Ratlam News: रतलाम में रंगपंचमी गैर जुलूस 8 मार्च को, सुबह 7 से रात 10 बजे तक रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रंगपंचमी पर्व के अवसर पर 8 मार्च 2026 को रतलाम जागृति मंच द्वारा परंपरागत गैर जुलूस निकाला जाएगा। यह गैर सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए रतलाम यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। जानकारी के अनुसार गैर में शामिल लोग धानमंडी स्थित रानी जी के मंदिर पर एकत्रित होंगे। यहां से जुलूस गणेश देवरी, न्यू क्लॉथ मार्केट, जमनालाल स्वीट्स, महालक्ष्मी मंदिर, घांस बाजार चौराहा, चौमुखी पुल, चांदनी चौक, तोपखाना, हरदेवलाला पिपली होते हुए फिर रानी जी के मंदिर पहुंचेगा। इसके बाद नाहरपुरा चौराहा और डालूमोदी चौराहा पहुंचकर गैर का समापन किया जाएगा। यातायात पुलिस के अनुसार जुलूस के दौरान कई मार्गों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा। रानी जी के मंदिर क्षेत्र में भीड़ को देखते हुए नाहरपुरा चौराहा, शहीद चौक और हरदेवलाला पिपली से मंदिर की ओर जाने वाले वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा। गणेश देवरी क्षेत्र में जुलूस के पहुंचने के दौरान बजाज खाना, तोपखाना और चौमुखी पुल से गणेश देवरी की ओर जाने वाले वाहनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। वहीं न्यू क्लॉथ मार्केट, घांस बाजार चौराहा, डालूमोदी बाजार, कलाईगर मार्ग और खैराती वास क्षेत्र में भी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। चौमुखी पुल और चांदनी चौक क्षेत्र में जुलूस प्रवेश के समय त्रिपोलिया गेट, बाजना बस स्टैंड, गौशाला रोड और गणेश देवरी से आने वाले वाहनों का भी मार्ग परिवर्तन रहेगा। बजाज खाना से हरदेवलाला पिपली की ओर जुलूस पहुंचने के दौरान नीम चौक, आबकारी चौराहा और मोमीनपुरा की ओर से आने वाले वाहनों को भी डायवर्ट किया जाएगा। यातायात पुलिस के अनुसार यह ट्रैफिक व्यवस्था 8 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने शहर की आम जनता से अपील की है कि रंगपंचमी के दौरान तय किए गए मार्ग परिवर्तन का पालन करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, ताकि सभी लोग सुरक्षित और सुचारू रूप से पर्व का आनंद ले सकें।

LPG Price Hike: घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा, मध्यप्रदेश में 900 रुपए के पार पहुंचे दाम

LPG गैस सिलेंडर महंगा हो गया है। घरेलू सिलेंडर 60 रुपए lPऔर कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए बढ़ा। मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में कीमत 900 रुपए के पार पहुंची। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG Price Hike: देशभर में रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी ने आम लोगों के बजट पर असर डाल दिया है। 7 मार्च 2026 से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए महंगा हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 853 रुपए से बढ़कर 913 रुपए हो गई है। वहीं मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में भी सिलेंडर की कीमत 900 रुपए के पार पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2025 के बाद पहली बार की गई है, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण बढ़े दाम बताया जा रहा है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण हुई है। विशेष रूप से इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। इस स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिसके चलते तेल कंपनियों को गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने पड़े। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। एमपी में भी बढ़े गैस सिलेंडर के दाम मध्यप्रदेश में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ा है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 900 रुपए से ज्यादा हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में गैस सिलेंडर के दाम और बढ़ सकते हैं। कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस पर पड़ सकता है। इंदौर के सराफा बाजार और छप्पन दुकान जैसे फूड हब में काम करने वाले कारोबारियों के लिए यह बढ़ोतरी लागत बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। बड़े शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर की नई कीमतें FAQ एलपीजी सिलेंडर के दाम क्यों बढ़े? एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष माना जा रहा है, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मध्यप्रदेश में सिलेंडर की नई कीमत क्या है? मध्यप्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपए महंगा हो गया है और भोपाल-इंदौर में इसकी कीमत 900 रुपए से ऊपर पहुंच गई है। कमर्शियल सिलेंडर कितना महंगा हुआ? कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई हैLPG Price Hike:

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण: समय, सूतक काल और धार्मिक महत्व

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे आम तौर पर ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। यह फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है, जिस दिन होलिका दहन का पर्व भी मनाया जाएगा। ऐसे में इस ग्रहण का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। वहीं सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले, यानी सुबह 6:20 बजे से प्रभावी माना जाएगा। इस दौरान पूजा-पाठ, शुभ कार्य और धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते। चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें? (Do’s) ग्रहण काल को आध्यात्मिक दृष्टि से खास माना जाता है। इस समय कुछ सकारात्मक कार्य करना शुभ माना गया है— चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें? (Don’ts) धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में कुछ कार्यों से बचना जरूरी बताया गया है— वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण 3 मार्च 2026 का यह चंद्र ग्रहण खगोलीय घटना होने के साथ धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। जहां वैज्ञानिक इसे प्राकृतिक घटना मानते हैं, वहीं धार्मिक मान्यताओं में इसे आध्यात्मिक शुद्धि और सावधानी का समय माना जाता है। इस दिन सूतक काल के नियमों का पालन करते हुए सकारात्मक कार्यों पर ध्यान देना, मन को शांत रखना और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है। Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक आस्थाओं और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

मिडिल ईस्ट तनाव का बाजार पर बड़ा असर, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया। ओपनिंग के दौरान सेंसेक्स में 2700 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 500 अंकों से अधिक टूट गया। इस भारी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति को तगड़ा झटका लगा है और करीब 17.50 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा बाजार कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 3.30 फीसदी यानी 2,743.46 अंक गिरकर 78,543.73 पर खुला, जो करीब 11 महीने का निचला स्तर है। सुबह के सत्र में हल्की रिकवरी के बाद भी सेंसेक्स 80,500 के आसपास ही कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी 533 अंकों की गिरावट के साथ 24,645 के स्तर तक लुढ़क गया। यह स्तर भी पिछले कई महीनों का लोअर लेवल माना जा रहा है। इन सेक्टर्स और शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट गिरावट का असर लगभग हर सेक्टर पर दिखा। खासकर रियल्टी, ऑटो, आईटी, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी रही। टॉप लूजर शेयरों में शामिल रहे: वहीं बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच डिफेंस सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में हल्की तेजी दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष से बढ़ी चिंता मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे पूरे वेस्ट एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर लंबे समय तक वैश्विक बाजारों पर देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल में उछाल, भारत के लिए बढ़ी चिंता मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 6% बढ़कर 77 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 5.5% की तेजी के साथ 70 डॉलर के करीब पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का 20% से ज्यादा तेल गुजरता है और इस क्षेत्र में बढ़ते हमलों के कारण सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। 17.50 लाख करोड़ का निवेशकों को झटका शुक्रवार को बीएसई का कुल मार्केट कैप 4.63 लाख करोड़ रुपए था, जो सोमवार को गिरकर 4.45 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। यानी महज कुछ घंटों में निवेशकों के 17.50 लाख करोड़ रुपए डूब गए। आगे क्या रहेगा बाजार का रुख? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि: फिलहाल बाजार में अस्थिरता का दौर जारी रहने की संभावना है और निवेशकों की नजर अब पूरी तरह मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है।

ईरान-इजरायल युद्ध से तेल संकट! क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

डिजिटल डेस्क- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच युद्ध जैसे हालात ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। इसके जवाब में ईरान ने दुनिया की सबसे अहम समुद्री तेल सप्लाई लाइन होर्मुज की खाड़ी को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में खलबली मच गई है। कच्चा तेल 110 डॉलर पार जाने का खतरा विशेषज्ञों के मुताबिक, होर्मुज मार्ग से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है। ऐसे में अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। पिछले कुछ हफ्तों में ही तेल कीमतों में तेजी देखी जा चुकी है, जो आने वाले दिनों में बड़े आर्थिक संकट का संकेत है। क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में हर बदलाव का असर देश पर पड़ता है। हालांकि फिलहाल राहत की बात यह है कि सरकारी तेल कंपनियां छोटे उतार-चढ़ाव का सीधा बोझ आम जनता पर नहीं डालतीं। लेकिन अगर कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा बना रहता है, तो: यानी सीधे तौर पर आपकी जेब पर असर पड़ने की आशंका बनी रहेगी। भारत का मास्टर प्लान: सप्लाई नहीं होगी बंद इस संभावित संकट से निपटने के लिए भारत ने पहले से ही बैकअप प्लान तैयार कर लिया है: 1. वैकल्पिक समुद्री रास्ते:भारतीय तेल कंपनियां अब सऊदी अरब और यूएई के उन बंदरगाहों का उपयोग करेंगी जो युद्ध प्रभावित क्षेत्र से दूर हैं। 2. नए देशों से तेल खरीद:भारत अब खाड़ी देशों के अलावा अन्य देशों से भी कच्चा तेल खरीदने की रणनीति पर काम कर रहा है। 3. रिफाइनरी की कंटिंजेंसी योजना:देश की रिफाइनरी कंपनियों ने आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष इमरजेंसी प्लान तैयार किया है, ताकि किसी भी हालत में पेट्रोल-डीजल की कमी न हो। भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर? अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो: हालांकि सरकार और तेल कंपनियों की तैयारियों को देखते हुए फिलहाल तत्काल संकट की संभावना कम मानी जा रही है।

US-Israel Strike Iran: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर विरोधाभासी दावे, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

डिजिटल डेस्क- पब्लिक वार्ता, न्यूज डेस्क। US- Israel Strike Iran: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम और विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। एक ओर ईरानी सरकारी मीडिया के कुछ हिस्सों ने उनकी मौत की पुष्टि का दावा किया है, तो वहीं देश की अन्य प्रमुख एजेंसियों ने इन खबरों को खारिज करते हुए उन्हें जीवित बताया है। इस बीच मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। रविवार (1 मार्च 2026) को सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में खामेनेई समेत उनके परिवार के चार सदस्यों—बेटी, दामाद और पोती—की भी मौत हो गई। ईरानी चैनल प्रेस टीवी ने दावा किया कि उनकी मौत के बाद देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है। हालांकि, ईरान की अन्य प्रमुख समाचार एजेंसियों—तसनीम और मेहर—ने इन खबरों का खंडन किया है। इन एजेंसियों के अनुसार, 1989 से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई सुरक्षित और जीवित हैं। इन विरोधाभासी दावों ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स को एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद खामेनेई का शव बरामद किया गया है, लेकिन इस दावे की अब तक किसी स्वतंत्र स्रोत या आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर दावा किया कि खामेनेई एक सैन्य ऑपरेशन में मारे गए हैं। ट्रंप ने उन्हें “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक” बताते हुए उनकी मौत को न्याय करार दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व में शांति स्थापित होने तक बमबारी जारी रह सकती है। इजरायल-अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने भी कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर इस खबर को लेकर सतर्कता और चिंता दोनों बनी हुई हैं, क्योंकि किसी भी आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।

New Rules: 1 मार्च से बदलेंगे नियम: LPG, ट्रेन टिकट, UPI और सिम बाइंडिंग से आपकी जेब पर असर

1 मार्च 2026 से LPG सिलेंडर, रेलवे टिकट बुकिंग, UPI पेमेंट, सिम बाइंडिंग और बैंक मिनिमम बैलेंस से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं, जानिए आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Rules: हर महीने की तरह मार्च 2026 की शुरुआत भी आम लोगों की जेब से जुड़ी कई अहम बदलाव लेकर आ रही है। 1 मार्च से एलपीजी गैस, रेलवे टिकट, डिजिटल पेमेंट, सिम कार्ड और बैंकिंग से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिसका सीधा असर आपकी मंथली बजट पर पड़ेगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि 1 मार्च से कौन-कौन से नियम बदलने जा रहे हैं और आपको क्या सावधानी रखनी चाहिए। 1. LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव की संभावना हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा होती है। पिछले कुछ महीनों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ही बदलाव देखने को मिला है। 2. रेलवे टिकट बुकिंग का नियम बदलेगा 1 मार्च से ट्रेन टिकट बुकिंग से जुड़ा बड़ा बदलाव लागू हो सकता है। 3. सिम बाइंडिंग का नया नियम लागू डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए सरकार नया सिम बाइंडिंग सिस्टम लागू कर रही है। इस नियम का मकसद फर्जी अकाउंट और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगाना है। 4. UPI पेमेंट में बढ़ेगी सुरक्षा 1 मार्च से बड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन और सुरक्षित किए जा रहे हैं। 5. बैंक मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव सरकारी बैंकों ने मिनिमम बैलेंस के नियमों में राहत दी है। 6. CNG, PNG और ATF की कीमतें भी बदल सकती हैं हर महीने की तरह 1 मार्च को पेट्रोलियम कंपनियां CNG, PNG और ATF के दाम रिवाइज करती हैं।

New Rules: 1 मार्च से WhatsApp पर SIM-बाइंडिंग नियम लागू, बिना SIM नहीं चलेगा ऐप

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Rules: देश में 1 मार्च 2026 से मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के नए नियम के तहत अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे OTT मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को SIM-बाइंडिंग सिस्टम लागू करना अनिवार्य होगा। यानी अब ये ऐप्स केवल उसी मोबाइल फोन में काम करेंगे जिसमें वही असली SIM मौजूद होगा, जिससे अकाउंट रजिस्टर किया गया है। क्या है SIM-बाइंडिंग नियम? सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी मैसेजिंग ऐप्स को यूज़र के मोबाइल नंबर और SIM के बीच सीधा लिंक स्थापित करना होगा। इससे फर्जी नंबरों, नकली अकाउंट और साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। WhatsApp Web और Telegram Web यूजर्स के लिए नया नियम नए नियम के तहत Web वर्ज़न इस्तेमाल करने वालों को भी बदलाव झेलना पड़ेगा: कंपनियों को करना होगा पालन Meta Platforms (WhatsApp की पेरेंट कंपनी) पहले से इस फीचर पर काम कर रही है। कुछ बीटा वर्ज़न में SIM वेरिफिकेशन की टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है। इसी तरह Telegram और Signal को भी अपने सिस्टम में SIM-चेकिंग फीचर जोड़ना होगा। यूज़र्स को क्यों हो रही परेशानी? नए नियम से कई यूज़र्स की रोजमर्रा की आदतें बदल सकती हैं: सुरक्षा बनाम प्राइवेसी पर बहस सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल फ्रॉड, फेक अकाउंट और साइबर अपराध को रोकने के लिए जरूरी है। इससे अपराधियों की पहचान करना आसान होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि कुछ प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे यूज़र की निजी जानकारी और डिजिटल स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। यूज़र्स क्या करें? 1 मार्च से पहले ये जरूरी तैयारी कर लें: अंतिम बात 1 मार्च 2026 से यह नियम लागू होने के बाद यदि कंपनियाँ इसका पालन नहीं करती हैं तो उन पर जुर्माना या तकनीकी कार्रवाई भी हो सकती है। सरकार इसे डिजिटल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, लेकिन इसका असर सीधे करोड़ों यूज़र्स की रोजमर्रा की डिजिटल जिंदगी पर पड़ेगा।

MP News: महाकाल मंदिर में संध्या-शयन आरती पर ₹250 फीस, ‘Pay & Enter’ मॉडल पर सियासी घमासान

उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती को लेकर नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर समिति ने इन दोनों आरतियों में शामिल होने के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250 शुल्क और अनिवार्य ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इसके बाद “Pay & Enter” मॉडल को लेकर आस्था और व्यवस्था के बीच बहस छिड़ गई है। क्या है नई व्यवस्था? मंदिर समिति के अनुसार अब श्रद्धालुओं को संध्या और शयन आरती में शामिल होने के लिए अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से स्लॉट बुक करना होगा। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी। मंदिर समिति का पक्ष मंदिर प्रबंधन का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम लागू करने से दलाल प्रथा खत्म होगी और दर्शन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। साथ ही चलित दर्शन की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि अधिक से अधिक भक्तों को दर्शन का लाभ मिल सके। विपक्ष का हमला: “आस्था पर शुल्क” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस फैसले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “भगवान के दरबार में भी टिकट लगाना श्रद्धालुओं का अपमान है” और इसे आस्था के खिलाफ बताया। बीजेपी के भीतर भी असहमति इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी विरोध की आवाज उठी है। आलोट से बीजेपी विधायक और पूर्व सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय ने इस फैसले को खेदजनक बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को इसका विरोध करना चाहिए। सरकार ने लिया संज्ञान मामले में प्रदेश के धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह निर्णय मंदिर समिति का है, लेकिन सरकार इस पर संज्ञान लेगी और चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार सनातन परंपराओं के प्रति प्रतिबद्ध है। भक्ति बनाम फीस: बड़ा सवाल महाकाल की नगरी में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धार्मिक आस्था भी शुल्क आधारित मॉडल पर चलेगी? एक ओर व्यवस्था और पारदर्शिता का तर्क दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर आम श्रद्धालु इसे “आस्था पर आर्थिक बोझ” मान रहे हैं।

Ratlam News: रतलाम औद्योगिक क्षेत्र थाना का एसपी ने किया निरीक्षण, त्योहारों से पहले हाई अलर्ट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार ने 21 फरवरी 2026 को थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, लंबित अपराधों और पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। वीडियो देखिए निरीक्षण के दौरान एसपी अमित कुमार ने थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी एवं स्टाफ के साथ बैठक कर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना परिसर का भ्रमण कर हवालात, शस्त्रागार, रिकॉर्ड रूम सहित सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की जांच की। ड्यूटी रजिस्टर, एफआईआर और शिकायत रजिस्टर का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश एसपी ने आगामी त्योहारों होली, धुलेंडी, रंगपंचमी और रमजान को देखते हुए पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति एवं सौहार्द बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। हवालात और संसाधनों की जांच निरीक्षण के दौरान हवालात की साफ-सफाई, बंदियों के खान-पान और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। इसके अलावा थाना में उपलब्ध बलवा ड्रिल सामग्री और आपातकालीन संसाधनों का भी निरीक्षण किया गया। पुलिस वाहनों में आवश्यक उपकरणों को हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए गए। फरियादियों के साथ बेहतर व्यवहार पर जोर एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और संतुष्टिपूर्वक निराकरण किया जाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ अच्छा व्यवहार करने और हर संभव मदद करने के लिए प्रेरित किया। आदतन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधीक्षक ने शहर के सभी थाना प्रभारियों को आदतन अपराधियों, हिस्ट्रीशीटर और गुंडा तत्वों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। महिला एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण, अवैध शराब, मादक पदार्थ और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।

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