हिंदू नेता की सुपारी! : देवास के हिंदूवादी नेता शैलेंद्र के मर्डर की सुपारी, शूटर खोपरापाक ने उगला राज

शैलेंद्र ने वीडियो में रतलाम की कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी पर भी लगाया आरोप! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। इंदौर के एक गैंगस्टर द्वारा देवास के एक हिंदूवादी नेता की हत्या की सुपारी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह खुलासा सुपारी देने वाले गैंगस्टर के ही साथी ने पुलिस के सामने किया। शूटर और गुंडे इमरान चौहान उर्फ खोपरापाक ने आवेदन में बताया की इंदौर के नामचीन गुंडे शाकिर चाचा ने देवास के हिंदू नेता शैलेंद्रसिंह पवार की हत्या की सुपारी दी है। उसने आरोप लगाया कि शाकिर चाचा ने हिंदुवादी शैलेंद्रसिंह पंवार की हत्या की सुपारी लेकर उसे उलझाया है। दूसरी और इस मामले में हिंदूवादी नेता शैलेंद्रसिंह ने जानकारी देते हुए खुद के नाम के सुपारी देने में रतलाम की कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी का नाम लेकर भी आरोप लगाया। जिससे अब रतलाम की राजनीति भी गरमा गई है। हालांकि कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी ने पब्लिक वार्ता से बातचीत में इसे निराधार व छवि धूमिल करने वाला बताया है। वीडियो में शैलेंद्रसिंह ने कहा की हमने जानकारी जुटाई तो देवास के अंसार अहमद का नाम सामने आया है। जिसने 20 लाख रुपए नगद इंदौर के गैंगस्टर शाकिर चाचा को दिए। बाहर अन्य जिलों के लोग भी इस प्लानिंग में शामिल है। जिसमें निंबाहेड़ा का शोएब, रतलाम की यास्मीन शेरानी, चुन्नू लाला, पीथमपुर का वाकिब व अन्य है। इन्होंने मक्सी रोड पर किसी फार्म हॉउस पर एक मीटिंग भी की। हालांकि इमरान खोपरापाक के आवेदन या शैलेंद्रसिंह के पुलिस को दिए किसी ज्ञापन में यास्मीन शेरानी का नाम नहीं है। छवि धूमिल करने की साजिश – यास्मीन शेरानीरतलाम की कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी का नाम सामने आने के बाद पब्लिक वार्ता ने जब उनसे चर्चा की तो उन्होंने बताया की में शैलेंद्रसिंह पंवार नाम के किसी व्यक्ति को जानती नहीं हूं। शैलेंद्रसिंह द्वारा लगाए गए आरोप मेरी छवि को धूमिल करने का एक षडयंत्र है। मेरी 30 साल की राजनीति में आज तक ऐसा कोई आरोप नहीं लगा है। यह एक राजनीतिक स्टंटबाजी है। मेरा इससे कोई लेना देना नहीं है। आपको बता दे की यास्मीन शेरानी कांग्रेस की कद्दावर नेता में से एक है। वर्तमान में भी शेरानी पार्षद है। शेरानी कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष से लेकर प्रदेश के बड़े दायित्वों पर रही है। शेरानी पहली बार तब सुर्खियों में आई थी जब उन पर जानलेवा हमला किया गया। गौरतलब है 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी पर उस समय फायर किया गया था, जब वह अपनी कार में बैठने जा रही थी। गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उन्हें जिला अस्पताल और वहां से इंदौर ले जाया गया था। काफी दिन तक उनका इंदौर के निजी अस्पताल में इलाज चला था। इसी दौरान हिंदू संगठन के नेता कपिल राठौड़ पर भी हमला हुआ। दोनों पर हमले के बाद शहर की शांति व्यवस्था बिगड़ गई थी और प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था। देवास से इंदौर का यह है पूरा मामलाजानकारी के अनुसार 15 मई को इमरान उर्फ खोपरापाक चौहान ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर बताया गैंगस्टर शाकिर चाचा ने देवास के शैलेंद्र पवार की सुपारी ली है, उसमें मुझे उलझा रहा है। शाकिर चाचा ने लाला लोगों से पैसे लिए और सबको कह रहा है, यह काम इमरान करेगा। मेरा इस मैटर से कोई लेना-देना नहीं है। मामले से काफी दूर हूं। मैंने इस मामले की जानकारी खुद शैलेन्द्र पवार ने देते हुए बता दिया है शाकिर चाचा का साथ करीब 8 माह पहले छोड़ चुका हूं। शाकिर चाचा मुझे ब्लैकमेल कर रहा है कि शैलेंद्र पंवार की हत्या तुझे ही करना है । इसके चलते मैंने उसका साथ छोड़ दिया। शाकिर चाचा मुझे बुरी तरह से फंसाने में लगा है। बार-बार खुद व अपने गुर्गों से कहलवा रहा है यह काम तुझे ही करना है। तंग आकर मैंने उससे दूरी बना ली है बावजूद वह बाजार में हर जगह मेरा नाम ले रहा है कि शैलेंद्र पंवार की हत्या इमरान करेगा। मैं बताना चाहता हूं मेरा मामले से लेना-देना नहीं है. न किसी केस से मतलब है। वीडियो में इमरान खोपरापाक ने किए कई खुलासेइधर बीते दिनों इमरान खुद देवास के हिंदू नेता शैलेंद्रसिंह पंवार के देवास स्थित संस्था राम-राम के ऑफिस पहुंचा और शाकिर चाचा द्वारा ली गई सुपारी की जानकारी दी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह जानकारी दे रहा है कि कहीं से जानकारी लगी कि कथित रूप से उसने शैलेंद्रसिंह पंवार की सुपारी ली है। अफवाह की जानकारी लगते ही इंदौर कलेक्टर को से शिकायत की। उन्हें बताया यह काम शाकिर चाचा का है, जो बाजार में मेरा नाम उछालकर जबरन मुझे घसीट रहा है। मेरा मामले और शैलेंद्रसिंह पंवार से कोई लेना देना नहीं है न मैंने कोई सुपारी ली है। 10 महीने पहले जेल से छूटा था, तब शाकिर चाचा ने कहा था देवास का बहुत बड़ा काम ले रहे हैं। इसमें कई लालाओं का इनवॉल्वमेंट है। अपना साथ हाथीवाला देंगे। बताना चाहूंगा मैं कभी हाथीवाला से नहीं मिला न किसी प्रकार की बात हुई। यह सब करामात शाकिर चाचा की है। शाकिर चाचा कुख्यात गैंगस्टर है, जिस पर सुपारी लेकर हत्या करने के कई मामले सहित अन्य केस दर्ज हैं। शाकिर चाचा के कई गुर्गे करीब डेढ़ साल से देवास में सक्रिय हैं। शाकिर चाचा देवास के हाथीवाला से मिलकर नागदा, खाचरौद, निम्बाहेड़ा, चित्तौड़ (राजस्थान) क्षेत्र के लालाओं (शूटरों) से मिलकर शैलेंद्रसिंह पंवार को मारने की प्लानिंग कर रहा है। मुझे बताया गया था सुपारी बड़े अमाउंट की है। इसमें सबके पास बड़ा अमाउंट आएगा लेकिन मेरा इसी बीच शाकिर चाचा से विवाद हो गया कि मुझे अब किसी हत्या के मामले में नही पड़ना है। मैंने यह सब छोड़ दिया है। उसके बावजूद वह मुझ पर दबाव बनाकर कर दूसरे मामले में फ़ंसाने की कोशिश कर रहा है। सुपारी अंसार हाथीवाला ने दी है। शाकिर चाचा का साफ तौर पर कहना था हिंदू नेताओं को मारो। शाकिर चाचा की सोच खराब है वह सिर्फ उलझाने में लगा रहता है कि हत्या वह कराए और फंसू मैं। जेल जाऊं तो मैं। इसी कारण उससे अलग हुआ हूं। बताना चाहता हूं सभी … Read more

प्रेम प्रसंग और आपसी रंजिश : लड़की लेकर भागा था जिलाबदर गुंडा राहुल बम, रैकी कर उतारा मौत के घाट

सूदखोर दीपु टांक से थी पुरानी दुश्मनी, लड़की के बाप को भी दे रहा था धमकी, दोनो ने मिलकर दिया वारदात को अंजाम! पब्लिक वार्ता – रतलाम/धारजयदीप गुर्जर। शहर के जिलाबदर गुंडे राहुल उर्फ बम दरबार उर्फ बबलू बैरागी का शव 3 दिन पहले धार जिले के कानवन में फोरलेन पर मिलेने से सनसनी फैल गई थी। हत्या के मामले में कानवन (धार) पुलिस ने रतलाम निवासी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। राहुल बम द्वारा लड़की भगाने और लड़की के बाप को धमकी देने की बात सामने आई है। इसके अलावा रतलाम के जिलाबदर सुदखोर दीपक उर्फ दीपु टांक का भी नाम हत्या में शामिल है। दीपु टांक से राहुल बम की पुरानी रंजिश थी, इसी के चलते लड़की के पिता और दीपु टांक ने मिलकर राहुल उर्फ बम दरबार की हत्या की साजिश रची। 18 अप्रैल को ही मृतक राहुल उर्फ बम को जिलाबदर किया गया था। पुलिस ने प्रेसवार्ता कर बताया कि मुख्य आरोपी की बेटी को राहुल भगाकर ले गया था, जिसे वह वापस लेकर आ गया था। लेकिन राहुल लगातार धमकियां दे रहा था। इसलिए साथियों के साथ मिलकर पहले उसका अपहरण किया और फिर गला घोंटकर मार डाला। आरोपियों ने हत्या को हादसा दिखाने के लिए लाश फोरलेन पर फेंक दी थी। पुलिस ने मामले में रतलाम निवासी लड़की के पिता दयाराम उर्फ भुरू राठौर पिता फतेहचन्द राठौर, अमर उर्फ कालू पिता गोविन्द सोनी, राजेन्द्र उर्फ राहुल पिता शान्तीलाल गवली और दीपक पिता प्रकाश उर्फ दीपु टांक को गिरफ्तार किया है। दीपु टांक पर सूदखोरी जैसे मामले दर्ज है, जिस पर बड़ी कार्रवाई भी प्रशासन कर चुका है। वहीं राहुल उर्फ बम पहले दीपु टांक का करीबी माना जाता है, जिसके बाद इनमे मन मुटाव हुआ और दोनो एक दूसरे के दुश्मन बन गए। कुछ समय पहले राहुल बम ने दीपु को फोन पर धमकाया था जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। बस इसी बात को लेकर दीपु टांक काफी समय से मौके की तलाश में था। आरोपी दीपु टांक पर 25 से अधिक कैस दर्ज है और खुद भी जिलाबदर है। ऐसे रची पूरी साजिशकानवन थाना टीआई रामसिंह राठौर ने बताया कि महू-नीमच फोरलेन पर ग्राम खजूरिया रोड के किनारे 24 अप्रैल को एक लाश मिली थी। उसकी शिनाख्तरतलाम निवासी राहुल उर्फ बबलू उर्फ बम पिता हीरादास बैरागी निवासी दीनदयालनगर के रूप में हुई थी। शव पर चोट के निशान मिलने पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शरू की और जहां लाश मिली वहां से लेकर फोरलेन के दोनों तरफ की होटल व ढाबो के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली। इससे पता चला कि रतलाम निवासी दयाराम उर्फ भूरू पिता फतेहचंद गवली ने 3 साथियों के साथ मिलकर राहुल की हत्या की है। पुलिस पूछताछ में दयाराम उर्फ भुरू ने बताया की राहुल बम उसकी बेटी को भगाकर ले गया था। मृतक उसके यहां ड्राइवर था। इसी दौरान उसका प्रेम प्रसंग आरोपी की लड़की से हो गया था। बताया जा रहा है राहुल बम पहले से शादी शुदा था और उसके एक बेटा भी है। लड़की को परिजन वापस लेकर आ गए थे लेकिन राहुल रंजिश रखते हुए धमका रहा था। इसी बात को लेकर दयाराम ने साथियों के साथ मिलकर उसके अपहरण की साजिश रची। उसका साथ सूदखोर दीपु टांक ने भी दिया और सभी ने उसकी रैकी शुरू कर दी। मृतक राहुल रतलाम पेशी पर आया और इस दौरान आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया। फिर नागदा (धार ) के पास ले जाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को हादसा दिखाने के लिए लाश को कार में डालकर फोरलेन पर ग्राम खजूरिया रोड तक ले गए और सड़क किनारे फैंक दिया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से सोमवार तक उन्हें रिमांड पर भेजा है।  मृतक राहुल बैरागी उर्फ बम दरबार पर 6 केस दर्ज थे। इसमें मारपीट, धमकी, अवैध वसूली और 2 आर्म्स एक्ट शामिल है।

अजीब मामला : बाप ने किया अपने ही 4 साल के बेटे का अपहरण, मां ने थाने में करवाई एफआईआर

सीसीटीवी में कैद हुआ घटनाक्रम, देखिए वीडियो… पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में एक बाप द्वारा अपने ही 4 साल के बेटे का अपहरण करने का मामला सामना आया है। घटना के बाद मां ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वहीं बेटे को उठाकर ले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिला है। घटना 5 दिन पहले यानी 22 अप्रैल की है। रतलाम के ग्राम जुलवानिया निवासी यशोदाबाई (21) पिता जगदीश डाबी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। उसने पुलिस को बताया कि कि मेरी शादी 2017 में सरवनी जागीर के सोनू पिता नानूराम गिरवाल से हुई थी। मेरे दो बेटे हैं। 4 साल का नागेश्वर और 2 साल का निहाल। तीन महीने पहले पति सोनू ने किसी दूसरी युवती को लेकर यहां से चला गया। इस कारण मैं अपने बच्चों को लेकर मायके जुलवानिया आ गई। 22 अप्रैल को मेरी छोटी बहन अनिता की शादी का कार्यक्रम चल रहा था, इसलिए मैं व्यस्त थी। मेरा बड़ा बेटा नागेश्वर दोपहर ढाई बजे बजे घर के पास में ही जाट बा की दुकान पर पेप्सी लेने गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। दोपहर 4 बजे जब नागेश्वर नहीं दिखा तो हमने उसकी तलाश शुरू की। जाट बा की दुकान के सीसीटीवी कैमरे देखे तो पता चला कि मेरा पति सोनू ही उसका अपहरण कर ले गया है। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मेरा पति सोनू एक साथी के साथ बाइक लेकर जाट बा की दुकान के सामने आया। यहां पति का साथी बाइक से उतरा और नागेश्वर को जबरन उठाकर बाइक पर बैठा लिया। इस तरह मेरा पति और उसका साथी मेरे बेटे नागेश्वर का अपहरण कर ले गए। हमने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज दिए हैं।    बेटा मांगा, नहीं दिया तो उठा लियापेशे से ड्राइवर सोनू गिरवाल का कहना है कि पहली पत्नी यशोदा की रजामंदी से ही मैंने दूसरी शादी की। दो बेटों में से एक को मेरे साथ रखने के लिए यशोदा को कई बार कॉल किया लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इसलिए मैं ही उसे उठाकर ले गया। यशोदा के भाई अंबाराम ने बताया कि सोनू मेरी बहन पर झूठा आरोप लगा रहा है। टीआई राजेंद्र वर्मा ने बताया कि बच्चे के पिता और उसके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आपसी रंजीश या प्रेम प्रसंग? : रतलाम के जिलाबदर बदमाश राहुल बम की धार में हत्या, कई संदिग्ध पुलिस हिरासत में

पब्लिक वार्ता – रतलाम/धारजयदीप गुर्जर। रतलाम जिले के जिला बदर बदमाश की लाश धार में मिलने से सनसनी फैल गई। धार जिले के कानवन थाना क्षेत्र के लेबड़ नयागांव फोरलेन के समीप गांव खजुरिया फाटे के पास सड़क किनारे बुधवार सुबह रतलाम से जिला बदर राहुल उर्फ बम दरबार उर्फ बबलू पिता हिरादास बैरागी का शव मिला। शव मिलने के बाद से हत्या की आशंका जताई जा रही है। धार पुलिस ने शव मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हत्या के एंगल पर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो उनके पास अहम सुराग लगे है। रंजीश या प्रेम प्रसंग युवक की हत्या की वजह बन सकता है। पुलिस ने इस संबंध में रतलाम से कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है। जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की संभावना है। कानवन थाना प्रभारी रामसिंह राठौर के अनुसार अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पहुंची। जिसके बाद शव की शिनाख्त रतलाम के जिलाबदर गुंडे राहुल बम उर्फ बबलू  पिता हिरादास बैरागी के रूप में हुई थी। उसके दाहिने हाथ पर हिंदी में मां एवं अंगूठे के पास अंग्रेजी में बीके लिखा था। इसी हाथ पर महाराणा प्रताप का टैटू व छाती में हिंदी में मर्द लिखा था। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पीएम के लिए बदनावर सिविल हॉस्पिटल भेजा था। पीएम में मृतक राहुल के गले और शरीर के अन्य भागों में गभीर चोट के निशान पाए गए। प्रारंभिक पीएम रिपोर्ट के अनुसार स्पष्ट है कि रतलाम से जिलाबदर बदमाश राहुल बम की मंगलवार रात में हत्या कर शव को मौके पर लाकर फेंक दिया। परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए रतलाम ले गए। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। लिस्टेड गुंडा है राहुल उर्फ बम दरबार, इंदौर में रहता थापुलिस की प्रारंभिक जांच में रंजिश के चलते हत्या की जानकारी सामने आ रही है। मृतक राहुल उर्फ बम दरबार जिलाबदर होने के बाद इंदौर में रह रहा था। पुलिस के अनुसार मृतक राहुल उर्फ बम रतलाम के दीनदयाल नगर पुलिस स्टेशन का निगरानीशुदा बदमाश था। लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण रतलाम कलेक्टर ने उसे छह माह के लिए जिलाबदर किया था। इस वजह से वह वर्तमान में इंदौर में रह रहा था। सूत्रों की माने तो राहुल बम शादीशुदा था और इसी बीच उसका प्रेम प्रसंग कहीं और भी चल रहा था। वहीं मृतक राहुल बम मारपीट, वसूली, जानलेवा हमले जैसे कई गंभीर मामलों में आरोपी भी रहा है। जिससे उसकी कई लोगो से रंजीश भी थी। हालांकि पुलिस का दावा है की वह जल्द ही मामले का खुलासा करेगी। मृतक इंदौर से धार कैसे आया? आरोपी तक वह कैसे पहुंचा? और कैसे उसकी हत्या हुई है? इन सभी बिंदुओ पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने रतलाम शहर से करीब 4 से 5 संदिग्धों को दबोचा भी है।

ट्रेन में चोरी : आरपीएफ जवान मेवालाल यादव की सतर्कता से पकड़ में आया चोर, महिला यात्री के करीब 6 लाख के सामान पर किया था हाथ साफ

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्टेशन के प्लेटफॉर्म 5 पर बुधवार रात 2.30 बजे के करीब ट्रेन में सवार महिला यात्री का पर्स चोरी होने की घटना सामने आई। जिसके बाद यह सूचना आरपीएफ जवान मिली और वह हरकत में आया। जवान ने बिना देरी किए सर्चिंग की और चोर को पकड़ लिया। दरअसल शांति एक्सप्रेस के ऐसी कोच बी-3 में सवार महिला का पर्स चोरी कर रतलाम प्लेटफॉर्म पर उतरे आरोपी चोर को आरपीएफ जवान मेवालाल यादव ने सूझबूझ से धरदबोचा। महिला के पर्स में गहने, नगदी व मोबाइल सहित 6 लाख रुपए से अधिक का सामान था। जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 19309 शांति एक्सप्रेस रात 2 बजे रतलाम आकर रवाना हुई। इसमें सवार महिला यात्री को अपना लेडिस पर्स नहीं मिला। चोरी की आशंका होने पर घबराई महिला ने इसकी जानकारी नागदा आरपीएफ को दी। जिसके बाद हरकत में आई आरपीएफ ने वायरलेस सेट पर रतलाम में प्लेटफार्म पर तैनात जवान मेवालाल यादव को इसकी जानकारी दी। यादव ने तुरंत सर्चिंग शुरू की और चोर को पकड़ लिया। चोरी करने वाला आरोपी रूपेश उर्फ पिंटू नागर पिता ओमप्रकाश नागर (40 वर्ष) निवासी अमृत नगर, पंवासा, जिला-उज्जैन का रहने वाला है। जिसके बाद आरपीएफ ने मामला रतलाम जीआरपी के सुपुर्द किया। जीआरपी ने मामले में 6 लाख17 हजार रूपयेे चोरी का आंकलन कर महिला यात्री के परिजन जीतू निवासी अहमदाबाद की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। यादव की सूझबूझ से ऐसे धराया चोरजब ट्रेन रतलाम आई थी तब प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर ड्यूटी में तैनात आरपीएफ पोस्ट के कांस्टेबल मेवालाल यादव कोच चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान कोच अटेंडेंट ने बताया कि सिग्नल होते ही एक आदमी जल्दबाजी में उतरकर तेजी से चलता बना। ट्रेन निकलने के बाद जवान यादव प्लेटफॉर्म पर सर्चिंग कर ही रहे थे कि नागदा से सूचना आई कि रतलाम ट्रेन ठहरने के वक्त ऐसी कोच से पर्स चोरी हुआ है। आशंका पुख्ता होने के बाद कोच अटेंडेंट के बताए हुलिए के मुताबिक जवान यादव ने सभी सफाई कर्मचारीयों को प्लेटफॉर्म पर जुटाया। तब एक व्यक्ति प्लेटफॉर्म के आखरी छोर पर बैठा हुआ दिखाई दिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से लेडीज पर्स मिला।पूछताछ में ठीक से जवाब नहीं देकर गुमराह करता रहा। जिसके बाद उसे आरपीएफ़ पोस्ट रतलाम पर ले जाया गया। जहां उप निरीक्षक सतीश तंवर व सहायक उप निरीक्षक महेंद्र सिंह द्वारा सख्ती से पूछताछ की। तब आरोपी ने अपना नाम रूपेश उर्फ पिंटू नागर पिता ओमप्रकाश नागर बताया और चोरी की घटना कबूली। आरपीएफ ने उसके पास से मिले लेडीज पर्स की जांच की तो उसमें एक मोबाइल वीवो कंपनी, अंदर रखा एक छोटा पर्स जिसमें 6,900 रुपए नगदी, एक सोने की डायमंड लगी चैन, एक सोने की डायमंड लगी अंगूठी मिली।

घर पहुंचे फाइनेंस कंपनी मैनेजर की कर दी पिटाई, मिल्लत नगर में गया था लोन किस्त मांगने

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। एक युवक को लोन की किस्त मांगने आए मैनेजर का आना इतना नागवार गुजरा की उसने पहले तो मैनेजर को कॉल कर धमकी दी। उसके बाद साथियों के साथ पहुंचकर मैनेजर की पिटाई कर दी।  पूरा मामला लोन की बकाया राशि जमा नहीं करने का है। मारपीट के बाद मैनेजेर अस्पताल में भर्ती है। घायल मैनेजर को दो साथी बचाने आए तो उसके साथियों ने उनके साथ भी मारपीट की। यह पूरा घटनाक्रम आनंद कॉलोनी का है। मैनेजर ने स्टेशन रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। ईटावाकलां निवासी बालकृष्ण (37) पिता कैलाश पाटीदार ने स्टेशन रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इसमें बताया कि मैं एक्शन फॉर सोशियल एडवांसमेंट (आशा) संस्था में एरिया मैनेजर हूं। साथ ही हमारे एनजीओ से जुड़ी फाइनेंस कंपनी के नए कर्मचारियों को कस्टमर के घर विजिट करवाने के साथ कलेक्शन करवाने का काम करता हूं। मैं नए कर्मचारी को सोहेल पिता साजिद खान निवासी मिल्लत नगर ऊंकाला रोड के यहां लेकर गया था। वहां सोहेल की पत्नी मिली। उसने बताया कि वो घर पर नहीं है। इसके बाद हम सखी वन स्टॉप सेंटर के सामने मेरे अंकल शांतिलाल पाटीदार की दूध की दुकान पर आ गए। इस दौरान मेरे पास सोहेल का कॉल आया। उसने कहा कि तुमने मेरे घर आकर ऊंची आवाज में बात क्यों की और गालियां देने लगा। मैंने कहा कि हमने ऊंची आवाज में बात नहीं की है और हम वन स्टॉप सेंटर के सामने खड़े हैं। थोड़ी देर बाद वहां सोहेल तीन-चार साथियों के साथ बाइक से आया। सोहेल ने बेस बॉल के बेट से मेरे साथ मारपीट की। जिससे मुझे दाहिने हाथ व सिर में चोट लगी। मेरे अंकल का बेटा विवेक पाटीदार व साथी महेंद्रसिंह पंवार बचाने आए तो सोहेल ने विवेक के सिर और महेंद्र के मुंह पर बेट मारा। सोहेल के साथियों ने भी लात-घूंसों से मारपीट की। सोहेल ने धमकी दी कि मेरे घर आए तो जान से मार दूंगा।

अश्लील वीडियो और ब्लैकमेलिंग : इंग्लिश कोचिंग संचालक पोरवाल पर एक और FIR दर्ज, मंदसौर की पिड़िता आई सामने

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। इंग्लिश कोचिंगे की आड़ में महिलाओं का दैहिक शोषण कर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले द विजन इंगलिश कोचिंग क्लासेस के संचालक संजय पोरवाल की मुश्किल और बढ़ गई है। मंदसौर की रहने वाली एक युवती ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को अपने साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। जिसके बाद जेल में बंद आरोपी संजय पोरवाल के खिलाफ दूसरा मामला दर्ज किया गया। दीनदयाल नगर पुलिस थाने के बाद आरोपी कोचिंग संचालक संजय के खिलाफ माणक चौक पुलिस ने मंदसौर निवासी युवती की शिकायत पर दुष्कर्म सहित धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद यह स्पष्ट है की और भी सैकड़ों ऐसी युवतियां व महिलाएं होगी जिनकी अस्मत के साथ आरोपी पोरवाल ने खिलवाड़ किया। और यह घिनौना खेल शिक्षण संस्था की आड़ व शिक्षक के भेस में किया गया। जानकारी के अनुसार कोचिंग संचालक आरोपी संजय पोरवाल ने पीड़िता के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसका वीडियो बनाकर लंबे समय तक धमकाया और ब्लैकमेल कर रुपए भी ऐंठे। आरोपी संजय पोरवाल ने रतलाम शहर के नागरवास में भी द विजन इंगलिश कोचिंग क्लासेस संचालित की है। वहीं रूम में युवती के साथ दुष्कर्म कर स्पाई कैमरे से वीडियो बनाया था। आरोपी ने वीडियो वायरल करने को लेकर लगातार डरा धमकाकर कर उसका शारीरिक शोषण करता रहा और बाद में रुपए वसूलना भी शुरू कर दिए। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कोचिंग संचालक संजय पोरवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (2) (N), 376 (2) (F), 328, 420, 406, 506 में मुकदमा दर्ज किया है। 9 दिन पहले हुआ था खुलासा10 अप्रैल को आरोपी संजय पोरवाल के खिलाफ थाना दीनदयाल नगर में मामला दर्ज हुआ था। तब यह बात सामने आई थी कि आरोपी अपनी कोचिंग पर आने वाली महिलाओं व युवतियों से करीबी बढाता और उन्हें अपने जाल में फंसाता था। उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के दौरान उनकी वीडियो स्पाई कैमरा से उतार कर रख लेता। वीडियो बनाने के बाद महिलाओं व युवतियों को ब्लैकमेल कर उनसे रुपयों की मांग की जाती। नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी आरोपी देता था। इस तरह से उसने करीब 10 से 12 महिलाओं को अपना शिकार बनाया है या यह संख्या ज्यादा भी हो सकती है। पुलिस के पास एक महिला शिकायतकर्ता के तौर पर पहुंची जो  करीब 10 साल से आरोपी से परेशान थी और उसे 4 से 5 लाख रुपए दे चुकी थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल पहुंचाया। (पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करे)

जाग्रत नारी समिति ने की कथित बलात्कारी कोचिंग संचालक की पैरवी ना करने की अपील, सौंपा ज्ञापन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जाग्रत नारी समिति और अन्य महिला संगठनों ने जिला बार एसोसिएशन रतलाम से अपील की है कि वह एक कोचिंग सेंटर के संचालक संजय पोरवाल का बचाव न करें, जिस पर कई महिलाओं और लड़कियों से बलात्कार और ब्लैकमेल करने का आरोप है। शिकायत दर्ज होने के बाद रतलाम पुलिस प्रशासन ने 80 फिट रोड पर स्थित विजन इंग्लिश कोचिंग के संचालक आरोपी संजय पोरवाल को गिरफ्तार कर लिया था और उसके कब्जे से हजारों अश्लील वीडियो बरामद किए गए थे। आरोपी ने कथित तौर पर जघन्य अपराध किए हैं, जिससे शहर की छवि खराब हुई है और नागरिकों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। महिला संगठनों ने वकीलों से आरोपी का बचाव नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा है कि इससे ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश जाएगा और पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित होगा। उन्होंने आरोपियों को सख्त सजा देने की भी मांग की है। जाग्रत नारी समिति और अन्य संगठनों ने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है और एसपी राहुल लोढा से मिलकर उनके उद्देश्य का समर्थन किया। उनका मानना ​​है कि ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और भविष्य के लिए एक उदाहरण स्थापित करने के लिए ऐसे आरोपियों को पुलिस द्वारा कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इस दौरान जाग्रत नारी समिति की अध्यक्ष सीमा टाक, प्रबल वेलफेयर सोसायटी की अदिति दवे सार, अर्चना पालीवाल, विधा सांखला, आशा सोनी, बबीता नागर, पुष्पा शाह, सुषमा शर्मा, प्रीति सोलंकी, एडवोकेट मोनिका बबली पाल सहित कई महिलाएं उपस्थित थी।

अंधे कत्ल का पर्दाफाश : सेना का जवान निकला नर्सिंग छात्रा का हत्यारा, प्रेम प्रसंग के दबाव में आकर की हत्या

पुलिस ने जम्मू – कश्मीर से किया गिरफ्तार, आरोपी की पत्नी भी है शामिल! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले के ढोढर में हुई नर्सिंग छात्रा की जघन्य हत्या का खुलासा पुलिस ने 9 दिन बाद किया। गौरतलब है की 2 अप्रैल को ढोढर के समीप फोरलेन स्थित रुपनगर फंटे से अंदर एक खेत में अर्धनग्न युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच की तो पाया कि युवती की गला रेत कर हत्या की गई है। 5 दिनों तक युवती की शिनाख्ती के काफी प्रयास किए गए मगर कोई सफलता नहीं मिली। 5 दिन बाद 6 अप्रैल को  परिजन युवती को ढूंढते हुए रतलाम आए तब जाकर युवती की शिनाख्त हुई।  युवती रतलाम में किराये के मकान में अकेली रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस ने परिजनों के सामने आने के बाद शव को गड्डा खोदकर वापस निकाला है। पुलिस ने हत्या के इस जघन्य कांड में सेना के जवान पिंटुसिंह पिता कालूसिंह राजपूत निवासी ग्राम कोठड़ी को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपी पिंटुसिंह की पत्नी शीतल अभी फरार है। जिसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। एसपी राहुल लोढा ने बताया की ढोढर के समीप युवती की गला रेतकर हत्या की गई थी। जिसकी शिनाख्त सविता (20) पिता भरतसिंह राठौर के रूप में हुई। शिनाख्ती के बाद पुलिस सीसीटीवी कैमरे और कॉल डीटेल्स की मदद से आरोपी तक पहुंची। आरोपी पिंटु सिंह हत्या करने के बाद नागदा से ट्रेन पकड़कर अपनी ड्यूटी करने जम्मू कश्मीर पहुंच गया था। जहां से टीम ने इसे गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया की मृतिका के साथ उसका प्रेम प्रसंग का संबंध 3 साल से था। संबंध रहते हुए उसने जून 2023 में शीतल से शादी की। जिसके बाद मृतिका उसे रेप केस में फंसाने की धमकियां देने लगी और रुपयों की मांग करने लगी। मृतिका सविता और पिंटु सिंह के पारिवारिक संबंध थे। सविता, पिंटू की भुआ की लड़की की लड़की थी। पिंटु सिंह डेढ़ माह की छुट्टी पर अपने गांव आया था। ड्यूटी जाने से पहले उसने मृतिका को बुलाकर हत्या कर दी और शव को फोरलेन पर फेंक दिया। ऐसे दिया घटना को अंजामआरोपी पिंटु सिंह ने 1 अप्रैल को शाम 4 बजे मृतिका सविता को फोन कर के पंचेड़ फंटे पर बुलाया। जहां से उसे अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठाकर उसे रूपनगर फंटे के समीप सुनसान जगह पर ले गया। जहां पहले उसने मृतिका को पीटा और उसके बाद उसका गला रेत कर हत्या कर दी। आरोपी पिंटु घर पहुंचा जहां उसने अपनी पत्नी को घटना बताई। जिसके बाद वह अपनी पत्नी शीतल को लेकर घटनास्थल पहुंचा और साक्ष्य मिटाने के लिए कपड़े उतार दिए और घसीट कर झाड़ियों में डाल दिया। आरोपी पिंटु ने साक्ष्य मिटाने के भरपूर प्रयास किए। हत्या करने के बाद वह ट्रेन से अपनी डयूटी करने जम्मू – कश्मीर के कारगिल की अपनी आर्मी रेजिमेंट में पहुंच गया। परिजन 5 दिन बाद आए थे सामनेदरअसल 2 अप्रैल को ढोढर के समीप फोरलेन स्थित रुपनगर फंटे से अंदर एक खेत में अर्धनग्न युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच की तो पाया कि युवती की गला रेत कर हत्या की गई है। युवती के गले में सोने की चेन, हाथ में अंगूठी व कान में सोने के टॉप्स थे। इससे संभावना जताई गई कि युवती की हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई है। घटना के बाद से पुलिस शव की शिनाख्ती के प्रयास में जुटी हुई थी। शनिवार सुबह उज्जैन जिले के नरेड़ी गांव के धीरेंद्रसिंह पिता भरतसिंह राठौर परिजनों के साथ रतलाम औद्योगिक पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बहन का मोबाइल पिछले चार दिन से बंद है। किराये के घर पर ताला लगा हुआ है। तब पुलिस ने मंगलवार को ढोढर में मिले शव के फोटो परिजनों को दिखाए तो उन्होंने शिनाख्त कर ली। मृतिका का नाम सविता (20) पिता भरतसिंह राठौर है। भाई धीरेंद्रसिंह ने बताया कि उनके पिता नहीं है। बहन रतलाम में राम मंदिर के पीछे सखवाल नगर में अकेली रह कर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। राम मंदिर क्षेत्र स्थित सुप्रीम नर्सिंग एकेडमी पर कोचिंग पर वह जाती थी। पिता का निधन दो साल पहले कोरोना के दौरान हुआ था। घर में मां राजू कुंवर, भाई धीरेंद्र सिंह (18) व एक छोटी 16 वर्षीय बहन है। अधिकांश समय स्विच ऑफ रहता था मोबाइलमृतिका के भाई धीरेंद्र सिंह ने बताया की वह 6-7 महीनों से यहां अकेले रह रही थी। रविवार को आखिरी बार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच उसकी मृतिका सविता से सामान्य बात हुई थी। अगले दिन सोमवार को कॉल किया तो फोन बंद आया। बहन सविता अधिकांश समय मोबाइल स्वीच ऑफ रखती थी।  इसके बाद भी लगातार कॉल किया। लेकिन मोबाइल बंद ही मिला। इसके बाद चिंतित भाई और परिजन शनिवार सुबह रतलाम पहुंचे। औद्योगिक क्षेत्र थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने के दौरान उन्हें पता चला कि उसका शव 2 अप्रैल को ढोढर क्षेत्र में मिला है। मृतिका के मामा गजरासिंह पिता शंभूसिंह ने बताया कि होली पर भानजी सविता घर आई हुई थी। वह रविवार को भानजे धीरेंद्र सिंह के साथ भानजी सविता को रतलाम लेकर आए थे। सुबह 9.30 बजे रतलाम बस स्टैंड पर छोड़ा था। भानजी सविता ने उनसे कहा था कि आपको जाना है तो चले जाओ बाद में आप घर आना। इसके कारण वह उसे बस स्टैंड पर ही छोड़कर वापस चले गए। उसके बाद हत्या की खबर सामने आ गई।

दारू में गोलमाल? : अवैध दारू से भरी बोलेरो बाइक से टकराई तो फूटा भांडा, वाइन शॉप के सामने ड्राइवर छोड़कर भागा

नए ठेकेदार का नाम आ रहा सामने, लगातार कार्रवाई से सुर्खियों में आई आबकारी टीम ने साधी चुप्पी!, जबकी लागू है आचार संहिता… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बुधवार दोपहर शहर के त्रिपोलिया गेट स्थित वाइन शॉप के सामने एक बोलेरो बाइक से टकरा गई। बोलेरो की टक्कर होने के बाद मौके से वाहन चालक फरार हो गया। जिसके बाद किसी ने बोलेरो का वीडियो बनाया और वायरल कर दिया। वीडियो में बोलेरो के अंदर शराब की कुछ पेटियां रखी हुई थी। जो कि देशी शराब बताई जा रही है। वीडियो के सामने आने से अवैध शराब का मामला उजागर हुआ। आबकारी के जिम्मेदारों ने कुछ मीडिया संस्थानों को कार्रवाई करने की बात कही है। जबकी चुनावी आचार संहिता लागू है और ऐसे मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश खुद चुनाव आयोग ने दिए हुए है। मामले में पब्लिक वार्ता टीम ने सहायक आबकारी आयुक्त डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी व क्षेत्र के आबकारी वृत्त प्रभारी चेतन वैद से फोन पर चर्चा करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया। फोन नहीं रिसीव होने के बाद जिम्मेदारों से जवाब लेने के लिए पब्लिक वार्ता की टीम आबकारी दफ्तर व कंट्रोल रूम भी पहुंची जहां कोई भी नहीं मिला। ऐसे में लोगों द्वारा कई गंभीर सवाल अब आबकारी विभाग और नए ठेकेदार के ऊपर उठाए जा रहे है। दारू किसकी थी?, कहां से आई?, कहां जा रही थी? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल कोई भी बताने को तैयार नहीं है। कुछ इस प्रकार हुआ घटनाक्रमसुबह करीब साढे दस बजे त्रिपोलिया गेट इलाके में एक सफेद बोलेरो क्र. MP 09 CN 4859 ने सामने से आ रहे एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। उक्त बोलेरो जीप किसी राकेश पिता मोहन यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस दुर्घटना के बाद ये पता चला कि जीप में भारी मात्रा में अवैध शराब भरी हुई है। जहां यह दुर्घटना हुई उसी स्थान पर कम्पोजिट शराब की दुकान भी है। मौके से ड्राइवर के फरार होने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया। आचार संहिता में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं ?अवैध शराब परिवहन मामले में तुरंत कार्रवाई करने वाला आबकारी विभाग इस मामले को ठंडा करने में जुट गया है। नए वित्तीय वर्ष के शुरू होते ही एक के बाद एक कार्रवाई से सुर्खियों में आया विभाग बोलेरो में रखी अवैध शराब पर चुप्पी क्यों साधे हुए है यह एक बड़ा सवाल है। सूत्रों के अनुसार बोलेरो में रखी अवैध शराब नए ठेकेदार की पुरानी दुकान की होना बताई जा रही है। जो की जावरा से रतलाम लाई गई थी। वहीं विभागीय जानकारी के अनुसार इस वर्ष रतलाम शहर के सारे ठेके एक ही ठेकेदार के पास है, इसी के पास पिछले वित्तीय वर्ष में जावरा क्षेत्र की दुकानों के ठेके थे। नियमानुसार जिले में शराब के ठेके बदल जाने के बाद पिछले वित्तीय वर्ष में दुकानों पर बची शराब, आबकारी विभाग को लौटाई जाना होती है। लेकिन जावरा की दुकानों में बची हुई शराब विभाग को लौटाई नहीं गई। यही अवैध शराब रतलाम की कंपोजिट दुकानों पर भेजकर उनको बेचे जाने का काम हो रहा था, लेकिन इस दुर्घटना ने यह मामला उजागर कर दिया। विभाग के जिम्मेदार इस अवैध शराब को वैध कराने की जुगत में लगे है, मगर डिपो से परमिट बनकर शराब बाहर निकलती है और कोई भी ठेकेदार इतनी कम मात्रा में डिपो से शराब नहीं मंगवाएगा। वहीं अगर यह शराब दुकान से बाहर जा रही थी तो इतनी बड़ी मात्रा में रिटेल शॉप से शराब कैसे बेची जा रही है यह भी बड़ा और गंभीर सवाल है।