वाह विधायक जी! : एमपी के इस विधायक की चारो और चर्चा, कारण सरकारी वेतन – भत्ते और पेंशन को मना कर देना

सिफारिशों से भी दूर रहते है चेतन्य काश्यप, टोल टैक्स और पुलिस चालान तक भरता है यह विधायक! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के भाजपा विधायक ने सदन में एक अनोखी मिसाल पेश की। चेतन्य काश्यप ने विधायक के तौर पर मिलने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने खर्चा उठने में सक्षम है इसलिए यह राशि विधानसभा कोष में जमा कर दी जाए। काश्यप तीसरी बार रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं और उन्होंने एक बार फिर से विधायक के रूप में सरकार से कोई वेतन, भत्ते और पेंशन नहीं लेने का ऐलान किया है। आपको बता दे इससे पहले के उनके दो कार्यकाल में भी उन्होंने किसी प्रकार का कोई सरकारी लाभ नहीं लिया था। बता दें कि प्रत्येक विधायक को प्रति माह लगभग 70 हजार के वेतन भत्ते मिलते हैं। इसके अलावा रेलवे कूपन और हवाई यात्राएं एवं आजीवन पेंशन व चिकित्सा भत्ता जैसी अन्य सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में कश्यप ने सभी सुविधा का त्याग करते हुए कहा कि यह राशि प्रदेश के विकास पर व्यय हो। राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय – विधायक काश्यपविधानसभा में भी उन्होंने पहले ही वक्तव्य में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना यह निर्णय रख दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जब ईश्वर की कृपा से वे जनहित के कार्य करने में सक्षम हैं, तो उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते और पेंशन का उपयोग शासन द्वारा जनहित में सीधे किया जाए।कश्यप ने सदन में कहा कि राष्ट्र सेवा और जनहित मेरा ध्येय है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए मैं राजनीति में आया हूं। किशोरावस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर हूं तथा कई सेवा संस्थानों में प्रकल्पों का संचालन कर रहा हूं। ईश्वर ने इस योग्य बनाया है कि जनसेवा में थोड़ा सा योगदान कर सकूं। इसी तारतम्य में विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते एवं पेंशन नहीं लेने का निश्चय किया है। पिछली दो विधानसभा में भी भत्ते नहीं लिए थे। मैं चाहता हूं कि मुझे प्राप्त होने वाले भत्ते एवं पेंशन का राजकीय कोष से आहरण न हो ताकि उस राशि का सदुपयोग प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्य हो सकें। सिफारिशों से दूरी रखते है काश्यपआमतौर पर एक राजनेता अपने लिए व कार्यकर्ताओं के लिए सहज ही सिफारिशें करते नजर आते है। मगर रतलाम के विधायक चेतन्य काश्यप का तौर तरीका बाकियों से अलग है। पुलिस थानों पर उनके नाम से की गई सिफारिशों को वो सिरे से इंकार कर देते है। उनके करीबी के अनुसार नियम व कायदे के पक्के विधायक काश्यप किसी कार्यकर्ता की गाड़ी का चालान अगर कट जाए तो वे नाराज कार्यकर्ता को बुलाकर खुद से चालान भरने की बात कहते हुए कार्यकर्ताओं को नियम पालन की नसीहत देकर मना लेते है। यही कारण है की पुलिस के सामने कोई भाजपाई विधायक जी का रोब नहीं दिखा पाता है। यहां तक की उनके नाम से टोल से गाड़ियां तक नहीं छोड़ी जाती है, जिसका कारण है कि वे खुद टोल टैक्स चुकाते है। विधायक काश्यप अपने फाउंडेशन के माध्यम से अनेक सेवा कार्यों को करते आ रहे है। जिससे गरीबों व कई समाज में वंचित लोगों को सहारा व प्रोत्साहन मिला है।

रतलाम के निशित सोनी को राज्य स्तरीय रोल बाल स्केटिंग में गोल्ड, परिवार व विद्यालय ने जताया हर्ष

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। राज्य स्तरीय 67वीं रोल बाल स्केटिंग प्रतियोगिता में जैन स्कूल सागोद रोड के छात्र निशित पिता महेंद्र सोनी ने गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया। धीरज शाह नगर निवासी निशित ने अंडर-17 में यह उपलब्धि हासिल की है। राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिता मंदसौर में आयोजित हुई। इससे पूर्व जम्मू कश्मीर में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय रोल बॉल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर रतलाम शहर का नाम रोशन किया है। निशित की इस उपलब्धि पर परिवार व विद्यालय ने हर्ष जताया। सभी ने निशित सोनी और उनके परिवार के लोगों को शुभकामनाएं दी।

MCX पर कार्रवाई : हाई प्रोफाइल सटोरिए दीप अग्रवाल को पैदल ले गई पुलिस, काका – भतीजे गिरफ्त में अब केडी की तलाश

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। माणकचौक पुलिस ने एमसीएक्स सट्टा करने के बड़े मामले का खुलासा किया। पुलिस ने एसपी राहुल कुमार लोढा के निर्देशन में माणकचौक स्थित केडी ज्वेलर के यहां रेड मारी। जहां से एमसीएक्स (MCX) का मोबाइल फोन और लैपटॉप से सट्टा करते हुए काका और भतीजे को करीब पौने दो करोड़ रुपए का सट्टा करते हुए गिरफ्तार किया है। दो अन्य आरोपी फरार है। इनमें से एक आरोपी इंदौर का है जिसे सट्टा उतारते थे। गिरफ्तार दोनों आरोपी काका-भतीजे को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस वाहन में अचानक खराबी के कारण आरोपी दीप को पैदल कोर्ट तक ले जाया गया। इनका एक और साथी बंटी केडी उर्फ अतुल अग्रवाल फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। इसके अलावा मनीष होल्कर निवासी सराफा इंदौर की भी पुलिस तलाश कर रही है। ज्वेलरी की दुकान की आड़ में एमसीएक्स का अवैध सट्टा करने का यह नया मामला नहीं है। इससे पहले 2 माह में माणक चौक पुलिस 3 से 4 बड़ी कार्रवाई सट्टे पर चुकी है। हैरानी की बात यह है की पुलिस ने जिन आरोपियों को अब तक पकड़ा है वे सभी रसूखदार और राजनेताओं के नजदीकी बताए जा रहे है। माणकचौक टीआई प्रीति कटारे ने बताया सोमवार को सुबह मुखबीर से सूचना मिली थी कि केडी ज्वेलर्स पर कुछ लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप पर एमसीएक्स का सट्टा कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस दल को थाने पर एकत्रित करके योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी तो वहां से दीप पिता दिनेश अग्रवाल (29) और उसका काका गोविंद उर्फ डमरू पिता कन्हैयालाल अग्रवाल (50) मिले। इनके मोबाइल फोन और लैपटॉप की तलाशी लेने पर एमसीएक्स की सट्टा करते पाए गए। मोबाइल फोन और लैपटॉप के एमसीएक्स सट्टे को जोड़ा गया तो इनमें 1 करोड़ 73 लाख 38 हजार 493 रुपए का हिसाब मिला। एसपी राहुल कुमार लोढा ने बताया की लगातार हम सट्टे पर कार्रवाई कर रहे है। इनके मोबाइल से लिंक निकाली जा रही है। जिसमें और भी आरोपी सामने आएंगे। इनकी लिंक इंदौर से जुड़ी मिली है जिसकी और बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। सरहानीय भूमिका : निरीक्षक प्रिति कटारे , कार्य.उ.नि. ए.पी. सिहं  ,कार्य.प्रआर.781 नरेन्द्रसिंह चावड़ा, कार्य.प्र.आर665 सुधीर कार्य. .प्र. आर 80 ज्ञानेन्द्र सिह ,म. प्र. आर. 413 मीना राठौर,  आर. 532 संजय सोनावा ,आर. 875 रणवीर,  व आर.795 आर. 110 अशरफ, आर. 19 अविनाश,थाना माणकचौक रतलाम एवं सायबर शाखा के प्रभारी उनि.अमित शर्मा,आर. विपुल भावसार,आर.हिम्मत का सराहनीय योगदान रहा।

MP में धार्मिक स्थलों के नीचे बिक रहा मांस!,CM Dr. Mohan Yadav के आदेश से बेरोजगारी? – PUBLIC VARTA

पब्लिक वार्ता/जयदीप गुर्जर : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुले में मांस-मछली के विक्रय तथा धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर प्रतिबंध के आदेश दिए है। रतलाम में करीब 200 परिवार इससे जुड़े है जिन पर सीधा असर पड़ेगा। गौर करने वाली बात है की नगर निगम पिछले 15 – 20 सालों से लाईसेंस नहीं बना रहा है। वहीं नगर में केवल 34 मांस विक्रेता ही लाइसेंसधारी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर क्यों लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया रोकी हुई है। इसको लेकर अधिकारियों के पास भी कोई आदेश या जवाब नहीं है। जो 34 लाइसेंस है उनका ही केवल नवीनीकरण किया जा रहा है। खुले में मांस बेच रहे विक्रेताओं का कहना है कि निगम लाईसेंस नहीं बनाता। हमे हटाने की बजाय कोई एक स्थान सरकार को देना चाहिये। हमारे परिवार का पालन पोषण इसी काम से होता है।शहर में 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर रोक लगानी है। ऐसे में कई मांस की दुकानें धार्मिक स्थलों द्वारा किराए पर दी गई है। जहां मांसाहार की होटले संचालित है। ऐसे में इनको हटाना भी प्रशासन के।लिए बड़ी चुनौती का काम होगा।

ABVP अधिवेशन : मालवा प्रांत कार्यकारिणी में रतलाम के 7 कार्यकर्ताओं को जगह, विनोद सिरोही होंगे संगठन मंत्री

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का 69वां राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में पूरा हुआ। चार दिवसीय इस अधिवेशन में देश के ग्रह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय अधिवेशन में मालवा प्रांत की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई। मालवा प्रांत की इस नवीन कार्यकारिणी में रतलाम जिले के 7 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। प्रांत की नवीन घोषणा के बाद विनोद सिरोही को रतलाम जिला संगठन मंत्री के तौर पर भेजा गया है। कार्यकारिणी में कु. रागिनी यादव को प्रांत सहमंत्री, प्रोफेसर रक्षित मेहता को प्रांत सहप्रमुख (सविष्कार), कु. अंजू सूर्यवंशी प्रांत सहसंयोजक (एसएफएस) एवं रतलाम के विवेक पालीवाल, कु. माही शर्मा, जावरा के सत्यम दवे, व आलोट के जतिन दायमा को प्रांत कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।

डीन की पिटाई! : मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स व डीन के बीच विवाद, डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता पर लगाए शराबखोरी जैसे गंभीर आरोप

कॉलेज के डॉक्टरो ने किया आज से काम बंद का एलान!क्या है पूरा मामला ?, देखे वीडियो… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम का शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज (GMC) एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां डॉक्टर्स और कॉलेज के डीन के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जिन डॉक्टर्स पर मारपीट का आरोप लगा है वो जीएमसी में प्रोफेसर है जो स्टूडेंट्स को पढ़ाते भी है। आपको बता दे कि जीएमसी डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता का विवादों से पुराना नाता रहा है। चाहे वो रतलाम हो या पहले के उनके कार्यकाल वाले अन्य जिले। मंगलवार रात एक ऐसा ही मामला सामने आया। डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता अपनी पत्नी डॉ. रेखा गुप्ता के साथ औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे। जहां डीन ने आरोप लगाया है की डॉक्टर्स ने उनके घर में घुसकर मारपीट की। वहीं दूसरी और डॉक्टरों ने भी थाने पहुंचकर डीन के खिलाफ आवेदन दिया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने डीन पर शराब के नशे में रहने के गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही आवेदन में बातचीत के दौरान गाली-गलौच व जाति सूचक शब्दों की बात भी कही। हालांकि पुलिस ने मामले में डीन डॉ. गुप्ता की और से एफआईआर दर्ज की है। जिसमें डॉ प्रवीणसिंह बघेल, डॉ शैलेंद्र डावर व डॉ शैलेंद्र चौहान के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, 294, 323, 506 व 34 में अपराध दर्ज किया है। वहीं डॉक्टरो की और से पुलिस ने शिकायती आवेदन लिया है। घटना से गुस्साए डॉक्टरों ने बुधवार से हड़ताल की सूचना जारी कर काम बंद करने का एलान कर दिया है। डॉक्टरों ने डीन जितेंद्र गुप्ता को हटाने की मांग शासन के सामने रख दी है। जिससे अब मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दोनों पक्षों की कहानी, कौन सही कौन गलत?मामले में एक पक्ष मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का है जो वहां प्रोफेसर भी है और इलाज भी करते है। एसोसिएशन के डॉ. प्रवीण बघेल ने बताया की हमारे साथी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राहुल मैडा की पत्नी की डिलवरी हुई। उनकी पत्नी के इलाज में लापरवाही व अव्यवस्था बरती जा रही थी। जिसको लेकर वे डीन गुप्ता के पास पहुंचे। जहां डीन ने शराब के नशे में गाली दी और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस दौरान उन्होंने महिला डॉ. रंजीता अस्के के साथ भी अभद्रता की। अव्यवस्था व डीन के भेदभावपूर्ण रवैय्ये के कारण राहुल मैडा को उनके 8 घंटे के नवजात शिशु व पत्नी को लेकर निजी अस्पताल जाना पड़ा। एसोसिएशन के लोगों ने यह भी आरोप लगाया की प्राइवेट रूम में शिफ्ट करने के बाद डॉ. राहुल मैडा की पत्नी का इलाज ना करने को लेकर डीन गुप्ता ने नर्सिंग स्टाफ पर दबाव बनाया और अब झूठी एफआईआर करवा रहे है। दूसरी और डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता का कहना है की डॉ. राहुल मैडा की पत्नी की डिलवरी हुई थी। विभाग प्रमुख डॉ. सचिन डावर ने खुद की मर्ज़ी से ऐसे वार्ड में शिफ्ट किया जो 1 साल से कोविड के बाद बंद है। जब इसकी जानकारी मिली तो उन्हें गायनिक वार्ड में शिफ्ट होने को कहा गया क्योंकि वो स्थान असुरक्षित है। इतनी ही बात थी जिसके बाद में घर आ गया। में घर पर था तभी बेल बजने पर दरवाजा खोला तो डॉ. प्रवीण बघेल व अन्य लोग आए और मुझे गाली देते हुए मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने आई पत्नी के साथ भी उन्होंने अभद्रता की। यह लोग शुरू से मेरे पीछे पड़े है। शराब के नशें में रहने के आरोप गलत है।

रिश्वतखोर पटवारी : घूसखोर महिला पटवारी पर लोकायुक्त की कार्रवाई, किसान से मांगी थी नामांतरण के लिए रिश्वत

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने जिले के आलोट में महिला पटवारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते ट्रेप किया। आलोट में पदस्थ हल्का 27 की पटवारी प्रियंका सोनी द्वारा किसान के नामांतरण के बदले यह राशि मांगी गई थी। जिसकी शिकायत किसान ने लोकायुक्त उज्जैन में की। जिसके बाद सोमवार को आरोपी महिला पटवारी को कारगिल चौराहे पर रंगे हाथों दबोच लिया गया। आलोट के समीप गांव आनंदगढ़ निवासी किसान भारतसिंह चौहान ने लोकायुक्त उज्जैन को एक आवेदन दिया। जिसमें बताया की आरोपी प्रियंका सोनी जो कि आलोट के हल्का 27 की पटवारी है। भूमि के नामांतरण हेतु पटवारी प्रियंका सोनी को आवेदन दिया था। भूमि नामांतरण के लिए 8 हजार रुपयों की मांग की। इसकी शिकायत आवेदक द्वारा एसपी लोकायुक्त उज्जैन अनिल विश्वकर्मा को की। एसपी विश्वकर्मा द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया। जो कि सत्य पाई गई। जिसके बाद टीम ने आरोपी पटवारी प्रियंका सोनी को 8 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया। ट्रेपिंग की कार्रवाई के दौरान निरीक्षक डॉ. बसंत श्रीवास्तव, विशाल रेश्मिया, इसरार,महेंद्र जाटवा, संजय पटेल आदि मौजूद रहे।

गिरफ्त में सटोरिया : रंगदारी करने वाला सट्टेबाज रोनक गादिया पुलिस गिरफ्त में, शहर में कई लोग बन रहे सट्टे का शिकार

आरोपी के साथ पुलिस ने फरियादी पर भी कर दी FIR, जाने क्या है पूरा मामला पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले वैसे तो लोगों के घर बर्बाद करते है। मगर इन सट्टेबाजों के आका यानी की इनको आईडी बांटने वाले खुद इनके घर बर्बाद कर रहे है। ऐसा ही एक मामले का खुलासा रतलाम पुलिस ने सोमवार को किया। जहां एक सटोरिया पुलिस के पास पहुंचा और उसने खुद क्रिकेट का सट्टा करना कबूल किया। उसने ये बात इसलिए कबूली क्योंकि वो जिससे लाइन लेकर या आईडी लेकर यह धंधा कर रहा था वो खुद ही उसकी जान का दुश्मन बन गया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तो दर्ज किया मगर दोनों के खिलाफ। पुलिस ने फरियादी पर सट्टे का और आरोपी पर धमकाने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। आरोपी रोनक गादिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले में आरोपी रोनक गादिया के लिंक खोजने में जुटी है। आरोपी ने और कितने लोगों को क्रिकेट सट्टे की आईडी बांटी है और इसके ऊपर कौन – कौन लोग और शामिल है इसकी भी जांच की जाएगी। माणक चौक थाना प्रभारी प्रीति कटारे के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी सट्टे व मारपीट के प्रकरण दर्ज है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 1 दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। सूत्रों की माने तो रोनक गादिया शहर के नामचीन रंग व्यापारी के अंडर में रहकर सट्टे के कारोबार को सीखकर संचालित करता आ रहा है। व्हाइट कॉलर लोग सफेद धंधे की आड़ में शहर में बेख़ौफ काला धंधा संचालित कर रहे है। सट्टे के सिंडिकेट की बात करे और ठीक से इसकी जांच की जाए तो कई ऐसे नामचीन हस्तियों के तार इससे जुड़े मिलेंगे जो खुद को समाज के सामने प्रतिष्ठित और बेदाग बताते है। मगर अपने लंबे राजनीतिक रसूख के कारण और प्रशासनिक संरक्षण के चलते जांच की आंच इनको छू तक नहीं पाती और बेखोफ ये व्हाइट कॉलर लोग अपने काले कारनामे संचालित करते आ रहे है। खेर रतलाम वासियों के मन में आज भी यह सवाल है की कब शहर सट्टा और सटोरियों से मुक्त होगा जिसने हजारों परिवारों को उजाड़ कर रख दिया है। यह है पूरा मामला :एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया 23 नवंबर को फरियादी सोरभ जैन पिता सोहनलाल जैन उम्र 40 साल नि.110 धानमण्डी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई की में क्रिकेट के सट्टी की आईडी चलाता हूं। यह आईडी उसने आरोपी रोनक गादीया से ली जिसके बदले मे रोनक गादीया ने अवैध रुप से 10 लाख रुपये मांगे। फरियादी ने पैसे देने से मना किया तो आरोपी गादिया ने डरा धमका कर पंचेड़ की जमीन के तीन प्लाट अपने नाम पर अनुबंध (एग्रीमेंट) करा लिया और बोला की पैसे नही दे सकता हे, तो वह प्लाट मेरे नाम पर करवा दे। इसी बात को लेकर 20 नवंबर की रात रोनक ने करमदी रोड पर मिलकर बोला की तुने आईडी के रुपये नही दिए, अगर तुझे क्रीकेट की आईडी का सट्टा करना हे, तो मुझे रुपये देना पड़ेगे और मां बहन की गालियां देकर थप्पड़ो से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 327,294,323 व 506 में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। जिसके बाद तेजा नगर गली नं. 3 निवासी आरोपी रोनक पिता बाबुलाल गादीया उम्र 33 वर्ष को गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड लेने के बाद उससे एग्रिमेंट जप्त करने के साथ ही कई बिंदुओं पर पूछताछ भी करेगी। मामले में माणक चौक थाना टीआई प्रिति कटारे, एएसआई एस.एस.राठौर , हेड कांस्टेबल 781 नरेन्द्र चावडा व 416 दिलीपसिह रावत की अहम भूमिका रही।

सेवा गाथा : शिवगढ़ में वितरित किए कंप्यूटर कोर्स के प्रमाण पत्र, माधव सेवा न्यास व सेवा भारती का संयुक्त प्रकल्प

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। जिला मुख्यालय के शिवगढ़ में माधव सेवा न्यास उज्जैन एवं रतलाम सेवा भारती द्वारा संचालित कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर के छात्र – छात्राओं ने कंप्यूटर कोर्स पूरा किया। जिसके बाद उन्हें शुक्रवार को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कंप्यूटर सेंटर पर आने वाले विद्यार्थियों ने डीसीए पीजीडीसीए एवं बेसिक कंप्यूटर कोर्स की परीक्षा पास की। प्रमाण पत्र वितरण से पहले सेंटर पर भारत माता के चित्र पर माल्यापर्ण किया गया। जिसमें मुख्य रूप से माधव सेवा न्यास अध्यक्ष बलराज भट्ट, सचिव विपिन आर्य, रतलाम सेवा भारती सचिव मोहित कसेरा, माधव सेवा न्यास के लखन धनगर आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विजेंद्रसिंह चौहान ने किया। सेवा भारती के मोहित कसेरा ने बताया की माधव सेवा न्यास की सेवा गाथा अब सैलाना बजाना के गांव – गांव में पहुंच रही है। न्यास द्वारा क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के सेवा कार्यों में प्रमुख कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र शिवगढ़ जिला रतलाम में गत वर्ष से संचालित हो रहा ।है जिसके सुपरिणाम आने लगे हैं। न्यास के अध्यक्ष बलराज भट्ट ने छात्र – छात्राओं के उज्जवल भविष्य की शुभकामना देते हुए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

सर्किल जेल पहुंचकर कैदियों को किया एड्स (AIDS) के प्रति जागरूक, 40 कैदियों का किया HIV टेस्ट

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा संचालित लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना (अरुणोदय इनफॉरमेशन मैनेजमेंट सोसायटी) अंतर्गत सर्किल जेल रतलाम के कैदियों के बीच पहुंचकर एचआईवी एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्किल जेल के जेलर बृजेश मकवाने को रेड रिबन लगाकर की गई। जिसके बाद जेल में कैदियों को IC मटेरियल वितरित कर एड्स रोग से संबंधित सभी जानकारी तथा उसके उपचार से संबंधित बाते बताई गई। परियोजना प्रबंधक नितिन परमार ने बताया की कैदियों को ART सेंटर और आईसीटीसी सेंटर से अवगत कराया गया। एचआईवी की जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही उन्हें एचआईवी/एड्स रोग की रोकथाम के बारे में भी बताया गया। विशेष रूप से उन कैदियों को समझाईश दी गई जो इंजेक्शन से नशा करने के आदी है। उन्हें OST IDU (सुइयो से नशा करने वाले) की जानकारी दी तथा समाज के प्रति उनके कर्तव्य को समझाया गया। कैदियों को एचआईवी के विंडो पीरियड तथा एड्स वायरस के बारे में संपूर्ण जानकारी दी गई। जेल में एचआईवी के 40 टेस्ट भी किए गए। इस दौरान प्रमुख प्रहरी तरुरेंद्र शेखर मिश्र, प्रहरी देवेंद्र आर्मो, संस्था के शुभम चौहान, हिमांशु चौहान, मोइन मेव, स्टाफ नर्स सेवंद्रा डावर आदि उपस्थित रहे।

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