Ratlam News: रतलाम में नकली घी का बड़ा खेल! 1610 लीटर जब्त, महाकाल ट्रेडर्स के नाम से हो रही थी सप्लाई

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में नकली घी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। शुक्रवार दोपहर रतलाम के नयागांव टैंकर रोड स्थित ग्लोबस सिटी कॉलोनी के एक मकान पर प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश देकर 1610 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया। यह घी बाजार में “देशी घी” के नाम पर कम कीमत में बेचा जा रहा था, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो देखिए महाकाल ट्रेडर्स के नाम से हो रही थी सप्लाई जांच में सामने आया कि जब्त किया गया घी महाकाल ट्रेडर्स के नाम से शहर की अलग-अलग किराना दुकानों पर सप्लाई किया जा रहा था। मौके पर यूपी फ्रेश क्वालिटी और मदर बेस्ट काव घी ब्रांड के पैकेट बड़ी मात्रा में मिले। पूछताछ में कारोबारी विक्रांत त्यागी ने बताया कि वह घी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर से मंगवाता था और लगभग 310 रुपये प्रति लीटर में खरीदकर मामूली मार्जिन पर बेचता था। अधिकारियों के मुताबिक, इतनी कम कीमत पर “देशी घी” बेचना संदिग्ध है, जिससे मिलावट या नकली होने की आशंका जताई जा रही है। गोदाम में मिला मिश्रित स्टॉक जिस मकान में यह घी रखा गया था, वहां मसाले, डिटर्जेंट और अन्य पर्चून सामग्री भी मिली। इससे यह मकान अवैध गोदाम के रूप में उपयोग किए जाने की आशंका है। 9 सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे कार्रवाई के दौरान अलग-अलग वजन के पैकेट और बड़े डिब्बों से कुल 9 सैंपल लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण शाला भोपाल भेजे गए हैं। पूरी खेप को एक कमरे में सुरक्षित रखकर सील कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एमआरपी और पैकेजिंग पर भी शक जब्त डिब्बों पर 480 रुपये और 760 रुपये तक की एमआरपी अंकित मिली, जबकि बाजार में इससे कम दर पर बिक्री हो रही थी। अधिकारियों ने पैकेजिंग में दूसरे ब्रांड की नकल होने की आशंका भी जताई है। अधिकारियों का बयान जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता ने बताया कि सस्ता घी बेचने की शिकायत मिली थी, जो जांच में सही पाई गई। संदेह के आधार पर सैंपल लिए गए हैं और रिपोर्ट आने तक पूरा स्टॉक जब्ती में रखा गया है।

Ratlam News: रतलाम केदारेश्वर घाट पर तेल ट्रक में भीषण आग, 1500 डिब्बे जलकर खाक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सैलाना-सरवन मार्ग स्थित कल्याण केदारेश्वर घाट पर देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। अहमदाबाद से रतलाम आ रहा खाने के तेल से भरा ट्रक अचानक आग की चपेट में आ गया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे ट्रक में रखे करीब 1,500 तेल के डिब्बे जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। घटना का वीडियो देखिए शॉर्ट सर्किट बना आग का कारण मिली जानकारी के अनुसार ट्रक चालक रशीद पिता कल्लुखा (निवासी टैंकर रोड, रतलाम) अहमदाबाद से खाने का तेल लेकर रतलाम स्थित कृष्णा ट्रेडिंग के लिए रवाना हुआ था। देर रात करीब 1:30 से 2 बजे के बीच केदारेश्वर घाट पर अचानक ट्रक में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी और कुछ ही मिनटों में डीजल टैंक तक पहुंच गई। इसके बाद आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही सैलाना और रतलाम से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने करीब एक से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से सरवन मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, ताकि अन्य वाहन किसी दुर्घटना का शिकार न हों। जनप्रतिनिधि और पुलिस मौके पर घटना की जानकारी मिलते ही नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला सहित परिषद के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। पुलिस बल ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आग बुझने के बाद मार्ग को फिर से सुचारू कर दिया। बड़ा नुकसान, जनहानि टली इस भीषण आग में ट्रक सहित करीब 1,500 तेल के डिब्बे जलकर खाक हो गए, जिससे लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

PM Kisan Samman Nidhi: PM किसान 22वीं किस्त: Farmer ID जरूरी या नहीं? जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Samman Nidhi: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को जल्द ही 22वीं किस्त का इंतजार खत्म होने वाला है। इस बीच किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस किस्त के लिए Farmer ID बनवाना जरूरी है या नहीं। ताजा जानकारी के मुताबिक, पहले से योजना में रजिस्टर्ड किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य नहीं है। यानी अगर आप पहले से इस योजना का लाभ ले रहे हैं और आपका e-KYC अपडेट है, तो आपकी 22वीं किस्त सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। हालांकि, नई रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है, खासकर उन 14 राज्यों में जहां हाल ही में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन राज्यों में Farmer ID जरूरी नई रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को निम्न राज्यों में Farmer ID बनवाना अनिवार्य है: आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश। e-KYC अपडेट अनिवार्य, नहीं तो अटक सकती है किस्त सरकार ने साफ किया है कि सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC अपडेट अनिवार्य है। अगर e-KYC पूरा नहीं है, तो 22वीं किस्त मिलने में देरी हो सकती है या भुगतान रुक सकता है। e-KYC अपडेट करने के 3 आसान तरीके 1. ऑनलाइन (Self e-KYC) 2. CSC सेंटर के जरिए 3. बैंक शाखा के जरिए

MP News: होली पर 20 हजार बसों के पहिए थमेंगे, यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: होली के त्योहार पर सफर की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश में 2 मार्च 2026 (होलिका दहन) से प्रदेशभर में बसों की बेमुद्दत हड़ताल शुरू होने जा रही है। इस हड़ताल में करीब 20 हजार बसों के पहिए थम जाएंगे, जिससे लाखों यात्रियों का सफर प्रभावित होने की आशंका है। 55 जिलों में बंद रहेंगी बसें मध्य प्रदेश बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश के 55 जिलों में यह हड़ताल की जाएगी। इसमें ऑपरेटर्स का कहना है कि सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है। क्यों हो रही है हड़ताल? बस संचालकों का आरोप है कि नई नीति के तहत सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल में बस संचालन के टेंडर सिर्फ 7 कंपनियोंको देने की तैयारी में है। इससे निजी बस ऑपरेटर्स के व्यवसाय पर असर पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि: रोजाना 1.5 लाख यात्रियों पर असर इस हड़ताल से हर दिन करीब डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों के प्रभावित होने का अनुमान है। खासकर होली के समय जब लोग अपने घर लौटते हैं, उस दौरान परेशानी और बढ़ सकती है। किराया 5 से 7 गुना बढ़ने की आशंका बसों के बंद रहने से यात्रियों के पास सीमित विकल्प बचेंगे, जैसे— उदाहरण के तौर पर: यानी यात्रियों को 5 से 7 गुना ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है।  होली यात्रा से पहले जरूरी सलाह

1 अप्रैल से SGB नियम बदले, सोने के निवेशकों को बड़ा झटका अब SGB मैच्योरिटी पर लगेगा LTCG टैक्स

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सोने में निवेश करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के टैक्स नियमों में अहम संशोधन किया है। अब सेकेंड्री मार्केट से खरीदे गए SGB पर मैच्योरिटी के बाद मिलने वाला लाभ टैक्स फ्री नहीं रहेगा। अब तक SGB में निवेश करने वालों को मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिलती थी, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह छूट केवल चुनिंदा निवेशकों तक सीमित कर दी गई है। किसे मिलेगा टैक्स छूट का फायदा? सीए नितिन कौशिक के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से टैक्स फ्री लाभ केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगा जिन्होंने: ऐसे निवेशकों को 2.5% सालाना ब्याज के साथ मैच्योरिटी पर कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री मिलेगा। सेकेंड्री मार्केट निवेशकों के लिए झटका जो निवेशक SGB को स्टॉक एक्सचेंज या किसी अन्य व्यक्ति से खरीदते हैं, उन्हें अब: यानी अब सेकेंड्री मार्केट से SGB खरीदना पहले जितना फायदेमंद नहीं रहेगा। उदाहरण से समझें नया नियम मान लीजिए आपने एक्सचेंज से ₹7,000 में एक SGB खरीदा और मैच्योरिटी पर इसकी कीमत ₹11,000 हो गई। पहले यही लाभ पूरी तरह टैक्स फ्री होता था। गिफ्ट या ट्रांसफर करने पर भी खत्म होगा फायदा सीए के अनुसार, अगर SGB एक बार भी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए या गिफ्ट के रूप में ट्रांसफर होता है, तो उस पर मिलने वाली टैक्स छूट समाप्त हो जाएगी। निवेश रणनीति पर क्या पड़ेगा असर? यह बदलाव उन निवेशकों की रणनीति को बड़ा झटका देगा जो: अब यह रणनीति प्रभावी नहीं रहेगी क्योंकि मैच्योरिटी पर टैक्स देना होगा। निवेशकों के लिए सलाह

New Rules: 1 मार्च से WhatsApp पर SIM-बाइंडिंग नियम लागू, बिना SIM नहीं चलेगा ऐप

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Rules: देश में 1 मार्च 2026 से मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के नए नियम के तहत अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे OTT मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को SIM-बाइंडिंग सिस्टम लागू करना अनिवार्य होगा। यानी अब ये ऐप्स केवल उसी मोबाइल फोन में काम करेंगे जिसमें वही असली SIM मौजूद होगा, जिससे अकाउंट रजिस्टर किया गया है। क्या है SIM-बाइंडिंग नियम? सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी मैसेजिंग ऐप्स को यूज़र के मोबाइल नंबर और SIM के बीच सीधा लिंक स्थापित करना होगा। इससे फर्जी नंबरों, नकली अकाउंट और साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। WhatsApp Web और Telegram Web यूजर्स के लिए नया नियम नए नियम के तहत Web वर्ज़न इस्तेमाल करने वालों को भी बदलाव झेलना पड़ेगा: कंपनियों को करना होगा पालन Meta Platforms (WhatsApp की पेरेंट कंपनी) पहले से इस फीचर पर काम कर रही है। कुछ बीटा वर्ज़न में SIM वेरिफिकेशन की टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है। इसी तरह Telegram और Signal को भी अपने सिस्टम में SIM-चेकिंग फीचर जोड़ना होगा। यूज़र्स को क्यों हो रही परेशानी? नए नियम से कई यूज़र्स की रोजमर्रा की आदतें बदल सकती हैं: सुरक्षा बनाम प्राइवेसी पर बहस सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल फ्रॉड, फेक अकाउंट और साइबर अपराध को रोकने के लिए जरूरी है। इससे अपराधियों की पहचान करना आसान होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि कुछ प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे यूज़र की निजी जानकारी और डिजिटल स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। यूज़र्स क्या करें? 1 मार्च से पहले ये जरूरी तैयारी कर लें: अंतिम बात 1 मार्च 2026 से यह नियम लागू होने के बाद यदि कंपनियाँ इसका पालन नहीं करती हैं तो उन पर जुर्माना या तकनीकी कार्रवाई भी हो सकती है। सरकार इसे डिजिटल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, लेकिन इसका असर सीधे करोड़ों यूज़र्स की रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी पर पड़ेगा।

Ratlam News: सहेली की बर्थडे पार्टी में छात्रा को नशीला पाउडर खिलाया, आपत्तिजनक फोटो खींचकर दी धमकी; पुलिस ने निकाला जुलूस

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 12वीं कक्षा की एक छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ अश्लील हरकत करने और फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी सैफ अली उर्फ ‘मुन्नालाला’ को गिरफ्तार कर लिया है और गुरुवार को उसे कान पकड़वाकर पैदल कोर्ट तक ले गई। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? घटना करीब ढाई महीने पुरानी यानी 30 नवंबर 2025 की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपनी एक सहेली के जन्मदिन की पार्टी में गई थी। वहां उसकी मुलाकात मुन्नालाला (सैफ अली) से हुई। आरोपी ने छात्रा को बहला-फुसलाकर सफेद नशीला पाउडर खिला दिया। डर के कारण 5 दिन पहले दर्ज कराई रिपोर्ट आरोपी ने छात्रा को जान से मारने और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। इस डर और सामाजिक दबाव के कारण छात्रा काफी समय तक चुप रही, लेकिन आरोपी की बढ़ती प्रताड़ना के बाद उसने 18 जनवरी को थाना औद्योगिक क्षेत्र में हिम्मत जुटाकर मामला दर्ज कराया। पुलिस की कार्रवाई: निकाला पैदल जुलूस शिकायत मिलते ही पुलिस एक्शन में आई और आरोपी सैफ अली को दबोच लिया। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ छेड़खानी (Molestation), जान से मारने की धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विशेष दृश्य: गुरुवार दोपहर जब पुलिस आरोपी को कोर्ट ले जा रही थी, तब पुलिस वाहन में खराबी आने के कारण आरोपी को पैदल ले जाया गया। इस दौरान आरोपी सरेराह कान पकड़कर चलता नजर आया, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोपी की पृष्ठभूमि पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सैफ अली मोचीपुरा क्षेत्र का निवासी है और नगर निगम के सामने चश्मे की दुकान लगाता है। बताया जा रहा है कि वह पहले भी कई लड़कियों के साथ इस तरह की हरकतें कर चुका है।

Ratlam News: रतलाम ट्रैफिक आरक्षक निलेश सिंगाड बने असिस्टेंट प्रोफेसर पात्र, NET में ऑल इंडिया 73वीं रैंक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के लिए गर्व की बात है कि रतलाम ट्रैफिक थाने पर पदस्थ आरक्षक निलेश सिंगाड ने JOINT CSIR-UGC NET EXAM DEC-2025 में शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया 73वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के साथ वे अब देशभर में असिस्टेंट प्रोफेसर (लेक्चररशिप) के लिए पात्र घोषित हो गए हैं। निलेश सिंगाड वर्तमान में रतलाम ट्रैफिक पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ड्यूटी के साथ-साथ उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। सीमित समय और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद उन्होंने नियमित अध्ययन जारी रखा और राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। परिजनों, सहकर्मियों और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने निलेश सिंगाड की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। पुलिस महकमे के लिए भी यह गर्व का विषय है कि उनके एक जवान ने शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। निलेश सिंगाड की इस सफलता से युवाओं को यह प्रेरणा मिलती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो किसी भी क्षेत्र में रहते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

Ratlam News: रतलाम में निजी स्कूलों की मनमानी पर घिरी प्रशासनिक व्यवस्था, ग्राहक पंचायत ने जनसुनवाई में उठाया मुद्दा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की रतलाम इकाई ने जिले में निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जोरदार तरीके से आवाज उठाई। प्रांतीय उपाध्यक्ष अनुराग लोखंडे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए निजी शिक्षण संस्थाओं द्वारा फीस, किताबों और यूनिफॉर्म के नाम पर की जा रही मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। हर साल बढ़ता आर्थिक बोझ, अभिभावक परेशान ग्राहक पंचायत ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद निजी स्कूल प्रबंधन हर साल अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डाल रहे हैं। वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया जारी होने के कारण तत्काल निगरानी व्यवस्था लागू करने की जरूरत बताई गई, ताकि कोई भी स्कूल मनमाने तरीके से शुल्क और सामग्री थोप न सके। संयुक्त निगरानी टीम बनाने का सुझाव प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि प्रवेश सत्र के दौरान आकस्मिक जांच के लिए एक संयुक्त टीम गठित की जाए, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अभिभावक और उपभोक्ता हितों से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हों। इस टीम की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई। इन मुद्दों पर जताई गंभीर आपत्ति कार्रवाई की मांग ग्राहक पंचायत ने प्रशासन से मांग की कि इन सभी बिंदुओं पर सख्त निगरानी रखते हुए दोषी संस्थाओं पर कार्रवाई की जाए, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके और विद्यार्थियों को बिना आर्थिक दबाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में अनुराग लोखंडे के साथ महेंद्र भंडारी, सत्येन्द्र जोशी, श्याम ललवानी, नरेश सकलेचा, संजीव राव और जिला प्रचार प्रमुख नीरज कुमार शुक्ला सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

MP News: महाकाल मंदिर में संध्या-शयन आरती पर ₹250 फीस, ‘Pay & Enter’ मॉडल पर सियासी घमासान

उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती को लेकर नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर समिति ने इन दोनों आरतियों में शामिल होने के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250 शुल्क और अनिवार्य ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इसके बाद “Pay & Enter” मॉडल को लेकर आस्था और व्यवस्था के बीच बहस छिड़ गई है। क्या है नई व्यवस्था? मंदिर समिति के अनुसार अब श्रद्धालुओं को संध्या और शयन आरती में शामिल होने के लिए अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से स्लॉट बुक करना होगा। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी। मंदिर समिति का पक्ष मंदिर प्रबंधन का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम लागू करने से दलाल प्रथा खत्म होगी और दर्शन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। साथ ही चलित दर्शन की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि अधिक से अधिक भक्तों को दर्शन का लाभ मिल सके। विपक्ष का हमला: “आस्था पर शुल्क” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस फैसले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “भगवान के दरबार में भी टिकट लगाना श्रद्धालुओं का अपमान है” और इसे आस्था के खिलाफ बताया। बीजेपी के भीतर भी असहमति इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी विरोध की आवाज उठी है। आलोट से बीजेपी विधायक और पूर्व सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय ने इस फैसले को खेदजनक बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को इसका विरोध करना चाहिए। सरकार ने लिया संज्ञान मामले में प्रदेश के धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह निर्णय मंदिर समिति का है, लेकिन सरकार इस पर संज्ञान लेगी और चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार सनातन परंपराओं के प्रति प्रतिबद्ध है। भक्ति बनाम फीस: बड़ा सवाल महाकाल की नगरी में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धार्मिक आस्था भी शुल्क आधारित मॉडल पर चलेगी? एक ओर व्यवस्था और पारदर्शिता का तर्क दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर आम श्रद्धालु इसे “आस्था पर आर्थिक बोझ” मान रहे हैं।