Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड के आरोपियों पर एसटीएफ का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में दो घायल, पांच गिरफ्तार

बहराइच – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड में यूपी एसटीएफ और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू और तालीम उर्फ सबलू को एनकाउंटर में घायल कर पकड़ा गया है। एनकाउंटर के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें नानपारा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने सरफराज की हालत गंभीर बताई है, जबकि दोनों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है। क्या है पूरा मामला?13 अक्टूबर को बहराइच के महाराजगंज इलाके में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में 25 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद जिले में तनाव फैल गया था और आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं। इस हत्याकांड में सरफराज, तालीम और अब्दुल हमीद सहित 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आरोपी हत्या के बाद फरार हो गए थे। घटना के बाद यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के नेतृत्व में टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। गुरुवार दोपहर एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने नानपारा कोतवाली क्षेत्र के हांडा बसहरी इलाके में घेराबंदी की, जहां एनकाउंटर के बाद सरफराज और तालीम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायलपुलिस ने जब आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उनके द्वारा झाड़ियों में छिपाकर रखे गए असलहों से फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे सरफराज और तालीम के पैरों में गोली लगी। घटना स्थल से दो अवैध असलहे भी बरामद किए गए हैं। एसटीएफ ने बताया कि अगर पुलिस सक्रिय न होती, तो घायल हो सकती थी। परिजनों के आरोपसरफराज की बहन रुखसार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके पिता अब्दुल हमीद, भाई सरफराज, फहीम और एक अन्य युवक को एसटीएफ ने पहले ही हिरासत में ले लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिजनों का एनकाउंटर किए जाने की साजिश रची जा रही है। रुखसार ने एक वीडियो जारी करते हुए अपने भाई और शौहर की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। अस्पताल में भारी सुरक्षापुलिस मुठभेड़ में घायल हुए आरोपियों को नानपारा सीएचसी और फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ आरआरएफ की तैनाती भी की गई है। एसपी वृंदा शुक्ला समेत अन्य अधिकारी भी अस्पताल में मौजूद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए तीमारदारों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है और पूरा अस्पताल परिसर खाली करा दिया गया है। सरकार का बयानयूपी सरकार के मंत्री ओ.पी. राजभर ने इस मुठभेड़ पर बयान देते हुए कहा, “अगर पुलिस किसी को पकड़ने जाएगी और उन पर गोलियों की बौछार की जाएगी, तो क्या पुलिस उन्हें माला पहनाएगी? अपराधियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ना ही होगा।” पुलिस द्वारा इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए भी जांच जारी है।

Lawrance bishnoi: कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कैसे बना सबसे खतरनाक गैंगस्टर?, लॉरेंस बिश्नोई की सलमान से क्या है दुश्मनी!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क: Lawrance bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई का नाम हाल के दिनों में आपराधिक गतिविधियों के चलते सुर्खियों में रहा है। वह एक ऐसा नाम है, जो उत्तर भारत में गैंगस्टर की दुनिया में बड़ा बन चुका है। पंजाब के फिरोजपुर जिले के घत्तरांवाली गांव का रहने वाला लॉरेंस बिश्नोई एक संपन्न किसान परिवार से आता है। वह बिश्नोई समुदाय से ताल्लुक रखता है, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बसा हुआ है। चंडीगढ़ से हुई शुरुआतलॉरेंस ने 12वीं तक अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और फिर 2010 में उच्च शिक्षा के लिए चंडीगढ़ गया। वहां उसने डीएवी कॉलेज, पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और जल्द ही छात्र राजनीति में सक्रिय हो गया। 2011-2012 में वह पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन (SOPU) का अध्यक्ष भी बना। हालांकि, इस दौरान उसकी गतिविधियां अपराध की ओर मुड़ गईं और 2010 में उस पर हत्या की कोशिश का पहला केस दर्ज हुआ। क्या है सलमान से लॉरेंस बिश्नोई की दुश्मनी की वजह?सलमान खान के ऊपर 1998 में काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा। इस मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ। सलमान पर आरोप था कि उन्होंने जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान शहर से सटे कांकाणी गांव के पास दो काले हिरणों को मारा था। राजस्थान में बिश्नोई समाज काले हिरण को अपने परिवार की तरह मानता है। उनके बीच काले हिरण की पूजा होती है। ऐसे में सलमान खान बिश्नोई समाज के निशाने पर आ गए। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। अप्रैल 2018 में सलमान खान को इस मामले में दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, उसी दिन सलमान 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत लेकर बाहर आ गए। गैंगस्टर बनने की शुरुआत(Lawrance bishnoi) लॉरेंस बिश्नोई की आपराधिक गतिविधियां जल्द ही बढ़ने लगीं। वह जबरन वसूली, तस्करी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी गंभीर अपराधों में शामिल हो गया। साबरमती सेंट्रल जेल में बंद होने के बावजूद, उसने अपने गैंग को बाहर से नियंत्रित करना जारी रखा। बिश्नोई का गैंग कई गैंग वॉर का हिस्सा रहा है और उत्तर भारत में यह एक प्रमुख आपराधिक गिरोह बन गया है। गैंग की गतिविधियां(Lawrance bishnoi) लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियां उत्तर भारत के अलावा मुंबई तक फैली हुई हैं। इस गैंग का नाम कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं से जुड़ा है, जिसमें पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला और महाराष्ट्र के राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या शामिल हैं। गैंग की विशेषता यह है कि यह राजनीति और व्यापार से जुड़े प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता है। जेल से चलाता है साम्राज्यहालांकि बिश्नोई फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसने जेल से ही अपनी आपराधिक गतिविधियों को संचालित करना जारी रखा है। कथित तौर पर मोबाइल फोन के जरिए वह अपने गैंग के सदस्यों के संपर्क में रहता है और बाहर के कामों को निर्देशित करता है। बाबा सिद्दीकी की हत्या में संलिप्ततामहाराष्ट्र के राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने लॉरेंस बिश्नोई के गैंग को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। 12 अक्टूबर, 2024 को बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद इस गैंग का नाम सामने आया है। मुंबई पुलिस इसकी जांच में लगी हुई है, और इस बात की जांच की जा रही है कि हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या अन्य कारणों से हुई थी। उत्तर भारत से लेकर मुंबई तक गैंग का विस्तारउत्तर भारत में पैर जमाने के बाद, बिश्नोई का गैंग अब मुंबई के अंडरवर्ल्ड में भी अपनी जगह बना रहा है। मुंबई पुलिस को शक है कि बिश्नोई गैंग दाऊद इब्राहिम और रवि पुजारी जैसे गैंगस्टर्स की जगह लेने की कोशिश कर रहा है। खासकर बॉलीवुड और स्थानीय राजनीति में अपने संबंधों के जरिए यह गैंग अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। लॉरेंस बिश्नोई की कहानी एक ऐसे शख्स की है, जिसने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ अपराध की दुनिया में कदम रखा और आज उत्तर भारत के सबसे बड़े और खतरनाक गैंगस्टर्स में से एक बन गया है।

Ratlam News: रोज के झगड़े से परेशान होकर बाप – बेटे ने पड़ोसी भतीजे को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने रातो-रात पकड़ा

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम जिले के बड़ावदा थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब 15 अक्टूबर 2024 को बड़ावदा वार्ड नंबर 5 में सुनिल चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत शरीर उसके घर में पाया गया। मृतक के गले पर गला घोंटने के निशान थे, जिससे प्रथम दृष्टया यह मर्डर का मामला प्रतीत हुआ। मृतक के भाई अंकित चौहान द्वारा पुलिस को दी गई सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तत्तपरता दिखाते हुए सूचना मिलने के बाद रातो रात आरोपियों को हिरासत में ले लिया। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने पहुंचकर तफ्तीश की और जांच अधिकारी को निर्देशित किया। हत्या में शामिल दोनों आरोपी मृतक के रिश्तेदार है। जिनमें एक मृतक का चाचा तो दुसरा उसका चचेरा भाई है। पलंग पर पड़ा था शवमृतक सुनिल चौहान का शव उसके घर के कमरे में पलंग पर पड़ा मिला, जिसके गले में गला घोंटने के स्पष्ट निशान थे। घटना स्थल की जांच के दौरान यह पाया गया कि कमरे का दरवाजा सिर्फ हल्का सा अटका हुआ था, जिससे यह साफ हुआ कि कोई बाहरी व्यक्ति कमरे में आ सकता था। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि सुनिल चौहान की मौत गला घोंटने के कारण हुई थी, जिसकी पुष्टि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में भी हुई। पुलिस जांच और आरोपियों का खुलासाघटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने पड़ोसियों और पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ की, जिससे यह जानकारी मिली कि मृतक सुनिल शराब पीने का आदि था और आए दिन पड़ोसियों के साथ झगड़ा करता रहता था। मृतक के पड़ोसी रमेश और उसका बेटा रवि पूछताछ के दौरान संदिग्ध पाए गए, जिन्हें हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में रमेश और रवि ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि सुनिल के नशे में झगड़ा करने की आदत से वे परेशान हो गए थे। दिनांक 13 अक्टूबर 2024 की रात को, दोनों ने मिलकर प्लास्टिक पाइप से सुनिल का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। जप्ती और गिरफ्तारीपुलिस ने हत्या में उपयोग किए गए प्लास्टिक पाइप को जप्त कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:  1. रमेश पिता देवीसिंह चौहान, उम्र 46 वर्ष  2. रवि पिता रमेश चौहान, उम्र 25 वर्ष पुलिस टीम की सराहनीय भूमिकाइस केस को सुलझाने में थाना प्रभारी टी.एस. डावर, उप निरीक्षक जे.सी. कुमावत, राजेश मालवीय, सउनि एम.एल. दसोरिया, प्र.आर. अलेक्जेण्डर राय, प्र.आर. राजेश पानोला, आरक्षक गोपालसिंह और आरक्षक बालुसिंह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (Ips Amit Kumar) ने इस सफल कार्यवाही के लिए टीम की प्रशंसा की और जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा बनी रहे

UP NEWS: मऊ जिला अस्पताल में सांसद और डॉक्टर के बीच तू-तू मैं-मैं, सासंद से कहा- नेतागिरी बाहर करो!, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। UP NEWS: मऊ जिला अस्पताल में बुधवार को उस समय हंगामा मच गया जब घोसी लोकसभा के सपा सांसद राजीव राय और अस्पताल में तैनात डॉ. सौरभ त्रिपाठी के बीच तीखी बहस हो गई। घटना तब हुई जब सांसद राजीव राय मरीजों की शिकायतों पर औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि डॉक्टर सौरभ त्रिपाठी अपने कक्ष से बाहर जाने की तैयारी में थे, जबकि मरीजों को उपचार की आवश्यकता थी। जब सांसद ने डॉक्टर को रोकने का प्रयास किया, तो डॉक्टर त्रिपाठी ने आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, “नेतागिरी जाओ बाहर करो।” इस घटना ने सांसद राजीव राय को नाराज कर दिया और दोनों के बीच जमकर बहस हो गई। यह पूरी घटना  कैमरे में कैद हो गई, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डॉक्टर पर पहले भी लगे हैं बदसलूकी के आरोपडॉ. सौरभ त्रिपाठी पहले भी अपने बदसलूकी के लिए चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अस्पताल में कवरेज करने आए एक पत्रकार के साथ भी दुर्व्यवहार किया था, जिसमें डॉक्टर ने पत्रकार का मोबाइल तोड़ दिया था और हेलमेट से हमला करने का भी आरोप है। इसके बावजूद, डॉक्टर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद की नाराजगी और जांच के आदेशघटना के बाद सांसद राजीव राय ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की। अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय  ने जानकारी दी कि डॉक्टर सौरभ की रिपोर्ट जिलाधिकारी (डीएम) को भेजी जाएगी, और इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि मामला अब हाई प्रोफाइल हो चुका है।

MP News: रक्षक बना भक्षक, पुलिसकर्मी ने की युवती से छेड़छाड़, घर तक किया पीछा, धमकाकर थाने में रखा चार घंटे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: पुलिस को समाज का रक्षक माना जाता है, पर जब वही रक्षक अपनी जिम्मेदारी को भूलकर भक्षक बन जाए, तो आम जनता का विश्वास हिल जाता है। रतलाम में ऐसा ही एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। माणक चौक थाना क्षेत्र में तैनात एक पुलिसकर्मी, जिसे महिला सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था, ने न केवल युवती से छेड़छाड़ की, बल्कि उसका घर तक पीछा भी किया। यही नहीं, जब युवती और उसका भाई शिकायत करने थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद आरोपी पुलिसकर्मी ने न सिर्फ धमकियां दीं बल्कि उन्हें चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा। आरोपी आरक्षक का नाम दुर्गेश उर्फ सोनू जाट है। सूत्रों के अनुसार आरक्षक अनुकंपा नियुक्ति पर विभाग में भर्ती हुआ था। शादीशुदा आरोपी दुर्गेश के एक बेटा व एक बेटी है। एएसपी राकेश खाखा के अनुसार आरोपी आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए है। घटना का पूरा विवरणयह मामला 13 अक्टूबर 2024 की शाम का है। 21 वर्षीय पीड़िता अपने घर लौट रही थी, जब साक्षी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुकी। वहां मौजूद आरोपी पुलिसकर्मी दुर्गेश जाट ने अभद्र टिप्पणियां कीं। इसके बाद, जब युवती सब्जी लेने निकली, तो दुर्गेश जाट ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। घर लौटने पर भी आरोपी युवती के घर तक पहुंच गया। जब पीड़िता ने अपने भाई को इस बारे में बताया, तो भाई ने आरोपी को ललकारा, जिस पर पुलिसकर्मी अपनी बाइक छोड़कर भाग गया। थाने में घटी शर्मनाक घटनाअपनी सुरक्षा की उम्मीद लेकर जब पीड़िता और उसका भाई औद्योगिक थाना पहुंचे, तो वहां पहले से ही आरोपी पुलिसकर्मी मौजूद था। थाने में ही उसने पीड़िता और उसके भाई को गालियां दीं और धमकियां दीं। इससे भी ज्यादा शर्मनाक बात यह रही कि थाने में एफआईआर दर्ज करने में काफी देरी की गई। पीड़िता और उसके भाई को करीब चार घंटे तक थाने में बैठाए रखा गया, जबकि कानून के रखवाले खुद अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने में हिचकिचा रहे थे। आखिरकार, महिला थाना प्रभारी की उपस्थिति में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी निलंबित, एसपी ने की कार्रवाई की पुष्टिरतलाम के एसपी अमित कुमार ने घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की और आरोपी पुलिसकर्मी दुर्गेश जाट को निलंबित कर दिया। एसपी ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़िता को न्याय मिले। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की लापरवाही और थाने में पीड़िता के साथ हुए व्यवहार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की छवि पर गहरा धक्कायह मामला तब सामने आया है, जब पुलिस विभाग “अभिमन्यु अभियान” चला रहा है, जो महिला सुरक्षा और जागरूकता को लेकर शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अभियान के तहत पुलिस लोगों को यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि महिलाएं सुरक्षित हैं, और उन्हें किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न से डरने की जरूरत नहीं है। पर जब खुद पुलिसकर्मी ही महिलाओं के प्रति इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो समाज में महिला सुरक्षा का संदेश कैसे पहुंचेगा? न्याय की मांगरतलाम की इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जनता और महिला संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पुलिस विभाग के अंदर फैली इस तरह की भ्रष्ट मानसिकता पर रोक लगाई जाए और ऐसे अपराधियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाए। यह घटना सिर्फ रतलाम की नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि यदि पुलिस जैसी सुरक्षा एजेंसी में इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी, तो जनता का कानून व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा। पुलिस विभाग को अपनी छवि को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

Ratlam News: मंत्री चेतन्य काश्यप के घर के बाहर कांग्रेस नेताओं ने की जमकर नारेबाजी, महिला अपराध के विरोध में सौंपा ज्ञापन

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। Ratlam News: मध्यप्रदेश में लगातार अबोध बालिकाओं, छात्राओं और महिलाओं के साथ हो रही बलात्कार और हत्या की घटनाओं के विरोध में आज शहर कांग्रेस कमेटी ने मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की असफलता पर कड़ी नाराजगी जताई। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र कटारिया के नेतृत्व में इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व विधायक पारस सकलेचा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह अठाना, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर, यास्मीन शेरानी, बसंत पंड्या, सोहेल काजी सहित अन्य वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे। ज्ञापन में प्रदेश में हो रही अत्याचारों और हत्याओं की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। खासकर, पिछले कुछ महीनों में ग्वालियर, अनुपपुर, टीकमगढ़, राजगढ़, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, उज्जैन, भोपाल, और अन्य जिलों में अबोध बालिकाओं और महिलाओं के साथ हुई घटनाओं ने पूरे प्रदेश में जनमानस को झकझोर दिया है। शहर कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से अपील की कि वे इन घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएं और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि महिलाओं और बालिकाओं का जीवन सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर शर्मसार कर दिया है, और सरकार की उदासीनता के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन से मांग की कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर सरकार जल्द ही इस दिशा में कठोर कदम नहीं उठाती है, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित लोगों में राजीव रावत, कमरूदीन कचवाया, प्रवक्ता जोएब आरीफ, सुजीत उपाध्याय, हितेश पेमल, आशा रावत, रमेश शर्मा, ओम त्रिपाठी, राहुल दुबे, राकेश आचार्य, कविता महावर, नीलोफर खान आदि कार्यकर्ता शामिल थे।

MP News: आस्था या अंधविश्वास: रावण की तरह देवी को खुश करने के लिए युवक ने काटा खुद का गला, जिंदगी और मौत के बीच कर रहा संघर्ष

पन्ना – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News:  नवरात्रि (Navratri) के पावन पर्व पर जहां पूरा देश माता के चरणों में श्रद्धा से नतमस्तक है, वहीं मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने दशानन रावण की तरह अपने सर की बलि देने की कोशिश की। जिस तरह भगवान शिव को रावण प्रसन्न करना चाहता था उसी तरह इस युवक ने देवी को प्रसन्न करने की घातक कोशिश की। पन्ना (Panna News) के धरमपुर थाना क्षेत्र के केवटपुर गांव में आस्था और अंधविश्वास के बीच उलझे एक युवक ने अपनी गर्दन काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। यह घटना विजयासन देवी मंदिर में नवरात्रि के अंतिम दिन घटित हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के अनुसार राजकुमार यादव नामक युवक ने देवी के प्रति अपनी अटूट आस्था के चलते यह खौफनाक कदम उठाया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युवक ने नवरात्रि के नवें दिन हंसिये से अपनी गर्दन काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। यह घटना देवी मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच गहरे सदमे का कारण बनी। पुलिस और प्रशासन का त्वरित एक्शनघटना की जानकारी मिलते ही धरमपुर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और युवक को अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों की टीम ने समय पर इलाज शुरू किया, जिससे उसकी जान बच सकी। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस घटना के पीछे के मानसिक और सामाजिक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अंधविश्वास या अटूट आस्था?यह घटना समाज में बढ़ते अंधविश्वास पर सवाल खड़े करती है। नवरात्रि का यह पर्व भक्ति और आस्था का प्रतीक है, लेकिन ऐसी घटनाएं अक्सर धर्म और अंधविश्वास के बीच की धुंधली रेखा को उजागर करती हैं। क्या यह युवक की आस्था थी या फिर अंधविश्वास की हद? समाज को अब इस पर गहराई से सोचने की जरूरत है। पुलिस कर रही जांचफिलहाल पुलिस युवक के बयान और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। इस घटना ने इलाके में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है।

MP News: फटाकेदार साइलेंसर वाले वाहनों पर चला बुलडोजर, बुलेट का वायरल हुआ था वीडियो

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में यातायात को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए पुलिस ने 09 अक्टूबर 2024 को अमानक साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS Amit Kumar) के निर्देशन में 97 दोपहिया वाहनों की चेकिंग की गई, जिनमें से 20 वाहनों पर अवैध साइलेंसर पाए गए। इन साइलेंसरों को जप्त कर महाराजा सज्जनसिंह चौराहा स्थित चौपाटी पर बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार रॉय और थाना प्रभारी अनोखीलाल परमार के साथ यातायात पुलिस की टीम शामिल थी। बुलेट वाले युवक को किया ट्रेकगौरतलब है की गरबा पंडाल से लौटते समय एक युवक तेज आवाज वाली बुलेट चला रहा था, जिससे लोग परेशान हो रहे थे। इस घटना का वीडियो पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद एसपी अमित कुमार के निर्देश पर युवक को ट्रैक कर बुलेट को थाने लाया गया। पुलिस ने उसका 1,000 रुपये का चालान काटा और मौके पर मैकेनिक बुलाकर साइलेंसर निकलवाया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने शहर भर में ऐसे अवैध साइलेंसर के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया, जिसमें कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और साइलेंसर जप्त कर नष्ट किए गए। कार्रवाई एक नजर में97 वाहनों की चेकिंग: विशेष अभियान के तहत, रतलाम शहर में 97 दोपहिया वाहनों की जांच की गई।20 अवैध साइलेंसर जब्त: जिन वाहनों में फटाकेदार और प्रदूषणकारी साइलेंसर लगे थे, उनके चालकों पर ध्वनि प्रदूषण के आरोप में चालान किया गया।साइलेंसर का नष्टीकरण: चालान के बाद जप्त साइलेंसरों को शहर के प्रमुख स्थल महाराजा सज्जनसिंह चौराहे पर बुलडोजर के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई शहर के यातायात को सुगम और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से की गई थी। अवैध साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, बल्कि शहर की शांति और लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती है। पुलिस ने जनता को आगाह किया कि इस तरह के अवैध साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस का सख्त रुखपुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के वाहन जो कानून का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि रतलाम के नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण यातायात मिले।” इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं था, बल्कि शहरवासियों को जागरूक करना भी था कि अवैध साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं और यह दूसरों की शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साइलेंसर का उपयोग न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित चेकिंग की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।

Gold Theif: सोने के लिए मशहूर MP के इस शहर में दिवाली से पहले करोड़ों का सोना गायब, फरार हुआ ज्वेलर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Gold Theif: मध्य प्रदेश के रतलाम में दिवाली से पहले सोना कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। रतलाम अपने सोने (Gold) की शुद्धता के लिए देशभर में जाना जाता है। सोना कारोबारियों को करोड़ों रुपए का चूना लगा है। शहर में एक सर्राफा व्यवसायी (Ratlam Bullion Trader) अन्य सर्राफा व्यवसायियों का करीब 4 किलो सोना लेकर फरार हो गया है। पीड़ित सर्राफा व्यवसायियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सर्राफा व्यवसायियों ने बोहरा बाखल के पास स्थित भाविक ज्वेलर्स के संचालक जीवन पिता राधेश्याम सोनी पर उनका सोना लेकर फरार होने का आरोप लगाया है। व्यवसायियों की शिकायत पर सीएसपी अभिनव वारंगे, माणक चौक थाना प्रभारी सहित पुलिस मौके पर पहुंचे। जहां सर्राफा व्यवसायियों ने पुलिस को बताया कि आरोपी जीवन सोनी (Ratlam Bullion Trader Huge Loss) ने अन्य सर्राफा व्यवसायियों से करीब 4 किलो सोने के आभूषण लिए थे। उसने ये आभूषण बेचने के लिए ले रखे थे, लेकिन वह मंगलवार दोपहर बाद से ही लापता है। करीब 4 किलो सोना लेकर  व्यवसायी फरार पीड़ित व्यवसायियों  का कहना है, “जीवन सोनी दोपहर मंगलवार, 8 अक्टूबर को दोपहर 2 से ढाई बजे के करीब शहर में देखा गया था। उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है। व्यवसायियों को शंका तब हुई, जब शाम 6:30 बजे के करीब एक सर्राफा व्यवसायी (Bullion Trader in Ratlam) ने जीवन से संपर्क करने का प्रयास किया। लगातार मोबाइल बंद मिलने पर उसकी तलाशी शुरू की तो कहीं नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई है।” दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन छोड़कर व्यापारी गायबरतलाम सीएसपी अभिनव वारंगे ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है, “पुलिस आरोपी व्यापारी जीवन सोनी की तलाश रही है। अभी तक की जांच में उसकी एक्टिवा महू-नीमच फोरलेन पर सागर चौपाल के पास खड़ी मिली है, जबकि उसके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन घर पर मिली है। घर पर प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि लापता व्यापारी अपना एक्टिवा स्कूटर चौपाल सागर पर खडी करके गायब हुआ है। जीवन सोनी का स्कूटर बरामद कर लिया गया है, जबकि उसके मोबाइल की लोकेशन उसके घर की मिली है। आरोपी के घर पर ताला लगा है। जीवन के बारे में उसकी दुकान में काम करने वाले मुनीम को भी जानकारी नहीं है।”

BIG BREAKING: MP के भोपाल में 1800 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद, फैक्ट्री पर NCB और गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई

भोपाल पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क: BIG BREAKING: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और गुजरात ATS ने संयुक्त रूप से भोपाल के पास एक औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर 1800 करोड़ रुपए कीमत की मादक दवा मेफेड्रोन (MD Drugs) बरामद की है। यह छापा 5 अक्टूबर को बगरोदा गांव के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक फैक्ट्री पर मारा गया, जहां अवैध रूप से ड्रग्स का निर्माण हो रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फैक्ट्री में हो रहा था ड्रग्स का निर्माणगुजरात ATS के डीएसपी एस.एल. चौधरी के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि भोपाल का अमित चतुर्वेदी और नासिक, महाराष्ट्र का सान्याल बाने भोपाल के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री की आड़ में मेफेड्रोन (एमडी) नामक मादक पदार्थ का अवैध निर्माण और बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलने पर गुजरात ATS ने NCB के सहयोग से फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में ड्रग्स और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद किया गया। 5 हजार किलो कच्चा माल और उपकरण बरामदछापे के दौरान फैक्ट्री से मेफेड्रोन (एमडी) बनाने में इस्तेमाल होने वाला करीब 5000 किलोग्राम कच्चा माल और उपकरण जब्त किए गए। इनमें ग्राइंडर, मोटर, ग्लास फ्लास्क, हीटर और अन्य उपकरण शामिल हैं। इन सामग्रियों को आगे की जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।  दो आरोपी गिरफ्तारइस छापे में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है:1. अमित प्रकाशचंद्र चतुर्वेदी (57 वर्ष), निवासी कोटरा सुल्तानाबाद रोड, हुजूर, भोपाल।2. सान्याल बाने, निवासी नासिक, महाराष्ट्र। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस मामले की गहन जांच कर रही हैं, ताकि इस ड्रग्स नेटवर्क के अन्य लिंक और इसमें शामिल लोगों का पता लगाया जा सके। यह ड्रग्स तस्करी और निर्माण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे राजधानी भोपाल में फैले ड्रग्स रैकेट पर कड़ा प्रहार हुआ है।

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