Ratlam News: राॅयल कॉलेज खेल महोत्सव: छात्राओं ने दिखाया दमखम, छात्रों के खेल देखना बाकी

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: राॅयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में आज से राॅयल खेल महोत्सव का आयोजन शुरू हुआ। यह महोत्सव 18 नवंबर से 26 नवंबर तक चलेगा और दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में छात्राओं के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जबकि दूसरे चरण में छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धाएं होंगी।  आज पहले दिन छात्राओं की खेल प्रतियोगिताओं का शानदार आगाज हुआ, जिसमें 437 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें फार्मेसी कोर्स से 106, एमबीए व बीबीए से 120, बीएससी कंप्यूटर साइंस से 66, बीएससी माइक्रोबायोलॉजी से 110, नर्सिंग से 15 और बीसीए से 20 छात्राओं ने हिस्सा लिया।  प्रतियोगिताओं में लेमन स्पून रेस, चेयर रेस, खो-खो, योगा, 100 मीटर रेस, 400 मीटर रिले रेस, टग ऑफ वार** जैसी खेल विधाएं शामिल थीं।  महोत्सव में खेल समन्वयक के रूप में प्राध्यापक दीपिका कुमावत व उनकी टीम ने सफलतापूर्वक भूमिका निभाई, जबकि निर्णायक कमेटी की जिम्मेदारी डाॅ. रविन्द्र कौर अरोरा व उनकी टीम ने संभाली। खेल प्रतियोगिताओं का संचालन  प्रशासक डाॅ. डी.आर. पुरोहित द्वारा किया गया।  छात्राओं ने न केवल खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लिया, बल्कि अपने प्रदर्शन से खेल भावना का शानदार परिचय दिया। अब सभी को 26 नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव के दूसरे चरण का इंतजार है, जिसमें छात्रों के बीच क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल और वाॅलीबॉल जैसी प्रतियोगिताएं होंगी।

MP Board Laptop Yojana 2024-25: लैपटॉप योजना के तहत 1 दिसंबर से मिलेंगे 25,000 रुपए, जानें पूरी जानकारी

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP Board Laptop Yojana 2024-25:  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा घोषित MP Board Laptop Yojana 2024-25 के तहत उन छात्रों को 25,000 रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जिन्होंने वर्ष 2023 की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। राज्य सरकार ने इस योजना को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और यह सहायता राशि 1 दिसंबर 2024 से छात्रों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। किन छात्रों को मिलेगा लाभ?मध्य प्रदेश लैपटॉप योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा, जिन्होंने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं और पहली बार में ही परीक्षा उत्तीर्ण की है। योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना और उनकी आगे की पढ़ाई में सहायता प्रदान करना है। स्कूलों को निर्देश जारीमध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे छात्रों की सूची तैयार करें जो इस योजना के पात्र हैं। सभी पात्र छात्रों की सूची जिला शिक्षा अधिकारियों के पास भेजी जा रही है, जिसके आधार पर उन्हें 25,000 रुपए प्रदान किए जाएंगे। कब आएगी राशि?MP Board Laptop Yojana के अंतर्गत सभी पात्र छात्रों के बैंक खातों में 1 दिसंबर 2024 से 25,000 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और जिन्हें पहली बार में 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की है। महत्वपूर्ण निर्देशछात्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने रिजल्ट और अन्य संबंधित जानकारी को स्कूल में उपलब्ध कराएं। सभी पात्र छात्रों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अपने स्कूल के माध्यम से आवेदन करना होगा। MP Board Laptop Yojana का लाभ पाने के लिए छात्रों को अपनी संपूर्ण जानकारी और रिजल्ट की जानकारी अपने स्कूल में जमा करना अनिवार्य है।

Ratlam News: रतलाम में नव नियुक्त डाक सहायकों का 56 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम संभागीय डाक प्रशिक्षण केंद्र में 24 सितंबर 2024 से 18 नवंबर 2024 तक नव नियुक्त डाक सहायकों का 56 दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नव नियुक्त सहायकों को डाक विभाग की योजनाओं, कार्यप्रणाली, सॉफ्टवेयर एवं संसाधनों के उपयोग में दक्ष बनाना है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रशिक्षुओं ने रतलाम प्रधान डाकघर का दौरा किया, जहां उन्हें डाकघर की विभिन्न योजनाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। इस अवसर पर राजेश कुमावत, अधीक्षक रतलाम डाकघर ने नव नियुक्त सहायकों को आह्वान किया की वे विभाग की सभी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें और सदैव विभाग के कार्यों के प्रति तत्पर रहें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन गोपाल सोनी, प्रशिक्षक रतलाम संभागीय प्रशिक्षण केंद्र, द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण में रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों के डाक सहायक शामिल हैं, जिन्हें विभागीय नियमों, तकनीकी दक्षताओं और ग्राहक सेवा से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है।

Cyber Security Tips: शादी की पत्रिका या योजनाओं की मोबाइल एप्लिकेशन ना करे डाऊनलोड, रतलाम पुलिस ने बताया कैसे रहें सावधान!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Cyber Security Tips : सायबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के मार्गदर्शन में सायबर क्राइम सेल रतलाम द्वारा आम जनता को सायबर ठगी के नए-नए तरीकों के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में सायबर अपराधियों द्वारा अपनाई जा रही एक नई चाल लोगों के बीच चिंता का विषय बन गई है। सायबर अपराधी मोबाइल एप्लिकेशन (.apk) और एक्से फाइल (.exe) के जरिए धोखाधड़ी कर रहे हैं। यहां इस तरह के धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर विस्तार से जानिए; कैसे होती है APK फाइल के जरिए धोखाधड़ी?   – सायबर अपराधी .apk फाइल का इस्तेमाल कर लोगों के फोन तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।   – ये फाइलें अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों के माध्यम से, अनजानी वेबसाइटों से या व्हाट्सएप पर किसी लिंक के जरिए भेजी जाती हैं।   – कई बार ये फाइलें शादी के निमंत्रण, पीएम किसान योजना या पीएम आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं के नाम पर होती हैं, जिससे लोग इन्हें आसानी से डाउनलोड कर लेते हैं। हैकर्स का तरीका क्या है?   – हैकर्स व्हाट्सएप के माध्यम से apk फाइलें भेजते हैं, जो किसी सरकारी योजना, निमंत्रण कार्ड या अन्य आकर्षक सामग्री का रूप धारण कर भेजी जाती हैं।   – कई बार ये फाइलें परिचित व्यक्तियों के नंबर से आती हैं, जिनका व्हाट्सएप हैक हो चुका होता है। इस कारण लोग इन फाइलों पर अधिक विश्वास कर लेते हैं।   – जैसे ही आप इस apk फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करते हैं, यह आपके फोन पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लेती है। APK फाइल के खतरों से कैसे बचें?   – व्हाट्सएप सिक्योरिटी: अपने व्हाट्सएप अकाउंट की सुरक्षा के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन सेटिंग्स को इनेबल रखें। इससे आपका अकाउंट सुरक्षित रहेगा।   – विश्वास से बचें: किसी परिचित व्यक्ति के व्हाट्सएप नंबर से भी अगर इस तरह की फाइल आती है, तो इसे बिना जांचे-परखे न खोलें। सुनिश्चित करें कि फाइल की वैधता को पहचान लें।   – विश्वसनीय स्रोत से ही डाउनलोड करें: किसी भी एप्लिकेशन को केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें। APK फाइल खोलने के बाद क्या होता है?   – जब आप apk फाइल को खोलते हैं, तो यह आपके फोन में ऑटो-इंस्टॉल हो जाती है और आपके डिवाइस का कंट्रोल सायबर अपराधी के हाथों में चला जाता है।   – अपराधी आपके फोन के मैसेज को पढ़ सकते हैं, जिनमें OTP, PIN जैसी सेंसिटिव फाइनेंशियल इनफॉर्मेशन हो सकती है।   – वे आपके फोन से अनाधिकृत ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या फंड ट्रांसफर कर सकते हैं, जिससे आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। अगर गलती से APK फाइल इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें?   – तुरंत अपने फोन का इंटरनेट कनेक्शन ऑफ करें ताकि अपराधी और डेटा का एक्सेस न ले सकें।   – जितना जल्दी हो सके अपने बैंक में संपर्क कर अपने खाते को फ्रीज करवा दें ताकि किसी भी अनाधिकृत ट्रांजेक्शन से बचा जा सके।   – फोन में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें या गूगल प्ले स्टोर से “कवच-2” जैसे सुरक्षा ऐप का उपयोग करें, जो हानिकारक या छिपी हुई apk फाइलों की पहचान कर उन्हें डिलीट कर सकता है। व्हाट्सएप पर आने वाली फाइलों को सुरक्षित तरीके से जांचें   – अगर किसी सरकारी योजना या शादी के निमंत्रण के नाम पर कोई फाइल आए तो उसे खुलने से पहले ध्यान से जांचें।   – व्हाट्सएप सेटिंग्स में टू-स्टेप वेरिफिकेशन को सक्षम करें ताकि आपका अकाउंट सुरक्षित रहे और हैकर्स आपके अकाउंट का दुरुपयोग न कर सकें। धोखाधड़ी होने पर तुरंत क्या करें?   – किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाने पर तुरंत सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।   – अपने नजदीकी पुलिस थाने या सायबर सेल पर जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराएं ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। सायबर सुरक्षा सलाह में बताई गई इन सावधानियों को अपनाकर आप अपने डेटा और आर्थिक जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं। तकनीक के युग में सुरक्षित रहना हमारी अपनी जिम्मेदारी है, इसलिए किसी भी अनजान फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने से पहले सावधान रहें।

Supreme court: बुलडोज़र एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “मनमाना रवैया बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Supreme court: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बुलडोज़र एक्शन को लेकर एक सख्त टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के आरोपी या दोषी होने मात्र से उसका घर गिराया नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है, और अधिकारियों को मनमाने तरीके से काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने जोर देते हुए कहा, “अफसर जज नहीं बन सकते और यह फैसला नहीं कर सकते कि कौन दोषी है। ताकत का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।” इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह कानून से ऊपर होकर किसी के खिलाफ कार्रवाई करे। यह टिप्पणी हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में बुलडोज़र का उपयोग कर संदिग्धों और आरोपियों के घरों पर की जा रही कार्यवाही के संदर्भ में आई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है और सिर्फ अदालत के निर्देशानुसार ही उचित कदम उठाए जा सकते हैं। जानिए मुख्य बिंदुसिर्फ इसलिए घर नहीं गिराया जा सकता क्योंकि कोई व्यक्ति आरोपी है. राज्य आरोपी या दोषी के खिलाफ मनमानी कार्रवाई नहीं कर सकता.बुलडोजर एक्शन सामूहिक दंड देने के जैसा है, जिसकी संविधान में अनुमति नहीं है.निष्पक्ष सुनवाई के बिना किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.कानून के शासन, कानूनी व्यवस्था में निष्पक्षता पर विचार करना होगा.कानून का शासन मनमाने विवेक की अनुमति नहीं देता है. चुनिंदा डिमोलेशन से सत्ता के दुरुपयोग का सवाल उठता है.आरोपी और यहां तक कि दोषियों को भी आपराधिक कानून में सुरक्षा दी गई है. कानून के शासन को खत्म नहीं होने दिया जा सकता है.संवैधानिक लोकतंत्र में नागरिक अधिकारों और आजादी की सुरक्षा जरूरी है.अगर कार्यपालिका मनमाने तरीके से किसी नागरिक के घर को इस आधार पर ध्वस्त करती है कि उस पर किसी अपराध का आरोप है तो यह संविधान कानून का उल्लंघन है.अधिकारियों को इस तरह के मनमाने तरीके से काम करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.अधिकारियों को सत्ता का दुरुपयोग करने पर बख्शा नहीं जा सकता.स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले घर को गिराने पर विचार करते वक्त यह देखना चाहिए कि नगरपालिका कानून में क्या अनुमति है. अनधिकृत निर्माण समझौता योग्य हो सकता है या घर का केवल कुछ हिस्सा ही गिराया जा सकता है.अधिकारियों को यह दिखाना होगा कि संरचना अवैध है और अपराध को कम करने या केवल एक हिस्से को ध्वस्त करने की कोई संभावना नहीं हैनोटिस में बुलडोजर चलाने का कारण, सुनवाई की तारीख बताना जरूरी होगी. डिजिटल पोर्टल 3 महीने में बनाया जाना चाहिए, जिसमें नोटिस की जानकारी और संरचना के पास सार्वजनिक स्थान पर नोटिस प्रदर्शित करने की तारीख बताई गई है.व्यक्तिगत सुनवाई की तारीख जरूर दी जानी चाहिए.आदेश में यह जरूर नोट किया जाना चाहिए कि बुलडोजर एक्शन की जरूरत क्यों है.केवल तभी इमारत गिराई जा सकती है, जब अनधिकृत संरचना सार्वजनिक सड़क/रेलवे ट्रैक/जल निकाय पर हो. इसके साथ ही प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही इमारत गिराई जा सकती हैकेवल वे संरचनाएं ध्वस्त की जाएंगी, जो अनाधिकृत पाई जाएंगी और जिनका निपटान नहीं किया जा सकता.अगर अवैध तरीके से इमारत गिराई गई है, तो अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हर्जाना देना होगा.अनाधिकृत संरचनाओं को गिराते वक्त विस्तृत स्पॉट रिपोर्ट तैयार की जाएगी. पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में तोड़फोड़ की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. यह रिपोर्ट पोर्टल पर पब्लिश की जाएगी. अगर घर गिराने का आदेश पारित किया जाता है, तो इस आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए.बिना अपील के रात भर ध्वस्तीकरण के बाद महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर देखना सुखद दृश्य नहीं हैघर के मालिक को रजिस्टर्ड डाक द्वारा नोटिस भेजा जाएगा और संरचना के बाहर चिपकाया जाएगा.नोटिस से 15 दिनों का वक्त नोटिस तामील होने के बाद है.तामील होने के बाद कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सूचना भेजी जाएगी.कलेक्टर और डीएम नगरपालिका भवनों के ध्वस्तीकरण आदि के प्रभारी नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे.प्राधिकरण व्यक्तिगत सुनवाई सुनेगा, रिकॉर्ड किया जाएगा और उसके बाद अंतिम आदेश पारित किया जाएगा.आदेश के 15 दिनों के अंदर मालिक को अनधिकृत संरचना को ध्वस्त करने या हटाने का मौका दिया जाएगा. सभी निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए और इन निर्देशों का पालन न करने पर अवमानना और अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी और अधिकारियों को मुआवजे के साथ ध्वस्त संपत्ति को अपनी लागत पर वापस करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा.सभी मुख्य सचिवों को निर्देश दिए जाने चाहिए.

MP News: विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार रतलाम पहुंचे, जात – पात से ऊपर उठने पर दिया जोर; समाज के प्रबुद्धजनों से मिले

सेवा कार्य सबसे बड़ा कार्य, देश व धर्म को बचाकर सेवा कार्य करना बहुत आवश्यक है – आलोक कुमार रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: विश्व हिन्दू परिषद सामाजिक समरसता विभाग द्वारा रतलाम में सामाजिक समरसता संगोष्ठी व प्रबुद्धजन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशेष मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार उपस्थित हुए। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समरसता और एकता को बढ़ावा देना है। संगोष्ठी से पूर्व अतिथियों ने भारत माता व भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, संगठन मंत्री अर्जुन गेहलोद, समाजसेवी व व्यापारी अनोखीलाल कटारिया, प्रकाश शर्मा सांवरिया आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन जिला सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज सगरवंशी व विशेष संपर्क प्रमुख मनोज पंवार ने किया। अपने संबोधन में आलोक कुमार ने भारत में सनातन धर्म में सामाजिक समरसता को लेकर जात-पात से ऊपर उठकर सभी समाज को एक साथ रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे मन में भगवान विराजमान हैं, तो छोटा-बड़ा का कोई प्रश्न नहीं उठता। हिंदू धर्म में पहले समय में व्यक्ति हजार कष्टों को सहकर चार धाम तीर्थ यात्रा करता था। उस समय सड़क, परिवहन आदि की व्यवस्था नहीं होती थी। लोग अपने सभी हिसाब-किताब को सुधारते, गलतियों को स्वीकार करते और यह सोचकर जाते कि यदि मृत्यु हुई तो मोक्ष की प्राप्ति होगी, और यदि लौट आए तो ईश्वर की कृपा मानी जाती। यह सब इसलिए होता था क्योंकि लोग देश को एक मानते थे। उन्होंने कहा कि हम सभी को जात, मत, पंथ से ऊपर उठकर हिंदू के रूप में एकजुट रहना चाहिए और बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा देना अति आवश्यक है। अन्यथा विधर्मी हमारे समाज को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लव जिहाद जैसे गंभीर मामले सामने आते हैं। आलोक कुमार ने कहा कि आज कुछ राजनेता आदिवासी समाज को अन्य समाज से अलग करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें उकसा रहे हैं। जबकि वैज्ञानिक शोध से यह सिद्ध हो चुका है कि आदिवासी समाज और सनातन को मानने वाले अन्य पंथ के सभी बंधु मूल निवासी हैं और हिंदू हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी बौद्ध धर्म अपनाने से पूर्व ईसाई और इस्लाम मत पर विचार किया, लेकिन निष्कर्ष निकाला कि बौद्ध धर्म भारत के लिए अधिक उपयुक्त है। उन्होंने इस विषय पर “Thoughts on Pakistan” पुस्तक भी लिखी, जिसे सभी को पढ़ना चाहिए। इस आयोजन में विभाग से सह मंत्री पवन बंजारा, वीनू शर्मा, मोहित चौबे; जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम रावल, पवन देवड़ा; जिला संयोजक मुकेश व्यास, मनोज सगरवंशी, मनोज पंवार, मुन्नू कुशवाहा, अक्षय गोमै, योगेश चौहान, आशु टॉक, राजा राम ओहरी, अनिल रौतेला, कृष्ण भामा, पाखंड से विजय, नीरज सतवानी, दीपांशु गुप्ता, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, जिला शाह पसार रिकी सेन; शंकर सिंह, हीरालाल सीरवी एवं विभाग, जिला एवं प्रखंड टीम के सदस्य उपस्थित रहे। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

MP News: आपको नहीं मिल रहा है वाहन दुर्घटना का क्लेम, तो कोर्ट का यह फैसला आपके लिए है

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में वाहन दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत देते हुए कहा है कि दुर्घटना के छह महीने बाद भी क्लेम किया जा सकता है। न्यायालय के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। अब वे छह महीने बाद भी मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे। न्यायालय के प्रथम सदस्य, एमएसीसी (मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण) आदित्य रावत ने एक विशेष मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मामला प्रेमशंकर शर्मा की 22 जनवरी 2022 को हुई एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद, उनकी पत्नी आशा शर्मा ने 26 अप्रैल 2023 को बीमा क्लेम दायर किया। इस क्लेम पर बीमा कंपनी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के संशोधन के अनुसार क्लेम की अवधि दुर्घटना के 6 महीने के भीतर होनी चाहिए। लेकिन आशा शर्मा ने दुर्घटना के एक साल से अधिक समय बाद क्लेम दायर किया था। बीमा कंपनी की आपत्ति के बावजूद न्यायाधीश आदित्य रावत ने बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया और क्लेम को सुनवाई योग्य माना। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मोटर यान अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट) एक कल्याणकारी कानून है, जिसका उद्देश्य दुर्घटना से पीड़ित परिवारों की मदद करना है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सिर्फ देर से क्लेम दाखिल करने के आधार पर पीड़ित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना मुआवजे के आवेदन को रद्द करना उचित नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में आवेदिका एक गृहिणी हैं और उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, इसलिए विलंब को नजरअंदाज करना न्यायोचित है। इस मामले में आवेदिका की ओर से एडवोकेट देवेंद्र सिरधाना गुर्जर ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि न्यायालय का यह निर्णय उन सभी परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो दुर्घटना की समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। वर्ष 2019 के मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन में क्लेम दाखिल करने की अवधि छह महीने निर्धारित की गई थी, जिससे कई लोग जानकारी के अभाव में इस सीमा का पालन नहीं कर पाते थे। इस फैसले के बाद, दुर्घटना में घायल या मृतकों के परिजन छह महीने बाद भी मुआवजे का दावा कर सकते हैं, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।

Ratlam News: प्रशिक्षु आईएएस व आईपीएस अधिकारियों ने कलेक्टर राजेश बाथम से की मुलाकात, सर्विस की बारीकियों पर की चर्चा

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: सोमवार को प्रशिक्षु आईएएस, आईपीएस अधिकारियों ने कलेक्टर राजेश बाथम से मुलाकात की। इस अवसर पर कलेक्टर ने उनके साथ बैठक आयोजित कर रतलाम जिले की विशेषताओं और विविधताओं के बारे में जानकारी साझा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रृंगार श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण रवि गुप्ता, सहायक परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण अरुण पाठक, और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत निर्देशक शर्मा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को जिले के भ्रमण के लिए विभिन्न स्थानों की बिंदुवार जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षु अधिकारी रतलाम जिले में 16 नवंबर तक अध्ययन भ्रमण पर हैं। इनमें छह आईएएस अधिकारी, पांच आईपीएस अधिकारी और एक आईडीएएस अधिकारी शामिल हैं। आईएएस अधिकारियों (IAS Officers) में सय्यद आदिल मोहसिन, विपिन दुबे, सचिन राहर, आयुषी प्रधान, और सुभांशु कटियार शामिल हैं। आईपीएस (IPS Officers) अधिकारियों में माधव गुप्ता, सिमरन सिंह, कुहू गर्ग, अनिकेत कुलकर्णी, और अजीत सिंह सम्मिलित हैं, जबकि हर्षवर्धन पांडे आईडीएएस (IDAS Officer) कैडर से हैं। आपको बता आईडीएएस कैडर के अंतर्गत भारतीय रक्षा बलों में वित्तीय प्रबंधन के लिए अधिकारी का चयन करना होता है। आईडीएस रेंक भी आईएएस अफसर के बराबरी की रेंक होती है। इसमें शहर या जिला नहीं देखते बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों के लिए बेहतर फाइनेंशियल स्टेटस तैयार करने का काम होता है।

Ratlam News: पुलिस और पत्रकारों ने जमकर की बल्लेबाजी, मैत्री क्रिकेट मैच में आखिरी गेंद तक बना रहा रोमांच

रतलाम – पब्लिक वार्ता,  जयदीप गुर्जर। Ratlam News: पुलिस लाइन के मैदान पर रविवार सुबह का नजारा कुछ अलग ही था। आमतौर पर क्राइम सीन या इवेंट पर पर साथ रहने वाले पुलिस और पत्रकारों ने खेल के मैदान में अपना समय साथ बिताया। पत्रकारों और पुलिस के बीच खेले गए मैत्री क्रिकेट मैच में दोनों टीमों ने चौकों-छक्कों की बौछार कर रोमांच को आखिरी गेंद तक बनाए रखा। इस रोमांचक मुकाबले में कभी पत्रकार आगे दिखे तो कभी पुलिस की टीम। पुलिस इलेवन की कप्तानी एसपी अमित कुमार ने की, जबकि पत्रकार इलेवन का नेतृत्व मुकेशपुरी गोस्वामी के हाथों में था। टॉस जीतकर पुलिस ने पहले बल्लेबाजी कीमैच की शुरुआत में एसपी अमित कुमार और एएसपी राकेश खाखा ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय लिया। टॉस पत्रकार सौरभ कोठारी ने करवाया, जिसे पुलिस कप्तान ने जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। 12 ओवर के इस मैच में पुलिस इलेवन ने कुल 115 रन का स्कोर खड़ा किया। पत्रकारों की शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजीपत्रकार इलेवन की ओर से सुरेंद्र जैन, प्रदीप नागौरा, दिव्यराज सिंह राठौर, राजेंद्र केलवा, अर्पित चौबे, किशोर जोशी दत्ता, यशवंत सिंह राठौर, समीर खान, साजिद खान, दुष्यंत सिंह तंवर और शैलेंद्र पारे ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रदीप नागौरा ने सबसे ज्यादा 69 रन बनाए, जबकि दिव्यराज सिंह राठौर ने 20 रन का योगदान दिया। गेंदबाजी में राजेंद्र केलवा ने 2 ओवर में 11 रन देकर 3 विकेट लिए और एक कैच भी पकड़ा। यशवंत सिंह राठौर ने 3 ओवर में 21 रन देकर 1 विकेट लिया और दिव्यराज सिंह राठौर ने 3 ओवर में 24 रन देकर 2 विकेट लिए। पुलिस इलेवन का ज़ोरदार प्रदर्शनपुलिस इलेवन की ओर से आरआई मोहन भर्रावत ने 72 रनों की शानदार पारी खेली। जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो और रतलाम सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया खाता नहीं खोल सके। एसपी अमित कुमार ने 10 रन जबकि एएसपी राकेश खाखा ने 8 रन का योगदान दिया। गेंदबाजी में बूदन ने 3 ओवर में केवल 13 रन दिए, आकाश ने 3 ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट हासिल किए, और टीआई सुरेंद्र गडरिया ने 1 ओवर में 4 रन देकर 1 विकेट लिया। मैच के बाहर भी बना मनोरंजन का माहौलमैच के दौरान हंसी-मजाक और कॉमेंट्री से माहौल खुशनुमा बना रहा। अंत में शानदार प्रदर्शन के लिए पत्रकार इलेवन के प्रदीप नागौरा को मैन ऑफ द मैच चुना गया। विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रेस क्लब सचिव यश शर्मा बंटी, वरिष्ठ पत्रकार गोविंद उपाध्याय, भेरूलाल टांक, सौरभ कोठारी, नरेंद्र जोशी, जितेंद्र सिंह सोलंकी, अदिति मिश्रा, मुबारिक शेरानी, नीरज बरमेचा, विनोद वाधवा, जयदीप गुर्जर, विवेकानंद चौधरी, राजेश वासनवाल, चंद्रशेखर सोलंकी, राकेश पोरवाल, शाहिद मीर, स्वदेश शर्मा, नवीन टांक, उत्तम शर्मा, उमेश मिश्रा, मो. हुसैन और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पुलिस की ओर से गोविंद मालवीय ने स्कोरिंग और कॉमेंट्री की। अम्पायरिंग अमोल कस्तौरे और यश हाड़े ने की।

Ratlam News: गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल का वार्षिक खेल एवं सांस्कृतिक समारोह “उत्सव” संपन्न

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम के श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल, शास्त्री नगर का वार्षिक खेल एवं सांस्कृतिक समारोह “उत्सव” भव्य रूप से मनाया गया। यह आयोजन श्री अरविंद मार्ग स्थित एकेडमी परिसर में अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर सरदार कारज सिंह लहर के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।  समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और गुरु तेग बहादुर जी व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह डंग, सचिव अजीत छाबड़ा, प्राचार्य मेघा वैष्णव, प्रधानाध्यापिका सरला माहेश्वरी और हेडमिस्ट्रेस मनीषा ठक्कर विशेष रूप से उपस्थित रहे। समिति प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह भामरा ने बताया कि इस अवसर पर सरदार कारज सिंह लहर का शाल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।  मुख्य अतिथि सरदार कारज सिंह लहर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल में सक्रियता बच्चों में आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करती है। उन्होंने मोबाइल का उपयोग सावधानीपूर्वक और संतुलित मात्रा में करने का भी संदेश दिया। समिति अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह डंग ने बच्चों को शिक्षा के साथ खेलकूद में भी सक्रियता दिखाने का आह्वान किया।  समारोह में विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट, खेल गतिविधियां, और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों ने प्लास्टिक के दुष्प्रभाव और उससे बचने के उपायों पर भी प्रस्तुति दी। इसके साथ ही भारतीय सांस्कृतिक विरासत और त्योहारों का भी प्रदर्शन किया गया।  इस आयोजन में 800 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन शिवानी सिंह और रश्मि तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन मनीषा ठक्कर ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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