Ratlam News: नामली फोरलेन हादसा: शव रख 12 घंटे तक प्रदर्शन, आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
नामली फोरलेन हादसे में मौत के बाद ग्रामीणों ने 12 घंटे तक शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के आश्वासन पर धरना खत्म, 13वीं सड़क पर करने की चेतावनी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली फोरलेन पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घायल मुकेश कुमावत की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर 12 घंटे तक प्रदर्शन किया। आखिरकार प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ, लेकिन चेतावनी अभी भी बरकरार है। वीडियो देखे नामली फोरलेन हादसा: क्या हुआ था उस रात? गुरुवार रात करीब 9 बजे नामली के पल्टूना फंटे के पास 50 वर्षीय मुकेश कुमावत अपने परिजन के साथ स्कूटी से फोरलेन पार कर रहे थे। इसी दौरान रतलाम की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। कार पर ‘मप्र पुलिस’ लिखा था, जिससे मामला और गंभीर हो गया। घायल मुकेश को पहले रतलाम मेडिकल कॉलेज और बाद में इंदौर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। 12 घंटे तक चला प्रदर्शन, शव रखकर किया विरोध मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने फोरलेन पर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ग्रामीणों ने सड़क पर ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर ली थी। लकड़ियां और कंडे तक मौके पर ला दिए गए थे। करीब 12 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन और MPRDC अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी। लिखित आश्वासन के बाद माने ग्रामीण स्थिति बिगड़ती देख MPRDC के सहायक महाप्रबंधक अमित भूरिया ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया। इसमें सड़क सुरक्षा सुधार और अन्य मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद सुबह करीब 11:30 बजे धरना समाप्त हुआ और परिजन शव लेकर रवाना हुए। 12 बिंदुओं का मांग पत्र: क्या हैं प्रमुख मांगें? ग्रामीणों ने प्रशासन को 12 बिंदुओं का मांग पत्र सौंपा, जिसमें शामिल हैं: साथ ही, मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी की गई है। चेतावनी: “मांगे पूरी नहीं हुई तो सड़क पर ही 13वीं” ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 12 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे फोरलेन पर ही 13वीं का कार्यक्रम करेंगे और बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे। पुलिस जांच और आरोपी जांच में सामने आया कि हादसे में शामिल कार धार जिले के धामनोद थाने में पदस्थ एएसआई दुर्गा प्रसाद वैष्णव की थी, जो खुद वाहन चला रहे थे। हादसे के बाद वे थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया और कार जब्त कर ली। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि: इसी वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी उठाए सवाल जिला पंचायत सदस्य राजेश भरावा ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान गांवों के रास्तों की जानकारी देने के बावजूद अनदेखी की गई, जिससे यह स्थिति बनी।