MP News: चोरी की शंका में दलित युवक को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, चार आरोपी गिरफ्तार

मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था पीड़ित, रात में पैदल अपने गांव जा रहा था तभी उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा… रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक दलित युवक को पेड़ से बांधकर क्रूरता से पीटा गया। ताल थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव के रहने वाले श्रवण पिता केशूराम (चंद्रवंशी) के साथ यह बर्बरता की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (MP News) घटना 16 सितंबर की रात की है, जब श्रवण मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था। जिले के ताल में बस से उतरने के बाद वह पैदल अपने गांव नासिरगंज जा रहा था। रात के समय उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा। इस बीच टुंगनी गांव के कुछ ग्रामीणों ने उसे चोर समझ लिया। श्रवण ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसकी बातों को नजरअंदाज करते हुए उसे पेड़ से बांध दिया और लकड़ियों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। जांच में पता चला कि आरोपी दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा ने श्रवण को पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की थी। श्रवण के पिता केशूराम की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक के हाथ-पैर हुए फ्रैक्चर मारपीट में श्रवण के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। श्रवण मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है, लेकिन इस घटना ने उसकी जिंदगी में त्रासदी ला दी है। ताल थाना पुलिस ने आरोपियों दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 126(2), 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2)VA के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस क्रूरता की निंदा कर रहे हैं। स्थानीय समाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।

मानवता का “मर्डर” : मां को बनाना चाहता था अपनी हवस का शिकार, इसलिए 10 माह की मासूम बच्ची को उठा कर ले गया दरिंदा दशरथ

रोती – बिलखती मासूम का मुंह दबाकर कुंए में फेंका शव…. सजा – ए – मौत की उठी आवाज! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिला मुख्यालय के कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी से 17 अगस्त की रात एक 10 माह की मासूम के अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी थी। जिसके बाद पूरा पुलिस फोर्स अलग – अलग एंगल से बालिका को ढूंढने में जुट गया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बगैर किसी सुराग के आरोपी तक पहुंचने की थी। आरोपी पुलिस के सामने ही था। मगर पुलिस के पास पर्याप्त सुराग नहीं होने से वह केवल रडार पर था। रतलाम पुलिस की अथक मेहनत और खोजी कुत्ते की एक निशानदेही ने आरोपी दशरथ के कारनामें को उजागर कर दिया। पुलिस पहुंचती उसके चंद घंटे पहले वह फरार हो चुका होता है। रतलाम पुलिस ने तत्तपरता से आरोपी को अन्य राज्यों में ढूंढने के प्रयास कर दिए। एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया, जिसे अब सलाखों के पीछे धकेल दिया। पुलिस सहित समाज को मलाल इसी बात का है की नन्हीं मासूम जीवित नहीं रही। दरिंदे दशरथ ने 10 माह की बच्ची जो ठीक से शायद अपनी मां की पहचान ही जानती थी, उसे दुनियां देखने से पहले ही मौत की नींद सुला दिया। इस पूरे मामले ने आज मानवता की हत्या की है। ऐसी नीच और ओच्छी मानसिकता आखिर समाज में कहां से व्याप्त हो रही है? यह विचार करने का एक गंभीर विषय है। पूरा समाज आज क्रोधित है और आरोपी दशरथ के खिलाफ जल्द से जल्द “सजा – ए – मौत” चाहता है! गौरतलब है की प्रेमा पति मुकेश उर्फ राकेश खारोल निवासी ग्राम उपरवाड़ा करीब एक साल से कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी में अपने मायके में थी। डिलेवरी के पहले वह अपने मायके आई थी। डिलेवरी के बाद से वह मायके में ही थी। पति मिलने आता जाता था। 17 अगस्त की रात प्रेमा घर में अपनी बच्ची तनु के साथ सो रही थी। रात 11 से 12 बजे के बीच मां प्रेमा की नींद खुली तो बच्ची पास में नहीं थी। घर का अंदर से दरवाजा बंद था। खिड़की खुली हुई थी। रात में ही बच्ची के पिता को सूचना दी। गांव में भी बच्ची के गायब होने पर हड़कंप मच गया। रात में पुलिस को सूचना दी। बच्ची को तलाश किया, लेकिन नहीं मिली। जिसके बाद रतलाम एसएसपी राहुल लोढा ने मौके पर पहुंचकर गंभीरता से इस मामले की छानबीन के लिए टीम को लगाया। जिसके बाद परत दर परत मामला खुलता गया और पुलिस ने लसुडिया नाथी निवासी आरोपी दशरथ पिता रामलाल कटारिया (23) को गिरफ्तार किया। दशरथ का बच्ची के पड़ोस में ही घर है, जिसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसका दो साल का एक बेटा भी है। पूरे मामले के खुलासे में एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी शक्तिसिंह व कालूखेड़ा टीआई नीलम चौंगड़ की विशेष भूमिका रही। बच्ची को उठाया, ताकी मां के साथ…एसएसपी राहुल लोढा के अनुसार सख्ती से पूछताछ के दौरान आरोपी दशरथ ने बताया की बच्ची की मां यानी प्रेमा पर उसकी बुरी नजर थी। आरोपी दशरथ की पत्नी राखी के लिए 16 अगस्त को गई थी। 17 की रात वह पड़ोसी महिला के घर में खिड़की से गलत नियत से घुसने की फिराक में था। खिड़की के पास उसने बाहर से मां के पास सो रही बच्ची को उठा लिया। उसकी मंशा थी की बच्ची को उठाकर ले जाने से मां उसे ढूंढते हुए बाहर निकलेगी और वह उसका फायदा उठाकर महिला के साथ गलत कार्य कर सके। लेकिन बच्ची को उठाते ही वह रोने लगी तो उसने उसका मुंह हाथ से दबा दिया। इसी बीच बच्ची के मामा मौसी उठ गए और मां भी जाग गई। सभी बच्ची को ढूंढने लगे। आरोपी को जब लगा की मुंह दबाने से बच्ची मर गई है, तो उसने जुर्म छुपाने के लिए घर के पीछे कुछ दूरी पर स्थित कुंए में फेंक दिया। स्निफर डॉग से हाथ लगा सुरागएसएसपी ने बताया घटनास्थल की जांच के लिए साइबर और रेडियो टीम के हाथ भी कुछ नहीं लग रहा था। 200 से अधिक सीसीटीवी छाने, जावरा के प्रत्येक थाने और चौकी के प्रभारी को काम पर लगा दिया गया। गांव के एक – एक घर की तलाशी लेने के साथ सभी से पूछताछ जारी रखी गई। मानव तस्करी के एंगल से जांच को शुरू किया और बांछड़ा डेरो पर कड़ी निगरानी रखी गई। इतना सबकुछ करने के बाद भी नाकाफी सा लग रहा था। आरोपी जिस रास्ते से गया वहां तीन कैमरा थे मगर 2 रास्ते के कैमरा सही थे और उसी रास्ते का कैमरा खराब था जहां से आरोपी गुजरा। मामले में डॉग स्क्वाड को बुलाकर स्निफर डॉग (खोजी कुत्ता) की मदद ली गई। बच्ची के मकान से डॉग 3 किलोमीटर दूर चिकलाना में एक मकान तक पहुंचा। दूसरी बार फिर डॉग को फॉलो किया तो वापस वहीं जाकर डॉग रुक गया। जहां डॉग रुक रहा था वहां शराब मिलती है। पूछताछ में दशरथ कटारिया का नाम सामने आया। इस आधार पर दो बार उससे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यहां तक कि आरोपी बच्ची की तलाश में गांव के लोगों के साथ भी में रहा। जब दशरथ पर शक गहराया और सुराग हाथ लगा तब तक वह फरार हो गया। जिसे ढूंढने के लिए अलग – अलग टीमें बनाई। अपने ससुराल जाकर छुपा था आरोपीआरोपी दशरथ पुलिस से बचने के लिए राजस्थान के प्रतापगढ़ में हथूनिया गांव के एक सूने मकान में छुपकर रहने लगा था। रतलाम पुलिस को जांच में जब इसके ऊपर शंका हुई तो पुलिस ने कालूखेड़ा, मंदसौर, नीमच, प्रतापगढ़ के कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी कहीं नहीं मिला। रतलाम पुलिस ने राजस्थान पुलिस को भी जानकारी दी। इस बीच रविवार दोपहर को हथुनिया थाने के कांस्टेबल सुरेश मीणा को सूचना मिली कि आरोपी एक सुने झोपड़ीनुमा मकान में छिपा है। कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, तो दशरथ ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। कांस्टेबल मीणा की मदद से उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद रतलाम पुलिस को … Read more

भरोसे का घोंटा गला : बुजुर्ग दंपत्ति ने जिस किराएदार को रखा बेटे जैसा, उसी ने घर का ताला तोड़ किया लाखों रुपयों पर हाथ साफ

12 घंटे में माणक चौक पुलिस ने किया चोरी का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के माणक चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ उसी के किराएदार ने विश्वासघात कर दिया। पति – पत्नी दोनों की कोई संतान नहीं होने से किराएदार को ही उन्होंने अपना बेटा माना और उसे बेटे की तरह रखा। लालची किराएदार ने भरोसे का गला घोंटते हुए दंपत्ति के बंद घर में ताला तोड़ चोरी को अंजाम दे दिया। यह पैसा कैंसर के इलाज के लिए जमा किया हुआ था। माणक चौक थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 12 घंटे में आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान (27) निवासी मौलाना आजाद नगर (हालमुकाम लक्ष्मी नगर) को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना में जुटी माणकचौक थाने की पुलिस टीम को पुरुस्कार की घोषणा की गई है । गुरुवार को नवीन कंट्रोल रूम पर प्रेस वार्ता में एएसपी राकेश खाखा ने वारदात का खुलासा किया। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे, माणक चौक थाना प्रभारी रणजीत सिंगार मौजदू रहे। एएसपी राकेश खाखा ने मीडिया को बताया की लक्ष्मी नगर निवासी महिला मुकर्रम पति शेर खां मेव ने थाने में शिकायत कर बताया की वह मंगलवार/बुधवार की रात्री में अपने कैंसर से पीड़ित पति शेर खान के इलाज के लिए उसे अस्पताल ले गई थी। जहां उसे भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा था। घर में दोनों पति पत्नी के अलावा कोई भी नहीं था इसलिए उसने घर पर ताला लगाया हुआ था। उसी दौरान उसके सुने मकान मे कोई अज्ञात बदमाश 4 लाख 35 हजार रुपये नगदी एवं सोने की एक अंगुठी तथा चांदी के छोटे छोटे जेवर जिनकी किमत करीब 90 हजार रुपये है। इस तरह कुल 5 लाख 25 हजार रुपये घर व गोदरजे का ताला तोड़ कर चुरा ले गया। फरियादी महिला की शिकायत पर थाना माणकचौक पर अपराध क्रमांक 323/24 धारा 457,380 पंजीबद्ध कर पुलिस ने जांच शुरू की। जिसमें 12 घन्टे के भीतर ही पुलिस को सफलता मिली और आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान जो की महिला का किराएदार था उसे गिरफ्तार कर लिया गया। खुद आरोपी ने महिला को दी सूचनाआरोपी किराएदार सोहेल फरियादी महिला मुकर्रम खान के मकान में 6-7 माह से किराए से रह रहा था। आरोपी सोहेल शादीशुदा है और अपने घर से अलग किराए के मकान में रह रहा था। जब उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया तब उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। वह घर पर अकेला था। महिला की कोई संतान नहीं होने से उसने सोहेल को बेटे की तरह रखना शुरू कर दिया। जिससे सोहेल को उसके घर में रखी नगदी व जेवर की जानकारी लग गई। आरोपी ने ताला तोड़कर घर में हाथ साफ किया। जिसके बाद पुलिस व महिला को बरगलाने के लिए चोरी की घटना के बारे में बताया। जिससे वह संदेह के घेरे में ना आए। पुलिस ने जब मौके पर छानबीन की तो पड़ोसी की छत से नगदी व सामान मिला। जिससे यह लगे कि पड़ोस की छत और उसके पास के नाले से चोर घर में घुसे हो। लेकिन पुलिस को यहां पर संदेह हुआ और सोहेल से सख्ती से पूछताछ की। फिर उसने सब कुछ कबूल कर लिया। आरोपी सोहेल लोहे की अलमारी बनाने का काम करता है।मामले में पुलिस टीम के एएसआई बसील गणावा , प्रआर नारायणसिंह जादौन, दिलीपसिंह रावत, अमिचंद सिगारे, आरक्षक रणवीर सिंह , गोविन्द गेहलोत, विरेन्द्र बारोड, संदीप शर्मा, अशरफ खान कि महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अवैध संबंध, हत्या और खुलासा! : विवाहित महिला के दूसरे संबंधो से नाखुश था प्रेमी संतोष, गला घोंटकर लाश फेंकी थी नदी में

लापता महिला रचना उपाध्याय की लाश करवड़ में मिलने का मामला, पुलिस ने किया खुलासा पब्लिक वार्ता -रतलाम,जयदीप गुर्जर। 23 मई को थाना औद्योगिक क्षैत्र रतलाम पर वर्धमान नगर निवासी भगवतीलाल उपाध्याय अपनी पत्नी रचना उपाध्याय उम्र39 वर्ष की गुमशुदगी दर्ज करवाने पहुंचता है। 6 दिन बाद झाबुआ के करवड़ में माही नदी में में एक शव बरामद होता है। जिसकी सूचना रतलाम पुलिस को दी जाती है। जिसके बाद रचना के परिजनों को सूचना देकर बुलाया जाता है और शव की पहचान कराई जाती है। शव पानी में रहने के कारण सड़ गल चुका होता है। शरीर पर बने टेटू और कपड़ों से महिला की शिनाख्ती की जाती है। इसके बाद पुलिस मामले में हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश में जुट जाती है। पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंचती है और सोमवार को इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा होता है। मृतिका महिला रचना उपाध्याय की एक 19 वर्षीय बेटी व 13 वर्ष का बालक है। महिला के आरोपी के साथ अवैध संबंध होना सामने आए है। एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। हत्या के मुख्य आरोपी हाकिमवाड़ा निवासी संतोष पिता श्यामलाल राव उम्र 39 वर्ष व उसका साथ देने वाले दोस्त चिंगीपुरा निवासी सलमान पिता मोहम्मद एहसान उम्र 32 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी संतोष लोडिंग वाहन चलाता है। वहीं उसका दोस्त आरोपी सलमान लोकेंद्र भवन (कान्वेंट तिराहे) स्थित बंगले मुफद्दल विला का चौकीदार है। महिला की हत्या इसी मुफद्दल विला में गला घोंटकर की गई थी। कांफ्रेंस के दौरान एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव वारंगे, औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेंद्र वर्मा मौजूद रहे। प्रेमी का शक, गुस्सा और हत्या!पुलिस के अनुसार हत्या की वजह महिला के अन्य संबंध का शक बना। आरोपी संतोष के करीब 1 साल से महिला के साथ अवैध संबंध थे। इस दौरान उसे महिला के और भी अन्य लोगों के साथ संबंध होने का शक था। इसी बीच आरोपी संतोष अपनी शादीशुदा प्रेमिका रचना से प्यार करने लगा। 23 मई की शाम जब मृतिका संतोष से मिलने मुफद्दल विला पहुंची तो संतोष और महिला विवाद हुआ। विवाद इस बात को लेकर हुआ था की मृतिका रचना आरोपी संतोष मिलने से पहले किसी और से मिलकर उसके पास आई थी। संतोष ने शक में मृतिका रचना से विवाद किया और गुस्से में आकर गला दबा दिया। जिससे रचना अचेत हो गई। जानकारी के अनुसार 23 मई को दोपहर 4 बजे करीब रचना अपने ससुराल से मायके जाने का कहकर स्कूटी से निकली थी। रचना का मायका रतलाम में ही श्रृंगी नगर में है। रचना के परिवार वाले उस दिन हरिद्वार गए हुए थे। टेप से पैक की लाश, लोडिंग में डालीविवाद के दौरान जब संतोष ने रचना का गला दबाया तो वह अचेत हो गई। जिसके बाद उसने बंगले के चौकीदार अपने दोस्त सलमान को बुलाया और दोनों ने रचना को पानी छिड़क कर होश में लाने की कोशिश की। लेकिन तब तक रचना का शरीर ठंडा पड़ चुका था। दोनों ने मिलकर अब लाश ठिकाने लगाने की कोशिश शुरू कर दी। संतोष लोडिंग वाहन लेकर बंगले के अंदर आया। बंगले में लोडिंग खड़ी की, इसके बाद दोनों आरोपी महिला की स्कूटी से खाचरौद (उज्जैन) पहुंचे। रास्ते में स्कूटी की नंबर प्लेट निकालकर फेंक दी। महिला का मोबाइल भी तोड़कर रास्ते में फेंक दिया। स्कूटी को खाचरौद के उज्जैन गेट पर खड़ी कर वापस रतलाम लौट आए। आरोपियों ने महिला के शव को पुस्टे में टैप लगाकर पैक किया। आरोपियों ने महिला के शव को ठीक उसी तरह पैक किया जैसे कोई डिलवरी का सामान किसी लोडिंग में पैक कर पहुंचाया जाता है। संतोष शाम 7 बजे करीब महिला को लेकर बंगले मुफद्दल विला में घुसा था। जिसकी जानकारी उसके चौकीदार दोस्त सलमान को थी। महिला के शव को पैक कर दोनों ने लोडिंग में डाला और 40 किलोमीटर दूर करवड़ जाकर नदी में फेंक दिया। मशक्कत के बाद पुलिस के हाथ आएमृतिका रचना की गुमशुदगी से लेकर हत्या के दिन तक के करीब 150 से अधिक सीसीटीवी फूटेज को पुलिस ने खंगालना शूर किया। 23 मई की शाम महिला को संदेही संतोष के साथ नगर निगम के यहां देखा गया। जिसके बाद आरोपी संतोष को लगातार ट्रेस किया गया। आरोपी उसे बंगले में ले जाते हुए भी ट्रेस हुआ। पुलिस ने तुरंत संतोष की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने महिला के साथ अवैध संबंधो को स्वीकार किया और हत्या करने की वजह बताई। आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को पहले खूब दिमागी कसरत करना पड़ी। उसके बाद इनकी गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस को इधर – उधर खूब घूमना पड़ा। पुलिस की टीम जिसकी सराहनीय भूमिकाएसपी ने इस मामले को चिंहित अपराध में दर्ज किया। 10 हजार का इनाम भी पूर्व में घोषित किया। हत्या के इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने में थाना औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेन्द्र वर्मा, एसआई सत्येन्द्र रघुवंशी, अमित शर्मा सायबर सेल, एएसआई बबलू डागा, इशाक खान, प्र.आर. नीरज त्यागी, राहुल जाट, तपेश गोसाई, बलराम पाटीदार, मनमोहन शर्मा, हिम्मत सिंह, आरक्षक कपिल, लखन, अर्जुन खींची, मोहन पाटीदार, अभिषेक पाठक, दुर्गालाल गुजराती, कान्हा मेघवाल, राजेश प्रजापति, विपुल भावसार, चालक संजय एवं सीसीटीवी शाखा से एएसआई राजा तिवारी, प्र. आर. शान्तिलाल डिंडोर, आरक्षक पारस चावला, लखन धभाई की सराहनीय भूमिका रही।

मौत का पूल : डॉल्फिन स्विमींग पूल के संचालक विजयशंकर पांडेय सहित 2 पर हुई FIR, मामला 10 दिन पहले युवक के डूबने का

बगैर परमिशन और सुरक्षा संसाधनों के खुलेआम संचालित हो रहे जिले में और भी वाटर पार्क और स्विमिंग पूल पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के सैलाना रोड स्थित डॉल्फिन स्विमिंग पूल में 10 दिन पहले एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।मामले में पुलिस ने अपनी जांच के बाद स्विमिंग पूल के संचालक, ट्रेनर और मृतक के दोस्त के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। आपको बता दे 19 मई की दोपहर करीब 4 बजे अनिकेत (18) पिता दिनेश तिवारी निवासी पटेड़ा थाना मौरावा (जिला उन्नाव उत्तरप्रदेश) हाल मुकाम ब्राह्मणों वास अपने तीन दोस्तों पीयूष पिता प्रवीण, हर्ष पिता गणेश और तुषार पड़ियार लोहार रोड के साथ डॉल्फिन स्विमिंग पूल गया था। वह पूल से बाहर आकर बैठा ही था कि एक अन्य युवक के छलांग लगाने के दौरान अनिकेत के चेहरे पर पैर टकरा गया। इससे अनिकेत पानी से भरे पूल में गिर गया। पानी में गिरने के बाद डूबने से उसकी मौत हो गई। वहां पर ट्रेनर भी खड़े रहते हैं, लेकिन युवक की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो जाती है। करीब 6 मिनट 20 सेकंड बाद उसे बाहर निकाला जाता है। तब तक उसकी मौत हो जाती है। थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मामले में जांच के बाद स्विमिंग पुल संचालक विजय शंकर पांडे पिता ओमप्रकाश पांडे, ट्रेनर कमल टाक पिता फूलचन्द्र टाक निवासी कोमलनगर रतलाम एवं दोस्त पीयूष कुमावत पिता प्रवीण कुमावत निवासी ब्राह्मणों का वास के खिलाफ 304 ए, 34 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों की लापरवाही से अनिकेत की मौत डूबने से मौत हुई है। बगैर परमिशन और ट्रेनिंग के हो रहा संचालन!घटना के बाद जब पुलिस ने जांच की तो यह तथ्य सामने आए की डॉल्फिन का संचालक विजय शंकर पांडेय बगैर नगर निगम की अनुमति के पूल संचालित कर रहा था। यहां तक की उसके यहां जो ट्रेनर या सेफ्टी गार्ड थे उनके पास भी ट्रेनिंग कोर्स संबंधि कोई सर्टिफिकेट नहीं था। इसके अलावा जिले में संचालित अन्य वाटर पार्क व स्विमिंग पूल भी बगैर अनुमति या सेफ्टी संसाधनों के संचालित हो रहे है। जिनके सुरक्षा मानकों की जांच भी बहुत जरूरी है। युवक की मौत के बाद प्रशासन ने डॉल्फिन के अलावा अन्य संचालित वाटर पार्क या पूल की जांच निर्देश नहीं दिए है। सभी वाटर प्ले जोन मनमर्जी के मुताबिक और बगैर सेफ्टी के संचालित किए जा रहे है।

अजीब मामला : बाप ने किया अपने ही 4 साल के बेटे का अपहरण, मां ने थाने में करवाई एफआईआर

सीसीटीवी में कैद हुआ घटनाक्रम, देखिए वीडियो… पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में एक बाप द्वारा अपने ही 4 साल के बेटे का अपहरण करने का मामला सामना आया है। घटना के बाद मां ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वहीं बेटे को उठाकर ले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिला है। घटना 5 दिन पहले यानी 22 अप्रैल की है। रतलाम के ग्राम जुलवानिया निवासी यशोदाबाई (21) पिता जगदीश डाबी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। उसने पुलिस को बताया कि कि मेरी शादी 2017 में सरवनी जागीर के सोनू पिता नानूराम गिरवाल से हुई थी। मेरे दो बेटे हैं। 4 साल का नागेश्वर और 2 साल का निहाल। तीन महीने पहले पति सोनू ने किसी दूसरी युवती को लेकर यहां से चला गया। इस कारण मैं अपने बच्चों को लेकर मायके जुलवानिया आ गई। 22 अप्रैल को मेरी छोटी बहन अनिता की शादी का कार्यक्रम चल रहा था, इसलिए मैं व्यस्त थी। मेरा बड़ा बेटा नागेश्वर दोपहर ढाई बजे बजे घर के पास में ही जाट बा की दुकान पर पेप्सी लेने गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। दोपहर 4 बजे जब नागेश्वर नहीं दिखा तो हमने उसकी तलाश शुरू की। जाट बा की दुकान के सीसीटीवी कैमरे देखे तो पता चला कि मेरा पति सोनू ही उसका अपहरण कर ले गया है। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मेरा पति सोनू एक साथी के साथ बाइक लेकर जाट बा की दुकान के सामने आया। यहां पति का साथी बाइक से उतरा और नागेश्वर को जबरन उठाकर बाइक पर बैठा लिया। इस तरह मेरा पति और उसका साथी मेरे बेटे नागेश्वर का अपहरण कर ले गए। हमने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज दिए हैं।    बेटा मांगा, नहीं दिया तो उठा लियापेशे से ड्राइवर सोनू गिरवाल का कहना है कि पहली पत्नी यशोदा की रजामंदी से ही मैंने दूसरी शादी की। दो बेटों में से एक को मेरे साथ रखने के लिए यशोदा को कई बार कॉल किया लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इसलिए मैं ही उसे उठाकर ले गया। यशोदा के भाई अंबाराम ने बताया कि सोनू मेरी बहन पर झूठा आरोप लगा रहा है। टीआई राजेंद्र वर्मा ने बताया कि बच्चे के पिता और उसके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आपसी रंजीश या प्रेम प्रसंग? : रतलाम के जिलाबदर बदमाश राहुल बम की धार में हत्या, कई संदिग्ध पुलिस हिरासत में

पब्लिक वार्ता – रतलाम/धारजयदीप गुर्जर। रतलाम जिले के जिला बदर बदमाश की लाश धार में मिलने से सनसनी फैल गई। धार जिले के कानवन थाना क्षेत्र के लेबड़ नयागांव फोरलेन के समीप गांव खजुरिया फाटे के पास सड़क किनारे बुधवार सुबह रतलाम से जिला बदर राहुल उर्फ बम दरबार उर्फ बबलू पिता हिरादास बैरागी का शव मिला। शव मिलने के बाद से हत्या की आशंका जताई जा रही है। धार पुलिस ने शव मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हत्या के एंगल पर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो उनके पास अहम सुराग लगे है। रंजीश या प्रेम प्रसंग युवक की हत्या की वजह बन सकता है। पुलिस ने इस संबंध में रतलाम से कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है। जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की संभावना है। कानवन थाना प्रभारी रामसिंह राठौर के अनुसार अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पहुंची। जिसके बाद शव की शिनाख्त रतलाम के जिलाबदर गुंडे राहुल बम उर्फ बबलू  पिता हिरादास बैरागी के रूप में हुई थी। उसके दाहिने हाथ पर हिंदी में मां एवं अंगूठे के पास अंग्रेजी में बीके लिखा था। इसी हाथ पर महाराणा प्रताप का टैटू व छाती में हिंदी में मर्द लिखा था। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पीएम के लिए बदनावर सिविल हॉस्पिटल भेजा था। पीएम में मृतक राहुल के गले और शरीर के अन्य भागों में गभीर चोट के निशान पाए गए। प्रारंभिक पीएम रिपोर्ट के अनुसार स्पष्ट है कि रतलाम से जिलाबदर बदमाश राहुल बम की मंगलवार रात में हत्या कर शव को मौके पर लाकर फेंक दिया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए रतलाम ले गए। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। लिस्टेड गुंडा है राहुल उर्फ बम दरबार, इंदौर में रहता थापुलिस की प्रारंभिक जांच में रंजिश के चलते हत्या की जानकारी सामने आ रही है। मृतक राहुल उर्फ बम दरबार जिलाबदर होने के बाद इंदौर में रह रहा था। पुलिस के अनुसार मृतक राहुल उर्फ बम रतलाम के दीनदयाल नगर पुलिस स्टेशन का निगरानीशुदा बदमाश था। लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण रतलाम कलेक्टर ने उसे छह माह के लिए जिलाबदर किया था। इस वजह से वह वर्तमान में इंदौर में रह रहा था। सूत्रों की माने तो राहुल बम शादीशुदा था और इसी बीच उसका प्रेम प्रसंग कहीं और भी चल रहा था। वहीं मृतक राहुल बम मारपीट, वसूली, जानलेवा हमले जैसे कई गंभीर मामलों में आरोपी भी रहा है। जिससे उसकी कई लोगो से रंजीश भी थी। हालांकि पुलिस का दावा है की वह जल्द ही मामले का खुलासा करेगी। मृतक इंदौर से धार कैसे आया? आरोपी तक वह कैसे पहुंचा? और कैसे उसकी हत्या हुई है? इन सभी बिंदुओ पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने रतलाम शहर से करीब 4 से 5 संदिग्धों को दबोचा भी है।

ट्रेन में चोरी : आरपीएफ जवान मेवालाल यादव की सतर्कता से पकड़ में आया चोर, महिला यात्री के करीब 6 लाख के सामान पर किया था हाथ साफ

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्टेशन के प्लेटफॉर्म 5 पर बुधवार रात 2.30 बजे के करीब ट्रेन में सवार महिला यात्री का पर्स चोरी होने की घटना सामने आई। जिसके बाद यह सूचना आरपीएफ जवान मिली और वह हरकत में आया। जवान ने बिना देरी किए सर्चिंग की और चोर को पकड़ लिया। दरअसल शांति एक्सप्रेस के ऐसी कोच बी-3 में सवार महिला का पर्स चोरी कर रतलाम प्लेटफॉर्म पर उतरे आरोपी चोर को आरपीएफ जवान मेवालाल यादव ने सूझबूझ से धरदबोचा। महिला के पर्स में गहने, नगदी व मोबाइल सहित 6 लाख रुपए से अधिक का सामान था। जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 19309 शांति एक्सप्रेस रात 2 बजे रतलाम आकर रवाना हुई। इसमें सवार महिला यात्री को अपना लेडिस पर्स नहीं मिला। चोरी की आशंका होने पर घबराई महिला ने इसकी जानकारी नागदा आरपीएफ को दी। जिसके बाद हरकत में आई आरपीएफ ने वायरलेस सेट पर रतलाम में प्लेटफार्म पर तैनात जवान मेवालाल यादव को इसकी जानकारी दी। यादव ने तुरंत सर्चिंग शुरू की और चोर को पकड़ लिया। चोरी करने वाला आरोपी रूपेश उर्फ पिंटू नागर पिता ओमप्रकाश नागर (40 वर्ष) निवासी अमृत नगर, पंवासा, जिला-उज्जैन का रहने वाला है। जिसके बाद आरपीएफ ने मामला रतलाम जीआरपी के सुपुर्द किया। जीआरपी ने मामले में 6 लाख17 हजार रूपयेे चोरी का आंकलन कर महिला यात्री के परिजन जीतू निवासी अहमदाबाद की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। यादव की सूझबूझ से ऐसे धराया चोरजब ट्रेन रतलाम आई थी तब प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ड्यूटी में तैनात आरपीएफ पोस्ट के कांस्टेबल मेवालाल यादव कोच चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान कोच अटेंडेंट ने बताया कि सिग्नल होते ही एक आदमी जल्दबाजी में उतरकर तेजी से चलता बना। ट्रेन निकलने के बाद जवान यादव प्लेटफॉर्म पर सर्चिंग कर ही रहे थे कि नागदा से सूचना आई कि रतलाम ट्रेन ठहरने के वक्त ऐसी कोच से पर्स चोरी हुआ है। आशंका पुख्ता होने के बाद कोच अटेंडेंट के बताए हुलिए के मुताबिक जवान यादव ने सभी सफाई कर्मचारीयों को प्लेटफॉर्म पर जुटाया। तब एक व्यक्ति प्लेटफॉर्म के आखरी छोर पर बैठा हुआ दिखाई दिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से लेडीज पर्स मिला।पूछताछ में ठीक से जवाब नहीं देकर गुमराह करता रहा। जिसके बाद उसे आरपीएफ़ पोस्ट रतलाम पर ले जाया गया। जहां उप निरीक्षक सतीश तंवर व सहायक उप निरीक्षक महेंद्र सिंह द्वारा सख्ती से पूछताछ की। तब आरोपी ने अपना नाम रूपेश उर्फ पिंटू नागर पिता ओमप्रकाश नागर बताया और चोरी की घटना कबूली। आरपीएफ ने उसके पास से मिले लेडीज पर्स की जांच की तो उसमें एक मोबाइल वीवो कंपनी, अंदर रखा एक छोटा पर्स जिसमें 6,900 रुपए नगदी, एक सोने की डायमंड लगी चैन, एक सोने की डायमंड लगी अंगूठी मिली।

अंधे कत्ल का पर्दाफाश : सेना का जवान निकला नर्सिंग छात्रा का हत्यारा, प्रेम प्रसंग के दबाव में आकर की हत्या

पुलिस ने जम्मू – कश्मीर से किया गिरफ्तार, आरोपी की पत्नी भी है शामिल! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले के ढोढर में हुई नर्सिंग छात्रा की जघन्य हत्या का खुलासा पुलिस ने 9 दिन बाद किया। गौरतलब है की 2 अप्रैल को ढोढर के समीप फोरलेन स्थित रुपनगर फंटे से अंदर एक खेत में अर्धनग्न युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच की तो पाया कि युवती की गला रेत कर हत्या की गई है। 5 दिनों तक युवती की शिनाख्ती के काफी प्रयास किए गए मगर कोई सफलता नहीं मिली। 5 दिन बाद 6 अप्रैल को  परिजन युवती को ढूंढते हुए रतलाम आए तब जाकर युवती की शिनाख्त हुई।  युवती रतलाम में किराये के मकान में अकेली रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस ने परिजनों के सामने आने के बाद शव को गड्डा खोदकर वापस निकाला है। पुलिस ने हत्या के इस जघन्य कांड में सेना के जवान पिंटुसिंह पिता कालूसिंह राजपूत निवासी ग्राम कोठड़ी को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपी पिंटुसिंह की पत्नी शीतल अभी फरार है। जिसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। एसपी राहुल लोढा ने बताया की ढोढर के समीप युवती की गला रेतकर हत्या की गई थी। जिसकी शिनाख्त सविता (20) पिता भरतसिंह राठौर के रूप में हुई। शिनाख्ती के बाद पुलिस सीसीटीवी कैमरे और कॉल डीटेल्स की मदद से आरोपी तक पहुंची। आरोपी पिंटु सिंह हत्या करने के बाद नागदा से ट्रेन पकड़कर अपनी ड्यूटी करने जम्मू कश्मीर पहुंच गया था। जहां से टीम ने इसे गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया की मृतिका के साथ उसका प्रेम प्रसंग का संबंध 3 साल से था। संबंध रहते हुए उसने जून 2023 में शीतल से शादी की। जिसके बाद मृतिका उसे रेप केस में फंसाने की धमकियां देने लगी और रुपयों की मांग करने लगी। मृतिका सविता और पिंटु सिंह के पारिवारिक संबंध थे। सविता, पिंटू की भुआ की लड़की की लड़की थी। पिंटु सिंह डेढ़ माह की छुट्टी पर अपने गांव आया था। ड्यूटी जाने से पहले उसने मृतिका को बुलाकर हत्या कर दी और शव को फोरलेन पर फेंक दिया। ऐसे दिया घटना को अंजामआरोपी पिंटु सिंह ने 1 अप्रैल को शाम 4 बजे मृतिका सविता को फोन कर के पंचेड़ फंटे पर बुलाया। जहां से उसे अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठाकर उसे रूपनगर फंटे के समीप सुनसान जगह पर ले गया। जहां पहले उसने मृतिका को पीटा और उसके बाद उसका गला रेत कर हत्या कर दी। आरोपी पिंटु घर पहुंचा जहां उसने अपनी पत्नी को घटना बताई। जिसके बाद वह अपनी पत्नी शीतल को लेकर घटनास्थल पहुंचा और साक्ष्य मिटाने के लिए कपड़े उतार दिए और घसीट कर झाड़ियों में डाल दिया। आरोपी पिंटु ने साक्ष्य मिटाने के भरपूर प्रयास किए। हत्या करने के बाद वह ट्रेन से अपनी डयूटी करने जम्मू – कश्मीर के कारगिल की अपनी आर्मी रेजिमेंट में पहुंच गया। परिजन 5 दिन बाद आए थे सामनेदरअसल 2 अप्रैल को ढोढर के समीप फोरलेन स्थित रुपनगर फंटे से अंदर एक खेत में अर्धनग्न युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच की तो पाया कि युवती की गला रेत कर हत्या की गई है। युवती के गले में सोने की चेन, हाथ में अंगूठी व कान में सोने के टॉप्स थे। इससे संभावना जताई गई कि युवती की हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई है। घटना के बाद से पुलिस शव की शिनाख्ती के प्रयास में जुटी हुई थी। शनिवार सुबह उज्जैन जिले के नरेड़ी गांव के धीरेंद्रसिंह पिता भरतसिंह राठौर परिजनों के साथ रतलाम औद्योगिक पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बहन का मोबाइल पिछले चार दिन से बंद है। किराये के घर पर ताला लगा हुआ है। तब पुलिस ने मंगलवार को ढोढर में मिले शव के फोटो परिजनों को दिखाए तो उन्होंने शिनाख्त कर ली। मृतिका का नाम सविता (20) पिता भरतसिंह राठौर है। भाई धीरेंद्रसिंह ने बताया कि उनके पिता नहीं है। बहन रतलाम में राम मंदिर के पीछे सखवाल नगर में अकेली रह कर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। राम मंदिर क्षेत्र स्थित सुप्रीम नर्सिंग एकेडमी पर कोचिंग पर वह जाती थी। पिता का निधन दो साल पहले कोरोना के दौरान हुआ था। घर में मां राजू कुंवर, भाई धीरेंद्र सिंह (18) व एक छोटी 16 वर्षीय बहन है। अधिकांश समय स्विच ऑफ रहता था मोबाइलमृतिका के भाई धीरेंद्र सिंह ने बताया की वह 6-7 महीनों से यहां अकेले रह रही थी। रविवार को आखिरी बार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच उसकी मृतिका सविता से सामान्य बात हुई थी। अगले दिन सोमवार को कॉल किया तो फोन बंद आया। बहन सविता अधिकांश समय मोबाइल स्वीच ऑफ रखती थी।  इसके बाद भी लगातार कॉल किया। लेकिन मोबाइल बंद ही मिला। इसके बाद चिंतित भाई और परिजन शनिवार सुबह रतलाम पहुंचे। औद्योगिक क्षेत्र थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने के दौरान उन्हें पता चला कि उसका शव 2 अप्रैल को ढोढर क्षेत्र में मिला है। मृतिका के मामा गजरासिंह पिता शंभूसिंह ने बताया कि होली पर भानजी सविता घर आई हुई थी। वह रविवार को भानजे धीरेंद्र सिंह के साथ भानजी सविता को रतलाम लेकर आए थे। सुबह 9.30 बजे रतलाम बस स्टैंड पर छोड़ा था। भानजी सविता ने उनसे कहा था कि आपको जाना है तो चले जाओ बाद में आप घर आना। इसके कारण वह उसे बस स्टैंड पर ही छोड़कर वापस चले गए। उसके बाद हत्या की खबर सामने आ गई।

शव मिलने से फैली सनसनी : ढोढर के समीप खेत में मिली अज्ञात युवती की अर्धनग्न लाश, एसपी राहुल लोढा व फोरेंसिक टीम पहुंची मौके पर

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा के ढोढर में महू-नीमच फोरलेन के समीप एक खेत में युवती की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। दोपहर करीब 12 बजे मिले युवती के शव की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। ग्रामीणो की सूचना पर पुलिस और एफएसएल टीम जांच के लिए पहुंची। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवती का शव 12 घंटे पुराना बताया जा रहा है। युवती का गला अज्ञात आरोपियों ने धारदार हथियार से रेता है। मृतक युवती के गले में चेन, अंगुली में अंगूठी के अलावा कान में सोने के टॉप्स भी पुलिस ने पाए हैं। मंगलवार दोपहर फोरलेन स्थित ढोढर अंतर्गत होटल भरत पैलेस और मंगलदास आश्रम के बीच एक खेत में अर्धनग्न अवस्था में युवती की लाश पाई गई। सूचना पर रिंगनोद थाना प्रभारी पातीराम डावरे और चौकी प्रभारी कन्हैया अवास्या ने पहुंच वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी। एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल ने पहुंचकर युवती के घटनास्थल पर जांच की। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. मित्तल ने बताया की मृत युवती के शरीर पर सोने की ज्वैलरी पाई गई थी। उम्र तकरीबन 25 वर्ष के लगभग है। खेत में शव अर्धनग्न अवस्था में था और युवती के शरीर पर सिर्फ अंडरगारमेंट्स ही मिले। शरीर के ऊपर एक खून से सना कुर्ता भी प्राप्त हुआ है। प्रारंभिक रूप से घटनास्थल (जहां युवती का शव प्राप्त हुआ) की बारिकी से जांच की जा रही है। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जावरा अस्पताल भेजा है। क्षेत्र के सीसीटीवी फूटेज के अलावा आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग की जा रही है। जल्द ही युवती की शिनाख्ती के साथ हत्या में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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