पॉलिटिकल ड्रामा : पूंजीपति काश्यप की तारीफ़ों पर उमा को हुआ एतराज!, ट्विटर पर तंज कसने के बाद देना पड़ी सफाई!

पूरे मामले में मंत्री चेतन्य काश्यप ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया, उमा से मिलने पहुंचे उनके घर तो बदले सुर! पब्लिक वार्ता – भोपाल,रतलामजयदीप गुर्जर। हालही में मध्‍यप्रदेश के नवनियुक्त केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्‍यप (Madhya Pradesh Minister Chetanya Kasyap) ने अपनी विधायकी का वेतन भत्ता छोड़ने का एलान कर खूब सुर्खियां बटोरी। जिसके बाद उन्हें केबिनेट भी शामिल किया गया। इतने दिनों बाद अब काश्यप के वेतन नहीं लेने के फैसले पर पूर्व मुख्‍यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) ने एक्‍स हैंडल (ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी है। उमा भारती (Uma Bharti) ने 5 बिंदुओं का एक बड़ा ट्वीट सुबह 10 बजकर 23 मिनट पर किया। यह ट्वीट उमा भारती ने प्रदेश के मुखिया सीएम डॉ मोहन यादव, संगठन के महामंत्री हितानंद शर्मा व बीजेपी के ऑफिसियल हेंडल को टैग किया। उमा भारती का अपनी ही सरकार और उनके नेताओं को घेरने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले वो कई मुद्दों पर शिवराज सरकार को घेर चुकी है। इस बार उन्होंने चेतन्य काश्यप के वेतन भत्ते छोड़ने की बात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तंज कसा। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई। इस मुद्दे पर कई भाजपा नेताओं का दबी जुबान से कहना है की यह कोई विषय नहीं था यह केवल नई सरकार में अटेंशन लेने का एक तरीका था। जैसा कि वह पूर्व में भी कई बार कर चुकी है। हालांकि इस पूरे पॉलिटिकल ड्रामे के बीच मंत्री चेतन्य काश्यप ने किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उमा भारती की और से अपना पक्ष रखते हुए एक प्रेस रिलीज जारी की गई है। जिसमें उन्होंने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश करने की बात कही। उमा ने बिंदुवार ट्वीट में लिखा की 1) हाल ही में मंत्री बने तथा रतलाम के एक संपन्न जैन व्यवसायी चेतन कश्यप ने अपनी संपत्ति 296 करोड़ घोषित की हैं । अभी कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश के अखबारों में उनकी तारीफ़ लिखी थी की वो अपना विधायक का वेतन नहीं लेते जो की साल भर का क़रीब 12 लाख होता हैं । 296 करोड़ वाला व्यक्ति अगर सरकार के 12 लाख छोड़ देता है तो इसमें कौनसी बड़ी बात हैं । 2) चेतन कश्यप सरकार को वेतन वापिस करने के बजाय वह राशि अभावग्रस्त लड़कियाँ की शिक्षा पर खर्च करें । 3) हमे यह याद रखना पड़ेगा की सभी विधायक बड़े व्यवसायी नहीं होते और ना वो राजनीति से अपना व्यवसाय बढ़ाते हैं । 4) एक बार सांसद वरुण गाँधी ने कहा था की सांसदों को तनखा एवं पेंशन नहीं लेना चाहिए । वरुण गाँधी ऐसा कर सकते है क्यूँकि वो हज़ारो करोड़ों की पैतृक संपत्ति के मालिक है । अपना सर्वस्व त्यागकर राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने वाले जनप्रतिनिधियों को हर तरह की सहूलियत सरकार से मिलनी चाहिए । 5) अगर विधायकों और सांसदों को ईमानदारी की राह पर चलना आसान बनाना है तो चेतन कश्यप जैसे पूँजीपति विधायकों को छोड़कर सभी विधायक की तनखा एवं अन्य भत्ते आज की सभी परिस्थितियों को देखकर मिलना चाहिए । ट्वीट के बाद मचा बवालकाश्यप के लिए किए गए इस ट्वीट के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया। उमा भारती को अचानक काश्यप पर हमलावर होता देख हर कोई नेता हैरान था। उमा भारती के पास जब हाईकमान से फोन घनघनाए तो दोपहर 3 बजे बाद उमा भारती ने अपने ट्वीट पर सफाई पेश करते हुए एक और ट्वीट किया। यह बाद में एडिट भी हुआ। हालांकि उमा ने अपना पिछला ट्वीट नहीं हटाया। अपने दूसरे ट्वीट में उमा भारती ने वरुण गांधी और वीडी शर्मा को टैग कर लिखा की 1) जो मुझे आशंका थी वही हुआ । कुछ लोगों ने मेरी बातों का ग़लत मतलब निकाल ही लिया । लोकतंत्र में अमीर हो ग़रीब, सबको सांसद या विधायक होने का अधिकार है ।2) स्वयं मैं जब आठ वर्ष की थी तब से आज तक मैंने सुविधा संपन्न जीवन जिया है । मैं सरकार से प्राप्त सुविधाओं का पात्रता एवं आवश्यकता के अनुसार उपयोग करती हूँ । कभी कभी किसी संस्था, कोई असहाय महिला या किसी बच्चे की शिक्षा की सुविधा के लिए मैं चेक से ही राशि देती हूँ । लेकिन सरकार को कुछ वापिस नहीं करती ।3) रतलाम के विधायक जो अभी मंत्री बने हैं वह बहुत बड़े व्यवसायी एवं बहुत बड़े दानी भी है और मुझे उनसे कोई तकलीफ़ नहीं है। वरुण गाँधी एवं उनके इस विवरण को सुनकर की वो सांसद या विधायक की सुविधा नहीं लेते। तो यह बड़ी बात नहीं है किंतु जिन जनप्रतिनिधियों का जीवन यापन एवं अतिथि सेवा इन्ही सुविधाओं से होतीहै  वह स्वयं को छोटा अनुभव करेंगे जब की ऐसा नहीं है। सब बराबर है। जनता सबको वोट देती है। और पहुंच गए काश्यपट्विटर वार के बाद मंत्री काश्यप उमा भारती से मिलने उनके निवास जा पहुंचे। शाम करीब 5 बजे ट्वीट कर उमा भारती ने इसकी जानकारी दी। उमा ने ट्वीट कर लिखा की  1. रतलाम से विधायक एवं हाल ही में बने प्रदेश सरकार के मंत्री श्री चैतन्य कश्यप मेरे दूसरे ट्वीट के जवाब में स्वयं उपस्थित हो गए। 2. चैतन्य कश्यप जी को मैं 20 साल से जानती हूं वह बहुत बड़े व्यवसायी, बहुत बड़े दानी एवं समाजसेवी हैं। 3. वह अपने व्यवसाय से प्राप्त लाभ का बहुत बड़ा हिस्सा दान करते हैं किंतु फिर भी मैंने अपना सुझाव दोहराया कि वह अपने वेतन एवं भत्ते सरकार को वापस करने की जगह पर दान की राशि में शामिल कर लिया करें उन्होंने इस पर कहा कि वह इस पर विचार करेंगे। 4. मैंने उन्हें सफल मंत्री बनने के लिए शुभकामनाएं तथा आशीर्वाद भी दिया।

चेतन्य की बढ़ी चमक : इन बड़ी बातों से काश्यप को मिला केबिनेट, सर्वे में टॉप 10 रहे विधायक की पॉलिटिकल कहानी

रतलाम को चहुंमुखी विकास के उच्चतम शिखर पर पहुंचाना – मंत्री काश्यप पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर विधायक चेतन्य काश्यप को कैबिनेट में जगह मिलते ही शहर में जश्न का माहौल था। काश्यप के शपथ ग्रहण करते ही आतिशबाजी कर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकतार्ओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई। मंत्री मंडल में शामिल होने की सूचना के बाद भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारी भी भोपाल पहुंचे। गौरतलब है की मध्यप्रदेश के मंत्री मंडल में रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र को डेढ़ दशक बाद प्रतिनिधित्व मिला है। इससे पहले हिम्मत कोठारी यहां से विभिन्न पदों पर मंत्री रहे है। काश्यप को अब विभाग मिलने का इंतजार है, सूत्रों की माने तो उन्हें उद्योग, नगरीय प्रशासन या फिर वित्त की जिम्मेदारी दी जा सकती है। नवनियुक्त मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा की इस सम्मान के साथ रतलाम को चहुंमुखी विकास के उच्चतम शिखर पर पहुंचाने और देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने का महती दायित्व भी आया है। जिसे पूरी लगन और मेहनत से हमें एक टीम के रूप में काम करके निभाना है । प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ यादव की आकांक्षाओं और अपेक्षा को पूरा करना हमारा दायित्व है। हम सब एक टोली के रूप में इन दायित्वों का निर्वहन करेंगे और सफल होंगे। मंत्री पद की दौड़ में क्यों रहे आगे?मंत्री पद की दौड़ में आगे रहने का प्रमुख कारण काश्यप की बेदाग छवि और मजबूत राजनीतिक पकड़ रही। काश्यप की पार्टी के शीर्ष नेताओं से अच्छी बॉन्डिंग होने के साथ ही संघ व उसके अनुसांगिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी गहरे संबंध है। दो कार्यकाल में मंत्री बनने की इच्छा हर बार रही लेकिन पार्टी के निर्णय को स्वीकार किया कभी विरोध में नहीं दिखे। प्रदेश के भी सभी नेताओं से घनिष्ठता रही कभी किसी गुट के नहीं कहलाए। काश्यप ने अपने वेतन का त्याग लगातार तीसरे कार्यकाल में भी किया। हालांकि यह निर्णय दूसरे विधायक और सांसदों के लिए असहज जरूर रहा है। विधानसभा क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय माने जाते है। दो साल के कार्यकाल में जनता से जुड़ा कोई नेगेटिव फेक्टर हाईकमान तक नहीं पहुंचा। पार्टी सर्वे में भी टॉप 10 विधायक बने रहे। अब तक हमेशा से विकास के विषय पर ही राजनीति करते आए। विवादास्पद व सांप्रदायिक मामलों में नहीं बोले ना बोलना पसंद करते है। अपनी टीम को मैनेजमेंट से चलाने में महारत हासिल है हर छोटे मुद्दे और कार्य पर खुद मोनिटरिंग करते है। राजनीति के अलावा समाजसेवा की एक बड़ी भूमिका रही। प्रत्येक वर्ग व जरूरतमंद व्यक्ति को फाउंडेशन से सहायता दिलाने में आगे रहते है। लगातार तीन बार विधायक रहे और तीनों ही बार लीड बढ़ी ना कि घटी। मंत्री बने काश्यप का अब तक का सफररतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप शुरू से औद्योगिक व सामाजिक जीवन में रहे। वर्ष 2004 से समाजसेवा से राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया। रतलाम विधानसभा में बीते तीन चुनाव में सर्वाधिक मत से जीते। पहले चुनाव में 40, 000 से, दूसरे चुनाव में 43,000 से और तीसरे चुनाव में 60,000 की लीड लेकर जीत दर्ज की। जन सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य व खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्ष 2014 में झाबुआ आदिवासी संसदीय उम्मदीवार के चुनाव संयोजक रहे और आजादी के बाद पहली बार यह सीट भाजपा के खाते में आई। भाजपा के स्वयं सेवी संगठन, प्रकोष्ठ, एनजीओ सेल के राष्ट्रीय संयोजक एवं राष्ट्रीय कार्यसमिति के 6 वर्ष तक सदस्य रहे और म.प्र. में भाजपा के कोषाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2006 में मप्र लोकसभा व विधानसभा परिसिमन के संयोजक रहे। मप्र राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे। अयोध्या में बन रहे श्री राम मंदिर के लिए 1 करोड़ रूपए की निधि अपने परिवार की ओर से प्रदान की। क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष है एवं रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में 16 स्थान पर खेल चेतना मेला का बड़ा आयोजन 20 वर्षों से कर रहे है। इन्होंने गरीबी से मुक्ति, विकास की युक्ति के रूप में 100 गरीब परिवार को निःशुल्क आवास देकर अहिंसा ग्राम की स्थापना की थी, इस मॉडल से ये प्रदेश में काफी चर्चा में भी आए थे। हाल ही में इनके द्वारा कुपोषण अभियान के तहत पोष्टिक आहार आंगनवाड़ी के माध्यम से पहुंच रहा है। आंकड़ों के अनुसार 1400 बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया है। विधायकी रहते जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करवाई। कोराना काल में झाबुआ, मंदसौर, नीमच एवं अन्य क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए यह लाभदायक बना। मालवा क्षेत्र में जैन समाज के प्रमुख व्यक्तित्व है। वर्ल्ड जैन कन्फेडरेशन के चेयरमेन है और जीतो के संस्थापक है। 2004 में बार्सिलोना में विश्व धर्म संसद मे जैन प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व किया। उसमें ‘अपरिग्रह’ दर्शन पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इंडिया फस्ट फाउंडेशन के ट्रस्टी है, जिसका दिल्ली में शोध संस्थान है।

कौन बनेगा मंत्री : मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को सौंपी लिस्ट, दोपहर तक 28 मंत्री ले सकते है शपथ

रतलाम शहर विधायक काश्यप के पास भी पहुंचा फोन, संघ, भाजपा और बढ़ती लीड देगी साथ? पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में मंत्री मंडल को लेकर चल रही सुगबुगाहट अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल के मंत्रियों का शपथ ग्रहण आज होगा। सोमवार दोपहर 3:30 बजे मंत्रियों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा। राज्यपाल मंगूभाई पटेल सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसी के साथ ही विधायकों के फोन घनघनाने लगे हैं। मंत्री पद की शपथ लेने वाले सभी विधायकों को राजभवन पहुंचने के आदेश दिए गए हैं। सुबह सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल को प्रस्तावित सूची सौंपी। मोहन मंत्रिमंडल में बेदाग छवि, जातीय, क्षेत्रीय, महिला पर फोकस रहेगा। करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। शपथ से पहले सभाकक्ष में 28 कुर्सियां लगाई गई है। रविवार को केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद नामों पर अंतिम मुहर लगी थी। शपथ ग्रहण से पहले डॉक्टर मोहन यादव राज्यपाल से मिलने पहुंचे। सुबह 9:30 बजे राज भवन में सीएम और राज्यपाल की मुलाकात हुई। राज्यपाल को मंत्रियों के नाम की सूची सौंपने के बाद डॉक्टर मोहन यादव इंदौर निकल जाएंगे। बेदाग छवि और संघ में सीधा संपर्करतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप का नाम भी लगभग तय है। सूत्रों के अनुसार उनके पास भी भोपाल से फोन पहुंच चुका है। हालांकि काश्यप पिछले तीन दिनों से रतलाम से बाहर है, माना जा रहा है की वे भोपाल – दिल्ली की दौड़ में लगे थे। काश्यप को प्रदेश में उद्योग नीति या नगरीय प्रशासन विभाग दिया जा सकता है। राजनेता होने के साथ साथ काश्यप को एक सफल उद्यमी के रूप में देखा जाता है। काश्यप तीसरी बार लगातार रतलाम शहर से विधायक है। अब तक के कार्यकाल में उनकी छवि बेदाग रही है। हर बार उनकी जीत का अंतर भी बढ़ा है। भाजपा के बड़े नेताओं से सीधे संपर्क में है। इसके अलावा संघ के अखिल भारतीय पदाधिकारियों से भी संबंध है। यही कारण है कि उनका केबिनेट में नाम फाइनल माना जा रहा है। इनके नाम लगभग शामिलविधायक कैलाश विजयवर्गी, प्रहलाद पटेल,राकेश सिंह, तुलसी सिलावट, एदल सिंह कंसाना, अर्चना चटनिस, चेतन कश्यप, हेमंत खंडेलवाल, राकेश शुक्ला मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के प्रद्युमन सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी शपथ ले सकते हैं। इसके अलावा चेतन कश्यप, बृजेंद्र प्रताप सिंह, कुंवर सिंह टेकाम,गोविंद सिंह राजपूत, प्रदीप लारिया,राकेश शुक्ला, घनश्याम चंद्रवंशी मंत्री बनाये जा सकते हैं। बुरहानपुर से महिला विधायक और मुरैना जिले से एक विधायक भोपाल के लिए रवाना हुए हैं।

नृशंस हत्या का पर्दाफाश : हत्या करने आये थे बेटे की मगर मां को घोंप दिए चाकू, हत्यारों ने बूजुर्ग महिला पर पेट्रोल डाल लगा दी आग

अतिक्रमण हटवाने को लेकर रंजिश पाले था हत्यारा, मौका पाकर कर दी हत्या! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। तीन दिन पहले रात को घटित हुए जघन्य हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया था। वारदात कोजिले के नामली थाना अंतर्गत रघुनाथगढ़ में अंजाम दिया गया। जहां 66 वर्षीय मांगूबाई पति स्व. भागीरथ गायरी की नृशंस हत्या कर दी। हत्यारों ने पहले नींद में सोई बुजुर्ग महिला के गले व पेट में चाकू मारे। जिसके बाद पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीओपी अभिलाष भलावी व नामली थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा को जानकारी दी। जानकारी मिलते ही रतलाम से एसपी राहुल लोढा व एएसपी राकेश खाखा व फोरेंसिक अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर ही हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी सहित 4 को धार जिले के बखतगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। वहीं 5वां एक और आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। पूरे मामले में मुख्य आरोपी कन्हैयालाल कीर ने पुलिस को बताया की वह साथियों के साथ महिला को मारने नहीं आया था बल्कि उसके बेटे मुकेश को मारने आया था। मगर रात को मुकेश के बाहर पार्टी में जाने से उस पलंग पर चादर ओढ़े उसकी मां सोई थी, जिससे उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसने खुद की बाइक से पेट्रोल निकाला और बूजुर्ग महिला पर डालकर आग लगा दी। रंजिश बदली हत्या मेंएसपी राहुल कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया की रुघनाथगढ निवासी मुकेश गायरी की मां मांगूबाई की हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान 66 वर्षीय मृतिका मांगुबाई का पी.एम. पेनल द्वारा करवाया। पीएम रिपोर्ट मे मृतिका के गले व पेट पर धारदार हथियार से चोट की बात सामने आई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर लाश को जला दिया गया। मौके पर लोगों व चश्मदीदों से पूछताछ में मालूम हुआ की कन्हैया कीर निवासी ग्राम रुघनाथगढ का मृतिका व उसके बेटे मुकेश गायरी से विवाद हुआ था। विवाद मुकेश द्वारा शिकायत करके सरकारी जमीन पर आरोपी कन्हैया का अवैध अतिक्रमण व कब्जा हटवाने का था। इसी रंजिश के चलते कन्हैया ने अपने साथियों गोकुल भील, मांगीलाल उर्फ मंगलेश जाट, सत्तु उर्फ सत्यनारायण जायसवाल व मनीष जाट निवासी अकोलिया जिला धार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तकमामला जघन्य हत्या का था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी राहुल कुमार लोढा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया जिसके बाद टीम बनाकर उसे रवाना किया गया। जांच के दोरान ग्रामीणो के अलग अलग बयान लेकर आस पास क्षैत्र के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। जिसमे एक अल्टो कार जाते दिखी जिस पर से टोल के सीसीटीवी फुटेज चेक कर सायबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गये। टीम द्वारा सभी आरोपियों को मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश करते हुए बदनावर पेटलावद बायपास बखतगढ फंटे से आरोपीगणो को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। 4 आरोपी गिरफ्तार व 1 फरार1. कन्हैयालाल पिता लालु जाति कीर उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम रुघनाथगढ थाना नामली2 मनीष पिता गोपाल जाति जाट उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार3 सत्यनाराण उर्फ सत्तु पिता समरथलाल जयसवाल जाति कलाल उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार4 गोकुल पिता लालसिह खराड़ी जाति भील उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार 5 फरार आरोपी मांगीलाल उर्फ मंगलेश पिता बापुलाल जाट ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार का फरार है । टीम में इनकी रही सराहनीय भूमिका मामले में नामली टीआई धमेंद्र शिवहरे, उनि सचिन डावर, उनि रविंद्र मालवीय, उनि अमित शर्मा सायबर सेल, सउनी ओपी राठौर, का.सउनि संतोष अग्नीहोत्री, का.प्र.आर राहुल जाट, का प्र.आर. शिवपाल सिंह, प्रआर महेन्द्रसिह राठौर आर. नरेन्द्रसिह जगावत, आर. मनोहर नागदा, आर. कुलदीप व्यास, आर. मनोज मुजाल्दे, आर. शांतिलाल राठौर, आर. शिवराम मोर्य, आर. मंयक जाटव,  सायबर सेल आर. विपुल भावसार, सैनिक विजय जाधव की भूमिका अहम रही।

वाह विधायक जी! : एमपी के इस विधायक की चारो और चर्चा, कारण सरकारी वेतन – भत्ते और पेंशन को मना कर देना

सिफारिशों से भी दूर रहते है चेतन्य काश्यप, टोल टैक्स और पुलिस चालान तक भरता है यह विधायक! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक ने सदन में एक अनोखी मिसाल पेश की। चेतन्य काश्यप ने विधायक के तौर पर मिलने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने खर्चा उठने में सक्षम है इसलिए यह राशि विधानसभा कोष में जमा कर दी जाए। काश्यप तीसरी बार रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं और उन्होंने एक बार फिर से विधायक के रूप में सरकार से कोई वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का ऐलान किया है। आपको बता दे इससे पहले के उनके दो कार्यकाल में भी उन्होंने किसी प्रकार का कोई सरकारी लाभ नहीं लिया था। बता दें कि प्रत्येक विधायक को प्रति माह लगभग 70 हजार के वेतन भत्ते मिलते हैं। इसके अलावा रेलवे कूपन और हवाई यात्राएं एवं आजीवन पेंशन व चिकित्सा भत्ता जैसी अन्य सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में कश्यप ने सभी सुविधा का त्याग करते हुए कहा कि यह राशि प्रदेश के विकास पर व्यय हो। राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय – विधायक काश्यपविधानसभा में भी उन्होंने पहले ही वक्तव्य में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना यह निर्णय रख दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जब ईश्वर की कृपा से वे जनहित के कार्य करने में सक्षम हैं, तो उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते और पेंशन का उपयोग शासन द्वारा जनहित में सीधे किया जाए।कश्यप ने सदन में कहा कि राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मैं राजनीति में आया हूं। किशोरावस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर हूं तथा कई सेवा संस्थानों में प्रकल्पों का संचालन कर रहा हूं। ईश्वर ने इस योग्य बनाया है कि जनसेवा में थोड़ा सा योगदान कर सकूं। इसी तारतम्य में विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते एवं पेंशन नहीं लेने का निश्चय किया है। पिछली दो विधानसभा में भी भत्ते नहीं लिए थे। मैं चाहता हूं कि मुझे प्राप्त होने वाले भत्ते एवं पेंशन का राजकीय कोष से आहरण न हो ताकि उस राशि का सदुपयोग प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्य हो सकें। सिफारिशों से दूरी रखते है काश्यपआमतौर पर एक राजनेता अपने लिए व कार्यकर्ताओं के लिए सहज ही सिफारिशें करते नजर आते है। मगर रतलाम के विधायक चेतन्य काश्यप का तौर तरीका बाकियों से अलग है। पुलिस थानों पर उनके नाम से की गई सिफारिशों को वो सिरे से इंकार कर देते है। उनके करीबी के अनुसार नियम व कायदे के पक्के विधायक काश्यप किसी कार्यकर्ता की गाड़ी का चालान अगर कट जाए तो वे नाराज कार्यकर्ता को बुलाकर खुद से चालान भरने की बात कहते हुए कार्यकर्ताओं को नियम पालन की नसीहत देकर मना लेते है। यही कारण है की पुलिस के सामने कोई भाजपाई विधायक जी का रोब नहीं दिखा पाता है। यहां तक की उनके नाम से टोल से गाड़ियां तक नहीं छोड़ी जाती है, जिसका कारण है कि वे खुद टोल टैक्स चुकाते है। विधायक काश्यप अपने फाउंडेशन के माध्यम से अनेक सेवा कार्यों को करते आ रहे है। जिससे गरीबों व कई समाज में वंचित लोगों को सहारा व प्रोत्साहन मिला है।

MP में धार्मिक स्थलों के नीचे बिक रहा मांस!,CM Dr. Mohan Yadav के आदेश से बेरोजगारी? – PUBLIC VARTA

पब्लिक वार्ता/जयदीप गुर्जर : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुले में मांस-मछली के विक्रय तथा धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर प्रतिबंध के आदेश दिए है। रतलाम में करीब 200 परिवार इससे जुड़े है जिन पर सीधा असर पड़ेगा। गौर करने वाली बात है की नगर निगम पिछले 15 – 20 सालों से लाईसेंस नहीं बना रहा है। वहीं नगर में केवल 34 मांस विक्रेता ही लाइसेंसधारी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर क्यों लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया रोकी हुई है। इसको लेकर अधिकारियों के पास भी कोई आदेश या जवाब नहीं है। जो 34 लाइसेंस है उनका ही केवल नवीनीकरण किया जा रहा है। खुले में मांस बेच रहे विक्रेताओं का कहना है कि निगम लाईसेंस नहीं बनाता। हमे हटाने की बजाय कोई एक स्थान सरकार को देना चाहिये। हमारे परिवार का पालन पोषण इसी काम से होता है।शहर में 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर रोक लगानी है। ऐसे में कई मांस की दुकानें धार्मिक स्थलों द्वारा किराए पर दी गई है। जहां मांसाहार की होटले संचालित है। ऐसे में इनको हटाना भी प्रशासन के।लिए बड़ी चुनौती का काम होगा।

डीन की पिटाई! : मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स व डीन के बीच विवाद, डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता पर लगाए शराबखोरी जैसे गंभीर आरोप

कॉलेज के डॉक्टरो ने किया आज से काम बंद का एलान!क्या है पूरा मामला ?, देखे वीडियो… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम का शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज (GMC) एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां डॉक्टर्स और कॉलेज के डीन के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जिन डॉक्टर्स पर मारपीट का आरोप लगा है वो जीएमसी में प्रोफेसर है जो स्टूडेंट्स को पढ़ाते भी है। आपको बता दे कि जीएमसी डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता का विवादों से पुराना नाता रहा है। चाहे वो रतलाम हो या पहले के उनके कार्यकाल वाले अन्य जिले। मंगलवार रात एक ऐसा ही मामला सामने आया। डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता अपनी पत्नी डॉ. रेखा गुप्ता के साथ औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे। जहां डीन ने आरोप लगाया है की डॉक्टर्स ने उनके घर में घुसकर मारपीट की। वहीं दूसरी और डॉक्टरों ने भी थाने पहुंचकर डीन के खिलाफ आवेदन दिया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने डीन पर शराब के नशे में रहने के गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही आवेदन में बातचीत के दौरान गाली-गलौच व जाति सूचक शब्दों की बात भी कही। हालांकि पुलिस ने मामले में डीन डॉ. गुप्ता की और से एफआईआर दर्ज की है। जिसमें डॉ प्रवीणसिंह बघेल, डॉ शैलेंद्र डावर व डॉ शैलेंद्र चौहान के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 294, 323, 506 व 34 में अपराध दर्ज किया है। वहीं डॉक्टरो की और से पुलिस ने शिकायती आवेदन लिया है। घटना से गुस्साए डॉक्टरों ने बुधवार से हड़ताल की सूचना जारी कर काम बंद करने का एलान कर दिया है। डॉक्टरों ने डीन जितेंद्र गुप्ता को हटाने की मांग शासन के सामने रख दी है। जिससे अब मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दोनों पक्षों की कहानी, कौन सही कौन गलत?मामले में एक पक्ष मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का है जो वहां प्रोफेसर भी है और इलाज भी करते है। एसोसिएशन के डॉ. प्रवीण बघेल ने बताया की हमारे साथी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राहुल मैडा की पत्नी की डिलवरी हुई। उनकी पत्नी के इलाज में लापरवाही व अव्यवस्था बरती जा रही थी। जिसको लेकर वे डीन गुप्ता के पास पहुंचे। जहां डीन ने शराब के नशे में गाली दी और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस दौरान उन्होंने महिला डॉ. रंजीता अस्के के साथ भी अभद्रता की। अव्यवस्था व डीन के भेदभावपूर्ण रवैय्ये के कारण राहुल मैडा को उनके 8 घंटे के नवजात शिशु व पत्नी को लेकर निजी अस्पताल जाना पड़ा। एसोसिएशन के लोगों ने यह भी आरोप लगाया की प्राइवेट रूम में शिफ्ट करने के बाद डॉ. राहुल मैडा की पत्नी का इलाज ना करने को लेकर डीन गुप्ता ने नर्सिंग स्टाफ पर दबाव बनाया और अब झूठी एफआईआर करवा रहे है। दूसरी और डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता का कहना है की डॉ. राहुल मैडा की पत्नी की डिलवरी हुई थी। विभाग प्रमुख डॉ. सचिन डावर ने खुद की मर्ज़ी से ऐसे वार्ड में शिफ्ट किया जो 1 साल से कोविड के बाद बंद है। जब इसकी जानकारी मिली तो उन्हें गायनिक वार्ड में शिफ्ट होने को कहा गया क्योंकि वो स्थान असुरक्षित है। इतनी ही बात थी जिसके बाद में घर आ गया। में घर पर था तभी बेल बजने पर दरवाजा खोला तो डॉ. प्रवीण बघेल व अन्य लोग आए और मुझे गाली देते हुए मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने आई पत्नी के साथ भी उन्होंने अभद्रता की। यह लोग शुरू से मेरे पीछे पड़े है। शराब के नशें में रहने के आरोप गलत है।

रिश्वतखोर पटवारी : घूसखोर महिला पटवारी पर लोकायुक्त की कार्रवाई, किसान से मांगी थी नामांतरण के लिए रिश्वत

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने जिले के आलोट में महिला पटवारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते ट्रेप किया। आलोट में पदस्थ हल्का 27 की पटवारी प्रियंका सोनी द्वारा किसान के नामांतरण के बदले यह राशि मांगी गई थी। जिसकी शिकायत किसान ने लोकायुक्त उज्जैन में की। जिसके बाद सोमवार को आरोपी महिला पटवारी को कारगिल चौराहे पर रंगे हाथों दबोच लिया गया। आलोट के समीप गांव आनंदगढ़ निवासी किसान भारतसिंह चौहान ने लोकायुक्त उज्जैन को एक आवेदन दिया। जिसमें बताया की आरोपी प्रियंका सोनी जो कि आलोट के हल्का 27 की पटवारी है। भूमि के नामांतरण हेतु पटवारी प्रियंका सोनी को आवेदन दिया था। भूमि नामांतरण के लिए 8 हजार रुपयों की मांग की। इसकी शिकायत आवेदक द्वारा एसपी लोकायुक्त उज्जैन अनिल विश्वकर्मा को की। एसपी विश्वकर्मा द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। जो कि सत्य पाई गई। जिसके बाद टीम ने आरोपी पटवारी प्रियंका सोनी को 8 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया। ट्रेपिंग की कार्रवाई के दौरान निरीक्षक डॉ. बसंत श्रीवास्तव, विशाल रेश्मिया, इसरार,महेंद्र जाटवा, संजय पटेल आदि मौजूद रहे।

गिरफ्त में सटोरिया : रंगदारी करने वाला सट्टेबाज रोनक गादिया पुलिस गिरफ्त में, शहर में कई लोग बन रहे सट्टे का शिकार

आरोपी के साथ पुलिस ने फरियादी पर भी कर दी FIR, जाने क्या है पूरा मामला पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले वैसे तो लोगों के घर बर्बाद करते है। मगर इन सट्टेबाजों के आका यानी की इनको आईडी बांटने वाले खुद इनके घर बर्बाद कर रहे है। ऐसा ही एक मामले का खुलासा रतलाम पुलिस ने सोमवार को किया। जहां एक सटोरिया पुलिस के पास पहुंचा और उसने खुद क्रिकेट का सट्टा करना कबूल किया। उसने ये बात इसलिए कबूली क्योंकि वो जिससे लाइन लेकर या आईडी लेकर यह धंधा कर रहा था वो खुद ही उसकी जान का दुश्मन बन गया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तो दर्ज किया मगर दोनों के खिलाफ। पुलिस ने फरियादी पर सट्टे का और आरोपी पर धमकाने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। आरोपी रोनक गादिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले में आरोपी रोनक गादिया के लिंक खोजने में जुटी है। आरोपी ने और कितने लोगों को क्रिकेट सट्टे की आईडी बांटी है और इसके ऊपर कौन – कौन लोग और शामिल है इसकी भी जांच की जाएगी। माणक चौक थाना प्रभारी प्रीति कटारे के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी सट्टे व मारपीट के प्रकरण दर्ज है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 1 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। सूत्रों की माने तो रोनक गादिया शहर के नामचीन रंग व्यापारी के अंडर में रहकर सट्टे के कारोबार को सीखकर संचालित करता आ रहा है। व्हाइट कॉलर लोग सफेद धंधे की आड़ में शहर में बेख़ौफ काला धंधा संचालित कर रहे है। सट्टे के सिंडिकेट की बात करे और ठीक से इसकी जांच की जाए तो कई ऐसे नामचीन हस्तियों के तार इससे जुड़े मिलेंगे जो खुद को समाज के सामने प्रतिष्ठित और बेदाग बताते है। मगर अपने लंबे राजनीतिक रसूख के कारण और प्रशासनिक संरक्षण के चलते जांच की आंच इनको छू तक नहीं पाती और बेखोफ ये व्हाइट कॉलर लोग अपने काले कारनामे संचालित करते आ रहे है। खेर रतलाम वासियों के मन में आज भी यह सवाल है की कब शहर सट्टा और सटोरियों से मुक्त होगा जिसने हजारों परिवारों को उजाड़ कर रख दिया है। यह है पूरा मामला :एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया 23 नवंबर को फरियादी सोरभ जैन पिता सोहनलाल जैन उम्र 40 साल नि.110 धानमण्डी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई की में क्रिकेट के सट्टी की आईडी चलाता हूं। यह आईडी उसने आरोपी रोनक गादीया से ली जिसके बदले मे रोनक गादीया ने अवैध रुप से 10 लाख रुपये मांगे। फरियादी ने पैसे देने से मना किया तो आरोपी गादिया ने डरा धमका कर पंचेड़ की जमीन के तीन प्लाट अपने नाम पर अनुबंध (एग्रीमेंट) करा लिया और बोला की पैसे नही दे सकता हे, तो वह प्लाट मेरे नाम पर करवा दे। इसी बात को लेकर 20 नवंबर की रात रोनक ने करमदी रोड पर मिलकर बोला की तुने आईडी के रुपये नही दिए, अगर तुझे क्रीकेट की आईडी का सट्टा करना हे, तो मुझे रुपये देना पड़ेगे और मां बहन की गालियां देकर थप्पड़ो से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 327,294,323 व 506 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। जिसके बाद तेजा नगर गली नं. 3 निवासी आरोपी रोनक पिता बाबुलाल गादीया उम्र 33 वर्ष को गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड लेने के बाद उससे एग्रिमेंट जप्त करने के साथ ही कई बिंदुओं पर पूछताछ भी करेगी। मामले में माणक चौक थाना टीआई प्रिति कटारे, एएसआई एस.एस.राठौर , हेड कांस्टेबल 781 नरेन्द्र चावडा व 416 दिलीपसिह रावत की अहम भूमिका रही।

बोर्ड परीक्षा टाइम टेबल : एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा 05 फरवरी से और 12वीं की 06 फरवरी से होगी शुरु

बोर्ड ने बताया कैसे आएगा पेपर, वेबसाइट पर जाकर कर सकते है चेक पब्लिक वार्ता – भोपाल,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) यानी एमपी बोर्ड (MP BOARD) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए टाइम टेबल (10th 12th time table) जारी कर दिया है। मध्यप्रदेश बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा 5 और 6 फरवरी, 2024 से शुरू होगी। इस बार मार्च में शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी में ली जा रही है। बताया जा रहा है की मई जून 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। परीक्षा के बाद रिजल्ट भी मार्च के अंत में या मई के पहले सप्ताह तक जल्द ही घोषित कर दिया जाएगा। यह टाइम टेबल नियमित (रेगुलर) और स्वाध्याय (प्राइवेट) छात्रों के लिए है। इस टाइम टेबल के अनुसार दसवीं कक्षा की परीक्षाएं 5 फरवरी से 28 फरवरी तक होनी है। वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 6 फरवरी से 4 मार्च तक चलेंगी। परीक्षाओं का समय यथावत सुबह 9:00 बजे से 12:00 का रखा गया है। जिसके लिए छात्रों को 8 बजे पहुंचने की हिदायत दी गई है। परीक्षा पूर्ण होने से 15 मिनट निकलने के बाद यानी सुबह 08:45 के बाद किसी भी छात्र को परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं दी जाएगी। छात्रों को हर हाल में सुबह 08:30 बजे तक परीक्षा हाल में उपस्थित होना होगा। टाइम टेबल एमपी बोर्ड 2024 आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जारी किया गया है। विद्यार्थियों को बोर्ड की सुविधामप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षाओं में अब दो माह का ही समय बचा है। ऐसे में मंडल ने विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने के लिए बड़ी सुविधा दी है। छात्रों को इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए बोर्ड ने सभी विषयों के सैंपल पेपर तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र इन पेपर को हल कर यह जान सकेंगे कि बोर्ड के पेपर किस तरह के पैटर्न पर आएंगे। सैंपल पेपर में स्कीम ऑफ मार्क्स की जानकारी के साथ ही परीक्षा की तैयारी में विद्यार्थियों को मदद भी मिल सकेगी। इसके लिए विद्यार्थियों को बोर्ड की वेबसाइट mpbse.nic.in पर जाना होगा।