Ratlam News: इंदौर गई थी 74 वर्षीय महिला, पीछे से घर में घुसे चोर; 6 लाख से ज्यादा का माल साफ

Ratlam News: रतलाम की अमृत सागर कॉलोनी में सूने मकान का ताला तोड़कर चोर 6 लाख से अधिक के सोने-चांदी के जेवर और नकदी ले गए। पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात सामने आई है। अमृत सागर कॉलोनी स्थित एक सूने मकान का ताला तोड़कर चोर नकदी और सोने-चांदी के जेवर समेत 6 लाख रुपए से अधिक का सामान लेकर फरार हो गए। घटना के समय मकान मालकिन अपनी बड़ी बहन से मिलने इंदौर गई हुई थीं। मामले की जानकारी गुरुवार सुबह उस समय हुई, जब पड़ोसी ने फोन कर घर के दरवाजे खुले होने की सूचना दी। रतलाम पहुंचने पर महिला ने मकान के मुख्य गेट और बरामदे के गेट के ताले टूटे देखे। अंदर जांच करने पर अलमारी में रखी नकदी और जेवर गायब मिले। इंदौर गई थीं मकान मालकिन, पड़ोसी ने दी सूचना अमृत सागर कॉलोनी निवासी 74 वर्षीय राजाबाई राठी, पति स्वर्गीय बालकृष्ण राठी ने दीनदयाल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह 16 अगस्त को अपनी बड़ी बहन के यहां इंदौर गई थीं। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे पड़ोसी भेरूलाल टांक का फोन आया। उन्होंने बताया कि राजाबाई के घर के दरवाजे खुले हुए हैं। सूचना मिलने के बाद वह रतलाम पहुंचीं और मकान की स्थिति देखकर चोरी की जानकारी हुई। ताले तोड़कर घर में घुसे चोर घर की जांच करने पर सामने आया कि चोरों ने मेन गेट और बरामदे वाले गेट का ताला तोड़ा था। इसके साथ ही दरवाजे के नकूचे के आसपास का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त किया गया था। अंदर रखी अलमारी की जांच करने पर अलग-अलग लिफाफों में रखे 1.41 लाख रुपए नकद गायब मिले। इसके अलावा सोने और चांदी के जेवर भी चोरी हुए हैं। सोने के जेवर भी ले गए शिकायत के मुताबिक चोर करीब 15 ग्राम वजन की सोने की एक जोड़ी लटकन और एक जोड़ी टॉप्स ले गए। इनकी कीमत करीब 2.44 लाख रुपए बताई गई है। इसके साथ ही करीब 1 ग्राम वजन का सोने का सिक्का भी चोरी हुआ है। 900 ग्राम चांदी के आभूषण चोरी चोरी हुए सामान में चांदी के जेवर और बर्तन भी शामिल हैं। इनमें एक गिलास, दो कटोरी, एक चम्मच, छह जोड़ी पायल और 12 जोड़ी बिछिया शामिल हैं। इसके अलावा 100 ग्राम और 50 ग्राम के चांदी के सिक्के भी चोरी हुए। कुल मिलाकर करीब 900 ग्राम चांदी के सामान की चोरी हुई, जिसकी कीमत लगभग 2.34 लाख रुपए बताई गई है। एक लेडीज रिस्ट वॉच भी चोर अपने साथ ले गए। नकदी और जेवर समेत चोरी गए सामान की कुल कीमत 6 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। अलमारी में रखे थे मंडल के रुपए भी राजाबाई राठी ने पुलिस को बताया कि वह माहेश्वरी मंडल की संरक्षक भी हैं। 15 अगस्त को तीज का सामूहिक आयोजन किया गया था, जिसमें भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन से जुड़े खर्च की राशि भी अलमारी में रखी हुई थी। चोरी के दौरान यह रकम भी चोरों के हाथ लग गई। पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाल रही घटना की सूचना मिलने के बाद दीनदयाल नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस कॉलोनी तथा आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस चोरी करने वालों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी है। मामले में आगे की जांच के आधार पर चोरी के घटनाक्रम और आरोपियों के संबंध में जानकारी सामने आ सकती है।

Ratlam News: रतलाम में 1950 से ज्यादा नामांतरण मामलों का रास्ता साफ, 1958-59 के रिकॉर्ड से होगी कार्रवाई

Ratlam News: रतलाम में चार साल से अटके 1950 से अधिक नामांतरण मामलों का रास्ता साफ हुआ। अब 1958-59 या बाद के राजस्व रिकॉर्ड से जमीन का नामांतरण हो सकेगा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News; जिले में जमीन के नामांतरण को लेकर पिछले करीब चार साल से अटके 1950 से अधिक मामलों में अब समाधान की उम्मीद जगी है। 1956-57 के पुराने बंदोबस्त रिकॉर्ड को आधार बनाकर रोके गए नामांतरण मामलों में अब 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी। इस फैसले से उन जमीन मालिकों और खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है, जो नामांतरण के लिए लंबे समय से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। पुराने रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने और बाद के दस्तावेजों में निजी स्वामित्व सामने आने के कारण बड़ी संख्या में प्रकरण उलझे हुए थे। मामले की पड़ताल के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व रिकॉर्ड और पूर्व में मिले शासन के मार्गदर्शन को देखा। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि 1958-59 के रिकॉर्ड को भी नामांतरण की कार्रवाई में आधार बनाया जा सकता है। क्यों अटके थे नामांतरण के मामले? नामांतरण की समस्या की जड़ 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। उस समय के कई अभिलेखों में बड़ी संख्या में जमीनें सरकारी खाते में दर्ज थीं। बाद के 1961-62 के खसरों में इन्हीं में से कई जमीनें निजी स्वामित्व में दर्ज दिखाई दीं। इससे रिकॉर्ड में पुरानी और नई प्रविष्टियों के बीच अंतर पैदा हो गया। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि 1958 से 1962 के बीच के खसरा रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं बताया गया है। यह रिकॉर्ड कब और किस परिस्थिति में गायब हुआ, इससे संबंधित नस्ती भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। जब जमीनों की खरीद-बिक्री के बाद नए नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचे, तो 1956-57 के रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने के कारण कई प्रकरणों पर आपत्ति खड़ी हो गई। इसके चलते कुछ आवेदन लंबित रहे तो कुछ को निरस्त कर दिया गया। 1958-59 के रिकॉर्ड से क्या बदलेगा? अब 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानने के बजाय 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों को भी देखा जा सकेगा। इससे उन मामलों में रास्ता खुल सकता है, जहां बाद के खसरों में जमीन का स्वामित्व बदल चुका है और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर अजय कटेसरिया के अनुसार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता में 1958-59 के रिकॉर्ड को देखने का प्रावधान है और इसे अधिकार अभिलेख के रूप में माना जाता है। शासन से पूर्व में मिले मार्गदर्शन के आधार पर अब संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 16 महीने पहले ही मिल चुका था शासन का मार्गदर्शन नामांतरण की इस समस्या को लेकर तत्कालीन कलेक्टर राजेश बाथम ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव से मार्गदर्शन मांगा था। इसके जवाब में 3 अप्रैल 2025 को राजस्व मंत्रालय ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जिले में इस दिशा-निर्देश को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। बाद में पटवारी और राजस्व निरीक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर वर्तमान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मामले की पड़ताल की, जिसके बाद पुराने शासन निर्देश सामने आए। जमीन मालिकों की परेशानी भी सामने आई नामांतरण अटकने से आम लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, इसके उदाहरण भी सामने आए हैं। रामलाल वाघेला ने बताया कि वह करीब छह महीने से नामांतरण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। करमदी के पास रिंग रोड क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन के खसरा-खतौनी रिकॉर्ड में मालिकाना हक का नाम बदलवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। दूसरे मामले में मुकेश कुमार, निवासी धामनोद, ने बताया कि जमीन का सौदा होने के बाद नामांतरण नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गई। उनका कहना है कि उन्होंने 1961-62 से आगे के उपलब्ध रिकॉर्ड भी कार्यालय में प्रस्तुत किए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रॉपर्टी कारोबारियों को भी राहत की उम्मीद जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पिपाड़ा का कहना है कि यदि पुराने सरकारी रिकॉर्ड की विसंगति दूर हो जाती है तो जमीन की खरीद-बिक्री और नामांतरण से जुड़ी कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं। जमीन की खरीद-बिक्री में राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रिकॉर्ड स्पष्ट होने से खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। 1950 से अधिक लंबित मामलों पर अब नजर रतलाम जिले में करीब 1950 से अधिक नामांतरण प्रकरण लंबे समय से लंबित बताए गए हैं। अब 1958-59 या उसके बाद के उपलब्ध रिकॉर्ड को आधार बनाकर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना बनने से इन मामलों के निराकरण का रास्ता खुल गया है। हालांकि, प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए नामांतरण स्वतः नहीं होगा, बल्कि संबंधित प्रकरण में रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर सक्षम राजस्व अधिकारी कार्रवाई करेंगे।

Ratlam News: रतलाम में जमीन विवाद के बीच युवक की मौत, शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन; जांच की मांग

Ratlam News: रतलाम के सरवनीखुर्द में जमीन विवाद के बीच शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने से मौत हो गई। परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन कर जांच की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के सरवनीखुर्द गांव में जमीन विवाद से जुड़ा मामला सामने आया है। 45 वर्षीय शंकर गरवाल की कीटनाशक पीने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और जय आदिवासी युवाशक्ति संगठन से जुड़े लोगों ने बाजना रोड पर शव रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच, जमीन से जुड़े विवाद की पड़ताल और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, शंकर ने 23 अगस्त को अपने खेत की जमीन के पास कीटनाशक पी लिया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां 25 अगस्त की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जमीन पर कब्जे और खदान को लेकर लगाए आरोप परिजनों का आरोप है कि शंकर की खेती की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। उनका कहना है कि परिवार लंबे समय से इस जमीन पर खेती करता आ रहा था। परिजनों के मुताबिक, जमीन पर खदान का पट्टा मिलने के बाद शंकर वहां खेती नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने खदान संचालक पर परेशान करने और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए हैं। परिवार का दावा है कि शंकर ने जमीन से जुड़े मामले को लेकर कई बार शिकायतें की थीं। उनका आरोप है कि शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इन्हीं परिस्थितियों को लेकर परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद सड़क पर रखा शव बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शंकर का शव लेकर गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाजना रोड पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर डीएसपी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों तथा संगठन के लोगों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। करीब एक घंटे चले प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। खनिज और राजस्व विभाग की भूमिका की जांच की मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और आदिवासी संगठनों ने जमीन से जुड़े मामले में खनिज विभाग, राजस्व विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनकी प्रमुख मांग है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वहां खदान का पट्टा किस आधार पर दिया गया और संबंधित प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की जाए। परिजनों ने यह भी मांग की कि जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या खदान संचालक की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। परिवार को मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा। पुलिस ने जांच का भरोसा दिया पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और संगठन के लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में जमीन विवाद, शिकायतों, खदान पट्टे से जुड़े दस्तावेजों और लगाए गए अन्य आरोपों की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा। परिवार में पत्नी और चार बच्चे शंकर गरवाल के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां हैं। मौत के बाद परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

Ratlam News: रतलाम में ईद मिलाद जुलूस के दौरान तेज साउंड पर कार्रवाई, 10 संचालकों पर केस

Ratlam News: रतलाम में ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान तेज साउंड और यातायात व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आईं। पुलिस ने 10 साउंड संचालकों पर केस दर्ज किए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को शहर में निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान तेज आवाज में साउंड सिस्टम और बैंड बजने को लेकर कई जगह से शिकायतें सामने आईं। दूसरी ओर, शहर के कई हिस्सों में घंटों यातायात प्रभावित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज ध्वनि को लेकर स्थिति उस समय और चर्चा में आ गई, जब कुछ लोगों ने स्मार्टवॉच के जरिए शोर का स्तर मापने और 117 डेसिबल तक रीडिंग मिलने के वीडियो पुलिस को भेजे। कुछ रहवासियों ने घरों में कांच के बर्तन गिरने तक की शिकायत की। शिकायतों और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने देर शाम कार्रवाई करते हुए 10 साउंड संचालकों के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य संचालकों की भी पहचान की जा रही है। जुलूस में कई साउंड सिस्टम, तेज आवाज को लेकर शिकायतें जुलूस मार्ग पर करीब 15 से अधिक साउंड सिस्टम और बैंड शामिल होने की जानकारी सामने आई। कुछ साउंड सिस्टम की आवाज काफी दूर तक सुनाई देने की बात कही गई। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के साथ इंदौर, उज्जैन और धार से भी साउंड सिस्टम बुक कराए गए थे। जुलूस के दौरान कई जगह तेज आवाज को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। जुलूस में शामिल कुछ लोग भी तेज आवाज से बचने के लिए कान बंद करते नजर आए। मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मियों के भी कान बंद करते हुए दिखाई देने की बात सामने आई। जुलूस से एक दिन पहले मंगलवार को डीआईजी निमिष अग्रवाल ने एसपी अमित कुमार के साथ जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। शांति समिति की बैठक में भी साउंड सिस्टम और ध्वनि नियंत्रण को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बावजूद जुलूस के दौरान तेज आवाज को लेकर शिकायतें सामने आईं। कुछ लोगों ने अपनी स्मार्टवॉच से शोर का स्तर मापकर वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्मार्टवॉच से प्राप्त डेसिबल रीडिंग को आधिकारिक ध्वनि मापन मानने से पहले मानक उपकरण और अधिकृत माप की पुष्टि जरूरी होती है। ध्वनि प्रदूषण के लिए निर्धारित मानक उपलब्ध जानकारी के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम की आवाज संबंधित क्षेत्र के एंबिएंट नॉइज स्टैंडर्ड से अधिकतम 10 डेसिबल या 75 डेसिबल, इनमें जो कम हो, उससे अधिक नहीं होनी चाहिए। आवासीय क्षेत्रों के लिए एंबिएंट नॉइज स्टैंडर्ड दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल बताया गया है। सामान्य तौर पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहता है, हालांकि संबंधित नियमों और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अनुसार परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। सुबह से शाम तक कई इलाकों में यातायात प्रभावित ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के चलते शहर में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई प्रमुख हिस्सों में वाहनों की आवाजाही धीमी रही और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। रूट डायवर्जन की व्यवस्था के बावजूद कुछ स्थानों पर यातायात दबाव कम नहीं हो सका। जुलूस की भीड़, साउंड सिस्टम और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठाए गए। पार्षद कुरैशी की मौत के बाद भी साउंड बजने की शिकायत खबर के अनुसार पार्षद कुरैशी की मौत की सूचना मिलने के बाद भी जुलूस समाप्त होने तक कई स्थानों पर साउंड सिस्टम तेज आवाज में बजते रहे। इस घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मौत और तेज ध्वनि के बीच किसी प्रत्यक्ष चिकित्सकीय संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। देर शाम पुलिस की कार्रवाई, 10 पर प्रकरण तेज आवाज को लेकर मिली शिकायतों के बाद पुलिस ने देर शाम कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार कुल 10 साउंड संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मामले में थाना स्तर पर कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक माणकचौक थाना क्षेत्र में पांच, दीनदयाल नगर में एक और स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में दो प्रकरण दर्ज किए गए। शेष मामलों से संबंधित कार्रवाई का विवरण पुलिस की ओर से अलग-अलग स्तर पर सामने आना है। पुलिस ने तीन साउंड सिस्टम जब्त किए हैं। वहीं, एक संचालक पर 20 हजार रुपये और दूसरे पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किए जाने की जानकारी है। एएसपी विवेक कुमार ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर साउंड संचालकों की पहचान कर रही है। आगे भी हो सकती है कार्रवाई पुलिस की कार्रवाई अभी केवल दर्ज प्रकरणों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। फुटेज में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित साउंड संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

Ratlam News: रतलाम के आदिवासी पीजी छात्रावास में आधी रात हड़कंप, 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप

Ratlam News: रतलाम के विरियाखेड़ी आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त की रात 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विरियाखेड़ी स्थित आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त 2026 की देर रात कथित तौर पर बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के घुसने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, रात करीब 1:08 बजे 15 से 20 लोग छात्रावास परिसर में दाखिल हुए, जिनमें कुछ के हाथों में चाकू, लकड़ी, लोहे की रॉड और पत्थर जैसी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना का वीडियो देखे छात्रावास में उस समय करीब 50 से 60 छात्र मौजूद थे और अधिकांश अपने कमरों में सो रहे थे। आरोप है कि परिसर में घुसे लोगों ने करीब 30 से 35 मिनट तक गलियारों और अन्य हिस्सों में घूमकर हंगामा किया तथा कुछ कमरों के दरवाजों पर लात और हथियारों से वार किए। घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले छात्रों के बीच डर का माहौल बनने की बात शिकायत में कही गई है। रात 1:08 बजे मुख्य द्वार से प्रवेश का दावा शिकायत में उल्लेख है कि 23 अगस्त की रात करीब 1:08 बजे संदिग्ध लोग छात्रावास के मुख्य द्वार से अंदर आए। उनके हाथों में कथित तौर पर अलग-अलग तरह की वस्तुएं थीं, जिन्हें शिकायतकर्ता ने हथियार बताया है। बताया गया है कि ये लोग छात्रावास के गलियारों और परिसर में काफी देर तक घूमते रहे। इस दौरान छात्रों के कमरों के दरवाजों पर भी कथित तौर पर लात मारने और हथियारों से वार करने जैसी हरकतें की गईं। CCTV फुटेज में कैद होने का दावा घटना को लेकर सबसे अहम साक्ष्य छात्रावास परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि संदिग्ध लोगों की आवाजाही और उनकी कथित हरकतें कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि CCTV फुटेज को पुलिस की सुरक्षा में सुरक्षित लिया जाए, ताकि घटना की जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट या गायब न हों। छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल आदिवासी पीजी छात्रावास में बड़ी संख्या में छात्र निवास करते हैं। रात के समय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश की शिकायत ने छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत में यह भी पूछा गया है कि इतनी संख्या में लोग छात्रावास परिसर में किस उद्देश्य से पहुंचे थे और उनके पास कथित तौर पर धारदार हथियार या अन्य वस्तुएं क्यों थीं। हालांकि, इन लोगों की पहचान और उनके छात्रावास में पहुंचने के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस जांच से सामने आएगा पूरा मामला फिलहाल उपलब्ध शिकायत में घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके पर हुए नुकसान की जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

Ratlam News: रतलाम में MD ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी, 2.70 करोड़ का मशरूका जब्त; क्रेटा छोड़ जंगल में भागे आरोपी

Ratlam News: रतलाम के कालूखेड़ा में पुलिस ने 2.495 किलो MD ड्रग्स और क्रेटा कार जब्त की। कुल मशरूका 2.70 करोड़ रुपये आंका गया, आरोपी फरार हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच कालूखेड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक काले रंग की हुंडई क्रेटा कार से 2 किलो 495 ग्राम MD ड्रग्स बरामद की है। पुलिस के मुताबिक जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये है। कार की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह पुलिस ने कुल करीब 2.70 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान कार सवार आरोपी पुलिस को चकमा देकर जंगल और झाड़ियों की ओर भाग निकले। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की नाकाबंदी पुलिस के अनुसार 25 अगस्त 2026 को चौकी मावता प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश राठौर को सूचना मिली थी कि काले रंग की हुंडई क्रेटा कार क्रमांक RJ 27 CP 3608 से बड़ी मात्रा में MD ड्रग्स ले जाई जा रही है। सूचना में लखन पिता भेरुलाल मीणा, निवासी भाकरखेड़ी और उसके तीन साथियों के मावता होते हुए रियावन की ओर जाने की बात सामने आई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और पंचों तथा पुलिस बल के साथ रानीगांव फंटे पर नाकाबंदीकी गई। कुछ देर बाद बताए गए हुलिए की क्रेटा कार दिखाई दी। पुलिस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ाकर रियावन की ओर दौड़ा दिया। पीछा करने पर कच्चे रास्ते में छोड़ी कार पुलिस टीम ने कार का पीछा किया। वाहन रियावन से चिपिया होते हुए बिलंदपुर की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर पहुंचा। कच्चा और उबड़-खाबड़ रास्ता होने के कारण आरोपियों ने बिलंदपुर-चिपिया के जंगल क्षेत्र में क्रेटा कार छोड़ दी। इसके बाद लखन मीणा, कार चालक और उसके दो साथी झाड़ियों की तरफ भाग गए। अंधेरा और जंगल का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने आसपास के खेतों और झाड़ियों में सर्चिंग की, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल सका। ड्राइवर सीट के नीचे मिली MD ड्रग्स कार की तलाशी पंचों की मौजूदगी में नियमानुसार ली गई। तलाशी के दौरान ड्राइवर सीट के नीचे हरे रंग की कपड़े की थैली मिली। थैली के अंदर तीन पारदर्शी प्लास्टिक की थैलियां रखी थीं। इनमें हल्के भूरे रंग का डल्लीनुमा और क्रिस्टलनुमा पदार्थ मिला। पुलिस के अनुसार नियमानुसार जांच और पहचान के बाद पदार्थ MD ड्रग्स पाया गया। इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे से वजन करने पर तीनों पैकेटों में कुल 2 किलो 495 ग्राम मादक पदार्थ मिला। पुलिस ने पदार्थ को अलग-अलग पैक कर विधिवत सीलबंद करते हुए जब्त किया। 2.70 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त कार्रवाई में पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई क्रेटा कार भी जब्त की है। जब्ती का विवरण: चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने मामले में लखन मीणा, क्रेटा चालक और उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ धारा 8/22 NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। फिलहाल लखन मीणा समेत चारों आरोपी फरार बताए गए हैं। पुलिस उनकी पहचान और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर तलाश कर रही है। फरार आरोपी सप्लायर और पूरे नेटवर्क की जांच कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि MD ड्रग्स की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किसे पहुंचाया जाना था। जांच में ड्रग्स के स्रोत, सप्लायर, संभावित खरीदार और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश और सर्चिंग जारी है। कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका इस कार्रवाई में निरीक्षक शंकरसिंह चौहान, थाना प्रभारी कालूखेड़ा; उप निरीक्षक दिनेश राठौर, चौकी प्रभारी मावता; प्रधान आरक्षक विजय निनामा सहित आरक्षक यशवंत जाट, नितीन जोशी, हिम्मतसिंह चौहान, पवन जाट, कमलेश बुनकर, राजपालसिंह, अनिल पाटीदार, लक्ष्मणसिंह और महिला आरक्षक योगिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद जुलूस को लेकर पुलिस अलर्ट, प्रमुख बाजारों और मार्गों का किया निरीक्षण

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस अलर्ट है। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग, बाजारों और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। त्योहारों के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया। पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेंज निमिष अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार ने शहर में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान खास तौर पर ईद-ए-मिलाद जुलूस मार्ग का पैदल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जुलूस मार्ग की स्थिति के साथ यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों को देखा गया। संबंधित पुलिस अधिकारियों को मौके के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 26 अगस्त को निकलेगा ईद-ए-मिलाद जुलूस ईद-ए-मिलाद के अवसर पर 26 अगस्त 2026 को रतलाम में जुलूस निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार जुलूस सुबह 8 बजे आबकारी चौराहा से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए वापस आबकारी चौराहा पहुंचेगा। जुलूस का निर्धारित मार्ग आबकारी चौराहा → हरदेवलाला पिपली → तोपखाना → गणेश देवरी → डालूमोदी → चिंतामन गणेश मंदिर → महलवाड़ा → सूरजपोल → मोचीपुरा → काजीपुरा → शैरानीपुरा → जमातखाना → आनंद कॉलोनी → कांवेंट तिराहा → कोर्ट तिराहा → अम्बेडकर तिराहा → स्टेशन रोड थाना → दो बत्ती चौराहा → न्यू रोड → लोकेन्द्र टॉकीज → शहर सराय → शहीद चौक → आबकारी चौराहा। जुलूस के पूरे मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर भी रहेगी नजर त्योहारों के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने इन क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। आमजन को परेशानी न हो और यातायात सुचारू बना रहे, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पुलिस को जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्जन, नो-व्हीकल जोन और पार्किंग व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया है। CCTV और पेट्रोलिंग से होगी निगरानी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस मार्ग और प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों तथा अन्य तकनीकी संसाधनों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आमजन के लिए जरूरी अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है। जुलूस के दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग, यातायात डायवर्जन और नो-व्हीकल जोन का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए मुख्य बातें: निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो, नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी आनंद सोनी, रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत सहित अन्य पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

रतलाम में जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता का भव्य समापन, 220 खिलाड़ियों ने दिखाया हुनर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। साइंस एकेडमी और आयुष्मान स्पोर्ट्स अकादमी के सौजन्य से रतलाम कॉर्पोरेशन योग स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता 2026 का आयोजन चैतन्य टेक्नो स्कूल, सैलाना रोड, डेलनपुर में किया गया। एक दिवसीय प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न स्कूलों और अकादमियों से आए करीब 220 खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आगे भी खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र से किया सम्मानित समापन समारोह में मुख्य अतिथि जिला मंत्री एवं जिला खेल प्रकोष्ठ के संयोजक अनुज शर्मा रहे। विशेष अतिथि युवा नेता एवं समाजसेवी मदन सोनी और साइंस एकेडमी के डायरेक्टर केहुल शाह मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर ने की। इस दौरान अर्पित कटारिया भी मंचासीन रहे। अतिथियों ने विभिन्न आयु वर्गों में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का भी हुआ सम्मान प्रतियोगिता के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ियों मनवीर गुर्जर, अव्यांश शर्मा, तानीश मेव, अथर्व यादव, हितार्थ उमावा और अक्स पाटीदार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस दौरान अतिथियों ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें रतलाम का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। इन खिलाड़ियों ने जीते अपने आयु वर्ग के खिताब जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्गों में श्रेष्ठ बालक एवं बालिका खिलाड़ियों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ियों को आगामी राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। 11 स्कूलों के 220 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा जिला स्तरीय योग प्रतियोगिता में बोधि इंटरनेशनल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट, चैतन्य टेक्नो स्कूल, जैन पब्लिक स्कूल, समता इंटरनेशनल, मारुति एकेडमी, वर्धमान हाइट्स स्कूल, अग्रवाल विद्या मंदिर, शासकीय विनोबा स्कूल और सीएम राइज स्कूल सहित विभिन्न संस्थानों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल करीब 220 खिलाड़ियों ने अपनी योग प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका प्रतियोगिता को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निमित शर्मा, अमित रावल, अभिषेक गुर्जर, आशुतोष प्रजापति, समीक्षा परमार, यश सोनी, ललिता पंवार, गौरव मेहता और प्राची गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन वीरेंद्र गुर्जर ने किया। वहीं कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, खिलाड़ियों और अभिभावकों का आभार निमित शर्मा और परवेश परमार ने व्यक्त किया।

Ratlam News: रतलाम में नशे के खिलाफ कलेक्टर का सख्त रुख, कार्रवाई दिखाई नहीं देने पर जताई नाराजगी

Ratlam News: रतलाम में नारकोटिक्स रोकथाम को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सख्ती दिखाई। आबकारी और ड्रग इंस्पेक्टर को रोज कार्रवाई के निर्देश दिए। रतलाम- पब्लिक वार्ता  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं। नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने संबंधित विभागों को नियमित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई को लेकर कलेक्टर ने कड़ा असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि इन विभागों की कार्रवाई आखिर जनता को दिखाई क्यों नहीं दे रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका असर भी जमीन पर नजर आना चाहिए। कार्रवाई पर कलेक्टर ने अधिकारियों से पूछा सीधा सवाल समीक्षा के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या किसी अधिकारी ने इन विभागों की कार्रवाई को देखा, सुना या उसके बारे में पढ़ा है। इस सवाल पर बैठक में मौजूद अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि काम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कार्रवाई का असर आम लोगों और संबंधित क्षेत्रों में भी दिखाई देना जरूरी है। ड्रग इंस्पेक्टर से मांगा अगस्त का पूरा रिकॉर्ड कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को अगस्त महीने में की गई सभी कार्रवाइयों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में इस विषय पर प्राथमिकता से चर्चा की जाएगी। विभाग को यह जानकारी देनी होगी कि अगस्त में कितनी कार्रवाई की गई और उससे क्या परिणाम सामने आए। मुख्य निर्देश: अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर अभियान चलाने के निर्देश आबकारी विभाग को अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी नारकोटिक्स रोकथाम बैठक में पुलिस और संबंधित विभागों को उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए, जिन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। कलेक्टर ने ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। बैठक में सफेमा अधिनियम सहित कानूनी प्रावधानों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। स्कूलों में चलेगा नशामुक्ति जागरूकता अभियान नशे की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने केवल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय जागरूकता पर भी जोर दिया है। कलेक्टर ने स्कूलों में नशामुक्ति अभियान चलाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आरटीओ के माध्यम से बसों में नशामुक्ति से संबंधित फ्लेक्स और बैनर लगाने के लिए भी कहा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों तक नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में नारकोटिक्स रोकथाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

रॉयल कॉलेज में महर्षि श्री अरविंद जयंती पर जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम द्वारा महर्षि अरविंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, सालाखेड़ी कैंपस रतलाम पर किया गया। व्याख्यानमाला का उद्देश्य महर्षि अरविंद के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान, उनके जीवन दर्शन, शिक्षा संबंधी विचारों एवं राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जनमानस, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि अरविंद एवं मां के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। व्याख्यानमाला में बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि अरविंद के जीवन में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को अपनाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। अखण्ड ज्ञान आश्रम के स्वामी संत देव स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि महर्षि अरविंद का जीवन आत्मविकास के साथ राष्ट्र और समाज के विकास की प्रेरणा देता है। उनका शिक्षा दर्शन व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने कहा कि महर्षि अरविंद ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम नीरज पवैया ने महर्षि अरविंद के विचारों को नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। अरविंद सोसायटी से प्राध्यापक ऋतम् उपाध्याय ने कहा कि महर्षि अरविंद का शिक्षा दर्शन युवाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित है। उनके विचार विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। पर्यावरणविद एवं जिला जन अभियान समिति, रतलाम के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार ने महर्षि अरविंद के प्रकृति एवं मानव जीवन के समन्वय संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए त्रिवेणी वन रोपण अभियान की जानकारी दी तथा पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संदेश दिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बीके सविता दीदी ने महर्षि अरविंद के आत्मचेतना और सकारात्मक जीवन संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त भारत निर्माण के लिए “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा” अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महर्षि अरविंद सोसायटी के चेयरमैन सतीश पंडया एवं रॉयल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजलसहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्ति एवं स्वैच्छिकता की शपथ दिलाई गई। साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत त्रिवेणी के पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन महावीरदास बैरागी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन रॉयल कॉलेज प्रशासन के प्रोफेसर दिनेश राजपुरोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा एवं विजयेश राठौड़, रॉयल कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, प्रबंधन विभाग के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, लाइफ साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल, कम्प्यूटर विभाग की विभाग प्रमुख प्रो. दीपिका कुमावतएवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्राचार्य ज्योत्सना सोलंकी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, समिति पदाधिकारी, रॉयल कॉलेज के विद्यार्थी एवं स्टॉफ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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