Ratlam News: वेल्डिंग के दौरान कार्बेट टैंक में विस्फोट, 15 फीट दूर सड़क पर जा गिरा टैंक, CCTV में कैद हादसा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के व्यस्त इलाके बाल चिकित्सालय रोड पर शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सैलाना बस स्टैंड के पास एक वेल्डिंग दुकान में कार्बेट टैंक में जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तीव्र था कि टैंक दुकान से उड़कर करीब 15 फीट दूर मुख्य सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। WATCH VIDEO प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मुख्य डाकघर के सामने स्थित न्यू जनरल इंजीनियरिंग एंड वेल्डिंग वर्क्स की दुकान पर हुई। दुकान संचालक 80 वर्षीय इमामउद्दीन पिता कमरुद्दीन, निवासी जवाहर नगर, दुकान के बाहर एक बाइक के फुटरेस्ट में वेल्डिंग का काम कर रहे थे। उसी दौरान वेल्डिंग उपकरणों से जुड़े कार्बेट टैंक में अचानक विस्फोट हो गया। धमाके के साथ टैंक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के समय दुकान पर मौजूद कर्मचारी 28 वर्षीय जुबेर भी सुरक्षित रहा। संयोग अच्छा था कि जिस समय टैंक सड़क पर गिरा, उस वक्त वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। CCTV कैमरे में कैद हुआ हादसा टैंक के उड़कर सड़क पर गिरने की पूरी घटना पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह विस्फोट के बाद टैंक हवा में उछलते हुए सड़क पर जा गिरता है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी और नायब तहसीलदार मनोज चौहान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने दुकान संचालक से घटना की जानकारी ली और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार मनोज चौहान ने बताया कि, “वेल्डिंग दुकान में विस्फोट की सूचना मिली थी। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। विस्फोट के कारणों की जांच कराई जा रही है। साथ ही शहर में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां इस तरह की घटनाओं की आशंका बनी रहती है।” विस्फोट के कारण स्पष्ट नहीं दुकान संचालक इमामउद्दीन ने बताया कि कार्बन टैंक में पानी भरा रहता है और उसमें कार्बेट मिलाया जाता है। विस्फोट कैसे हुआ, इसका उन्हें भी स्पष्ट कारण नहीं पता है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। घटना ने एक बार फिर वेल्डिंग दुकानों में सुरक्षा मानकों और गैस टैंकों के सुरक्षित उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Ratlam News: रतलाम फोरलेन हादसा: ट्रक से टकराई स्कूटी, युवक की मौके पर मौत

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: इंदौर-रतलाम फोरलेन पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 20 वर्षीय ई-स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सड़क किनारे लापरवाहीपूर्वक खड़े ट्रक से पीछे से टकराने के कारण यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। प्राथमिक जांच में ट्रक चालक की गंभीर लापरवाही सामने आई है। WATCH VIDEO हादसा गुरुवार सुबह करीब 7:40 बजे धराड़ पुल के आगे, पुलिस चौकी से पहले हुआ। मृतक की पहचान हर्ष उर्फ बब्बू (20) पुत्र चैनसिंह गुर्जर, निवासी डोंगरेधाम कॉलोनी, रतलाम के रूप में हुई है। हर्ष रोजाना की तरह अपनी ई-बाइक स्कूटी (MP 43 ZL 0536) से बिलपांक स्थित दूध की दुकान जा रहा था। धराड़ के आगे फोरलेन की ले-बाय लाइन से सटकर ट्रक (MP 04 GA 6587) खड़ा था। कोहरे के कारण सड़क पर विजिबिलिटी कम थी। इसी दौरान हर्ष की स्कूटी ट्रक के पिछले हिस्से के कोने से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। युवक ने हेलमेट पहना हुआ था, बावजूद इसके सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टेंट का सामान लदा था ट्रक, नहीं लगे थे चेतावनी संकेत जानकारी के अनुसार ट्रक में टेंट का सामान भरा हुआ था, जिसमें बड़े डोम के एंगल बाहर की ओर निकले हुए थे। सुरक्षा मानकों के अनुसार ट्रक पर रेडियम रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं लगे थे, जिससे दूर से खड़े वाहन की पहचान हो सके। चालू फोरलेन के किनारे इस तरह भारी वाहन खड़ा करना भी नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। पुलिस कार्रवाई सूचना मिलते ही बिलपांक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को एम्बुलेंस से रतलाम मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक अपने बड़े भाई राहुल के साथ दूध व्यवसाय करता था। थाना प्रभारी अयुब खान ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है। चालक की तलाश जारी है और मामले में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है।

Ratlam News: मेरठ के शातिर चोर 10 मिनट में कर गए नकबजनी, रतलाम पुलिस ने 10 घंटे में दबोचा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: थाना नामली क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई नकबजनी की सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से आए अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के दो कुख्यात आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात, वारदात में प्रयुक्त कार और विशेष ताला तोड़ने के औजार जप्त किए हैं। WATCH VIDEO गिरफ्तार आरोपितों के नामइरफान पिता मुन्न सैफी (38 वर्ष) निवासी जाकिर हुसैन कॉलोनी, मेरठ तथाआमिर पिता तस्लीम पठान (38 वर्ष) निवासी जाकिर कॉलोनी, इकबाल नगर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) हैं। दोनों पर हत्या समेत 10 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होना सामने आया है। दिनदहाड़े दिया चोरी को अंजाम एसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 27 जनवरी को फरियादी सुरेश पिता प्रहलाद धाकड़, निवासी कस्बा नामली, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी सुबह करीब 11 बजे घर पर ताला लगाकर खेत गया था। शाम करीब 5 बजे लौटने पर घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। प्रकरण दर्ज कर एएसपी शहर राकेश खाखा एवं एसडीओपी किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गायत्री सोनी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। 300 किमी पीछा कर पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया, जिसमें एक संदिग्ध कार नजर आई। वाहन की पतारसी करते हुए पुलिस ने पीछा शुरू किया। आरोपी बड़नगर होते हुए उज्जैन की ओर भागे और हाईवे पर पुलों के नीचे से वाहन उतार-चढ़ाकर व बार-बार रास्ते बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते रहे। करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के पास ग्राम बाहर पत्थर क्षेत्र में आगे-पीछे से घेराबंदी कर कार सहित दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तरीका-ए-वारदात पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हाईवे किनारे स्थित सुनसान मकानों को निशाना बनाते थे। ताला तोड़ने के लिए उन्होंने विशेष औजार बनवा रखे थे, जिससे 10 मिनट के भीतर चोरी को अंजाम दे देते थे।आरोपी इरफान सिर मुंडा होने के कारण वारदात के समय विग (नकली बाल) लगाता था। दोनों के पास से अलग-अलग कपड़े और चश्मे भी मिले हैं, जिनका उपयोग वे वारदात के बाद हुलिया बदलने में करते थे। जप्त मशरूका कुल जप्त मशरूका की कीमत: ₹5,22,400 आपराधिक रिकॉर्ड सीसीटीएनएस जांच में सामने आया कि आरोपी आमिर के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर व एंटी सोशल एक्टिविटी सहित 10 गंभीर अपराध दर्ज हैं। वहीं इरफान के विरुद्ध चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर एक्ट सहित 11 अपराध दर्ज पाए गए। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस कार्रवाई में निरीक्षक गायत्री सोनी, उप निरीक्षक कन्हैया अवस्थी, सहायक उप निरीक्षक प्रदीप शर्मा, हीरालाल चंदन, प्रधान आरक्षक नारायण सिंह, दिलीप रावत, आरक्षक माखन सिंह व रविन्द्र कुमार की अहम भूमिका रही।साथ ही साइबर सेल एवं सीसीटीएनएस शाखा का भी सराहनीय योगदान रहा।

उमंग के रंग, सेवा के संग: JSG संगिनी उमंग रतलाम ने लगाया स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ₹50 में 650 जांचें

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित JSG संगिनी उमंग रतलाम द्वारा अपने सेवा के संकल्प के अंतर्गत एक और सराहनीय पहल करते हुए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 27 जनवरी 2026 को लॉयंस डायग्नोस्टिक सेंटर पर संपन्न हुआ। इस शिविर का आयोजन ग्रुप सखी प्रतिभा पाटनी के सौजन्य से किया गया, जिसमें आमजन को मात्र ₹50 शुल्क में लगभग ₹650 मूल्य की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में डॉक्टर परामर्श के साथ हृदय जांच, ECG, शुगर, किडनी, लीवर (SGPT), ब्लड प्रेशर एवं कैल्शियम जैसी महत्वपूर्ण जांचें की गईं। शिविर के दौरान रीजन चिकित्सा कमेटी कन्वीनर एवं अध्यक्ष श्री मनोज कटारिया तथा रतलाम ज़ोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ ग्रुप सखियों सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उठाया। आयोजन में ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया, बिंदु कटारिया, निर्मला पटवा, अनिता कोठारी, रश्मि जैन, प्रतिभा पाटनी, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, किरण मेहता, पुष्पलता जिन्दानी, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, स्नेहलता धाकड़ सहित अनेक सखियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार ग्रुप सचिव द्वारा व्यक्त किया गया।JSG संगिनी उमंग रतलाम की यह पहल समाज के प्रति उनकी निरंतर सेवा भावना और स्वास्थ्य जागरूकता को दर्शाती है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

Ratlam News: रतलाम सराफा बाजार में आर्म्स दुकान में धमाका, तीन गंभीर रूप से झुलसे, इलाके में दहशत

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के व्यस्ततम सराफा बाजार स्थित चांदनी चौक क्षेत्र में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बंदूक की दुकान में अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के साथ ही दुकान में आग लग गई, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। WATCH VIDEO प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के दुकानदार और राहगीर दहशत में आ गए। आग की लपटें उठते ही पूरे क्षेत्र में भगदड़ जैसे हालात बन गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक झुलसा हुआ व्यक्ति मदद की गुहार लगाता नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक चांदनी चौक स्थित अब्दुल कादरी की आर्म्स दुकान में बंदूकें, कारतूस और अन्य विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी। घटना के समय दुकान में वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी बारूद पर गिर गई, जिससे विस्फोट हो गया। दुकान के अंदर से खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने दुकान को सील कर दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि विस्फोट बारूद के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।

Ratlam News: रतलाम में मकान खाली कराने को लेकर दबंगों का आतंक, महिला-पति से मारपीट; 7 आरोपियों पर FIR दर्ज

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत अंजनीधाम कॉलोनी में शुक्रवार रात मकान खाली कराने के विवाद को लेकर दबंगों द्वारा एक महिला और उसके पति के साथ मारपीट करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अंजनीधाम, रतलाम की निवासी है और घरेलू कार्य करती है। उसने पुलिस को बताया कि 23 जनवरी की रात करीब 9:30 बजे जब वह अपनी नाबालिग बच्ची की देखभाल कर रही थी, तभी घर के बाहर जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज आई। इसी दौरान गोलु बाबा, भीम सिंह, अमन जाट और भोला जबरन घर में घुस आए और मकान खाली करने की धमकी देने लगे। पीड़िता और उसके पति द्वारा मकान को अपना बताते हुए न्यायालय में मामला लंबित होने की बात कही गई, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने गाली-गलौच शुरू कर दी और महिला के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए पति कृष्ण कुमार के साथ भी मारपीट की गई। बाद में वसीम कुरेशी और चुचु भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने भी दंपति के साथ मारपीट की। हमले में महिला को हाथ, पेट और पीठ में चोटें आईं, जबकि पति को सिर, चेहरे, छाती और पीठ पर चोटें लगीं। आरोपियों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी। घटना को मोहल्ले के लोगों ने देखा और बीच-बचाव किया। घटना के बाद पीड़िता अपने पति और परिचितों के साथ थाना औद्योगिक क्षेत्र पहुंची, जहां FIR क्रमांक 0071/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सहायक उप निरीक्षक को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Ratlam News: मेडिकल कॉलेज रतलाम में अटेंडरों का हंगामा, डॉक्टरों से अभद्रता और हाथापाई; कार्रवाई नहीं हुई तो हड़ताल की चेतावनी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण मेडिकल कॉलेज, रतलाम में शुक्रवार देर रात मरीज के साथ आए अटेंडरों द्वारा जमकर हंगामा किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अटेंडरों ने डॉक्टरों से गाली-गलौच की, धमकियां दीं और स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। घटना के बाद डॉक्टरों में भारी आक्रोश है और उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर काम बंद कर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। WATCH VIDEO जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12:21 बजे मरीज नीलम (35) पति कृष्णा को लेकर परिजन और करीब 9 से 10 अटेंडर मेडिकल कॉलेज के आकस्मिक चिकित्सा विभाग पहुंचे थे। उस समय सीएमओ डॉ. भावना मसीह सहित अन्य जूनियर डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद थे। इलाज के दौरान शुरू हुआ विवाद बताया गया कि किसी बात को लेकर अटेंडरों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों द्वारा समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन अटेंडर शांत नहीं हुए और अभद्र व्यवहार करने लगे। गाली-गलौच, धमकी और हाथापाई की नौबत डॉक्टरों का आरोप है कि अटेंडरों ने इलाज के दौरान गाली-गलौच की, “देख लेने” की धमकी दी और हालात हाथापाई तक पहुंच गए। इस दौरान अटेंडर डॉक्टरों के वीडियो भी बनाते रहे।स्थिति बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी गई, साथ ही प्राइवेट सुरक्षा गार्ड भी मौके पर पहुंचे, लेकिन हंगामा नहीं थमा। बाद में थाना औद्योगिक पुलिस को बुलाया गया। सीएमओ और वरिष्ठ डॉक्टरों के पहुंचने पर शांत हुआ माहौल घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के सीएमओ डॉ. विनय शर्मा और अन्य वरिष्ठ डॉक्टर मौके पर पहुंचे। इसके बाद हंगामा कर रहे अटेंडर वहां से चले गए। डॉक्टरों ने दी हड़ताल की चेतावनी शनिवार सुबह घटना की जानकारी फैलते ही डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया। डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो सभी डॉक्टर और स्टाफ कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर जाएंगे।डीन डॉ. अनिता मूथा ने डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस में आवेदन, एफआईआर की मांग मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से थाने में दिए गए आवेदन में कहा गया है कि अटेंडरों ने— प्रबंधन ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हंगामे का वीडियो भी आया सामने आकस्मिक चिकित्सा विभाग में हुए हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में डॉक्टर अटेंडरों को समझाते नजर आ रहे हैं, जबकि अटेंडर उल्टा डॉक्टरों के वीडियो बनाते और अभद्रता करते दिखाई दे रहे हैं। एक महिला डॉक्टर को यह कहते भी सुना जा सकता है—“आप पढ़े-लिखे लगते हैं, फिर भी ऐसा व्यवहार कर रहे हैं।” थाना प्रभारी पहुंचे मेडिकल कॉलेज शनिवार दोपहर थाना औद्योगिक प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी पुलिस बल के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे और डीन डॉ. अनिता मूथा से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रबंधन और पुलिस का बयान डीन डॉ. अनिता मूथा ने बताया कि मरीज को वॉशरूम ले जाने की बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद अटेंडरों ने डॉक्टरों से अभद्रता की। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।वहीं थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने कहा कि अटेंडरों द्वारा डॉक्टरों से अभद्रता की गई है। मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Ratlam News: मेडिकल कॉलेज रतलाम का कलेक्टर मिशा सिंह ने किया निरीक्षण, मरीजों व विद्यार्थियों की सुविधाओं पर दिया विशेष जोर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:’कलेक्टर मिशा सिंह ने शुक्रवार को डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडेय शासकीय मेडिकल कॉलेज, रतलाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, प्रबंधन व्यवस्था और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। WATCH VIDEO निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड का अवलोकन किया तथा मरीजों से प्रत्यक्ष चर्चा कर व्यवस्थाओं का सत्यापन किया। उन्होंने लैबोरेटरी जांच कक्ष में मरीजों की पर्चियों का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट मरीजों को ऑनलाइन माध्यम से सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए, ताकि भर्ती के बाद किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट एसएमएस के माध्यम से मोबाइल पर भेजी जा रही है। कलेक्टर ने मरीजों से चर्चा कर इसकी पुष्टि की, जिस पर मरीजों ने संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जांच पूर्ण होने का संदेश पहले भेजा जाए तथा उसके पश्चात रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि मरीज को स्पष्ट जानकारी मिल सके। जन्म-मृत्यु पंजीयन कक्ष के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रसूता को जन्म प्रमाण पत्र डिस्चार्ज से पूर्व उनके पलंग पर ही उपलब्ध कराया जाए। आवश्यकता होने पर मोबाइल पर सॉफ्ट कॉपी भी भेजी जा सकती है। एक्स-रे कक्ष में ग्राम सोनागिरी, आलोट से आई महिला मरीज से जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। अस्पताल में साइनज व्यवस्था सुधारने और कलर कोडेड पर्ची प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार का भ्रम न हो। निर्माणाधीन सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण करते हुए सीटी स्कैन सुविधा शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। सोनोग्राफी कक्ष में अधिक वेटिंग को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों के कार्य समय बढ़ाने तथा ओपीडी और आईपीडी मरीजों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। प्रसव पूर्व कक्ष में सुमन हेल्प डेस्क के रिकॉर्ड का अवलोकन किया गया। प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में 24 महिलाएं प्रसव हेतु आई हैं, जिनमें से 15 रेफरल होकर आई हैं। सभी महिलाओं को शासकीय एंबुलेंस से लाया गया, जिसकी पुष्टि कलेक्टर ने परिजनों से चर्चा कर की। कलेक्टर ने परिजनों से भोजन और पानी की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली, जिस पर संतोषजनक व्यवस्था होना बताया गया। प्रसव पूर्व कक्ष के बाहर परिजनों की भीड़ को देखते हुए पृथक प्रतीक्षा कक्ष की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया गया। निजी कैंटीन का निरीक्षण करते हुए अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि मरीजों को सभी आवश्यक दवाइयां जेनेरिक एवं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर मिशा सिंह ने छात्रावास की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि भोजन व्यवस्था हेतु टेंडर प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को भोजन एवं पानी की किसी भी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने कहा कि 29 जनवरी को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में मेडिकल कॉलेज की डीन की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, जिससे आगामी कार्ययोजना तैयार की जा सके। निरीक्षण के दौरान डॉ. अनीता मुथा (डीन मेडिकल कॉलेज), डॉ. पवन शर्मा (ईएनटी विशेषज्ञ), डॉ. विनय शर्मा (सीएमओ), डॉ. नागर (छाती रोग विशेषज्ञ), डॉ. अंकित शर्मा (अस्पताल प्रबंधक) सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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