MP News: विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार रतलाम पहुंचे, जात – पात से ऊपर उठने पर दिया जोर; समाज के प्रबुद्धजनों से मिले

सेवा कार्य सबसे बड़ा कार्य, देश व धर्म को बचाकर सेवा कार्य करना बहुत आवश्यक है – आलोक कुमार रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: विश्व हिन्दू परिषद सामाजिक समरसता विभाग द्वारा रतलाम में सामाजिक समरसता संगोष्ठी व प्रबुद्धजन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशेष मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार उपस्थित हुए। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समरसता और एकता को बढ़ावा देना है। संगोष्ठी से पूर्व अतिथियों ने भारत माता व भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, संगठन मंत्री अर्जुन गेहलोद, समाजसेवी व व्यापारी अनोखीलाल कटारिया, प्रकाश शर्मा सांवरिया आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन जिला सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज सगरवंशी व विशेष संपर्क प्रमुख मनोज पंवार ने किया। अपने संबोधन में आलोक कुमार ने भारत में सनातन धर्म में सामाजिक समरसता को लेकर जात-पात से ऊपर उठकर सभी समाज को एक साथ रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे मन में भगवान विराजमान हैं, तो छोटा-बड़ा का कोई प्रश्न नहीं उठता। हिंदू धर्म में पहले समय में व्यक्ति हजार कष्टों को सहकर चार धाम तीर्थ यात्रा करता था। उस समय सड़क, परिवहन आदि की व्यवस्था नहीं होती थी। लोग अपने सभी हिसाब-किताब को सुधारते, गलतियों को स्वीकार करते और यह सोचकर जाते कि यदि मृत्यु हुई तो मोक्ष की प्राप्ति होगी, और यदि लौट आए तो ईश्वर की कृपा मानी जाती। यह सब इसलिए होता था क्योंकि लोग देश को एक मानते थे। उन्होंने कहा कि हम सभी को जात, मत, पंथ से ऊपर उठकर हिंदू के रूप में एकजुट रहना चाहिए और बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा देना अति आवश्यक है। अन्यथा विधर्मी हमारे समाज को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लव जिहाद जैसे गंभीर मामले सामने आते हैं। आलोक कुमार ने कहा कि आज कुछ राजनेता आदिवासी समाज को अन्य समाज से अलग करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें उकसा रहे हैं। जबकि वैज्ञानिक शोध से यह सिद्ध हो चुका है कि आदिवासी समाज और सनातन को मानने वाले अन्य पंथ के सभी बंधु मूल निवासी हैं और हिंदू हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी बौद्ध धर्म अपनाने से पूर्व ईसाई और इस्लाम मत पर विचार किया, लेकिन निष्कर्ष निकाला कि बौद्ध धर्म भारत के लिए अधिक उपयुक्त है। उन्होंने इस विषय पर “Thoughts on Pakistan” पुस्तक भी लिखी, जिसे सभी को पढ़ना चाहिए। इस आयोजन में विभाग से सह मंत्री पवन बंजारा, वीनू शर्मा, मोहित चौबे; जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम रावल, पवन देवड़ा; जिला संयोजक मुकेश व्यास, मनोज सगरवंशी, मनोज पंवार, मुन्नू कुशवाहा, अक्षय गोमै, योगेश चौहान, आशु टॉक, राजा राम ओहरी, अनिल रौतेला, कृष्ण भामा, पाखंड से विजय, नीरज सतवानी, दीपांशु गुप्ता, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, जिला शाह पसार रिकी सेन; शंकर सिंह, हीरालाल सीरवी एवं विभाग, जिला एवं प्रखंड टीम के सदस्य उपस्थित रहे। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

MP News: आपको नहीं मिल रहा है वाहन दुर्घटना का क्लेम, तो कोर्ट का यह फैसला आपके लिए है

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में वाहन दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत देते हुए कहा है कि दुर्घटना के छह महीने बाद भी क्लेम किया जा सकता है। न्यायालय के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। अब वे छह महीने बाद भी मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे। न्यायालय के प्रथम सदस्य, एमएसीसी (मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण) आदित्य रावत ने एक विशेष मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मामला प्रेमशंकर शर्मा की 22 जनवरी 2022 को हुई एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद, उनकी पत्नी आशा शर्मा ने 26 अप्रैल 2023 को बीमा क्लेम दायर किया। इस क्लेम पर बीमा कंपनी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के संशोधन के अनुसार क्लेम की अवधि दुर्घटना के 6 महीने के भीतर होनी चाहिए। लेकिन आशा शर्मा ने दुर्घटना के एक साल से अधिक समय बाद क्लेम दायर किया था। बीमा कंपनी की आपत्ति के बावजूद न्यायाधीश आदित्य रावत ने बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया और क्लेम को सुनवाई योग्य माना। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मोटर यान अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट) एक कल्याणकारी कानून है, जिसका उद्देश्य दुर्घटना से पीड़ित परिवारों की मदद करना है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सिर्फ देर से क्लेम दाखिल करने के आधार पर पीड़ित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना मुआवजे के आवेदन को रद्द करना उचित नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में आवेदिका एक गृहिणी हैं और उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, इसलिए विलंब को नजरअंदाज करना न्यायोचित है। इस मामले में आवेदिका की ओर से एडवोकेट देवेंद्र सिरधाना गुर्जर ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि न्यायालय का यह निर्णय उन सभी परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो दुर्घटना की समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। वर्ष 2019 के मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन में क्लेम दाखिल करने की अवधि छह महीने निर्धारित की गई थी, जिससे कई लोग जानकारी के अभाव में इस सीमा का पालन नहीं कर पाते थे। इस फैसले के बाद, दुर्घटना में घायल या मृतकों के परिजन छह महीने बाद भी मुआवजे का दावा कर सकते हैं, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।

Ratlam News: घरों में हुई गोवर्धन पूजा, विहिप ने किया महिलाओं को पुरुस्कृत

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज डेस्क। Ratlam News: विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कालिका माता प्रखंड में महावीर नगर में मातृशक्ति द्वारा गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। इस विशेष मौके पर महिलाओं और बहनों ने पूरी श्रद्धा के साथ गोवर्धन जी का निर्माण कर पूजा-अर्चना की। इस आयोजन में विश्व हिंदू परिषद द्वारा महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया, जिससे उनकी श्रद्धा और भक्ति को सम्मान मिला। इस अवसर पर जिला से मोंटी जी जायसवाल और पंकज जी चौहान, प्रखंड से विजय प्रजापत और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने इस पूजा के महत्व को समझाया और श्रद्धालुओं के साथ गोवर्धन पर्व का आनंद लिया। गोवर्धन पूजा का महत्व हिंदू धर्म में अत्यधिक माना जाता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाया था। इस पर्वत की पूजा कर उन्होंने लोगों को अपने कार्यों का महत्व समझाया और प्रकृति की पूजा करने का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा के माध्यम से आज भी भक्तजन भगवान श्रीकृष्ण के उस अद्भुत कार्य को याद करते हुए प्रकृति और जीवन में संतुलन बनाए रखने का संकल्प लेते हैं।

MP News: मध्यप्रदेश के इस शहर में मुर्दे नहीं दीपक जलाते है; दिवाली पर फुलझड़ियों व रंगोलियों से सजता है श्मशान, जानिए क्या है वजह

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में दिवाली से एक दिन पहले श्मशान दीपक से जगमगाते हुए दिखेगा। यहां रंगोलियां बनाई जाती है, आतिशबाजियां होती है। आमतौर पर श्मशान में जाने से लोग कतराते है, वो भी किसी खास त्योहार वाले दिन। लेकिन यहां इसके बिल्कुल उल्टा है। शहर का प्रसिद्ध त्रिवेणी मुक्तिधाम बुधवार शाम को दीपदान के आयोजन से जगमगा उठा। पूरे परिसर को रंगोली और दीपों से सजाया गया, जहां बच्चों ने फुलझड़ियां जलाकर और लोगों ने आतिशबाजी करके इस विशेष मौके को मनाया। महिलाओं ने ढोल की थाप पर पारंपरिक नृत्य कर माहौल को उल्लासमय बना दिया। त्रिवेणी मुक्तिधाम के अलावा शहर के भक्तन की बावड़ी और जवाहर नगर मुक्तिधाम में भी दीपों का यह उजाला देखने को मिला। आयोजन को करने वाले संस्था के प्रमुख सदस्य गोपाल सोनी ने बताया, “दीपावली का यह 5 दिवसीय पर्व न केवल हमारे घर-आंगन को रोशन करता है, बल्कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का भी एक माध्यम है। हम मुक्तिधाम में दीप जलाकर, रंगोली सजाकर, और आतिशबाजी कर पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं। इससे हम यह प्रार्थना करते हैं कि यदि हमारे पूर्वज अंधकार में हों, तो वे प्रकाश की ओर जाएं।” सोनी के अनुसार, इस परंपरा का आरंभ 2006 में हुआ था, और अब यह हर वर्ष बड़े उत्साह से मनाई जाती है। मोनिका शर्मा, जो अपने परिवार के साथ इस अवसर पर आईं, ने बताया, “पहले मुक्तिधाम में आने से लोग हिचकते थे, लेकिन अब यह परंपरा का हिस्सा बन गया है और सभी लोग इसमें शामिल होकर दीपदान करते हैं।” इस आयोजन का धार्मिक महत्व भी है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर किए जाने वाले इस दीपदान का उद्देश्य यमराज से यमयातना से मुक्ति प्राप्त करना है। गोपाल सोनी ने बताया, “नरक चतुर्दशी के इस दिन यमराज को दीपदान करने का विधान है, जिससे हमारे पूर्वजों को शांति प्राप्त होती है। माना जाता है कि राजा बलि ने इस दिन का वरदान मांगा था कि जो व्यक्ति इस दिन यमराज को दीपदान करेगा, वह दुखों से मुक्त रहेगा।” पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्वजों की प्रसन्नता से देवताओं का आशीर्वाद मिलता है और पितृदोष भी समाप्त हो जाता है। रतलाम में इस अद्वितीय आयोजन ने न केवल पूर्वजों की स्मृति को जीवित रखा है बल्कि समाज में आस्था और परंपरा के महत्व को भी उजागर किया है।

Ratlam’s Lakshmi Temple : MP के इस शहर में है कुबेर का खजाना! ; प्रसाद में बंटते है कड़क नोट और गहने

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam’s Lakshmi Temple: आपसे कोई पूछे की कुबेर का खजाना कहां है? तो आपको जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम शहर का एक ऐसा मंदिर है जिसे आप देख ले तो आपको आपका जवाब जरूर मिल जाएगा। रतलाम के माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर कुछ ऐसे ही नजर आता है। इस मंदिर में इतना धन – दौलत देखकर हर कोई इसे कुबेर के खजाने से ही जोड़ता है। लेकिन असल में यह कुबेर का खजाना नहीं बल्कि भक्तों का धन है जो महालक्ष्मी को अर्पण किया जाता है। दरअसल दीपावली (Diwali) के पर्व पर रतलाम का ऐतिहासिक महालक्ष्मी (Ratlam Lakshmi Mandir) मंदिर देशभर में अनूठा आकर्षण बना हुआ है। यहां महालक्ष्मी की मूर्ति को सजाने के लिए भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के नोट और आभूषणों से पूरा मंदिर परिसर कुबेर के खजाने की तरह जगमगा उठा है। यह देश का इकलौता मंदिर है जहां दीपावली पर भक्तों द्वारा दिए गए गहनों और नकदी से सजावट की जाती है। नोटों और आभूषणों की अद्भुत सजावटमंदिर में इस वर्ष दीपावली सजावट की शुरुआत 14 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा से ही हो चुकी थी। विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट, 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नए-नए नोट, मंदिर के हर कोने में सजाए गए हैं। ये नोट और आभूषण भक्तों द्वारा स्वेच्छा से श्रद्धा के साथ दिए जाते हैं। मंदसौर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, नागदा, खंडवा, देवास सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर आदि तक से भक्तजन धन और आभूषणों के साथ मंदिर में माता महालक्ष्मी का श्रृंगार करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने घरों की तिजोरी से नकदी और गहने लेकर मंदिर में सजावट के लिए जमा कराते हैं। यहां तक कि कई भक्त तो 5 लाख रुपये तक नकद भी श्रद्धापूर्वक रखते हैं। इन नोटों से मंदिर के लिए विशेष वंदनवार बनाए जाते हैं, जिससे पूरा गर्भगृह कुबेर के खजाने जैसा दिखाई देने लगता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममंदिर में इतने विशाल खजाने की सुरक्षा के लिए 4 गार्ड और सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं। साथ ही, मंदिर के निकट स्थित माणक चौक पुलिस थाना 24 घंटे मंदिर की सुरक्षा में मुस्तैद रहता है। भक्तजनों की संपत्ति की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन हर प्रकार का एहतियात बरतता है। जितने विश्वास से भक्त यहां सजावट के लिए धन व आभूषण अर्पित करते है, उतने ही विश्वास से लेने भी आते है। हैरानी की बात है की आज तक कभी किसी के धन वापसी करते समय कोई विघ्न नहीं आया है। श्रद्धालुओं के नोट और आभूषण सुरक्षित, रजिस्टर में एंट्री के साथ टोकनमंदिर प्रशासन भक्तों की संपदा की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रबंध करता है। प्रत्येक भक्त के नोट और आभूषणों का नाम, पता और मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही, भक्त का पासपोर्ट आकार का फोटो भी लगाया जाता है और टोकन देकर यह संपत्ति उन्हें बाद में सुरक्षित रूप से लौटाई जाती है। यह व्यवस्था इतनी पुख्ता है कि आज तक किसी भी भक्त की संपदा में कोई हेरफेर नहीं हुआ है। दीपावली के बाद प्रसाद में लौटाए जाएंगे गहने और नकदीसबसे विशेष और रहस्यमय पहलू यह है कि दीपावली का पर्व समाप्त होते ही भाई दूज के दिन भक्तों को उनका धन और गहने “प्रसाद” के रूप में लौटा दिए जाते हैं। मान्यता है कि जिनके धन से महालक्ष्मी का श्रृंगार होता है, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। दो शताब्दियों पुरानी परंपरामंदिर के कुलदीप त्रिवेदी के अनुसार लगभग 200 वर्ष पहले राजा रतन सिंह ने अपने राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली के लिए यह परंपरा शुरू की थी। उन्होंने अपनी संपदा पांच दिनों तक देवी महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया, जो आज तक निभाया जा रहा है। इसी क्रम में इस मंदिर में महालक्ष्मी के आठ स्वरूपों—अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी—की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वास्तविक कुबेर के खजाने जैसा भव्य रूपदीपावली पर पूरे सप्ताह तक यह मंदिर वैभव और आस्था का अनोखा प्रतीक बन जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दिए गए धन से महालक्ष्मी के आशीर्वाद से उनका घर और जीवन समृद्धि से भर जाता है।

Ratlam News: मंत्री काश्यप ने दीप मिलन समारोह में कहा; रतलाम निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन ग्लोबल समिट में रखेंगे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप (MSME Minister Chetanya Kasyap) ने दीप मिलन समारोह आयोजित किया। जिसमें रतलाम के पत्रकारों को आमंत्रित किया गया। समारोह में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने बताया की प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए पांच नेशनल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए, जिससे औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिला है। इन कॉन्क्लेव के माध्यम से दस हजार उद्यमियों से संवाद स्थापित किया गया और हर विधानसभा क्षेत्र में उद्योगों की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान के लिए जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है। पत्रकार दीप मिलन समारोह में मंत्री काश्यप ने बताया कि सरकार ने 16 स्थानों पर भूमि चिन्हित कर ली है, जहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार नई पीढ़ी के युवा उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देने के लिए संकल्पित है। रतलाम निवेश क्षेत्र का ग्लोबल समिट में प्रेजेंटेशनमंत्री काश्यप ने रतलाम के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 17 करोड़ के पहले टेंडर के बाद अब 320 करोड़ का दूसरा टेंडर जारी किया गया है, जिसमें पानी, बिजली, और सड़कों की व्यवस्था की जाएगी। निवेश क्षेत्र में लगभग 350 से 400 प्लॉट लघु उद्योगों के लिए आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फरवरी में भोपाल में होने वाली ग्लोबल समिट में रतलाम के निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। 8-लेन एक्सप्रेस-वे के पास होने के कारण इस क्षेत्र में उद्योगों के स्थापित होने की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई हैं। रतलाम में एयरपोर्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास मंत्री काश्यप ने यह भी बताया कि रतलाम में एयरपोर्ट के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है। निवेश क्षेत्र के लिए पानी का प्रबंध कनेरी डेम से किया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास को समर्थन मिलेगा। फार्मा कंपनियों के लिए यहां पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। अगले पांच सालों में इस औद्योगिक क्षेत्र के कारण रतलाम में नए अवसरों का विकास होगा, जिससे यह क्षेत्र प्रदेश और देश के औद्योगिक मानचित्र पर अपना स्थान बनाएगा। नगर निगम द्वारा शहर में 50 बीघा भूमि पर एक रिजनल पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है। मीडिया की सकारात्मक भूमिकासमारोह के दौरान मंत्री काश्यप ने रतलाम की मीडिया की सराहना करते हुए कहा कि शहर के विकास में मीडिया की भूमिका हमेशा सकारात्मक रही है, और भविष्य में भी यह योगदान जारी रहने की कामना की।

MP News : ईएसबी की युवाओं को बड़ी खुशखबरी, दिवाली पर 1000 से ज्यादा पदों के लिए परीक्षाएं

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News : कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने कुछ महीने पहले अपना भर्ती कैलेंडर जारी किया था, जिसमें केवल एक भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति जारी हो सकी थी। इसके बाद से कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं अटकी हुई थीं, जिससे लाखों उम्मीदवारों में चिंता फैल गई थी कि क्या बाकी परीक्षाएं होंगी भी या नहीं। हालांकि, हाल ही में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईएसबी इस दिवाली पर उम्मीदवारों को बड़ी सौगात देने जा रहा है। जल्द ही ईएसबी 1 हजार से ज्यादा पदों पर भर्तियां शुरू कर सकता है। कैलेंडर के अनुसार परीक्षाओं की स्थिति:– माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा– अगस्त 2024– समूह 4 उपसमूह 3 मेडिकल सोशल वर्कर एवं अन्य समकक्ष पद भर्ती परीक्षा– अक्टूबर 2024– महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षक परीक्षा– अक्टूबर 2024– समूह 2, उपसमूह 3 सहायक संपरीक्षक एवं अन्य समकक्ष पद भर्ती परीक्षा – नवंबर 2024– सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक चयन परीक्षा – दिसंबर 2024– वनरक्षक, क्षेत्रक रक्षक एवं जेल प्रहरी परीक्षा – जनवरी 2025 केवल एक परीक्षा हुई, कई अब भी लंबितईएसबी ने कैलेंडर में शामिल केवल एक परीक्षा, समूह 3 सब इंजीनियर, सहायक मानचित्रकार, तकनीशियन एवं अन्य समकक्ष पदों के लिए आयोजित की है। इसके बाद उम्मीदवारों में चिंता बढ़ी कि शेष परीक्षाएं कब होंगी। इस बीच हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिसमें अयोग्य उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाए गए हैं। ईएसबी की परीक्षा प्रक्रिया पर उठते सवालों के बीच संस्थान जल्द ही अधिक भर्तियों की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है। आने वाली भर्तियों में पदों की संख्या बढ़ सकती हैसूत्रों के अनुसार, ईएसबी इस साल के अंत तक समूह 5 के लिए एक भर्ती परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें 500 से ज्यादा पद संभावित हैं। यदि अन्य विभागों से भी मांगपत्र जल्द आते हैं तो यह संख्या 1000 से अधिक हो सकती है। इसके अलावा, समूह 4 में 300 पद और समूह 1 में मेडिकल सोशल वर्कर के लिए 100-150 पदों पर भर्तियों की उम्मीद है। रिजल्ट में देरी क्यों?वनरक्षक और जेल प्रहरी परीक्षा के रिजल्ट में देरी का कारण कई विभागों से प्राप्त होने वाले मांगपत्रों में देरी है। ईएसबी का कहना है कि शासन ने पदों को विभिन्न ग्रुपों में बांटा है और 50 से अधिक विभागों के समकक्ष पद शामिल किए हैं। कई विभागों के मांगपत्र अभी पाइपलाइन में हैं, जिससे अधिक पदों के लिए परीक्षा आयोजित करने में समय लग रहा है।

MP News: एम्बुलेंस में मरीज नहीं अफीम का फल जा रहा था; तस्करों ने निकाला तस्करी का नायाब तरीका, चढ़े पुलिस के हत्थे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: यूं तो आमतौर पर एम्बुलेंस का नाम सुनकर मरीज को ले जाने की धारणा हम सबके मन में आती है। मगर इस खबर को सुनने के बाद आपकी ये धारणा बदल भी सकती है। दरअसल रतलाम पुलिस ने एक ऐसे तस्करी के नायाब तरीके का पर्दाफाश किया है जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। यहां अफीम के फल यानी डोडा चूरा की तस्करी एम्बुलेंस में की जा रही थी। लेकिन तस्करों के इस नायाब तरीके को पुलिस ने फेल कर दिया और उन्हें धरदबोचा। मध्यप्रदेश से डोडाचूरा एम्बुलेंस में भरकर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। रतलाम एसपी अमित कुमार (IPS Amit Kumar) ने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया की अब से अन्य राज्यों व लोकल एम्बुलेंस की भी जांच सुनिश्चित की जाएगी। एम्बुलेंस पर आसानी से कोई भी संदेह नहीं करता है। जिसका फायदा अपराधियों द्वारा उठाया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के ग्राम तला निवासी रणजीत गंगाराम मोडके, उम्र 42 वर्ष व रूपेश लक्ष्मण माने, उम्र 35 वर्ष को गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी एम्बुलेंस में करीब 42 बोरों में भरकर डोडाचूरा ले जा रहे थे। बोरों (बारदान) में करीब 17 लाख कीमत का 8 क्विंटल 39 किलो 850 ग्राम डोडाचूरा भरा था। भारी मात्रा में बोरों को उतारने चढ़ाने में पुलिसकर्मियों के भी पसीने निकल गए। एसपी ने टीम को 10 हजार के इनाम से पुरुस्कृत किया। वहीं आईजी उज्जैन उमेश जोगा द्वारा 30 हजार का पुरस्कार कार्रवाई करने वाली टीम को देने की घोषणा की गई। एम्बुलेंस महाराष्ट्र के किसी  अस्पताल से अनुबंधित की गई है। जिससे रास्ते में कोई नहीं रोकता है। जान ले क्‍या होता है डोडाचूराभारत दुनिया में अफीम के सबसे ज्‍यादा वैध उत्‍पादन वाला देश है। मध्‍यप्रदेश के मालवा और राजस्थान के मेवाड़ के साथ उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में अफीम की वैध खेती होती है। अफीम जिस फल में से निकलती है, उसे डोडा कहते हैं। पौधे पर लगे कच्‍‍‍‍चे फलों पर चीरा लगाकर अफीम निकाल ली जाती है और पकने के बाद इसके दाने (खसखस या पोस्‍तदाना) निकाले जाते है। उसके बाद यह डोडा जब टुकड़े हो जाता है तो यह डोडाचूरा कहलाता है। इसे लोग पानी में भिगोकर नशे के लिए सेवन करते है। इसका अधिकांश उपयोग राजस्थान, पंजाब और हरियाणा राज्यों में होता है। 5 से 6 बार कर चुके आना – जानाएसपी अमित कुमार ने बताया की जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। दिनांक 27 अक्टूबर 2024 को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि FORCE कम्पनी की एक एम्बुलेंस (वाहन नंबर MH06BW5365) में दो व्यक्ति, जिनकी उम्र लगभग 35 से 40 साल है, मादक पदार्थ डोडाचूरा से भरे बोरे लेकर मंदसौर-जावरा की ओर से महाराष्ट्र की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सेजावता फंटा फोरलेन रोड पर नाकाबंदी की। जल्द ही जावरा-मंदसौर की तरफ से एम्बुलेंस आती हुई दिखी। पुलिस ने एम्बुलेंस को रोककर तलाशी ली, जिसमें दो लोग बैठे थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम रणजीत मोडके और रूपेश माने बताया। आरोपी पहले 5 से 6 बार इस तरह से डोडा तस्करी कर चुके थे। एम्बुलेंस के पिछले हिस्से में 42 बोरे मिले, जिनमें डोडाचूरा भरा हुआ था। इन बोरों का कुल वजन 8 क्विंटल 39 किलो 850 ग्राम पाया गया। पुलिस ने एम्बुलेंस, डोडाचूरा और दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 776/2024, धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मादक पदार्थ को सीतामऊ के पास से लाया गया था और इसे महाराष्ट्र ले जाने की तैयारी थी। पुलिस ने एम्बुलेंस को जप्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब इनके रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही महाराष्ट्र में इसके पीछे कौन सरगना है उसे भी तलाश रही है। इनकी रही सराहनीय भूमिकाइस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी, उपनिरीक्षक सत्येन्द्र रघुवंशी, सहायक उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, दशरथ माली, प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, गजेंद्र शर्मा, आरक्षक पवन मेहता, अर्जुन खिची, लखनसिंह, मोहन पाटीदार, धर्मेन्द्र मईड़ा, लंकेश पाटीदार और दुर्गालाल गुजराती ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

MP News: धनतेरस पर करोड़ों की सजावट देखने पहुंचेंगे सीएम डॉ. मोहन यादव, धनतेरस पर रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में करेंगे दर्शन

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज डेस्क। MP News: सीएम डॉ. मोहन यादव का दिवाली से पहले धनतेरस पर रतलाम दौरा संभावित है। 29 अक्टूबर को सीएम के आगमन की संभावना है, जिसमें वे माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन कर सकते हैं। गौरतलब है की रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर अपनी अनोखी साज – सज्जा के कारण विश्व में प्रसिद्ध है। यहां नोटों की लड़ियों व हीरे – जवाहरातों से मंदिर सजाया जाता है। जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों में होती है। सीएम के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर राजेश बाथम ने शनिवार को मंदिर का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, ताकि श्रद्धालुओं और वीआईपी आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने मंदिर में सजावट कार्य का भी जायजा लिया, जहां करीब 1 करोड़ से अधिक मूल्य के नोटों व आभूषणों से मंदिर को सजाया जा रहा है। सीएम के दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामसीएम के संभावित दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। एसपी अमित कुमार ने महालक्ष्मी मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और जिले के सभी पुलिस अधिकारियों की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए। सीएम का दौरा अभी औपचारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है, परंतु सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। एएसपी राकेश खाखा ने भी सायं को चौराहे का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया और पूजन सामग्री विक्रेताओं से चर्चा कर उन्हें वैकल्पिक स्थान पर अस्थायी रूप से दुकान लगाने का सुझाव दिया। इस दौरान सीएपी अभिलाष भलावी, टीआई सुरेंद्रसिंह गडरिया, ट्रैफिक डीएसपी अनिल यार, ट्रैफिक सुबेदार अनोखीलाल परमार आदि मौजूद थे। मंदसौर में कार्यक्रम के बाद रतलाम आने की संभावना29 अक्टूबर को सीएम डॉ. मोहन यादव मंदसौर में किसान सम्मान निधि वितरण और मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद उनके रतलाम पहुंचने और महालक्ष्मी मंदिर के दर्शन करने की संभावना है। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय से दौरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में तैयारियों पर चर्चा  मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों की एक बैठक हुई, जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप, जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, महापौर प्रहलाद पटेल, और अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री के आगमन पर उनका भव्य स्वागत करने का निर्णय लिया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 29 अक्टूबर को प्रातः 10.30 बजे नगर आगमन संभावित है।

Ratlam News: एसपी और निगम कमिश्नर के आदेशों की बेख़ौफ धज्जियां उड़ाते मोबाइल दुकानदार

सैलाना बस स्टैंड चौराहे पर मोबाइल दुकानदारों का अतिक्रमण जारी, सांठगांठ का सारा खेल! रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज डेस्क। Ratlam News: दिवाली के सीजन में कुछ दुकानदारों ने ऐसे दुकानें सजा रखी है, जैसे इनके घर पर कोई वैवाहिक समारोह आयोजित किया जा रहा हो। नियमों को ताक पर रखकर इन्होंने आम नागरिकों के लिए समस्याएं खड़ी कर दी है। ऐसे में वाहन तो ठीक पर पैदल चलने वालों तक फजीहत में पड़ गए है। क्योंकि फुटपाथ तो ठीक इन्होंने सड़क तक घेर ली है। रतलाम में एसपी अमित कुमार ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए “एक दिवस एक रोड अभियान” जैसी पहल शुरू की थी, जिससे नागरिकों में उम्मीद जागी। लेकिन एसपी और निगम कमिश्नर के आदेशों के बावजूद, बड़े दुकानदार और रसूखदार अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं। इन दुकानदारों में जीवन मोबाइल, नाकोड़ा NX, सतगुरु मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक आदि है। ऐसे ही शहर के अन्य हिस्सों में भी यही हाल है। खास बात यह है की इस चौराहे पर पुलिस वाहनों की चालानी कार्रवाई करती है। शहर के प्रमुख चौराहे सैलाना बस स्टैंड (महाराणा प्रताप चौराहा) पर मोबाइल दुकानदारों द्वारा खुलेआम फुटपाथ और सड़क पर अतिक्रमण जारी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां सड़कों पर वाहन पार्किंग के कारण जाम की स्थिति रोजाना बन रही है। यहां दुकानदारों अपना घर समझकर टेबल कुर्सियां लगाकर बैठे है। जिस पर ग्राहकों को बैठाकर लोन व फाइनेंस की स्कीम बताकर मोबाइल बेचे जा रहे है। बड़े दुकानदारों का हौसला बुलंद, छोटे दुकानदारों पर कार्रवाईसूत्रों के अनुसार, निगम के कुछ जिम्मेदारों की सांठगांठ से इन दुकानदारों को कार्रवाई का डर नहीं है। जीवन मोबाइल, नाकोड़ा NX, सतगुरु मोबाइल जैसे दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर तक फ्लेक्स और टेबल लगाकर अतिक्रमण कर रहे हैं। यहां आने वाले ग्राहक अपने वाहन सड़कों पर पार्क कर रहे हैं, जिससे चौराहे पर जाम की स्थिति बन जाती है। इनके रसूख के चलते जिम्मेदार इन पर कार्रवाई से बचते है। दो दिन पहले की गई खानापूर्तिदिवाली से पहले यातायात पुलिस और निगम की टीम ने एक संयुक्त अभियान चलाकर अस्थाई अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया। लेकिन टीम के प्रभारी राजेंद्र सिंह पंवार ने छोटे दुकानदारों को चेतावनी देने के बाद खानापूर्ति कर दी और कुछ चालान काटे। जैसे ही टीम जीवन मोबाइल, नाकोड़ा NX, और सतगुरु मोबाइल जैसी दुकानों पर पहुंची, कार्रवाई ढीली पड़ गई। पुलिस के जवान इस स्थिति में असहाय नजर आए क्योंकि निगम द्वारा छोटे और बड़े दुकानदारों में भेदभाव स्पष्ट दिखाई दिया। क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?नगर निगम कमिश्नर हिमांशु भट्ट ने बताया कि अस्थाई अतिक्रमण की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ट्रैफिक अनिल राय ने कहा कि फुटपाथ और पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है और अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि दिवाली पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने का पूरा प्रयास किया जाएगा, और चेतावनी दी गई है कि अतिक्रमण तुरंत हटाएं। रतलाम के नागरिकों को अब निगम और पुलिस प्रशासन से उम्मीद है कि बड़े और छोटे दुकानदारों के बीच भेदभाव किए बिना उचित कार्रवाई की जाएगी।