Ratlam News : 3 साल पहले 9 लाख से अधिक की लूट में आरोपियों को 7-7 साल की सजा, करमदी में सराफा व्यापारी को बनाया था निशाना

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: ग्राम करमदी आम रोड पर सोना-चांदी व्यापारी प्रियेश शर्मा से 9 लाख रुपये नगद और सोने के गहनों की लूट करने वाले 12 आरोपियों को न्यायालय ने 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।    कैसे हुई थी लूट की वारदात   अतिरिक्त लोक अभियोजन संजीव सिंह चौहान के अनुसार, 31 जनवरी 2022 की रात करीब 11:15 बजे फरियादी प्रियेश शर्मा अपनी स्विफ्ट कार से धार से ग्राम करमदी लौट रहे थे। जैन मंदिर के पास एक ग्रे सिल्वर रंग की स्विफ्ट डिजायर कार ने उनकी गाड़ी रोक ली, जबकि पीछे एक मेहरून रंग की होंडा अमेज खड़ी हो गई।   गाड़ी से उतरे तीन-चार बदमाशों ने लकड़ी से फरियादी की कार के शीशे तोड़ दिए और पिस्टल दिखाकर बैग मांगा। बैग में करीब 9 लाख रुपये नकद, सोने के गहने और पहचान के दस्तावेज थे, जिसे लूटकर आरोपी फरार हो गए।   सीसीटीवी और जीपीएस डेटा से पकड़े गए आरोपी   थाना माणक चौक प्रभारी अनुराग यादव ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की। लूट में कुल 13 आरोपी शामिल थे, जिनमें से गज्जू उर्फ गजेंद्र डोडिया की हत्या हो चुकी है। शेष 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 8 लाख 66 हजार रुपये नकद, सोने का कंगन, दो कारें, मोटरसाइकिल, पिस्टल, जिंदा कारतूस, लाठी-डंडे बरामद किए गए।   7 वर्ष की सजा पाने वाले सभी 12 आरोपियों के नाम:  न्यायालय में आरोपियों को मिली सजा   मामले की सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों और अहम साक्ष्यों को अदालत में पेश किया। फरियादी ने न्यायालय में आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया, लेकिन लूटी गई रकम व गहने सुपुर्दगी में ले लिए और आरोपियों से लिखित समझौता कर लिया।   इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ने अपने तर्कों से आरोपियों को संदेह से परे दोषी साबित किया।    सजा का विवरण   धारा 397 भादवि (डकैती में घातक हथियार का उपयोग) के तहत   – अजय उर्फ अज्जू जाट, कार्तिक उर्फ शैलू, कान्हा उर्फ जितेंद्र को 7 साल की सजा व 1,000 रुपये जुर्माना   – शेष 9 आरोपियों को 7 साल की सजा व 500 रुपये जुर्माना   – आर्म्स एक्ट (धारा 25, 27) के तहत तीन आरोपियों को 3 साल की सजा   तीन आरोपी फरार, गिरफ्तारी वारंट जारी   फैसला सुनाए जाने के समय अजय उर्फ अज्जू, तरुण पडियार और कान्हा उर्फ जितेंद्र न्यायालय से फरार हो गए। अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर संबंधित थाने को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।   अभियोजन पक्ष की भूमिका अहम   मामले में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने पैरवी की। सीसीटीवी फुटेज, जीपीएस डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन ने अपना पक्ष मजबूत बनाया, जिसके आधार पर आरोपियों को सजा सुनाई गई।

Ratlam News: हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी : जेल से छूटे रईस की हत्या में छह नाबालिग शामिल, चार पकड़े गए  

– चार नाबालिग आरोपी गिरफ्तार, दो फरार   रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जेल से छूटने के बाद रईस की हत्या के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। फरार दोनों आरोपियों पर पहले से ही कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।   सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए आरोपी   पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने नवीन कंट्रोल रूम में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चार नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम भी मौजूद रहे।   ऐसे हुई वारदात   डॉट की पुल क्षेत्र में गुरुवार रात अज्ञात हमलावरों ने चाकू से हमला कर रईस पिता मुजीद ख़ान, निवासी शिव नगर, रतलाम की हत्या कर दी थी। मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2025, धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।   तेजी से कार्रवाई, चार गिरफ्तार   हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन और एएसपी राकेश खाखा के मार्गदर्शन में औद्योगिक क्षेत्र थाना, स्टेशन रोड थाना, डीडी नगर थाना, माणकचौक थाना, साइबर सेल, सीसीटीवी टीम और डीएसबी टीम की अलग-अलग टीमें बनाई गईं। तेजी से कार्रवाई करते हुए चार नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो अभी फरार हैं।   फरार आरोपी पहले भी हैं आपराधिक मामलों में लिप्त   पहला फरार आरोपी – थाना स्टेशन रोड में चार आपराधिक मामले (मारपीट, हत्या का प्रयास) दर्ज हैं।   दूसरा फरार आरोपी – थाना स्टेशन रोड में छह मामले (मारपीट, हत्या का प्रयास, गाली-गलौच) और औद्योगिक क्षेत्र थाना में एक हत्या के प्रयास का मामला, कुल सात अपराध दर्ज हैं।   पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका   आरोपियों की गिरफ्तारी में इन अधिकारियों और उनकी टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई –   – निरीक्षक मुनेंद्र गौतम, थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र रतलाम और उनकी टीम   – स्वराज डाबी, थाना प्रभारी स्टेशन रोड रतलाम और उनकी टीम   – अनुराग यादव, थाना प्रभारी और उनकी टीम   – रविंद्र दंडोतिया, थाना प्रभारी और उनकी टीम   – साइबर सेल, सीसीटीवी टीम, डीएसबी टीम और उप निरीक्षक मुकेश सस्तिया, चौकी हाट रोड रतलाम और उनकी टीम   फरार आरोपियों की तलाश जारी   पुलिस जल्द ही फरार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की जांच जारी है।

Ratlam News: देर रात युवक की चाकू मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी, इलाके में फैली सनसनी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के डॉट की पुल क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।    सीने में चाकू मारकर की गई हत्या   मृतक की पहचान रईस खान 30 वर्ष के रूप में हुई है, जो शिव नगर का निवासी था। गुरुवार रात अज्ञात हमलावरों ने उसके सीने में चाकू मार दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।    हाल ही में जेल से छूटा था मृतक   सूत्रों के अनुसार, रईस खान पर तीन से चार महीने पहले मारपीट का मामला दर्ज हुआ था, और वह हाल ही में जेल से छूटा था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं पुरानी रंजिश के चलते यह हत्या तो नहीं की गई।   सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस   हत्या की खबर मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। उसका शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। पुलिस हत्यारों की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।   मृतक के परिवार में मचा कोहराम   रईस खान के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। हत्या के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस इस मामले में जल्द ही खुलासा करने का दावा कर रही है।

Ratlam News: रतलाम पुलिस की कांबिंग गश्त: 32 स्थाई वारंट, 127 गिरफ्तारी वारंट तामील, गुंडों और बदमाशों पर कसा शिकंजा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस द्वारा व्यापक कांबिंग गश्त अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के सभी अनुभागों में सीएसपी और एसडीओपी के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाकर कार्रवाई की गई।   मुख्य बिंदु:   – 32 स्थाई वारंट और 127 गिरफ्तारी वारंट तामील   – जिलाबदर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटर और निगरानी गुंडों की सख्त जांच   – ढाबों, होटलों और सार्वजनिक स्थलों पर चेकिंग अभियान   – रात्रि में बेवजह घूमने वालों को दी गई सख्त हिदायत   कैसे चला पुलिस का अभियान?   पुलिस महानिदेशक, भोपाल के निर्देशों के तहत पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिलेभर में कांबिंग गश्त का नेतृत्व किया। अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और प्रशिक्षु आईपीएस विक्रम अहिरवार के मार्गदर्शन में सीएसपी रतलाम सत्येंद्र घनघोरिया, एसडीओपी रतलाम किशोर पाटनवाला, सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी जावरा संदीप मालवीय, एसडीओपी आलोट शाबेरा अंसारी, एसडीओपी सैलाना नीलम बघेल, उप पुलिस अधीक्षक शेर सिंह भूरिया समेत जिले के विभिन्न थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।   पुराने पुलिस कंट्रोल रूम पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा ने पुलिस बल को आवश्यक निर्देश देकर कांबिंग गश्त के लिए रवाना किया। इसके बाद अनुभागीय पुलिस अधिकारियों सीएसपी और एसडीओपी ने अपने-अपने क्षेत्र में बल की ब्रीफिंग कर गश्त शुरू की।   अभियान के दौरान क्या हुआ?   – लंबे समय से फरार 32 स्थाई वारंटियों और 127 गिरफ्तारी वारंट की तामील कराई गई   – हिस्ट्रीशीटर, जिलाबदर और निगरानी गुंडों की चेकिंग की गई   – ढाबों, होटलों और सार्वजनिक स्थानों की सघन तलाशी ली गई   – रात्रि में अनावश्यक रूप से घूमने वालों को समझाइश देकर घर भेजा गया   रतलाम पुलिस की सख्त चेतावनी   पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए इस प्रकार की सख्त कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस का अभियान और भी प्रभावी बनाया जाएगा ताकि जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे।  

Ratlam News: नगर निगम में भारी भ्रष्टाचार: कांग्रेस का आरोप, सीवरेज घोटाले और संपत्ति कर लूट का खुलासा  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर कांग्रेस और पार्षद दल ने नगर निगम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए इसे भ्रष्टाचार का महासागर करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने सीवरेज प्रोजेक्ट में 150 करोड़ के घोटाले, संपत्ति कर में 10 गुना अवैध वसूली और बाजार बैठक शुल्क वसूलने को धोखाधड़ी बताया। कांग्रेस ने घोषणा की कि संपत्ति कर और सीवरेज घोटाले को न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।    सीवरेज घोटाला: 150 करोड़ का भ्रष्टाचार!   पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने आरोप लगाया कि सीवरेज प्रोजेक्ट में बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट 31 दिसंबर 2022 को पूरा होना था, लेकिन कार्य पूर्णता से दो माह पहले ही टेंडर राशि 123.85 करोड़ से बढ़ाकर 141.44 करोड़ कर दी गई। इसके अलावा, मकानों की संख्या 53273 से घटाकर 43273 कर दी गई, जिससे बड़ी अनियमितता उजागर होती है।   उन्होंने कहा कि दिसंबर 2022 तक केवल 27530 मकानों को ही जोड़ा गया, लेकिन पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। टेंडर में 30.54 करोड़ की लागत से बनने वाले 6 ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित थे, लेकिन केवल 2 प्लांट स्वीकृत कर पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया।    संपत्ति कर में 10 गुना अवैध वसूली   कांग्रेस अध्यक्ष महेन्द्र कटारिया ने कहा कि नगर निगम में 50 प्रतिशत भ्रष्टाचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि संपत्ति कर में 10 से 30 हजार रुपए तक अवैध वसूली की जा रही है और जनता से अपील की कि वह 10 गुना अधिक कर नहीं भरे।   नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा ने घोषणा की कि नगर निगम की लूट का परिषद की बैठक में कड़ा विरोध किया जाएगा और सड़कों पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।   बाजार बैठक शुल्क वसूली को बताया धोखाधड़ी   पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कहा कि नगर निगम द्वारा बाजार बैठक शुल्क 10 से 50 रुपए प्रतिदिन लेने का निर्णय पूरी तरह धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धानमंडी की सभा में इस शुल्क को बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन 32 महीने बाद इसे फिर से लागू करना जनता के साथ धोखा है।   फेकू बजट में करोड़ों की हेराफेरी   शहर कांग्रेस ने नगर निगम के 2025-26 के बजट को फेकू बजट करार दिया। पारस सकलेचा ने बताया कि 2024-25 के बजट में दिसंबर 2023 तक दिखाई गई राशि मार्च 2024 में कई मदों में घट गई।   – कॉलोनी विकास हेतु प्राप्त राशि 1.50 करोड़ से घटकर 26.44 लाख रह गई   – भवन-दुकान किराया 1.75 करोड़ से घटकर 65.52 लाख रह गया   – अवैध निर्माण को वैध करने का शुल्क 95 लाख से घटकर शून्य हो गया   – प्रधानमंत्री आवास योजना में घटक से प्राप्त राशि 64 करोड़ से घटकर 41.69 करोड़ रह गई   सकलेचा ने आरोप लगाया कि बजट में की गई यह हेराफेरी करोड़ों के भ्रष्टाचार का खुला सबूत है।    जल्द होगा आंदोलन   शहर कांग्रेस ने घोषणा की कि यदि संपत्ति कर में की जा रही अवैध वसूली बंद नहीं की गई, तो इसे न्यायालय में चुनौती दी जाएगी और नगर निगम के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।   इस अवसर पर कांग्रेस के कई पदाधिकारी और पार्षद मौजूद रहे, जिनमें मयंक जाट, यास्मीन शैरानी, शैलेंद्र अठाना, कमरूदीन कंछवाया, बसंत पंड्या, वीरेंद्र प्रताप सिंह, नासिर कुरैशी, सलीम मोहम्मद बाग़वान, राजीव रावत, हितेश पेमाल, जोएब आरिफ, सुजीत उपाध्याय, पीयूष बाफना, शाकिर खान आदि शामिल थे।  

Ratlam News: डीजल चोरी करते पकड़े गए दो ड्राइवर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र में डीजल चोरी का मामला सामने आया है। रोड निर्माण कंपनी के मैनेजर ने डंपर और पोकलेन मशीन से डीजल चोरी करते हुए दो ड्राइवरों को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।   कैसे पकड़े गए चोर?   मंगलवार रात सरकारी कॉलेज के पास एक खदान में खड़े निर्माण कार्य में लगे वाहनों से डीजल निकाला जा रहा था। इसी दौरान रोड निर्माण कंपनी के मैनेजर भूपेंद्र सिंह चंद्रावत मौके पर पहुंचे। उन्होंने डंपर चालक विष्णु बैरागी और पोकलेन चालक धर्मेंद्र सिंह को डीजल चोरी करते हुए देख लिया।   भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़े गए   मैनेजर को देखते ही दोनों चालक भागने लगे, लेकिन उन्हें पीछा कर पकड़ लिया गया। इसके बाद तुरंत कालूखेड़ा पुलिस को सूचना दी गई।   चोरी के मामले में गिरफ्तार   शिकायत दर्ज होने के बाद कालूखेड़ा पुलिस ने दोनों आरोपियों विष्णु बैरागी (निवासी हाटपिपलिया, जावरा) और धर्मेंद्र सिंह (निवासी सरसोदा, जावरा) को गिरफ्तार कर लिया।   कहां बेचा जाना था डीजल? जांच जारी   फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि चोरी किया गया डीजल कहां बेचा जाना था और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।   इससे पहले भी हो चुकी हैं चोरी की घटनाएं   इससे पहले भी कई जगहों से निर्माण कार्य में लगे वाहनों से डीजल चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की चोरी के पीछे कोई बड़ा गैंग तो नहीं है।   लेटेस्ट अपडेट्स और खबरों के लिए हमें फॉलो करें।

Ratlam News: आईपीएल सट्टेबाजी; गुजरात टाइटंस बनाम पंजाब किंग्स मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाते दो आरोपी गिरफ्तार  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आईपीएल 2025 में सट्टेबाजी को लेकर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। माणक चौक थाना क्षेत्र के त्रिवेणी कुण्ड के पास से पुलिस ने दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा लगा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सट्टे की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।   मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई   पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर आईपीएल में सट्टेबाजी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी माणक चौक उपनिरीक्षक अनुराग यादव के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। बुधवार को थाना प्रभारी अनुराग यादव को सूचना मिली कि त्रिवेणी कुण्ड के पास एक व्यक्ति क्रिकेट सट्टा लगा रहा है।   सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 27 वर्षीय आरोपी आशुतोष सोनीवाल (निवासी तेजा नगर, रतलाम) को गिरफ्तार कर लिया। वह अपने मोबाइल फोन के जरिए park 999 नामक सट्टा आईडी से आईपीएल मैच गुजरात टाइटंस बनाम पंजाब किंग्स पर ऑनलाइन सट्टा लगा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से 10,000 रुपये मूल्य का एक realme कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया।    ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क   पुलिस पूछताछ में आशुतोष ने खुलासा किया कि उसे यह सट्टा आईडी अनिल मेनी (निवासी भोयरा बावड़ी सिंधी गली, रतलाम) ने दी थी। अनिल ने ऑनलाइन विज्ञापन के माध्यम से सट्टेबाजी की वेबसाइट की जानकारी प्राप्त की थी। इसके बाद उसने वेबसाइट पर खुद की यूजर आईडी और पासवर्ड बनाए और यूपीआई के जरिए बैलेंस डालकर आशुतोष को सट्टेबाजी की आईडी उपलब्ध करवाई।   पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 4 क के तहत अपराध क्रमांक 158/2025 दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।   गिरफ्तार आरोपी   1. आशुतोष सोनीवाल (27 वर्ष), निवासी 41/2, तेजा नगर, गली नंबर 06, रतलाम।   2. अनिल मेनी (40 वर्ष), पिता स्व. गोवर्धनदास मेनी, निवासी भोयरा बावड़ी सिंधी गली, रतलाम।   पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका   सट्टेबाजों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी अनुराग यादव, कार्य. प्रआर अमित त्यागी, कार्य. प्रआर सुधीर, आरक्षक चंद्रशेखर खटवड़ और आरक्षक अविनाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

Ratlam News: जनसुनवाई में 62 आवेदनों पर कार्रवाई के निर्देश, भूमि कब्जे से लेकर सड़क अवरुद्ध होने तक के मामले उठे  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में 62 आवेदनों पर सुनवाई की गई। अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने इन आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश जारी किए।   ग्राम आक्याकला निवासी को नहीं मिल रहा भूमि का कब्जा   ग्राम आक्याकला निवासी शंकरलाल चौहान ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई कि तहसीलदार ताल द्वारा तीन बार आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें उनकी भूमि का कब्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने गिरदावर, पटवारी और चौकीदार की मिलीभगत का आरोप लगाया। इस पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार ताल को तत्काल आदेश पालन के निर्देश दिए गए।    ग्राम सुनारी में डूब क्षेत्र को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति   सैलाना तहसील के ग्राम सुनारी के ग्रामीणों ने जल संरचना मैराज डेम निर्माण का विरोध किया। उनका कहना था कि इससे उनका गांव और आसपास के चार-पांच अन्य गांव डूब क्षेत्र में आ जाएंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना ही पांचवीं अनुसूची लागू कर दी गई, जो अनुचित है। इस मामले को संबंधित विभाग को निराकरण के लिए भेजा गया है।    दुर्घटना में घायल पुत्र के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग   त्रिमूर्ति नगर निवासी सुरेंद्रसिंह चौधरी ने जनसुनवाई में बताया कि उनके पुत्र का आठ फरवरी को सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के कारण इंदौर के बाम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। उपचार में काफी धन खर्च होने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर एसडीएम रतलाम शहर को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।   आनंद विहार में रास्ता अवरुद्ध, नागरिकों को हो रही परेशानी   महेश नगर स्थित आनंद विहार निवासी रमेश मनानिया ने शिकायत की कि एक निवासी द्वारा रास्ते पर दो बार दीवार बनाकर आवागमन अवरुद्ध कर दिया गया था, जिसे कॉलोनीवासियों ने हटाया था। लेकिन अब फिर से दीवार बना दी गई है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने और नागरिकों को बाजार व अस्पताल जाने में परेशानी हो रही है। मामले को निराकरण के लिए नगर निगम आयुक्त को भेजा गया है।   जिला प्रशासन ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान के निर्देश जारी किए हैं।

Ratlam News: सैलाना ब्रिज से कूदा व्यक्ति, मौके पर मौत; फल-फ्रूट की ठेला गाड़ी लगाता था  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में मंगलवार दोपहर एक व्यक्ति सैलाना ओवरब्रिज से 30 फीट नीचे कूद गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना दिल्ली-मुंबई रेल लाइन के पास रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में राम मंदिर के समीप हुई। घटना के बाद ब्रिज पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस को हटाना पड़ा।   मृतक की पहचान हुई   मृतक की पहचान संतोष 50 पिता सागरमल निवासी महिदपुर, जिला उज्जैन हाल मुकाम अलकापुरी, रतलाम के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संतोष ब्रिज पर पैदल चलते हुए अचानक नीचे कूद गया। गिरने के दौरान उसका सिर नीचे रखे लोहे के गर्डर से टकराया, जिससे गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।   फल-फ्रूट की ठेला गाड़ी लगाता था मृतक   शव की पहचान सैलाना बस स्टैंड पर फल-फ्रूट की ठेला गाड़ी लगाने वाले करणसिंह ने की। करणसिंह, जो संतोष का भांजा है, ने बताया कि सभी उन्हें मुनीम जी कहकर बुलाते थे। करणसिंह के अनुसार, वह दोपहर में ठेले पर था, तभी किसी ने आकर बताया कि मुनीम जी ब्रिज से गिर गए हैं। मौके पर पहुंचकर देखा तो वह संतोष ही थे।    मानसिक रूप से थे कमजोर, परिवार से था अलगाव   करणसिंह ने बताया कि संतोष पिछले 5-6 साल से रतलाम में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी, जबकि उनका एक बेटा है, लेकिन वह कहां रहता है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।    पुलिस जांच में जुटी   घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी, आरपीएफ व औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। चूंकि मामला रेलवे क्षेत्र से जुड़ा था, इसलिए जीआरपी ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया।   जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी ने बताया कि मर्ग कायम किया जा रहा है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि संतोष ब्रिज से दुर्घटनावश गिरा या उसने आत्महत्या की।  

MP News: मंदसौर गोलीकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: सुप्रीम कोर्ट ने मंदसौर गोलीकांड की जांच के लिए गठित जैन आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने के संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह आदेश पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर दिया गया।   चार सप्ताह में सरकार को देना होगा जवाब   सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति संदीप दास और न्यायमूर्ति विक्रम मेहता की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे की दलीलों को सुनने के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।   मामले का पूरा घटनाक्रम   6 जून 2017 को मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी स्थित पार्श्वनाथ चौपाटी पर किसानों के आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने से पांच किसानों की मौत हो गई थी। इस घटना की सीबीआई जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पारस सकलेचा ने 15 सितंबर 2017 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की थी। हालांकि, शासन द्वारा जैन आयोग के गठन के आधार पर यह याचिका खारिज कर दी गई थी।   चार साल बाद भी विधानसभा में पेश नहीं हुई रिपोर्ट   राज्य सरकार ने 12 जून 2017 को जैन आयोग का गठन किया, जिसने 13 जून 2018 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। लेकिन चार साल बीतने के बावजूद यह रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं की गई। इसके बाद पारस सकलेचा ने 3 मई 2022 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक नई याचिका दाखिल कर रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मांग की।   याचिका में तर्क दिया गया कि जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3(4) के तहत सरकार को किसी भी जांच आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के छह महीने के भीतर उस पर कार्रवाई कर विधानसभा में पेश करना अनिवार्य है।   हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका   मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 14 अक्टूबर 2024 को इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि घटना को सात वर्ष बीत चुके हैं, ऐसे में रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने का अब कोई आधार नहीं बनता।   सुप्रीम कोर्ट की दखल   हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पारस सकलेचा ने 8 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे ने सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।   क्या है आगे की राह   अब राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि जैन आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी या नहीं।