Western Railway: विरोध के बाद रतलाम रेल मंडल ने अपना आदेश रोका, डेमू रेक और समय नहीं बदला जाएगा

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Western Railway: रतलाम रेल मंडल (Ratlam Railways) द्वारा मेमू रेक से ट्रेनों के संचालन को लेकर जारी किए गए आदेश को फिलहाल होल्ड कर दिया गया है, और अगले आदेश तक मौजूदा ट्रेनें पूर्वानुसार चलती रहेंगी। 28 अक्टूबर 2024 से रतलाम-भीलवाड़ा-रतलाम एक्सप्रेस (Ratlam To Bhilwara Demu Train) को डेमू के स्थान पर मेमू रेक से संचालित करने का आदेश जारी किया गया था। साथ ही कुछ ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय और प्लेटफॉर्म में बदलाव भी किए गए थे। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया की अपरिहार्य कारणों से इस फैसले को रोका गया है। शुक्रवार को जारी आदेश 24 घंटे के भीतर शनिवार को वापस ले लिए गए। मालवा रेल फेन क्लब के शिवम राजपुरोहित ने आदेश आने के बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया और विरोध किया। जिसके बाद इस फैसले को वापस ले लिया गया। दरअसल रतलाम मंडल को रेलवे बोर्ड द्वारा एक मेमू रेक आवंटित किया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने रतलाम-भीलवाड़ा-रतलाम और रतलाम-चित्तौड़गढ़-रतलाम डेमू ट्रेनों (Ratlam To Chittaurgadh Train) को क्रमशः 28 और 29 अक्टूबर से मेमू रेक से संचालित करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इस फैसले से आम यात्रियों को असुविधा होने की संभावना थी, क्योंकि महू से भीलवाड़ा और महू से चित्तौड़गढ़ तक यात्रियों को डेमू ट्रेनों में बिना बदलाव यात्रा करने की सुविधा थी। लेकिन नए फैसले के अनुसार, अब यात्रियों को रतलाम में ट्रेन बदलनी पड़ती, जिससे यात्रियों के सफर में कठिनाइयां आ सकती थीं। इसके अलावा, आदिवासी अंचल की लाइफलाइन मानी जाने वाली दाहोद-रतलाम-उज्जैन मेमू ट्रेन के समय में भी बदलाव से यात्रियों को मुश्किल होती। मेमू रेक को नहीं जाने देना चाहते थे!क्लब के शिवम राजपुरोहित ने बताया की मंडल प्रबंधक का बयान आया की रतलाम मंडल को केवल एक मेमू रेक मिला था, और इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे, इसलिए यह निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर मालवा रेल फेन क्लब ने सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि मेमू रेक (Memu Train) का उपयोग उज्जैन-चित्तौड़गढ़-उज्जैन एक्सप्रेस में फतेहाबाद के रास्ते किया जा सकता था ताकि यह रेक रतलाम मंडल के अधीन ही रहता। उन्होंने महू-भीलवाड़ा और महू-चित्तौड़गढ़ डेमू गाड़ियों (Demu Train) को यथावत बनाए रखने की मांग की, जिससे आम यात्रियों को बिना किसी बदलाव के यात्रा जारी रखने का विकल्प मिलता। इस आदेश का विरोध किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अब इस आदेश को रद्द कर दिया गया है।

MP News: विश्व के हजारों स्कूलों को पछाड़कर अव्वल बना ये सरकारी स्कूल, देश में बनाई अलग पहचान

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: रतलाम के विनोबा नगर स्थित सीएम राइज स्कूल ने गुरुवार को विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में शीर्ष स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। लंदन स्थित संस्था टी4 एजुकेशन ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से रतलाम के इस सरकारी स्कूल को “इनोवेशन श्रेणी” में विश्व का सर्वश्रेष्ठ स्कूल घोषित किया। यह उपलब्धि न केवल स्कूल के लिए, बल्कि भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है। टी4 एजुकेशन की घोषणा टी4 एजुकेशन के संस्थापक और सीईओ श्री विकास पोटा ने सीएम राइज विनोबा नगर स्कूल की टीम और मध्य प्रदेश सरकार को इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत के सरकारी स्कूल भी विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं। यह सफलता दुनिया भर के शिक्षकों और नीति निर्माताओं को प्रेरित करेगी।” 100 देशों के स्कूलों को दी मातटी4 एजुकेशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक देशों के हजारों स्कूलों ने भाग लिया था, जिनमें अमेरिका, यूरोप और एशिया के प्रतिष्ठित निजी स्कूल भी शामिल थे। रतलाम के इस स्कूल ने प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में कड़ी टक्कर देते हुए विश्व के शीर्ष 10 स्कूलों में अपनी जगह बनाई, और अंततः इनोवेशन श्रेणी में प्रथम स्थान पर पहुंचा। भावुक हुए स्कूल के सह प्राचार्यस्कूल के सह प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने इस उपलब्धि पर भावुक होकर कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा स्कूल दुनिया में अव्वल आएगा। हमने चुनौतियों के बीच नए विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए हर दिन संघर्ष किया। यह उपलब्धि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक पहचान दिलाने वाला क्षण है।” मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की बधाईमध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि रतलाम के इस स्कूल ने देश के लिए गर्व का क्षण प्रदान किया है। स्कूल की इनोवेटिव गतिविधियांसीएम राइज स्कूल ने विद्यार्थियों की उपस्थिति और दक्षता बढ़ाने के लिए कई इनोवेटिव तरीकों का प्रयोग किया। टीम हडल, कैप्सूल ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग और लर्निंग शोकेस जैसे कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Ratlam News: रतलाम की दिव्यांशी परिहार का MBBS के लिए चयन, परिवार में हर्ष का माहौल

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम के अलकापुरी निवासी होमगार्ड नायक पवन कुमार परिहार की बेटी दिव्यांशी परिहार ने नीट 2024 मॉप-अप काउंसलिंग में शानदार सफलता प्राप्त कर रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट हासिल की है। यह न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे रतलाम शहर के लिए गर्व का क्षण है। खास बात यह है की दिव्यांशी अब रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बनने का सपना साकार करेगी। दिव्यांशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट को दिया है। उसने बताया कि उसका संयुक्त परिवार हमेशा से चाहता था कि परिवार का एक सदस्य डॉक्टर बने, और इसी सपने को साकार करने के लिए दिव्यांशी ने अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट से नीट की तैयारी की। कोचिंग की मेहनत और समर्थन से मिली सफलता दिव्यांशी ने कोचिंग संस्थान की सराहना करते हुए कहा, “अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की फैकल्टी ने पूरे समर्पण के साथ मेरी मदद की। DTS, माइनर टेस्ट और Pre-NEET टेस्ट ने मेरी तैयारी को और मजबूत किया।” अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर नीलिमा कुमावत ने बताया कि इस वर्ष कोचिंग से 50 से अधिक विद्यार्थियों का मेडिकल कॉलेजों में चयन हुआ है, जिसमें से तीन विद्यार्थियों को रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट मिली है। इसमें दिव्यांशी परिहार के साथ-साथ सज्जन विहार कॉलोनी निवासी संदीप राठौर और झाबुआ निवासी नीरज खराड़ी भी शामिल हैं। रतलाम को मिला गौरव दिव्यांशी की इस सफलता पर पूरे शहर में हर्ष का माहौल है। परिवार और दोस्तों ने उसकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। दिव्यांशी के पिता पवन कुमार परिहार, जो होमगार्ड नायक के पद पर कार्यरत हैं, अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की ओर से सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं। रतलाम के लिए यह गर्व की बात है कि यहां के छात्र मेडिकल क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रहे हैं और शहर का नाम रोशन कर रहे हैं।

MP News: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला, शासकीय कर्मचारियों को दिया ये तोहफा

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के मद्देनजर प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर तक आहरित कर लिया जाए, ताकि सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली से पहले वेतन मिल सके। यह कदम शासकीय सेवकों के त्यौहार को और भी आनंददायक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा, “त्यौहार से पूर्व वेतन प्राप्त होने से सभी कर्मचारियों का दीपोत्सव और भी विशेष हो जाएगा। दीपावली परिवार और प्रियजनों के साथ मिलकर मनाने का पर्व है, और वेतन समय पर मिलना इसे और खुशहाल बनाएगा।” सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दीपावली के खर्चों के लिए समय पर वेतन मिलना उनके लिए बेहद सहूलियत भरा रहेगा।

MP News: रक्षक बना भक्षक, पुलिसकर्मी ने की युवती से छेड़छाड़, घर तक किया पीछा, धमकाकर थाने में रखा चार घंटे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: पुलिस को समाज का रक्षक माना जाता है, पर जब वही रक्षक अपनी जिम्मेदारी को भूलकर भक्षक बन जाए, तो आम जनता का विश्वास हिल जाता है। रतलाम में ऐसा ही एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। माणक चौक थाना क्षेत्र में तैनात एक पुलिसकर्मी, जिसे महिला सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था, ने न केवल युवती से छेड़छाड़ की, बल्कि उसका घर तक पीछा भी किया। यही नहीं, जब युवती और उसका भाई शिकायत करने थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद आरोपी पुलिसकर्मी ने न सिर्फ धमकियां दीं बल्कि उन्हें चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा। आरोपी आरक्षक का नाम दुर्गेश उर्फ सोनू जाट है। सूत्रों के अनुसार आरक्षक अनुकंपा नियुक्ति पर विभाग में भर्ती हुआ था। शादीशुदा आरोपी दुर्गेश के एक बेटा व एक बेटी है। एएसपी राकेश खाखा के अनुसार आरोपी आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए है। घटना का पूरा विवरणयह मामला 13 अक्टूबर 2024 की शाम का है। 21 वर्षीय पीड़िता अपने घर लौट रही थी, जब साक्षी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुकी। वहां मौजूद आरोपी पुलिसकर्मी दुर्गेश जाट ने अभद्र टिप्पणियां कीं। इसके बाद, जब युवती सब्जी लेने निकली, तो दुर्गेश जाट ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। घर लौटने पर भी आरोपी युवती के घर तक पहुंच गया। जब पीड़िता ने अपने भाई को इस बारे में बताया, तो भाई ने आरोपी को ललकारा, जिस पर पुलिसकर्मी अपनी बाइक छोड़कर भाग गया। थाने में घटी शर्मनाक घटनाअपनी सुरक्षा की उम्मीद लेकर जब पीड़िता और उसका भाई औद्योगिक थाना पहुंचे, तो वहां पहले से ही आरोपी पुलिसकर्मी मौजूद था। थाने में ही उसने पीड़िता और उसके भाई को गालियां दीं और धमकियां दीं। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह रही कि थाने में एफआईआर दर्ज करने में काफी देरी की गई। पीड़िता और उसके भाई को करीब चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया, जबकि कानून के रखवाले खुद अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने में हिचकिचा रहे थे। आखिरकार, महिला थाना प्रभारी की उपस्थिति में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी निलंबित, एसपी ने की कार्रवाई की पुष्टिरतलाम के एसपी अमित कुमार ने घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की और आरोपी पुलिसकर्मी दुर्गेश जाट को निलंबित कर दिया। एसपी ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़िता को न्याय मिले। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की लापरवाही और थाने में पीड़िता के साथ हुए व्यवहार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की छवि पर गहरा धक्कायह मामला तब सामने आया है, जब पुलिस विभाग “अभिमन्यु अभियान” चला रहा है, जो महिला सुरक्षा और जागरूकता को लेकर शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान के तहत पुलिस लोगों को यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि महिलाएं सुरक्षित हैं, और उन्हें किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न से डरने की जरूरत नहीं है। पर जब खुद पुलिसकर्मी ही महिलाओं के प्रति इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो समाज में महिला सुरक्षा का संदेश कैसे पहुंचेगा? न्याय की मांगरतलाम की इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जनता और महिला संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिस विभाग के अंदर फैली इस तरह की भ्रष्ट मानसिकता पर रोक लगाई जाए और ऐसे अपराधियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाए। यह घटना सिर्फ रतलाम की नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि यदि पुलिस जैसी सुरक्षा एजेंसी में इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी, तो जनता का कानून व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा। पुलिस विभाग को अपनी छवि को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

Navratri Festival: MP के रतलाम का अनोखा भैरव मंदिर, यहां गलती पर पछाड़ देते है भैरव!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Festival: मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) में धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर एक प्राचीन और रहस्यमय स्थल है, जहां श्रद्धालु चमत्कारिक घटनाओं का अनुभव करते हैं। इस मंदिर में भगवान भैरव को “पछाड़मल” कहा जाता है, जो मान्यता अनुसार गलती करने वालों को दंड देते हैं। मंदिर में दो प्रमुख प्रतिमाएं विराजमान हैं—काला भैरव और गौरा भैरव। इनमें से एक प्रतिमा को मदिरा और दूसरी को दूध का भोग अर्पित किया जाता है। पछाड़मल भैरव मंदिर पर सेवा दे रहे रविंद्रसिंह सोनगरा के अनुसार यह मंदिर रतलाम रियासतकाल से आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहां नौ दिन तक अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है, और दशहरे पर जवारों (वाड़ी) का विसर्जन विधि-विधान से किया जाता है। मंदिर की खास बात यह है कि यहां श्रद्धालुओं को मन्नत के लिए कोई महंगा चढ़ावा नहीं चढ़ाना पड़ता, बल्कि दूध, नारियल या मदिरा से ही भगवान भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है। मंदिर के इतिहास में कई चमत्कारिक घटनाओं का उल्लेख है, जैसे गलती करने पर भैरव महाराज द्वारा व्यक्ति को दंडित किया जाना। मंदिर से जुड़े कई किस्से लोगों की आस्था को और भी गहरा करते हैं। एक उदाहरण में एक युवक मंदिर में मदिरा चढ़ाने के बाद जब घर के लिए निकला तो रास्ते में चलती साइकिल से अचानक गिर गया था, जिसे भैरव महाराज की सजा के रूप में देखा गया। देश भर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं, और उनका मानना है कि यहां भूत-प्रेत बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रतलाम का यह धाम आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं और अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

MP News: आस्था या अंधविश्वास: रावण की तरह देवी को खुश करने के लिए युवक ने काटा खुद का गला, जिंदगी और मौत के बीच कर रहा संघर्ष

पन्ना – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News:  नवरात्रि (Navratri) के पावन पर्व पर जहां पूरा देश माता के चरणों में श्रद्धा से नतमस्तक है, वहीं मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने दशानन रावण की तरह अपने सर की बलि देने की कोशिश की। जिस तरह भगवान शिव को रावण प्रसन्न करना चाहता था उसी तरह इस युवक ने देवी को प्रसन्न करने की घातक कोशिश की। पन्ना (Panna News) के धरमपुर थाना क्षेत्र के केवटपुर गांव में आस्था और अंधविश्वास के बीच उलझे एक युवक ने अपनी गर्दन काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। यह घटना विजयासन देवी मंदिर में नवरात्रि के अंतिम दिन घटित हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के अनुसार राजकुमार यादव नामक युवक ने देवी के प्रति अपनी अटूट आस्था के चलते यह खौफनाक कदम उठाया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युवक ने नवरात्रि के नवें दिन हंसिये से अपनी गर्दन काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। यह घटना देवी मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच गहरे सदमे का कारण बनी। पुलिस और प्रशासन का त्वरित एक्शनघटना की जानकारी मिलते ही धरमपुर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और युवक को अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों की टीम ने समय पर इलाज शुरू किया, जिससे उसकी जान बच सकी। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस घटना के पीछे के मानसिक और सामाजिक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अंधविश्वास या अटूट आस्था?यह घटना समाज में बढ़ते अंधविश्वास पर सवाल खड़े करती है। नवरात्रि का यह पर्व भक्ति और आस्था का प्रतीक है, लेकिन ऐसी घटनाएं अक्सर धर्म और अंधविश्वास के बीच की धुंधली रेखा को उजागर करती हैं। क्या यह युवक की आस्था थी या फिर अंधविश्वास की हद? समाज को अब इस पर गहराई से सोचने की जरूरत है। पुलिस कर रही जांचफिलहाल पुलिस युवक के बयान और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। इस घटना ने इलाके में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है।

CM Kisan Kalyan Yojana: अक्टूबर में मध्य प्रदेश के किसानों को मिलेंगे ₹2000, जानें योजना के फायदे और पात्रता

मध्यप्रदेश-पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| CM Kisan Kalyan Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए CM Kisan Kalyan Yojana के तहत आर्थिक मदद की योजना चलाई है। इस योजना के तहत प्रदेश के किसानों को सालाना 6,000 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उन्हें खेती-बाड़ी के खर्चों में राहत मिलती है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पहले से मिलने वाले 6,000 रुपये के साथ, किसानों को कुल 12,000 रुपये की वार्षिक सहायता प्रदान की जाती है। अक्टूबर में किसानों को मिलेंगे ₹2000सरकार ने अक्टूबर 2024 में इस योजना के तहत किसानों को ₹2000 की अगली किस्त देने की घोषणा की है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी, जिससे उन्हें कृषि से जुड़े खर्चों में मदद मिलेगी। CM Kisan Kalyan Yojana के फायदे:1. सालाना ₹12,000 की सहायता: पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि के अतिरिक्त 6,000 रुपये की मदद राज्य सरकार देती है।2. आर्थिक स्थिरता: यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और खेती के निवेश को बढ़ाने में सहायक है।3. आय में सुधार: इस योजना से किसानों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है। पात्रता:1. मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।2. आवेदक की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए।3. आवेदक पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभार्थी होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेज:1. आधार कार्ड2. बैंक पासबुक3. पहचान पत्र (जैसे पैन कार्ड, वोटर आईडी)4. निवास प्रमाण पत्र5. भूमि से जुड़े दस्तावेज़6. मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो) आवेदन प्रक्रिया:1. सबसे पहले, मध्य प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. योजना से संबंधित लिंक पर क्लिक कर आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।3. फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी संलग्न करें।4. फॉर्म को नजदीकी कृषि विभाग या ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा करें।

MP News: फटाकेदार साइलेंसर वाले वाहनों पर चला बुलडोजर, बुलेट का वायरल हुआ था वीडियो

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में यातायात को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए पुलिस ने 09 अक्टूबर 2024 को अमानक साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS Amit Kumar) के निर्देशन में 97 दोपहिया वाहनों की चेकिंग की गई, जिनमें से 20 वाहनों पर अवैध साइलेंसर पाए गए। इन साइलेंसरों को जप्त कर महाराजा सज्जनसिंह चौराहा स्थित चौपाटी पर बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार रॉय और थाना प्रभारी अनोखीलाल परमार के साथ यातायात पुलिस की टीम शामिल थी। बुलेट वाले युवक को किया ट्रेकगौरतलब है की गरबा पंडाल से लौटते समय एक युवक तेज आवाज वाली बुलेट चला रहा था, जिससे लोग परेशान हो रहे थे। इस घटना का वीडियो पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद एसपी अमित कुमार के निर्देश पर युवक को ट्रैक कर बुलेट को थाने लाया गया। पुलिस ने उसका 1,000 रुपये का चालान काटा और मौके पर मैकेनिक बुलाकर साइलेंसर निकलवाया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने शहर भर में ऐसे अवैध साइलेंसर के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया, जिसमें कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और साइलेंसर जप्त कर नष्ट किए गए। कार्रवाई एक नजर में97 वाहनों की चेकिंग: विशेष अभियान के तहत, रतलाम शहर में 97 दोपहिया वाहनों की जांच की गई।20 अवैध साइलेंसर जब्त: जिन वाहनों में फटाकेदार और प्रदूषणकारी साइलेंसर लगे थे, उनके चालकों पर ध्वनि प्रदूषण के आरोप में चालान किया गया।साइलेंसर का नष्टीकरण: चालान के बाद जप्त साइलेंसरों को शहर के प्रमुख स्थल महाराजा सज्जनसिंह चौराहे पर बुलडोजर के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई शहर के यातायात को सुगम और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से की गई थी। अवैध साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, बल्कि शहर की शांति और लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती है। पुलिस ने जनता को आगाह किया कि इस तरह के अवैध साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस का सख्त रुखपुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के वाहन जो कानून का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि रतलाम के नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण यातायात मिले।” इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं था, बल्कि शहरवासियों को जागरूक करना भी था कि अवैध साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं और यह दूसरों की शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साइलेंसर का उपयोग न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित चेकिंग की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।

MP News: कचरा फेंकने वालों के फोटो लो और बदले में पाओ 50 रुपए, नगर निगम की पहल पर 5 लोग हुए कैप्चर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश की रतलाम नगर निगम ने अनोखी पहल शुरू की है। यहां खुले में कचरा फेंकने वालों के फोटो खींचकर अगर आप भेजते हो तो आपको 50 रूपए का इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा फेंकने वाले पर स्पॉट फाइन भी किया जाएगा। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए महापौर प्रहलाद पटेल ने इस अनोखी पहल को 2 अक्टूबर से शुरू किया। जिसका सकारात्मक असर अब दिखने लगा है। खुले में कचरा फेंकने वालों पर सख्ती करते हुए नगर निगम ने 5 व्यक्तियों पर जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई महापौर द्वारा शुरू की गई योजना के तहत की गई, जिसमें नगर के नागरिकों से अपील की गई थी कि वे ऐसे लोगों की तस्वीरें साझा करें जो कचरा फेंककर शहर को गंदा कर रहे हैं। महात्मा गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को महापौर प्रहलाद पटेल ने एक मोबाईल नंबर 7471144937 जारी किया, जिस पर शहरवासी उन लोगों की फोटो और पता भेज सकते है, जो खुले में कचरा डाल रहे है। इसके बदले में सूचना देने वालों को 50 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। इस पहल के परिणामस्वरूप नगर निगम को 5 लोगों की तस्वीरें प्राप्त हुईं, जिन्होंने खुले में कचरा फेंका था। इन सभी पर 250-250 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इनमें शहर की एक प्रतिष्ठित नमकीन व्यवसायी पर भी जुर्माना लगाया गया है। जिन लोगों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें चांदनी चौक के अनिल छाजेड़, धनजीभाई के नोहरा के संजय परमार, श्रीमालीवास के गोपाल वर्मा और सुमीत व्यास, और आरोग्य हनुमान मंदिर क्षेत्र के बालकिशन राठौड़ शामिल हैं। इन सभी ने अपने घरों या दुकानों से निकलने वाला कचरा नगर निगम के संग्रहण वाहन में डालने की बजाय खुले में फेंका था, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही थी। महापौर प्रहलाद पटेल ने इस संबंध में कहा कि शहर को स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है, और इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को जागरूक करना है। रतलाम को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी। महापौर ने नागरिकों से अपील की है कि वे नगर निगम के कचरा संग्रहण व्यवस्था का पालन करें और अपने शहर को स्वच्छ रखने में योगदान दें।