Ratlam News: शहर कांग्रेस महामंत्री पर हमला, प्रॉपर्टी विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, क्रॉस केस दर्ज  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: शहर कांग्रेस महामंत्री शीतल सेन पर रविवार रात उनके ही समाज के कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में शीतल सेन और उनके 16 वर्षीय बेटे जयश घायल हो गए। जयश के सिर में गंभीर चोट आने से तीन टांके लगे हैं। घटना का कारण प्रॉपर्टी विवाद बताया जा रहा है।    हमले में महामंत्री और बेटे को गंभीर चोटें   शीतल सेन ने बताया कि रात 11 बजे भरत सेन अपने तीन साथियों के साथ घर पहुंचे और दराते व लाठियों से हमला कर दिया। इस हमले में शीतल सेन के सीने, अंगूठे और कोहनी पर चोटें आईं, जबकि उनके बेटे जयश के सिर पर लाठी से वार किया गया। बचाव करने आई उनकी मां और पत्नी को भी धमकी दी गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।    पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज किया क्रॉस केस   शीतल सेन की शिकायत पर माणकचौक पुलिस ने भरत सेन पिता बाबूलाल सेन, मिल सेन, राजेश सेन समेत चार अन्य के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया है।   वहीं, दूसरे पक्ष ने भी शीतल सेन और उनके परिवार पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया। भरत सेन की शिकायत पर पुलिस ने शीतल सेन, उनके बेटे जयश और मंजीत सेन के खिलाफ केस दर्ज किया है।   प्रॉपर्टी विवाद बना हमले की वजह   माणक चौक थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, जो अब हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रॉस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  

Ratlam News: अवैध हथियार तस्करी में युवक गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा  

26 मार्च तक पुलिस रिमांड पर आरोपी, गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी   रतलाम-पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 27 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिसे सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसाकर इस गैरकानूनी धंधे में धकेला गया था।   सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसा आरोपी   रतलाम एसपी अमित कुमार ने सोमवार को इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान के झुंझुनू जिले का रहने वाला सज्जन कुमार मेघवाल सोशल मीडिया के जरिए इस अपराध में फंसा। फेसबुक पर उसकी दोस्ती पूजा नाम की युवती से हुई, जिसने उसे अपनी सहेली अन्नू से संपर्क करने के लिए कहा। अन्नू, अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ी थी। उसने आरोपी को पैसों और प्यार का झांसा देकर इस धंधे में उतार दिया।   उज्जैन से जोधपुर तक होनी थी हथियार सप्लाई   सूत्रों के मुताबिक, अन्नू ने आरोपी को उज्जैन रेलवे स्टेशन के पास चामुंडा माता मंदिर के नजदीक बुलाया। वहां दो अज्ञात लोगों ने उसे चार पिस्टल और दो जिंदा कारतूस सौंपे। ये हथियार जोधपुर में किसी अपराधी तक पहुंचाने की योजना थी।   मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा   इक्कीस मार्च दो हजार पच्चीस को पुलिस को सूचना मिली कि चौरासी बड़ायला तिराहे के यात्री प्रतीक्षालय में एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ मौजूद है। रतलाम पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।    छब्बीस मार्च तक पुलिस रिमांड पर आरोपी   पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे छब्बीस मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।   गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस   पुलिस इस गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने के लिए आरोपी के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। विशेष टीम, जिसमें एडिशनल एसपी राकेश खाखा, जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो और औद्योगिक क्षेत्र जावरा थाना प्रभारी वीडी जोशी शामिल हैं, गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।   अवैध हथियार तस्करी पर पुलिस की सख्त नजर   रतलाम जिले में अवैध हथियारों की तस्करी पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। एसपी अमित कुमार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।   ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें हमारे साथ। हमें फॉलो करें और अपडेट्स पाएं।

Ratlam News: केदारेश्वर महादेव मंदिर में चोरी का प्रयास, जलाधारी उखाड़ने वाला CCTV में कैद  

सैलाना- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सैलाना तहसील के ग्राम अडवानिया स्थित प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर का है, जहां अज्ञात व्यक्ति ने शिवलिंग की पीतल जलाधारी को उखाड़ने का प्रयास किया। जलाधारी भारी होने के कारण चोर उसे ले जाने में नाकाम रहा। CCTV फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति कैद हुआ है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।   CCTV में संदिग्ध कैद, पुलिस तलाश में जुटी   सोमवार सुबह सैलाना निवासी शिक्षक रामचंद्र चारेल मंदिर पहुंचे तो उन्होंने जलाधारी को उखड़ा हुआ पाया। उन्होंने तुरंत मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया और तहसीलदार कैलाश कन्नौज पहुंचे और जांच शुरू की।   CCTV फुटेज में एक अर्धविक्षिप्त व्यक्ति नजर आ रहा है, जो पहले मंदिर की सीढ़ियों पर सोता दिखा और फिर लोटे से जलाधारी को खोदने की कोशिश करता नजर आया। पुलिस उसकी पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी संभव है।   दान पात्र सुरक्षित, चोरी की मंशा पर सवाल   मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2016 में मंदिर में 35 किलो वजनी पीतल की जलाधारी और 32 किलो वजनी रेलिंग का निर्माण किया गया था। आश्चर्य की बात यह है कि चोर ने दान पात्रों को छुआ तक नहीं, जिससे उसकी मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।   पुलिस जांच में जुटी   थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा रही है। पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करेगी।  

MP News: डॉक्टर पर कार्रवाई को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार का अल्टीमेटम, 24 मार्च से आमरण अनशन की चेतावनी  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर पर जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। उन्होंने डॉक्टर के निलंबन की मांग करते हुए कहा कि अगर 24 मार्च 2025 तक सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन पर बैठेंगे।   विधायक डोडियार का आमरण अनशन का ऐलान   मध्य प्रदेश के रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि अगर 24 मार्च 2025 तक इस मामले में उनकी सुनवाई नहीं होती, तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे।   जातिसूचक गाली देने का आरोप   विधायक डोडियार ने आरोप लगाया कि 5 दिसंबर 2024 को जब वे अपनी तबीयत खराब होने के कारण रतलाम जिला अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर राठौर ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई। लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी डॉक्टर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।   सरकार पर लापरवाही का आरोप   विधायक ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा के पिछले सत्र में भी उठाया था, लेकिन अब तक डॉक्टर के निलंबन या अभियोजन की स्वीकृति को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि जांच अभी तक पूरी नहीं हुई, न ही न्यायालय में चालान पेश किया गया।   आदिवासी समाज में आक्रोश   विधायक डोडियार ने कहा कि यह सिर्फ उनका मामला नहीं है, बल्कि संपूर्ण भीलप्रदेश मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की और कहा कि जब तक डॉक्टर को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे न भोजन करेंगे और न ही पानी ग्रहण करेंगे।   सरकार पर बढ़ा दबाव   इस मामले को लेकर आदिवासी समाज में भी भारी आक्रोश है। अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि 24 मार्च से पहले सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है।

MP News: 18 महीने बाद जिंदा लौटी महिला, परिवार कर चुका था अंतिम संस्कार, चार लोग काट रहे थे हत्या की सजा  

मंदसौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिस महिला को 18 महीने पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह जिंदा लौट आई। इस घटना ने पुलिस और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस मामले में चार लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए जेल भेज दिया गया था।   कैसे हुआ खुलासा   इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ललिता बाई नामक यह महिला अचानक पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने जीवित होने की पुष्टि की। जब यह खबर उसके परिवार तक पहुंची तो वे हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने डेढ़ साल पहले ही उसके शव की पहचान कर अंतिम संस्कार कर दिया था।   ललिता के पिता रमेश नानूराम बांछड़ा ने बताया कि उन्होंने शारीरिक निशानों के आधार पर शव की पहचान की थी, जिसमें उसके हाथ पर टैटू और पैर के चारों ओर बंधा काला धागा शामिल था। शव की पहचान के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।    हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेजे गए थे चार लोग   इस कथित हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों इमरान, शाहरुख, सोनू और एजाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन ललिता के जिंदा लौटने के बाद अब यह मामला उलझ गया है।   ललिता ने बताई अपनी आपबीती   अपने लापता होने की कहानी बताते हुए ललिता ने पुलिस को बताया कि वह शाहरुख के साथ भानुपरा गई थी। वहां दो दिन रहने के बाद उसे कथित तौर पर शाहरुख नामक एक अन्य व्यक्ति को 5 लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद वह डेढ़ साल तक कोटा में रही और फिर किसी तरह भागकर अपने गांव लौटी।   जांच में जुटी पुलिस   ललिता ने अपनी पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज पेश किए। गांधी सागर पुलिस स्टेशन की प्रभारी तरुणा भारद्वाज ने बताया कि ललिता कुछ दिन पहले ही पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने आई थी कि वह जीवित है। पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से उसकी पहचान सत्यापित कराई, जिन्होंने पुष्टि की कि वह सच में ललिता ही है।   अब पुलिस इस पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था और हत्या के मामले में जेल में बंद चार लोगों का क्या होगा।   क्या होगा आगे   ललिता के जिंदा लौटने से कई सवाल खड़े हो गए हैं   1. जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था   2. क्या ललिता के परिवार से कोई गलती हुई या फिर किसी ने जानबूझकर उन्हें गुमराह किया   3. जिन चार लोगों को हत्या का दोषी मानकर जेल भेजा गया, उनके साथ अब क्या होगा   पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह घटना मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस जांच के तरीकों पर भी सवाल खड़े कर रही है।  

MP News: जावरा रोड पर शराब की दुकान हटाने की मांग, स्थानीय नागरिकों में रोष  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP News: वार्ड क्रमांक 31, जावरा रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग जोर पकड़ रही है। प्रांतीय मंत्री अनिल रानीवाल ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर जनहित और समाजहित में दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की अपील की है। मुख्य आपत्तियाँ   शराब की दुकान मेन रोड पर होने के कारण आए दिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को असुविधा होती है।   दुकान के पास ही पीर बाबा की दरगाह दस मीटर, शीतला माता मंदिर तीस मीटर और शासकीय विद्यालय सत्तर मीटर की दूरी पर स्थित हैं। धार्मिक स्थल और स्कूल के पास शराब की दुकान होना सामाजिक दृष्टि से आपत्तिजनक है।   शराबियों की गतिविधियों से सड़क पर झगड़े और विवाद बढ़ रहे हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को असुरक्षा महसूस होती है।   यह इलाका मुख्य सड़क से जुड़ा होने के कारण यहाँ से भारी वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे शराबियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।   प्रशासन को दी चेतावनी   पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि जल्द से जल्द इस शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो स्थानीय नागरिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।   स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया   क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास शराब की दुकान होने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बच्चों को यहाँ से गुजरने में डर लगता है।   क्या होगा अगला कदम   वप्रिल दो हजार पच्चीस में नए शराब दुकान लाइसेंस जारी होने हैं, ऐसे में प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि इस दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है।  

MP News: मध्यप्रदेश में बलात्कार के मामलों में 19% वृद्धि, प्रतिदिन 20 घटनाएं  

पिछले पांच वर्षों में इंदौर में सर्वाधिक 2301 मामले, झाबुआ में 158% वृद्धि   भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वर्ष 2024 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। वर्ष 2020 में यह संख्या 6134 थी, जो 2024 में बढ़कर 7294 हो गई, यानी पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में 19% की वृद्धि हुई।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक पंकज उपाध्याय के प्रश्न के उत्तर में दी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन में दर्शाई गई बलात्कार की कुल संख्या 5374 असत्य थी। वास्तविक आंकड़ा 7202 था, जिसमें से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से जुड़े मामलों की संख्या 3831 थी। जबकि वार्षिक प्रतिवेदन में इसे केवल 883 बताया गया था।   वार्षिक प्रतिवेदन के आंकड़े असत्य   मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा शाखा और अजाक शाखा से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह गड़बड़ी हुई। जिलों से वास्तविक आंकड़े मंगाने पर पता चला कि रिपोर्ट में दी गई संख्या से वास्तविक आंकड़े काफी अधिक हैं।   विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि वार्षिक प्रतिवेदन में वास्तविक संख्या छिपाने का प्रयास किया गया और विधानसभा में गलत आंकड़े पेश कर उसकी अवमानना की गई।   2023 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बलात्कारों की संख्या 5374 थी, जबकि असल में यह 7202 रही। अनुसूचित जाति की महिलाओं से जुड़े मामले 883 बताए गए, लेकिन असल में यह 3831 थे। यानी अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं से बलात्कार के मामले 340% अधिक निकले।   जातिगत आधार पर बलात्कार के बढ़ते आंकड़े   मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति की महिलाओं से बलात्कार की घटनाओं में 10%, अनुसूचित जनजाति में 26%, पिछड़ा वर्ग में 20% और सामान्य वर्ग में 24% की वृद्धि हुई है।   2020 से 2024 के बीच अनुसूचित जाति की महिलाओं के बलात्कार के मामलों में सरकारी रिपोर्ट और वास्तविक आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया।   वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में 546, 2021 में 611, 2022 में 593, 2023 में 538 और 2024 में 557 मामले थे, जबकि वास्तविक आंकड़ों के अनुसार 2020 में 1640, 2021 में 1712, 2022 में 1861, 2023 में 1769 और 2024 में 1799 मामले सामने आए।   इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी सरकारी रिपोर्ट में आंकड़े काफी कम बताए गए। वार्षिक रिपोर्ट में 2020 में 395, 2021 में 394, 2022 में 403, 2023 में 345 और 2024 में 359 मामले बताए गए, जबकि वास्तविक आंकड़े 2020 में 1742, 2021 में 1968, 2022 में 2874, 2023 में 2062 और 2024 में 2194 रहे।   जिलावार बलात्कार के आंकड़े   पिछले पांच वर्षों में इंदौर जिला बलात्कार के मामलों में सबसे आगे रहा, जहां 2301 मामले दर्ज हुए। इसके बाद भोपाल में 1949, धार में 1602, खरगोन में 1230, सागर में 1200, जबलपुर में 1056 और रतलाम में 1018 मामले सामने आए।   सबसे अधिक वृद्धि झाबुआ में देखी गई, जहां 158% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इंदौर शहर में 103% वृद्धि, इंदौर ग्रामीण में 69% वृद्धि, भोपाल शहर में 59% वृद्धि और रतलाम में 46% वृद्धि दर्ज की गई।   वहीं, बालाघाट और जबलपुर में क्रमशः 33% और 15% की कमी आई। गुना, अशोकनगर, भिंड, बुरहानपुर, शाजापुर, कटनी, सिवनी, पन्ना, सतना, अनूपपुर और राजगढ़ में भी मामले घटे। ग्वालियर, दमोह और विदिशा में संख्या स्थिर रही।   न्यायालय में सजा का प्रतिशत कम   विधायक पंकज उपाध्याय ने न्यायालय में बलात्कार के मामलों की सफलता दर पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में सजा की दर बेहद कम रही। अनुसूचित जाति के 2739 मामलों में सिर्फ 23% दोषसिद्धि हुई और 77% आरोपी बरी हुए। अनुसूचित जनजाति के 3163 मामलों में 22% दोषसिद्धि हुई और 78% आरोपी बरी हो गए। पिछड़ा वर्ग के 3982 मामलों में 21% दोषसिद्धि और 79% बरी हुए। सामान्य वर्ग के 1222 मामलों में केवल 18% दोषसिद्धि हुई और 82% आरोपी छूट गए।   महिला सुरक्षा पर सवाल   बलात्कार के मामलों में लगातार वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया में कम दोषसिद्धि दर ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विधायक पंकज उपाध्याय ने मांग की है कि सरकार को बलात्कार के मामलों में सही आंकड़े प्रस्तुत करने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।  

Ratlam News: चांदनी चौक में सराफाकर्मी पर जानलेवा हमला, पीठ में फंसा चाकू, 2 नाबालिग गिरफ्तार

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। शुक्रवार रात आजाद चौक पर दो बदमाशों ने सराफा कर्मी योगेश राठौर (30) निवासी रामगढ़ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में चाकू उसकी पीठ में ही फंस गया, जिसे अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाला गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।    चाकूबाजी की वारदात से दहशत   शुक्रवार रात करीब 8 बजे योगेश अपनी बाइक लेने और लघुशंका करने आजाद चौक पहुंचा था। तभी वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए, जिससे योगेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों में से एक ने उसकी पीठ पर चाकू घोंप दिया, जो वहीं फंसा रह गया।   रत्यक्षदर्शियों ने बताया घटनाक्रम   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बादल जाट (ग्राम मूंदड़ी) और महेंद्र सिंह (ग्राम कनेरी) भी उसी समय अपनी बाइक लेने पहुंचे थे। उन्होंने देखा कि दो लड़के योगेश पर चाकू से हमला कर रहे हैं। जब वे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू लहराया, जिसके बाद वे पीछे हट गए।    पुराने विवाद के चलते हुआ हमला   पीड़ित योगेश और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार शाम चार बजे आजाद चौक पर ये दोनों हमलावर 17 वर्षीय एक किशोर को डरा-धमका रहे थे। योगेश ने इसका विरोध किया और लड़कों से पूछा कि वे उसे क्यों धमका रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने रात में योगेश पर हमला किया।    अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाला चाकू   हमले के बाद आसपास के लोगों ने योगेश को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी पीठ में फंसे चाकू को ऑपरेशन कर निकाला। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी   घटना 21 मार्च को हुई, जब योगेश राठौर की दोपहर करीब 2 बजे दो नाबालिग लड़कों से कहासुनी हो गई थी। शाम को दोनों आरोपियों ने इसी विवाद के चलते योगेश पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद थाना माणकचौक में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 148 25 धारा 109, 296, 3 5 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।   पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को चाकूबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना प्रभारी माणकचौक उपनिरीक्षक अनुराग यादव की अगुवाई में एक टीम गठित की गई।   पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर 3 घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया।   गिरफ्तार आरोपियों में एक विधि विरुद्ध बालक 17 वर्ष और दूसरा 16 वर्ष का है।   इस मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी अनुराग यादव, सउनि शिवनाथ राठौर, प्र आर नारायण जादौन, प्र आर दिलीप रावत, आर राजेंद्र, आर नितिन और आर अविनाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।   रतलाम पुलिस की तत्परता से इस मामले में त्वरित कार्रवाई हुई और आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने अपराधों पर रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

 PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा घोटाला: राजस्थान में 7 करोड़ की हेराफेरी, 29 हजार फर्जी खाते मिले  

पाली/ राजस्थान- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। पाली जिले की तीन तहसीलों—रानी, मारवाड़ जंक्शन और देसूरी में भौतिक सत्यापन के दौरान 29 हजार से अधिक फर्जी खाते मिले हैं। इन खातों के जरिए करीब 7 करोड़ रुपए की राशि गलत तरीके से ट्रांसफर की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों के लिए भेजी गई यह रकम पश्चिम बंगाल और बिहार के खातों में चली गई।   तीन तहसीलों में बड़ा घोटाला, 7 करोड़ की गड़बड़ी   पाली जिला प्रशासन के निर्देश पर हुए सत्यापन में देसूरी में 20 हजार, रानी में 9 हजार 4 और मारवाड़ जंक्शन में 62 फर्जी खाते मिले। जांच में खुलासा हुआ कि   – देसूरी तहसील में 1.51 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए।   – रानी तहसील में 5.40 करोड़ रुपए फर्जी खातों में गए।   मामले में एफआईआर दर्ज, प्रशासन सख्त   पाली जिला कलेक्टर एलएल मंत्री ने बताया कि मारवाड़ जंक्शन, देसूरी और रानी तहसीलों के तहसीलदारों ने घोटाले की रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज करवाई है। वहीं, पूरे मामले की जांच एडीएम सीलिंग अश्विन के पवार को सौंपी गई है। प्रशासन ने कहा है कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना   प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को हर साल 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। लेकिन राजस्थान में इस योजना का पैसा गलत खातों में ट्रांसफर होने से यह बड़ा घोटाला उजागर हुआ है।   जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई   सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में आंतरिक मिलीभगत की भी आशंका है। लिहाजा, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस मिलकर इस घोटाले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।  

Ratlam News: औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने जुआ खेलते 7 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र गौतम के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में ताश के पत्ते और 14,390 रुपये नकद जब्त किए गए।   बापू नगर में हो रहा था अवैध जुआ   20 मार्च 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बापू नगर, रतलाम में कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 207/2025, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।   गिरफ्तार आरोपी   1. मोहम्मद रफीक पिता मोहम्मद हनीफ शेख (उम्र 43) निवासी बापू नगर, जावरा रोड, रतलाम   2. सरताज खान पिता सत्तार खान (उम्र 35) निवासी सम्यक सिटी, डी-मार्ट के पास, रतलाम   3. अनिल टांक पिता गोपाल टांक (उम्र 32) निवासी लक्ष्मणपुरा, हरिजन मोहल्ला, रतलाम   4. अजय पाल पिता बाबूलाल पाल (उम्र 35) निवासी लक्ष्मणपुरा, रेलवे क्वार्टर, रतलाम   5. रोसीक खान पिता सत्तार खान (उम्र 28) निवासी सम्यक गोल्ड सिटी, डी-मार्ट के पास, रतलाम   6. नरेंद्र प्रजापत पिता मांगीलाल प्रजापत (उम्र 28) निवासी भगतपुरी, मकान नंबर 13/1, थाना माणक चौक, रतलाम   7. सलमान पिता शाकीर शाह (उम्र 32) निवासी कुली कॉलोनी, रहमत नगर, थाना स्टेशन रोड, रतलाम   जब्त सामान   – ताश के पत्ते   – नगद राशि – 14,390 रुपये   अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी   पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार शहर में अवैध गतिविधियों, जुआ, मादक पदार्थों की बिक्री और असामाजिक तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने यह कार्रवाई कर जुआरियों को गिरफ्तार किया।   पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका   इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम के नेतृत्व में सउनि नरेश पांडेय, आरक्षक कपिल, इमरान, महेंद्र, रवि चंदेल, अभिषेक पाठक, लंकेश पाटीदार और राणा प्रताप का अहम योगदान रहा।