रतलाम के मंत्रीजी : कैबिनेट का ताज पहने चेतन्य काश्यप का पहला नगर आगमन, स्वागत रैली की तैयारियां हुई शुरू

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद चेतन्य काश्यप 29 दिसंबर यानी शुक्रवार को पहली बार रतलाम आएंगे। इसको लेकर शहर भाजपा में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ता अभी से उनके स्वागत रैली की तैयारियों में जुट चुके है। रतलाम शहर विधानसभा से लगातार तीसरी बार विधायक चुनने के बाद भोपाल से कैबिनेट का ताज सजाकर काश्यप की रतलाम एंट्री यादगार बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। काश्यप भोपाल से शुक्रवार सुबह निकलेंगे और दोपहर 12 बजे सातरुंडा से रतलाम जिले में प्रवेश करेंगे। सालाखेड़ी से रतलाम शहर में उनका प्रवेश होगा। जिसके बाद वे करीब 2 बजे नाहरपुरा पहुंचकर समर्थकों के साथ स्वागत रैली में शामिल होकर जनता का अभिवादन करेंगे।स्वागत रैली नाहरपुरा से शुरू होकर डालू मोदी बाजार, गणेश देवरी, धान मंडी, शहर सराय होते हुए महाराणा प्रताप चौक सैलाना बस स्टेंड से होते हुए श्रीराम मंदिर, सज्जन मिल होती हुई भारत माता चौराहा अलकापुरी पर समाप्त होगी। रैली के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर मंच के माध्यम से नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री काश्यप का स्वागत किया जाएगा।

पॉलिटिकल ड्रामा : पूंजीपति काश्यप की तारीफ़ों पर उमा को हुआ एतराज!, ट्विटर पर तंज कसने के बाद देना पड़ी सफाई!

पूरे मामले में मंत्री चेतन्य काश्यप ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया, उमा से मिलने पहुंचे उनके घर तो बदले सुर! पब्लिक वार्ता – भोपाल,रतलामजयदीप गुर्जर। हालही में मध्‍यप्रदेश के नवनियुक्त केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्‍यप (Madhya Pradesh Minister Chetanya Kasyap) ने अपनी विधायकी का वेतन भत्ता छोड़ने का एलान कर खूब सुर्खियां बटोरी। जिसके बाद उन्हें केबिनेट भी शामिल किया गया। इतने दिनों बाद अब काश्यप के वेतन नहीं लेने के फैसले पर पूर्व मुख्‍यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) ने एक्‍स हैंडल (ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी है। उमा भारती (Uma Bharti) ने 5 बिंदुओं का एक बड़ा ट्वीट सुबह 10 बजकर 23 मिनट पर किया। यह ट्वीट उमा भारती ने प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव, संगठन के महामंत्री हितानंद शर्मा व बीजेपी के ऑफिसियल हेंडल को टैग किया। उमा भारती का अपनी ही सरकार और उनके नेताओं को घेरने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले वो कई मुद्दों पर शिवराज सरकार को घेर चुकी है। इस बार उन्होंने चेतन्य काश्यप के वेतन भत्ते छोड़ने की बात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई। इस मुद्दे पर कई भाजपा नेताओं का दबी जुबान से कहना है की यह कोई विषय नहीं था यह केवल नई सरकार में अटेंशन लेने का एक तरीका था। जैसा कि वह पूर्व में भी कई बार कर चुकी है। हालांकि इस पूरे पॉलिटिकल ड्रामे के बीच मंत्री चेतन्य काश्यप ने किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उमा भारती की और से अपना पक्ष रखते हुए एक प्रेस रिलीज जारी की गई है। जिसमें उन्होंने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश करने की बात कही। उमा ने बिंदुवार ट्वीट में लिखा की 1) हाल ही में मंत्री बने तथा रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन कश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं । अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी थी की वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जो की साल भर का क़रीब 12 लाख होता हैं । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं । 2) चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियाँ की शिक्षा पर खर्च करें । 3) हमे यह याद रखना पड़ेगा की सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और ना वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं । 4) एक बार सांसद वरुण गाँधी ने कहा था की सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए । वरुण गाँधी ऐसा कर सकते है क्यूँकि वो हज़ारो करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है । अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए । 5) अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन कश्यप जैसे पूँजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए । ट्वीट के बाद मचा बवालकाश्यप के लिए किए गए इस ट्वीट के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया। उमा भारती को अचानक काश्यप पर हमलावर होता देख हर कोई नेता हैरान था। उमा भारती के पास जब हाईकमान से फोन घनघनाए तो दोपहर 3 बजे बाद उमा भारती ने अपने ट्वीट पर सफाई पेश करते हुए एक और ट्वीट किया। यह बाद में एडिट भी हुआ। हालांकि उमा ने अपना पिछला ट्वीट नहीं हटाया। अपने दूसरे ट्वीट में उमा भारती ने वरुण गांधी और वीडी शर्मा को टैग कर लिखा की 1) जो मुझे आशंका थी वही हुआ । कुछ लोगों ने मेरी बातों का ग़लत मतलब निकाल ही लिया । लोकतंत्र में अमीर हो ग़रीब, सबको सांसद या विधायक होने का अधिकार है ।2) स्वयं मैं जब आठ वर्ष की थी तब से आज तक मैंने सुविधा संपन्न जीवन जिया है । मैं सरकार से प्राप्त सुविधाओं का पात्रता एवं आवश्यकता के अनुसार उपयोग करती हूँ । कभी कभी किसी संस्था, कोई असहाय महिला या किसी बच्चे की शिक्षा की सुविधा के लिए मैं चेक से ही राशि देती हूँ । लेकिन सरकार को कुछ वापिस नहीं करती ।3) रतलाम के विधायक जो अभी मंत्री बने हैं वह बहुत बड़े व्यवसायी एवं बहुत बड़े दानी भी है और मुझे उनसे कोई तकलीफ़ नहीं है। वरुण गाँधी एवं उनके इस विवरण को सुनकर की वो सांसद या विधायक की सुविधा नहीं लेते। तो यह बड़ी बात नहीं है किंतु जिन जनप्रतिनिधियों का जीवन यापन एवं अतिथि सेवा इन्ही सुविधाओं से होतीहै  वह स्वयं को छोटा अनुभव करेंगे जब की ऐसा नहीं है। सब बराबर है। जनता सबको वोट देती है। और पहुंच गए काश्यपट्विटर वार के बाद मंत्री काश्यप उमा भारती से मिलने उनके निवास जा पहुंचे। शाम करीब 5 बजे ट्वीट कर उमा भारती ने इसकी जानकारी दी। उमा ने ट्वीट कर लिखा की  1. रतलाम से विधायक एवं हाल ही में बने प्रदेश सरकार के मंत्री श्री चैतन्य कश्यप मेरे दूसरे ट्वीट के जवाब में स्वयं उपस्थित हो गए। 2. चैतन्य कश्यप जी को मैं 20 साल से जानती हूं वह बहुत बड़े व्यवसायी, बहुत बड़े दानी एवं समाजसेवी हैं। 3. वह अपने व्यवसाय से प्राप्त लाभ का बहुत बड़ा हिस्सा दान करते हैं किंतु फिर भी मैंने अपना सुझाव दोहराया कि वह अपने वेतन एवं भत्ते सरकार को वापस करने की जगह पर दान की राशि में शामिल कर लिया करें उन्होंने इस पर कहा कि वह इस पर विचार करेंगे। 4. मैंने उन्हें सफल मंत्री बनने के लिए शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद भी दिया।

चेतन्य की बढ़ी चमक : इन बड़ी बातों से काश्यप को मिला केबिनेट, सर्वे में टॉप 10 रहे विधायक की पॉलिटिकल कहानी

रतलाम को चहुंमुखी विकास के उच्चतम शिखर पर पहुंचाना – मंत्री काश्यप पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर विधायक चेतन्य काश्यप को कैबिनेट में जगह मिलते ही शहर में जश्न का माहौल था। काश्यप के शपथ ग्रहण करते ही आतिशबाजी कर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकतार्ओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई। मंत्री मंडल में शामिल होने की सूचना के बाद भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारी भी भोपाल पहुंचे। गौरतलब है की मध्यप्रदेश के मंत्री मंडल में रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र को डेढ़ दशक बाद प्रतिनिधित्व मिला है। इससे पहले हिम्मत कोठारी यहां से विभिन्न पदों पर मंत्री रहे है। काश्यप को अब विभाग मिलने का इंतजार है, सूत्रों की माने तो उन्हें उद्योग, नगरीय प्रशासन या फिर वित्त की जिम्मेदारी दी जा सकती है। नवनियुक्त मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा की इस सम्मान के साथ रतलाम को चहुंमुखी विकास के उच्चतम शिखर पर पहुंचाने और देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने का महती दायित्व भी आया है। जिसे पूरी लगन और मेहनत से हमें एक टीम के रूप में काम करके निभाना है । प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ यादव की आकांक्षाओं और अपेक्षा को पूरा करना हमारा दायित्व है। हम सब एक टोली के रूप में इन दायित्वों का निर्वहन करेंगे और सफल होंगे। मंत्री पद की दौड़ में क्यों रहे आगे?मंत्री पद की दौड़ में आगे रहने का प्रमुख कारण काश्यप की बेदाग छवि और मजबूत राजनीतिक पकड़ रही। काश्यप की पार्टी के शीर्ष नेताओं से अच्छी बॉन्डिंग होने के साथ ही संघ व उसके अनुसांगिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी गहरे संबंध है। दो कार्यकाल में मंत्री बनने की इच्छा हर बार रही लेकिन पार्टी के निर्णय को स्वीकार किया कभी विरोध में नहीं दिखे। प्रदेश के भी सभी नेताओं से घनिष्ठता रही कभी किसी गुट के नहीं कहलाए। काश्यप ने अपने वेतन का त्याग लगातार तीसरे कार्यकाल में भी किया। हालांकि यह निर्णय दूसरे विधायक और सांसदों के लिए असहज जरूर रहा है। विधानसभा क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय माने जाते है। दो साल के कार्यकाल में जनता से जुड़ा कोई नेगेटिव फेक्टर हाईकमान तक नहीं पहुंचा। पार्टी सर्वे में भी टॉप 10 विधायक बने रहे। अब तक हमेशा से विकास के विषय पर ही राजनीति करते आए। विवादास्पद व सांप्रदायिक मामलों में नहीं बोले ना बोलना पसंद करते है। अपनी टीम को मैनेजमेंट से चलाने में महारत हासिल है हर छोटे मुद्दे और कार्य पर खुद मोनिटरिंग करते है। राजनीति के अलावा समाजसेवा की एक बड़ी भूमिका रही। प्रत्येक वर्ग व जरूरतमंद व्यक्ति को फाउंडेशन से सहायता दिलाने में आगे रहते है। लगातार तीन बार विधायक रहे और तीनों ही बार लीड बढ़ी ना कि घटी। मंत्री बने काश्यप का अब तक का सफररतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप शुरू से औद्योगिक व सामाजिक जीवन में रहे। वर्ष 2004 से समाजसेवा से राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया। रतलाम विधानसभा में बीते तीन चुनाव में सर्वाधिक मत से जीते। पहले चुनाव में 40, 000 से, दूसरे चुनाव में 43,000 से और तीसरे चुनाव में 60,000 की लीड लेकर जीत दर्ज की। जन सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य व खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्ष 2014 में झाबुआ आदिवासी संसदीय उम्मदीवार के चुनाव संयोजक रहे और आजादी के बाद पहली बार यह सीट भाजपा के खाते में आई। भाजपा के स्वयं सेवी संगठन, प्रकोष्ठ, एनजीओ सेल के राष्ट्रीय संयोजक एवं राष्ट्रीय कार्यसमिति के 6 वर्ष तक सदस्य रहे और म.प्र. में भाजपा के कोषाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2006 में मप्र लोकसभा व विधानसभा परिसिमन के संयोजक रहे। मप्र राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे। अयोध्या में बन रहे श्री राम मंदिर के लिए 1 करोड़ रूपए की निधि अपने परिवार की ओर से प्रदान की। क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष है एवं रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में 16 स्थान पर खेल चेतना मेला का बड़ा आयोजन 20 वर्षों से कर रहे है। इन्होंने गरीबी से मुक्ति, विकास की युक्ति के रूप में 100 गरीब परिवार को निःशुल्क आवास देकर अहिंसा ग्राम की स्थापना की थी, इस मॉडल से ये प्रदेश में काफी चर्चा में भी आए थे। हाल ही में इनके द्वारा कुपोषण अभियान के तहत पोष्टिक आहार आंगनवाड़ी के माध्यम से पहुंच रहा है। आंकड़ों के अनुसार 1400 बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया है। विधायकी रहते जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करवाई। कोराना काल में झाबुआ, मंदसौर, नीमच एवं अन्य क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए यह लाभदायक बना। मालवा क्षेत्र में जैन समाज के प्रमुख व्यक्तित्व है। वर्ल्ड जैन कन्फेडरेशन के चेयरमेन है और जीतो के संस्थापक है। 2004 में बार्सिलोना में विश्व धर्म संसद मे जैन प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व किया। उसमें ‘अपरिग्रह’ दर्शन पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इंडिया फस्ट फाउंडेशन के ट्रस्टी है, जिसका दिल्ली में शोध संस्थान है।

कौन बनेगा मंत्री : मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को सौंपी लिस्ट, दोपहर तक 28 मंत्री ले सकते है शपथ

रतलाम शहर विधायक काश्यप के पास भी पहुंचा फोन, संघ, भाजपा और बढ़ती लीड देगी साथ? पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में मंत्री मंडल को लेकर चल रही सुगबुगाहट अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल के मंत्रियों का शपथ ग्रहण आज होगा। सोमवार दोपहर 3:30 बजे मंत्रियों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा। राज्यपाल मंगूभाई पटेल सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसी के साथ ही विधायकों के फोन घनघनाने लगे हैं। मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी विधायकों को राजभवन पहुंचने के आदेश दिए गए हैं। सुबह सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल को प्रस्तावित सूची सौंपी। मोहन मंत्रिमंडल में बेदाग छवि, जातीय, क्षेत्रीय, महिला पर फोकस रहेगा। करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। शपथ से पहले सभाकक्ष में 28 कुर्सियां लगाई गई है। रविवार को केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद नामों पर अंतिम मुहर लगी थी। शपथ ग्रहण से पहले डॉक्टर मोहन यादव राज्यपाल से मिलने पहुंचे। सुबह 9:30 बजे राज भवन में सीएम और राज्यपाल की मुलाकात हुई। राज्यपाल को मंत्रियों के नाम की सूची सौंपने के बाद डॉक्टर मोहन यादव इंदौर निकल जाएंगे। बेदाग छवि और संघ में सीधा संपर्करतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप का नाम भी लगभग तय है। सूत्रों के अनुसार उनके पास भी भोपाल से फोन पहुंच चुका है। हालांकि काश्यप पिछले तीन दिनों से रतलाम से बाहर है, माना जा रहा है की वे भोपाल – दिल्ली की दौड़ में लगे थे। काश्यप को प्रदेश में उद्योग नीति या नगरीय प्रशासन विभाग दिया जा सकता है। राजनेता होने के साथ साथ काश्यप को एक सफल उद्यमी के रूप में देखा जाता है। काश्यप तीसरी बार लगातार रतलाम शहर से विधायक है। अब तक के कार्यकाल में उनकी छवि बेदाग रही है। हर बार उनकी जीत का अंतर भी बढ़ा है। भाजपा के बड़े नेताओं से सीधे संपर्क में है। इसके अलावा संघ के अखिल भारतीय पदाधिकारियों से भी संबंध है। यही कारण है कि उनका केबिनेट में नाम फाइनल माना जा रहा है। इनके नाम लगभग शामिलविधायक कैलाश विजयवर्गी, प्रहलाद पटेल,राकेश सिंह, तुलसी सिलावट, एदल सिंह कंसाना, अर्चना चटनिस, चेतन कश्यप, हेमंत खंडेलवाल, राकेश शुक्ला मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के प्रद्युमन सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी शपथ ले सकते हैं। इसके अलावा चेतन कश्यप, बृजेंद्र प्रताप सिंह, कुंवर सिंह टेकाम,गोविंद सिंह राजपूत, प्रदीप लारिया,राकेश शुक्ला, घनश्याम चंद्रवंशी मंत्री बनाये जा सकते हैं। बुरहानपुर से महिला विधायक और मुरैना जिले से एक विधायक भोपाल के लिए रवाना हुए हैं।

FAKE MESSAGE : विधायक काश्यप पर सैलाना की प्रत्याशी संगीता चारेल का आरोप!, अब हुई पुलिस को शिकायत, आखिर क्या है पूरा मामला ?

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। चुनाव के बाद अब सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले धुरंधर एक्टिव हो चुके है। एक ऐसा ही मामला रतलाम में सामने आया है। जहां सैलाना से पूर्व विधायक व 2023 में विधानसभा प्रत्याशी रही संगीता चारेल के नाम से एक फर्जी मैसेज फॉरवर्ड किया जा रहा है। यह मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते हुए चारेल तक पहुंचा। जिसे देखने के बाद वे खुद आश्चर्य में पड़ गई। दरअसल इस वायरल मैसेज में रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप पर निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार को मदद करने का आरोप लगाया गया है। आगे उसमें लिखा गया की संगीता चारेल ने संगठन को शिकायत की और कहा की मुझे मंत्री बनने से रोकने के लिए कमलेश्वर डोडियार को करोड़ो रूपये की मदद की, जिससे बीजेपी सैलाना में हार गई। मैसेज में दावा किया गया की मामला हाईकमान तक जा पहुंचा है। मैसेज के मिलते ही संगीता चारेल हरकत में आई और उन्होंने अपने पार्टी नेताओं को इससे अवगत करवाया। जिसके बाद पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा के पास पहुंचकर उन्होंने लिखित शिकायत की। श्रीमती चारेल ने बताया कि व्हाट्सएप्प पर उन्हे जानकारी मिली कि उनके नाम से रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप पर निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार पर मदद करने का आरोप लगाया गया है। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा संगठन को शिकायत करने की भ्रामक सूचना भी प्रसारित हुई है। श्रीमती चारेल के अनुसार जनता का निर्णय सर्वमान्य है। मेरे नाम से भ्रम फैलाया जा रहा है। मैंने केन्द्र, प्रदेश या संगठन मे ऐसी कोई शिकायत नही की गई। इस संबंध मे पुलिस को शिकायत का यह भ्रम फैलाने वालों की कार्रवाई की मांग की।

वाह विधायक जी! : एमपी के इस विधायक की चारो और चर्चा, कारण सरकारी वेतन – भत्ते और पेंशन को मना कर देना

सिफारिशों से भी दूर रहते है चेतन्य काश्यप, टोल टैक्स और पुलिस चालान तक भरता है यह विधायक! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक ने सदन में एक अनोखी मिसाल पेश की। चेतन्य काश्यप ने विधायक के तौर पर मिलने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने खर्चा उठने में सक्षम है इसलिए यह राशि विधानसभा कोष में जमा कर दी जाए। काश्यप तीसरी बार रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं और उन्होंने एक बार फिर से विधायक के रूप में सरकार से कोई वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का ऐलान किया है। आपको बता दे इससे पहले के उनके दो कार्यकाल में भी उन्होंने किसी प्रकार का कोई सरकारी लाभ नहीं लिया था। बता दें कि प्रत्येक विधायक को प्रति माह लगभग 70 हजार के वेतन भत्ते मिलते हैं। इसके अलावा रेलवे कूपन और हवाई यात्राएं एवं आजीवन पेंशन व चिकित्सा भत्ता जैसी अन्य सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में कश्यप ने सभी सुविधा का त्याग करते हुए कहा कि यह राशि प्रदेश के विकास पर व्यय हो। राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय – विधायक काश्यपविधानसभा में भी उन्होंने पहले ही वक्तव्य में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना यह निर्णय रख दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जब ईश्वर की कृपा से वे जनहित के कार्य करने में सक्षम हैं, तो उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते और पेंशन का उपयोग शासन द्वारा जनहित में सीधे किया जाए।कश्यप ने सदन में कहा कि राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मैं राजनीति में आया हूं। किशोरावस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर हूं तथा कई सेवा संस्थानों में प्रकल्पों का संचालन कर रहा हूं। ईश्वर ने इस योग्य बनाया है कि जनसेवा में थोड़ा सा योगदान कर सकूं। इसी तारतम्य में विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते एवं पेंशन नहीं लेने का निश्चय किया है। पिछली दो विधानसभा में भी भत्ते नहीं लिए थे। मैं चाहता हूं कि मुझे प्राप्त होने वाले भत्ते एवं पेंशन का राजकीय कोष से आहरण न हो ताकि उस राशि का सदुपयोग प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्य हो सकें। सिफारिशों से दूरी रखते है काश्यपआमतौर पर एक राजनेता अपने लिए व कार्यकर्ताओं के लिए सहज ही सिफारिशें करते नजर आते है। मगर रतलाम के विधायक चेतन्य काश्यप का तौर तरीका बाकियों से अलग है। पुलिस थानों पर उनके नाम से की गई सिफारिशों को वो सिरे से इंकार कर देते है। उनके करीबी के अनुसार नियम व कायदे के पक्के विधायक काश्यप किसी कार्यकर्ता की गाड़ी का चालान अगर कट जाए तो वे नाराज कार्यकर्ता को बुलाकर खुद से चालान भरने की बात कहते हुए कार्यकर्ताओं को नियम पालन की नसीहत देकर मना लेते है। यही कारण है की पुलिस के सामने कोई भाजपाई विधायक जी का रोब नहीं दिखा पाता है। यहां तक की उनके नाम से टोल से गाड़ियां तक नहीं छोड़ी जाती है, जिसका कारण है कि वे खुद टोल टैक्स चुकाते है। विधायक काश्यप अपने फाउंडेशन के माध्यम से अनेक सेवा कार्यों को करते आ रहे है। जिससे गरीबों व कई समाज में वंचित लोगों को सहारा व प्रोत्साहन मिला है।

MP में धार्मिक स्थलों के नीचे बिक रहा मांस!,CM Dr. Mohan Yadav के आदेश से बेरोजगारी? – PUBLIC VARTA

पब्लिक वार्ता/जयदीप गुर्जर : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुले में मांस-मछली के विक्रय तथा धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर प्रतिबंध के आदेश दिए है। रतलाम में करीब 200 परिवार इससे जुड़े है जिन पर सीधा असर पड़ेगा। गौर करने वाली बात है की नगर निगम पिछले 15 – 20 सालों से लाईसेंस नहीं बना रहा है। वहीं नगर में केवल 34 मांस विक्रेता ही लाइसेंसधारी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर क्यों लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया रोकी हुई है। इसको लेकर अधिकारियों के पास भी कोई आदेश या जवाब नहीं है। जो 34 लाइसेंस है उनका ही केवल नवीनीकरण किया जा रहा है। खुले में मांस बेच रहे विक्रेताओं का कहना है कि निगम लाईसेंस नहीं बनाता। हमे हटाने की बजाय कोई एक स्थान सरकार को देना चाहिये। हमारे परिवार का पालन पोषण इसी काम से होता है।शहर में 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर रोक लगानी है। ऐसे में कई मांस की दुकानें धार्मिक स्थलों द्वारा किराए पर दी गई है। जहां मांसाहार की होटले संचालित है। ऐसे में इनको हटाना भी प्रशासन के।लिए बड़ी चुनौती का काम होगा।

ABVP अधिवेशन : मालवा प्रांत कार्यकारिणी में रतलाम के 7 कार्यकर्ताओं को जगह, विनोद सिरोही होंगे संगठन मंत्री

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का 69वां राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में पूरा हुआ। चार दिवसीय इस अधिवेशन में देश के ग्रह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय अधिवेशन में मालवा प्रांत की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। मालवा प्रांत की इस नवीन कार्यकारिणी में रतलाम जिले के 7 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। प्रांत की नवीन घोषणा के बाद विनोद सिरोही को रतलाम जिला संगठन मंत्री के तौर पर भेजा गया है। कार्यकारिणी में कु. रागिनी यादव को प्रांत सहमंत्री, प्रोफेसर रक्षित मेहता को प्रांत सहप्रमुख (सविष्कार), कु. अंजू सूर्यवंशी प्रांत सहसंयोजक (एसएफएस) एवं रतलाम के विवेक पालीवाल, कु. माही शर्मा, जावरा के सत्यम दवे, व आलोट के जतिन दायमा को प्रांत कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।

यह गलत है! : मुस्लिम महिला का भाजपा को वोट देना पड़ा महंगा, गुस्साए देवर ने कर दी पिटाई, देखे वीडियो

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के सामने पहुंची पीड़ित महिला, भय्या ने लाडली बहना को दिलाया न्याय का भरोसा! पब्लिक वार्ता – भोपाल,जयदीप गुर्जर। कहने को तो एमपी अजब है और गजब है। लेकिन कभी कभी एमपी में ऐसे गजब मामले सामने आते है जो एमपी की साख दाव पर लगा देते है। एक ऐसा ही मामला सीएम शिवराजसिंह चौहान के सामने आया। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक मुस्लिम महिला से मुलाकात की, जिसे उसके देवर ने सिर्फ इसलिए पीटा था क्योंकि उसने बीजेपी को वोट दिया और वह जीत की खुशियां मना रही थी। सीएम ने ट्वीट में कहा की, ‘मजबूत लोकतंत्र के लिए बीजेपी को अपना मत देने पर मेरी एक बहन को उसके परिवार द्वारा प्रताड़ित करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित कर उचित कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही पीड़ित बहन को पूरी सुरक्षा व आर्थिक मदद भी दी जाएगी। मेरी बहन, तुम किसी बात की चिंता मत करना, तुम्हारा भाई सदैव तुम्हारे साथ है।’ कौन है यह मुस्लिम महिला?मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित महिला समीना बी से मुलाकात की। बीजेपी को वोट देने के कारण समीना को उनके देवर जावेद खां ने पीटा था। समीना अपने बच्चों के साथ सीएम हाउस में शिवराज से मिलने पहुंची। इस दौरान सीएम ने उनसे बात की और बच्चों को प्यार दिया। सीएम ने आश्वासन दिया कि वह महिला की सुरक्षा और सम्मान पर कोई आंच नहीं आने देंगे। बता दें कि मामला सीहोर जिले के अहमदपुर थाना क्षेत्र के बरखेड़ा हसन गांव का है, जहां समीना बी नाम की महिला के साथ इसलिए मारपीट की गई थी क्योंकि उसने बीजेपी को वोट दिया था। यह घटना 4 दिसंबर की है, जिसकी शिकायत उसने पुलिस में भी की। 8 दिसंबर यानी शुक्रवार को महिला कलेक्टर के पास शिकायत लेकर पहुंची। उसका आरोप है कि अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। वहीं, देवर की गिरफ्तारी को लेकर पीड़िता ने कलेक्टर से गुहार लगाई। जिसके बाद मामला सीएम तक पहुंचा और उन्होंने महिला से शनिवार को मुलाकात की। कब हुई थी घटना ?महिला के साथ मारपीट की घटना 4 दिसंबर को सामने आई थी। महिला का कहना है कि वह बीजेपी की जीत पर खुशियां मना रही थी। इसी दौरान देवर गाली-गलौच करने लगा और जब महिला ने विरोध किया तो देवर ने मारपीट की। हालांकी महिला का कहना है कि उसने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने देवर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के साथ धारा 294, 323, 506, 34 के तहत में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है की मामले की जांच कर रही है तथा जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मतगणना का दिन : रविवार को कॉलेज रोड के इस रास्ते पर रहेगा डायवर्जन, नागरिकों को करना पड़ेगा इस रास्ते का उपयोग

पब्लिक वार्ता – रतलाम,कुलदीप माहेश्वरी। दिनांक 03.12.2023 को विधानसभा चुनाव के परिणाम हेतु शहर के मध्य स्थित शासकीय आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज में प्रातः 07.00 बजे से मतगणना का कार्य प्रारंभ होगा। मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा मतगणना मे लगे प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों का आगमन प्रातः 05.00 बजे से शुरु हो जाएगा। इसके अतिरिक्त विधानसभा चुनाव में भाग ले रहे प्रत्याशियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों का आगमन भी होगा । मतगणना ड्यूटी के दौरान पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों/कर्मचारियों तथा मतगणना मे लगे प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के प्रवेश एवं पार्किंग के संबंध में यातायात पुलिस रतलाम द्वारा निम्नानुसार पार्किंग प्लॉन एवं डायवर्शन प्लॉन तैयार किया है जो कि दिनांक 03.12.2023 को प्रात 05.00 बजे से लागू कर दिया जायेगा रुट डायवर्सन प्लान01. आरोग्यम हॉस्पिटल तिराहे से नगर निगम तिराहा अमरेश्वर महादेव मंदिर गेट नम्बर 03 तक समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। उक्त क्षेत्र नो व्हीकल जोन रहेगा ।02. छत्री पुल से नगर निगम व आर्ट्स एण्ड साइंस काँलेज की ओर जाने वाले सामान्य वाहन दिनांक 03.12.2023 के प्रातः 05.00 बजे से डायवर्ट किये जाएंगे, जो दो बत्ती चौराहा से न्यू रोड गुरुद्वारा की ओर से लोकेन्द्र टाँकीज होते हुए शहर के अन्दर जा सकेंगे।03. रतलाम विकास प्राधिकरण हाथी खाना की ओर से वाहन नगर निगम तिराहा एवं आर्ट्स एवं साइंस काँलेज की ओर नही जा सकेंगे। गुलाब चक्कर,पुराना कलेक्टोरेट होते हुए आ जा सकेंगे।04. नाहरपुरा तिराहा से नगर निगम की ओर आने वाले समस्त चार पहिया, तीन पहिया  एवं दो पहिया अण्डागली होते हुए शहर सराय की ओर से आ जा सकेंगे।05. लोकेन्द्र टाकीज से आरोग्यम, आर्ट एंड साँईंस कालेज की ओर आने वाले समस्त प्रकार के वाहन शहर सराय होते हुए आ जा सकेंगे। प्रवेश एवं पार्किंग व्यवस्था01. विधानसभा चुनाव प्रेक्षक महोदय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के वाहन आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज के सामने गेट नम्बर-02 से प्रवेश कर गेट के पास ही अपने वाहन पार्क करेंगे। 02. मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा मतगणना मे आने वाले प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों का प्रवेश नगर निगम तिराहा अमरेश्वर महादेव मंदिर के सामने आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज के सामने गेट नम्बर-03 से होगा ।03. मतगणना में आने वाले प्रत्याशियों/उनके प्रतिनिधियों एवं मीडिया (प्रेस) के वाहनों की नगर निगम के अन्दर पार्किंग व्यवस्था की गई है।04. मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहन गेट नम्बर 02 से प्रवेश के उपरान्त आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज की पार्किंग में वाहन पार्क किये जावेंगे।05.रतलाम शहर,रतलाम ग्रामीण, जावरा, आलोट एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्र की मतगणना सुनने के लिये आने वाले आम नागरिको के दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के लिए नगर निगम के अन्दर पार्किंग व्यवस्था की गई है।08. विधानसभा क्षेत्र की मतगणना सुनने के लिये आने वाले आम नागरिको के दो पहिया वाहन रतलाम की छत्रीपुल के पास प्रिंस प्लाजा पर वाहन पार्किंग व्यवस्था रहेगी।                 मतगणना ड्यूटी में लगे शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों एवं उनके प्रतिनिधियों व आम नागरिको से अपील है कि उपरोक्तानुसार मतगणना दिनांक 03.12.2023 को यातायात पुलिस रतलाम द्वारा की गई  पार्किंग व्यवस्था तथा यातायात डायवर्शन व्यवस्था मे आवश्यक सहयोग करे।

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