परफेक्ट पुलिसिंग : जांच में झूठा निकला बलात्कार का आरोप, अब शिकायत करने वाली महिला पर दर्ज होगा केस

सीसीटीवी फूटेज और मोबाइल लोकेशन ने बचाया, पुलिस ने 2 माह में किया निराकरण पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बलात्कार या दुष्कर्म के रोज नए मामले सामने आते है। जिसमें महिला की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर पुलिस आरोपियों को सलाखों के पीछे कर देती है। ऐसा ही एक मामला रतलाम के ताल थाना क्षेत्र में भी आया। जिसमें महिला ने तीन लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया। लेकिन जब पुलिस ने मामले की सत्यता जांची और निष्पक्ष जांच की तो मालूम हुआ कि पूरा मामला ही झूठा निकला। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए केस को खत्म करने की कार्रवाई करते हुए शिकायत करने वाली महिला के खिलाफ केस दर्ज करेगी। पुलिस ने 2 महीने में ही दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए तीन बेकसूर लोगों को बचा लिया। पुलिस मामले को चिन्हित कर गंभीरता से जांच नहीं करती तो सालों तक आरोपी बनाए गए बेकसूर सलाखों के पीछे ही रहते। एसपी राहुल कुमार लोढा ने बताया की ताल थाना अंतर्गत एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था। आरोपियों के खिलाफ तथ्यात्मक जांच के लिए एएसपी राकेश खाखा व एसडीओपी शाबेरा अंसारी को निर्देशित कर टीम बनाई। जिसमें महिला द्वारा लगाए गए आरोप झूठे निकले। पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही व बताए गए लोकेशन की जब जांच की तो वह सही निकले। पुलिस टीम ने सीसीटीवी व सायबर की मदद से इसमें टेकनिकल सबूत जुटाए। जिस महिला ने यह झूठा मुकदमा दर्ज करवाया अब उसके खिलाफ पुलिस 182/211 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही पुलिस तीनों आरोपियों पर दर्ज केस को खारिज करवाते हुए उन्हें छोड़ने के लिए कोर्ट से अपील करेगी। महिला ने क्यों किया ऐसा?पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला का पति शराब का अवैध काम करता है। जिससे पुलिस ने महिला के पति के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। महिला को शंका थी की जुझार सिंह, राजेश सिंह डोडिया एवं कुलदीप सिंह ने उसके पति की सूचना पुलिस को देकर केस बनवाया। जिसके बाद महिला कई बार तीनों को झूठे आरोप में फंसाने की धमकी भी दे चुकी थी। यह था पूरा घटनाक्रमदिनांक 26 अक्टूबर 2023 को फरियादी महिला द्वारा बताया कि वह दोपहर 1:00 बजे के करीब उसके भांजे के साथ बाइक पर ताल आ रही थी। इस दौरान रास्ते में बाइक पंचर हो जाने से उसका भांजा पंचर निकलवाने चला गया। महिला वहीं खड़ी उसका इंतजार कर रही थी। इस दौरान उसके पास एक सफेद रंग की कार आकर रूकी जिसमे तीन व्यक्ति जुझार सिंह, राजेश सिंह डोडिया एवं कुलदीप सिंह बैठे थे। महिला ने बताया उन्होंने मुझे घर छोड़ने का बोलकर गाड़ी में बैठा लिया। फिर मुझे अनजान जगह पर ले जाकर मेरे साथ तीनो ने बलात्कार कर मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट से मैं बेहोश हो गई थी। अगले दिन जब होश में आई तो तीनों व्यक्ति मुझे कार में बैठाकर आबूपुरा के पास मगरे पर छोड़ गए। और धमकी दी कि यह बात किसी को बताई तो जान से मार देगे तीनो वह से भाग गए। फरियादी महिला की रिपोर्ट पर थाना ताल पर अपराध क्रमांक 573/23 धारा 323,342,366, 376(डी), 506,34 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। पुलिस जांच में खुली पोलपुलिस ने आरोपी राजेश पिता गोकुल सिंह डोडिया, जुझार सिंह पिता मंगूसिंह पंवार, निवासी टूटीयाखेड़ी जिला उज्जैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किए जो न्यायिक अभिरक्षा में लिए गए थे। तथा एक आरोपी कुलदीप सिंह की तलाश की जा रही थी। घटना की सत्यता के बारे जानकारी प्राप्त करने हेतु अग्रिम विवेचना के दौरान घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जिसमे फरियादी महिला द्वारा बताए गए घटनाक्रम के संबंधित कोई तथ्य नहीं मिले। महिला द्वारा बताई कार के संबंध में जानकारी प्राप्त करने हेतु जावरा शहर के सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर उक्त वाहन घटना के समय घटनास्थल से 50 किमी दूर जावरा शहर के सीसीटीवी में दिखाई दिया। तीनो आरोपीयो की घटना के समय की उपस्थिति के संबंध में तथ्यात्मक जांच की गई। इस दौरान कुलदीप सिंह के घटना के दिन घर से निकलने तथा शराब की दुकान ग्राम रूपेटा पर जाने, उसके दोस्त के साथ रूपेटा से जावरा जाने के फुटेज सीसीटीवी कैमरे में देखे गए। इसी के साथ कुलदीप सिंह के मोबाइल की लोकेशन आदि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी आरोपी घटनास्थल पर नही होने की पुष्टि हुई।विवेचना के दौरान आरोपीयो की मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज, साक्षियों के कथन आदि के आधार पर प्राप्त तथ्यों का विश्लेषण करने पर फरियादी द्वारा पंजीबद्ध रिपोर्ट असत्य पाई गई। पूरी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई है अब कोर्ट द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

औचक निरीक्षण : देर रात अचानक मुस्तेदी जांचने निकले एसपी, दो को मिली शाबासी और एक को मिला नोटिस

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद रतलाम पुलिस कप्तान बुधवार देर रात अचानक मुस्तेदी जांचने निकल पड़े। पुलिस कप्तान के अचानक आने से पूरा महकमा आश्चर्य में पड़ गया। पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा ने थाना बिलपांक व थाना नामली का औचक निरीक्षण किया। एसपी राहुल कुमार ने बताया की डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना द्वारा सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने अपने क्षैत्र में पहुंचकर औचक निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में दिनांक 27.12.23 को रतलाम ग्रामीण अनुभाग के थाना नामली एवं थाना बिलपांक का औचक निरीक्षण किया।एसपी रात में  बिलपांक थाना पहुंचे जहा थाना प्रभारी मुनेंद्र कुमार गौतम अपने स्टाफ के साथ उपस्थित थे। पुलिस अधीक्षक द्वारा  हवालात चेक कर, बंदी सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया। इसके अलावा रात्रि ड्यूटी ऑफिसर, चिता पार्टी एवं रात्रि गश्त अधिकारियो को चेक किया। इस दौरान रात्रि गश्त अधिकारी एएसआई सतीश ठाकुर को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना प्रभारी एवं थाना स्टाफ को रात्री गश्त, हवालात में बंदी सुरक्षा इंतजाम आदि के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।          इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना नामली पहुंचकर रात्रि गश्त अधिकारी को चेक किया। रात्रि गस्त अधिकारी एसआई सचिन डाबर ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। सचिन डाबर के साथ हवालात एवम बंदी सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों को रात्री गश्त, हवालात में बंदी सुरक्षा आदि के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

निगमकर्मी की पिटाई : अतिक्रमण हटाने गए राजस्व विभाग के लिपिक के साथ मारपीट, घायल ने करवाई पुलिस एफआईआर

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार के आदेश के बाद निगमकर्मी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में लगे है। इसी बीच नगर निगम की राजस्व टीम जब कॉलेज रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो अतिक्रमण कर बैठे दुकानदार ने निगमकर्मी की ही पिटाई कर दी। जिससे निगमकर्मी के दाहिने हाथ में चोट भी पहुंची है। निगमकर्मी ने पुलिस में शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस के अनुसार राजस्व विभाग में लिपिक पवन पिता दिनेश सोलंकी निवासी स्टेशन रोड के साथ मारपीट की यह घटना हुई है। घायल पवन ने पुलिस को बताया की डिप्टी कमिश्नर विकास सोलंकी के आदेश के बाद वह सहायक राजस्व निरीक्षक सुनील कपूर के साथ नगर निगम व कॉलेज रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे। आरोग्यम हॉस्पिटल के सामने चश्मे की दुकान लगाने वाले मुन्ना को जब हटाने के लिए कहा गया तो उसने बोला में नहीं हटाऊंगा और मां बहन की नंगी गालियां देने लगा। उसे मना करने पर उसने किसी धारधार वस्तु से हमला कर दिया जिससे दाहिने हाथ पर चोट पहुंची। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने निगमकर्मी पवन की शिकायत पर आरोपी मुन्ना निवासी मोचिपुरा के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 332,323 व 294 में प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

अपहरण कांड : मासूम बच्ची के अपहरण के पीछे की असल वजह नहीं आई सामने, कारण तस्करी है या शादी?

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शिवगढ़-बाजना के नजदीक हेवड़ा गांव में दो साल की मासूम बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया है। मगर बदमाश इसमें सफल नहीं हो सके, क्योंकि ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना देकर कार का पीछा किया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। हालांकि पुलिस ने राजापुरा माताजी के पास बेरिकेड्स लगाकर घेराबंदी की थी जिसे आरोपी तोड़ते हुए निकल गए। बाद में बीच रास्ते क्रेन लगाकर आरोपियों को पकड़ा गया। इस दौरान लोगों ने उनकी धुनाई भी कर दी। पकड़ाए तीनों आरोपी रविवार तक भी पुलिस को गुमराह करते रहे। उनके द्वारा अब तक अपहरण की असल वजह नहीं बताई गई है। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा के अनुसार आरोपी प्रेमिका से शादी नहीं होने जैसी बात कर रहे है। उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जिसके बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा। ऐसे में एक बड़ा सवाल है की क्या आरोपी ऐसे छोटे बच्चों का अपहरण कर उनकी तस्करी में लिप्त है या और कोई निजी वजह है? क्या पुलिस इसे मानव तस्करी से जोड़ कर आगे जांच बढ़ाएगी क्योंकि आरोपी ढाबे का संचालन करते ऐसे में ढाबे ट्रैफिकिंग का एक आसान जरिया है। कई ढाबों से मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके है। एसपी के अनुसार मुख्य आरोपी नामली का लोकेश जाट (23 ) है, जो कि नामली में ही ढाबे का संचालन करता है। इसके अलावा दो अन्य आरोपी अर्जुन गायरी (22) व और कागली खेड़ा का गौतम झोड़िया (21) हैं, जो ढाबे पर काम करते है। गौतम बाजना का ही रहने वाला है, जबकि अर्जुन नामली में रहता है। ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रमशनिवार शाम को हेवड़ा गांव में एक महिला हैंडपंप पर पानी भर रही थी, उसके घर के सामने ही बालिका खेल रही थी। हैंडपंप घर से थोड़ी दूर ही है। इतने में ही एक कार आई और घर के बाहर खेल रही मासूम को बिठाकर ले गए। बालिका की मां ने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्रित हुए और कार का पीछा करना शुरू कर दिया। राजपुरा माताजी के पास पुलिस ने रोकने के बंदोबस्त किए लेकिन वे नाकाबंदी तोड़ते हुए शिवगढ की और भागे। ग्रामीणों और पुलिस को पीछे देखकर आरोपियों ने कार रोकी और खेरियापड़ा में भाग गए। ग्रामीणों ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया। चारों तरफ से कार को ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस पहुंचती इसके पहले कुछ लोगों ने आरोपियों की धुनाई कर दी।

नृशंस हत्या का पर्दाफाश : हत्या करने आये थे बेटे की मगर मां को घोंप दिए चाकू, हत्यारों ने बूजुर्ग महिला पर पेट्रोल डाल लगा दी आग

अतिक्रमण हटवाने को लेकर रंजिश पाले था हत्यारा, मौका पाकर कर दी हत्या! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। तीन दिन पहले रात को घटित हुए जघन्य हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया था। वारदात कोजिले के नामली थाना अंतर्गत रघुनाथगढ़ में अंजाम दिया गया। जहां 66 वर्षीय मांगूबाई पति स्व. भागीरथ गायरी की नृशंस हत्या कर दी। हत्यारों ने पहले नींद में सोई बुजुर्ग महिला के गले व पेट में चाकू मारे। जिसके बाद पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीओपी अभिलाष भलावी व नामली थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा को जानकारी दी। जानकारी मिलते ही रतलाम से एसपी राहुल लोढा व एएसपी राकेश खाखा व फोरेंसिक अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर ही हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी सहित 4 को धार जिले के बखतगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। वहीं 5वां एक और आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। पूरे मामले में मुख्य आरोपी कन्हैयालाल कीर ने पुलिस को बताया की वह साथियों के साथ महिला को मारने नहीं आया था बल्कि उसके बेटे मुकेश को मारने आया था। मगर रात को मुकेश के बाहर पार्टी में जाने से उस पलंग पर चादर ओढ़े उसकी मां सोई थी, जिससे उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसने खुद की बाइक से पेट्रोल निकाला और बूजुर्ग महिला पर डालकर आग लगा दी। रंजिश बदली हत्या मेंएसपी राहुल कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया की रुघनाथगढ निवासी मुकेश गायरी की मां मांगूबाई की हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान 66 वर्षीय मृतिका मांगुबाई का पी.एम. पेनल द्वारा करवाया। पीएम रिपोर्ट मे मृतिका के गले व पेट पर धारदार हथियार से चोट की बात सामने आई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर लाश को जला दिया गया। मौके पर लोगों व चश्मदीदों से पूछताछ में मालूम हुआ की कन्हैया कीर निवासी ग्राम रुघनाथगढ का मृतिका व उसके बेटे मुकेश गायरी से विवाद हुआ था। विवाद मुकेश द्वारा शिकायत करके सरकारी जमीन पर आरोपी कन्हैया का अवैध अतिक्रमण व कब्जा हटवाने का था। इसी रंजिश के चलते कन्हैया ने अपने साथियों गोकुल भील, मांगीलाल उर्फ मंगलेश जाट, सत्तु उर्फ सत्यनारायण जायसवाल व मनीष जाट निवासी अकोलिया जिला धार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तकमामला जघन्य हत्या का था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी राहुल कुमार लोढा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया जिसके बाद टीम बनाकर उसे रवाना किया गया। जांच के दोरान ग्रामीणो के अलग अलग बयान लेकर आस पास क्षैत्र के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। जिसमे एक अल्टो कार जाते दिखी जिस पर से टोल के सीसीटीवी फुटेज चेक कर सायबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गये। टीम द्वारा सभी आरोपियों को मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश करते हुए बदनावर पेटलावद बायपास बखतगढ फंटे से आरोपीगणो को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। 4 आरोपी गिरफ्तार व 1 फरार1. कन्हैयालाल पिता लालु जाति कीर उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम रुघनाथगढ थाना नामली2 मनीष पिता गोपाल जाति जाट उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार3 सत्यनाराण उर्फ सत्तु पिता समरथलाल जयसवाल जाति कलाल उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार4 गोकुल पिता लालसिह खराड़ी जाति भील उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार 5 फरार आरोपी मांगीलाल उर्फ मंगलेश पिता बापुलाल जाट ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार का फरार है । टीम में इनकी रही सराहनीय भूमिका मामले में नामली टीआई धमेंद्र शिवहरे, उनि सचिन डावर, उनि रविंद्र मालवीय, उनि अमित शर्मा सायबर सेल, सउनी ओपी राठौर, का.सउनि संतोष अग्नीहोत्री, का.प्र.आर राहुल जाट, का प्र.आर. शिवपाल सिंह, प्रआर महेन्द्रसिह राठौर आर. नरेन्द्रसिह जगावत, आर. मनोहर नागदा, आर. कुलदीप व्यास, आर. मनोज मुजाल्दे, आर. शांतिलाल राठौर, आर. शिवराम मोर्य, आर. मंयक जाटव,  सायबर सेल आर. विपुल भावसार, सैनिक विजय जाधव की भूमिका अहम रही।

MCX पर कार्रवाई : हाई प्रोफाइल सटोरिए दीप अग्रवाल को पैदल ले गई पुलिस, काका – भतीजे गिरफ्त में अब केडी की तलाश

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। माणकचौक पुलिस ने एमसीएक्स सट्टा करने के बड़े मामले का खुलासा किया। पुलिस ने एसपी राहुल कुमार लोढा के निर्देशन में माणकचौक स्थित केडी ज्वेलर के यहां रेड मारी। जहां से एमसीएक्स (MCX) का मोबाइल फोन और लैपटॉप से सट्टा करते हुए काका और भतीजे को करीब पौने दो करोड़ रुपए का सट्टा करते हुए गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपी फरार है। इनमें से एक आरोपी इंदौर का है जिसे सट्टा उतारते थे। गिरफ्तार दोनों आरोपी काका-भतीजे को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस वाहन में अचानक खराबी के कारण आरोपी दीप को पैदल कोर्ट तक ले जाया गया। इनका एक और साथी बंटी केडी उर्फ अतुल अग्रवाल फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। इसके अलावा मनीष होल्कर निवासी सराफा इंदौर की भी पुलिस तलाश कर रही है। ज्वेलरी की दुकान की आड़ में एमसीएक्स का अवैध सट्टा करने का यह नया मामला नहीं है। इससे पहले 2 माह में माणक चौक पुलिस 3 से 4 बड़ी कार्रवाई सट्टे पर चुकी है। हैरानी की बात यह है की पुलिस ने जिन आरोपियों को अब तक पकड़ा है वे सभी रसूखदार और राजनेताओं के नजदीकी बताए जा रहे है। माणकचौक टीआई प्रीति कटारे ने बताया सोमवार को सुबह मुखबीर से सूचना मिली थी कि केडी ज्वेलर्स पर कुछ लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप पर एमसीएक्स का सट्टा कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस दल को थाने पर एकत्रित करके योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी तो वहां से दीप पिता दिनेश अग्रवाल (29) और उसका काका गोविंद उर्फ डमरू पिता कन्हैयालाल अग्रवाल (50) मिले। इनके मोबाइल फोन और लैपटॉप की तलाशी लेने पर एमसीएक्स की सट्टा करते पाए गए। मोबाइल फोन और लैपटॉप के एमसीएक्स सट्टे को जोड़ा गया तो इनमें 1 करोड़ 73 लाख 38 हजार 493 रुपए का हिसाब मिला। एसपी राहुल कुमार लोढा ने बताया की लगातार हम सट्टे पर कार्रवाई कर रहे है। इनके मोबाइल से लिंक निकाली जा रही है। जिसमें और भी आरोपी सामने आएंगे। इनकी लिंक इंदौर से जुड़ी मिली है जिसकी और बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। सरहानीय भूमिका : निरीक्षक प्रिति कटारे , कार्य.उ.नि. ए.पी. सिहं  ,कार्य.प्रआर.781 नरेन्द्रसिंह चावड़ा, कार्य.प्र.आर665 सुधीर कार्य. .प्र. आर 80 ज्ञानेन्द्र सिह ,म. प्र. आर. 413 मीना राठौर,  आर. 532 संजय सोनावा ,आर. 875 रणवीर,  व आर.795 आर. 110 अशरफ, आर. 19 अविनाश,थाना माणकचौक रतलाम एवं सायबर शाखा के प्रभारी उनि.अमित शर्मा,आर. विपुल भावसार,आर.हिम्मत का सराहनीय योगदान रहा।

गिरफ्त में सटोरिया : रंगदारी करने वाला सट्टेबाज रोनक गादिया पुलिस गिरफ्त में, शहर में कई लोग बन रहे सट्टे का शिकार

आरोपी के साथ पुलिस ने फरियादी पर भी कर दी FIR, जाने क्या है पूरा मामला पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले वैसे तो लोगों के घर बर्बाद करते है। मगर इन सट्टेबाजों के आका यानी की इनको आईडी बांटने वाले खुद इनके घर बर्बाद कर रहे है। ऐसा ही एक मामले का खुलासा रतलाम पुलिस ने सोमवार को किया। जहां एक सटोरिया पुलिस के पास पहुंचा और उसने खुद क्रिकेट का सट्टा करना कबूल किया। उसने ये बात इसलिए कबूली क्योंकि वो जिससे लाइन लेकर या आईडी लेकर यह धंधा कर रहा था वो खुद ही उसकी जान का दुश्मन बन गया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तो दर्ज किया मगर दोनों के खिलाफ। पुलिस ने फरियादी पर सट्टे का और आरोपी पर धमकाने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। आरोपी रोनक गादिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले में आरोपी रोनक गादिया के लिंक खोजने में जुटी है। आरोपी ने और कितने लोगों को क्रिकेट सट्टे की आईडी बांटी है और इसके ऊपर कौन – कौन लोग और शामिल है इसकी भी जांच की जाएगी। माणक चौक थाना प्रभारी प्रीति कटारे के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी सट्टे व मारपीट के प्रकरण दर्ज है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 1 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। सूत्रों की माने तो रोनक गादिया शहर के नामचीन रंग व्यापारी के अंडर में रहकर सट्टे के कारोबार को सीखकर संचालित करता आ रहा है। व्हाइट कॉलर लोग सफेद धंधे की आड़ में शहर में बेख़ौफ काला धंधा संचालित कर रहे है। सट्टे के सिंडिकेट की बात करे और ठीक से इसकी जांच की जाए तो कई ऐसे नामचीन हस्तियों के तार इससे जुड़े मिलेंगे जो खुद को समाज के सामने प्रतिष्ठित और बेदाग बताते है। मगर अपने लंबे राजनीतिक रसूख के कारण और प्रशासनिक संरक्षण के चलते जांच की आंच इनको छू तक नहीं पाती और बेखोफ ये व्हाइट कॉलर लोग अपने काले कारनामे संचालित करते आ रहे है। खेर रतलाम वासियों के मन में आज भी यह सवाल है की कब शहर सट्टा और सटोरियों से मुक्त होगा जिसने हजारों परिवारों को उजाड़ कर रख दिया है। यह है पूरा मामला :एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया 23 नवंबर को फरियादी सोरभ जैन पिता सोहनलाल जैन उम्र 40 साल नि.110 धानमण्डी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई की में क्रिकेट के सट्टी की आईडी चलाता हूं। यह आईडी उसने आरोपी रोनक गादीया से ली जिसके बदले मे रोनक गादीया ने अवैध रुप से 10 लाख रुपये मांगे। फरियादी ने पैसे देने से मना किया तो आरोपी गादिया ने डरा धमका कर पंचेड़ की जमीन के तीन प्लाट अपने नाम पर अनुबंध (एग्रीमेंट) करा लिया और बोला की पैसे नही दे सकता हे, तो वह प्लाट मेरे नाम पर करवा दे। इसी बात को लेकर 20 नवंबर की रात रोनक ने करमदी रोड पर मिलकर बोला की तुने आईडी के रुपये नही दिए, अगर तुझे क्रीकेट की आईडी का सट्टा करना हे, तो मुझे रुपये देना पड़ेगे और मां बहन की गालियां देकर थप्पड़ो से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 327,294,323 व 506 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। जिसके बाद तेजा नगर गली नं. 3 निवासी आरोपी रोनक पिता बाबुलाल गादीया उम्र 33 वर्ष को गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड लेने के बाद उससे एग्रिमेंट जप्त करने के साथ ही कई बिंदुओं पर पूछताछ भी करेगी। मामले में माणक चौक थाना टीआई प्रिति कटारे, एएसआई एस.एस.राठौर , हेड कांस्टेबल 781 नरेन्द्र चावडा व 416 दिलीपसिह रावत की अहम भूमिका रही।

चोर मचाए “शोर” : रतलाम की पुलिस टीम पर गुना में हुई फायरिंग, मामला पूर्व गृहमंत्री के भतीजे के यहां हुई हाई प्रोफाइल चोरी का

पारदी बदमाश महिला व बच्चों को बनाते है ढाल, इनके सामने दो जिलो की पुलिस बेबस! पब्लिक वार्ता – रतलाम/गुना,जयदीप गुर्जर। जिले के जावरा में हुए हाई प्रोफाइल चोरी कांड को 2 माह से अधिक समय बीत चुका है। लाख कोशिशों के बावजूद पुलिस के हाथ खाली नजर आ रहे। वहीं बीती रात पुलिस टीम पर गुना में फायरिंग की घटना ने सभी को सकते में डाल दिया। चोरी के आरोप में रतलाम पुलिस ने गुना जिले के पारदी बदमाशों की घेराबंदी की। रतलाम पुलिस ने धरनावदा थाना क्षेत्र के खेजड़ा चक गांव में घेराबंदी करते हुए बदमाशों की धरपकड़ की योजना बनाई। लेकिन जैसी ही पुलिस गांव में पहुंची तो बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पारदी बदमाशों के पास रायफल, पिस्टल, 12 बोर बंदूक, देसी कट्टे थे। जिनके सहारे वे पुलिस पर फायरिंग करते हुए जंगल की तरफ भाग गए। हमले में बाल-बाल बची रतलाम पुलिस ने धरनावदा थाने में FIR दर्ज कराई है। घटना के बाद पुलिस ने कई घरों में दबिश भी दी लेकिन कुछ सुराग नहीं मिला। मामला पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी के भतीजे व सराफा व्यापारी प्रकाश कोठारी के यहां हुई चोरी का है। इस सनसनीखेज वारदात के आरोपियों को पकडने गुना गई रतलाम पुलिस की टीम पर बदमाशों व अन्य ग्रामीणों ने फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है की दोनों तरफ से यह फायरिंग हुई है। हालांकि पुलिस ने बदमाशों की तरफ से फायरिंग की पुष्टि की है लेकिन दोनों तरफ से फायरिंग की घटना से इनकार किया है। जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो ने बताया की हम लगातार पुलिस टीम के संपर्क में हैं। आरोपी लगातार अपना स्थान बदलते हुए मूवमेंट कर रहे हैं और हमारी टीम उनका पीछा कर रही है। पूरे भारत में पारदी बदमाश कुख्यातपारदी बदमाश पूरे भारत में चोरी-डकैती करने के लिए कुख्यात  हैं। गुना जिले के खेजड़ा चक, बीलाखेड़ी, कनारी चक , कनेरा समेत कुछ ऐसे गांव हैं जहां पारदी बदमाशों का डेरा है। यहीं से भारत के विभिन्न राज्यों में जाकर अपराध घटित करते है।बदमाशों के पास चौबीसों घंटे अच्छा खासा असलहा हथियार भी मौजूद रहता है। इनकी चोरी जैसी वारदात को अंजाम देने का तरीका भी एक सा होता है। रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढ़ा जो कि गुना एसपी भी रहे है, उन्होंने इस चोरी को तरीका ए वारदात से ही ट्रेस किया। जिस कारण से आरोपी जल्द ट्रेस हो गए। मगर अब तक पुलिस की गिरफ्त से सभी आरोपी दूर है और बेखौफ पुलिस पर फायरिंग भी कर रहे है। दबिश टीम में 30 से अधिक जवानजावरा में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात के आरोपियों का पता चलने के बाद रतलाम पुलिस की टीम लगातार गुना में डेरा जमाए हुए हैं। वहां की स्थानीय पुलिस से भी सपोर्ट लेकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। टीम में जावरा सिटी थाना टीआई हरीश जेजुरकर समेत जिले के करीब 30 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और पुलिस जवान शामिल हैं। आरोपी महिलाओं और बच्चों को आगे करके सुरक्षा का ढाल भी बनाते हैं जिससे पुलिस की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। फायरिंग के बाद भाग निकले आरोपीफायरिंग का यह मामला गुना जिले के धरनावदा थाने के खेजड़ा चक गांव में बुधवार को उस समय हुआ जब पुलिस दल आरोपियों तक पहुंचने ही वाला था। इसी दौरान टीम पर आरोपियों की तरफ से फायरिंग होना शुरू हो गई। सूत्रों की माने तो स्थानीय टीआई व जावरा सिटी टीआई बाइक पर सवार थे जो बदमाशों से करीब 100 मीटर की दूरी पर थे। फायरिंग के दौरान बाइक खेत में जा गिरी और पुलिस अधिकारियों ने खुद को कवर किया। तीन-चार दिन से बड़े इनपुट होने से पुलिस की बड़ी पार्टी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी। यह है पूरा मामलाजावरा के बड़े सराफा व्यापारी और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी के भतीजे जावरा व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष बजाजखाना निवासी प्रकाश कोठारी की दुकान में बदमाशों ने 5 करोड़ से अधिक की चोरी को अंजाम दे दिया था। बदमाश उनके यहां से 5 किलो सोना और 4 क्विंटल चांदी के जेवर ले गए। 16 सितंबर की सुबह चोरी का पता चला तो पूरे जावरा में सनसनी फैल गई थी। बदमाश उनके मकान के पीछे के कमलीपुरा तरफ मकान के निर्माणाधीन हिस्से से आए और चोरी की वारदात करके उसी रास्ते वापस चले गए। इतनी बड़ी चोरी होने की सूचना के बाद पुलिस के तमाम आला अधिकारी भी जावरा पहुंचे थे। व्यापारी कोठारी ने आरोपियों को पकडऩे वाले को 11 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा भी की थी। यह है जावरा चोरी कांड के आरोपीगंगाराम उर्फ गंगू पिता बापूडा पारदी निवासी खेजड़ाचक थाना धरनावदा, पवन पिता बापुडा पारदी निवासी सदर गुना, कालिया उर्फ हरिसिंह पिता सागरिया निवासी सदर गुना, मुरारी पिता जगन्नाथ निवासी बिलाखेड़ी थाना धरनावदा के साथ एक अज्ञात आरोपी है। आरोपियों की गिरफ्तारी एवं चोरी की वस्तु बरामदगी के लिए पुलिस ने कई ठिकानों पर दबिशें दी है परंतु अभी आरोपी पुलिस गिरफ्तार से दूर है। इस वारदात को अंजाम देने के लिए जिस वाहन का उपयोग चोरों ने किया था वह एक पुलिस दरोगा का है, जिसको वह किराए पर ले गए थे।फायरिंग कर भाग जाने के बाद झागर पुलिस चौकी ने नामजद पांच आरोपियों और पन्द्रह अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस पर फायरिंग करने आदि के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रतलाम जिले की दो टीमें अभी गुना जिले में हैं, जो जावरा चोरी कांड के आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग जगह दबिश भी देती रही।

फिर बेख़ौफ गुंडागर्दी : रुपये मांगने को लेकर दुकानदार सहित तीन पर जानलेवा हमला, बुजुर्ग मां को केंसर के इलाज के लिए ले जाना था अहमदाबाद

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में बीती रात घटी घटना ने आदर्श आचार संहिता की पुलिस गुंडा परेड को केवल रिहर्सल में तब्दील कर दिया। घटना ने शहर में बेख़ौफ हो रही गुंडागर्दी और पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। इसके पूर्व दो बड़ी घटनाएं इस प्रकार की हो चुकी है। इस घटना के वायरल सीसीटीवी वीडियो ने कुछ माह पूर्व हुए चांदनी चौक में व्यापारी के हत्याकांड की तस्वीर ताजा कर दी। इसमें भी दुकानदार को उसी तरह पत्थर से हमला कर घायल होते हुए देखा जा सकता है। घटना औद्योगिक थाना क्षेत्र के डोंगरे नगर की है। जहां रविवार रात गुंडातत्वों ने आनंद रेस्टोरेंट दुकान से सिगरेट व पान मसाला खरीदा। दुकानदार ने जब पैसे मांगे तो आरोपियों ने गाली गलौच करते हुए उसे धमकाया और बगैर पैसे दिए वहां से रवाना हो गए। उसके कुछ मिनट बाद आरोपी अपने कुछ अन्य साथियों के साथ आए और दुकानदार पर हमला कर दिया। जिसमें दुकानदार सहित तीन को चोट आई है। घायल प्रफुल्ल पिता दशरथ पंवार (47), छोटा भाई संजय पंवार व भांजा अनमोल पिता रोहित मारू इस हमले में गंभीर घायल हुए। प्रफुल्ल को सर में 8 के करीब व संजय व अनमोल को 3 से 4 टांके आए है। गंभीर घायल प्रफुल्ल ने बताया की आरोपियों ने डंडे, ईंट व बेल्ट से हमला किया। बीच बचाव करने आये छोटे भाई संजय व भांजे अनमोल पर भी हमला कर दिया। घर की महिलाओं व बच्चों के साथ भी गुंडों ने धक्का मुक्की की। आसपास के लोगों ने बीच बचाव कर घायलों को जिला चिकित्सालय भेजा, जहां उनका उपचार जारी है।क्षेत्रवासियों के अनुसार लगातार ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में गुंडे टोलियां बनाकर आए दिन घूमते है और धमकाते है। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी विकास उर्फ जग्गू मेघवाल की शिनाख्त कर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास शुरू कर दिए है। सीएसपी अभिनव कुमार वारंगे ने बताया कि घायलों का उपचार जारी है। मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। आदर्श आचार संहिता में इस प्रकार की घटना होना गंभीर विषय है जल्द ही सभी आरोपी राउंडअप होंगे। विकास के पूर्व में भी मारपीट के 5 अपराध है। मां को है केंसर, ले जाना था अहमदाबाद:प्रफुल्ल के मित्रों ने बताया कि घर में बुजुर्ग मां है जिनको केंसर की बीमारी है। इनका इलाज अहमदाबाद में चल रहा है। रात को ट्रेन से उनको अहमदाबाद इलाज के लिए ले जाना था मगर उससे पहले यह घटना हो गई। बुजुर्ग मां व पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 307, 294, 506, 147, 148 व 149 में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस मुख्य आरोपी जग्गू समेत अन्य की तलाश में जुट गई है।  

बेख़ौफ गुंडागर्दी : मेला घूमने आए पति,पत्नी व मासूम बच्चों की कर दी पिटाई, सायकल स्टैंड के कर्मचारियों की करतूत

मेले में सायकल स्टैंड यानी गुंडागर्दी का लाईसेंस?, शुरुआत में ही रहवासियों से कर बैठे विवाद! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में सरेआम गुंडागर्दी की घटना सामने आई है। जहां एक तरफ पुलिस ने लिस्टेड गुंडों की परेड लगाई वहीं दूसरी और 5 घंटे बाद ही मारपीट की घटना सामने आ गई। पुलिस की चेतावनी से बेख़ौफ बदमाशों ने साथ मेला घूमने आए पति, पत्नी व मासूम बच्चों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। फरियादी के अनुसार मारपीट करने वाले सभी युवक मेले में ठेके पर संचालित होने वाले सायकल स्टैंड पर काम करने वाले बताए जा रहे है।घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना स्टेशन रोड पर बड़ी संख्या में परिजन व समाजजन पहुंचे और विरोध दर्ज करवाया। विवाद की सूचना मिलते ही थाने से चिता जवान मौके पर पहुंचे और दो बदमाशों को हिरासत में ले लिया। घटना देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फरियादी महिला फलकनाज पति परवेज निवासी नाहरपुरा ने पुलिस को बताया कि पति परवेज और 3 साल की बेटी हुरेन व 1.5 साल के बेटे अजलान तीनों मेले से लोट रहे थे। तभी ओटो में बैठने के दौरान कान्वेंट तिराहे के यहां दो युवक तेज गति से बाइक चलाते हुए आए और टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों को जब पति परवेज ने सही से बाइक चलाने की बात कही तो पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान युवकों के अन्य साथी भी वहां पहुंचे और उन्होनें महिला समेत बच्चों के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। विवाद होता देख आसपास लोगों ने दोनों को बचाया और पुलिस को सूचना की। पुलिस ने मौके से नकुल व गौरव नाम के युवकों को हिरासत में लिया है। अन्य बदमाश पुलिस को देखकर भाग निकले। मारपीट व टक्कर की घटना में मासूम हुरेन को होंठ में व अजलान को हाथ व मुंह में चोट आई है। वहीं दोनों पति – पत्नी भी मारपीट में घायल हुए हैं। जिनका सिविल हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। सायकल स्टैंड या गुंडागर्दी का लाईसेंस :कालिका माता मेले के दौरान सायकल स्टैंड ठेके पर देना, गुंडागर्दी के लाइसेंस देने के समान हो गया है। यहां सायकल स्टैंड पर बगैर गिनती के युवकों को वसूली पर लगाया जा रहा है। जिनमें अधिकांश गुंडा तत्व शामिल होते है। यहां मेला घूमने आने वालो से मनमर्जी के मुताबिक 20 से 50 रुपए तक वसूले जा रहे है। इस बार निगम ने चार स्थानों पर स्टैंड बनाए है। यहां स्टैंड पर काम करने या बैठेने वाले युवकों की जानकारी तक पुलिस या निगम के पास उपलब्ध नहीं है। नवरात्रि शुरू होते ही स्टैंड के कर्मचारियों ने रहवासियों के साथ गुंडागर्दी शुरू कर दी थी। जिसकी शिकायत पुलिस के पास पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने स्टैंड संचालकों को बुलाकर समझाईश दी थी।  

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