अपहरण कांड : मासूम बच्ची के अपहरण के पीछे की असल वजह नहीं आई सामने, कारण तस्करी है या शादी?

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शिवगढ़-बाजना के नजदीक हेवड़ा गांव में दो साल की मासूम बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया है। मगर बदमाश इसमें सफल नहीं हो सके, क्योंकि ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना देकर कार का पीछा किया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। हालांकि पुलिस ने राजापुरा माताजी के पास बेरिकेड्स लगाकर घेराबंदी की थी जिसे आरोपी तोड़ते हुए निकल गए। बाद में बीच रास्ते क्रेन लगाकर आरोपियों को पकड़ा गया। इस दौरान लोगों ने उनकी धुनाई भी कर दी। पकड़ाए तीनों आरोपी रविवार तक भी पुलिस को गुमराह करते रहे। उनके द्वारा अब तक अपहरण की असल वजह नहीं बताई गई है। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा के अनुसार आरोपी प्रेमिका से शादी नहीं होने जैसी बात कर रहे है। उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जिसके बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा। ऐसे में एक बड़ा सवाल है की क्या आरोपी ऐसे छोटे बच्चों का अपहरण कर उनकी तस्करी में लिप्त है या और कोई निजी वजह है? क्या पुलिस इसे मानव तस्करी से जोड़ कर आगे जांच बढ़ाएगी क्योंकि आरोपी ढाबे का संचालन करते ऐसे में ढाबे ट्रैफिकिंग का एक आसान जरिया है। कई ढाबों से मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके है। एसपी के अनुसार मुख्य आरोपी नामली का लोकेश जाट (23 ) है, जो कि नामली में ही ढाबे का संचालन करता है। इसके अलावा दो अन्य आरोपी अर्जुन गायरी (22) व और कागली खेड़ा का गौतम झोड़िया (21) हैं, जो ढाबे पर काम करते है। गौतम बाजना का ही रहने वाला है, जबकि अर्जुन नामली में रहता है। ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रमशनिवार शाम को हेवड़ा गांव में एक महिला हैंडपंप पर पानी भर रही थी, उसके घर के सामने ही बालिका खेल रही थी। हैंडपंप घर से थोड़ी दूर ही है। इतने में ही एक कार आई और घर के बाहर खेल रही मासूम को बिठाकर ले गए। बालिका की मां ने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्रित हुए और कार का पीछा करना शुरू कर दिया। राजपुरा माताजी के पास पुलिस ने रोकने के बंदोबस्त किए लेकिन वे नाकाबंदी तोड़ते हुए शिवगढ की और भागे। ग्रामीणों और पुलिस को पीछे देखकर आरोपियों ने कार रोकी और खेरियापड़ा में भाग गए। ग्रामीणों ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया। चारों तरफ से कार को ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस पहुंचती इसके पहले कुछ लोगों ने आरोपियों की धुनाई कर दी।

नृशंस हत्या का पर्दाफाश : हत्या करने आये थे बेटे की मगर मां को घोंप दिए चाकू, हत्यारों ने बूजुर्ग महिला पर पेट्रोल डाल लगा दी आग

अतिक्रमण हटवाने को लेकर रंजिश पाले था हत्यारा, मौका पाकर कर दी हत्या! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। तीन दिन पहले रात को घटित हुए जघन्य हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया था। वारदात कोजिले के नामली थाना अंतर्गत रघुनाथगढ़ में अंजाम दिया गया। जहां 66 वर्षीय मांगूबाई पति स्व. भागीरथ गायरी की नृशंस हत्या कर दी। हत्यारों ने पहले नींद में सोई बुजुर्ग महिला के गले व पेट में चाकू मारे। जिसके बाद पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीओपी अभिलाष भलावी व नामली थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा को जानकारी दी। जानकारी मिलते ही रतलाम से एसपी राहुल लोढा व एएसपी राकेश खाखा व फोरेंसिक अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर ही हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी सहित 4 को धार जिले के बखतगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। वहीं 5वां एक और आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। पूरे मामले में मुख्य आरोपी कन्हैयालाल कीर ने पुलिस को बताया की वह साथियों के साथ महिला को मारने नहीं आया था बल्कि उसके बेटे मुकेश को मारने आया था। मगर रात को मुकेश के बाहर पार्टी में जाने से उस पलंग पर चादर ओढ़े उसकी मां सोई थी, जिससे उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसने खुद की बाइक से पेट्रोल निकाला और बूजुर्ग महिला पर डालकर आग लगा दी। रंजिश बदली हत्या मेंएसपी राहुल कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया की रुघनाथगढ निवासी मुकेश गायरी की मां मांगूबाई की हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान 66 वर्षीय मृतिका मांगुबाई का पी.एम. पेनल द्वारा करवाया। पीएम रिपोर्ट मे मृतिका के गले व पेट पर धारदार हथियार से चोट की बात सामने आई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर लाश को जला दिया गया। मौके पर लोगों व चश्मदीदों से पूछताछ में मालूम हुआ की कन्हैया कीर निवासी ग्राम रुघनाथगढ का मृतिका व उसके बेटे मुकेश गायरी से विवाद हुआ था। विवाद मुकेश द्वारा शिकायत करके सरकारी जमीन पर आरोपी कन्हैया का अवैध अतिक्रमण व कब्जा हटवाने का था। इसी रंजिश के चलते कन्हैया ने अपने साथियों गोकुल भील, मांगीलाल उर्फ मंगलेश जाट, सत्तु उर्फ सत्यनारायण जायसवाल व मनीष जाट निवासी अकोलिया जिला धार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तकमामला जघन्य हत्या का था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी राहुल कुमार लोढा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया जिसके बाद टीम बनाकर उसे रवाना किया गया। जांच के दोरान ग्रामीणो के अलग अलग बयान लेकर आस पास क्षैत्र के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। जिसमे एक अल्टो कार जाते दिखी जिस पर से टोल के सीसीटीवी फुटेज चेक कर सायबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गये। टीम द्वारा सभी आरोपियों को मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश करते हुए बदनावर पेटलावद बायपास बखतगढ फंटे से आरोपीगणो को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। 4 आरोपी गिरफ्तार व 1 फरार1. कन्हैयालाल पिता लालु जाति कीर उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम रुघनाथगढ थाना नामली2 मनीष पिता गोपाल जाति जाट उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार3 सत्यनाराण उर्फ सत्तु पिता समरथलाल जयसवाल जाति कलाल उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार4 गोकुल पिता लालसिह खराड़ी जाति भील उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार 5 फरार आरोपी मांगीलाल उर्फ मंगलेश पिता बापुलाल जाट ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार का फरार है । टीम में इनकी रही सराहनीय भूमिका मामले में नामली टीआई धमेंद्र शिवहरे, उनि सचिन डावर, उनि रविंद्र मालवीय, उनि अमित शर्मा सायबर सेल, सउनी ओपी राठौर, का.सउनि संतोष अग्नीहोत्री, का.प्र.आर राहुल जाट, का प्र.आर. शिवपाल सिंह, प्रआर महेन्द्रसिह राठौर आर. नरेन्द्रसिह जगावत, आर. मनोहर नागदा, आर. कुलदीप व्यास, आर. मनोज मुजाल्दे, आर. शांतिलाल राठौर, आर. शिवराम मोर्य, आर. मंयक जाटव,  सायबर सेल आर. विपुल भावसार, सैनिक विजय जाधव की भूमिका अहम रही।

FAKE MESSAGE : विधायक काश्यप पर सैलाना की प्रत्याशी संगीता चारेल का आरोप!, अब हुई पुलिस को शिकायत, आखिर क्या है पूरा मामला ?

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। चुनाव के बाद अब सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले धुरंधर एक्टिव हो चुके है। एक ऐसा ही मामला रतलाम में सामने आया है। जहां सैलाना से पूर्व विधायक व 2023 में विधानसभा प्रत्याशी रही संगीता चारेल के नाम से एक फर्जी मैसेज फॉरवर्ड किया जा रहा है। यह मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते हुए चारेल तक पहुंचा। जिसे देखने के बाद वे खुद आश्चर्य में पड़ गई। दरअसल इस वायरल मैसेज में रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप पर निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार को मदद करने का आरोप लगाया गया है। आगे उसमें लिखा गया की संगीता चारेल ने संगठन को शिकायत की और कहा की मुझे मंत्री बनने से रोकने के लिए कमलेश्वर डोडियार को करोड़ो रूपये की मदद की, जिससे बीजेपी सैलाना में हार गई। मैसेज में दावा किया गया की मामला हाईकमान तक जा पहुंचा है। मैसेज के मिलते ही संगीता चारेल हरकत में आई और उन्होंने अपने पार्टी नेताओं को इससे अवगत करवाया। जिसके बाद पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा के पास पहुंचकर उन्होंने लिखित शिकायत की। श्रीमती चारेल ने बताया कि व्हाट्सएप्प पर उन्हे जानकारी मिली कि उनके नाम से रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप पर निर्दलीय विधायक कमलेश्वर डोडियार पर मदद करने का आरोप लगाया गया है। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा संगठन को शिकायत करने की भ्रामक सूचना भी प्रसारित हुई है। श्रीमती चारेल के अनुसार जनता का निर्णय सर्वमान्य है। मेरे नाम से भ्रम फैलाया जा रहा है। मैंने केन्द्र, प्रदेश या संगठन मे ऐसी कोई शिकायत नही की गई। इस संबंध मे पुलिस को शिकायत का यह भ्रम फैलाने वालों की कार्रवाई की मांग की।

शौर्य संचलन : कतारबद्ध होकर निकले बजरंग दल कार्यकर्ता, 150 से अधिक बजरंगी हुए शामिल

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा जिले के अंचल में शौर्य संचलन निकाला। जिले के रावटी में शिवगढ़ खंड में निकाले गए बजरंग दल के शौर्य संचलन में 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी कार्यकर्ता गणवेश पहनकर संचलन में शामिल हुए। संचलन में विहीप बजरंग दल के विभाग मंत्री दीपक व्यास ने अपना बौद्धिक रखा। व्यास ने कहा की 31वर्ष पूर्व संगठित हिन्दू शक्ति ने शौर्य प्रकट करते हुए 464 वर्षों पूर्व लगे कलंक बाबरी मस्जिद के टिके को मिटाया था। स्वाभिमान जागरण और रक्षा के लिये, हिन्दू पुनरूत्थान के लिये जिन सभी हिन्दुओं ने प्रयास, पराक्रम तथा बलिदान किया है उन सभी को प्रणाम। इस दौरान मंच पर जिला संयोजक मुकेश व्यास, प्रखंड उपाध्यक्ष रोहित राठौड मौजूद रहे। मंच का संचालन बजरंग दल जिला सहसंयोजक राहुल हाडा द्वारा किया गया। शौर्य संचलन में रावटी प्रखंड पालक शंकरसिंह सोलंकी, जिला सहसंयोजक राजाराम ओहरी, जिला सहसंयोजक आशु टाक, लखन बरमुंडा, जिला अखाड़ा प्रमुख कृष्णा भामा आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

वाह विधायक जी! : एमपी के इस विधायक की चारो और चर्चा, कारण सरकारी वेतन – भत्ते और पेंशन को मना कर देना

सिफारिशों से भी दूर रहते है चेतन्य काश्यप, टोल टैक्स और पुलिस चालान तक भरता है यह विधायक! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक ने सदन में एक अनोखी मिसाल पेश की। चेतन्य काश्यप ने विधायक के तौर पर मिलने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने खर्चा उठने में सक्षम है इसलिए यह राशि विधानसभा कोष में जमा कर दी जाए। काश्यप तीसरी बार रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं और उन्होंने एक बार फिर से विधायक के रूप में सरकार से कोई वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का ऐलान किया है। आपको बता दे इससे पहले के उनके दो कार्यकाल में भी उन्होंने किसी प्रकार का कोई सरकारी लाभ नहीं लिया था। बता दें कि प्रत्येक विधायक को प्रति माह लगभग 70 हजार के वेतन भत्ते मिलते हैं। इसके अलावा रेलवे कूपन और हवाई यात्राएं एवं आजीवन पेंशन व चिकित्सा भत्ता जैसी अन्य सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में कश्यप ने सभी सुविधा का त्याग करते हुए कहा कि यह राशि प्रदेश के विकास पर व्यय हो। राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय – विधायक काश्यपविधानसभा में भी उन्होंने पहले ही वक्तव्य में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना यह निर्णय रख दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जब ईश्वर की कृपा से वे जनहित के कार्य करने में सक्षम हैं, तो उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते और पेंशन का उपयोग शासन द्वारा जनहित में सीधे किया जाए।कश्यप ने सदन में कहा कि राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मैं राजनीति में आया हूं। किशोरावस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर हूं तथा कई सेवा संस्थानों में प्रकल्पों का संचालन कर रहा हूं। ईश्वर ने इस योग्य बनाया है कि जनसेवा में थोड़ा सा योगदान कर सकूं। इसी तारतम्य में विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते एवं पेंशन नहीं लेने का निश्चय किया है। पिछली दो विधानसभा में भी भत्ते नहीं लिए थे। मैं चाहता हूं कि मुझे प्राप्त होने वाले भत्ते एवं पेंशन का राजकीय कोष से आहरण न हो ताकि उस राशि का सदुपयोग प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्य हो सकें। सिफारिशों से दूरी रखते है काश्यपआमतौर पर एक राजनेता अपने लिए व कार्यकर्ताओं के लिए सहज ही सिफारिशें करते नजर आते है। मगर रतलाम के विधायक चेतन्य काश्यप का तौर तरीका बाकियों से अलग है। पुलिस थानों पर उनके नाम से की गई सिफारिशों को वो सिरे से इंकार कर देते है। उनके करीबी के अनुसार नियम व कायदे के पक्के विधायक काश्यप किसी कार्यकर्ता की गाड़ी का चालान अगर कट जाए तो वे नाराज कार्यकर्ता को बुलाकर खुद से चालान भरने की बात कहते हुए कार्यकर्ताओं को नियम पालन की नसीहत देकर मना लेते है। यही कारण है की पुलिस के सामने कोई भाजपाई विधायक जी का रोब नहीं दिखा पाता है। यहां तक की उनके नाम से टोल से गाड़ियां तक नहीं छोड़ी जाती है, जिसका कारण है कि वे खुद टोल टैक्स चुकाते है। विधायक काश्यप अपने फाउंडेशन के माध्यम से अनेक सेवा कार्यों को करते आ रहे है। जिससे गरीबों व कई समाज में वंचित लोगों को सहारा व प्रोत्साहन मिला है।

रतलाम के निशित सोनी को राज्य स्तरीय रोल बाल स्केटिंग में गोल्ड, परिवार व विद्यालय ने जताया हर्ष

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। राज्य स्तरीय 67वीं रोल बाल स्केटिंग प्रतियोगिता में जैन स्कूल सागोद रोड के छात्र निशित पिता महेंद्र सोनी ने गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया। धीरज शाह नगर निवासी निशित ने अंडर-17 में यह उपलब्धि हासिल की है। राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिता मंदसौर में आयोजित हुई। इससे पूर्व जम्मू कश्मीर में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय रोल बॉल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर रतलाम शहर का नाम रोशन किया है। निशित की इस उपलब्धि पर परिवार व विद्यालय ने हर्ष जताया। सभी ने निशित सोनी और उनके परिवार के लोगों को शुभकामनाएं दी।

MCX पर कार्रवाई : हाई प्रोफाइल सटोरिए दीप अग्रवाल को पैदल ले गई पुलिस, काका – भतीजे गिरफ्त में अब केडी की तलाश

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। माणकचौक पुलिस ने एमसीएक्स सट्टा करने के बड़े मामले का खुलासा किया। पुलिस ने एसपी राहुल कुमार लोढा के निर्देशन में माणकचौक स्थित केडी ज्वेलर के यहां रेड मारी। जहां से एमसीएक्स (MCX) का मोबाइल फोन और लैपटॉप से सट्टा करते हुए काका और भतीजे को करीब पौने दो करोड़ रुपए का सट्टा करते हुए गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपी फरार है। इनमें से एक आरोपी इंदौर का है जिसे सट्टा उतारते थे। गिरफ्तार दोनों आरोपी काका-भतीजे को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस वाहन में अचानक खराबी के कारण आरोपी दीप को पैदल कोर्ट तक ले जाया गया। इनका एक और साथी बंटी केडी उर्फ अतुल अग्रवाल फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। इसके अलावा मनीष होल्कर निवासी सराफा इंदौर की भी पुलिस तलाश कर रही है। ज्वेलरी की दुकान की आड़ में एमसीएक्स का अवैध सट्टा करने का यह नया मामला नहीं है। इससे पहले 2 माह में माणक चौक पुलिस 3 से 4 बड़ी कार्रवाई सट्टे पर चुकी है। हैरानी की बात यह है की पुलिस ने जिन आरोपियों को अब तक पकड़ा है वे सभी रसूखदार और राजनेताओं के नजदीकी बताए जा रहे है। माणकचौक टीआई प्रीति कटारे ने बताया सोमवार को सुबह मुखबीर से सूचना मिली थी कि केडी ज्वेलर्स पर कुछ लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप पर एमसीएक्स का सट्टा कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस दल को थाने पर एकत्रित करके योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी तो वहां से दीप पिता दिनेश अग्रवाल (29) और उसका काका गोविंद उर्फ डमरू पिता कन्हैयालाल अग्रवाल (50) मिले। इनके मोबाइल फोन और लैपटॉप की तलाशी लेने पर एमसीएक्स की सट्टा करते पाए गए। मोबाइल फोन और लैपटॉप के एमसीएक्स सट्टे को जोड़ा गया तो इनमें 1 करोड़ 73 लाख 38 हजार 493 रुपए का हिसाब मिला। एसपी राहुल कुमार लोढा ने बताया की लगातार हम सट्टे पर कार्रवाई कर रहे है। इनके मोबाइल से लिंक निकाली जा रही है। जिसमें और भी आरोपी सामने आएंगे। इनकी लिंक इंदौर से जुड़ी मिली है जिसकी और बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। सरहानीय भूमिका : निरीक्षक प्रिति कटारे , कार्य.उ.नि. ए.पी. सिहं  ,कार्य.प्रआर.781 नरेन्द्रसिंह चावड़ा, कार्य.प्र.आर665 सुधीर कार्य. .प्र. आर 80 ज्ञानेन्द्र सिह ,म. प्र. आर. 413 मीना राठौर,  आर. 532 संजय सोनावा ,आर. 875 रणवीर,  व आर.795 आर. 110 अशरफ, आर. 19 अविनाश,थाना माणकचौक रतलाम एवं सायबर शाखा के प्रभारी उनि.अमित शर्मा,आर. विपुल भावसार,आर.हिम्मत का सराहनीय योगदान रहा।

MP में धार्मिक स्थलों के नीचे बिक रहा मांस!,CM Dr. Mohan Yadav के आदेश से बेरोजगारी? – PUBLIC VARTA

पब्लिक वार्ता/जयदीप गुर्जर : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुले में मांस-मछली के विक्रय तथा धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर प्रतिबंध के आदेश दिए है। रतलाम में करीब 200 परिवार इससे जुड़े है जिन पर सीधा असर पड़ेगा। गौर करने वाली बात है की नगर निगम पिछले 15 – 20 सालों से लाईसेंस नहीं बना रहा है। वहीं नगर में केवल 34 मांस विक्रेता ही लाइसेंसधारी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर क्यों लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया रोकी हुई है। इसको लेकर अधिकारियों के पास भी कोई आदेश या जवाब नहीं है। जो 34 लाइसेंस है उनका ही केवल नवीनीकरण किया जा रहा है। खुले में मांस बेच रहे विक्रेताओं का कहना है कि निगम लाईसेंस नहीं बनाता। हमे हटाने की बजाय कोई एक स्थान सरकार को देना चाहिये। हमारे परिवार का पालन पोषण इसी काम से होता है।शहर में 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर रोक लगानी है। ऐसे में कई मांस की दुकानें धार्मिक स्थलों द्वारा किराए पर दी गई है। जहां मांसाहार की होटले संचालित है। ऐसे में इनको हटाना भी प्रशासन के।लिए बड़ी चुनौती का काम होगा।

ABVP अधिवेशन : मालवा प्रांत कार्यकारिणी में रतलाम के 7 कार्यकर्ताओं को जगह, विनोद सिरोही होंगे संगठन मंत्री

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का 69वां राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में पूरा हुआ। चार दिवसीय इस अधिवेशन में देश के ग्रह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय अधिवेशन में मालवा प्रांत की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। मालवा प्रांत की इस नवीन कार्यकारिणी में रतलाम जिले के 7 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। प्रांत की नवीन घोषणा के बाद विनोद सिरोही को रतलाम जिला संगठन मंत्री के तौर पर भेजा गया है। कार्यकारिणी में कु. रागिनी यादव को प्रांत सहमंत्री, प्रोफेसर रक्षित मेहता को प्रांत सहप्रमुख (सविष्कार), कु. अंजू सूर्यवंशी प्रांत सहसंयोजक (एसएफएस) एवं रतलाम के विवेक पालीवाल, कु. माही शर्मा, जावरा के सत्यम दवे, व आलोट के जतिन दायमा को प्रांत कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।

डीन की पिटाई! : मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स व डीन के बीच विवाद, डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता पर लगाए शराबखोरी जैसे गंभीर आरोप

कॉलेज के डॉक्टरो ने किया आज से काम बंद का एलान!क्या है पूरा मामला ?, देखे वीडियो… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम का शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज (GMC) एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां डॉक्टर्स और कॉलेज के डीन के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जिन डॉक्टर्स पर मारपीट का आरोप लगा है वो जीएमसी में प्रोफेसर है जो स्टूडेंट्स को पढ़ाते भी है। आपको बता दे कि जीएमसी डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता का विवादों से पुराना नाता रहा है। चाहे वो रतलाम हो या पहले के उनके कार्यकाल वाले अन्य जिले। मंगलवार रात एक ऐसा ही मामला सामने आया। डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता अपनी पत्नी डॉ. रेखा गुप्ता के साथ औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे। जहां डीन ने आरोप लगाया है की डॉक्टर्स ने उनके घर में घुसकर मारपीट की। वहीं दूसरी और डॉक्टरों ने भी थाने पहुंचकर डीन के खिलाफ आवेदन दिया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने डीन पर शराब के नशे में रहने के गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही आवेदन में बातचीत के दौरान गाली-गलौच व जाति सूचक शब्दों की बात भी कही। हालांकि पुलिस ने मामले में डीन डॉ. गुप्ता की और से एफआईआर दर्ज की है। जिसमें डॉ प्रवीणसिंह बघेल, डॉ शैलेंद्र डावर व डॉ शैलेंद्र चौहान के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 294, 323, 506 व 34 में अपराध दर्ज किया है। वहीं डॉक्टरो की और से पुलिस ने शिकायती आवेदन लिया है। घटना से गुस्साए डॉक्टरों ने बुधवार से हड़ताल की सूचना जारी कर काम बंद करने का एलान कर दिया है। डॉक्टरों ने डीन जितेंद्र गुप्ता को हटाने की मांग शासन के सामने रख दी है। जिससे अब मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दोनों पक्षों की कहानी, कौन सही कौन गलत?मामले में एक पक्ष मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का है जो वहां प्रोफेसर भी है और इलाज भी करते है। एसोसिएशन के डॉ. प्रवीण बघेल ने बताया की हमारे साथी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राहुल मैडा की पत्नी की डिलवरी हुई। उनकी पत्नी के इलाज में लापरवाही व अव्यवस्था बरती जा रही थी। जिसको लेकर वे डीन गुप्ता के पास पहुंचे। जहां डीन ने शराब के नशे में गाली दी और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस दौरान उन्होंने महिला डॉ. रंजीता अस्के के साथ भी अभद्रता की। अव्यवस्था व डीन के भेदभावपूर्ण रवैय्ये के कारण राहुल मैडा को उनके 8 घंटे के नवजात शिशु व पत्नी को लेकर निजी अस्पताल जाना पड़ा। एसोसिएशन के लोगों ने यह भी आरोप लगाया की प्राइवेट रूम में शिफ्ट करने के बाद डॉ. राहुल मैडा की पत्नी का इलाज ना करने को लेकर डीन गुप्ता ने नर्सिंग स्टाफ पर दबाव बनाया और अब झूठी एफआईआर करवा रहे है। दूसरी और डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता का कहना है की डॉ. राहुल मैडा की पत्नी की डिलवरी हुई थी। विभाग प्रमुख डॉ. सचिन डावर ने खुद की मर्ज़ी से ऐसे वार्ड में शिफ्ट किया जो 1 साल से कोविड के बाद बंद है। जब इसकी जानकारी मिली तो उन्हें गायनिक वार्ड में शिफ्ट होने को कहा गया क्योंकि वो स्थान असुरक्षित है। इतनी ही बात थी जिसके बाद में घर आ गया। में घर पर था तभी बेल बजने पर दरवाजा खोला तो डॉ. प्रवीण बघेल व अन्य लोग आए और मुझे गाली देते हुए मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने आई पत्नी के साथ भी उन्होंने अभद्रता की। यह लोग शुरू से मेरे पीछे पड़े है। शराब के नशें में रहने के आरोप गलत है।