राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर रतलाम में अभाविप का प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रतलाम द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि रतलाम डीएसपी आनंद सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वास्तविक प्रतिभा केवल परीक्षा में प्राप्त अंकों से नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम, संस्कार, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत से पहचानी जाती है। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अभाविप मालवा प्रांत के सह मंत्री मनोज जाट ने परिषद की कार्यप्रणाली, संगठन के उद्देश्यों तथा राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर अभाविप रतलाम नगर अध्यक्ष प्रो. जयश्री राठौर एवं नगर मंत्री केशव गुर्जर की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, समाजसेवी, पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, अभिभावक एवं शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। अभाविप द्वारा आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उनकी उपलब्धियों को समाज के सामने सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करने की बात कही।

Ratlam News: रतलाम जिला अस्पताल में डॉक्टर पर हमला: बच्ची के फ्रैक्चर का कारण पूछते ही थप्पड़ और मारपीट

रतलाम जिला अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरिया पर मरीज के परिजन ने हमला कर दिया। डॉक्टर से मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां इलाज के दौरान बच्ची के फ्रैक्चर का सही कारण पूछना डॉक्टर को भारी पड़ गया। परिजन ने डॉक्टर के साथ न केवल अभद्रता की बल्कि थप्पड़ मारकर मारपीट भी की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो देखे रतलाम जिला अस्पताल में डॉक्टर पर हमला कैसे हुआ? जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल की ओपीडी में ड्यूटी पर तैनात अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरिया के पास शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे चिंगीपुरा निवासी आसिफ पुत्र रशीद अपनी घायल बेटी को इलाज के लिए लेकर पहुंचा। आसिफ ने डॉक्टर को बताया कि उसकी पत्नी बच्ची के कपड़े बदल रही थी, उसी दौरान उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। इस पर डॉक्टर ने चिकित्सकीय अनुभव के आधार पर कहा कि केवल कपड़े बदलने से फ्रैक्चर होना संभव नहीं लगता और चोट का वास्तविक कारण बताया जाए। बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने डॉक्टर के साथ बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ों से हमला कर दिया। आरोप है कि उसने डॉक्टर की नाक और गाल पर नाखून मारकर खरोंच भी पहुंचाई। बीच-बचाव करने पहुंचे कर्मचारियों को भी दी धमकी मारपीट की घटना देखकर ड्रेसर धर्मेंद्र चौधरी और चुन्नीलाल यादव बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उन्हें भी धमकाते हुए जान से मारने की बात कही। शोर सुनकर अन्य डॉक्टर और अस्पताल कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। घटना के दौरान कुछ देर तक ओपीडी में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और मरीजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। डॉक्टरों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग घटना के बाद बड़ी संख्या में डॉक्टर स्टेशन रोड थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सिविल सर्जन डॉ. एपी सिंह ने भी पुलिस को लिखित शिकायत भेजी। शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ मध्यप्रदेश चिकित्सक एवं चिकित्सा से संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा अधिनियम, 2008 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस का बयान थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि डॉक्टर की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर आरोपी आसिफ को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। डॉक्टरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल जिला अस्पताल में हुई इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ वर्षों में अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए मध्यप्रदेश में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून लागू है, जिसके तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

रतलाम में श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता संपन्न, संभाग स्तर के लिए खिलाड़ियों का चयन

रतलाम के श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, रतलाम में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले के विभिन्न विद्यालयों की टीमों के बीच हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर एवं विद्यालय की प्राचार्य डॉ. शेफाली ओझा की उपस्थिति में हुआ। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टॉस कराया तथा सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आकर्षक मंच संचालन दीपांशु शर्मा ने किया। संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में रतलाम का प्रतिनिधित्व करेंगे खिलाड़ी प्रतियोगिता के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी संभाग स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता के लिए किया गया है। चयनित खिलाड़ी अब रतलाम जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिले का गौरव बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इस उपलब्धि पर विद्यालय की प्राचार्य डॉ. शेफाली ओझा ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। निर्णायकों और प्रशिक्षकों की रही अहम भूमिका प्रतियोगिता का संचालन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। मैचों में निर्णायक की भूमिका महेंद्र सोलंकी, महेंद्र शुक्ला, विजय रावल, राहुल परमार, अजहर खान, शाहिद खान और अभिषेक गुर्जर ने निभाई। वहीं खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में विद्यालय के खेल प्रशिक्षक परवेश परमार एवं आशुतोष प्रजापति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उप-प्राचार्य ने जताया आभार प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विद्यालय के उप-प्राचार्य राकेश नागदा ने मुख्य अतिथियों, निर्णायकों, विभिन्न विद्यालयों से आए कोच, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

MP News: लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त: इंतजार खत्म! इस तारीख को खाते में आ सकते हैं ₹1500, सामने आया बड़ा अपडेट

MP News: लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई को भिंड के मेहगांव से 38वीं किस्त जारी कर सकते हैं। जानें पूरी जानकारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त का लंबे समय से इंतजार कर रही महिलाओं को जल्द ही उनके बैंक खातों में 1500 रुपये की राशि मिल सकती है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 जुलाई को भिंड जिले के मेहगांव से योजना की अगली किस्त जारी कर सकते हैं। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त कब आएगी? ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि 12 जुलाई को भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त का अंतरण कर सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम मेहगांव की गल्ला मंडी में आयोजित किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और नए प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन भी कर सकते हैं। हर महीने मिलते हैं 1500 रुपये मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। प्रशासन ने शुरू की तैयारियां मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए भिंड जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल पर मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल और बैठने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पुलिस विभाग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट मोड पर है और संभावित रूट का निरीक्षण कर रहा है। दंदरौआ धाम जाने की भी संभावना सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने भिंड दौरे के दौरान प्रसिद्ध धार्मिक स्थल दंदरौआ धाम भी जा सकते हैं। यहां प्रस्तावित अस्पताल के भूमिपूजन का कार्यक्रम भी संभावित बताया जा रहा है। हालांकि, इस कार्यक्रम को लेकर भी अभी अंतिम आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। महिलाएं क्या रखें ध्यान? 38वीं किस्त का लाभ पाने के लिए लाभार्थी महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि—

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की ठगी! इंदौर के कारोबारी पर FIR, कई और लोगों से धोखाधड़ी का आरोप

Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर ₹3.54 लाख की कथित ठगी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी कारोबारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। कई अन्य लोगों से भी ठगी के आरोप लगे हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में लिफ्ट लगाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। माणक चौक थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी एक कारोबारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लिफ्ट लगाने के लिए एडवांस राशि लेने के बावजूद न तो काम किया गया और न ही पैसे लौटाए गए। ₹3.54 लाख एडवांस लेने के बाद नहीं लगाई लिफ्ट पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, नाहरपुरा निवासी और अश्विन टेलीकॉम के संचालक अश्विन मूणत ने बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने अपनी दुकान के ऊपर बने भवन में लिफ्ट लगाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने इंदौर स्थित केन्स एलेवेटर्स एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर मनीष गुप्ता से संपर्क किया। शिकायत के मुताबिक, लिफ्ट लगाने की कुल लागत 7.20 लाख रुपये तय हुई थी। आरोपी द्वारा एडवांस राशि मांगने पर 11 मार्च 2024 को शिकायतकर्ता ने अपने पिता के यूनियन बैंक खाते से 3.54 लाख रुपये कंपनी के यस बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बार-बार संपर्क के बावजूद नहीं हुआ काम एफआईआर में कहा गया है कि एडवांस राशि मिलने के बाद आरोपी से कई बार फोन पर संपर्क किया गया और लिफ्ट लगाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने न तो लिफ्ट लगाई और न ही एडवांस राशि वापस की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने अवैध लाभ कमाने की नीयत से उनके साथ धोखाधड़ी की। रतलाम के कई अन्य लोगों से भी ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी मनीष गुप्ता ने रतलाम के कई अन्य लोगों से भी लिफ्ट लगाने के नाम पर रकम लेकर कथित रूप से धोखाधड़ी की है। एफआईआर में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें मनोज गुप्ता, निलेश चाणोदिया, लोकेश व्यास, मयंक पाठक, मनोज परमार, अनिल मूणत, जयंत जैन, तुषार पोरवाल और आयुष कोठारी शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये सभी लोग अपने-अपने स्तर पर पुलिस को अलग से जानकारी उपलब्ध कराएंगे। माणक चौक थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला माणक चौक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर क्रमांक 370/2026 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी)के तहत प्रकरण कायम किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक शांतिलाल चौहान को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान बैंक ट्रांजैक्शन, अनुबंध और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य पीड़ितों के आरोप भी सही पाए जाते हैं तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम पुलिस का कमाल! CEIR पोर्टल से खोज निकाले 15 गुम मोबाइल, मालिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रतलाम पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए। जानिए CEIR पोर्टल कैसे करता है चोरी या गुम मोबाइल की तलाश। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए रतलाम की औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने एक बार फिर सराहनीय कार्य किया है। CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने आम नागरिकों के 15 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। वीडियो देखे CEIR पोर्टल की मदद से मिली बड़ी सफलता रतलाम पुलिस द्वारा गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र की प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने IMEI नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी का विश्लेषण करते हुए विभिन्न स्थानों से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने और मोबाइल के वास्तविक स्वामित्व का सत्यापन करने के बाद सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों ने जताई खुशी आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि बैंकिंग, सरकारी दस्तावेज, डिजिटल भुगतान, फोटो, संपर्क और निजी जानकारियों का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने रतलाम पुलिस और औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सक्रियता की सराहना की। इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी, उपनिरीक्षक ध्यानसिंह सोलंकी, आरक्षक विजय पंवार, किशन वर्मा, मनीष परिहारऔर पवन मेहता की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी टीम के प्रयासों की सराहना की। क्या है CEIR पोर्टल? CEIR पोर्टल क्या करता है? CEIR (Central Equipment Identity Register) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो वह CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर अपने मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक करा सकता है। इसके बाद यदि उस मोबाइल में कोई अन्य सिम कार्ड उपयोग किया जाता है तो तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी प्राप्त कर मोबाइल की तलाश कर सकती है। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? रतलाम पुलिस की अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में देरी न करें और तत्काल पुलिस को सूचना देने के साथ CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सहायता से पुलिस लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

Viral Video: वायरल वीडियो की खुली पोल! ट्रेन को खाना लेने के लिए नहीं रोका गया था, रतलाम मंडल ने बताई पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल मालगाड़ी रोककर खाना लेने के दावे को पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने भ्रामक बताया। जानिए क्या है पूरा मामला, रेलवे ने क्यों जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Viral Video: मालगाड़ी को चालक दल द्वारा खाना खरीदने के लिए बीच रास्ते में रोकने का दावा करने वाला सोशल मीडिया वीडियो भ्रामक निकला है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस वायरल वीडियो पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया है कि ट्रेन को भोजन लेने के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि वह पहले से निर्धारित परिचालन कारणों के चलते राऊ (RAU) यार्ड के होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने लोगों से अपील की है कि बिना तथ्य जांचे किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास न करें। VIRAL वीडियो देखे! मालगाड़ी रोककर खाना लेने का दावा निकला गलत पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में यह दावा किया गया कि चालक दल ने भोजन खरीदने के लिए मालगाड़ी रोक दी। रेलवे ने इस दावे को पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। रेलवे के अनुसार, संबंधित कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी, जिसे लोको संख्या 27237 एवं 27600 संचालित कर रहे थे, राऊ यार्ड में पहले से निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण परिचालन प्रक्रिया के तहत होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं था, बल्कि वह एक स्पेयर सहायक लोको पायलट था। अधिकृत परिचालन ठहराव के दौरान उसने व्यक्तिगत रूप से भोजन खरीदा। इस दौरान मालगाड़ी को बिना चालक दल के नहीं छोड़ा गया था। ट्रेन के कार्यरत लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों अपनी-अपनी निर्धारित ड्यूटी पर मौजूद थे और पूरी ट्रेन रेलवे के सुरक्षा मानकों एवं परिचालन नियमों के अनुसार संचालित हो रही थी। DEMU ट्रेन बताकर भी फैलाया गया भ्रम रेलवे ने यह भी बताया कि वायरल वीडियो को यात्री DEMU ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविक घटना कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी से संबंधित थी। रेल प्रशासन का कहना है कि वीडियो को चुनिंदा तरीके से प्रस्तुत कर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई। रेलवे का आधिकारिक बयान जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, “रेलवे में किसी भी ट्रेन को व्यक्तिगत सुविधा या भोजन लेने के लिए नहीं रोका जाता। सभी ट्रेनों का संचालन निर्धारित परिचालन नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाता है।” रेलवे ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। लोगों से रेलवे की अपील रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा न करें। केवल रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचा जा सके।

Ratlam News: रतलाम फायरिंग केस: पूर्व बजरंग दल नेता समेत 3 फरार आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम, संपत्ति की जांच भी शुरू

रतलाम फायरिंग केस में बड़ा अपडेट। सराफा व्यापारी के घर फायरिंग मामले में पूर्व बजरंग दल नेता विनोद उर्फ वीनू शर्मा समेत तीन फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित। पुलिस ने संपत्ति की जांच भी शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के चर्चित सराफा व्यापारी फायरिंग केस में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए तीन फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनामघोषित किया है। इनमें पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा, वसीम उर्फ पांडू और अदनान मुकाती शामिल हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी संपत्ति की भी जांच कर रही है। 19 जून को सराफा व्यापारी के घर हुई थी फायरिंग 19 जून को रतलाम के डीडी नगर थाना क्षेत्र स्थित सैफी नगर में सराफा व्यापारी कमल सोनी के घर पर दो बाइकों से पहुंचे चार बदमाशों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। सभी आरोपी चेहरे पर कपड़ा बांधकर आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में विनीत उर्फ चुचु, भोला, अजय उर्फ गट्टू, रवींद्र और कन्हैया नायक शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि फायरिंग की पूरी साजिश विनोद उर्फ वीनू शर्मा के कहने पर रची गई थी। पूर्व बजरंग दल नेता समेत तीन आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा, वसीम उर्फ पांडू और अदनान मुकाती अभी भी फरार हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तीनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जानकारी के मुताबिक, फरार आरोपी वसीम उर्फ पांडू वर्ष 2017 के चर्चित तरुण सांखला हत्याकांड में भी नामजद आरोपी रह चुका है। 40 लाख की सुपारी लेकर कराई गई थी फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया कि सराफा व्यापारी कमल सोनी के बेटे दिव्यांश सोनी और आदित्य सोमानी के बीच एमसीएक्स कारोबार से जुड़े करीब 1 करोड़ रुपये के लेन-देन का विवाद चल रहा था। दिव्यांश द्वारा आदित्य सोमानी के खिलाफ मामला दर्ज कराने के अगले ही दिन फायरिंग की घटना हुई। व्यापारी कमल सोनी ने आरोप लगाया था कि वीनू शर्मा रुपये की वसूली के लिए लगातार धमका रहा था और फायरिंग की धमकी भी दी थी। जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि कथित रूप से 40 लाख रुपये की सुपारी लेकर बदमाशों के जरिए इस वारदात को अंजाम दिलाया गया। पुलिस का बयान डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि तीनों फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी पुलिस टीमों ने दबिश दी है। साथ ही आरोपियों की संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और मजबूत किया जा सके।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग की अनोखी पहल: जरूरतमंद सब्जी विक्रेताओं को बांटी छतरियां और रेनकोट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सामाजिक सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने बारिश के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता के लिए सराहनीय पहल की। संस्था ने ‘उमंग के रंग, सेवा के संग’ अभियान के तहत ‘बरसात से राहत’ सेवा प्रोजेक्ट आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सब्जी विक्रेताओं को 50 छतरियों एवं रेनकोट का वितरण किया। यह सेवा प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा जुलाई माह के लिए दिए गए ‘बारिश से राहत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा ऋतु में जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को बारिश से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम 7 जुलाई, मंगलवार को जैन स्कूल, सागोद रोड गेट, रतलाम पर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां बेचने आने वाले विक्रेताओं को छतरियां और रेनकोट वितरित किए गए। इस सेवा कार्य के माध्यम से संगिनी उमंग परिवार ने मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस सेवा प्रोजेक्ट में समूह की 30 से अधिक सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम सखी मीना रमेश गादिया के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया, रमिला सकलेचा और संगीता कांठेड़ ने मीना गादिया का स्वागत किया। संस्था की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए इसी प्रकार के सेवा कार्य निरंतर किए जाएंगे। ग्रुप की सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में बड़ा फैसला: मुख्य आरोपी को 1 साल की जेल, दो सह-आरोपी बरी

इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत का बड़ा फैसला। मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को 1 साल के सश्रम कारावास की सजा, जबकि दो सह-आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया। जानिए पूरा मामला। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को दोषी करार दिया है। षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश अयाज मोहम्मद की अदालत ने आरोपी को खतरनाक हथियार से हमला करने के मामले में एक वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने क्या फैसला सुनाया? अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1) और 126(2) के तहत आयूष खोवारे को दोषी मानते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 118(1) के तहत 2,000 रुपये और धारा 126(2) के तहत 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सह-आरोपी सुमित चौहान और देवेन्द्र उर्फ सागर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए। इस कारण दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, 18 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11 बजे फरियादी आयूष पटेल अपने साथी सुमित चौहान के साथ दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहा था। इसी दौरान राऊ थाना क्षेत्र स्थित छोगाला रेस्टोरेंट के पास पुरानी रंजिश के चलते मोटरसाइकिल पर आए आयूष खोवारे और देवेन्द्र उर्फ सागर ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप था कि देवेन्द्र ने फरियादी की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, जबकि आयूष खोवारे ने चाकू से उसकी पीठ पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हत्या के प्रयास का आरोप क्यों नहीं हुआ साबित? सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि पीड़ित को लगी चोट शरीर के किसी संवेदनशील या जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाले अंग पर नहीं थी। इसलिए हत्या के प्रयास का आरोप सिद्ध नहीं हो सका। हालांकि, फरियादी के लगातार एक जैसे बयान और एफएसएल रिपोर्ट में जब्त चाकू पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि ने यह साबित कर दिया कि आयूष खोवारे ने खतरनाक हथियार से हमला किया था। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया। दो सह-आरोपी क्यों हुए बरी? अदालत ने अपने फैसले में कहा कि फरियादी ने सुमित चौहान के खिलाफ कोई ठोस आरोप सिद्ध नहीं किया। वहीं, देवेन्द्र उर्फ सागर द्वारा आंखों में मिर्च पाउडर डालने के आरोप को मेडिकल साक्ष्यों से समर्थन नहीं मिला। चिकित्सकीय परीक्षण में आंखों में लालिमा, सूजन या जलन के कोई स्पष्ट संकेत नहीं पाए गए। इसी वजह से दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत का अंतिम आदेश न्यायालय ने आदेश दिया कि विचारण के दौरान आयूष खोवारे द्वारा जेल में बिताई गई एक वर्ष आठ माह की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही, वसूल किया गया अर्थदंड पीड़ित को प्रतिकर (मुआवजा) के रूप में प्रदान किया जाएगा। इस फैसले के साथ बहुचर्चित इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने मुख्य आरोपी को सजा सुनाते हुए कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया, जबकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो अन्य आरोपियों को राहत प्रदान की।

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