Ratlam News: आलोट में महिला से मारपीट, पुलिस पर हल्की धाराओं में केस दर्ज करने के आरोप

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया मारू में रास्ते पर बने गड्ढे को भरने की बात को लेकर महिला के साथ सरेआम मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने बीच सड़क पर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले में हल्की धाराओं में केस दर्ज किया है और अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना का वीडियो देखे जानकारी के अनुसार फरियादी श्यामुबाई बागरी (उम्र लगभग 41 वर्ष) पत्नी भंवरलाल बागरी, निवासी ग्राम पिपलिया मारू, थाना आलोट, खेती-मजदूरी का काम करती हैं। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके घर के पीछे से कुएं की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता है। उसी रास्ते में मोहनलाल बागरी ने मकान बनाने के लिए गड्ढा खोद दिया था। 8 मार्च को सुबह करीब 11 बजे श्यामुबाई अपने पति के साथ उस गड्ढे को भर रही थी। इसी दौरान मोहनलाल बागरी, उसकी पत्नी लीलाबाई बागरी तथा उसकी बेटियां कृष्णाबाई और दुर्गाबाई वहां पहुंचे और गड्ढा भरने को लेकर विवाद करने लगे। पीड़िता का आरोप है कि चारों ने अश्लील गालियां देते हुए लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट शुरू कर दी। महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान मोहनलाल ने पत्थर फेंककर मारा, जो उसके चेहरे पर लगा। वहीं बीच-बचाव करने आई उसकी बेटी धापुबाई के साथ भी कृष्णाबाई और दुर्गाबाई ने मारपीट की। इस घटना में महिला के चेहरे और शरीर पर, उसकी बेटी के गले और शरीर पर तथा उसके पति के हाथ और नाक पर चोटें आई हैं। घटना के दौरान गांव के शांतिबाई और कारूलाल ने बीच-बचाव किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने जाते-जाते धमकी दी कि अगर दोबारा गड्ढा भरा तो जान से खत्म कर देंगे। पीड़िता की शिकायत पर आलोट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि महिला का आरोप है कि गंभीर मारपीट और चोट के बावजूद पुलिस ने साधारण धाराओं में केस दर्ज किया है और अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। इस मामले को लेकर जब एसडीओपी पल्लवी गौर से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि वे थाने से मामले की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई करवाएंगी।

Instagram DM Privacy Update: 8 मई से हटेगा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, प्राइवेट मैसेज पर बढ़ेगी निगरानी?

Instagram DM Privacy Update: Instagram ने डायरेक्ट मैसेज से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाने का फैसला लिया है। 8 मई 2026 से लागू होने वाले इस अपडेट के बाद प्राइवेट चैट की सुरक्षा पर सवाल उठ सकते हैं। जानिए पूरा मामला। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Instagram DM Privacy Update: दुनिया के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक Instagram के करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने डायरेक्ट मैसेज (DM) से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर को हटाने जा रही है। यह बदलाव 8 मई 2026 से लागू होगा। इस अपडेट के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज पहले की तरह पूरी तरह प्राइवेट नहीं रहेंगे। यानी तकनीकी रूप से कंपनी चाहे तो यूजर्स के मैसेज को एक्सेस कर सकती है। 2023 में शुरू हुआ था एन्क्रिप्टेड चैट फीचर रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्टाग्राम ने दिसंबर 2023 में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर की शुरुआत की थी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी बातचीत को सिर्फ मैसेज भेजने वाला और रिसीव करने वाला ही पढ़ सके। लेकिन अब इस फीचर को हटाने के बाद यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा समाप्त हो जाएगी। यूजर्स अपनी चैट और मीडिया डाउनलोड कर सकते हैं इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta Platforms ने कहा है कि एन्क्रिप्शन बंद होने से पहले यूजर्स अपनी मौजूदा चैट और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकते हैं। आखिर Meta ने यह फैसला क्यों लिया? हालांकि Meta ने आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे ऑनलाइन सुरक्षा और सरकारी नियमों का दबाव हो सकता है। दुनिया के कई देशों की सरकारें एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियम लागू करने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि एन्क्रिप्टेड चैट्स के जरिए बच्चों के शोषण या गैर-कानूनी गतिविधियों से जुड़ा कंटेंट ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। नए नियमों का भी असर यूरोपियन यूनियन का प्रस्तावित EU Chat Control Regulation और ब्रिटेन का Online Safety Act 2023 सोशल मीडिया कंपनियों को संदिग्ध और अवैध कंटेंट को स्कैन करने और हटाने के लिए बाध्य करता है। ऐसे में एन्क्रिप्शन हटाने से Meta के लिए इन नियमों का पालन करना आसान हो सकता है। क्या WhatsApp और Messenger पर भी पड़ेगा असर? इस फैसले के बाद यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे WhatsApp और Facebook Messenger पर भी भविष्य में ऐसे बदलाव हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल कंपनी ने इन ऐप्स के एन्क्रिप्शन को लेकर कोई नई घोषणा नहीं की है।

Ratlam News: रतलाम में महिला चेन स्नेचर गिरोह पकड़ा, 24 घंटे में पुलिस का खुलासा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में चेन स्नेचिंग की घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। थाना माणकचौक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला चेन स्नेचर गिरोह के पांच सदस्यों सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 30.580 ग्राम वजनी सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की गई है। वीडियो देखे पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (आईपीएस) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी पतिराम डावरे के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपियों की तलाश की गई। बताया गया कि 13 मार्च को दशा माता के त्योहार के दौरान महिलाएं हरदेवलाल की पीपली स्थित मंदिर में पूजा कर रही थीं। इसी दौरान अज्ञात महिला गिरोह ने फरियादिया विद्या पति आशीष माहेश्वरी (उम्र 42 वर्ष) की सास सावित्री देवी के गले से सोने की चेन चोरी कर ली। घटना की सूचना मिलने पर थाना माणकचौक में अपराध क्रमांक 115/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से चोरी गई करीब 30.580 ग्राम वजनी सोने की चेन बरामद की गई है। साथ ही घटना में प्रयुक्त एमपी09 एआर 0301 नंबर की आर्टिगा कार भी जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपी: पुलिस के अनुसार यह गिरोह भीड़भाड़ और धार्मिक आयोजनों के दौरान महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देता था। कार्रवाई में थाना माणकचौक पुलिस, साइबर सेल रतलाम और थाना धामनोद जिला धार की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है।

Mobile Data: क्या मोबाइल डेटा होगा महंगा? हर 1GB पर लग सकता है ₹1 टैक्स, जानिए क्या है मामला

Mobile Data भारत में मोबाइल डेटा महंगा हो सकता है। सरकार हर 1GB डेटा पर ₹1 टैक्स लगाने के प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है। जानिए पूरा मामला और यूजर्स पर इसका कितना असर पड़ेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Mobile Data: भारत में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए आने वाले समय में डेटा महंगा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार मोबाइल डेटा उपयोग पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की संभावना का अध्ययन कर रही है। इसके लिए दूरसंचार विभाग (DoT) को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी एक समीक्षा बैठक के दौरान मोबाइल डेटा पर टैक्स लगाने का मुद्दा सामने आया था। इसके बाद सरकार ने दूरसंचार विभाग से यह जांच करने को कहा कि क्या मोबाइल डेटा इस्तेमाल पर नया टैक्स लगाया जा सकता है और यदि लगाया जाए तो उसका ढांचा कैसा होगा। हर 1GB डेटा पर लग सकता है ₹1 टैक्स रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार जिन विकल्पों पर विचार कर रही है, उनमें मोबाइल डेटा उपयोग पर प्रति 1GB लगभग ₹1 का अतिरिक्त टैक्स लगाने का प्रस्ताव शामिल है। अगर यह मॉडल लागू किया जाता है, तो जब भी कोई यूजर मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करेगा, उसे मौजूदा चार्ज के अलावा यह अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि इस तरह का टैक्स लागू होता है तो सरकार को इससे हर साल करीब ₹22,900 करोड़ तक की अतिरिक्त आय हो सकती है। पहले से लग रहा है 18% GST गौरतलब है कि भारत में मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर पहले से ही 18% जीएसटी लगाया जाता है। यानी यूजर्स टेलीकॉम सेवाओं पर पहले ही टैक्स दे रहे हैं। ऐसे में यदि मोबाइल डेटा उपयोग पर अलग से टैक्स लागू होता है, तो यह मौजूदा टैक्स के अलावा अतिरिक्त शुल्क होगा। भारत में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत उन देशों में शामिल है जहां मोबाइल इंटरनेट की कीमत दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी कम है। कम कीमतों के कारण देश में वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसके चलते डेटा की खपत भी लगातार बढ़ रही है। अभी नहीं हुई कोई आधिकारिक घोषणा हालांकि, इस मामले में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सरकार ने दूरसंचार विभाग को इस प्रस्ताव के फायदे और नुकसान का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

LPG crisis India: LPG संकट का असर इंटरनेट पर? गैस की किल्लत से मोबाइल नेटवर्क ठप होने की आशंका

LPG crisis India: अमेरिका-ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत में LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है। टेलीकॉम कंपनियों ने चेतावनी दी है कि अगर संकट लंबा चला तो मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG crisis India: अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दिखने लगा है। इस तनाव के कारण भारत में एलपीजी (LPG) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ सकता है। टेलीकॉम टावरों के संचालन पर बढ़ सकता है असर दरअसल, कई जगह टेलीकॉम टावरों और डेटा सेंटरों के बैकअप जनरेटर के लिए एलपीजी का इस्तेमाल किया जाता है। यदि गैस की आपूर्ति बाधित होती है तो टेलीकॉम कंपनियों को संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि कंपनियों के पास बिजली और अन्य ईंधन के विकल्प मौजूद होते हैं, लेकिन लंबे समय तक एलपीजी की कमी रहने पर संचालन लागत बढ़ सकती है और कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या भी सामने आ सकती है। DIPA ने सरकार को दी चेतावनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) के अनुसार, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद तेल कंपनियों ने टेलीकॉम टावर निर्माण से जुड़ी कुछ इकाइयों को एलपीजी की आपूर्ति रोक दी है।हालांकि फिलहाल देश में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन स्थिति लंबी चली तो समस्या बढ़ सकती है। टेलीकॉम टावर निर्माण भी हो सकता है प्रभावित टेलीकॉम टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों में गैल्वनाइजेशन प्लांट में जिंक को पिघली हुई अवस्था में बनाए रखने के लिए लगातार ईंधन की जरूरत होती है।कुछ कंपनियों ने फिलहाल कम लौ पर प्लांट चलाने का विकल्प अपनाया है, लेकिन यदि एलपीजी की कमी जारी रही तो उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। इससे नए टेलीकॉम टावरों के निर्माण में देरी हो सकती है और नेटवर्क विस्तार की गति धीमी पड़ सकती है। क्यों जरूरी है मजबूत टेलीकॉम नेटवर्क आज के दौर में टेलीकॉम नेटवर्क केवल कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं है। 5G नेटवर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशन, आपातकालीन सेवाएं, डिजिटल भुगतान, सरकारी ऑनलाइन सेवाएं और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं पूरी तरह इस नेटवर्क पर निर्भर करती हैं। ऐसे में इसकी निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है। सरकार से की गई अहम मांग DIPA ने दूरसंचार विभाग से मांग की है कि टेलीकॉम टावर निर्माण इकाइयों को एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध से छूट दी जाए। साथ ही टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कीमतों में उछाल और सप्लाई संकट की स्थिति बन सकती है।

Ratlam News: रतलाम के पैलेस रोड स्थित इंडियन बैंक में लगी भीषण आग, कंप्यूटर-एसी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जले; लॉकर सुरक्षित

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के पैलेस रोड स्थित इंडियन बैंक की शाखा में शुक्रवार सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की घटना में बैंक के अंदर रखे कई कंप्यूटर, एसी, फर्नीचर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के समय बैंक बंद था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 7:15 बजे आसपास के लोगों ने बैंक के अंदर से धुआं निकलते देखा। इसी दौरान बैंक का सायरन भी बजने लगा। लोगों ने तुरंत बैंक अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बैंक मैनेजर राजीव बोथरा और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। शटर खोलने पर सामने बने एक केबिन से धुआं निकलता दिखाई दिया, जो कुछ ही देर में तेज आग में बदल गया। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर बैंक के अंदर पाइप ले जाकर आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं और देखते ही देखते बैंक के अंदर रखा काफी सामान जलने लगा। करीब एक घंटे की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बैंक के कई कंप्यूटर, एसी, फर्नीचर और अन्य सामान जल चुके थे। आग बुझाने में इस्तेमाल किए गए पानी से भी कई जरूरी दस्तावेज खराब हो गए। बताया जा रहा है कि जिस भवन में बैंक संचालित है, उसके निचले तल पर बैंक और ऊपरी मंजिल पर एक कोचिंग सेंटर चलता है। सुबह का समय होने के कारण उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग की तेज गर्मी के कारण बैंक मैनेजर के चैंबर में लगा एसी पिघल गया और केबिन के कांच भी टूट गए। बैंक परिसर में रखे करीब 7 से 8 कंप्यूटर आग की चपेट में आकर जल गए या पानी से खराब हो गए। बताया जा रहा है कि आग लॉकर वाले केबिन के सामने बने एक केबिन में लगी थी। हालांकि लॉकर अंदर होने के कारण सुरक्षित बच गया। आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड के सुरेंद्रसिंह, हेमंत, सलीम, योगी, सुरेंद्रसिंह और जुझारसिंह ने बैंक के अंदर जाकर पाइप के माध्यम से आग पर काबू पाया। बैंक मैनेजर राजीव बोथरा के मुताबिक सुबह आसपास के लोगों से बैंक में धुआं निकलने और सायरन बजने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। बैंक में चालू और सेविंग मिलाकर करीब 80 हजार खाते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही कई ग्राहक भी बैंक पहुंच गए और लॉकर की सुरक्षा को लेकर जानकारी लेते रहे। फिलहाल बैंक के लॉकर सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जबकि बैंक को हुए नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हो पाया है।

MP News: एमपी में ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’: युवाओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत 4165 युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा और उन्हें प्रशासनिक काम का अनुभव भी मिलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से एक नई योजना शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 10 मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ना और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की सही जानकारी प्राप्त करना है। 4165 युवाओं को मिलेगा मौका राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत 4,165 युवाओं को इंटर्न के रूप में जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) से लगभग 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा और उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार का अनुभव मिलेगा और सरकारी योजनाओं की निगरानी भी मजबूत होगी। अटल सुशासन संस्थान करेगा संचालन इस कार्यक्रम का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से किया जाएगा। यह संस्थान युवाओं को प्रशिक्षण देगा और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जोड़ेगा। इंटर्न को करना होगा यह काम ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ के तहत चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इनमें शामिल हैं: युवाओं को मिलेगा प्रशासन का अनुभव सरकार का मानना है कि इस योजना से युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। वहीं सरकार को भी जमीनी स्तर से वास्तविक फीडबैक मिलेगा, जिससे योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। एमपी कैबिनेट के अन्य अहम फैसले कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए:

PM Kisan: 13 मार्च को आएगी PM किसान की 22वीं किस्त, करोड़ों किसानों के खाते में ट्रांसफर होंगे 2000 रुपये

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी होगी। पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। जानिए किसे मिलेगा लाभ और कैसे चेक करें अपना स्टेटस। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत देशभर के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। केंद्र सरकार ने योजना की 22वीं किस्त जारी करने की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार के अनुसार 13 मार्च को पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस घोषणा के बाद लंबे समय से किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। 2019 में शुरू हुई थी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। यानी हर चार महीने में 2000 रुपये सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। अब तक सरकार किसानों को 21 किस्तें जारी कर चुकी है, जबकि अब 22वीं किस्त जारी होने जा रही है। किसानों को होली से पहले मिली खुशखबरी पिछले कुछ समय से किसानों के बीच यह चर्चा चल रही थी कि फरवरी के अंत तक किस्त जारी हो सकती है। इसके बाद कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि होली से पहले किसानों को किस्त मिल सकती है। अब सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा करते हुए बताया है कि 13 मार्च को किसानों के खातों में 2000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जाएगी। इन कारणों से अटक सकती है किस्त कुछ किसानों को इस बार किस्त मिलने में परेशानी भी हो सकती है। अगर किसान ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं तो उनकी किस्त रुक सकती है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं— इन वजहों से कई किसानों की किस्त अटक सकती है। ऐसे चेक करें अपने खाते की स्थिति किसान आसानी से ऑनलाइन यह जांच सकते हैं कि उनके खाते में किस्त आएगी या नहीं। इसके लिए उन्हें पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद ये स्टेप्स फॉलो करें— रुकी हुई किस्त भी मिल सकती है अगर किसी किसान की किस्त पहले किसी कारण से रुक गई थी और उसने अब सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, तो भविष्य में उसे किस्त का लाभ मिल सकता है। कुछ मामलों में पहले की रुकी हुई किस्त भी बाद में जारी की जा सकती है, हालांकि यह पूरी तरह जांच और पात्रता पर निर्भर करता है।

Share Market: 1300 अंक टूटा सेंसेक्स: शेयर बाजार में कोहराम, निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे

भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1300 अंक टूटा और निफ्टी 23,900 के नीचे बंद हुआ। निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे, जानिए गिरावट की बड़ी वजह। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Share Market: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,342.27 अंक यानी 1.72% गिरकर 76,863.71 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 394.75 अंक यानी 1.63% टूटकर 23,866.85 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों को बड़ा झटका लगा और बाजार पूंजीकरण में करीब 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। टॉप 30 शेयरों में अधिकांश में गिरावट बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 2 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि बाकी 28 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार की इस गिरावट में कई बड़े शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। इनमें प्रमुख रूप से बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की कमाई हुई साफ मंगलवार को शेयर बाजार में तेजी के कारण निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ था, लेकिन बुधवार की गिरावट ने यह कमाई लगभग पूरी तरह मिटा दी। बीएसई का कुल मार्केट कैप मंगलवार को करीब 447 लाख करोड़ रुपये था, जो गिरकर 441.90 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इन सेक्टरों में ज्यादा गिरावट बाजार में आई इस गिरावट का असर कई सेक्टरों पर देखने को मिला। इन सभी क्षेत्रों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। एफआईआई की बिकवाली बनी बड़ी वजह शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रही। 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 4,673 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। प्रॉफिट बुकिंग का भी असर पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग की। इससे भी बाजार पर दबाव बढ़ा और इंडेक्स नीचे आ गए। मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी चिंता वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों की खबरों ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। इंडिया VIX में उछाल बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX भी 11 मार्च को 8% से ज्यादा बढ़कर 20.5 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। बाजार में आगे क्या रहेगा रुख विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह लेने की सलाह दी जा रही है।

चंपा विहार में विश्व हिंदू परिषद का कुटुंब प्रबोधन संवाद कार्यक्रम संपन्न, परिवार में संवाद और संस्कारों पर दिया जोर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। चंपा विहार में विश्व हिंदू परिषद द्वारा कुटुंब प्रबोधन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने सर्व समाज के साथ संवाद करते हुए परिवार, संस्कार और धर्म जागरूकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर परिवार को सप्ताह में कम से कम एक दिन ऐसा तय करना चाहिए, जब पूरा परिवार एक साथ बैठकर संवाद करे और साथ में भोजन करे। इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और समझ बढ़ती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बेटों और बेटियों को हिंदू धर्म की परंपराओं, संस्कृति और मूल्यों के बारे में अवश्य समझाएं, ताकि नई पीढ़ी अपने धर्म को सही तरीके से जान सके। आलोक कुमार ने कहा कि परिवार में किसी सदस्य के जन्मदिन के अवसर पर धार्मिक यात्रा, गौ सेवा या समाज सेवा जैसे कार्य किए जाने चाहिए। इससे बच्चों में सेवा और संस्कार की भावना विकसित होती है। उन्होंने समाज को जागरूक रहने और बेटियों को धार्मिक व सांस्कृतिक शिक्षा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। संवाद के दौरान आगामी कार्यक्रमों रामोत्सव, हनुमान उत्सव और स्थापना दिवस को जिला, प्रखंड, खंड, मोहल्ला समिति और ग्राम समिति स्तर तक आयोजित करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर मंच पर विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री जितेंद्र पवार, मालवा प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, प्रांत सह मंत्री महेश आंजना, विभाग मंत्री सौरभ चतुर्वेदी, विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, रतलाम जिला अध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला मंत्री गौरव शर्मा, जिला संयोजक मुकेश व्यास सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जावरा जिला अध्यक्ष मधुसूदन, जावरा जिला मंत्री तूफान सिंह सहित रतलाम, जावरा और झाबुआ जिलों के पदाधिकारी, प्रखंड व खंड स्तर के कार्यकर्ता, व्यापारी बंधु और समाजसेवी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की जानकारी विश्व हिंदू परिषद रतलाम जिला सह प्रचार-प्रसार प्रमुख रिक्की सेन द्वारा दी गई।