Spy Camera’s: UPSC की तैयारी कर रही छात्रा के बाथरूम और बेडरूम में मिले स्पाई कैमरे, मकान मालिक का बेटा गिरफ्तार!

UPSC छात्रा का व्हाट्सएप किसी अनजान डिवाइस पर था लॉग इन, आरोपी के लेपटॉप से मिले आपत्तिजनक वीडियो, बल्ब होल्डर में फिट था स्पाई कैमरा दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। आपके घर की बेटी अगर कहीं किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही है, तो उसे आज ही सावधान करने की जरूरत है। जी हां! किराए से रहने वाली एक छात्रा को मकान मालिक को चाबी सौंपना भारी पड़ गया। उसने सोचा भी नहीं होगा की मकान मालिक का बेटा इतना घिनौना काम करेगा। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी कर रही एक छात्रा के बाथरूम और बेडरूम में स्पाई कैमरे (Spy Camera’s) मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मकान मालिक के बेटे करण को इस घिनौनी हरकत के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने छात्रा के गांव जाने के दौरान उसके फ्लैट में ये कैमरे लगाए थे। आरोपी करण मकान मालिक का लड़का है, जो उसी बिल्डिंग की दूसरे फ्लोर पर रहता है। इस घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है। यह घटनाक्रम महिलाओं की सुरक्षा और निजता के प्रति गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के अनुसार छात्रा पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में एक किराये के फ्लैट में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। हाल ही में उसे अपने व्हाट्सएप अकाउंट में कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। जब उसने इस संदिग्ध गतिविधि की जांच करवाई, तो पता चला कि उसका व्हाट्सएप किसी अनजान डिवाइस पर लॉग इन है। इसके बाद उसने सुरक्षा के लिहाज से अपने व्हाट्सएप अकाउंट को लॉग आउट किया और फ्लैट की तलाशी लेने का फैसला किया। फ्लैट की तलाशी के दौरान, छात्रा को अपने बाथरूम के बल्ब होल्डर में एक स्पाई कैमरा दिखाई दिया। यह देखकर वह हैरान रह गई और तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की, तो उसके बेडरूम के बल्ब होल्डर में भी एक और स्पाई कैमरा पाया गया। कैसे लगाया गया कैमरापुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मकान मालिक का बेटा करण, जो अक्सर छात्रा से उसकी फ्लैट की चाबी लेता था, इस घिनौनी साजिश का मास्टरमाइंड था। तीन महीने पहले जब छात्रा उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव गई थी, तब आरोपी ने यह योजना बनाई। करण ने तीन स्पाई कैमरे खरीदे और उनमें से दो कैमरे छात्रा के बेडरूम और बाथरूम में लगा दिए। कैमरों में मेमोरी कार्ड लगे थे, जो वीडियो रिकॉर्डिंग को स्टोर करते थे। करण किसी न किसी बहाने से छात्रा से फ्लैट की चाबी लेता और फिर कैमरे का डेटा अपने लैपटॉप में ट्रांसफर कर लेता। लेपटॉप में करता था लोडपूर्वी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार किया है और उसके लैपटॉप से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

Ratlam News: एसपी अमित कुमार निकले शहर की  नब्ज टटोलने, टीआई से पूछा – “हथियारबंद जवान तैनात रहता है या नहीं?”

एसपी का “एक दिवस – एक रोड” अभियान पर फोकस, जनता से जाने सुझाव, सफल होगी पहल! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नवागत एसपी अमित कुमार (IPS Amit Kumar) ने एक अहम पहल की है। एसपी ने अपने ‘एक दिवस एक रोड’ अभियान के तहत गुरुवार को खुद शहर की सड़कों पर पैदल भ्रमण कर यातायात की स्थिति का जायजा लिया। बारिश के बावजूद, एसपी ने प्रमुख बाजार क्षेत्रों का दौरा किया और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने रतलाम (Ratlam news) के व्यापारियों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए। चांदनी चौक स्थित सराफा में निरीक्षण के दौरान एसपी ने माणक चौक टीआई सुरेंद्रसिंह गडरिया से पूछा की हथियारबंद जवान तैनात रहता है या नहीं? इस पर टीआई ने हांमी भरते हुए हां में उत्तर दिया। गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे, एसपी अमित कुमार अपने दल के साथ शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में पहुंचे। राम मंदिर चौराहे पर अक्सर लगने वाले जाम की स्थिति का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को सुधारने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी ने माणक चौक थाना क्षेत्र के गणेश देवरी और धानमंडी इलाके का दौरा किया। यहां उन्होंने सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों पर नाराजगी जाहिर की और ट्रैफिक डीएसपी अनिल राय से दिन के समय हो रही लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया को रात में शिफ्ट करने का सुझाव दिया। कार चालक को दी समझाईशएसपी अमित कुमार का पैदल भ्रमण चांदनी चौक क्षेत्र तक जारी रहा, जहां उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से बातचीत की। क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सुधार पर चर्चा करते हुए उन्होंने पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बीच सड़क पर खड़े वाहनों को देखकर यातायात डीएसपी से पूछा कि वाहन इस तरह सड़कों पर क्यों खड़े हैं। रास्ते में खड़ी एक कार को देखकर एसपी उसके चालक के पास भी गए और इस तरह कार पार्क करने पर उसे समझाईश दी। एसपी माणक चौक थाने पहुंचे और वहां व्यापारियों और नागरिकों के साथ जनसंवाद किया। उन्होंने जनता से उनके सुझावों को सुना और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी अमित कुमार की इस पहल से शहरवासियों में यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। शहर में यातायात व्यवस्था में जल्द सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Ranveer Allahbadia OR BeerBiceps: मशहूर YouTuber के दोनों YouTube चैनल हैक, सभी वीडियो हटाए, क्या होगा आगे!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। भारत के प्रमुख YouTuber और डिजिटल Influencer रणवीर अल्लाहबादिया के दोनों YouTube चैनल्स BeerBiceps और Ranveer Allahbadia को हैकर्स ने हैक कर लिया है। हैकर्स ने उनके चैनलों का नाम बदलकर ‘@Tesla.event.trump_2024′ रख दिया। इतना ही नहीं उनके दूसरे चैनल ‘बीयर बाइसेप्स’ का नाम ‘@Elon.trump.tesla_live202 कर दिया और सभी वीडियो डिलीट कर दिए हैं। इस घटना के बाद, चैनल्स पर एक फर्जी लाइवस्ट्रीम की गई जिसमें एक AI-जनरेटेड एलन मस्क नज़र आ रहे थे, जो लोगों से क्रिप्टोक्यूरेंसी में निवेश करने के लिए कह रहे थे। यह लाइवस्ट्रीम लोगों को उनके निवेश पर दोगुना लाभ का झूठा वादा कर रही थी। YouTube ने रणवीर के दोनों चैनलों को तुरंत प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया। शुरुआत में, जब इन चैनलों को सर्च किया गया, तो YouTube ने जानकारी दी कि यह चैनल कंपनी की नीतियों के खिलाफ थे, इसलिए इन्हें हटाया गया। अब, इन चैनलों को खोजने पर एक संदेश आता है जिसमें लिखा होता है, “यह पेज नहीं मिल रहा है, कृपया कुछ और सर्च करें।” खुद दी जानकारी, करियर की चिंता!दोनों चैनल्स से सभी इंटरव्यू और पॉडकास्ट डिलीट हुए और फिर अब ये दोनों ही चैनल्स यूट्यूब से डिलीट किए जा चुके हैं। इस बात की जानकारी खुद रणवीर अल्लाहबादिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से दी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम की स्टोरी पर बर्गर और फ्राइज की एक तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘मेरे दो मेन चैनलों को हैक किए जाने का जश्न मेरे पसंदीदा खाने के साथ मना रहा हूं। शाकाहारी बर्गर। बीयर बाइसेप्स की मौत मिली डाइट की मौत से। मुंबई वापस आ गया हूं।’ इसके बाद उन्होंने अपनी अगली इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इस फोटो में वो आंखों पर स्लीपिंग मास्क लगाए हुए स्माइल करते हुए नजर आ रहे हैं। इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘क्या ये मेरे यूट्यूब करियर का अंत है? आप सबको जानकर अच्छा लगा।’ बता दें, रणवीर अल्लाहबादिया और उनकी टीम इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है। ये लोग यूट्यूब से कॉन्टेक्ट में हैं और चैनल को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का चैनल हुआ था हैक, चिंता बढ़ीकुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट का YouTube चैनल भी इसी प्रकार हैक हुआ था, जिससे यह अंदेशा है कि हालिया घटनाओं के पीछे भी वही साइबर अपराधी हो सकते हैं। रणवीर अल्लाहबादिया, जिन्हें ‘BeerBiceps’ के नाम से भी जाना जाता है, भारत में अपने स्वास्थ्य, फिटनेस, और मोटिवेशनल कंटेंट के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके हैक हुए चैनलों में ‘BeerBiceps’ और ‘The Ranveer Show’ शामिल हैं, जो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर काफी लोकप्रिय थे। यह घटना डिजिटल सिक्योरिटी पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है और YouTubers तथा अन्य कंटेंट क्रिएटर्स को अपने अकाउंट्स की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

DP Wires incident: डीपी वायर्स के अरविंद कटारिया और मैनेजर विजय सोनी के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज, श्रम न्यायालय में भी चलेगा केस

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। औद्योगिक क्षेत्र में हुई एक मजदूर की दुखद मौत के मामले में शहर की प्रतिष्ठित डीपी वायर्स (DP Wires) लिमिटेड के मालिक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी के खिलाफ रतलाम की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला 22 वर्षीय कर्मचारी नितिन सरोज की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दायर किया गया है। गौरतलब है की 3 जुलाई, 2024 को नितिन सरोज, जो कि डी. पी. वायर्स में रात्रिकालीन शिफ्ट में वायर ड्राइंग मशीन पर कार्यरत था, करंट लगने से उसकी जान चली गई। घटना सुबह करीब 6 बजे हुई, जब कारखाने में बारिश का पानी फैलने से नितिन करंट की चपेट में आ गया। नितिन की शिफ्ट समाप्त होने से मात्र डेढ़ घंटा पहले ही यह हादसा हुआ था। जांच और प्रबंधन की लापरवाहीघटना की जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के करखाना निरीक्षक हिमांशु सोलोमन ने की। जांच में पाया गया कि कारखाने में कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए-2सी एवं नियम 73 का उल्लंघन हुआ है। इसके चलते संचालक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी को जिम्मेदार ठहराया गया। दोनों के खिलाफ आपराधिक वाद दायर किया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर एक लाख रुपए का जुर्माना, दो साल की सजा, या दोनों हो सकते हैं। श्रम न्यायालय में भी केसऔद्योगिक अधिनियम के अनुसार, मृतक श्रमिक के परिवार को क्षतिपूर्ति प्रदान करने का प्रावधान है। इसी के तहत नितिन के आश्रितों को मुआवजा दिलाने के लिए श्रम न्यायालय में भी मामला दर्ज किया गया है। परिवार की स्थिति और मजदूरों का आक्रोशमिर्जापुर, उत्तर प्रदेश से रतलाम आकर बसे नितिन का परिवार शिवनगर क्षेत्र में रहता है। उसके परिवार में एक 8 महीने का बेटा भी है। इस घटना के बाद उद्योग के मजदूरों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है और सभी मजदूर जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। यह घटना न केवल उद्योग के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही की भी गंभीरता को दर्शाती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत और श्रम न्यायालय इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं।

Ratlam News: रतलाम में आवारा सांडों का आतंक, 4 महीने में दूसरी मौत, नगर निगम पर उठे गंभीर सवाल!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में आवारा सांडों के आतंक का खौफनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को सांड के हमले में घायल एक व्यक्ति की मौत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 4 महीनों में सांड के हमले से यह दूसरी मौत है, जिससे शहर में आक्रोश व्याप्त हो गया। नगर निगम अधिकारियों और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी लोगों ने की। (Ratlam News) सांड की लड़ाई में घायल व्यक्ति की दर्दनाक मौतदो दिन पहले, वार्ड 23 के तेजानगर ब्लॉक में रहने वाले राजेश गुगलिया (45) और उनकी मां मोहनबाई घर के बाहर बैठे थे। तभी दो सांड लड़ते हुए आए और इन दोनों पर हमला कर दिया। हमले में मां-बेटे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जहां मोहनबाई को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, वहीं राजेश की हालत बिगड़ती चली गई। बुधवार सुबह 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि राजेश को अंदरूनी चोटें लगी थीं, जिससे उनकी जान चली गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा, चक्काजामराजेश की मौत के बाद, गुस्साए परिजन और स्थानीय निवासियों ने संत रविदास चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब 2 घंटे तक नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। गुस्साए लोगों की मांग थी कि दोषियों पर कार्रवाई हो और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। चक्काजाम की सूचना मिलने पर निगम कमिश्नर हिमांशु भट्ट, एसडीएम अनिल भाना समेत कई अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। आखिरकार, रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल के आश्वासन पर ही चक्काजाम खत्म किया गया। उन्होंने मृतक के परिवार रेडक्रॉस और आदि की और से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। नगर निगम की लापरवाही: 4 महीने में दूसरी जान गईयह पहली बार नहीं है कि रतलाम में सांड के हमले ने किसी की जान ली है। चार महीने पहले, टाटा नगर निवासी शांताबाई (60) की भी सांड की लड़ाई में मौत हो गई थी। बावजूद इसके, नगर निगम ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ दिन तक मवेशियों को पकड़ने की मुहिम चलाई गई, लेकिन जल्द ही यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। शहर की सड़कों पर मवेशियों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। शहहर के अंदर अवैध रूप से पशुपालन करने वाले दूध निकालकर इन्हें सड़कों पर छोड़ देते है। जिससे बाजारों व गलियों में लोगों को इनका सामना करना पड़ता है। खासकर महिलाएं और छोटे बच्चे गाय व सांड के हमलों का ज्यादा शिकार हो रहे है। सांठगांठ के आरोप: निगम की टीम ने नहीं लिया सबक?स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी और पशुपालक सांठगांठ कर मवेशियों को पकड़ने में लापरवाही बरतते हैं। सूत्रों का दावा है कि मवेशियों को पकड़ने की सूचना पहले ही पशुपालकों तक पहुंचा दी जाती है, जिससे वे उन्हें गायब कर देते हैं। इसके चलते सड़कों पर आवारा मवेशी बेखौफ घूमते रहते हैं, जिससे ऐसे हादसों का सिलसिला जारी है। कौन लेगा जिम्मेदारी?राजेश गुगलिया की मौत ने रतलाम में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्या इन मौतों का जिम्मेदार निगम है, जिसने कार्रवाई करने में कोताही बरती? आवारा मवेशियों के हमलों का शिकार हो रहे लोग कब तक इस खतरनाक स्थिति का सामना करेंगे? मामले में नगर निगम कमिश्नर ने कहा, सांड के मरने से व्यक्ति की असमय में मृत्यु हुई है, उसका सभी को दुख है। आज से नगर निगम अनाउंसमेंट शुरू करेगा। किसी का भी पशु बाहर पाया जाएगा तो उसको पकड़ा जाएगा। ऐसे पशु मालिक के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी।

Hemp cultivation : MP के इस जिले में अवैध गांजा की खेती का पर्दाफाश, 7.8 किलो गांजा के 30 पौधे बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। जिले की थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ गांजा की खेती (Hemp cultivation) का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 7.8 किलो वजनी गांजे के 30 हरे पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 80,000 रुपए बताई जा रही है। रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया की  अवैध गतिविधियों व मादक पदार्थों से जुड़ी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे मामलों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सके। आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटीपुलिस की दबिश के दौरान आरोपी रामचंद्र सिंघाड मौके से फरार हो गया और घर पर नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 710/2024 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया है और उसकी तलाश की जा रही है। दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। उपनिरीक्षक के. एल. रजक, आरक्षक दीपक सिंह, आरक्षक दीपक वसुनिया, और आरक्षक बंकट शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जानकारी के अनुसार पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मउड़ीपाड़ा में रामचंद्र पिता मेघा सिंगर ने अपने घर के पीछे के खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। इस सूचना पर थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। जब पुलिस टीम ने आरोपी रामचंद्र के घर के पीछे के खेत में छापा मारा, तो वहां गांजे के 30 हरे पौधे पाए गए, जिनका कुल वजन 7 किलो 817 ग्राम था।

Illegal pistol: रतलाम में अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पिस्टल और कारतूस बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,News डेस्क। रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पॉइंट 32 एमएम की तीन पिस्टल (Pistol), पांच जिंदा कारतूस और एक सफेद रंग की स्कोडा कार (MP-09-ZH-9871) बरामद की गई है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के अनुसार मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि डेलनपुर की ओर से एक सफेद रंग की स्कोडा कार रतलाम आ रही है, जिसमें तीन व्यक्ति सवार हैं, जिनके पास अवैध पिस्टल हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नंदलई फंटा, रतलाम-सैलाना रोड पर एक सफेद स्कोडा कार को रोक लिया। कार में तीन व्यक्ति बैठे थे, जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शक के आधार पर पुलिस ने तीनों की तलाशी ली और उनके पास से तीन अवैध पिस्टल (Illegal pistol) और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने दानिश अली (25) निवासी नयापुरा हाट रोड रतलाम, जावेद उर्फ गोलु (33) निवासी 16 शहर सराय रतलाम, व अहमद हुसैन (30) निवासी ताल नाका, जावरा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान, दानिश अली की कमर से .32 एमएम की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं, जावेद और अहमद की कमर से भी .32 एमएम की पिस्टल और कारतूस मिले। तीनों आरोपियों के पास पिस्टल रखने का कोई लाइसेंस नहीं था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अवैध हथियार लेकर चल रहे थे। आर्म्स एक्ट में दर्ज किया प्रकरणआरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे अवैध हथियारों की सप्लाई के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आरोपियों से अवैध पिस्टल कहां से लाए व इसे रखने के पीछे की वजह जैसे बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (ips Amit Kumar) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव वारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम वी.डी. जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इस टीम में उपनिरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी, प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह जादौन, दिनेश जाट, तेज सिंह जगावत, हर्षवर्धन सिंह, अमित त्यागी, जितेंद्र सिंह गौड़ सहित अन्य आरक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।

MP News: चोरी की शंका में दलित युवक को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, चार आरोपी गिरफ्तार

मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था पीड़ित, रात में पैदल अपने गांव जा रहा था तभी उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा… रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक दलित युवक को पेड़ से बांधकर क्रूरता से पीटा गया। ताल थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव के रहने वाले श्रवण पिता केशूराम (चंद्रवंशी) के साथ यह बर्बरता की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (MP News) घटना 16 सितंबर की रात की है, जब श्रवण मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था। जिले के ताल में बस से उतरने के बाद वह पैदल अपने गांव नासिरगंज जा रहा था। रात के समय उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा। इस बीच टुंगनी गांव के कुछ ग्रामीणों ने उसे चोर समझ लिया। श्रवण ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसकी बातों को नजरअंदाज करते हुए उसे पेड़ से बांध दिया और लकड़ियों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। जांच में पता चला कि आरोपी दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा ने श्रवण को पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की थी। श्रवण के पिता केशूराम की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक के हाथ-पैर हुए फ्रैक्चर मारपीट में श्रवण के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। श्रवण मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है, लेकिन इस घटना ने उसकी जिंदगी में त्रासदी ला दी है। ताल थाना पुलिस ने आरोपियों दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 126(2), 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2)VA के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस क्रूरता की निंदा कर रहे हैं। स्थानीय समाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।

MP’s Vyapam Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, 11 साल में कहां पहुंची जांच!

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग, एसटीएफ और सीबीआई पर घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप! भोपाल – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) के मामले में सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व विधायक और व्यापमं घोटाले के व्हिसिल ब्लोअर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। सकलेचा ने व्यापमं घोटाले में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग की थी, जो पहले इंदौर हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। आपको बता दे 2013 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। माना जाता है कि आजाद भारत में व्यापमं सबसे बड़ा घोटाला रहा। मामले में जब जांच शुरू हुई तो जांचकर्ता और आरोपियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने लगी। घोटाले के तार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचने पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी गई। व्यापमं घोटाला जांच में गड़बड़ी के आरोपपारस सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि एसटीएफ और सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और सिर्फ छोटे रैकेटियर, दलाल, स्कोरर, छात्र और अभिभावकों पर ही कार्रवाई की गई है। सकलेचा का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चलने वाला रैकेट सरकार और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 850 पेज का दस्तावेजी साक्ष्य पेशसकलेचा ने अपने आवेदन में लगभग 850 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा सचिव, और व्यापमं के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सकलेचा का दावा है कि इन बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बिना व्यापमं जैसा बड़ा घोटाला संभव नहीं था। इंदौर हाईकोर्ट से निरस्त हुई थी याचिकाइससे पहले, पारस सकलेचा ने व्यापमं घोटाले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 19 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आज जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप: बड़े अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई!सकलेचा ने अपने आवेदन में कहा कि एसटीएफ और सीबीआई को व्यापमं घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी और दस्तावेज देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसटीएफ को 350 पेज का आवेदन और मौखिक साक्ष्य के अलावा 240 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इसके बावजूद, बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही शिकंजा कसा गया। प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवालपारस सकलेचा ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच में प्रशासन और सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने बताया कि 2009 में जब व्यापमं घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, तब भी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की भर्ती की जांच नहीं की गई, जबकि यह भी घोटाले का एक प्रमुख हिस्सा था। अब आगे क्या ?व्यापमं घोटाले (Vyapam) की जांच को लेकर पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। गौरतलब है की व्यापमं घोटाले को करीब 11 साल हो चुके है। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक रिश्वत लेकर प्रवेश परीक्षाओं और भर्तियों में नकल करने के मामले में 4046 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें से 956 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। वहीं CBI ने 1242 लोगों को आरोपी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापमं घोटाले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले से जुड़े 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो चुकी है। इनमें टीवी चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह भी शामिल है, जिनकी मौत झाबुआ में एक इंटरव्यू के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय बताते हैं कि यह घोटाला पूरी तरह से पिरामिड की तरह काम कर रहा था। इस पिरामिड में सबसे नीचे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स थे। जबकि ऊपर रसूखदार लोग थे, जिन्हें इस पूरे घोटाले का पैसा जा रहा था। जो रसूखदार लोग थे उन्हें कभी जेल नहीं हुई। कुछ लोग जेल गए भी तो सबूत के अभाव में छूट गए। 

Ratlam News : थाना माणकचौक का जिलाबदर रितिक खरे शहर में घूमते हुए पकड़ाया, एसपी अमित कुमार के निर्देशन के बाद जारी है धरपकड़

रतलाम- पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। नवागत एसपी अमित कुमार (ips amit kumar) के निर्देशों के बाद पुलिस का सघन चेकिंग अभियान जारी है। एसपी ने क्राइम मीटिंग के दौरान जिले में गुंडा, हिस्ट्रीशीटर, और जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया था। एसपी ने अच्छे काम के लिए पुलिस टीम को प्रोत्साहन के लिए इनाम देने की भी बात कही थी। इसी के अंतर्गत थाना औद्योगिक क्षेत्र  पुलिस टीम ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना माणकचौक के जिलाबदर आरोपी रितिक पिता सुनील खरे (23) निवासी नयापुरा हाट रोड, थाना माणकचौक, हाल मुकाम एमबी नगर को पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 660/2024 के तहत मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम की मुस्तैदी से पकड़ाया जिलाबदरपुलिस कप्तान अमित कुमार ने अपराधियों पर नियंत्रण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम पुलिस (ratlam police) शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभियान के तहत उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रतलाम के एमबी नगर इलाके से रितिक खरे को गिरफ्तार किया। रितिक के खिलाफ पहले से ही कई अपराधों में शामिल होने के चलते जिलाबदर का आदेश लागू किया गया था, लेकिन वह इसके बावजूद शहर में घूम रहा था। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के साथ प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक मयंक चौधरी और आरक्षक राजेश प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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