MP News: मंदसौर गोलीकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: सुप्रीम कोर्ट ने मंदसौर गोलीकांड की जांच के लिए गठित जैन आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने के संबंध में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह आदेश पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर दिया गया।   चार सप्ताह में सरकार को देना होगा जवाब   सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति संदीप दास और न्यायमूर्ति विक्रम मेहता की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे की दलीलों को सुनने के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।   मामले का पूरा घटनाक्रम   6 जून 2017 को मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी स्थित पार्श्वनाथ चौपाटी पर किसानों के आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने से पांच किसानों की मौत हो गई थी। इस घटना की सीबीआई जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पारस सकलेचा ने 15 सितंबर 2017 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की थी। हालांकि, शासन द्वारा जैन आयोग के गठन के आधार पर यह याचिका खारिज कर दी गई थी।   चार साल बाद भी विधानसभा में पेश नहीं हुई रिपोर्ट   राज्य सरकार ने 12 जून 2017 को जैन आयोग का गठन किया, जिसने 13 जून 2018 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। लेकिन चार साल बीतने के बावजूद यह रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं की गई। इसके बाद पारस सकलेचा ने 3 मई 2022 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक नई याचिका दाखिल कर रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मांग की।   याचिका में तर्क दिया गया कि जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3(4) के तहत सरकार को किसी भी जांच आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के छह महीने के भीतर उस पर कार्रवाई कर विधानसभा में पेश करना अनिवार्य है।   हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका   मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 14 अक्टूबर 2024 को इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि घटना को सात वर्ष बीत चुके हैं, ऐसे में रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करने का अब कोई आधार नहीं बनता।   सुप्रीम कोर्ट की दखल   हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पारस सकलेचा ने 8 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और सर्वम रितम खरे ने सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।   क्या है आगे की राह   अब राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि जैन आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जाएगी या नहीं।  

Ratlam News: अवैध हथियार तस्करी में युवक गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा  

26 मार्च तक पुलिस रिमांड पर आरोपी, गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी   रतलाम-पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 27 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया, जिसे सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसाकर इस गैरकानूनी धंधे में धकेला गया था।   सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसा आरोपी   रतलाम एसपी अमित कुमार ने सोमवार को इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान के झुंझुनू जिले का रहने वाला सज्जन कुमार मेघवाल सोशल मीडिया के जरिए इस अपराध में फंसा। फेसबुक पर उसकी दोस्ती पूजा नाम की युवती से हुई, जिसने उसे अपनी सहेली अन्नू से संपर्क करने के लिए कहा। अन्नू, अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ी थी। उसने आरोपी को पैसों और प्यार का झांसा देकर इस धंधे में उतार दिया।   उज्जैन से जोधपुर तक होनी थी हथियार सप्लाई   सूत्रों के मुताबिक, अन्नू ने आरोपी को उज्जैन रेलवे स्टेशन के पास चामुंडा माता मंदिर के नजदीक बुलाया। वहां दो अज्ञात लोगों ने उसे चार पिस्टल और दो जिंदा कारतूस सौंपे। ये हथियार जोधपुर में किसी अपराधी तक पहुंचाने की योजना थी।   मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा   इक्कीस मार्च दो हजार पच्चीस को पुलिस को सूचना मिली कि चौरासी बड़ायला तिराहे के यात्री प्रतीक्षालय में एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ मौजूद है। रतलाम पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।    छब्बीस मार्च तक पुलिस रिमांड पर आरोपी   पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे छब्बीस मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।   गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस   पुलिस इस गिरोह के मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने के लिए आरोपी के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। विशेष टीम, जिसमें एडिशनल एसपी राकेश खाखा, जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो और औद्योगिक क्षेत्र जावरा थाना प्रभारी वीडी जोशी शामिल हैं, गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।   अवैध हथियार तस्करी पर पुलिस की सख्त नजर   रतलाम जिले में अवैध हथियारों की तस्करी पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। एसपी अमित कुमार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।   ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें हमारे साथ। हमें फॉलो करें और अपडेट्स पाएं।

Ratlam News: केदारेश्वर महादेव मंदिर में चोरी का प्रयास, जलाधारी उखाड़ने वाला CCTV में कैद  

सैलाना- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सैलाना तहसील के ग्राम अडवानिया स्थित प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर का है, जहां अज्ञात व्यक्ति ने शिवलिंग की पीतल जलाधारी को उखाड़ने का प्रयास किया। जलाधारी भारी होने के कारण चोर उसे ले जाने में नाकाम रहा। CCTV फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति कैद हुआ है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।   CCTV में संदिग्ध कैद, पुलिस तलाश में जुटी   सोमवार सुबह सैलाना निवासी शिक्षक रामचंद्र चारेल मंदिर पहुंचे तो उन्होंने जलाधारी को उखड़ा हुआ पाया। उन्होंने तुरंत मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। मौके पर एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया और तहसीलदार कैलाश कन्नौज पहुंचे और जांच शुरू की।   CCTV फुटेज में एक अर्धविक्षिप्त व्यक्ति नजर आ रहा है, जो पहले मंदिर की सीढ़ियों पर सोता दिखा और फिर लोटे से जलाधारी को खोदने की कोशिश करता नजर आया। पुलिस उसकी पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी संभव है।   दान पात्र सुरक्षित, चोरी की मंशा पर सवाल   मंदिर के पुजारी जयप्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2016 में मंदिर में 35 किलो वजनी पीतल की जलाधारी और 32 किलो वजनी रेलिंग का निर्माण किया गया था। आश्चर्य की बात यह है कि चोर ने दान पात्रों को छुआ तक नहीं, जिससे उसकी मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।   पुलिस जांच में जुटी   थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गड़रिया ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा रही है। पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करेगी।  

MP News: 18 महीने बाद जिंदा लौटी महिला, परिवार कर चुका था अंतिम संस्कार, चार लोग काट रहे थे हत्या की सजा  

मंदसौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिस महिला को 18 महीने पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह जिंदा लौट आई। इस घटना ने पुलिस और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस मामले में चार लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए जेल भेज दिया गया था।   कैसे हुआ खुलासा   इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ललिता बाई नामक यह महिला अचानक पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने जीवित होने की पुष्टि की। जब यह खबर उसके परिवार तक पहुंची तो वे हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने डेढ़ साल पहले ही उसके शव की पहचान कर अंतिम संस्कार कर दिया था।   ललिता के पिता रमेश नानूराम बांछड़ा ने बताया कि उन्होंने शारीरिक निशानों के आधार पर शव की पहचान की थी, जिसमें उसके हाथ पर टैटू और पैर के चारों ओर बंधा काला धागा शामिल था। शव की पहचान के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।    हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेजे गए थे चार लोग   इस कथित हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों इमरान, शाहरुख, सोनू और एजाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन ललिता के जिंदा लौटने के बाद अब यह मामला उलझ गया है।   ललिता ने बताई अपनी आपबीती   अपने लापता होने की कहानी बताते हुए ललिता ने पुलिस को बताया कि वह शाहरुख के साथ भानुपरा गई थी। वहां दो दिन रहने के बाद उसे कथित तौर पर शाहरुख नामक एक अन्य व्यक्ति को 5 लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद वह डेढ़ साल तक कोटा में रही और फिर किसी तरह भागकर अपने गांव लौटी।   जांच में जुटी पुलिस   ललिता ने अपनी पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज पेश किए। गांधी सागर पुलिस स्टेशन की प्रभारी तरुणा भारद्वाज ने बताया कि ललिता कुछ दिन पहले ही पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने आई थी कि वह जीवित है। पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से उसकी पहचान सत्यापित कराई, जिन्होंने पुष्टि की कि वह सच में ललिता ही है।   अब पुलिस इस पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था और हत्या के मामले में जेल में बंद चार लोगों का क्या होगा।   क्या होगा आगे   ललिता के जिंदा लौटने से कई सवाल खड़े हो गए हैं   1. जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था   2. क्या ललिता के परिवार से कोई गलती हुई या फिर किसी ने जानबूझकर उन्हें गुमराह किया   3. जिन चार लोगों को हत्या का दोषी मानकर जेल भेजा गया, उनके साथ अब क्या होगा   पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह घटना मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस जांच के तरीकों पर भी सवाल खड़े कर रही है।  

MP News: जावरा रोड पर शराब की दुकान हटाने की मांग, स्थानीय नागरिकों में रोष  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP News: वार्ड क्रमांक 31, जावरा रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग जोर पकड़ रही है। प्रांतीय मंत्री अनिल रानीवाल ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर जनहित और समाजहित में दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की अपील की है। मुख्य आपत्तियाँ   शराब की दुकान मेन रोड पर होने के कारण आए दिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को असुविधा होती है।   दुकान के पास ही पीर बाबा की दरगाह दस मीटर, शीतला माता मंदिर तीस मीटर और शासकीय विद्यालय सत्तर मीटर की दूरी पर स्थित हैं। धार्मिक स्थल और स्कूल के पास शराब की दुकान होना सामाजिक दृष्टि से आपत्तिजनक है।   शराबियों की गतिविधियों से सड़क पर झगड़े और विवाद बढ़ रहे हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को असुरक्षा महसूस होती है।   यह इलाका मुख्य सड़क से जुड़ा होने के कारण यहाँ से भारी वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे शराबियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।   प्रशासन को दी चेतावनी   पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि जल्द से जल्द इस शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो स्थानीय नागरिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।   स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया   क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास शराब की दुकान होने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बच्चों को यहाँ से गुजरने में डर लगता है।   क्या होगा अगला कदम   वप्रिल दो हजार पच्चीस में नए शराब दुकान लाइसेंस जारी होने हैं, ऐसे में प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि इस दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है।  

MP News: मध्यप्रदेश में बलात्कार के मामलों में 19% वृद्धि, प्रतिदिन 20 घटनाएं  

पिछले पांच वर्षों में इंदौर में सर्वाधिक 2301 मामले, झाबुआ में 158% वृद्धि   भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वर्ष 2024 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। वर्ष 2020 में यह संख्या 6134 थी, जो 2024 में बढ़कर 7294 हो गई, यानी पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में 19% की वृद्धि हुई।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक पंकज उपाध्याय के प्रश्न के उत्तर में दी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन में दर्शाई गई बलात्कार की कुल संख्या 5374 असत्य थी। वास्तविक आंकड़ा 7202 था, जिसमें से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से जुड़े मामलों की संख्या 3831 थी। जबकि वार्षिक प्रतिवेदन में इसे केवल 883 बताया गया था।   वार्षिक प्रतिवेदन के आंकड़े असत्य   मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा शाखा और अजाक शाखा से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह गड़बड़ी हुई। जिलों से वास्तविक आंकड़े मंगाने पर पता चला कि रिपोर्ट में दी गई संख्या से वास्तविक आंकड़े काफी अधिक हैं।   विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि वार्षिक प्रतिवेदन में वास्तविक संख्या छिपाने का प्रयास किया गया और विधानसभा में गलत आंकड़े पेश कर उसकी अवमानना की गई।   2023 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बलात्कारों की संख्या 5374 थी, जबकि असल में यह 7202 रही। अनुसूचित जाति की महिलाओं से जुड़े मामले 883 बताए गए, लेकिन असल में यह 3831 थे। यानी अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं से बलात्कार के मामले 340% अधिक निकले।   जातिगत आधार पर बलात्कार के बढ़ते आंकड़े   मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति की महिलाओं से बलात्कार की घटनाओं में 10%, अनुसूचित जनजाति में 26%, पिछड़ा वर्ग में 20% और सामान्य वर्ग में 24% की वृद्धि हुई है।   2020 से 2024 के बीच अनुसूचित जाति की महिलाओं के बलात्कार के मामलों में सरकारी रिपोर्ट और वास्तविक आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया।   वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में 546, 2021 में 611, 2022 में 593, 2023 में 538 और 2024 में 557 मामले थे, जबकि वास्तविक आंकड़ों के अनुसार 2020 में 1640, 2021 में 1712, 2022 में 1861, 2023 में 1769 और 2024 में 1799 मामले सामने आए।   इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी सरकारी रिपोर्ट में आंकड़े काफी कम बताए गए। वार्षिक रिपोर्ट में 2020 में 395, 2021 में 394, 2022 में 403, 2023 में 345 और 2024 में 359 मामले बताए गए, जबकि वास्तविक आंकड़े 2020 में 1742, 2021 में 1968, 2022 में 2874, 2023 में 2062 और 2024 में 2194 रहे।   जिलावार बलात्कार के आंकड़े   पिछले पांच वर्षों में इंदौर जिला बलात्कार के मामलों में सबसे आगे रहा, जहां 2301 मामले दर्ज हुए। इसके बाद भोपाल में 1949, धार में 1602, खरगोन में 1230, सागर में 1200, जबलपुर में 1056 और रतलाम में 1018 मामले सामने आए।   सबसे अधिक वृद्धि झाबुआ में देखी गई, जहां 158% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इंदौर शहर में 103% वृद्धि, इंदौर ग्रामीण में 69% वृद्धि, भोपाल शहर में 59% वृद्धि और रतलाम में 46% वृद्धि दर्ज की गई।   वहीं, बालाघाट और जबलपुर में क्रमशः 33% और 15% की कमी आई। गुना, अशोकनगर, भिंड, बुरहानपुर, शाजापुर, कटनी, सिवनी, पन्ना, सतना, अनूपपुर और राजगढ़ में भी मामले घटे। ग्वालियर, दमोह और विदिशा में संख्या स्थिर रही।   न्यायालय में सजा का प्रतिशत कम   विधायक पंकज उपाध्याय ने न्यायालय में बलात्कार के मामलों की सफलता दर पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में सजा की दर बेहद कम रही। अनुसूचित जाति के 2739 मामलों में सिर्फ 23% दोषसिद्धि हुई और 77% आरोपी बरी हुए। अनुसूचित जनजाति के 3163 मामलों में 22% दोषसिद्धि हुई और 78% आरोपी बरी हो गए। पिछड़ा वर्ग के 3982 मामलों में 21% दोषसिद्धि और 79% बरी हुए। सामान्य वर्ग के 1222 मामलों में केवल 18% दोषसिद्धि हुई और 82% आरोपी छूट गए।   महिला सुरक्षा पर सवाल   बलात्कार के मामलों में लगातार वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया में कम दोषसिद्धि दर ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विधायक पंकज उपाध्याय ने मांग की है कि सरकार को बलात्कार के मामलों में सही आंकड़े प्रस्तुत करने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।  

Ratlam News: औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने जुआ खेलते 7 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र गौतम के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में ताश के पत्ते और 14,390 रुपये नकद जब्त किए गए।   बापू नगर में हो रहा था अवैध जुआ   20 मार्च 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बापू नगर, रतलाम में कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 207/2025, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।   गिरफ्तार आरोपी   1. मोहम्मद रफीक पिता मोहम्मद हनीफ शेख (उम्र 43) निवासी बापू नगर, जावरा रोड, रतलाम   2. सरताज खान पिता सत्तार खान (उम्र 35) निवासी सम्यक सिटी, डी-मार्ट के पास, रतलाम   3. अनिल टांक पिता गोपाल टांक (उम्र 32) निवासी लक्ष्मणपुरा, हरिजन मोहल्ला, रतलाम   4. अजय पाल पिता बाबूलाल पाल (उम्र 35) निवासी लक्ष्मणपुरा, रेलवे क्वार्टर, रतलाम   5. रोसीक खान पिता सत्तार खान (उम्र 28) निवासी सम्यक गोल्ड सिटी, डी-मार्ट के पास, रतलाम   6. नरेंद्र प्रजापत पिता मांगीलाल प्रजापत (उम्र 28) निवासी भगतपुरी, मकान नंबर 13/1, थाना माणक चौक, रतलाम   7. सलमान पिता शाकीर शाह (उम्र 32) निवासी कुली कॉलोनी, रहमत नगर, थाना स्टेशन रोड, रतलाम   जब्त सामान   – ताश के पत्ते   – नगद राशि – 14,390 रुपये   अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी   पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार शहर में अवैध गतिविधियों, जुआ, मादक पदार्थों की बिक्री और असामाजिक तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने यह कार्रवाई कर जुआरियों को गिरफ्तार किया।   पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका   इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम के नेतृत्व में सउनि नरेश पांडेय, आरक्षक कपिल, इमरान, महेंद्र, रवि चंदेल, अभिषेक पाठक, लंकेश पाटीदार और राणा प्रताप का अहम योगदान रहा।  

Ratlam News: नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई, फर्जी क्लीनिक पर एफआईआर दर्ज

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में फर्जी क्लीनिक और मेडिकल स्टोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीएमएचओ डॉ. एम. एस. सागर ने बताया कि भारत सरकार के अवर सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग भोपाल से मिले आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई।   ग्राम मलवासा में पटेल मेडिकल स्टोर का निरीक्षण   जिला स्तरीय जांच दल ने ग्राम मलवासा में पटेल मेडिकल स्टोर एवं जनरल स्टोर का निरीक्षण किया, जहां संचालक के पास वैध लाइसेंस पाया गया। हालांकि, मेडिकल स्टोर के पीछे बने कक्ष में डॉ. एहसान अली मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार करते हुए पाए गए। जांच में सामने आया कि उनके पास केवल जीएनएम जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी का प्रमाण पत्र है, लेकिन वे खुद को चिकित्सक बताकर मरीजों का इलाज कर रहे थे।   बिना पंजीयन चल रहा था अस्पताल, बायोमेडिकल वेस्ट नियमों का उल्लंघन   जांच में अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट अधिनियम 2016 और 2018 के नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। साथ ही, नर्सिंग होम एक्ट के तहत अस्पताल का वैधानिक पंजीयन नहीं पाया गया। डॉ. एहसान अली चिकित्सा व्यवसाय संबंधी मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल का पंजीयन प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत नहीं कर सके।   दवाइयां जब्त, एफआईआर दर्ज   जिला स्तरीय जांच दल ने मौके से उपलब्ध दवाइयों को जब्त कर मौका पंचनामा तैयार किया। इसके बाद नामली थाने में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।   जांच दल में शामिल अधिकारी   इस कार्रवाई में डॉ. प्रणब मोदी, डॉ. राजेश मंडलोई, आशीष चौरसिया, पुष्कर राज शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।  

Ratlam News: रतलाम पुलिस का विशेष अभियान: निजी वाहनों पर हूटर, फ्लैश लाइट व अमानक नंबर प्लेट के खिलाफ कार्रवाई  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:  पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में रतलाम पुलिस द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार निजी वाहनों पर प्रतिबंधित हूटर, फ्लैश लाइट, लाल, पीली, नीली बत्ती, वीआईपी स्टीकर व अमानक नंबर प्लेट का उपयोग करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया।   अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा (रा.पु.से.) और उप पुलिस अधीक्षक यातायात अनिल कुमार राय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष चौरसिया, सूबेदार अनोखीलाल परमार, प्रआर 222 धीरेन्द्र दीक्षित, आर 1152 भगत सिंह और आर 1166 मोहन धार्वे की टीम ने यह अभियान संचालित किया। इस दौरान कुल 38 वाहनों पर कार्रवाई कर 20,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।   यातायात पुलिस रतलाम ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क को सुरक्षित व सुगम बनाने में पुलिस का सहयोग करें। यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

MP News: क्रिकेट मैच की जीत का जश्न बना बवाल, पथराव-आगजनी के बाद इलाके में शांति, 13 आरोपी गिरफ्तार

महू/इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में भारतीय क्रिकेट टीम की चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में जीत का जश्न अचानक हिंसा में बदल गया। जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने सेना की क्विक रिस्पांस टीम को तैनात किया है। फिलहाल, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।   कैसे भड़की हिंसा?   भारतीय टीम की जीत के बाद 100 से ज्यादा लोग 50 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर जश्न मनाने निकले थे। जब यह जुलूस जामा मस्जिद के पास पहुंचा, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि पथराव शुरू हो गया और कुछ गाड़ियों में आग भी लगा दी गई।   मस्जिद के बाहर पटाखों से बिगड़ा माहौल   इंदौर ग्रामीण एसपी हितिका वसल ने बताया कि जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने मस्जिद के बाहर पटाखे फोड़े, जिससे विवाद की स्थिति बन गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे।   इलाके में भारी पुलिस बल तैनात   हिंसा के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महू के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया। कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार, स्थिति को देखते हुए सेना की 8 टुकड़ियां भी इलाके में तैनात कर दी गई हैं।    15 वाहन क्षतिग्रस्त, 6 से ज्यादा गाड़ियों में आग   मार्केट चौक, जामा मस्जिद, बतख मोहल्ला, धान मंडी और पत्ती बाजार सहित कई इलाकों में हिंसा फैल गई। इस दौरान 15 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिनमें से 6 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।   13 लोग हिरासत में, फुटेज के आधार पर और गिरफ्तारियां होंगी   हिंसा के मामले में पुलिस ने 13 लोगों को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। महू थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है।   फिलहाल शांति, पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग जारी   अधिकारियों का कहना है कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।  

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