बड़ी खबर : स्पाई कैमरा से उतारता था महिलाओं के साथ अश्लील वीडियो, 80 फिट स्थित विजन कोचिंग संचालक की करतूत

जाल में फंसाने के बाद करता था ब्लैकमेलिंग, कोचिंग पर करीब 10-15 महिलाओं का हुआ शोषण! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पुलिस ने एक ऐसे गंभीर मामले से पर्दा उठाया है जिसमें एक कोचिंग पढ़ाने वाला शिक्षक ही महिलाओं के लिए भक्षक बन गया। पिछले 10 – 15 सालों में आरोपी कोचिंग संचालक ने कई महिलाओं को अपना शिकार बनाया और लाखों रुपए ऐंठे। मामला रतलाम के 80 फिट रोड क्षेत्र का है। यहां आरोपी संजय पिता मोहनलाल पोरवाल विजन इंग्लिश कोचिंग नामक सेंटर चलाता है। आरोपी संजय पोरवाल की उम्र 40 वर्ष है , जिसकी शादी होने के बाद उसकी 1 लड़की व 1 लड़का भी है। आरोपी संजय शहर के दीनदयाल नगर क्षेत्र का निवासी है। इस घटना के सामने आने के बाद हर मां-बाप व पति-भाई अपने घर की बच्चियों व महिलाओं को कोचिंग भेजने से पहले 10 बार सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। एक शिक्षक के रूप में इस घिनोनि करतूत ने महिला सुरक्षा से जुड़े के कई सवालों को हमारे सामने लाकर खड़ा कर दिया है। यहां आरोपी पहले प्रेम जाल में फंसाता है उसके बाद उनका यौन शोषण करता है। बुधवार को एसपी राहुल लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। कांफ्रेंस में एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव बारंगे, टीआई थाना डीडी नगर अर्जुन सेमलिया भी मौजूद रहे। पुलिस ने एक पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए जब आरोपी संजय पोरवाल को पकड़ा व जांच की तो पुलिस भी हक्का बक्का रह गई। पुलिस ने आरोपी संजय पोरवाल के खिलाफ 376 (2N), 506, 294 जैसी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। एसपी राहुल लोढा ने जानकारी देते हुए बताया आरोपी संजय पोरवाल अपनी कोचिंग पर आने वाली महिलाओं व युवतियों से करीबी बढाता और उन्हें अपने जाल में फंसाता था। उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के दौरान उनकी वीडियो स्पाई (छुपे हुए) कैमरा से उतार कर रख लेता। वीडियो बनाने के बाद महिलाओं व युवतियों को ब्लैकमेल कर उनसे रुपयों की मांग की जाती। नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी आरोपी देता था। इस तरह से उसने करीब 10 से 12 महिलाओं को अपना शिकार बनाया है या यह संख्या ज्यादा भी हो सकती है। शिकायतकर्ता पीड़ित महिला करीब 10 साल से आरोपी से परेशान है और उसे 4 से 5 लाख रुपए दे चुकी है। अब जाकर उसने पुलिस को शिकायत की। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है और भी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। कोचिंग को ही बनाया अय्याशी का अड्डापुलिस ने आरोपी के कोचिंग सेंटर की जब तलाशी ली तो उसके पीछे एक रूम मिला। जहां पहले से बिस्तर वगरह सब मौजूद थे। इसी रूम में आरोपी कोचिंग के बहाने महिलाओं व युवतियों का शोषण करता और उनकी अश्लील वीडियो बनाता। कोचिंग सेंटर से पुलिस ने उसका मोबाइल, लेपटॉप, 10 मेमोरी कार्ड, एक पैन ड्राइव, 4 यूएसबी डेटा ट्रांसफर कार्ड, शराब की बोतलें व महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स तथा 20 जोड़ी दूसरे कपड़े भी जप्त किए है। आरोपी के मोबाइल से पुलिस को करीब 450 अश्लीलता भरे वीडियो मिले है। जबकि उसकी पेनड्राइव, लेपटॉप व मेमोरी कार्ड में और भी डाटा मौजूद है। इस तरह और भी कितनी महिलाओं का शोषण इसने किया है पुलिस उस बिंदु पर भी जांच कर रही है। इनकी रही सराहनीय भूमिकाआरोपी को गिरफ्तार करने में एसआई देवीलाल पाटीदार, कांस्टेबल अर्चना बाबरी, रोशन, संदीप, बिलर, पवन जाट, पुजा चौहान, नवीन जाट, संजय,  राजुलाल का सराहनीय योगदान रहा।

अब हत्यारे की तलाश! : ढोढर में मिली युवती की अज्ञात लाश की हुई पहचान, पुलिस ने की गड्ढा खोदकर लाश सुपुर्द

पुलिस अब आगे बढ़ाएगी जांच, अधिकांश समय स्विच ऑफ रखती थी मृतिका मोबाइल पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले के ढोढर में मंगलवार दोपहर पांच दिन पहले मिला युवती का शव अब तक अज्ञात था। शनिवार को फोरलेन किनारे मिला युवती के अर्धनग्न शव की शिनाख्त हो गई। युवती गांव नरेड़ीबेरा (तहसील खाचरौद) जिला उज्जैन की रहने वाली थी। युवती रतलाम में किराये के मकान में अकेली रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। वहीं शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने शुक्रवार को शव दफना दिया था। अगले दिन यानी शनिवार को परिजनों के सामने आने के बाद पुलिस ने शव को गड्डा खोदकर वापस निकाला है। दरअसल 2 अप्रैल को ढोढर के समीप फोरलेन स्थित रुपनगर फंटे से अंदर एक खेत में अर्धनग्न युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच की तो पाया कि युवती की गला रेत कर हत्या की गई है। युवती के गले में सोने की चेन, हाथ में अंगूठी व कान में सोने के टॉप्स थे। इससे संभावना जताई गई कि युवती की हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई है। घटना के बाद से पुलिस शव की शिनाख्ती के प्रयास में जुटी हुई थी। शनिवार सुबह उज्जैन जिले के नरेड़ी गांव के धीरेंद्रसिंह पिता भरतसिंह राठौर परिजनों के साथ रतलाम औद्योगिक पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि बहन का मोबाइल पिछले चार दिन से बंद है। किराये के घर पर ताला लगा हुआ है। तब पुलिस ने मंगलवार को ढोढर में मिले शव के फोटो परिजनों को दिखाए तो उन्होंने शिनाख्त कर ली। मृतिका का नाम सविता (20) पिता भरतसिंह राठौर है। भाई धीरेंद्रसिंह ने बताया कि उनके पिता नहीं है। बहन रतलाम में राम मंदिर के पीछे सखवाल नगर में अकेली रह कर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। राम मंदिर क्षेत्र स्थित सुप्रीम नर्सिंग एकेडमी पर कोचिंग पर वह जाती थी। पिता का निधन दो साल पहले कोरोना के दौरान हुआ था। घर में मां राजू कुंवर, भाई धीरेंद्र सिंह (18) व एक छोटी 16 वर्षीय बहन है। अधिकांश समय स्विच ऑफ रहता था मोबाइलमृतिका के भाई धीरेंद्र सिंह ने बताया की वह 6-7 महीनों से यहां अकेले रह रही थी। रविवार को आखिरी बार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच उसकी मृतिका सविता से सामान्य बात हुई थी। अगले दिन सोमवार को कॉल किया तो फोन बंद आया। बहन सविता अधिकांश समय मोबाइल स्वीच ऑफ रखती थी।  इसके बाद भी लगातार कॉल किया। लेकिन मोबाइल बंद ही मिला। इसके बाद चिंतित भाई और परिजन शनिवार सुबह रतलाम पहुंचे। औद्योगिक क्षेत्र थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने के दौरान उन्हें पता चला कि उसका शव 2 अप्रैल को ढोढर क्षेत्र में मिला है। मृतिका के मामा गजरासिंह पिता शंभूसिंह ने बताया कि होली पर भानजी सविता घर आई हुई थी। वह रविवार को भानजे धीरेंद्र सिंह के साथ भानजी सविता को रतलाम लेकर आए थे। सुबह 9.30 बजे रतलाम बस स्टैंड पर छोड़ा था। भानजी सविता ने उनसे कहा था कि आपको जाना है तो चले जाओ बाद में आप घर आना। इसके कारण वह उसे बस स्टैंड पर ही छोड़कर वापस चले गए। पुलिस अब आगे बढ़ाएगी जांचशव की शिनाख्ती के बाद पुलिस अब हत्या के एंगल से जांच को आगे बढ़ाएगी। शव की शिनाख्ती नहीं होना पुलिस के लिए एक अनसुलझी गुत्थी बना हुआ था। पुलिस ने प्रदेश के हर जिले व थानों पर युवती के शिनाख्ती के प्रयास किए। जिसके बाद पुलिस ने अन्य राज्यों के गुमशुदगी के रिकॉर्डस भी खंगालने शुरू कर दिए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतिका का मोबाइल अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। वहीं पुलिस ने उस घर की तलाशी भी ली है जहां मृतिका किराए से रह रही थी। पुलिस कोचिंग संस्था पर उसकी दोस्ती किस किस के साथ थी इसे भी दिखवा रही है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल के माध्यम से भी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर पुलिस कुछ भी बताने से इंकार कर रही है और जांच में जुटी है।

ड्रग्स पर जारी है प्रहार : दो अलग-अलग मामले में पति-पत्नी सहित 9 आरोपी गिरफ्तार, 13 लाख की एमडी जप्त

तस्कर “भाभी” सलाखों के पीछे, महीनेभर में रतलाम पुलिस ने नशे के 29 सौदागरों को दबोचा पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले में बढ़ रही ड्रग्स तस्करी पर पुलिस का एक्शन जारी है। एसपी राहुल लोढा के निर्देशन में अब तक 29 नशे के सौदागर सलाखों के पीछे पहुंच गए है। पुलिस की यह कार्रवाई अब भी लगातार जारी है। पुलिस ने पति पत्नी सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया। यहां तस्करी के लिए महिला का उपयोग होता था जिसे आरोपी भाभी कोड वर्ड का इस्तेमाल कर बुलाते थे। आरोपी “भाभी” और उसका पति मंदसौर का रहने वाला है, भाभी का परिवार नशे के कारोबार के चलते एनडीपीएस एक्ट में पहले से ही जेल में बंद है। गौरतलब है की शहर के युवा नेता आशीष सोनी द्वारा 9 माह पहले तत्कालीन एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के रहते हुए शहर में सर्व समाज, महिलाओं व धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर सामुहिक रूप से रैली निकालकर एमडी के नशे के खिलाफ आक्रोश जताया था। जिसके बाद पुलिस गंभीर हुई थी। एसपी बहुगुणा के जाने के बाद एसपी राहुल लोढा ने कमान संभालते हुए एमडी व अन्य नशीले पदार्थों पर सख्ती से कार्रवाई शुरू की। एसपी राहुल लोढा की कार्रवाई को लेकर जनता व पीड़ित परिवार भी खुश नजर आ रहे है और पुलिस का धन्यवाद दे रहे है। एमडी जैसे घातक नशे ने शहर के कई युवाओं को मौत का रास्ता दिखाया है, जिनके परिवार आज पूरी तरह से बिखर चुके है। बुधवार को रतलाम एसपी राहुल लोढा ने प्रेस वार्ता कर एमडी ड्रग्स पर हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो व शहर टीआई जितेंद्रसिंह जादौन भी मौजूद रहे। एसपी ने बताया की जावरा पुलिस ने एमडी ड्रग्स के दो अलग – अलग मामले में कार्रवाई की है। पहला मामला 2 अप्रैल के है, सूचना मिलने पर जावरा ईदगाह के सामने आमरोड से आरोपी शिवा उर्फ शिवनारायण पिता बसन्तीलाल परिहार उम्र 33 साल नि. सोनी कालोनी दलौदा मन्दसौर व उसकी पत्नी नीलु पति शिवा उर्फ शिवनारायण परिहार उम्र 30 साल के साथ साथ प्यारू मेव पिता नमीनुर मेव उम्र 57 साल निवासी हम्मालपुरा जावरा, आरिफ पिता मोहम्मद रईस खान पठान उम्र 23 साल निवासी अकब बिजली घर जावरा, फरीद उर्फ गोलु माडल पिता मोहम्मद साबीर खान उम्र 22 साल निवासी अकब बिजली घर जावरा को गिरफ्तार किया। इनके पास से 6 लाख रुपये किमत की 60 ग्राम एमडी जप्त की। यह एमडी ड्रग्स तस्करी के लिए महिला को रखते ताकी पुलिस को शक ना हो।आरोपी महिला निलु का परिवार भी एनडीपीएस के मामलो मे मंदसोर जैल मे है बंद । आरोपी कोडवर्ड मे “भाभी” लिखकर महिला निलु का मोबाईल नम्बर सेव रखते थे। वहीं दूसरे मामले में पुलिस ने जावरा उपजेल के पीछे आमरोड से आरोपी नितिन पिता प्रदीपसिह मीणा उम्र 25 साल निवासी होलीथडा डग थाना डग जिला झालावाड, नदीम पिता अब्दुल कादर उम्र 35 साल निवासी नाना साहब का मोहल्ला जावरा,  उमर पिता पुत्तन खाँ शेख मकसुदी उम्र 36 साल निवासी ऊंटखाना जावरा, शाकीर उर्फ मुर्गा पिता हमजा बक्श उम्र 62 साल निवासी नाना साहब का बाग जावरा को अवैध मादक पदार्थ एमडी 65 ग्राम किमती 6 लाख 50 हजार रूपये के साथ गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड लेकर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। आरोपियों की धड़पकड़ व मामले को उजागर करने में जावरा शहर थाना के एसआई रघुवीर जोशी, हेड कांस्टेबल गोपाल परिहार, कांस्टेबल अंतिम चौधरी, राधेश्याम चौहान, राजेश पवार, यशवंत जाट, जीवन विश्वकर्मा, ललीत जगावत,   रामप्रसाद मीणा, महिला आरक्षक अंजना सहित सायबर सेल के मनमोहन शर्मा व विपुल भावसार की सराहनीय भुमिका रही।

शव मिलने से फैली सनसनी : ढोढर के समीप खेत में मिली अज्ञात युवती की अर्धनग्न लाश, एसपी राहुल लोढा व फोरेंसिक टीम पहुंची मौके पर

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा के ढोढर में महू-नीमच फोरलेन के समीप एक खेत में युवती की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। दोपहर करीब 12 बजे मिले युवती के शव की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। ग्रामीणो की सूचना पर पुलिस और एफएसएल टीम जांच के लिए पहुंची। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवती का शव 12 घंटे पुराना बताया जा रहा है। युवती का गला अज्ञात आरोपियों ने धारदार हथियार से रेता है। मृतक युवती के गले में चेन, अंगुली में अंगूठी के अलावा कान में सोने के टॉप्स भी पुलिस ने पाए हैं। मंगलवार दोपहर फोरलेन स्थित ढोढर अंतर्गत होटल भरत पैलेस और मंगलदास आश्रम के बीच एक खेत में अर्धनग्न अवस्था में युवती की लाश पाई गई। सूचना पर रिंगनोद थाना प्रभारी पातीराम डावरे और चौकी प्रभारी कन्हैया अवास्या ने पहुंच वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी। एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल ने पहुंचकर युवती के घटनास्थल पर जांच की। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. मित्तल ने बताया की मृत युवती के शरीर पर सोने की ज्वैलरी पाई गई थी। उम्र तकरीबन 25 वर्ष के लगभग है। खेत में शव अर्धनग्न अवस्था में था और युवती के शरीर पर सिर्फ अंडरगारमेंट्स ही मिले। शरीर के ऊपर एक खून से सना कुर्ता भी प्राप्त हुआ है। प्रारंभिक रूप से घटनास्थल (जहां युवती का शव प्राप्त हुआ) की बारिकी से जांच की जा रही है। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जावरा अस्पताल भेजा है। क्षेत्र के सीसीटीवी फूटेज के अलावा आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग की जा रही है। जल्द ही युवती की शिनाख्ती के साथ हत्या में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सिविक सेंटर फर्जी रजिस्ट्री कांड: लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम व रजिस्ट्रार ऑफिस में खंगाले दस्तावेज

भ्रष्ट अधिकारियों व भूमाफियाओं पर जल्द हो सकती है एफआईआर दर्ज! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नगर निगम सम्मेलन में उठे राजीव गांधी सिविक सेंटर स्थित जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कांड की गूंज अब लोकायुक्त तक जा पहुंची है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे लोकायुक्त पुलिस रतलाम पहुंची। टीम ने नगर निगम पहुंचकर दस्तावेज खंगालना शुरू किए। जिसके बाद टीम महलवाड़ा स्थित रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंची। यहां भी करीब 1 घंटे तक दस्तावेज देखे गए। दोनो जगहों से लोकायुक्त की टीम फाइले एकत्रित कर अपने साथ ले गई है। सूत्रों की माने तो जल्द ही नगर निगम व रजिस्ट्रार अधिकारियों सहित कई प्रॉपर्टी के दलाल पर अनियमितता व भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज हो सकती है। फिलहाल इस मामले में लोकायुक्त ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने से इनकार किया है। आपको बता दे शहर के भूमाफिया कहे जाने वाले प्रोपर्टी ब्रोकर राजेन्द्र पितलिया पर षडयंत्रपूर्वक सिविक सेन्टर की अवैध रजिस्ट्रियां करवाने का आरोप लगातार लग रहा है। इसमें तत्कालीन निगम आयुक्त एपीएस गहरवार, उपायुक्त विकास सोलंकी सहित कई अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप नगर निगम के पार्षदों ने लगाए थे। अब इनकी शिकायत लोकायुक्त व ईओडब्लू (EOW) के पास पहुंची है। लोकायुक्त ने शिकायत के बाद अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है, वही ईओडब्लू से अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने मीडिया को बताया कि सिविक सेन्टर की जमीनों की अवैध रजिस्ट्रियां कराई जाने की शिकायत लोकायुक्त पुलिस को भी प्राप्त हुई थी, जिस पर से लोकायुक्त पुलिस द्वारा मामला संज्ञान में लिया गया। इसी मामले की जांच के लिए नगर निगम व रजिस्ट्रार ऑफिस से दस्तावेज मांगे गए थे। डीएसपी ने बताया कि मामले से जुडी फाइलों के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपियां और कुछ अन्य जानकारियां ली गई है। इसके अलावा सिविक सेन्टर से जुडी सभी रजिस्ट्रियों की प्रतिलिपियां भी मांगी गई है। रजिस्ट्रार कार्यालय से भी नगर निगम द्वारा कराई गई सिविक सेन्टर के भूखण्डों की लीज डीड और इसके लीज धारकों द्वारा आगे अन्य व्यक्तियों को करवाई गई रजिस्ट्रियों की प्रमाणित प्रतिलिपियां ली गई है। इन दस्तावेजों के अध्ययन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हत्या पर आक्रोश: गिरफ्तारी के बाद परिजनों की मकान तोड़ने की मांग, एएसपी को बैठना पड़ा सीढ़ियों पर

मामला गज्जू – केशव दोहरे हत्याकांड का, फरार आरोपियों पर घोषित होगा इनाम! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम में हुए दो दोस्तों के3 जघन्य हत्याकांड के खुलासे के बाद अब परिजन आरोपियों के घर तोड़ने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। आक्रोशित परिजन व मृतक के साथी बुधवार दोपहर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। परिजनों की मांग थी की आरोपियों की अवैध संपत्ति की जांच कर अवैध निर्माण तोड़ा जाए। इसके अलावा मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाए। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने आए लोग व परिजन कलेक्टर राजेश बाथम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। लेकिन कलेक्टर नहीं आए। करीब 1 घंटे बाद में एएसपी राकेश खाखा ने सीढ़ियों पर बैठकर परिजनों की बात सुनकर उन्हें समझाईश दी। तब जाकर वे माने और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई, सीएसपी अभिनव वारंगे मौजूद रहे। मृतक गजेंद्र के भाई राकेश ने बताया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अवैध संपत्ति व अवैध निर्माण तोड़ा जाए। दोनों के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। आर्थिक सहायता की भी मांग की है। अधिकारियों से आश्वासन मिला है। एएसपी राकेश खाखा ने बताया कि केस दर्ज किया जा चुका है। 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग परिजन कर रहे है। सभी तथ्यों पर पुलिस अमल कर कार्रवाई करेगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया जा रहा है। यह है मामला21 व 22 मार्च की दरमियानी रात रतलाम फोरलेन पर गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों को कांडरवासा फंटे के पास केशव (29) पिता विष्णु गुर्जर निवासी ग्राम सेमलिया, गजेंद्र उर्फ गज्जू (30) पिता पूनमचंद्र डोडिया निवासी ग्राम अमलेटा मृत मिले थे। उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए थे। वहीं शवों से कुछ दूरी पर उनकी बाइक भी क्षतिग्रस्त मिली थी। पहले माना गया कि दोनो युवकों की मौत सड़क हादसे में हुई। लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए 22 मार्च को शवों को घर ले जाते समय फोरलेन अमलेटा फंटे पर जाम लगा दिया था। मामले की जांच की बात कही थी। तब जाकर पुलिस तह तक गई और आरोपियों और मृतकों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली। जिन पर परिजन और ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं, उन्हीं ने इस डबल हत्याकांड को अंजाम दिया। आपसी गैंगवार के चलते दोनों की हत्या की गई। जिसका खुलासा एसपी राहुलकुमार लोढ़ा ने मंगलवार को किया। डबल मर्डर मामले में अभी तक 21 आरोपी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर चुकी है। जिसमे  7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर सूर्यपालसिंह (29) पिता मदनसिंह पडियार निवासी ग्राम बड़ोदिया, राहुल (30) पिता शंकरलाल जाट निवासी ग्राम रामगढ़ ( थाना सैलाना), बबलू (31) पिता अमृतलाल गुर्जर निवासी ग्राम बिबड़ोद (थाना दीनदयाल नगर थाना), शैलेंद्र उर्फ शेलू (28) पिता रमेश डिंडोर निवासी पीपली चौक (नामली), अंकित (28) पिता मुकेश कुमावत निवासी नामली, योगेश (23) भंवरलाल राठौर निवासी नामली, अभिषेक (20) पिता रणछोड़ जाट निवासी ग्राम धमोत्तर (थाना नामली) को गिरफ्तार किया है। वहीं 14 आरोपी अभी भी फरार हैं।

हत्या का पर्दाफाश: गज्जू और केशव को मारकर फेंका था हाईवे पर, मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार

मामला चार दिन पहले मिली दो दोस्तों की लाश का, पुलिस ने किया खुलासा पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले के नामली थाना क्षेत्र के ग्राम कांडरवासा फंटे पर चार दिन पहले दो दोस्तों के शव मिले थे। प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे दुर्घटना मान रही थी, लेकिन परिजनों ने जब हंगामा किया तो पुलिस सतर्क हुई और जांच में जुटी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और घटना वाली रात क्षेत्र में एक्टिव मोबाइल की जानकारी जुटाई। दुर्घटना ग्रस्त कार के मालिक से पूछताछ की। जिसमें एक बाद एक इस मर्डर की कड़ियां खुलती गई। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि दोनों दोस्तों को 10 से अधिक हमलावरों ने लाठियों, हॉकियों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। कांडरवासा फंटे पर गुरुवार की रात को गजेंद्र उर्फ राहुल (गज्जू) उम्र 25 वर्ष पिता पूनमचंद डोडिया निवासी अमलेटा और केशव उम्र 29 वर्ष पिता विष्णुलाल गुर्जर निवासी सेमलिया के शव मिले थे। पुलिस इसे सड़क हादसा मान रही थी, लेकिन मृतकों के परिजन ने हत्या की आंशका जताते हुए इप्का फैक्टरी के यहां जाम लगाया था। इसके बाद एएसपी मौके पर पहुंचे और मौजूद लोगों को प्रकरण में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। मंगलवार को एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस वार्ता करते हुए हत्या के इस मामले का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं 14 आरोपी फरार है। आरोपियों में सूर्यपाल पिता मदनसिंह पडियार निवासी ग्राम बड़ोदिया, राहुल पिता शंकरलाल जाट निवासी ग्राम रामगढ़ सैलाना, बबलू पिता अमृतलाल गुर्जर निवासी ग्राम बिबड़ोद, शैलेन्द्र उर्फ शैलू पिता रमेश डिंडोर निवासी नामली, अंकित पिता मुकेश कुमावत निवासी नामली, योगेश पिता भवरलाल राठौर निवासी नामली, अभिषेक पिता रणछोड़ जाट निवासी ग्राम धमोत्तर नामली शामिल है। पुलिस फरार 14 आरोपियों की तलाश कर रही है। ऐसे रची गई थी साजिशएसपी राहुल लोढा ने बताया की मुख्य आरोपी सूर्यपालसिंह व साथियों ने योजना बनाकर हत्या की साजिश को अंजाम दिया। मृतक केशव व गज्जू बांगरोद में अपने दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में गए थे। वहां से आने के दौरान आरोपियों ने ब्लेक क्रेटा कार से बांगरोद से नेगड़दा के बीच मृतकों की बाइक को टक्कर मारी। जिसके बाद हॉकी, फावड़े व गेती से उनके साथ मारपीट कर उनकी हत्या कर दी। आरोपियों ने दोनों के शव कार में रखकर हाईवे पर फेंक दिए जिससे यह हत्या एक्सीडेंट लगे और वहां से भाग निकले। पुलिस जांच के दौरान सामने आया की आरोपियों का मृतकों से पुराना विवाद था। और बदला लेने की नीयत से उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने सायबर व अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी पुलिस रिमांड में है इनसे और भी पूछताछ जारी है। इनके द्वारा आपराधिक गतिविधियों को कारित करने के लिए केसरिया ग्रुप व विश्वास ग्रुप की भी बाते सामने आ रही है। जिन पर भी पुलिस जांच कर रही है। फरार आरोपीकान्हा जाट निवासी नेगडदा, दीपक जाट निवासी नेगडदा, प्रदीप जोशी निवासी नेगडदा, समरथ चौधरी निवासी ग्राम नेगड़दा, रोहित कुमावत निवासी नामली, दीपक गेहलोत निवासी नामली, विजय मेट निवासी नामली, सौरभ गेहलोत निवासी नामली, सौरभ मराठा रोंगे जाति मराठा निवासी मिडटाऊन कालोनी रतलाम, राजाराम चौधरी जाति गायरी निवासी जड़वासा कला, दीपक गुर्जर निवासी बिबडोद थाना डीडीनगर रतलाम, चरणसिंह जाट निवासी नेगड़दा, ध्रुव जाट निवासी नामली, भवानसिंह निवासी ग्रामबड़ोदिया।

हत्या या दुर्घटना: संदिग्ध अवस्था में मिली दो युवकों की लाश, परिजनों ने किया हाइवे जाम

दोनों युवक थे गहरे दोस्त, एक कि होना थी अप्रैल माह में शादी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नामली थाना अंतर्गत कांडरवासा फंटे के समीप संदिग्ध अवस्था में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। रात करीब 2 बजे हाईवे पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस को 2 शव डिवाइडर के समीप पड़े मिले। शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे दुर्घटना बता रही है। वहीं मृतकों के परिजन हत्या होने की आशंका जता रहे है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राहुल लोढा ने फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. अतुल मित्तल को जांच के लिए भेजा है। पीएम कर शव सौंपने के बाद निष्पक्ष जांच के की मांग को लेकर परिजनों ने इप्का के पास हाइवे जाम कर दिया। उनकी मांग है की एसपी खुद आकर उनकी बात सुने। फिलहाल पुलिस उन्हें समझाने में जुटी है। हाइवे के दोनों और लंबा जाम लग गया है। नामली थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान के अनुसार गुरुवार देर रात मृतक केशव पिता विष्णु गुर्जर (29) निवासी सेमलिया व उसका दोस्त राहुल उर्फ गज्जू पिता पूनमचंद डोडिया (30) निवासी अमलेटा गांव पलदुना से दोस्त के जन्मदिन से लोट कर आ रहे थे। दोनों दोस्त बाइक पर थे। इसी दौरान हादसे में दोनों की जान चली गई। परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताने के बाद फिलहाल पुलिस अन्य बिंदुओं के आधार पर भी मामले की जांच कर रही है। दोनों के शव मेडिकल कॉलेज पीएम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह सामने आ सकेगी। वहीं दोनों की मौत की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में परिजन व साथी मेडिकल पहुंचे। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। दोनो कॉलेज से गहरे दोस्तकेशव और गज्जू कॉलेज समय से गहरे दोस्त थे। इनका जुड़ाव सुनील सूर्या गैंग से था। कुछ माह पूर्व ही सैलाना में एक ढाबे से मारपीट के एक मामले में दोनों जेल से छूटकर आये थे। झगड़ों व गैंगवार के चलते परिजनों और साथियों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक युवक गज्जू की कुछ दिनों बाद अप्रैल माह में शादी थी। जिसकी तैयारी चल रही थी। मृतक के साथियों के अनुसार जेल से छूटने के बाद दोनों दोस्तों ने आपराधिक गतिविधियां छोड़कर सामान्य जीवन शुरू किया था।

“फोन” लेना है क्या? : कोड वर्ड में पिस्टल बेचने वाले 4 बदमाशों को पुलिस ने दबोचा, बड़ी वारदात टली

खाचरोद व जावरा के बदमाश गिरफ्तार, धार जिले का मुख्य सप्लायर फरार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पुलिस ने जिले के जावरा में अवैध हथियार मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से पुलिस ने 4 अवैध पिस्टल व 11 जिंदा राउंड भी जप्त किए। जिनकी अनुमानित कीमत करीब 81 हजार बताई जा रही है। मामले में 1 आरोपी फरार है जो की सिकलीगर कारीगर है। आरोपी पिस्टलों की खरीद फरोख्त के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करते थे। बदमाशों ने पिस्टल का कोड फोन रखा हुआ था। पुलिस आरोपियों के द्वारा शहर या अन्य जिलों में बेची गई पिस्टल आदि की भी जानकारी जुटा रही है। जावरा सिटी थाना प्रभारी जितेंद्रसिंह जादौन ने बताया की एसपी राहुल लोढा के निर्देशन व जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो के मार्गदर्शन में अवैध हथियार के सौदागरों के खिलाफ अभियान चलाया गया। जिसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने पर सूचना प्राप्त हुई की शहर के हिस्ट्रीशीटर बदमाश पिस्टल के अवैध धंधे में लिप्त है। सूचना पर मच्छी भवन मैदान जावरा से आरोपी शोएब खान निवासी उदासी की बाडी तालनाका व शाजेब खान निवासी कमलीपुरा जावरा को पकडा तथा उनके कब्जे से कुल 03 पिस्टल 09 राऊण्ड जप्त किए। आरोपीगण जावरा शहर मे कोई बडी घटना मिलकर कारित करने वाले थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने पिस्टल उज्जैन के खाचरोद से लाना बताया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने टीम बनाकर खाचरोद के सप्लायर्स की तलाश शुरू कर दी। टीम ने भुरा पिता छोटे खान पठान निवासी जमातखाने के सामने व शोएब मेव पिता रफिक मेव उर्फ मामा निवासी खाचरोद को दबिश देकर गिरफ्तार किया। इनके पास से पुलिस ने 1 पिस्टल व 2 जिंदा राउंड जप्त किए। खाचरोद के पकड़ाए इन आरोपियों से जब पूछताछ की गई तो इनका कनेक्शन धार के सिकलीगर कारीगर से मिला। आरोपियों ने पुलिस को बताया की धार जिले के बारिया गंधवानी निवासी गुरुचरण पिता महेन्द्रसिह चांवला से वे पिस्टलों की अवैध खरीदी करते थे। पुलिस अब फरार आरोपी गुरुचरण की तलाश में जुटी है। सराहनीय भुमिका:मामले के खुलासे में टीआई जितेन्द्र सिह जादौन, एसआई जगदीशसिंह तोमर , एएसआई हीरालाल परमार, आर. अंतिम चौधरी, राधेश्याम चौहान, राजेश पवार, आरक्षक ललीत जगावत, आरक्षक रामप्रसाद मीणा एवं सायबर सेल रतलाम की भूमिका सराहनीय रही।

नशे का नया कारोबार: खुलेआम बिक रहा था लोकल एनैस्थिसिया इंजेक्शन, रंगे हाथ धराया मेडिकल संचालक

एसपी राहुल लोढा की सख्त चेतावनी, दर्जनों मेडिकल स्टोर्स रडार पर! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में बढ़ रही नशाखोरी पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले 10 दिनों में पुलिस ने दर्जनभर नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे किया। इसी बीच पुलिस ने एक नए नशे के इजात होने की भी जानकारी जुटाई। यह नशा था लोकल एनैस्थिसिया इंजेक्शन का। जो की बाजार में खूलेआम बेचा जा रहा था। एसपी राहुल लोढा ने एमडी, स्मेक जैसी ड्रग के अलावा एक टीम को इसमें भी लगाया। जब पुलिस ने इसके बारे में जानकारी जुटाई तो पुलिस के आला अफसर भी हक्के बक्के रह गए। एनैस्थिसिया (बेहोश या सुन्न करना) जैसी प्रोसेस के लिए उपयोग में ली जाने वाली ड्रग्स के लिए उसकी मात्रा, समय व स्पेशलिस्ट का होना बहुत आवश्यक है, वरना यह ड्रग आपकी जान ले सकती है। इसके बावजूद कुछ नशेड़ी इसको नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। यहां सबसे बड़ा सवाल यही है की आखिर इनके पास इसको लेने की मात्रा का अनुमान कैसे मालूम हुआ और कहां से सीखा गया? रतलाम पुलिस इसी तफ्तीश में जुटी है। फिलहाल पुलिस ने ऐसे ही एक मेडिकल स्टोर पर छापेमार कार्रवाई करते हुए इस मामले को उजागर किया है। पुलिस के पास ऐसे और भी मेडिकल स्टोर्स की सूची है जिन पर कार्रवाई होना बाकी है। रंगे हाथ धराया मेडिकल संचालकएसपी राहुल लोढा द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बुधवार रात को एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी की महू रोड स्थित सांवरिया मेडिकल स्टोर से लोकल एनैस्थिसिया इंजेक्शन को नशे के उपयोग के लिए ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। पुलिस के साथ ड्रग विभाग की टीम भी कार्रवाई में शामिल थी। एसपी राहुल लोढा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एमडी और ब्राउन शुगर सहित अन्य मादक पदार्थ बेचने वाले 18 लोगों को पिछले कुछ दिनों में गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया इन लोगों से पूछताछ में जो जानकारी मिली उसमें यह बात भी सामने आई कि शहर के कुछ मेडिकल स्टोर से अलग-अलग तरह के इंजेक्शन लेकर नशे के आदि लोगों द्वारा उनमें एमडी और ब्राउन शुगर मिलाकर भी नशे के रूप में उपयोग किया जा रहा है। कुछ मेडिकल स्टोर्स पर बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाओं को बेधड़क बेचा जा रहा है। जा सकता है, उसे कुछ मेडिकल संचालक नशे के आदि लोगों को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। जबकी इस दवा का उपयोग क्लिनिक या हॉस्पिटल में डॉक्टर्स के अलावा कोई नहीं करता है। पुलिस ने भेजा अपना ग्राहकपुलिस ने बुधवार रात को ड्रग विभाग की टीम को साथ में लेकर पुलिस ने महू रोड स्थित सांवरिया मेडिकल दुकान पर कार्रवाई की है। पुलिस ने एक व्यक्ति को पहचान युक्त नोट देखकर दुकान पर एनैस्थिसिया इंजेक्शन लेने भेजा। दुकान पर बैठे व्यक्ति भरत राठौड़ ने जब प्रिंट रेट से ज्यादा रुपए लेकर इंजेक्शन दिया तो पुलिस ने ड्रग विभाग के अधिकारियों के साथ दुकान पर कार्रवाई की। ड्रग विभाग के अधिकारियों ने दुकान का स्टॉक रजिस्टर भी जप्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी राहुल लोढा ने कहा कि पुलिस के पास और भी कई जानकारियां है, जिसके आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।कार्रवाई के दौरान एएसपी राकेश खाखा, ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर, थाना स्टेशन रोड टीआई दिनेश भोजक मौजूद रहे।