Ratlam News: रतलाम के आदिवासी पीजी छात्रावास में आधी रात हड़कंप, 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप

Ratlam News: रतलाम के विरियाखेड़ी आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त की रात 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विरियाखेड़ी स्थित आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त 2026 की देर रात कथित तौर पर बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के घुसने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, रात करीब 1:08 बजे 15 से 20 लोग छात्रावास परिसर में दाखिल हुए, जिनमें कुछ के हाथों में चाकू, लकड़ी, लोहे की रॉड और पत्थर जैसी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना का वीडियो देखे छात्रावास में उस समय करीब 50 से 60 छात्र मौजूद थे और अधिकांश अपने कमरों में सो रहे थे। आरोप है कि परिसर में घुसे लोगों ने करीब 30 से 35 मिनट तक गलियारों और अन्य हिस्सों में घूमकर हंगामा किया तथा कुछ कमरों के दरवाजों पर लात और हथियारों से वार किए। घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले छात्रों के बीच डर का माहौल बनने की बात शिकायत में कही गई है। रात 1:08 बजे मुख्य द्वार से प्रवेश का दावा शिकायत में उल्लेख है कि 23 अगस्त की रात करीब 1:08 बजे संदिग्ध लोग छात्रावास के मुख्य द्वार से अंदर आए। उनके हाथों में कथित तौर पर अलग-अलग तरह की वस्तुएं थीं, जिन्हें शिकायतकर्ता ने हथियार बताया है। बताया गया है कि ये लोग छात्रावास के गलियारों और परिसर में काफी देर तक घूमते रहे। इस दौरान छात्रों के कमरों के दरवाजों पर भी कथित तौर पर लात मारने और हथियारों से वार करने जैसी हरकतें की गईं। CCTV फुटेज में कैद होने का दावा घटना को लेकर सबसे अहम साक्ष्य छात्रावास परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि संदिग्ध लोगों की आवाजाही और उनकी कथित हरकतें कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि CCTV फुटेज को पुलिस की सुरक्षा में सुरक्षित लिया जाए, ताकि घटना की जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट या गायब न हों। छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल आदिवासी पीजी छात्रावास में बड़ी संख्या में छात्र निवास करते हैं। रात के समय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश की शिकायत ने छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत में यह भी पूछा गया है कि इतनी संख्या में लोग छात्रावास परिसर में किस उद्देश्य से पहुंचे थे और उनके पास कथित तौर पर धारदार हथियार या अन्य वस्तुएं क्यों थीं। हालांकि, इन लोगों की पहचान और उनके छात्रावास में पहुंचने के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस जांच से सामने आएगा पूरा मामला फिलहाल उपलब्ध शिकायत में घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके पर हुए नुकसान की जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

Ratlam News: रतलाम में MD ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी, 2.70 करोड़ का मशरूका जब्त; क्रेटा छोड़ जंगल में भागे आरोपी

Ratlam News: रतलाम के कालूखेड़ा में पुलिस ने 2.495 किलो MD ड्रग्स और क्रेटा कार जब्त की। कुल मशरूका 2.70 करोड़ रुपये आंका गया, आरोपी फरार हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच कालूखेड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक काले रंग की हुंडई क्रेटा कार से 2 किलो 495 ग्राम MD ड्रग्स बरामद की है। पुलिस के मुताबिक जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये है। कार की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह पुलिस ने कुल करीब 2.70 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान कार सवार आरोपी पुलिस को चकमा देकर जंगल और झाड़ियों की ओर भाग निकले। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की नाकाबंदी पुलिस के अनुसार 25 अगस्त 2026 को चौकी मावता प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश राठौर को सूचना मिली थी कि काले रंग की हुंडई क्रेटा कार क्रमांक RJ 27 CP 3608 से बड़ी मात्रा में MD ड्रग्स ले जाई जा रही है। सूचना में लखन पिता भेरुलाल मीणा, निवासी भाकरखेड़ी और उसके तीन साथियों के मावता होते हुए रियावन की ओर जाने की बात सामने आई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और पंचों तथा पुलिस बल के साथ रानीगांव फंटे पर नाकाबंदीकी गई। कुछ देर बाद बताए गए हुलिए की क्रेटा कार दिखाई दी। पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ाकर रियावन की ओर दौड़ा दिया। पीछा करने पर कच्चे रास्ते में छोड़ी कार पुलिस टीम ने कार का पीछा किया। वाहन रियावन से चिपिया होते हुए बिलंदपुर की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर पहुंचा। कच्चा और उबड़-खाबड़ रास्ता होने के कारण आरोपियों ने बिलंदपुर-चिपिया के जंगल क्षेत्र में क्रेटा कार छोड़ दी। इसके बाद लखन मीणा, कार चालक और उसके दो साथी झाड़ियों की तरफ भाग गए। अंधेरा और जंगल का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने आसपास के खेतों और झाड़ियों में सर्चिंग की, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका। ड्राइवर सीट के नीचे मिली MD ड्रग्स कार की तलाशी पंचों की मौजूदगी में नियमानुसार ली गई। तलाशी के दौरान ड्राइवर सीट के नीचे हरे रंग की कपड़े की थैली मिली। थैली के अंदर तीन पारदर्शी प्लास्टिक की थैलियां रखी थीं। इनमें हल्के भूरे रंग का डल्लीनुमा और क्रिस्टलनुमा पदार्थ मिला। पुलिस के अनुसार नियमानुसार जांच और पहचान के बाद पदार्थ MD ड्रग्स पाया गया। इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे से वजन करने पर तीनों पैकेटों में कुल 2 किलो 495 ग्राम मादक पदार्थ मिला। पुलिस ने पदार्थ को अलग-अलग पैक कर विधिवत सीलबंद करते हुए जब्त किया। 2.70 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त कार्रवाई में पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई क्रेटा कार भी जब्त की है। जब्ती का विवरण: चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने मामले में लखन मीणा, क्रेटा चालक और उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ धारा 8/22 NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। फिलहाल लखन मीणा समेत चारों आरोपी फरार बताए गए हैं। पुलिस उनकी पहचान और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर तलाश कर रही है। फरार आरोपी सप्लायर और पूरे नेटवर्क की जांच कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि MD ड्रग्स की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे पहुंचाया जाना था। जांच में ड्रग्स के स्रोत, सप्लायर, संभावित खरीदार और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश और सर्चिंग जारी है। कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका इस कार्रवाई में निरीक्षक शंकरसिंह चौहान, थाना प्रभारी कालूखेड़ा; उप निरीक्षक दिनेश राठौर, चौकी प्रभारी मावता; प्रधान आरक्षक विजय निनामा सहित आरक्षक यशवंत जाट, नितीन जोशी, हिम्मतसिंह चौहान, पवन जाट, कमलेश बुनकर, राजपालसिंह, अनिल पाटीदार, लक्ष्मणसिंह और महिला आरक्षक योगिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद जुलूस को लेकर पुलिस अलर्ट, प्रमुख बाजारों और मार्गों का किया निरीक्षण

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस अलर्ट है। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग, बाजारों और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। त्योहारों के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया। पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेंज निमिष अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार ने शहर में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान खास तौर पर ईद-ए-मिलाद जुलूस मार्ग का पैदल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जुलूस मार्ग की स्थिति के साथ यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों को देखा गया। संबंधित पुलिस अधिकारियों को मौके के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 26 अगस्त को निकलेगा ईद-ए-मिलाद जुलूस ईद-ए-मिलाद के अवसर पर 26 अगस्त 2026 को रतलाम में जुलूस निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार जुलूस सुबह 8 बजे आबकारी चौराहा से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए वापस आबकारी चौराहा पहुंचेगा। जुलूस का निर्धारित मार्ग आबकारी चौराहा → हरदेवलाला पिपली → तोपखाना → गणेश देवरी → डालूमोदी → चिंतामन गणेश मंदिर → महलवाड़ा → सूरजपोल → मोचीपुरा → काजीपुरा → शैरानीपुरा → जमातखाना → आनंद कॉलोनी → कांवेंट तिराहा → कोर्ट तिराहा → अम्बेडकर तिराहा → स्टेशन रोड थाना → दो बत्ती चौराहा → न्यू रोड → लोकेन्द्र टॉकीज → शहर सराय → शहीद चौक → आबकारी चौराहा। जुलूस के पूरे मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर भी रहेगी नजर त्योहारों के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने इन क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। आमजन को परेशानी न हो और यातायात सुचारू बना रहे, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पुलिस को जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्जन, नो-व्हीकल जोन और पार्किंग व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया है। CCTV और पेट्रोलिंग से होगी निगरानी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस मार्ग और प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों तथा अन्य तकनीकी संसाधनों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आमजन के लिए जरूरी अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है। जुलूस के दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग, यातायात डायवर्जन और नो-व्हीकल जोन का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए मुख्य बातें: निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो, नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी आनंद सोनी, रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत सहित अन्य पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

रतलाम में जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता का भव्य समापन, 220 खिलाड़ियों ने दिखाया हुनर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। साइंस एकेडमी और आयुष्मान स्पोर्ट्स अकादमी के सौजन्य से रतलाम कॉर्पोरेशन योग स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता 2026 का आयोजन चैतन्य टेक्नो स्कूल, सैलाना रोड, डेलनपुर में किया गया। एक दिवसीय प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न स्कूलों और अकादमियों से आए करीब 220 खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आगे भी खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र से किया सम्मानित समापन समारोह में मुख्य अतिथि जिला मंत्री एवं जिला खेल प्रकोष्ठ के संयोजक अनुज शर्मा रहे। विशेष अतिथि युवा नेता एवं समाजसेवी मदन सोनी और साइंस एकेडमी के डायरेक्टर केहुल शाह मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर ने की। इस दौरान अर्पित कटारिया भी मंचासीन रहे। अतिथियों ने विभिन्न आयु वर्गों में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का भी हुआ सम्मान प्रतियोगिता के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ियों मनवीर गुर्जर, अव्यांश शर्मा, तानीश मेव, अथर्व यादव, हितार्थ उमावा और अक्स पाटीदार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस दौरान अतिथियों ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें रतलाम का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। इन खिलाड़ियों ने जीते अपने आयु वर्ग के खिताब जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्गों में श्रेष्ठ बालक एवं बालिका खिलाड़ियों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ियों को आगामी राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। 11 स्कूलों के 220 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता में बोधि इंटरनेशनल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, चैतन्य टेक्नो स्कूल, जैन पब्लिक स्कूल, समता इंटरनेशनल, मारुति एकेडमी, वर्धमान हाइट्स स्कूल, अग्रवाल विद्या मंदिर, शासकीय विनोबा स्कूल और सीएम राइज स्कूल सहित विभिन्न संस्थानों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल करीब 220 खिलाड़ियों ने अपनी योग प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका प्रतियोगिता को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निमित शर्मा, अमित रावल, अभिषेक गुर्जर, आशुतोष प्रजापति, समीक्षा परमार, यश सोनी, ललिता पंवार, गौरव मेहता और प्राची गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन वीरेंद्र गुर्जर ने किया। वहीं कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, खिलाड़ियों और अभिभावकों का आभार निमित शर्मा और परवेश परमार ने व्यक्त किया।

Ratlam News: रतलाम में नशे के खिलाफ कलेक्टर का सख्त रुख, कार्रवाई दिखाई नहीं देने पर जताई नाराजगी

Ratlam News: रतलाम में नारकोटिक्स रोकथाम को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सख्ती दिखाई। आबकारी और ड्रग इंस्पेक्टर को रोज कार्रवाई के निर्देश दिए। रतलाम- पब्लिक वार्ता  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं। नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने संबंधित विभागों को नियमित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई को लेकर कलेक्टर ने कड़ा असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि इन विभागों की कार्रवाई आखिर जनता को दिखाई क्यों नहीं दे रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका असर भी जमीन पर नजर आना चाहिए। कार्रवाई पर कलेक्टर ने अधिकारियों से पूछा सीधा सवाल समीक्षा के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या किसी अधिकारी ने इन विभागों की कार्रवाई को देखा, सुना या उसके बारे में पढ़ा है। इस सवाल पर बैठक में मौजूद अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि काम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कार्रवाई का असर आम लोगों और संबंधित क्षेत्रों में भी दिखाई देना जरूरी है। ड्रग इंस्पेक्टर से मांगा अगस्त का पूरा रिकॉर्ड कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को अगस्त महीने में की गई सभी कार्रवाइयों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में इस विषय पर प्राथमिकता से चर्चा की जाएगी। विभाग को यह जानकारी देनी होगी कि अगस्त में कितनी कार्रवाई की गई और उससे क्या परिणाम सामने आए। मुख्य निर्देश: अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर अभियान चलाने के निर्देश आबकारी विभाग को अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी नारकोटिक्स रोकथाम बैठक में पुलिस और संबंधित विभागों को उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए, जिन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। कलेक्टर ने ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। बैठक में सफेमा अधिनियम सहित कानूनी प्रावधानों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। स्कूलों में चलेगा नशामुक्ति जागरूकता अभियान नशे की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने केवल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय जागरूकता पर भी जोर दिया है। कलेक्टर ने स्कूलों में नशामुक्ति अभियान चलाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आरटीओ के माध्यम से बसों में नशामुक्ति से संबंधित फ्लेक्स और बैनर लगाने के लिए भी कहा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों तक नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में नारकोटिक्स रोकथाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

रॉयल कॉलेज में महर्षि श्री अरविंद जयंती पर जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम द्वारा महर्षि अरविंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, सालाखेड़ी कैंपस रतलाम पर किया गया। व्याख्यानमाला का उद्देश्य महर्षि अरविंद के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान, उनके जीवन दर्शन, शिक्षा संबंधी विचारों एवं राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जनमानस, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि अरविंद एवं मां के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। व्याख्यानमाला में बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि अरविंद के जीवन में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को अपनाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। अखण्ड ज्ञान आश्रम के स्वामी संत देव स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि महर्षि अरविंद का जीवन आत्मविकास के साथ राष्ट्र और समाज के विकास की प्रेरणा देता है। उनका शिक्षा दर्शन व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने कहा कि महर्षि अरविंद ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम नीरज पवैया ने महर्षि अरविंद के विचारों को नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। अरविंद सोसायटी से प्राध्यापक ऋतम् उपाध्याय ने कहा कि महर्षि अरविंद का शिक्षा दर्शन युवाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित है। उनके विचार विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। पर्यावरणविद एवं जिला जन अभियान समिति, रतलाम के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार ने महर्षि अरविंद के प्रकृति एवं मानव जीवन के समन्वय संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए त्रिवेणी वन रोपण अभियान की जानकारी दी तथा पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संदेश दिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बीके सविता दीदी ने महर्षि अरविंद के आत्मचेतना और सकारात्मक जीवन संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त भारत निर्माण के लिए “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा” अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महर्षि अरविंद सोसायटी के चेयरमैन सतीश पंडया एवं रॉयल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजलसहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्ति एवं स्वैच्छिकता की शपथ दिलाई गई। साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत त्रिवेणी के पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन महावीरदास बैरागी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन रॉयल कॉलेज प्रशासन के प्रोफेसर दिनेश राजपुरोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा एवं विजयेश राठौड़, रॉयल कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, प्रबंधन विभाग के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, लाइफ साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल, कम्प्यूटर विभाग की विभाग प्रमुख प्रो. दीपिका कुमावतएवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्राचार्य ज्योत्सना सोलंकी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, समिति पदाधिकारी, रॉयल कॉलेज के विद्यार्थी एवं स्टॉफ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में दर्दनाक हादसा, बच्चों को बचाने उतरे 2 शिक्षक और छात्र की मौत

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में पिकनिक के दौरान पानी में गिरे बच्चों को बचाने की कोशिश में 2 शिक्षकों और एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर पैराडाइज वैली पिकनिक स्पॉट पर रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल से पिकनिक पर पहुंचे विद्यार्थियों में से कुछ बच्चे पानी के पास खेल रहे थे। इसी दौरान दो बच्चे पानी में चले गए। बच्चों को डूबता देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरे। बचाव के दौरान एक छात्र और दोनों शिक्षक गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे में कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार सहित दोनों शिक्षकों की मौत हो गई। वहीं, पानी में गई अन्य छात्रा खुशी को बचा लिया गया। अन्वेष और सिद्धि समेत अन्य विद्यार्थियों को भी अस्पताल ले जाया गया। पैराडाइज वैली में कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल, जावरा के कक्षा 7वीं और 9वीं के करीब 17 विद्यार्थी रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे स्कूल स्टाफ के साथ बस से पैराडाइज वैली पहुंचे थे। विद्यार्थियों के साथ स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक व स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे। बताया गया है कि सभी विद्यार्थी स्कूल के म्यूजिक ग्रुप से जुड़े हुए थे और स्कूल स्टाफ के साथ पिकनिक के लिए यहां पहुंचे थे। दोपहर करीब 2:30 से 3 बजे के बीच कुछ विद्यार्थी पानी के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार और कक्षा 9वीं की छात्रा खुशी का पैर फिसल गया और दोनों पानी में चले गए। बच्चों को बचाने पानी में उतरे शिक्षक दोनों विद्यार्थियों को पानी में जाते देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर तुरंत बचाव के लिए पहुंचे। प्रयास के दौरान खुशी को पानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हर्षित को बचाने की कोशिश में दोनों शिक्षक भी गहरे पानी में चले गए। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने हर्षित तथा दोनों शिक्षकों को पानी से बाहर निकाला। तीनों को बचाने के लिए CPR देने की कोशिश भी की गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में इन तीन लोगों की मौत हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार हुई है: हादसे के बाद तीनों शवों को रतलाम मेडिकल कॉलेज लाया गया। बाद में शवों को स्कूल बस के माध्यम से जावरा भेजा गया। तीन विद्यार्थियों को अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद बचाए गए विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा खुशी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अन्वेष और सिद्धि को भी अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजन रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। SDERF टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव दल को भी सूचना दी गई थी। हालांकि, SDERF की टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने पानी में उतरकर तीनों को बाहर निकाल लिया था। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के कारणों और मौके की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। हादसे से उठे सुरक्षा से जुड़े सवाल स्कूल पिकनिक के दौरान बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां गहरा पानी मौजूद हो, वहां विद्यार्थियों की निगरानी और सुरक्षित क्षेत्र की स्पष्ट पहचान बेहद जरूरी होती है। पैराडाइज वैली की इस घटना ने एक बार फिर पिकनिक स्पॉट पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की पूरी तस्वीर पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में कंबलों के नीचे छिपा था 106 किलो डोडाचूरा, पुलिस ने कंटेनर पकड़ा

Ratlam News: रतलाम में पुलिस ने नागालैंड नंबर के कंटेनर से 106.47 किलो डोडाचूरा जब्त किया है। मामले में नीमच और चित्तौड़गढ़ के दो आरोपी गिरफ्तार हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिलपांक थाना क्षेत्र के सातरुंडा में पुलिस ने एक नागालैंड नंबर के कंटेनर से 106.47 किलो डोडाचूरा बरामद किया। पुलिस के मुताबिक जब्त डोडाचूरा की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। नशे की यह खेप नीमच से महाराष्ट्र के मालेगांव ले जाने की तैयारी में थी। कंटेनर में डोडाचूरा को छह कट्टों में भरकर कंबलों के नीचे छिपाया गया था। कार्रवाई के दौरान कंटेनर में सवार तीन लोगों में से एक पुलिस को देखकर मौके से भाग निकला, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सातरुंडा में पुलिस ने की घेराबंदी एएसपी राकेश पंद्रों के अनुसार शुक्रवार रात बिलपांक थाना प्रभारी को सूचना मिली थी कि कंटेनर क्रमांक NL 01 AA 6956 में डोडाचूरा भरकर सातरुंडा के रास्ते इंदौर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सातरुंडा क्षेत्र में घेराबंदी की। इंदौर जाने वाली सड़क के किनारे एक ले-बाय में संदिग्ध कंटेनर खड़ा मिला। पुलिस ने वाहन की तलाशी शुरू की तो ऊपर कंबल रखे हुए दिखाई दिए। कंबलों को हटाने पर नीचे छह कट्टे मिले। जांच और वजन के बाद इनमें कुल 106.47 किलो डोडाचूरा पाया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा कंटेनर में तीन लोग सवार थे। पुलिस की मौजूदगी देखकर इनमें से एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहनलाल (42) और प्रेमचंद (53) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मोहनलाल नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि प्रेमचंद राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार करते हुए डोडाचूरा और कंटेनर जब्त कर लिया है। पूछताछ में नीमच से डोडाचूरा लाने की बात पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि डोडाचूरा नीमच के अनिल सिंह राजपूत से लिया गया था। पुलिस अब कथित रूप से डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस फरार आरोपी अनिल सिंह सोंधिया राजपूत, निवासी संगराणा घाटी, जिला नीमच की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। करीब 30 लाख रुपये का बताया गया डोडाचूरा पुलिस के अनुसार जब्त डोडाचूरा का कुल वजन 106.47 किलो है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई में कंटेनर को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाना है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसे मालेगांव तक पहुंचाने की योजना कैसे बनाई गई थी।

MP News: MP में निजी मेडिकल कॉलेजों की EWS सीटों पर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

MP News: MP के निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र को पक्षकार बनाया है। अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS विद्यार्थियों के आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने पुराने मामले में केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की अनुमति दी है। साथ ही इसी मुद्दे से जुड़ी नई याचिका पर राज्य शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया गया है। मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। अब अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। क्या है निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण का मामला? मामला निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण का लाभ दिलाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई है कि EWS अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आरक्षण व्यवस्था का लाभ चाहते हैं। नई याचिका पर राज्य शासन और NMC को नोटिस कुमारी दरक्षा अंजुम सहित अन्य की ओर से दायर नई याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS अभ्यर्थियों के प्रवेश से संबंधित मांग उठाई गई है। प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। यानी इस मामले में आगे आने वाला न्यायिक निर्णय प्रवेश व्यवस्था पर असर डाल सकता है। पुराने मामले में अब केंद्र सरकार भी शामिल EWS आरक्षण से जुड़ा यह विवाद पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। अथर्व चतुर्वेदी विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन नाम से दायर रिट याचिका वर्ष 2024 से अदालत में लंबित है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने की मांग की थी। कोर्ट ने मौखिक आवेदन को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को मामले में शामिल करने की अनुमति दे दी। केंद्र की ओर से नोटिस डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु को स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र से दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है। 2024 के आदेश में क्या कहा गया था? याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के 17 दिसंबर 2024 के आदेश का भी हवाला दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस आदेश में NMC को निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण लागू करने के लिए एक वर्ष के भीतर सीटें बढ़ाने से संबंधित निर्देश दिए गए थे। अब नए मामले में केंद्र सरकार का पक्ष भी रिकॉर्ड पर आने के बाद इस मुद्दे पर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों के लिए क्यों अहम है मामला? निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की सीटों को लेकर हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में EWS आरक्षण से जुड़ा कोई भी फैसला संबंधित अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि अदालत सीटें बढ़ाने से संबंधित व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने का फैसला करती है, तो भविष्य के प्रवेश सत्रों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम लाभ और सीटों की संख्या अदालत के फैसले तथा संबंधित नियामकीय व्यवस्था पर निर्भर करेगी। अगली सुनवाई 11 सितंबर को फिलहाल मामले में केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार है। राज्य शासन और NMC को भी नई याचिका पर अपना पक्ष रखना होगा। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को निर्धारित है। उस सुनवाई में सामने आने वाले जवाब और कोर्ट के निर्देश से निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

GST Registration Online: घर बैठे खुद बनवाएं GST नंबर, जानिए आवेदन का आसान तरीका

GST Registration Online की पूरी प्रक्रिया जानें। घर बैठे GST नंबर के लिए आवेदन, जरूरी दस्तावेज, TRN, Aadhaar Verification और ARN ट्रैक करने का तरीका समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। GST Registration Online: अगर आप नया कारोबार शुरू करने जा रहे हैं या आपका बिजनेस GST के दायरे में आता है, तो GST Registration की जरूरत पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको जरूरी नहीं कि किसी एजेंट या साइबर कैफे की मदद ही लेनी पड़े। GST पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है और आवेदन खुद किया जा सकता है। GST Registration के लिए सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने का कोई अलग सरकारी रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं है। हालांकि, किसी टैक्स प्रोफेशनल या अन्य व्यक्ति से सहायता लेने पर उसकी सर्विस फीस अलग से हो सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करने से पहले अपने PAN, कारोबार के पते और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी तैयार रखें। GSTN के आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक आवेदन Part A और Part B में पूरा किया जाता है। GST Registration के लिए किन लोगों को जरूरत पड़ सकती है? हर कारोबार के लिए एक जैसी GST Registration requirement नहीं होती। यह कारोबार के प्रकार, टर्नओवर, राज्य और सप्लाई की प्रकृति समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर जिन कारोबारियों पर GST के तहत रजिस्ट्रेशन की देनदारी बनती है, उन्हें निर्धारित समय में आवेदन करना होता है। कुछ कारोबारी स्वेच्छा से भी GST Registration ले सकते हैं। जरूरी सावधानी: केवल यह मान लेना सही नहीं है कि हर नए बिजनेस को शुरुआत से ही GST नंबर लेना अनिवार्य है। अपने कारोबार की स्थिति के अनुसार लागू नियम जरूर जांचें। GST Registration के लिए कौन-कौन से दस्तावेज रखें? दस्तावेजों की जरूरत कारोबार की संरचना और आवेदन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न जानकारी/दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी है: बैंक अकाउंट की जानकारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बात है। GST पोर्टल के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार शुरुआती Registration Application में बैंक अकाउंट की जानकारी अनिवार्य नहीं है; इसे बाद में संशोधन के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसलिए बैंक पासबुक या कैंसिल चेक को हर आवेदन में अनिवार्य दस्तावेज बताना सही नहीं होगा। GST Registration Online: सबसे पहले TRN बनाएं GST Registration की प्रक्रिया का पहला चरण Temporary Reference Number यानी TRN बनाना है। Step 1: GST पोर्टल खोलें सबसे पहले GST के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। GST का आधिकारिक पोर्टल इसके बाद: Services → Registration → New Registration पर क्लिक करें। GSTN के आधिकारिक यूजर गाइड के मुताबिक New Registration में Taxpayer विकल्प चुनना होता है। इसके बाद राज्य और जिले की जानकारी, PAN में दर्ज कानूनी नाम, PAN, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाते हैं। Step 2: मोबाइल और ईमेल OTP वेरिफाई करें फॉर्म में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करने के बाद दोनों पर OTP प्राप्त होगा। OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें। सफल वेरिफिकेशन के बाद सिस्टम Temporary Reference Number यानी TRN जारी करता है। यह जानकारी मोबाइल और ईमेल पर भी भेजी जाती है। अब TRN से आवेदन पूरा करें TRN मिलने के बाद दोबारा GST पोर्टल के New Registration सेक्शन में जाकर Temporary Reference Number (TRN) विकल्प चुनें। TRN, ईमेल और कैप्चा दर्ज करने के बाद OTP वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद My Saved Application में जाकर अपने ड्राफ्ट आवेदन को Edit करें। ध्यान रखें कि GSTN के अनुसार TRN से जुड़ा ड्राफ्ट आवेदन सीमित समय के लिए उपलब्ध रहता है। आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करके जमा करना जरूरी है। आवेदन में ये जानकारी भरनी होगी GST Registration Form में कारोबार से संबंधित कई जानकारियां मांगी जाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से: Goods and Services वाले सेक्शन में कारोबार के अनुसार संबंधित HSN/SAC की जानकारी भी देनी पड़ सकती है। Aadhaar Authentication कैसे होगा? आवेदन जमा करने की प्रक्रिया में Aadhaar Authentication का विकल्प आता है। GSTN के मौजूदा निर्देशों के अनुसार नए GST Registration में पात्र करदाताओं के लिए Aadhaar Authentication की प्रक्रिया लागू है। Authentication के लिए संबंधित व्यक्ति को GST पोर्टल से प्राप्त लिंक के जरिए Aadhaar विवरण और OTP के माध्यम से सत्यापन करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में जोखिम आधारित प्रक्रिया के अनुसार OTP Authentication के बजाय Biometric Authentication के लिए नामित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। अगर Aadhaar Authentication का विकल्प नहीं चुना जाता है, तो फोटो कैप्चर और दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। Aadhaar Verification के लिए कितना समय मिलता है? GSTN के अनुसार Aadhaar Authentication लिंक सामान्य तौर पर 15 दिनों तक उपलब्ध रहता है। इसलिए लिंक मिलने के बाद समय पर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। आवेदन जमा करने के बाद ARN मिलेगा सभी जानकारी भरने, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सत्यापित करने के बाद फॉर्म सबमिट किया जाता है। सफल सबमिशन के बाद Application Reference Number यानी ARN मिलता है। इसी ARN की मदद से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। GST पोर्टल में Services → Registration → Track Application Status विकल्प के जरिए स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। GST नंबर कितने समय में मिल सकता है? GST Registration को लेकर अक्सर 7-10 दिन में नंबर मिलने की बात कही जाती है, लेकिन इसे हर आवेदन के लिए तय समय नहीं माना जाना चाहिए। GSTN के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में, यदि अधिकारी निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करते तो कुछ आवेदन 7 working days में deemed approval के प्रावधान के अंतर्गत आ सकते हैं। Aadhaar Authentication विफल होने या Aadhaar Authentication से संबंधित अलग स्थिति में प्रक्रिया लंबी हो सकती है और 30 calendar days तक का प्रावधान लागू हो सकता है। इसलिए आवेदन की मंजूरी दस्तावेजों, सत्यापन और आवेदन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। GSTIN मिलने के बाद क्या करें? आवेदन मंजूर होने के बाद आपको 15 अंकों का GSTIN मिलता है। इसके बाद GST पोर्टल पर लॉगिन करके संबंधित Registration Certificate डाउनलोड किया जा सकता है। GST नंबर मिलने के बाद कारोबार के लिए लागू GST Return Filing, Tax Invoice, Input Tax Credit और अन्य अनुपालन नियमों को … Read more

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