MP News: रतलाम से नीमच के बीच पटरियों के पास जाने से पहले सोच ले!; दोहरीकरण कार्य का 19 फरवरी को होगा निरीक्षण व गति परीक्षण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: नीमच-रतलाम रेल मार्ग पर दोहरीकरण कार्य तेजी से जारी है। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अंतर्गत हर्कियाखाल से मल्हारगढ़ के बीच लगभग 13 किलोमीटर लंबे रेल खंड (किमी 254.869 से 267.852) का दोहरीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।    19 फरवरी को होगा गति परीक्षण   इस नवीन दोहरीकृत रेल खंड का निरीक्षण एवं गति परीक्षण रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिम परिमंडल)  मनोज अरोड़ा द्वारा 19 फरवरी 2025 को किया जाएगा। गति परीक्षण के दौरान तेज रफ्तार ट्रेन चलाई जाएगी ताकि ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा का मूल्यांकन किया जा सके।    सुरक्षा को लेकर रेलवे ने की अपील   रेलवे प्रशासन ने क्षेत्र के नागरिकों से 19 फरवरी को इस रेल खंड के पास न जाने एवं अपने पशुओं को भी दूर रखने की अपील की है। सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को रेलवे समपार फाटकों, अंडरपास या ओवरब्रिज का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।    रेल दोहरीकरण से यात्रियों को होगा लाभ   हर्कियाखाल-मल्हारगढ़ खंड पर दोहरीकरण पूरा होने से रेल यातायात सुगम होगा, ट्रेनों की गति बढ़ेगी और अधिक गाड़ियों का संचालन संभव होगा। यह यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।   लेटेस्ट रेलवे अपडेट्स और महत्वपूर्ण खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

MP News: भारतीय रेलवे में विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे, रतलाम मंडल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: भारतीय रेलवे ने अपने विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के बिजली विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और आम जनता को रेलवे विद्युतीकरण के महत्व और लाभों के प्रति जागरूक करना था।   विद्युतीकरण की यात्रा: 100 वर्षों का सफर भारत में पहली ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को चली थी, लेकिन देश में पहली बार 3 फरवरी 1925 को बॉम्बे वीटी (अब छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस) से कुर्ला हार्बर तक बिजली के इंजन से ट्रेन का संचालन हुआ। इसके बाद रेलवे विद्युतीकरण की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ती रही और वर्तमान में भारतीय रेलवे ने 97% ब्रॉडगेज लाइनों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। जल्द ही भारतीय रेलवे 100% विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।   रतलाम मंडल में जागरूकता कार्यक्रम रेलवे विद्युतीकरण के 100वें वर्ष को यादगार बनाने के लिए रतलाम मंडल के बिजली टीआरडी (कर्षण वितरण) विभाग ने मॉर्निंग स्टार स्कूल, रतलाम में एक संगोष्ठी आयोजित की। इस संगोष्ठी में 350 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रेलवे विद्युतीकरण के विकास, उसकी उपयोगिता और इसके फायदे जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।   प्रतियोगिताओं का आयोजन और विजेताओं का सम्मान बिजली टीआरओ (कर्षण परिचालन) विभाग द्वारा रतलाम मंडल के रतलाम, उज्जैन, इंदौर, डॉ. अंबेडकर नगर और चित्तौड़गढ़ लॉबी में बच्चों के लिए निबंध और ड्राइंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।   भारतीय रेलवे का यह ऐतिहासिक सफर दर्शाता है कि कैसे तकनीकी विकास के माध्यम से परिवहन व्यवस्था को अधिक उन्नत और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। रेलवे विद्युतीकरण से न केवल ऊर्जा की बचत होती है बल्कि यह प्रदूषण कम करने और यात्रा को सुगम बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  

Budget2025: मध्य प्रदेश को मिला 14,745 करोड़ रुपये, सेफ्टी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर

जबलपुर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Budget2025: भारतीय रेलवे के लिए वर्ष 2025-26 के रेल बजट में 2.65 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश के लिए 14,745 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह बजट रेल संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।   रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बजट प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 10 वर्षों में रेलवे के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इस वर्ष भी रेलवे के विस्तार, आधुनिकीकरण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।   मध्य प्रदेश में रेलवे परियोजनाओं की बड़ी सौगात   रेल मंत्री के अनुसार, राज्य में 1,08,000 करोड़ रुपये की 31 परियोजनाओं के तहत 5,869 किलोमीटर नए रेल ट्रैक बिछाने का कार्य तेजी से जारी है। इसके अलावा, राज्य में 100 प्रतिशत रेल लाइनों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।    स्टेशनों का पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार   – अमृत स्टेशन योजना के तहत 2,708 करोड़ रुपये की लागत से 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।   – यात्री सुविधाओं के अंतर्गत 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर और 408 स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई सुविधा का विस्तार किया गया है।   – मध्य प्रदेश के 14 जिलों को कवर करने वाली 4 वंदे भारत ट्रेनें पहले से संचालित हैं।   – राज्य में 1,109 फ्लाईओवर और रोड अंडरब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है।    रेलवे संरक्षा को प्राथमिकता   इस बजट में रेलवे की सुरक्षा पर 1.16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में 3,572 रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली लगाने की कार्ययोजना तैयार है, जिससे रेल दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।   महाप्रबंधक ने दी जानकारी   पश्चिम मध्य रेल की महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है और कार्य तीव्र गति से जारी हैं।  

Ratlam News:श्री अश्वनी कुमार बने रतलाम मंडल के नए मंडल रेल प्रबंधक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल को नए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मिल गए हैं। श्री अश्वनी कुमार ने 1 जनवरी, 2025 को रतलाम मंडल के 54वें मंडल रेल प्रबंधक के रूप में पदभार ग्रहण किया। श्री अश्वनी कुमार भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के 1996 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं।    रेलवे में व्यापक अनुभव   श्री कुमार ने अपने करियर की शुरुआत पूर्व रेलवे से की और उसके बाद पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे, और उत्तर रेलवे में परिचालन, वाणिज्य, विजिलेंस और संरक्षा विभागों में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं। रेलवे बोर्ड में प्लानिंग और विजिलेंस विभागों में भी उनकी अहम भूमिका रही। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली मेट्रो और रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) में महाप्रबंधक के रूप में कार्य किया।    शैक्षणिक योग्यता   श्री अश्वनी कुमार की शैक्षणिक उपलब्धियां भी उल्लेखनीय हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बी.टेक की डिग्री और आईआईएम बेंगलूरू से मैनेजमेंट एंड पब्लिक पॉलिसी में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही, उन्होंने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर और एमआईटी (यूएसए) से अर्बन ट्रांसपोर्टेशन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।    वैश्विक पुरस्कारों से सम्मानित   एमआईटी में अपनी पीएचडी के दौरान, ट्रांसपोर्टेशन में उत्कृष्ट नवाचार के लिए उन्हें एमआईटी क्लाइमेट कोलैब द्वारा ‘*बेस्ट इनोवेशन इन ट्रांसपोर्टेशन*’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।    पूर्व पदस्थापन   रतलाम मंडल में डीआरएम के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले श्री अश्वनी कुमार पूर्व तटीय रेलवे, भुवनेश्वर में मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री प्रबंधन) के पद पर कार्यरत थे।   श्री अश्वनी कुमार की नियुक्ति से रतलाम मंडल को रेलवे परिचालन और प्रबंधन में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनके अनुभव और नवाचारों का लाभ मंडल के विकास में सहायक होगा।  

KUMBH MELA 2025 : मध्यप्रदेश के इन शहरों से महाकुंभ में जाने के लिए मिलेगी सीधी ट्रेन, 21 दिसंबर से बुकिंग होगी शुरू

इंदौर – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। KUMBH MELA 2025: जनवरी 2025 में प्रयागराज में शुरू होने वाले महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने डॉ. अंबेडकर नगर और बलिया के बीच कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन (09371/09372) चलाने की घोषणा की है। यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में चार-चार फेरे लगाएगी।  ट्रेन का समय और मार्गगाड़ी संख्या 09371 डॉ. अंबेडकर नगर-बलिया कुंभ स्पेशल 22 और 25 जनवरी, 2025 तथा 8 और 22 फरवरी, 2025 को दोपहर 1:45 बजे डॉ. अंबेडकर नगर से रवाना होगी। यह ट्रेन रतलाम मंडल के इंदौर (2:30/2:40), उज्जैन (3:55/4:05), और शुजालपुर (5:58/6:00) समेत अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए अगले दिन शाम 7:15 बजे बलिया पहुंचेगी।  वापसी में गाड़ी संख्या 09372 बलिया-डॉ. अंबेडकर नगर कुंभ स्पेशल 23 और 26 जनवरी, 2025 तथा 9 और 23 फरवरी, 2025 को रात 11:45 बजे बलिया से चलेगी। यह शुजालपुर (1:27/1:29), उज्जैन (3:40/3:50), और इंदौर (4:50/5:00) होते हुए अगले दिन सुबह 5:30 बजे डॉ. अंबेडकर नगर पहुंचेगी।  स्टेशनों पर ठहराव और कोच की संरचनायह ट्रेन दोनों दिशाओं में इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंज बासौदा, बीना, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, गोविंदपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, चुनार, वाराणसी, जौनपुर, औंड़िहार और गाजीपुर सिटी स्टेशनों पर रुकेगी।  इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और जनरल सेकेंड क्लास कोच की सुविधा होगी।  बुकिंग की शुरुआतट्रेन संख्या 09371 की बुकिंग 21 दिसंबर, 2024 से सभी पीआरएस काउंटर और आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू होगी।  यात्रा से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।  महाकुंभ मेले के लिए यह विशेष ट्रेन यात्रा को सरल और सुविधाजनक बनाने का प्रयास है। श्रद्धालु समय पर अपनी बुकिंग कर योजना बना सकते हैं।

Train General Ticket Update: 1 दिसंबर से जनरल टिकट वालों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी? जानिए सच्चाई

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Train General Ticket Update: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे 1 दिसंबर 2024 से जनरल टिकट वाले यात्रियों को बड़ी राहत देने वाला है। कहा जा रहा है कि रेलवे जनरल टिकट धारकों को आरक्षित सीट देने और टिकट की कीमतें स्थिर रखने की योजना बना रहा है। लेकिन क्या यह खबर सच है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की सच्चाई।  क्या कहता है भारतीय रेलवे?भारतीय रेलवे ने अभी तक ऐसी किसी योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक घोषणाओं में इस तरह की किसी विशेष सुविधा का जिक्र नहीं है। यह दावा पूरी तरह से अफवाह प्रतीत होता है।  हालांकि, रेलवे समय-समय पर यात्रियों की सुविधा के लिए नियमों और सेवाओं में बदलाव करता रहा है। हाल ही में, रेलवे ने टिकट बुकिंग, किराया नीति और जनरल टिकट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।  — रेलवे के मौजूदा नियम और नई सुविधाएं | विवरण                | नया नियम                               |  |—————————|——————————————-|  | टिकट बुकिंग की अवधि    | 60 दिन पहले (पहले 120 दिन थी)             |  | जनरल टिकट             | चुनिंदा ट्रेनों में ऑनलाइन उपलब्ध          |  | बच्चों का किराया      | 5-12 वर्ष के लिए सीट लेने पर पूरा किराया   |  | सीनियर सिटीजन छूट    | पुरुष: 40%, महिलाएं: 50%                   |  | तत्काल टिकट बुकिंग    | यात्रा की तारीख से 1 दिन पहले उपलब्ध       |  | रद्दीकरण और रिफंड     | यात्रा से पहले रद्दीकरण संभव (तत्काल पर नहीं)|  — 1 दिसंबर से रेलवे का कोई नया बदलाव?1 दिसंबर से रेलवे द्वारा किसी विशेष बदलाव या सुविधा की घोषणा नहीं की गई है। वायरल खबर में दावा किया गया है कि जनरल टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म सीटें दी जाएंगी, लेकिन यह पूरी तरह से भ्रामक है।  हाल में हुए बड़े बदलाव 1. टिकट बुकिंग की अवधि घटाई गईअब यात्री अधिकतम 60 दिन पहले टिकट बुक कर सकते हैं। पहले यह अवधि 120 दिन थी।  2. ऑनलाइन जनरल टिकट की सुविधा  IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर अब जनरल टिकट भी बुक किए जा सकते हैं। इससे स्टेशन पर लंबी कतारों से राहत मिली है।  3. बच्चों के किराए में बदलाव– 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यात्रा मुफ्त है (बिना सीट)।  – 5-12 साल के बच्चों के लिए सीट चाहिए तो पूरा किराया देना होगा।  4. तत्काल टिकट बुकिंग के नियम सख्त किए गए – तत्काल टिकट केवल यात्रा से 1 दिन पहले बुक किया जा सकता है।  – कोई रद्दीकरण और रिफंड नहीं मिलता।  — यात्रियों के लिए नई सुविधाएं 1. स्टेशनों पर साफ-सफाई   – रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता पर खास ध्यान दे रहा है।  2. डिजिटल सेवाएं   – IRCTC ऐप के जरिए टिकट बुकिंग, लाइव ट्रेन लोकेशन और PNR स्टेटस।     डिजिटल भुगतान की सुविधा।  3. सीनियर सिटीजन और दिव्यांग छूट   – वरिष्ठ नागरिकों को 40-50% की छूट।      – दिव्यांग यात्रियों को 25-75% तक की छूट।  — रेलवे का सुझाव: अफवाहों से बचेंभारतीय रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट या प्रेस विज्ञप्ति पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल खबरें अक्सर भ्रामक होती हैं।  — डिस्क्लेमर: यह लेख मौजूदा सूचनाओं पर आधारित है। भविष्य में किसी भी नए बदलाव के लिए रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करें।

Ratlam’s Lakshmi Temple : MP के इस शहर में है कुबेर का खजाना! ; प्रसाद में बंटते है कड़क नोट और गहने

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam’s Lakshmi Temple: आपसे कोई पूछे की कुबेर का खजाना कहां है? तो आपको जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम शहर का एक ऐसा मंदिर है जिसे आप देख ले तो आपको आपका जवाब जरूर मिल जाएगा। रतलाम के माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर कुछ ऐसे ही नजर आता है। इस मंदिर में इतना धन – दौलत देखकर हर कोई इसे कुबेर के खजाने से ही जोड़ता है। लेकिन असल में यह कुबेर का खजाना नहीं बल्कि भक्तों का धन है जो महालक्ष्मी को अर्पण किया जाता है। दरअसल दीपावली (Diwali) के पर्व पर रतलाम का ऐतिहासिक महालक्ष्मी (Ratlam Lakshmi Mandir) मंदिर देशभर में अनूठा आकर्षण बना हुआ है। यहां महालक्ष्मी की मूर्ति को सजाने के लिए भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के नोट और आभूषणों से पूरा मंदिर परिसर कुबेर के खजाने की तरह जगमगा उठा है। यह देश का इकलौता मंदिर है जहां दीपावली पर भक्तों द्वारा दिए गए गहनों और नकदी से सजावट की जाती है। नोटों और आभूषणों की अद्भुत सजावटमंदिर में इस वर्ष दीपावली सजावट की शुरुआत 14 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा से ही हो चुकी थी। विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट, 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नए-नए नोट, मंदिर के हर कोने में सजाए गए हैं। ये नोट और आभूषण भक्तों द्वारा स्वेच्छा से श्रद्धा के साथ दिए जाते हैं। मंदसौर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, नागदा, खंडवा, देवास सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर आदि तक से भक्तजन धन और आभूषणों के साथ मंदिर में माता महालक्ष्मी का श्रृंगार करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने घरों की तिजोरी से नकदी और गहने लेकर मंदिर में सजावट के लिए जमा कराते हैं। यहां तक कि कई भक्त तो 5 लाख रुपये तक नकद भी श्रद्धापूर्वक रखते हैं। इन नोटों से मंदिर के लिए विशेष वंदनवार बनाए जाते हैं, जिससे पूरा गर्भगृह कुबेर के खजाने जैसा दिखाई देने लगता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममंदिर में इतने विशाल खजाने की सुरक्षा के लिए 4 गार्ड और सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं। साथ ही, मंदिर के निकट स्थित माणक चौक पुलिस थाना 24 घंटे मंदिर की सुरक्षा में मुस्तैद रहता है। भक्तजनों की संपत्ति की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन हर प्रकार का एहतियात बरतता है। जितने विश्वास से भक्त यहां सजावट के लिए धन व आभूषण अर्पित करते है, उतने ही विश्वास से लेने भी आते है। हैरानी की बात है की आज तक कभी किसी के धन वापसी करते समय कोई विघ्न नहीं आया है। श्रद्धालुओं के नोट और आभूषण सुरक्षित, रजिस्टर में एंट्री के साथ टोकनमंदिर प्रशासन भक्तों की संपदा की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रबंध करता है। प्रत्येक भक्त के नोट और आभूषणों का नाम, पता और मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही, भक्त का पासपोर्ट आकार का फोटो भी लगाया जाता है और टोकन देकर यह संपत्ति उन्हें बाद में सुरक्षित रूप से लौटाई जाती है। यह व्यवस्था इतनी पुख्ता है कि आज तक किसी भी भक्त की संपदा में कोई हेरफेर नहीं हुआ है। दीपावली के बाद प्रसाद में लौटाए जाएंगे गहने और नकदीसबसे विशेष और रहस्यमय पहलू यह है कि दीपावली का पर्व समाप्त होते ही भाई दूज के दिन भक्तों को उनका धन और गहने “प्रसाद” के रूप में लौटा दिए जाते हैं। मान्यता है कि जिनके धन से महालक्ष्मी का श्रृंगार होता है, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। दो शताब्दियों पुरानी परंपरामंदिर के कुलदीप त्रिवेदी के अनुसार लगभग 200 वर्ष पहले राजा रतन सिंह ने अपने राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली के लिए यह परंपरा शुरू की थी। उन्होंने अपनी संपदा पांच दिनों तक देवी महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया, जो आज तक निभाया जा रहा है। इसी क्रम में इस मंदिर में महालक्ष्मी के आठ स्वरूपों—अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी—की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वास्तविक कुबेर के खजाने जैसा भव्य रूपदीपावली पर पूरे सप्ताह तक यह मंदिर वैभव और आस्था का अनोखा प्रतीक बन जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दिए गए धन से महालक्ष्मी के आशीर्वाद से उनका घर और जीवन समृद्धि से भर जाता है।

Diwali Special Train : दीपावली और छठ के मद्देनजर उधना-जयनगर और जयनगर-उज्जैन के बीच विशेष ट्रेन का परिचालन

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क|Diwali Special Train : दीपावली और छठ पर्व पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली उधना-जयनगर और जयनगर-उज्जैन के बीच एक-एक फेरा विशेष अनारक्षित ट्रेन का परिचालन करने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित होगी, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए टिकट बुक करने की आवश्यकता नहीं होगी। 09039 उधना-जयनगर स्पेशल (29 अक्टूबर 2024)गाड़ी संख्या 09039 उधना-जयनगर स्पेशल ट्रेन 29 अक्टूबर मंगलवार को उधना से सुबह 10:15 बजे रवाना होगी। रतलाम मंडल में यह रतलाम (शाम 5:30 बजे/5:40 बजे) और उज्जैन (रात 8:05 बजे/8:10 बजे) पर ठहरेगी और गुरुवार को सुबह 7:00 बजे जयनगर पहुंचेगी।  09040 जयनगर-उज्जैन स्पेशल (31 अक्टूबर 2024)वापसी में, गाड़ी संख्या 09040 जयनगर-उज्जैन स्पेशल 31 अक्टूबर गुरुवार को जयनगर से सुबह 11:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन, शुक्रवार को शाम 6:15 बजे उज्जैन पहुंचेगी। भुज-शालिमार एक्सप्रेस का परिचालन रद्द अपरिहार्य कारणों के चलते 26 अक्टूबर को शालिमार से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 22830, शालिमार-भुज एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, रेक की उपलब्धता न होने के कारण 29 अक्टूबर को भुज से रवाना होने वाली और 30 अक्टूबर को रतलाम, नागदा, उज्जैन और शुजालपुर होते हुए शालिमार जाने वाली ट्रेन संख्या 22829 भुज-शालिमार एक्सप्रेस भी रद्द रहेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। स्टेशन ठहरावयह ट्रेन दोनों दिशाओं में संत हिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी। उधना से जयनगर की ओर जाते समय, गाड़ी संख्या 09039 सूरत, सायण, भरूच, वडोदरा और गोधरा स्टेशनों पर भी ठहरेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले ट्रेनों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जरूर प्राप्त करें।

Burning Train: इंदौर-रतलाम डेमू ट्रेन के इंजन में लगी आग, स्थानीय किसानों की तत्परता से बड़ा हादसा टला

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Burning Train: इंदौर से रतलाम जा रही डेमू ट्रेन (Indore – Ratlam Demu Train) के इंजन में रुनिजा से प्रीतम नगर के बीच अचानक आग लग गई। घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेजी से शुरू किए गए। हालांकि, फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते स्थानीय लोग और रेलवे कर्मचारी आग पर काबू पाने में जुट गए। आग को बुझाने में स्थानीय किसानों ने बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी मोटरपंप और पाइप का उपयोग कर आग बुझाने में मदद की। उनकी तत्परता से आग पर जल्द काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन को रतलाम लाने के लिए वैकल्पिक इंजन की व्यवस्था की है। जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया कि पश्चिम रेलवे, रतलाम मंडल की ट्रेन नंबर 09347 डॉ. अंबेडकर नगर-रतलाम डेमू में शाम 5:20 बजे के आसपास रनिजा और नौगांव के बीच 400/17 किमी पर डीपीसी नंबर 16041 के आगे के हिस्से में आग लग गई। फायर ब्रिगेड को सूचित कर आग पर काबू पाया गया, और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए घटना की जांच के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में डेमू ट्रेनों में लगातार हादसे हो रहे हैं, जिसमें अप्रैल 2023 में प्रीतम नगर स्टेशन पर हुई भयंकर आग भी शामिल है।

Special Train: दीपावली और छठ के अवसर पर उधना-जयनगर और जयनगर-उज्जैन के बीच चलेगी विशेष ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी राहत

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Special Train: दीपावली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने उधना-जयनगर और जयनगर-उज्जैन के बीच एक-एक फेरा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस विशेष ट्रेन का परिचालन रतलाम मंडल से होकर किया जाएगा, जिससे त्योहार के दौरान यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। उधना-जयनगर स्पेशल ट्रेन का समय और मार्ग गाड़ी संख्या 09039, उधना-जयनगर स्पेशल 27 अक्टूबर रविवार को उधना से सुबह 10:15 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रतलाम मंडल के रतलाम (शाम 5:30/5:40 बजे) और उज्जैन (रात 8:05/8:10 बजे) स्टेशनों पर रुकते हुए मंगलवार को सुबह 7:00 बजे जयनगर पहुंचेगी। जयनगर-उज्जैन स्पेशल ट्रेन का समय और मार्ग वापसी में गाड़ी संख्या 09040, जयनगर-उज्जैन स्पेशल 29 अक्टूबर मंगलवार को सुबह 11:30 बजे जयनगर से प्रस्थान करेगी और बुधवार को शाम 6:15 बजे उज्जैन स्टेशन पहुंचेगी। महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव यह स्पेशल ट्रेन संतहिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच होंगे, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी। त्योहार के दौरान यात्रियों के लिए राहत भरा कदम त्योहारी सीजन में इस स्पेशल ट्रेन के परिचालन से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों के लिए जो दीपावली और छठ पर्व मनाने अपने घर लौटना चाहते हैं। रेलवे के इस कदम से यात्रियों को आसानी से यात्रा करने का मौका मिलेगा।

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