Ratlam News: शादियों में होटल के अंदर शराब परोसने पर लाइसेंस होगा रद्द, पुलिस ने जारी किए दिशा निर्देश

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: एसपी अमित कुमार ने मंगलवार को शहर के सभी मैरिज गार्डन संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एसपी ने गार्डन और हॉल संचालकों को सुरक्षा प्रबंधों को सुधारने के सुझाव दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा उल्लंघन न हो। बैठक में मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिसमें सभी मैरिज गार्डन और हॉल में सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता पर जोर दिया गया। कैमरों को इस तरह से स्थापित करने का निर्देश दिया गया कि वे अंदर और बाहर के सभी हिस्सों को कवर कर सकें, साथ ही कैमरे नाइट विजन और फेस डिटेक्शन वाले हों। इन कैमरों की फीड सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ी रहेगी, जिससे वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा, डेटा को तीन महीने तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जानी चाहिए। एसपी अमित कुमार ने बिना लाइसेंस के शराब परोसने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। यदि किसी भी गार्डन या हॉल में शराब पाई जाती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास दरवाजों, उचित पार्किंग व्यवस्था, और निजी गार्ड की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रत्येक गार्डन संचालक को अपने कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन करवाने का आदेश दिया गया, साथ ही ध्वनि प्रणाली के उपयोग के संबंध में न्यायपालिका और प्रशासन के आदेशों का पालन अनिवार्य बताया गया। इस बैठक का उद्देश्य शहर में शादियों के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को मजबूत करना था, ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो। पुलिस द्वारा दिए गए सुझा व निर्देश 1. सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता: सभी मैरिज गार्डन और हॉल में अंदर और बाहर कैमरे लगाए जाएं, जो नाइट विजन और फेस डिटेक्शन की क्षमता वाले हों और तीन महीने तक डेटा सुरक्षित रखें। 2. शराब परोसने पर सख्त कार्रवाई: बिना लाइसेंस के शराब परोसे जाने पर मैरिज गार्डन या हॉल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। 3. संबंधित अधिकारियों से अनुमति: गार्डन संचालकों को गार्डन संचालन के लिए उचित अनुमति प्राप्त कर पुलिस स्टेशन में जमा करनी होगी। 4. अग्नि सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था: हॉल में आपातकालीन दरवाजों और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। 5. साउंड सिस्टम का नियमन:  साउंड सिस्टम की आवाज जिला प्रशासन और न्यायपालिका द्वारा निर्धारित सीमा में होनी चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। 6. पार्किंग और यातायात व्यवस्था: गार्डन में दो प्रवेश और निकास द्वार होने चाहिए और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए। 7. सुरक्षा गार्ड की अनिवार्यता:  कार्यक्रमों के दौरान निजी सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था अनिवार्य होगी। 8. कैमरों का पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्शन: रोड की दिशा में लगे कैमरों को पुलिस कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा ताकि निगरानी हो सके। 9. सुरक्षा उपकरणों की जिम्मेदारी: सभी सुरक्षा उपकरण जैसे शेड, स्टेंट, विद्युत और अग्नि सुरक्षा की जिम्मेदारी गार्डन संचालकों की होगी। 10. कर्मचारियों का सत्यापन: गार्डन के कर्मचारियों और गार्डों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया।

lawrance bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को मिलेगा 1 करोड़ 11 लाख का इनाम, क्षत्रिय करणी सेना का ऐलान

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क : lawrance bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर पर इनाम की घोषणा करते हुए क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने एक बड़ा ऐलान किया है। शेखावत ने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करता है, तो उसे 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से की है। गोगामेड़ी की हत्या का आरोप शेखावत ने इस इनाम की घोषणा करते हुए कहा कि बिश्नोई पर क्षत्रिय करणी सेना के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या कराने का आरोप है। पिछले साल 5 दिसंबर 2023 को राजस्थान के जयपुर में गोगामेड़ी की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ ने दावा किया था कि गोगामेड़ी उनके कामकाज में अड़चन डाल रहे थे और उन्हें चेतावनी देने के बाद उनकी हत्या कराई गई। शेखावत ने अपने बयान में कहा, “हमारे आदरणीय सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई द्वारा कराई गई थी। अब हमें भयभीत नहीं, भयमुक्त भारत चाहिए। जो भी पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करेगा, उसे करणी सेना की ओर से 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा।” करणी सेना की केंद्र सरकार से मांगकरणी सेना ने केंद्र सरकार से भी यह मांग की है कि जल्द से जल्द लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर किया जाए, ताकि देश को गैंगस्टर के आतंक से मुक्ति मिल सके। इस संबंध में शेखावत ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। गुजरात की जेल में बंद है बिश्नोईलॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की जेल में बंद है और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बिश्नोई का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में भी सामने आया है, जिसमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला प्रमुख है। करणी सेना द्वारा किए गए इस इनाम के ऐलान के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है और देखना होगा कि इस पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।

Jammu & Kashmir Terror Attack: गगनगीर में श्रमिकों पर कायराना हमला, पांच की मौत, चार घायल, पूरे देश में उबाल

श्रीनगर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Jammu & Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गगनगीर, सोनमर्ग में रविवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। ज़ेडमोढ़ सुरंग परियोजना में काम कर रहे श्रमिकों पर हुए इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (SKIMS) में भर्ती कराया गया है। पुलिस और सेना ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मृतकों में डॉक्टर और इंजीनियर भी शामिलइस हमले में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के मैकेनिकल इंजीनियर अमित शुक्ला, बिहार के मोहम्मद हनीफ, कलीम और फहीम नासिर, और जम्मू के शशि अब्रॉल शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने निर्माणाधीन सुरंग के पास श्रमिकों के आवास शिविर पर हमला किया। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। केंद्र और राज्य सरकार की कड़ी प्रतिक्रियाइस कायराना हमले पर देशभर में आक्रोश व्याप्त है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “घृणित और कायरतापूर्ण कृत्य” करार दिया। उन्होंने कहा, “इस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों से कठोरतम जवाब मिलेगा।” शाह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि सभी घायल जल्द स्वस्थ हों।” उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं को शांति और विकास के खिलाफ साजिश करार दिया। आतंकी हमले से देश में उबालस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी आतंकियों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह इलाका ज़ेडमोढ़ सुरंग और राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। देशभर से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगें उठ रही हैं। जनता और सुरक्षा बल इस हमले को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं, और सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को त्योहारों के दौरान कश्मीर में संभावित आतंकी हमलों की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया था।

Blast In Delhi: धमाके से दहल उठी दिल्ली, आतंकी साजिश की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Blast In Delhi: राजधानी दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए जोरदार धमाके ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। दिवाली से ठीक पहले हुए इस धमाके की जांच दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। घटना स्थल से सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा है या किसी और कारण से हुआ है। लेकिन त्योहारों के इस मौसम में हुए इस धमाके ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा कड़ी, दिल्ली में हाई अलर्ट घोषितरोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में सुबह करीब 7.47 बजे हुए हुए इस धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विशेष रूप से प्रमुख बाजार क्षेत्रों जैसे चांदनी चौक, लाजपत नगर, कमला मार्केट, सरोजिनी नगर, सदर बाजार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन इलाकों में पुलिस की पैनी नजर संदिग्ध गतिविधियों पर बनी हुई है और सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। 13 साल बाद दिल्ली में बड़ा धमाकायह धमाका दिल्ली में लगभग 13 साल बाद हुआ है। इससे पहले, 2011 के बाद राजधानी में कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ था। हालांकि, 14 जनवरी 2022 को गाजीपुर फूल मंडी के गेट पर एक बैग में आईईडी विस्फोटक मिला था, जिसे एनएसजी की टीम ने निष्क्रिय किया था। उस विस्फोटक में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। अब, इस हालिया धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NIA और NSG की टीम जुटी जांच मेंपुलिस सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान राजधानी में आतंकी साजिश के इनपुट्स पहले से ही मिले थे, जिसके बाद से दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया था। घटना के बाद घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, IGL, NIA और NSG की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। एनएसजी कमांडो ने सीआरपीएफ स्कूल के पास के इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया है। विशेषज्ञों की जांच जारीरोहिणी के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि धमाके की असल वजह का पता लगाने के लिए एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। शुरुआती जांच में क्रूड बम जैसा मटेरियल मिलने की बात सामने आई है, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि धमाके के सोर्स का पता लगाया जा सके। आतंकी साजिश की जांचदिल्ली पुलिस की एटीएस घटना की जांच आतंकी हमले के एंगल से भी कर रही है। आस-पास के पुलिस थानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और बाजारों में पैदल गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। स्थानीय लोगों में दहशतविस्फोट की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। घटनास्थल के पास चश्मे की दुकान चलाने वाले सुमित ने कहा, “धमाका इतना जोरदार था कि मेरी दुकान के खिड़की के शीशे टूट गए और सारा सामान जमीन पर गिर गया।” वहीं, स्थानीय निवासी राकेश गुप्ता ने बताया, “सुबह करीब 7.30 बजे हमने बहुत तेज धमाके की आवाज सुनी। हमें लगा कि पास में कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है। कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं।” इस धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, और इस मामले में आतंकी साजिश की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जांच जारी है, और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

दिवाली पर रहे सावधान! : रतलाम जिले में मिलावट का जहर, प्रतिष्ठित दुकानों व फैक्ट्रियों के सैंपल फेल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। दिवाली पर रहे सावधान! : त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन इस बीच एक गंभीर खतरा भी मंडरा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई जांच में 13 खाद्य पदार्थों को मानकों पर खरा नहीं पाया गया। कलेक्टर राजेश बाथम के निर्देशन में लिए गए 109 खाद्य सैंपलों की रिपोर्ट ने त्योहार की खुशियों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। दीवाली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार के समय पर मिलावटखोरों का यह खेल लाखों लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ प्रतीत हो रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा ने बताया कि जिन संस्थाओं के नमूने अवमानक पाए गए हैं, उनमें कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इनमें बिलपांक स्थित ग्रीन ईडन सिस्टमैटिक प्राइवेट लिमिटेड का चना दाल, जावरा के राजश्री नमकीन सेंटर के सेव, ढोढर के श्री गणेश रेस्टोरेंट का सेव, जावरा के श्री राधे नमकीन की मावा बर्फी, रावटी के जाट दूध डेरी का मिक्सड दूध, रतलाम के सज्जन मिल रोड स्थित फायदा बाजार का काबुली चना, पिपलौदा के मां आशापुरा मिल्क चिलिंग सेंटर का मिक्सड दूध, परवलिया के होटल ग्रीन प्लाजा का पनीर, सज्जन पद के साइन मिलकर प्रोसेसिंग प्लांट का भैंस का दूध, सैलाना के हकीम ब्रदर का रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सैलाना के देवेंद्र स्वीट्स का मावा पेडा, ढोढर के बालाजी नाश्ता सेंटर की मिठाई और पीर हिंगोरिया के नाथूलाल मावा भट्टी का भैंस का दूध शामिल हैं। सवाल उठता है कि क्या ऐसे समय में जब लोग अपने परिवार के साथ त्यौहार की खुशियाँ मना रहे हैं, मिलावटखोर अपनी जेबें भरने के लिए उनकी जिंदगी से खेल रहे हैं? क्या ये मिलावट सिर्फ सस्ती चीजों तक सीमित है या फिर ये हमारे त्योहारी खाद्य पदार्थों में भी जहर घोल रहे हैं? प्रशासन ने सभी संबंधित उत्पादकों को सुधार के लिए एक माह की समय सीमा दी है। अगर इस अवधि में अपील नहीं की गई, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालय में मामला दर्ज किया जाएगा। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि जब तक कार्रवाई होगी, तब तक कितने और लोग इन मिलावटी उत्पादों का शिकार बनेंगे? खाद्य सुरक्षा की यह ढीली निगरानी लाखों लोगों के जीवन से खेल रही है। इस दीवाली, जहाँ लोग मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, वहां इस तरह की घातक मिलावट समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। जनता को इस बारे में सतर्क रहना होगा और प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि त्यौहार की खुशियाँ किसी के लिए दुखदाई न बनें।

Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड के आरोपियों पर एसटीएफ का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में दो घायल, पांच गिरफ्तार

बहराइच – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड में यूपी एसटीएफ और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू और तालीम उर्फ सबलू को एनकाउंटर में घायल कर पकड़ा गया है। एनकाउंटर के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें नानपारा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने सरफराज की हालत गंभीर बताई है, जबकि दोनों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है। क्या है पूरा मामला?13 अक्टूबर को बहराइच के महाराजगंज इलाके में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में 25 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद जिले में तनाव फैल गया था और आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं। इस हत्याकांड में सरफराज, तालीम और अब्दुल हमीद सहित 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आरोपी हत्या के बाद फरार हो गए थे। घटना के बाद यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के नेतृत्व में टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। गुरुवार दोपहर एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने नानपारा कोतवाली क्षेत्र के हांडा बसहरी इलाके में घेराबंदी की, जहां एनकाउंटर के बाद सरफराज और तालीम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायलपुलिस ने जब आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उनके द्वारा झाड़ियों में छिपाकर रखे गए असलहों से फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे सरफराज और तालीम के पैरों में गोली लगी। घटना स्थल से दो अवैध असलहे भी बरामद किए गए हैं। एसटीएफ ने बताया कि अगर पुलिस सक्रिय न होती, तो घायल हो सकती थी। परिजनों के आरोपसरफराज की बहन रुखसार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके पिता अब्दुल हमीद, भाई सरफराज, फहीम और एक अन्य युवक को एसटीएफ ने पहले ही हिरासत में ले लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिजनों का एनकाउंटर किए जाने की साजिश रची जा रही है। रुखसार ने एक वीडियो जारी करते हुए अपने भाई और शौहर की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। अस्पताल में भारी सुरक्षापुलिस मुठभेड़ में घायल हुए आरोपियों को नानपारा सीएचसी और फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ आरआरएफ की तैनाती भी की गई है। एसपी वृंदा शुक्ला समेत अन्य अधिकारी भी अस्पताल में मौजूद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए तीमारदारों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है और पूरा अस्पताल परिसर खाली करा दिया गया है। सरकार का बयानयूपी सरकार के मंत्री ओ.पी. राजभर ने इस मुठभेड़ पर बयान देते हुए कहा, “अगर पुलिस किसी को पकड़ने जाएगी और उन पर गोलियों की बौछार की जाएगी, तो क्या पुलिस उन्हें माला पहनाएगी? अपराधियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ना ही होगा।” पुलिस द्वारा इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए भी जांच जारी है।

Lawrance bishnoi: कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कैसे बना सबसे खतरनाक गैंगस्टर?, लॉरेंस बिश्नोई की सलमान से क्या है दुश्मनी!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क: Lawrance bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई का नाम हाल के दिनों में आपराधिक गतिविधियों के चलते सुर्खियों में रहा है। वह एक ऐसा नाम है, जो उत्तर भारत में गैंगस्टर की दुनिया में बड़ा बन चुका है। पंजाब के फिरोजपुर जिले के घत्तरांवाली गांव का रहने वाला लॉरेंस बिश्नोई एक संपन्न किसान परिवार से आता है। वह बिश्नोई समुदाय से ताल्लुक रखता है, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बसा हुआ है। चंडीगढ़ से हुई शुरुआतलॉरेंस ने 12वीं तक अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और फिर 2010 में उच्च शिक्षा के लिए चंडीगढ़ गया। वहां उसने डीएवी कॉलेज, पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और जल्द ही छात्र राजनीति में सक्रिय हो गया। 2011-2012 में वह पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन (SOPU) का अध्यक्ष भी बना। हालांकि, इस दौरान उसकी गतिविधियां अपराध की ओर मुड़ गईं और 2010 में उस पर हत्या की कोशिश का पहला केस दर्ज हुआ। क्या है सलमान से लॉरेंस बिश्नोई की दुश्मनी की वजह?सलमान खान के ऊपर 1998 में काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा। इस मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ। सलमान पर आरोप था कि उन्होंने जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान शहर से सटे कांकाणी गांव के पास दो काले हिरणों को मारा था। राजस्थान में बिश्नोई समाज काले हिरण को अपने परिवार की तरह मानता है। उनके बीच काले हिरण की पूजा होती है। ऐसे में सलमान खान बिश्नोई समाज के निशाने पर आ गए। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। अप्रैल 2018 में सलमान खान को इस मामले में दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, उसी दिन सलमान 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत लेकर बाहर आ गए। गैंगस्टर बनने की शुरुआत(Lawrance bishnoi) लॉरेंस बिश्नोई की आपराधिक गतिविधियां जल्द ही बढ़ने लगीं। वह जबरन वसूली, तस्करी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी गंभीर अपराधों में शामिल हो गया। साबरमती सेंट्रल जेल में बंद होने के बावजूद, उसने अपने गैंग को बाहर से नियंत्रित करना जारी रखा। बिश्नोई का गैंग कई गैंग वॉर का हिस्सा रहा है और उत्तर भारत में यह एक प्रमुख आपराधिक गिरोह बन गया है। गैंग की गतिविधियां(Lawrance bishnoi) लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियां उत्तर भारत के अलावा मुंबई तक फैली हुई हैं। इस गैंग का नाम कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं से जुड़ा है, जिसमें पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला और महाराष्ट्र के राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या शामिल हैं। गैंग की विशेषता यह है कि यह राजनीति और व्यापार से जुड़े प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता है। जेल से चलाता है साम्राज्यहालांकि बिश्नोई फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसने जेल से ही अपनी आपराधिक गतिविधियों को संचालित करना जारी रखा है। कथित तौर पर मोबाइल फोन के जरिए वह अपने गैंग के सदस्यों के संपर्क में रहता है और बाहर के कामों को निर्देशित करता है। बाबा सिद्दीकी की हत्या में संलिप्ततामहाराष्ट्र के राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने लॉरेंस बिश्नोई के गैंग को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। 12 अक्टूबर, 2024 को बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद इस गैंग का नाम सामने आया है। मुंबई पुलिस इसकी जांच में लगी हुई है, और इस बात की जांच की जा रही है कि हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या अन्य कारणों से हुई थी। उत्तर भारत से लेकर मुंबई तक गैंग का विस्तारउत्तर भारत में पैर जमाने के बाद, बिश्नोई का गैंग अब मुंबई के अंडरवर्ल्ड में भी अपनी जगह बना रहा है। मुंबई पुलिस को शक है कि बिश्नोई गैंग दाऊद इब्राहिम और रवि पुजारी जैसे गैंगस्टर्स की जगह लेने की कोशिश कर रहा है। खासकर बॉलीवुड और स्थानीय राजनीति में अपने संबंधों के जरिए यह गैंग अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। लॉरेंस बिश्नोई की कहानी एक ऐसे शख्स की है, जिसने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ अपराध की दुनिया में कदम रखा और आज उत्तर भारत के सबसे बड़े और खतरनाक गैंगस्टर्स में से एक बन गया है।

Ratlam News: रोज के झगड़े से परेशान होकर बाप – बेटे ने पड़ोसी भतीजे को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने रातो-रात पकड़ा

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम जिले के बड़ावदा थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब 15 अक्टूबर 2024 को बड़ावदा वार्ड नंबर 5 में सुनिल चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत शरीर उसके घर में पाया गया। मृतक के गले पर गला घोंटने के निशान थे, जिससे प्रथम दृष्टया यह मर्डर का मामला प्रतीत हुआ। मृतक के भाई अंकित चौहान द्वारा पुलिस को दी गई सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तत्तपरता दिखाते हुए सूचना मिलने के बाद रातो रात आरोपियों को हिरासत में ले लिया। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने पहुंचकर तफ्तीश की और जांच अधिकारी को निर्देशित किया। हत्या में शामिल दोनों आरोपी मृतक के रिश्तेदार है। जिनमें एक मृतक का चाचा तो दुसरा उसका चचेरा भाई है। पलंग पर पड़ा था शवमृतक सुनिल चौहान का शव उसके घर के कमरे में पलंग पर पड़ा मिला, जिसके गले में गला घोंटने के स्पष्ट निशान थे। घटना स्थल की जांच के दौरान यह पाया गया कि कमरे का दरवाजा सिर्फ हल्का सा अटका हुआ था, जिससे यह साफ हुआ कि कोई बाहरी व्यक्ति कमरे में आ सकता था। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि सुनिल चौहान की मौत गला घोंटने के कारण हुई थी, जिसकी पुष्टि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में भी हुई। पुलिस जांच और आरोपियों का खुलासाघटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने पड़ोसियों और पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ की, जिससे यह जानकारी मिली कि मृतक सुनिल शराब पीने का आदि था और आए दिन पड़ोसियों के साथ झगड़ा करता रहता था। मृतक के पड़ोसी रमेश और उसका बेटा रवि पूछताछ के दौरान संदिग्ध पाए गए, जिन्हें हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में रमेश और रवि ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि सुनिल के नशे में झगड़ा करने की आदत से वे परेशान हो गए थे। दिनांक 13 अक्टूबर 2024 की रात को, दोनों ने मिलकर प्लास्टिक पाइप से सुनिल का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जप्ती और गिरफ्तारीपुलिस ने हत्या में उपयोग किए गए प्लास्टिक पाइप को जप्त कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:  1. रमेश पिता देवीसिंह चौहान, उम्र 46 वर्ष  2. रवि पिता रमेश चौहान, उम्र 25 वर्ष पुलिस टीम की सराहनीय भूमिकाइस केस को सुलझाने में थाना प्रभारी टी.एस. डावर, उप निरीक्षक जे.सी. कुमावत, राजेश मालवीय, सउनि एम.एल. दसोरिया, प्र.आर. अलेक्जेण्डर राय, प्र.आर. राजेश पानोला, आरक्षक गोपालसिंह और आरक्षक बालुसिंह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (Ips Amit Kumar) ने इस सफल कार्यवाही के लिए टीम की प्रशंसा की और जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा बनी रहे

UP NEWS: मऊ जिला अस्पताल में सांसद और डॉक्टर के बीच तू-तू मैं-मैं, सासंद से कहा- नेतागिरी बाहर करो!, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। UP NEWS: मऊ जिला अस्पताल में बुधवार को उस समय हंगामा मच गया जब घोसी लोकसभा के सपा सांसद राजीव राय और अस्पताल में तैनात डॉ. सौरभ त्रिपाठी के बीच तीखी बहस हो गई। घटना तब हुई जब सांसद राजीव राय मरीजों की शिकायतों पर औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि डॉक्टर सौरभ त्रिपाठी अपने कक्ष से बाहर जाने की तैयारी में थे, जबकि मरीजों को उपचार की आवश्यकता थी। जब सांसद ने डॉक्टर को रोकने का प्रयास किया, तो डॉक्टर त्रिपाठी ने आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, “नेतागिरी जाओ बाहर करो।” इस घटना ने सांसद राजीव राय को नाराज कर दिया और दोनों के बीच जमकर बहस हो गई। यह पूरी घटना  कैमरे में कैद हो गई, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डॉक्टर पर पहले भी लगे हैं बदसलूकी के आरोपडॉ. सौरभ त्रिपाठी पहले भी अपने बदसलूकी के लिए चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अस्पताल में कवरेज करने आए एक पत्रकार के साथ भी दुर्व्यवहार किया था, जिसमें डॉक्टर ने पत्रकार का मोबाइल तोड़ दिया था और हेलमेट से हमला करने का भी आरोप है। इसके बावजूद, डॉक्टर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद की नाराजगी और जांच के आदेशघटना के बाद सांसद राजीव राय ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की। अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय  ने जानकारी दी कि डॉक्टर सौरभ की रिपोर्ट जिलाधिकारी (डीएम) को भेजी जाएगी, और इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि मामला अब हाई प्रोफाइल हो चुका है।

MP News: रक्षक बना भक्षक, पुलिसकर्मी ने की युवती से छेड़छाड़, घर तक किया पीछा, धमकाकर थाने में रखा चार घंटे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: पुलिस को समाज का रक्षक माना जाता है, पर जब वही रक्षक अपनी जिम्मेदारी को भूलकर भक्षक बन जाए, तो आम जनता का विश्वास हिल जाता है। रतलाम में ऐसा ही एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। माणक चौक थाना क्षेत्र में तैनात एक पुलिसकर्मी, जिसे महिला सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था, ने न केवल युवती से छेड़छाड़ की, बल्कि उसका घर तक पीछा भी किया। यही नहीं, जब युवती और उसका भाई शिकायत करने थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद आरोपी पुलिसकर्मी ने न सिर्फ धमकियां दीं बल्कि उन्हें चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा। आरोपी आरक्षक का नाम दुर्गेश उर्फ सोनू जाट है। सूत्रों के अनुसार आरक्षक अनुकंपा नियुक्ति पर विभाग में भर्ती हुआ था। शादीशुदा आरोपी दुर्गेश के एक बेटा व एक बेटी है। एएसपी राकेश खाखा के अनुसार आरोपी आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए है। घटना का पूरा विवरणयह मामला 13 अक्टूबर 2024 की शाम का है। 21 वर्षीय पीड़िता अपने घर लौट रही थी, जब साक्षी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुकी। वहां मौजूद आरोपी पुलिसकर्मी दुर्गेश जाट ने अभद्र टिप्पणियां कीं। इसके बाद, जब युवती सब्जी लेने निकली, तो दुर्गेश जाट ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। घर लौटने पर भी आरोपी युवती के घर तक पहुंच गया। जब पीड़िता ने अपने भाई को इस बारे में बताया, तो भाई ने आरोपी को ललकारा, जिस पर पुलिसकर्मी अपनी बाइक छोड़कर भाग गया। थाने में घटी शर्मनाक घटनाअपनी सुरक्षा की उम्मीद लेकर जब पीड़िता और उसका भाई औद्योगिक थाना पहुंचे, तो वहां पहले से ही आरोपी पुलिसकर्मी मौजूद था। थाने में ही उसने पीड़िता और उसके भाई को गालियां दीं और धमकियां दीं। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह रही कि थाने में एफआईआर दर्ज करने में काफी देरी की गई। पीड़िता और उसके भाई को करीब चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया, जबकि कानून के रखवाले खुद अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने में हिचकिचा रहे थे। आखिरकार, महिला थाना प्रभारी की उपस्थिति में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी निलंबित, एसपी ने की कार्रवाई की पुष्टिरतलाम के एसपी अमित कुमार ने घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की और आरोपी पुलिसकर्मी दुर्गेश जाट को निलंबित कर दिया। एसपी ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़िता को न्याय मिले। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की लापरवाही और थाने में पीड़िता के साथ हुए व्यवहार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की छवि पर गहरा धक्कायह मामला तब सामने आया है, जब पुलिस विभाग “अभिमन्यु अभियान” चला रहा है, जो महिला सुरक्षा और जागरूकता को लेकर शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान के तहत पुलिस लोगों को यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि महिलाएं सुरक्षित हैं, और उन्हें किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न से डरने की जरूरत नहीं है। पर जब खुद पुलिसकर्मी ही महिलाओं के प्रति इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो समाज में महिला सुरक्षा का संदेश कैसे पहुंचेगा? न्याय की मांगरतलाम की इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जनता और महिला संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिस विभाग के अंदर फैली इस तरह की भ्रष्ट मानसिकता पर रोक लगाई जाए और ऐसे अपराधियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाए। यह घटना सिर्फ रतलाम की नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि यदि पुलिस जैसी सुरक्षा एजेंसी में इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी, तो जनता का कानून व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा। पुलिस विभाग को अपनी छवि को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।