Ratlam News: डीजल चोरी करते पकड़े गए दो ड्राइवर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र में डीजल चोरी का मामला सामने आया है। रोड निर्माण कंपनी के मैनेजर ने डंपर और पोकलेन मशीन से डीजल चोरी करते हुए दो ड्राइवरों को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।   कैसे पकड़े गए चोर?   मंगलवार रात सरकारी कॉलेज के पास एक खदान में खड़े निर्माण कार्य में लगे वाहनों से डीजल निकाला जा रहा था। इसी दौरान रोड निर्माण कंपनी के मैनेजर भूपेंद्र सिंह चंद्रावत मौके पर पहुंचे। उन्होंने डंपर चालक विष्णु बैरागी और पोकलेन चालक धर्मेंद्र सिंह को डीजल चोरी करते हुए देख लिया।   भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़े गए   मैनेजर को देखते ही दोनों चालक भागने लगे, लेकिन उन्हें पीछा कर पकड़ लिया गया। इसके बाद तुरंत कालूखेड़ा पुलिस को सूचना दी गई।   चोरी के मामले में गिरफ्तार   शिकायत दर्ज होने के बाद कालूखेड़ा पुलिस ने दोनों आरोपियों विष्णु बैरागी (निवासी हाटपिपलिया, जावरा) और धर्मेंद्र सिंह (निवासी सरसोदा, जावरा) को गिरफ्तार कर लिया।   कहां बेचा जाना था डीजल? जांच जारी   फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि चोरी किया गया डीजल कहां बेचा जाना था और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।   इससे पहले भी हो चुकी हैं चोरी की घटनाएं   इससे पहले भी कई जगहों से निर्माण कार्य में लगे वाहनों से डीजल चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की चोरी के पीछे कोई बड़ा गैंग तो नहीं है।   लेटेस्ट अपडेट्स और खबरों के लिए हमें फॉलो करें।

Ratlam News: आईपीएल सट्टेबाजी; गुजरात टाइटंस बनाम पंजाब किंग्स मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाते दो आरोपी गिरफ्तार  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आईपीएल 2025 में सट्टेबाजी को लेकर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। माणक चौक थाना क्षेत्र के त्रिवेणी कुण्ड के पास से पुलिस ने दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा लगा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सट्टे की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।   मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई   पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर आईपीएल में सट्टेबाजी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी माणक चौक उपनिरीक्षक अनुराग यादव के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। बुधवार को थाना प्रभारी अनुराग यादव को सूचना मिली कि त्रिवेणी कुण्ड के पास एक व्यक्ति क्रिकेट सट्टा लगा रहा है।   सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 27 वर्षीय आरोपी आशुतोष सोनीवाल (निवासी तेजा नगर, रतलाम) को गिरफ्तार कर लिया। वह अपने मोबाइल फोन के जरिए park 999 नामक सट्टा आईडी से आईपीएल मैच गुजरात टाइटंस बनाम पंजाब किंग्स पर ऑनलाइन सट्टा लगा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से 10,000 रुपये मूल्य का एक realme कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया।    ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क   पुलिस पूछताछ में आशुतोष ने खुलासा किया कि उसे यह सट्टा आईडी अनिल मेनी (निवासी भोयरा बावड़ी सिंधी गली, रतलाम) ने दी थी। अनिल ने ऑनलाइन विज्ञापन के माध्यम से सट्टेबाजी की वेबसाइट की जानकारी प्राप्त की थी। इसके बाद उसने वेबसाइट पर खुद की यूजर आईडी और पासवर्ड बनाए और यूपीआई के जरिए बैलेंस डालकर आशुतोष को सट्टेबाजी की आईडी उपलब्ध करवाई।   पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 4 क के तहत अपराध क्रमांक 158/2025 दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।   गिरफ्तार आरोपी   1. आशुतोष सोनीवाल (27 वर्ष), निवासी 41/2, तेजा नगर, गली नंबर 06, रतलाम।   2. अनिल मेनी (40 वर्ष), पिता स्व. गोवर्धनदास मेनी, निवासी भोयरा बावड़ी सिंधी गली, रतलाम।   पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका   सट्टेबाजों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी अनुराग यादव, कार्य. प्रआर अमित त्यागी, कार्य. प्रआर सुधीर, आरक्षक चंद्रशेखर खटवड़ और आरक्षक अविनाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

Ratlam News: जनसुनवाई में 62 आवेदनों पर कार्रवाई के निर्देश, भूमि कब्जे से लेकर सड़क अवरुद्ध होने तक के मामले उठे  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में 62 आवेदनों पर सुनवाई की गई। अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने इन आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश जारी किए।   ग्राम आक्याकला निवासी को नहीं मिल रहा भूमि का कब्जा   ग्राम आक्याकला निवासी शंकरलाल चौहान ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई कि तहसीलदार ताल द्वारा तीन बार आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें उनकी भूमि का कब्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने गिरदावर, पटवारी और चौकीदार की मिलीभगत का आरोप लगाया। इस पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार ताल को तत्काल आदेश पालन के निर्देश दिए गए।    ग्राम सुनारी में डूब क्षेत्र को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति   सैलाना तहसील के ग्राम सुनारी के ग्रामीणों ने जल संरचना मैराज डेम निर्माण का विरोध किया। उनका कहना था कि इससे उनका गांव और आसपास के चार-पांच अन्य गांव डूब क्षेत्र में आ जाएंगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना ही पांचवीं अनुसूची लागू कर दी गई, जो अनुचित है। इस मामले को संबंधित विभाग को निराकरण के लिए भेजा गया है।    दुर्घटना में घायल पुत्र के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग   त्रिमूर्ति नगर निवासी सुरेंद्रसिंह चौधरी ने जनसुनवाई में बताया कि उनके पुत्र का आठ फरवरी को सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के कारण इंदौर के बाम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। उपचार में काफी धन खर्च होने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर एसडीएम रतलाम शहर को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।   आनंद विहार में रास्ता अवरुद्ध, नागरिकों को हो रही परेशानी   महेश नगर स्थित आनंद विहार निवासी रमेश मनानिया ने शिकायत की कि एक निवासी द्वारा रास्ते पर दो बार दीवार बनाकर आवागमन अवरुद्ध कर दिया गया था, जिसे कॉलोनीवासियों ने हटाया था। लेकिन अब फिर से दीवार बना दी गई है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने और नागरिकों को बाजार व अस्पताल जाने में परेशानी हो रही है। मामले को निराकरण के लिए नगर निगम आयुक्त को भेजा गया है।   जिला प्रशासन ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान के निर्देश जारी किए हैं।

Ratlam News: सैलाना ब्रिज से कूदा व्यक्ति, मौके पर मौत; फल-फ्रूट की ठेला गाड़ी लगाता था  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में मंगलवार दोपहर एक व्यक्ति सैलाना ओवरब्रिज से 30 फीट नीचे कूद गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना दिल्ली-मुंबई रेल लाइन के पास रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में राम मंदिर के समीप हुई। घटना के बाद ब्रिज पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस को हटाना पड़ा।   मृतक की पहचान हुई   मृतक की पहचान संतोष 50 पिता सागरमल निवासी महिदपुर, जिला उज्जैन हाल मुकाम अलकापुरी, रतलाम के रूप में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संतोष ब्रिज पर पैदल चलते हुए अचानक नीचे कूद गया। गिरने के दौरान उसका सिर नीचे रखे लोहे के गर्डर से टकराया, जिससे गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।   फल-फ्रूट की ठेला गाड़ी लगाता था मृतक   शव की पहचान सैलाना बस स्टैंड पर फल-फ्रूट की ठेला गाड़ी लगाने वाले करणसिंह ने की। करणसिंह, जो संतोष का भांजा है, ने बताया कि सभी उन्हें मुनीम जी कहकर बुलाते थे। करणसिंह के अनुसार, वह दोपहर में ठेले पर था, तभी किसी ने आकर बताया कि मुनीम जी ब्रिज से गिर गए हैं। मौके पर पहुंचकर देखा तो वह संतोष ही थे।    मानसिक रूप से थे कमजोर, परिवार से था अलगाव   करणसिंह ने बताया कि संतोष पिछले 5-6 साल से रतलाम में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी, जबकि उनका एक बेटा है, लेकिन वह कहां रहता है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।    पुलिस जांच में जुटी   घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी, आरपीएफ व औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। चूंकि मामला रेलवे क्षेत्र से जुड़ा था, इसलिए जीआरपी ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया।   जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी ने बताया कि मर्ग कायम किया जा रहा है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि संतोष ब्रिज से दुर्घटनावश गिरा या उसने आत्महत्या की।  

MP News: मंदसौर गोलीकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: सुप्रीम कोर्ट ने मंदसौर गोलीकांड की जांच के लिए गठित जैन आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने के संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह आदेश पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर दिया गया।   चार सप्ताह में सरकार को देना होगा जवाब   सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति संदीप दास और न्यायमूर्ति विक्रम मेहता की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे की दलीलों को सुनने के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।   मामले का पूरा घटनाक्रम   6 जून 2017 को मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी स्थित पार्श्वनाथ चौपाटी पर किसानों के आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने से पांच किसानों की मौत हो गई थी। इस घटना की सीबीआई जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पारस सकलेचा ने 15 सितंबर 2017 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की थी। हालांकि, शासन द्वारा जैन आयोग के गठन के आधार पर यह याचिका खारिज कर दी गई थी।   चार साल बाद भी विधानसभा में पेश नहीं हुई रिपोर्ट   राज्य सरकार ने 12 जून 2017 को जैन आयोग का गठन किया, जिसने 13 जून 2018 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। लेकिन चार साल बीतने के बावजूद यह रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं की गई। इसके बाद पारस सकलेचा ने 3 मई 2022 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक नई याचिका दाखिल कर रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मांग की।   याचिका में तर्क दिया गया कि जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3(4) के तहत सरकार को किसी भी जांच आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के छह महीने के भीतर उस पर कार्रवाई कर विधानसभा में पेश करना अनिवार्य है।   हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका   मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 14 अक्टूबर 2024 को इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि घटना को सात वर्ष बीत चुके हैं, ऐसे में रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने का अब कोई आधार नहीं बनता।   सुप्रीम कोर्ट की दखल   हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पारस सकलेचा ने 8 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे ने सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।   क्या है आगे की राह   अब राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि जैन आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी या नहीं।  

Ratlam News: शहर कांग्रेस महामंत्री पर हमला, प्रॉपर्टी विवाद में दो पक्ष आमने-सामने, क्रॉस केस दर्ज  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: शहर कांग्रेस महामंत्री शीतल सेन पर रविवार रात उनके ही समाज के कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में शीतल सेन और उनके 16 वर्षीय बेटे जयश घायल हो गए। जयश के सिर में गंभीर चोट आने से तीन टांके लगे हैं। घटना का कारण प्रॉपर्टी विवाद बताया जा रहा है।    हमले में महामंत्री और बेटे को गंभीर चोटें   शीतल सेन ने बताया कि रात 11 बजे भरत सेन अपने तीन साथियों के साथ घर पहुंचे और दराते व लाठियों से हमला कर दिया। इस हमले में शीतल सेन के सीने, अंगूठे और कोहनी पर चोटें आईं, जबकि उनके बेटे जयश के सिर पर लाठी से वार किया गया। बचाव करने आई उनकी मां और पत्नी को भी धमकी दी गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।    पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज किया क्रॉस केस   शीतल सेन की शिकायत पर माणकचौक पुलिस ने भरत सेन पिता बाबूलाल सेन, मिल सेन, राजेश सेन समेत चार अन्य के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया है।   वहीं, दूसरे पक्ष ने भी शीतल सेन और उनके परिवार पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया। भरत सेन की शिकायत पर पुलिस ने शीतल सेन, उनके बेटे जयश और मंजीत सेन के खिलाफ केस दर्ज किया है।   प्रॉपर्टी विवाद बना हमले की वजह   माणक चौक थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, जो अब हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रॉस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  

Ratlam News: अवैध हथियार तस्करी में युवक गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा  

26 मार्च तक पुलिस रिमांड पर आरोपी, गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी   रतलाम-पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 27 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिसे सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसाकर इस गैरकानूनी धंधे में धकेला गया था।   सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसा आरोपी   रतलाम एसपी अमित कुमार ने सोमवार को इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान के झुंझुनू जिले का रहने वाला सज्जन कुमार मेघवाल सोशल मीडिया के जरिए इस अपराध में फंसा। फेसबुक पर उसकी दोस्ती पूजा नाम की युवती से हुई, जिसने उसे अपनी सहेली अन्नू से संपर्क करने के लिए कहा। अन्नू, अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ी थी। उसने आरोपी को पैसों और प्यार का झांसा देकर इस धंधे में उतार दिया।   उज्जैन से जोधपुर तक होनी थी हथियार सप्लाई   सूत्रों के मुताबिक, अन्नू ने आरोपी को उज्जैन रेलवे स्टेशन के पास चामुंडा माता मंदिर के नजदीक बुलाया। वहां दो अज्ञात लोगों ने उसे चार पिस्टल और दो जिंदा कारतूस सौंपे। ये हथियार जोधपुर में किसी अपराधी तक पहुंचाने की योजना थी।   मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा   इक्कीस मार्च दो हजार पच्चीस को पुलिस को सूचना मिली कि चौरासी बड़ायला तिराहे के यात्री प्रतीक्षालय में एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ मौजूद है। रतलाम पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।    छब्बीस मार्च तक पुलिस रिमांड पर आरोपी   पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे छब्बीस मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।   गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस   पुलिस इस गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने के लिए आरोपी के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। विशेष टीम, जिसमें एडिशनल एसपी राकेश खाखा, जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो और औद्योगिक क्षेत्र जावरा थाना प्रभारी वीडी जोशी शामिल हैं, गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।   अवैध हथियार तस्करी पर पुलिस की सख्त नजर   रतलाम जिले में अवैध हथियारों की तस्करी पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। एसपी अमित कुमार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।   ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें हमारे साथ। हमें फॉलो करें और अपडेट्स पाएं।

Ratlam News: केदारेश्वर महादेव मंदिर में चोरी का प्रयास, जलाधारी उखाड़ने वाला CCTV में कैद  

सैलाना- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सैलाना तहसील के ग्राम अडवानिया स्थित प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर का है, जहां अज्ञात व्यक्ति ने शिवलिंग की पीतल जलाधारी को उखाड़ने का प्रयास किया। जलाधारी भारी होने के कारण चोर उसे ले जाने में नाकाम रहा। CCTV फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति कैद हुआ है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।   CCTV में संदिग्ध कैद, पुलिस तलाश में जुटी   सोमवार सुबह सैलाना निवासी शिक्षक रामचंद्र चारेल मंदिर पहुंचे तो उन्होंने जलाधारी को उखड़ा हुआ पाया। उन्होंने तुरंत मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया और तहसीलदार कैलाश कन्नौज पहुंचे और जांच शुरू की।   CCTV फुटेज में एक अर्धविक्षिप्त व्यक्ति नजर आ रहा है, जो पहले मंदिर की सीढ़ियों पर सोता दिखा और फिर लोटे से जलाधारी को खोदने की कोशिश करता नजर आया। पुलिस उसकी पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी संभव है।   दान पात्र सुरक्षित, चोरी की मंशा पर सवाल   मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2016 में मंदिर में 35 किलो वजनी पीतल की जलाधारी और 32 किलो वजनी रेलिंग का निर्माण किया गया था। आश्चर्य की बात यह है कि चोर ने दान पात्रों को छुआ तक नहीं, जिससे उसकी मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।   पुलिस जांच में जुटी   थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा रही है। पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करेगी।  

MP News: डॉक्टर पर कार्रवाई को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार का अल्टीमेटम, 24 मार्च से आमरण अनशन की चेतावनी  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर पर जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। उन्होंने डॉक्टर के निलंबन की मांग करते हुए कहा कि अगर 24 मार्च 2025 तक सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन पर बैठेंगे।   विधायक डोडियार का आमरण अनशन का ऐलान   मध्य प्रदेश के रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि अगर 24 मार्च 2025 तक इस मामले में उनकी सुनवाई नहीं होती, तो वे आमरण अनशन शुरू करेंगे।   जातिसूचक गाली देने का आरोप   विधायक डोडियार ने आरोप लगाया कि 5 दिसंबर 2024 को जब वे अपनी तबीयत खराब होने के कारण रतलाम जिला अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर राठौर ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई। लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी डॉक्टर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।   सरकार पर लापरवाही का आरोप   विधायक ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा के पिछले सत्र में भी उठाया था, लेकिन अब तक डॉक्टर के निलंबन या अभियोजन की स्वीकृति को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि जांच अभी तक पूरी नहीं हुई, न ही न्यायालय में चालान पेश किया गया।   आदिवासी समाज में आक्रोश   विधायक डोडियार ने कहा कि यह सिर्फ उनका मामला नहीं है, बल्कि संपूर्ण भीलप्रदेश मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की और कहा कि जब तक डॉक्टर को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे न भोजन करेंगे और न ही पानी ग्रहण करेंगे।   सरकार पर बढ़ा दबाव   इस मामले को लेकर आदिवासी समाज में भी भारी आक्रोश है। अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। अब यह देखना होगा कि 24 मार्च से पहले सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है।

MP News: 18 महीने बाद जिंदा लौटी महिला, परिवार कर चुका था अंतिम संस्कार, चार लोग काट रहे थे हत्या की सजा  

मंदसौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिस महिला को 18 महीने पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह जिंदा लौट आई। इस घटना ने पुलिस और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस मामले में चार लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए जेल भेज दिया गया था।   कैसे हुआ खुलासा   इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ललिता बाई नामक यह महिला अचानक पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने जीवित होने की पुष्टि की। जब यह खबर उसके परिवार तक पहुंची तो वे हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने डेढ़ साल पहले ही उसके शव की पहचान कर अंतिम संस्कार कर दिया था।   ललिता के पिता रमेश नानूराम बांछड़ा ने बताया कि उन्होंने शारीरिक निशानों के आधार पर शव की पहचान की थी, जिसमें उसके हाथ पर टैटू और पैर के चारों ओर बंधा काला धागा शामिल था। शव की पहचान के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।    हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेजे गए थे चार लोग   इस कथित हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों इमरान, शाहरुख, सोनू और एजाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन ललिता के जिंदा लौटने के बाद अब यह मामला उलझ गया है।   ललिता ने बताई अपनी आपबीती   अपने लापता होने की कहानी बताते हुए ललिता ने पुलिस को बताया कि वह शाहरुख के साथ भानुपरा गई थी। वहां दो दिन रहने के बाद उसे कथित तौर पर शाहरुख नामक एक अन्य व्यक्ति को 5 लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद वह डेढ़ साल तक कोटा में रही और फिर किसी तरह भागकर अपने गांव लौटी।   जांच में जुटी पुलिस   ललिता ने अपनी पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज पेश किए। गांधी सागर पुलिस स्टेशन की प्रभारी तरुणा भारद्वाज ने बताया कि ललिता कुछ दिन पहले ही पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने आई थी कि वह जीवित है। पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से उसकी पहचान सत्यापित कराई, जिन्होंने पुष्टि की कि वह सच में ललिता ही है।   अब पुलिस इस पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था और हत्या के मामले में जेल में बंद चार लोगों का क्या होगा।   क्या होगा आगे   ललिता के जिंदा लौटने से कई सवाल खड़े हो गए हैं   1. जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था   2. क्या ललिता के परिवार से कोई गलती हुई या फिर किसी ने जानबूझकर उन्हें गुमराह किया   3. जिन चार लोगों को हत्या का दोषी मानकर जेल भेजा गया, उनके साथ अब क्या होगा   पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह घटना मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस जांच के तरीकों पर भी सवाल खड़े कर रही है।  

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