Ratlam News: रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, इप्का गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में मिला शव; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

रतलाम में इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब इप्का गेस्ट हाउस के पीछे स्थित नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। करीब 55 वर्षीय व्यक्ति का शव झाड़ियों के बीच नाले के पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला। सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मौके पर पहुंची पुलिस जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे स्थानीय लोगों ने सिटी फोरलेन स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय से कुछ दूरी पर इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले में शव पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाया। पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जिस स्थान पर शव मिला है, उसके पीछे इंदौर रेलवे लाइन भी गुजरती है, इसलिए पुलिस आसपास के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। CCTV फुटेज और पहचान में जुटी पुलिस पुलिस के मुताबिक मृतक ने काले रंग की पैंट और टी-शर्ट पहन रखी थी। दोपहर तक उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक वहां कैसे पहुंचा। पहचान के लिए आसपास के थानों और गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने क्या कहा? स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन ने बताया कि मृतक की पहचान कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में शव पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। हर एंगल से जांच कर रही पुलिस एफएसएल टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस प्राकृतिक मौत, दुर्घटना और अन्य संभावित कारणों सहित हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में 74 लाख का गबन! कृषि साख सहकारी संस्था में बड़ा घोटाला, 68 किसानों के खातों से हेराफेरी

रतलाम के पिपलौदा स्थित शेरपुर प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 74.45 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। ऑडिट में अनियमितता सामने आने के बाद प्रबंधक और सहायक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज, दोनों आरोपी फरार हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के शेरपुर गांव स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 74.45 लाख रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। वर्षों तक चली वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा विशेष ऑडिट के दौरान हुआ। जांच के बाद पिपलौदा थाना पुलिस ने संस्था के तत्कालीन प्रबंधक और सहायक प्रबंधक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। ऑडिट में पकड़ी गई 74 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच का है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा पिपलौदा के प्रबंधक अशोक पिता रायचंद मुणिया ने 6 मार्च 2026 को पुलिस को जांच प्रतिवेदन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की थी। भारत सरकार की सहकारी से समृद्धि योजना के तहत पैक्स कम्प्यूटरीकरण के दौरान संस्था के डिजिटल रिकॉर्ड (DCT) और बैलेंस शीट का मिलान किया गया। इस दौरान 86.43 लाख रुपये से अधिक का अंतर सामने आया। इसके बाद संयुक्त आयुक्त सहकारिता बैंक की विशेष ऑडिट टीम ने विस्तृत जांच की, जिसमें 70 सदस्यों के खातों में 74,45,947 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गई। 68 किसानों के खातों में हेरफेर, राशि लेकर नहीं दी रसीद विशेष जांच में सामने आया कि संस्था के तत्कालीन प्रबंधक अशोक बाफना और सहायक प्रबंधक गेंदालाल शर्मा ने कई सदस्यों से नकद राशि जमा करवाई, लेकिन उसकी आधिकारिक रसीद जारी नहीं की। इतना ही नहीं, जमा राशि को संस्था की कैश बुक में भी दर्ज नहीं किया गया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में 68 सदस्यों के खातों में लगभग 74.26 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई। ऑडिट टीम ने फर्जी रसीदों और रिकॉर्ड में हेरफेर के भी प्रमाण मिलने की बात कही है। नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं, दोनों अधिकारी निलंबित विशेष ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद बैंक ने दोनों अधिकारियों को राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन निर्धारित समय में रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर एवं प्रशासक के निर्देश पर शाखा प्रबंधक अमृतलाल पाटोदी को विस्तृत जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद पुलिस कार्रवाई की गई। पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी फरार पिपलौदा थाना पुलिस ने आरोपी अशोक बाफना (निवासी हसनपालिया, वर्तमान जावरा) और गेंदालाल शर्मा (निवासी सरसाना, पिपलौदा)के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 409 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। पिपलौदा थाना प्रभारी रमेश कोली ने बताया कि दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की कई सहकारी संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण और विशेष ऑडिट के बाद ऐसे मामलों का खुलासा तेजी से हो रहा है। शेरपुर संस्था का यह मामला भी ऑडिट प्रक्रिया के दौरान सामने आया, जिसने किसानों की जमा पूंजी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Ratlam News: रतलाम की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण, नगर निगम की चेतावनी

रतलाम नगर निगम ने 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में जनवरी 2023 के बाद खरीदे गए प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। जानिए किन कॉलोनियों पर लागू होगा नियम और क्या है पूरी जानकारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में 27 जनवरी 2023 के बाद कालोनाइजर या भूमि स्वामी से खरीदे गए प्लॉटों का नामांतरण नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों से बिना जांच-पड़ताल के भूखंड खरीदने से बचने की अपील की है। जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित कालोनाइजर या भूमि स्वामी अपने स्वामित्व के शेष भूखंडों का विक्रय नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी 2023 के बाद यदि किसी व्यक्ति ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदा है, तो उसका नामांतरण नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि के अधिग्रहण सहित नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम ने लोगों को दी यह सलाह नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें। बिना जानकारी के प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इन प्रमुख कॉलोनियों पर लागू होगा नियम नगर निगम द्वारा जारी सूची में मालवा नगर-पीएनटी कॉलोनी, वरदान नगर, राम नगर, अभय नगर, रेल नगर, महेश नगर, इंद्रा नगर, गणेश नगर, राजीव नगर, जनता नगर, निराला नगर, भवानी नगर, शक्ति नगर, आदर्श नगर, पटवारी कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर, टाटा नगर, धीरज शाह नगर, सैफी नगर, कल्याण नगर, तेजा नगर ब्लॉक-2, अशोक नगर, ज्योति नगर, सरस्वती नगर, मौलाना आजाद नगर, समता नगर, राजस्व नगर, प्रताप नगर, संजय नगर, रहमत नगर, बापू नगर, सर्वोदय नगर, कृष्णा विहार, सखवाल नगर, रंगमहल और रामदेवजी की घाटी सहित कुल 61 अनाधिकृत कॉलोनियां शामिल हैं। तीन साल पुराने सौदों पर भी पड़ेगा असर नगर निगम द्वारा यह प्रतिबंध 27 जनवरी 2023 से प्रभावी माना गया है। ऐसे में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान जिन लोगों ने इन अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उन्हें अब नामांतरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अभाव में कई खरीदारों ने भूखंड खरीद लिए थे, जिन पर अब निगम का यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। नगर निगम आयुक्त का क्या कहना है? नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण संबंधित कालोनाइजरों को शेष प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रतलाम में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

रतलाम में 16 जुलाई 2026 को श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलेगी। आयोजन समिति ने महापौर प्रह्लाद पटेल एवं MIC सदस्यों को आमंत्रित कर अधिक से अधिक नागरिकों से धर्म लाभ लेने की अपील की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति द्वारा आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को समिति के पदाधिकारियों ने रतलाम नगर निगम के महापौर प्रह्लाद पटेल से सौजन्य भेंट कर उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर नगर निगम के सभी MIC (एमआईसी) सदस्यों को भी आमंत्रित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया गया। समिति ने बताया कि श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे श्री भगवान जगदीश मंदिर, थावरिया बाजार, रतलाम से प्रारंभ होगी। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति ने बताया कि रतलाम जिले में पिछले 29 वर्षों से इस भव्य धार्मिक आयोजन की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। यह रथयात्रा करीब 350 वर्ष पुराने मालवी एवं राजस्थानी शिल्पकला से निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकाली जाती है, जो जिले का एकमात्र प्राचीन जगन्नाथ मंदिर माना जाता है। समिति का उद्देश्य सामाजिक समरसता, धार्मिक एकता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देना है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने, शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाने तथा “धर्मो रक्षति रक्षितः” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। समिति ने रतलाम शहर एवं आसपास के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। रथयात्रा का कार्यक्रम

Ratlam News: रतलाम में 40 लाख की लूट का 24 घंटे में खुलासा: कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड, ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय बनकर रची थी पूरी साजिश

रतलाम में 40 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। कर्मचारी ने व्हाट्सएप के “OK” मैसेज से साथियों को बुलाकर ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वेशभूषा में वारदात करवाई। पूरी रकम बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 40 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि फरियादी का ही कर्मचारी पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? 30 जून 2026 को शहर सराय निवासी मनीष पटवा ने थाना स्टेशन रोड में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि शराब व्यवसायी गौरव शर्मा की विभिन्न दुकानों से एकत्र करीब 40 लाख रुपये की नकदी उनके कार्यालय पहुंचाई गई थी। राशि कार्यालय कर्मचारी फरदीन और उसके पिता फिरोज खान को सौंप दी गई। दोनों रकम गिनने के बाद उसे काले बैग में रखकर घर की ऊपरी मंजिल पर ले जा रहे थे। तभी ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वेशभूषा पहने और चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने जान से मारने की धमकी देकर 40 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गया। घटना के बाद थाना स्टेशन रोड पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 309(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। व्हाट्सएप के “OK” मैसेज से शुरू हुई लूट की प्लानिंग जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसमें कर्मचारी फरदीन की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने पूरा षड्यंत्र कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि जैसे ही 40 लाख रुपये उसके पास पहुंचे, उसने अपने साथियों को व्हाट्सएप पर केवल “OK” मैसेज भेजकर संकेत दिया। पहले से तय योजना के अनुसार उसका भाई फैज और साथी असबाब ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वेशभूषा पहनकर स्कूटी से मौके पर पहुंचे और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार आरोपी असबाब पहले ब्लिंकिट में काम कर चुका था। इसी वजह से उसने शक से बचने के लिए कंपनी की डिलीवरी ड्रेस का इस्तेमाल किया। 40 लाख रुपये की पूरी रकम बरामद पुलिस ने आरोपी फरदीन की निशानदेही पर उसके घर और आरोपी असबाब के घर के स्टोर रूम से घटना में लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी फैज और असबाब की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही दोनों आरोपियों के अन्य जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा? पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना स्टेशन रोड पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस मामले का खुलासा किया। थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्रपाल सिंह जादौन सहित थाना और साइबर सेल की टीम की त्वरित कार्रवाई से महज 24 घंटे में पूरे मामले का खुलासा संभव हो सका।

रतलाम के रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग का शानदार रिजल्ट, GNM प्रथम वर्ष परीक्षा में सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल, भोपाल द्वारा आयोजित जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) प्रथम वर्ष की मुख्य परीक्षा में रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, रतलाम के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया है। परीक्षा परिणाम में कॉलेज के सभी सफल विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। संस्थान के प्रिंसिपल जगदीश दुके ने बताया कि परीक्षा में रीना जांगड़े ने 77.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं मधुबाला शर्मा ने 74.8 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और शुभम सुथार ने 74.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रिंसिपल जगदीश दुके ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम छात्रों की मेहनत, नियमित अध्ययन और अनुभवी फैकल्टी के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाता है, जिससे उनका समग्र विकास होता है। उन्होंने कहा कि संस्थान के 120 बेड के स्वयं के हॉस्पिटल में मिलने वाली क्लीनिकल ट्रेनिंग विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी ताकत है। प्रथम वर्ष से ही छात्रों को लाइव केस स्टडी और वास्तविक मरीजों की देखभाल का अनुभव कराया जाता है, जिससे उनका विषय ज्ञान मजबूत होता है और बोर्ड परीक्षाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ता है। प्रिंसिपल ने कहा कि रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग भविष्य में भी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

Ratlam News: Farmer ID हुई अनिवार्य: रतलाम के किसानों के लिए बड़ा अपडेट, अब खाद-बीज, ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बनवानी होगी Farmer ID

रतलाम में Farmer ID बनवाना अब अनिवार्य हो गया है। खाद, बीज, कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को Farmer ID बनवानी होगी। जानिए आवश्यक दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के किसानों और भूमि स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। शासन की महत्वाकांक्षी Farmer ID योजना के तहत अब भूमि स्वामियों के लिए Farmer ID बनवाना आवश्यक कर दिया गया है। इसके बिना भविष्य में खाद, बीज, कृषि ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से जल्द से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की है। रतलाम में कहां बनवाएं Farmer ID? रतलाम शहर तहसील प्रशासन के अनुसार, कस्बा रतलाम में जिन भी नागरिकों या कृषकों के नाम पर कृषि भूमि दर्ज है, वे अपनी Farmer IDकिसी भी MP Online कियोस्क पर जाकर बनवा सकते हैं। इसके अलावा इच्छुक किसान रतलाम शहर तहसील के कक्ष क्रमांक-27 में भी जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। Farmer ID बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? Farmer ID बनवाने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा— प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ होना अनिवार्य है, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया OTP के माध्यम से पूरी की जाएगी। Farmer ID क्यों है जरूरी? शासन द्वारा शुरू की गई Farmer ID योजना का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे उन्हें कृषि संबंधी सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। भविष्य में Farmer ID का उपयोग इन कार्यों के लिए अनिवार्य रहेगा— प्रशासन की अपील तहसील प्रशासन ने सभी भूमि स्वामियों और किसानों से जल्द से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह शासन की प्राथमिकता वाली योजना है और समय रहते पंजीयन कराने से भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। क्या करें किसान? यदि आपके नाम पर कृषि भूमि दर्ज है, तो बिना देरी किए अपने नजदीकी MP Online कियोस्क या रतलाम शहर तहसील कार्यालय (कक्ष क्रमांक-27) पहुंचकर Farmer ID बनवा लें। आवश्यक दस्तावेज साथ रखें ताकि प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया पुलिसकर्मी, कोर्ट ने भेजा जेल

रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजस्थान ACB ने गिरफ्तार किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने जेल भेज दिया है। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सोमवार रात भीलवाड़ा के एक होटल में उसे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने जमीन धोखाधड़ी के आरोपी मोहम्मद लियाकत (70) से पूछताछ के दौरान मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए की पहली किस्त दे चुका था। इसके बाद सोमवार को भीलवाड़ा के एक होटल में 50 हजार रुपए की दूसरी किस्त लेते समय राजस्थान ACB की टीम ने तपेश गोसाई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर आरोपी को लेकर भीलवाड़ा पहुंची थी रतलाम पुलिस धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद लियाकत को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद रतलाम पुलिस की टीम 28 जून को उसे लेकर भीलवाड़ा गई थी। टीम में ASI कैलाश सैनी, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम भीलवाड़ा के एक होटल में रुकी हुई थी। इसी दौरान लियाकत के परिजनों से रिश्वत लेते समय ACB ने जाल बिछाकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस टीम आरोपी लियाकत को वापस रतलाम ले आई। जानिए क्या था जमीन धोखाधड़ी का मामला यह मामला रतलाम के व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम स्थित बंद पड़ी एक ऑयल मिल और उससे जुड़ी जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25 लाख 76 हजार रुपए अग्रिम राशि के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। शिकायत के आधार पर रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल राजस्थान में रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई जल्द हो सकती है।

Ratlam News: UCO बैंक FD फ्रॉड: आउटसोर्स कर्मचारी पर 5 एफडी तोड़कर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, पीड़िता ने उच्चस्तरीय जांच की मांग

रतलाम में UCO बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी पर महिला ग्राहक की 5 एफडी तोड़कर राशि निकालने का आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में UCO बैंक FD फ्रॉड का मामला सामने आया है। एक महिला ग्राहक ने बैंक के आउटसोर्स (बीसी) कर्मचारी पर उसकी पांच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़कर राशि निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक न तो आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है और न ही उसकी जमा राशि वापस मिली है। मामले में महिला ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, आभा लोढ़ा, पति संजय लोढ़ा, निवासी टाटा नगर, रतलाम का यूको बैंक में खाता है। उन्होंने बैंक में पांच एफडी करवाई थीं, जिनके नंबर 712638, 712639, 712481, 712482 और 712483 बताए गए हैं। महिला का आरोप है कि बैंक में बीसी (आउटसोर्स) कर्मचारी के रूप में कार्यरत राहुल राठौड़ ने धोखाधड़ी करते हुए उनकी सभी एफडी समय से पहले तोड़ दीं और पूरी राशि निकाल ली। इस कथित गड़बड़ी की जानकारी उन्हें 30 मई 2026 को मिली। एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप पीड़िता के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने माणकचौक थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद एफआईआर भी दर्ज हुई। हालांकि उनका आरोप है कि अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एफडी की राशि अभी तक वापस नहीं मिली है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अन्य ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी का दावा आवेदन में पीड़िता ने दावा किया है कि आरोपी आउटसोर्स कर्मचारी ने बैंक के अन्य ग्राहकों के साथ भी इसी तरह की कथित धोखाधड़ी की है। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि सभी प्रभावित ग्राहकों को न्याय मिल सके। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में बैंक को नोटिस दिए जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने क्या की मांग? आभा लोढ़ा ने प्रशासन से मांग की है कि— नोट: यह खबर पीड़िता द्वारा दिए गए लिखित आवेदन और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा जांच एजेंसियों के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: पुलिसकर्मी 50 हजार की घूस लेते गिरफ्तार, होटल में ACB ने रंगे हाथ दबोचा

रतलाम के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान एसीबी ने भीलवाड़ा के होटल से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम से जुड़ा एक बड़ा रिश्वत कांड सामने आया है। औद्योगिक नगर थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान के भीलवाड़ा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जमीन धोखाधड़ी के मामले में आरोपी के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग देने के बदले उसने 1.10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: होटल में बिछा ACB का जाल राजस्थान एसीबी के अनुसार, रतलाम के थाना औद्योगिक नगर में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई एक जमीन धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में आरोपी मोहम्मद लियाकत को लेकर भीलवाड़ा पहुंचा था। वह एक होटल के कमरा नंबर 104 में ठहरा हुआ था। आरोप है कि गोसाई ने आरोपी के भाई से कहा था कि यदि वह 1 लाख 10 हजार रुपये देगा तो मामले में सहयोग किया जाएगा और आरोपी के साथ सख्ती या मारपीट नहीं होगी। पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। दूसरी किस्त के 50 हजार रुपये लेने के दौरान एसीबी ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जमीन धोखाधड़ी के केस से जुड़ा है पूरा मामला यह मामला रतलाम के 80 फीट रोड निवासी व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद ऑयल मिल और जमीन का सौदा 11 करोड़ 10 लाख रुपये में कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25.76 लाख रुपये एडवांस के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का एग्रीमेंट कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। इसके बाद रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। हथकड़ी पहनाकर शहर में घुमाने की दी थी धमकी एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी के भाई से रिश्वत मांगते समय हेड कॉन्स्टेबल ने धमकी दी थी कि यदि बाकी रकम नहीं दी गई तो आरोपी को हथकड़ी पहनाकर पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इस धमकी के बाद आरोपी के भाई ने राजस्थान एसीबी से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई और होटल के कमरा नंबर 105 में अपनी टीम तैनात कर दी। जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई और तय संकेत मिला, टीम ने छापा मारकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसकी जेब से 50 हजार रुपये बरामद हुए। SP बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले में रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान मौजूद ASI कैलाश सैनी और एक अन्य कॉन्स्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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