Ratlam News: रतलाम में पानी के छींटों पर बवाल: ट्रक ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या, 7 आरोपी हिरासत में

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां पानी के छींटों को लेकर हुए झगड़े में ट्रक ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना मध्यप्रदेश के बिलपांक थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुई। घटना का वीडियो देखे जानकारी के अनुसार, राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के छोटी सादड़ी निवासी दो सगे भाई उदयसिंह तंवर (42) और भगवानसिंह तंवर (39) अलग-अलग ट्रकों में महाराष्ट्र से माल लेकर अपने गृह राज्य लौट रहे थे। उदयसिंह पपीते से भरा ट्रक लेकर पुष्कर जा रहे थे, जबकि भगवानसिंह कपास लेकर भीलवाड़ा जा रहे थे। पानी के छींटों को समझा थूक रतलाम के पास फोरलेन पर चलते समय आगे चल रहे ट्रक से उड़े पानी के छींटे पीछे आ रहे बाइक सवारों पर गिर गए। बाइक सवारों ने इसे थूक समझ लिया और ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक चालक नहीं रुका। होटल पर रोककर बेरहमी से पीटा कुछ दूरी पर चिकलिया टोल नाके के पास एक होटल पर ट्रक रुका, जहां बाइक सवार भी पहुंच गए। यहां विवाद इतना बढ़ गया कि बाइक सवारों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया और दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों और टॉमी से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान मौत घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। इलाज के दौरान भगवानसिंह की मौत हो गई, जबकि उदयसिंह का इलाज जारी है। 8 आरोपियों पर हत्या का केस पुलिस ने मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। इनमें से 7 को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि एक आरोपी को इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया है। फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक भगवानसिंह अपने पीछे पत्नी बीना कुंवर और तीन मासूम बेटियां (7, 4 और 2 वर्ष) छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिजन रतलाम पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव को राजस्थान ले जाया गया। पुलिस जांच जारी पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग की संदिग्ध मौत: गले में दुपट्टा, परिजनों ने जताई रेप के बाद हत्या की आशंका

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के सरवन थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। किशोरी का शव उसके घर से करीब 200 फीट दूर जमीन पर पड़ा मिला, जिसके गले में दुपट्टा कसकर लिपटा हुआ था और उसमें गांठ लगी हुई थी। परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई है। वीडियो देखे शादी से उठाकर ले जाने का आरोप मामला सेमलखेड़ा ग्राम पंचायत के एक गांव का है। मृतका के पिता के अनुसार, बुधवार रात गांव में पारिवारिक शादी समारोह था, जहां उनकी दोनों बेटियां शामिल होने गई थीं। रात करीब 10 बजे वे शादी में गई थीं, जबकि घर पर मां, छोटा भाई और दादा-दादी मौजूद थे। पिता उस समय गेहूं कटाई के लिए मजदूरी पर गया हुआ था। छोटी बहन ने बताई पूरी घटना पिता ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 4 बजे जब वह घर लौटा तो पता चला कि दोनों बेटियां घर नहीं पहुंची हैं। शादी स्थल पर पहुंचने पर जानकारी मिली कि बड़ी बेटी रात करीब 3 बजे घर के लिए निकल गई थी, जबकि छोटी बेटी वहीं थी। छोटी बेटी ने बताया कि उसकी बहन को चार युवक जबरन अपने साथ ले गए थे। चार आरोपियों के नाम सामने आए छोटी बेटी द्वारा बताए गए नामों के आधार पर पिता ने चारों आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। एक-एक कर चारों युवकों को घर लाया गया, जहां पूछताछ में उन्होंने लड़की के घर के पास होने की बात कही। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे, जहां घर से करीब 200 फीट दूर किशोरी का शव मिला। तीन आरोपी फरार, एक पुलिस हिरासत में पिता के अनुसार, पकड़े गए चार आरोपियों में से तीन मौके से फरार हो गए, जबकि एक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। उनका कहना है कि अगर यह आत्महत्या होती तो शव पेड़ पर लटका मिलता, जबकि शव जमीन पर पड़ा मिला। डीजे के शोर में दब गई मदद की आवाज परिजनों का आरोप है कि जब आरोपियों ने किशोरी को जबरन ले जाया, तब छोटी बहन ने शोर मचाया था, लेकिन शादी में बज रहे डीजे के तेज शोर के कारण कोई सुन नहीं सका। सड़क पर चक्काजाम, सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनके मकान तोड़ने की मांग को लेकर शव को सड़क पर रखकर करीब आधे घंटे तक चक्काजाम किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है। सरवन थाना पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपियों को राउंडअप कर लिया गया है। एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि किशोरी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

Ratlam News: आलोट में महिला से मारपीट, पुलिस पर हल्की धाराओं में केस दर्ज करने के आरोप

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया मारू में रास्ते पर बने गड्ढे को भरने की बात को लेकर महिला के साथ सरेआम मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने बीच सड़क पर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले में हल्की धाराओं में केस दर्ज किया है और अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना का वीडियो देखे जानकारी के अनुसार फरियादी श्यामुबाई बागरी (उम्र लगभग 41 वर्ष) पत्नी भंवरलाल बागरी, निवासी ग्राम पिपलिया मारू, थाना आलोट, खेती-मजदूरी का काम करती हैं। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके घर के पीछे से कुएं की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता है। उसी रास्ते में मोहनलाल बागरी ने मकान बनाने के लिए गड्ढा खोद दिया था। 8 मार्च को सुबह करीब 11 बजे श्यामुबाई अपने पति के साथ उस गड्ढे को भर रही थी। इसी दौरान मोहनलाल बागरी, उसकी पत्नी लीलाबाई बागरी तथा उसकी बेटियां कृष्णाबाई और दुर्गाबाई वहां पहुंचे और गड्ढा भरने को लेकर विवाद करने लगे। पीड़िता का आरोप है कि चारों ने अश्लील गालियां देते हुए लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट शुरू कर दी। महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान मोहनलाल ने पत्थर फेंककर मारा, जो उसके चेहरे पर लगा। वहीं बीच-बचाव करने आई उसकी बेटी धापुबाई के साथ भी कृष्णाबाई और दुर्गाबाई ने मारपीट की। इस घटना में महिला के चेहरे और शरीर पर, उसकी बेटी के गले और शरीर पर तथा उसके पति के हाथ और नाक पर चोटें आई हैं। घटना के दौरान गांव के शांतिबाई और कारूलाल ने बीच-बचाव किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने जाते-जाते धमकी दी कि अगर दोबारा गड्ढा भरा तो जान से खत्म कर देंगे। पीड़िता की शिकायत पर आलोट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि महिला का आरोप है कि गंभीर मारपीट और चोट के बावजूद पुलिस ने साधारण धाराओं में केस दर्ज किया है और अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। इस मामले को लेकर जब एसडीओपी पल्लवी गौर से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि वे थाने से मामले की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई करवाएंगी।

Ratlam News: रतलाम में हार्डवेयर दुकान में भीषण आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका; 15–20 लाख का नुकसान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के टैंकर रोड स्थित विनोबा नगर इलाके में रविवार दोपहर एक हार्डवेयर और सेनेटरी की दुकान में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि उसे बुझाने में फायर ब्रिगेड को करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। इस घटना में करीब 15 से 20 लाख रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना का वीडियो देखे जानकारी के मुताबिक श्री राम हार्डवेयर एंड सेनेटरी नाम की दुकान में रविवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक आग लग गई। उस समय दुकान बंद थी। आसपास के लोगों ने पहले दुकान से धुआं निकलते देखा और तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। कुछ ही देर में दुकान से तेज धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 5 फायर लॉरी मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। आग लगने से दुकान में रखा हार्डवेयर का सामान, प्लास्टिक पाइप, नल सहित अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग संभवत: शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारण की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि दुकान संचालक राहुल पिता सुनील प्रसाद, निवासी विनोबा नगर, रविवार सुबह अपने दोस्तों के साथ राजस्थान के सांवलियाजी मंदिर दर्शन के लिए गए थे। आग लगने की सूचना मिलने के बाद वे तुरंत रतलाम के लिए रवाना हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, जबकि प्राथमिक आकलन में 15 से 20 लाख रुपए के नुकसान की संभावना जताई गई है।

Ratlam News: रतलाम में होली पर उत्पात मचाने वाले 14 बदमाशों का पुलिस ने निकाला जुलूस

रतलाम में धुलेंडी की रात मारपीट और चाकूबाजी करने वाले 14 बदमाशों का पुलिस ने जुलूस निकाला। आरोपियों ने कान पकड़कर माफी मांगी, वहीं पीड़ितों ने मोहल्ले में जुलूस निकालने की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: होली (धुलेंडी) की रात शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पात मचाने और मारपीट-चाकूबाजी करने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। शुक्रवार शाम पुलिस ने ऐसे 14 आरोपियों का शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान सभी बदमाश कान पकड़कर कहते नजर आए कि वे आगे से अपराध नहीं करेंगे। वीडियो देखे पुलिस ने इन सभी आरोपियों को पहले स्टेशन रोड थाने पर एकत्र किया, जिसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें पैदल जुलूस के रूप में शहर में घुमाया गया। धुलेंडी के दिन शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए विवादों और हमलों के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। तीन थाना क्षेत्रों के आरोपी शामिल जानकारी के अनुसार, धुलेंडी के दिन शहर के चारों थानों में विवाद, मारपीट और चाकूबाजी की घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों में केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। पुलिस द्वारा निकाले गए जुलूस में डीडी नगर थाना और औद्योगिक थाना क्षेत्र के 6-6 आरोपी तथा माणकचौक थाना क्षेत्र के 2 आरोपीशामिल थे। इन पर मामूली विवाद के बाद मारपीट, चाकूबाजी और तलवार से हमला कर लोगों को धमकाने के आरोप हैं। हालांकि स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में हुई चाकूबाजी के आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। एक्टिवा हटाने की बात पर हुआ था हमला डीडी नगर थाना क्षेत्र में बुधवार रात घर के बाहर खड़ी एक्टिवा हटाने की बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद 8 से 10 युवकों ने एक घर पर तलवार और लाठियों से हमला कर दिया था। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो जुलूस में शामिल थे। पीड़ितों ने की मोहल्ले में जुलूस निकालने की मांग जुलूस के दौरान घायल पक्ष के लोग भी सीएसपी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव से कहा कि आरोपियों का इलाके में काफी आतंक है। पीड़ितों ने मांग की कि बदमाशों का जुलूस मुख्य सड़क के बजाय उनके मोहल्ले में निकाला जाए, ताकि लोगों में उनका डर खत्म हो सके। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी कुछ समय बाद छूटकर फिर से उत्पात मचाने लगेंगे। इस पर सीएसपी ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Ratlam News: इंस्टाग्राम पोस्ट से बची जान: जावरा पुलिस ने एक घंटे में खेत से बदहवास युवक को किया रेस्क्यू

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान जावरा के थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक की जान बचा ली। युवक ने इंस्टाग्राम पर 40 सेकंड का वीडियो अपलोड कर तीन प्रकार के जहरीले पदार्थ दिखाते हुए आत्मघाती कदम उठाने की बात कही थी। पोस्ट सामने आते ही पुलिस और साइबर सेल सक्रिय हुई और महज एक घंटे के भीतर युवक को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। घटना का वीडियो देखे साइबर सेल ने निकाली लोकेशन, खेत से मिला युवक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान ने बताया कि एसपी अमित कुमार के निर्देशन में त्योहारों के मद्देनजर इंटरनेट मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सोमवार रात करीब 9 बजे पुलिस को इंस्टाग्राम पर अपलोड एक वीडियो की सूचना मिली, जिसमें युवक खुद को नुकसान पहुंचाने की बात कर रहा था। वीडियो तत्काल साइबर सेल को भेजा गया। तकनीकी विश्लेषण के बाद युवक की लोकेशन रिंगनोद क्षेत्र में ट्रेस हुई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां सर्चिंग के दौरान युवक गेहूं के खेत में बदहवास हालत में मिला। उसे सुरक्षित हिरासत में लेकर काउंसलिंग की गई और बाद में परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वीडियो में कहा – “मैं अपनी खुशी से मर रहा हूं” वीडियो में युवक ने कहा था कि वह कीटनाशक, चूहे मारने की दवा और अन्य जहरीला पदार्थ लेकर आया है और अपनी इच्छा से जान देने जा रहा है। उसने पुलिस से किसी को परेशान न करने की अपील भी की थी। तलाशी के दौरान युवक की लोकेशन बदलने से पुलिस को दिक्कत आई, लेकिन लगातार ट्रैकिंग के बाद उसे ढूंढ निकाला गया। युवक शादीशुदा है और गांव में किराना दुकान संचालित करता है। पूछताछ में उसने आर्थिक तंगी के चलते परेशान होने की बात कही। कीटनाशक विक्रेताओं को नोटिस घटना के बाद मंगलवार को पुलिस ने क्षेत्र के कीटनाशक दवा विक्रेताओं को नोटिस जारी किए। नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि दवा बेचते समय खरीदार से उपयोग का कारण अवश्य पूछा जाए। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध, परेशान या नशे की हालत में प्रतीत हो तो तत्काल उसके परिजन, संबंधित थाना या डायल 112 को सूचना दें। नाबालिगों को किसी भी स्थिति में कीटनाशक दवा न बेचने और लाइसेंस व कर्मचारियों की जानकारी थाने में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना उचित कारण जाने दवा बेचने पर कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से टली बड़ी घटना पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सतत निगरानी और त्वरित तकनीकी कार्रवाई के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसिक तनाव की स्थिति में परिवार, मित्रों या प्रशासन से संपर्क करें और कोई भी आत्मघाती कदम न उठाएं।

Ratlam News: रतलाम में जमीन सौदे में 90 लाख की ठगी, ओवैस मेटल ग्रुप से जुड़े सैय्यद अख्तर व परिवार के खिलाफ केस दर्ज

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में जमीन के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रतलाम के स्टेशन रोड थाने में ओवैस मेटल ग्रुप से जुड़े सैय्यद अख्तर अली समेत पांच आरोपितों के खिलाफ 90 लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि जमीन का विक्रय अनुबंध करने के बाद आरोपितों ने न तो रजिस्ट्री कराई और न ही बैंक ऋण का निपटारा किया। शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई रिपोर्ट पुलिस के अनुसार 64 वर्षीय विजय पुत्र मांगीलाल कटारिया, निवासी पैलेस रोड ने अपने भाइयों सुरेश कटारिया और विनोद कटारिया के साथ मिलकर आरोपित सैय्यद अख्तर अली, सैय्यद अफसर अली, सैय्यद मोहब्बत अली, अल्ताफ बी और फिरोजा बी (सभी निवासी रतलाम) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। 2.70 करोड़ में हुआ था जमीन का सौदा शिकायतकर्ता के मुताबिक रिंग रोड और पुराने बायपास रोड स्थित कृषि भूमि (सर्वे नंबर 221/1 और 221/2) का कुल सौदा 2 करोड़ 70 लाख रुपये में तय हुआ था। 9 मार्च 2021 को उप पंजीयक कार्यालय में इसका रजिस्टर्ड विक्रय अनुबंध भी कराया गया था। चेक से लिए 90 लाख रुपये बेचाननामे के बाद आरोपितों ने अलग-अलग चेक के माध्यम से कुल 90 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। समझौते के अनुसार 7 मार्च 2023 तक शेष राशि लेकर रजिस्ट्री कराना और जमीन पर लिए गए बैंक ऋण का निपटारा कर एनओसी देना तय हुआ था। टालमटोल के बाद दान पत्र कर दिया समय आने पर रजिस्ट्री की मांग करने पर आरोपितों ने व्यक्तिगत कारण बताकर एक साल का अतिरिक्त समय मांगा। 9 फरवरी 2023 को पंजीयन अवधि बढ़ाने का अनुबंध भी किया गया, लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने जमीन का दान पत्र सैय्यद मुर्तुजा अली के नाम कर दिया और उसी जमीन के आधार पर HDFC Bank से लाखों रुपये का लोन भी ले लिया। 90 लाख रुपये हड़पने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने धोखाधड़ी कर 90 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में पुलिस ने भादवि की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोने की खदान का लाइसेंस भी हो चुका निरस्त जानकारी के अनुसार सैय्यद अख्तर अली Owais Metal and Mineral Processing Limited के संचालकों में शामिल हैं। कंपनी ने राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के घाटोल क्षेत्र के भूकिया-जगपुरा में सोने की खदान के लिए 65.30% की सबसे बड़ी बोली लगाई थी, लेकिन बाद में दस्तावेजों, संपत्ति और आयकर रिटर्न में विसंगतियों के चलते खनन विभाग ने यह नीलामी निरस्त कर दी थी। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार इस प्रोजेक्ट में रतलाम सहित आसपास के कई लोगों का निवेश फंसा हुआ है और बैंकों की करोड़ों रुपये की वसूली प्रक्रिया अभी जारी है।

Ratlam News: नशे में मोबाइल टावर पर चढ़ा ग्रामीण, घंटों मशक्कत के बाद पुलिस ने सुरक्षित उतारा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के नामली थाना क्षेत्र के पलदूना गांव में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ग्रामीण अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही नामली थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। WATCH VIDEO टावर पर चढ़े व्यक्ति की पहचान प्रभुलाल भील के रूप में हुई है, जो मजदूरी करता है। ग्रामीणों के मुताबिक वह पहले भी दो बार मोबाइल टावर पर चढ़ चुका है, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया था। प्रभुलाल मूल रूप से बजाना क्षेत्र के कागलीखोरा का निवासी है और पिछले करीब 20 वर्षों से पलदूना गांव में रहकर मजदूरी कर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रभुलाल नशे की हालत में था और टावर पर चढ़कर कह रहा था कि वह “टावर चेक करके” नीचे आएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक समझाइश दी, लेकिन वह तुरंत नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन आसपास भीड़ को दूर किया और सतर्कता बरती। बताया जा रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में वह नीचे नहीं उतरा, लेकिन जब पुलिस ने दूरी बनाई तो वह शाम करीब 4 बजे सुरक्षित नीचे आ गया। नीचे उतरते ही पुलिस उसे थाने ले गई, जहां आवश्यक पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान सावधानी बरती गई, जिससे किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल बना रहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Ratlam News: रतलाम में बीआरसी कार्यालय में हंगामा: निलंबित शिक्षक कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा, वीडियो वायरल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के हाथीखाना क्षेत्र स्थित बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) कार्यालय में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक निलंबित शिक्षक कुल्हाड़ी लेकर सहायक परियोजना समन्वयक (बीआरसी) पर हमला करने दौड़ पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। WATCH VIDEO गवाही से नाराज था शिक्षक पुलिस के अनुसार आरोपित शिक्षक दिलीप राठौर पूर्व में दर्ज एक प्रकरण में गवाही देने की बात से नाराज था। बीआरसी विवेक नागर ने शिकायत में बताया कि दोपहर करीब 2:20 बजे वे कार्यालय में मौजूद थे, तभी दिलीप राठौर हाथ में कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। वह एपीसी राजेश झा से जुड़े मामले में गवाही देने को लेकर आक्रोशित था। नागर ने स्पष्ट किया कि उनकी उस मामले में गवाही नहीं है, वे केवल साथ गए थे। इसके बावजूद आरोपित उनकी ओर कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा। स्थिति को भांपते हुए नागर एक कमरे में चले गए और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। वीडियो में आरोपित धमकी देते हुए कहता नजर आ रहा है कि वह जेल जाने से नहीं डरता। दिव्यांग विद्यार्थियों के कार्यक्रम के बीच मचा हंगामा घटना के समय बीआरसी कार्यालय परिसर में दिव्यांग विद्यार्थियों को उपकरण वितरण का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान भी आरोपित वहां पहुंचा था, लेकिन कुछ देर बाद चला गया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह दोबारा कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा और विद्यार्थियों व स्टाफ के सामने हंगामा करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दिलीप राठौर ने दिव्यांग बच्चों के सामने भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। स्थिति बिगड़ती देख कार्यालय स्टाफ के विशाल सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गोपाल शर्मा सहित अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उसे परिसर से बाहर किया। पहले भी कर चुका है विवाद और हमला जानकारी के मुताबिक दिलीप राठौर पहले मोरवानी के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ था। स्कूल में अनुपस्थित रहने और अनुशासनहीनता के चलते तत्कालीन डीईओ केसी शर्मा ने उसे निलंबित किया था। वह पूर्व में भी बीआरसी कार्यालय में हंगामा और पत्थरबाजी की घटना में शामिल रहा है। इसके अलावा एपीसी राजेश झा और विवेक नागर के साथ मारपीट व उनके घर पहुंचकर हंगामा करने का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस ने दर्ज किया मामला स्टेशन रोड थाना पुलिस ने बीआरसी विवेक नागर की शिकायत पर आरोपित दिलीप राठौर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा: कच्चे मकान की दीवार ढही, मजदूर गंभीर रूप से घायल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: माणकचौक थाना क्षेत्र के कोठारी वास में सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पास स्थित एक दो मंजिला कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे निर्माण कार्य में जुटा एक मजदूर मलबे में दब गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। WATCH VIDEO घायल मजदूर की पहचान ग्राम पलसोड़ी निवासी 30 वर्षीय दिनेश पुत्र मांगू मईड़ा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दिनेश जैन कॉलोनी निवासी सराफा व्यापारी तरुण वोहरा के मकान के निर्माण कार्य में लगा हुआ था। यह ठेका विजय कुमावत को दिया गया था। हादसे के समय दिनेश मकान की कांक्रीट नींव में छैनी-हथौड़ी से झीरी का काम कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के सामने ढही दीवार मौके पर मौजूद चौकीदार गोविंदराम पांचाल की पत्नी सोनू भी दिनेश के साथ काम कर रही थी। सोनू के सामने ही अचानक पास के बंद पड़े दो मंजिला कच्चे मकान की दीवार ढह गई। इसी दौरान वहां 10 वर्षीय बालिका अनन्या, जो गोविंदराम के साले की बेटी है, भी खेल रही थी। गनीमत रही कि बच्ची को कोई चोट नहीं आई। दीवार गिरते ही दिनेश का धड़ पूरी तरह मलबे में दब गया, जबकि सिर बाहर था। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दिनेश को मलबे से बाहर निकाला और बेहोशी की हालत में रिक्शा से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। इंदौर रेफर, प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर प्राथमिक उपचार के बाद दिनेश की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे इंदौर रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम आर्ची हरित, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, थाना प्रभारी पातीराम डावरे और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिस कच्चे मकान की दीवार गिरी, वह वीरेंद्र कुमार पुत्र कन्हैयालाल ओझा का बताया जा रहा है। मकान फिलहाल बंद पड़ा है और उसमें कोई निवास नहीं करता। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह हादसा जर्जर दीवार के अचानक गिरने से हुआ बताया जा रहा है।