्वासदेवमाली गांव की सबसे अनूठी पहचान है यहां के घरों की कच्ची छतें। गांव में मान्यता है कि भगवान देवनारायण ने गांववासियों को आशीर्वाद देते समय कहा था कि यदि वे शांति से जीवन जीना चाहते हैं, तो उन्हें अपने घरों की छत कभी पक्की नहीं बनानी चाहिए। इस चेतावनी को देवमाली के लोगों ने पूरी श्रद्धा से स्वीकार किया और आज भी इसे निभाते आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोगों ने इस मान्यता को नज़रअंदाज़ करते हुए घरों की छतें पक्की बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके बाद सभी ने इस परंपरा को पुनः स्वीकार कर लिया। आज चाहे गांव में कोई करोड़पति हो या सामान्य व्यक्ति, सभी के घरों की छतें कच्ची ही हैं। अपराध मुक्त और शाकाहारी गांवदेवमाली की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह गांव पूरी तरह से शाकाहारी है। यहां मांसाहार की कोई परंपरा नहीं है और यह गांव अपराध मुक्त भी है। देवमाली में आज तक कभी चोरी की घटना नहीं हुई है, जिससे यहां का शांतिपूर्ण जीवन और भी स्पष्ट होता है। यहां के लोग प्रकृति और भगवान देवनारायण की पूजा करते हैं और पूरी सादगी व ईमानदारी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं। भगवान देवनारायण का मंदिरगुर्जर कच्चे घरों के पीछे पक्के विश्वासों की अनूठी कहानी समाज के आराध्य देव, भगवान देवनारायण का मंदिर देवमाली की पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर पूरे गांव की आस्था का केन्द्र है। गांववाले मानते हैं कि जब भगवान देवनारायण इस गांव में आए थे, तो वे ग्रामीणों की सेवा और भक्ति से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने गांव को आशीर्वाद दिया। ग्रामीण हर सुबह नंगे पैर पहाड़ी के चारों ओर परिक्रमा करते हैं, जो उनकी गहरी आस्था और परंपराओं को दर्शाता है। इसके साथ ही, पहाड़ी के पत्थरों को भी पवित्र माना जाता है और कोई भी ग्रामीण या पर्यटक इन पत्थरों को उठाकर नहीं ले जाता। नीम के पेड़ों का विशेष सम्मानदेवमाली गांव में पर्यावरण और पेड़ों का विशेष सम्मान किया जाता है। विशेष रूप से, नीम के पेड़ों को गांव में पवित्र माना जाता है और उनकी पूजा की जाती है। नीम के पेड़ के प्रति गांववासियों का आदरभाव उनके प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना को दर्शाता है। गुर्जर समाज और देवमालीदेवमाली गांव में केवल गुर्जर जाति के लोग निवास करते हैं, जिनमें लावड़ा गोत्र के लोग प्रमुख हैं। यहां की आबादी लगभग 1500 है, और सभी लोग पशुपालन के माध्यम से अपना जीवनयापन करते हैं। इस गांव की एक और अद्वितीय विशेषता यह है कि गांव की कोई भी भूमि किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं है। पूरे गांव की जमीन भगवान देवनारायण के नाम मानी जाती है और ग्रामीण इसे उनकी धरोहर के रूप में देखते हैं। देवमाली की प्राचीन परंपराएंदेवमाली की परंपराएं इतनी प्राचीन और गहरी हैं कि कलियुग में भी सतयुग की अनुभूति होती है। यहां आज भी लोग अपने पूर्वजों की चेतावनियों और निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हैं। केरोसिन के उपयोग पर यहां पूरी तरह से प्रतिबंध है, और गांव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता हर व्यक्ति में दिखाई देती है। देवमाली गांव की यह खासियतें इसे एक अद्वितीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरने में मदद कर रही हैं। लोग यहां के शांतिपूर्ण और परंपरागत जीवन से जुड़ने के लिए आते हैं और इसे अपनी आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनाते हैं। देवमाली में न सिर्फ गुर्जर समाज की परंपराएं जीवित हैं, बल्कि यह गांव पूरे विश्व को यह संदेश देता है कि आधुनिकता और समृद्धि के बावजूद परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखा जा सकता है। देवमाली एक उदाहरण है कि पक्के विश्वास और आस्था के साथ कैसे एक संपूर्ण समाज शांतिपूर्ण और खुशहाल जीवन जी सकता है, चाहे उसके घर कच्चे ही क्यों न हों।

Ratlam News: सी.एम. राइज विनोबा स्कूल रतलाम में अकादमिक संवाद आयोजित, शिक्षकों ने दी त्रैमासिक परीक्षा की समीक्षा

रतलाम –  पब्लिक वार्ताजयदीप गुर्जर। Ratlam News: सी.एम. राइज विनोबा स्कूल में एक महत्वपूर्ण अकादमिक संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व उप-प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने किया, जिन्होंने स्कूल की विश्व के टॉप-3 विद्यालयों में शामिल होने की चुनौतीपूर्ण यात्रा और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने “सायकल ऑफ ग्रोथ” और “विनोबा मॉडल ऑफ पेरेंटल इंगेजमेंट” के साथ-साथ शिक्षकों के पेशेवर विकास द्वारा विद्यार्थियों और समुदाय में आए सकारात्मक बदलावों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, श्री राठौर ने वैश्विक संस्था टी-फोर एजुकेशन द्वारा स्कूल को एक ‘स्ट्रांग स्कूल कल्चर’ के रूप में चिन्हित किए जाने के पैरामीटर्स पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान, शिक्षक शोभा ओझा और मीनाक्षी अग्रवाल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जिससे कई शिक्षक भाव-विभोर हो गए। त्रैमासिक परीक्षा परिणाम की समीक्षा करते हुए शिक्षक राजाराम सेकवाडिया, भावना रावत, और हर्षिता सोलंकी ने बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं के परिणामों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्राचार्य संध्या वोरा ने भी संवाद को संबोधित किया, जबकि संचालन हीना शाह ने किया और आभार सुनीता पंवार ने व्यक्त किया। इस संवाद में कुल 30 शिक्षकों ने भाग लिया और यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सत्र साबित हुआ।

MP News: नेताओं के आश्वासन से त्रस्त जनता बोली -“हमें बना दो विधायक!”, नाले में उतरने पर क्यों हुए मजबूर रहवासी

भोई मोहल्ले के लोगों का अनोखा विरोध: पुलिया निर्माण नहीं होने पर नाले में धरना, महापौर ने दिया एक महीने में काम शुरू करने का आश्वासन! रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: शहर के भोई मोहल्ले के निवासी पुलिया निर्माण में हो रही देरी से नाराज होकर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छह माह पहले वर्चुअली भूमिपूजन किए जाने के बावजूद पुलिया का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर मोहल्ले के लोगों ने नाले में उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नाले में तख्त लगाकर एक घंटे तक धरना दिया, जिसके बाद महापौर प्रहलाद पटेल और अन्य अधिकारियों ने आकर उन्हें एक महीने में काम शुरू करने का आश्वासन दिया। नाले में उतरकर प्रदर्शनभोई मोहल्ले के निवासियों की मांग थी कि ऊंकाला रोड की तरफ जाने वाली पुलिया का निर्माण जल्द शुरू हो। हालांकि पुलिया निर्माण के टेंडर हो चुके हैं, लेकिन निगम अधिकारियों ने अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। मार्च महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिया निर्माण का वर्चुअल भूमिपूजन किया था, लेकिन उसके बाद से कोई प्रगति नहीं हुई। इस देरी से नाराज होकर स्थानीय निवासियों ने नाले में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं महिलाओं ने काजीपुरा के बीच सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने निगम अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। विरोध की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद नगर निगम इंजीनियर जीके जायसवाल भी पहुंचे और उन्होंने भी लोगों को समझाने की कोशिश की। मुझे एक दिन का विधायक बना दो!प्रदर्शन के दौरान मोहल्ले के निवासी विक्रम ने कहा, “मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है विधायक जी, अगर आपसे पुलिया नहीं बन रही हो तो मुझे एक दिन का विधायक बना दो, मैं पुल भी बना दूंगा और रतलाम को स्वच्छ भी बना दूंगा।” गौरतलब है कि विधानसभा और नगरीय निकाय चुनावों से पहले स्थानीय लोगों ने पुलिया निर्माण की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार व प्रदर्शन जैसे कदम भी उठाए थे। लेकिन तब चुनाव सर मंडराता देख आश्वासन की घुट्टी पिलाकर भाजपा नेताओं ने जैसे तैसे रहवासियों को मना लिया था। जिसके बाद शहर विधायक और केबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप की मौजूदगी में पुलिया निर्माण का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। महापौर का एक महीने में काम शुरू करने का वादालोगों के आक्रोश को देखते हुए पार्षद यास्मीन शेरानी भी मौके पर पहुंचीं। कुछ देर बाद महापौर प्रहलाद पटेल पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उन्होंने एक महीने के भीतर काम शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। हालांकि, क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि अगर एक महीने के भीतर काम शुरू नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। एंबुलेंस तक नहीं आ पाती भोई मोहल्ले के निवासी विक्रम भोई, राम भोई, ईश्वर भोई, बबलू भोई, संगीता बाई, सुनीता बाई, ज्योति बाई, मनीषा बाई, और दुर्गाबाई समेत अन्य लोगों का कहना है कि पुलिया नहीं होने से उन्हें आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। मौजूदा रास्ता इतना संकरा है कि एंबुलेंस भी वहां से नहीं गुजर सकती। अगर ऊंकाला रोड की तरफ से पुलिया बन जाती है, तो पूरे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्तमहापौर द्वारा एक महीने में पुलिया निर्माण शुरू करने के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त किया। हालांकि, रहवासियों ने स्पष्ट किया कि अगर वादा पूरा नहीं हुआ, तो वे चुनाव के समय इस मुद्दे को फिर से उठाएंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।

श्राद्ध कर्म ऐसा भी: 400 लावारिस अस्थियां एक साथ चढ़ी ट्रेन में, हरिद्वार पहुंची, लेकिन किसने दिलाया मोक्ष!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। श्राद्ध कर्म ऐसा भी: रतलाम जंक्शन पर सामान्य तौर पर लोग ट्रेन में चढ़ते उतरते देखे है। लेकिन क्या आपने कभी अस्थियों को ट्रेन में सफर करते देखा है? यहां एक अस्थि नहीं बल्कि 408 अस्थियां ट्रेन में सफर कर हरिद्वार पहुंची। ट्रेन में किसी शख्स के पास इतनी अधिक संख्या में अस्थियों को देखकर हर यात्री हैरान हो गया। हम बात कर रह है रतलाम के जनसेवी सुरेशसिंह तंवर की। सुरेशसिंह अपने साथी रवि तंवर के साथ ट्रेन में 408 लावारिस मृतकों की अस्थियां लेकर सवार हुए। इतनी अस्थियां देखकर ट्रेन के यात्री भी हिचकिचा गए। लेकिन जब उन्होंने इसकी कहानी सुनी तो सभी ने सराहना की। सुरेशसिंह ने 408 लावारिस और असहाय व्यक्तियों की अस्थियों को हरिद्वार पहुंचकर पवित्र गंगा नदी में विधि-विधान से विसर्जित किया। यह कार्यक्रम क्षत्रिय खंगार उत्थान समिति रतलाम के बैनर तले आयोजित किया गया। श्राद्ध पक्ष के दौरान सुरेश तंवर पिछले 28 वर्षों से लगातार यह पुण्य कार्य कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने अब तक 2800 से अधिक लावारिस और असहाय लोगों की अस्थियों को मां गंगा की गोद में समर्पित किया है। रतलाम से 400 अस्थि कलश लेकर हरिद्वार पहुंचेइस वर्ष, सुरेश सिंह तंवर ने रतलाम के जवाहर नगर मुक्तिधाम से 408 अस्थि कलश लेकर ट्रेन के माध्यम से हरिद्वार की यात्रा की। हरकी पैड़ी पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद इन अस्थियों का गंगा नदी में तर्पण और विसर्जन किया गया। सुरेश तंवर का यह प्रयास उन लोगों के लिए मोक्ष का मार्ग प्रदान करता है, जिनके परिवार या परिजन उनकी अस्थियों का विसर्जन करने के लिए नहीं आ सके। बड़े भाई के लापता होने के बाद से जारी है सेवासुरेश तंवर ने इस पुनीत कार्य की शुरुआत 28 साल पहले की थी, जब उनके बड़े भाई सोहन सिंह अचानक लापता हो गए थे। भाई की अनुपस्थिति और उनके बारे में अज्ञात स्थिति ने सुरेश को मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया। इस चिंता और तनाव ने सुरेश को अनजान लोगों की अस्थियों का तर्पण करने की प्रेरणा दी, ताकि उनके भाई की खैरियत और मानसिक शांति सुनिश्चित हो सके। इस सेवा के माध्यम से सुरेश ने उन लावारिस व्यक्तियों की अस्थियों का विसर्जन करना शुरू किया, जिनके परिवार का कोई अता-पता नहीं था या जिनके परिजन उनकी अस्थियों को नहीं लेने आए। भाई के लौटने के बाद भी जारी रहा पुण्य कार्यइस अद्वितीय सेवा का परिणाम भी सुरेश को मिला, जब 24 साल बाद उनके भाई सोहनसिंह सकुशल वापस घर लौट आए। हालांकि, कोरोना काल के दौरान उनके भाई का निधन हो गया, लेकिन सुरेश ने अपने इस पुनीत कार्य को जारी रखा। आज, यह प्रयास न केवल सुरेश का व्यक्तिगत अभियान है, बल्कि समाज के कई लोगों का सहयोग भी उन्हें मिल रहा है। कोरोना काल में भी जारी रहा कार्यकोरोना महामारी के दौरान जब कई परिवार अपने मृतकों की अस्थियां लेने नहीं आ सके, तब सुरेश सिंह तंवर और उनकी टीम ने आगे बढ़कर उन अस्थियों का भी तर्पण किया। यह कार्य समाज सेवा और मानवता की मिसाल के रूप में उभर कर आया है। सुरेश सिंह के साथियों का कहना है कि वे इस अभियान को अनवरत जारी रखेंगे ताकि कोई भी लावारिस व्यक्ति मोक्ष से वंचित न रहे। आम जनता का सहयोग बढ़ता जा रहा है इस पवित्र सेवा के लिए अब सुरेश तंवर को आमजन से भी व्यापक सहयोग मिल रहा है। सुरेश के इस प्रयास से कई समाजसेवी और संगठनों ने भी जुड़ना शुरू कर दिया है। लोग आर्थिक मदद और अन्य संसाधनों के जरिए इस नेक कार्य में भागीदारी निभा रहे हैं। हरिद्वार में अस्थियों के विसर्जन के दौरान भी स्थानीय लोग और पुजारी इस पहल की सराहना करते हुए सुरेश सिंह की सेवाओं का आदर करते हैं। समाजसेवा की मिसालरतलाम के सुरेश सिंह तंवर ने समाज सेवा के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, वह निस्संदेह अनूठा है। असहाय और लावारिस लोगों के अंतिम संस्कार और उनकी अस्थियों का विसर्जन, उनके द्वारा की जा रही एक अनोखी पहल है, जिसे हर किसी ने सराहा है। आज, जब 408 लावारिस अस्थियां हरिद्वार पहुंचीं और गंगा में विसर्जित की गईं, तब सुरेश सिंह की 28 वर्षों की समाजसेवा की इस यात्रा ने फिर एक नया अध्याय लिख दिया।

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