Ratlam News: नामली में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण पर कार्रवाई, 31 सिलेंडर जब्त

रतलाम जिले के नामली में प्रशासन ने अवैध गैस सिलेंडर भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 सिलेंडर जब्त किए। महू रोड स्थित घर पर छापे में 22 भरे और 9 खाली सिलेंडर मिले। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:  रतलाम जिले के नामली में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण के मामले में प्रशासन ने बुधवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 एलपीजी गैस सिलेंडर जब्त किए। यह कार्रवाई महू रोड स्थित शहजाद मंसूरी के घर पर की गई, जहां लंबे समय से अवैध रूप से सिलेंडरों का भंडारण किए जाने की शिकायत मिल रही थी। वीडियो देखे जानकारी के अनुसार गोपनीय सूचना मिलने के बाद ग्रामीण तहसीलदार आशीष उपाध्याय के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने शाम करीब 7:30 बजे मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान घर के पिछले हिस्से में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे पाए गए। कार्रवाई के दौरान पटवारी टीकमसिंह चौहान, सहायक आपूर्ति अधिकारी मुकेश चौहान, थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। विभिन्न कंपनियों के सिलेंडर बरामद छापेमारी के दौरान मौके से कुल 31 सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें भारत गैस के 21, एचपी गैस के 4, इंडेन के 5 और रिलायंस कंपनी का 1 सिलेंडर शामिल है। प्रशासन ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर स्थानीय गैस एजेंसी के गोदाम में जमा करवा दिया है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई स्थानीय रहवासियों के अनुसार शहजाद मंसूरी लंबे समय से गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसके घर के सामने ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर संचालित होता है, जबकि घर के पिछले हिस्से में गैस सिलेंडर रखे जाते थे। कोरोना काल के दौरान भी यहां इसी तरह की कार्रवाई हो चुकी है। महंगे दामों पर बेचे जा रहे थे सिलेंडर नामली के गैस डीलर राजेश भंसाली ने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लगभग 990 रुपये में उपलब्ध कराया जाता है, जबकि यहां अवैध रूप से 1200 से 1300 रुपये तक में सिलेंडर बेचे जा रहे थे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। रिपोर्ट मिलने के बाद दर्ज होगा प्रकरण थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि संबंधित विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण तहसीलदार आशीष उपाध्याय ने बताया कि कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि यहां अवैध रूप से गैस रिफिलिंग और भंडारण किया जा रहा है। जांच में मौके से 22 भरे हुए और 9 खाली सिलेंडर बरामद हुए हैं।

MP News: दमोह में ‘ड्रैकुला किलर’ का खौफ: 16 वर्षीय किशोर की हथौड़े से हत्या, फिर खून पीने की कोशिश

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के समन्ना गांव में सनसनीखेज वारदात। 16 वर्षीय किशोर की हथौड़े और रॉड से हत्या के बाद आरोपी ने खून पीने और मांस नोचने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। दमोह- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां समन्ना गांव में एक सनकी व्यक्ति ने 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले किशोर के सिर पर हथौड़े और लोहे की रॉड से हमला किया और उसकी मौत के बाद उसके साथ वीभत्स हरकतें करते हुए खून पीने और मांस नोचने की कोशिश की। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो देखे भाई दूज का टीका लगवाने जा रहा था किशोर जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान भरत विश्वकर्मा (16) निवासी अर्थखेड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भरत भाई दूज के मौके पर अपनी बहन के घर समन्ना गांव टीका लगवाने जा रहा था। वह बाइक से बहन के घर के पास ही पहुंचा था कि तभी अचानक आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। हथौड़े और रॉड से किया ताबड़तोड़ हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 46 वर्षीय आरोपी ने अचानक भरत के सिर पर भारी हथौड़े से वार कर दिया। जोरदार चोट लगते ही भरत सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी ने लोहे की रॉड से उस पर लगातार वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कैमरे में कैद हुई खौफनाक हरकत हत्या के बाद आरोपी ने मृत शरीर के साथ वीभत्स हरकतें शुरू कर दीं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी युवक का मांस नोचते और खून पीने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहा है। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी बेहद आक्रामक हो गया और पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश करने लगा। काफी मशक्कत और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने आरोपी को काबू कर गिरफ्तार कर लिया। मानसिक रूप से विक्षिप्त होने की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच किसी प्रकार की पुरानी रंजिश नहीं थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त हो सकता है और सनक में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इलाके में दहशत का माहौल घटना के बाद घायल किशोर को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस निर्मम हत्या के बाद समन्ना गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातम और दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

Ratlam News: खाली डंपर जब्ती पर रिंगनोद थाने में धरना, 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय घेराव की घोषणा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News:  जिले के जावरा क्षेत्र में खनिज विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अवैध उत्खनन के आरोप में दो डंपर जब्त किए जाने के विरोध में करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने रिंगनोद थाने में समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया। सोमवार रात से शुरू हुआ यह धरना मंगलवार को भी जारी रहा। क्या बोले जीवन सिंह शेरपुर बताया जा रहा है कि जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ थाने में ही गद्दा-बिस्तर मंगवाकर रातभर डटे रहे और मंगलवार सुबह फिर से धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि खनिज विभाग ने खाली डंपरों को अवैध मुर्रम परिवहन बताकर गलत कार्रवाई की है। रोड निर्माण के दौरान डंपर जब्त जानकारी के अनुसार जावरा ब्लॉक के झालवा-कलालिया मार्ग पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान सोमवार को खनिज विभाग की टीम दो पटवारियों के साथ मौके पर पहुंची और दो डंपरों को जब्त कर लिया। विभाग का कहना है कि इन डंपरों से अवैध रूप से मुर्रम का परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद दोनों डंपरों को रिंगनोद थाने में खड़ा करवा दिया गया। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के हैं, जो सड़क निर्माण का कार्य कर रहे हैं और उन्हें जीवनसिंह शेरपुर का समर्थक बताया जा रहा है। ठेकेदार की सूचना पर पहुंचे शेरपुर डंपर जब्त होने की सूचना मिलने पर जीवनसिंह शेरपुर सोमवार रात अपने समर्थकों के साथ रिंगनोद थाने पहुंच गए। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना मिलने पर खनिज निरीक्षक शंकर कनेश थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई। खाली डंपर होने का दावा जीवनसिंह शेरपुर और ठेकेदार का कहना है कि जिन डंपरों को पकड़ा गया, वे मुर्रम नहीं बल्कि गिट्टी के परिवहन में लगे हुए थे और कार्रवाई के समय पूरी तरह खाली थे। उनका आरोप है कि पंचनामा बनाते समय डंपरों को मुर्रम से भरा हुआ दर्शाया गया, जबकि मौके पर वे खाली थे। ठेकेदार का यह भी कहना है कि गिट्टी परिवहन की रॉयल्टी मौके पर दिखाई गई थी और पहले किए गए मुर्रम कार्य की अनुमति व रॉयल्टी भी मौजूद है। बहस के दौरान बढ़ा विवाद खनिज अधिकारी ने मामले की जांच कराने की बात कही, जिस पर जीवनसिंह शेरपुर नाराज हो गए। उनका कहना था कि जब डंपर मौके पर खाली हैं तो जांच की जरूरत ही क्या है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाने में बिताई रात डंपर नहीं छोड़े जाने और कार्रवाई को गलत बताते हुए जीवनसिंह शेरपुर ने समर्थकों के साथ थाने में ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाना परिसर में ही रात बिताई। खनिज विभाग के अधिकारी वहां से चले गए, जबकि शेरपुर और उनके समर्थक थाने में ही डटे रहे। मंगलवार को फिर शुरू हुआ धरना मंगलवार सुबह जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ फिर से धरने पर बैठ गए और खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय भी थाने पहुंचे और स्थिति को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों को थाने बुलाने की मांग जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की ओर से जीवनसिंह शेरपुर और उनके समर्थकों को रतलाम कार्यालय बुलाया गया है। हालांकि समर्थकों का कहना है कि यदि कार्रवाई सही है तो अधिकारियों को खुद थाने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। दोपहर तक खनिज विभाग का कोई अधिकारी थाने नहीं पहुंचा था, जबकि जब्त किए गए दोनों डंपर थाने में खाली खड़े बताए जा रहे हैं। परिवहनकर्ताओं को परेशान करने का आरोप जीवनसिंह शेरपुर ने आरोप लगाया कि परिवहनकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि कागजी कार्रवाई में खाली डंपरों को भरा हुआ दिखाकर फर्जी प्रकरण दर्ज करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वैध अनुमति और रॉयल्टी होने के बावजूद संबंधित लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है और ऐसी कार्रवाई को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय घेराव की घोषणा धरने के दौरान जीवनसिंह शेरपुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि खनिज विभाग की कार्रवाई वापस नहीं ली गई और डंपर नहीं छोड़े गए तो 17 मार्च को रतलाम कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।

Ratlam News: 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत: संपत्तिकर-जलकर के बकायादारों को सरचार्ज में बड़ी छूट

रतलाम में 14 मार्च 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। संपत्तिकर और जलकर के बकायादारों को सरचार्ज में 100% तक की छूट मिलेगी। जानिए कहां और कैसे जमा करें बकाया राशि। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और राज्य शासन के निर्देशानुसार 14 मार्च शनिवार को नेशनल लोक अदालतका आयोजन किया जाएगा। इस दौरान नगर निगम रतलाम द्वारा संपत्तिकर और जलकर के बकायादारों को अधिभार (सरचार्ज) में विशेष छूट का लाभ दिया जाएगा। नगर निगम ने बकाया कर जमा कराने के लिए दो स्थानों पर व्यवस्था की है। पहला काउंटर नगर निगम कार्यालय में फायर स्टेशन भवन के पासऔर दूसरा जिला न्यायालय परिसर में लगाए जाने वाले शिविर में रहेगा। दोनों स्थानों पर कार्यालयीन समय में बकाया राशि जमा की जा सकेगी। संपत्तिकर पर मिलेगी यह छूट नेशनल लोक अदालत में संपत्तिकर के प्रकरणों में निम्नानुसार सरचार्ज में छूट दी जाएगी— जलकर पर मिलेगी यह राहत जलकर के बकायादारों को भी अधिभार में छूट दी जाएगी— नगर निगम के अनुसार यह छूट वन टाइम सेटलमेंट (एक बार) के तहत दी जाएगी और यह केवल वित्तीय वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशिपर ही लागू होगी। साथ ही यह सुविधा केवल 14 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के दिन ही मान्य रहेगी। नगर निगम ने सभी संपत्तिकर और जलकर बकायादारों से अपील की है कि वे 14 मार्च को आयोजित एक दिवसीय लोक अदालत में उपस्थित होकर बकाया राशि जमा करें और अधिभार में दी जा रही छूट का लाभ उठाएं।

गधा पालन पर सरकार दे रही लाखों की सब्सिडी, जानिए क्या है योजना और कैसे उठाएं फायदा

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत केंद्र सरकार गधा, घोड़ा और ऊंट पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। जानिए योजना की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में गधों की लगातार घटती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत अब गधा पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है। इस योजना के तहत गधे, घोड़े और ऊंट पालने वालों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार का उद्देश्य इन पशुओं का संरक्षण करना और पशुपालकों को नया रोजगार उपलब्ध कराना है। गधे के साथ इन जानवरों के लिए भी मिलेगा लाभ इस योजना के तहत सिर्फ गधा ही नहीं बल्कि घोड़े और ऊंट के पालन के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।अगर कोई पशुपालक इन पशुओं के पालन के लिए 1 करोड़ रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो सरकार उसमें 50 फीसदी यानी 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी। योजना का फायदा लेने के लिए कितने गधे पालने होंगे? योजना के तहत सब्सिडी पाने के लिए पशुपालक को एक यूनिट बनानी होगी जिसमें— पालने होंगे। इसके लिए सरकार की ओर से 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार यह सहायता दो किस्तों में देती है— घोड़े और ऊंट के लिए क्या है नियम? घोड़ा पालन के लिए एक यूनिट में— पालने होंगे। वहीं ऊंट पालन के लिए यूनिट का आकार अलग-अलग प्रोजेक्ट के हिसाब से तय किया जाता है। कैसे करें आवेदन? इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक पशुपालकों को राष्ट्रीय पशुधन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए प्रक्रिया इस प्रकार है— क्यों जरूरी है यह योजना? पिछले कुछ वर्षों में देश में गधों की संख्या तेजी से कम हुई है। कई इलाकों में गधे पारंपरिक कामों जैसे ईंट-भट्टों और ग्रामीण परिवहन में उपयोग होते रहे हैं। ऐसे में सरकार इस योजना के जरिए गधों के संरक्षण के साथ पशुपालन आधारित रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है।

मिडिल ईस्ट युद्ध से तेल 100 डॉलर पार, भारत में महंगाई का खतरा बढ़ा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पार पहुंच गई है। भारत में महंगाई और LPG-पेट्रोल की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब गंभीर रूप ले चुका है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने क्षेत्र के कई देशों को निशाना बनाया, जिसके चलते तेल उत्पादन और सप्लाई पर असर पड़ने लगा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद से करीब 42% ज्यादा है। इससे भारत जैसे देशों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है। भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई और आम लोगों के बजट पर पड़ सकता है। रिजर्व बैंक के अनुमान के मुताबिक अगर कच्चे तेल की कीमतों में 10% की बढ़ोतरी का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाता है तो इससे महंगाई में 30 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और आर्थिक विकास दर में करीब 15 बेसिस पॉइंट्स की कमी आ सकती है। तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ परिवहन लागत भी बढ़ती है, जिससे खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर संकट से बढ़ी चिंता खाड़ी क्षेत्र एशियाई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र है। साल 2025 में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला करीब 87% कच्चा तेल और 86% LNG एशियाई देशों में ही पहुंचा था। ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ने से सप्लाई बाधित होने का जोखिम भी बढ़ गया है। LPG की कीमतों पर भी असर मिडिल ईस्ट संकट का असर अब घरेलू गैस पर भी दिखने लगा है। हाल ही में LPG की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जो करीब एक साल बाद पहली वृद्धि है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और देश में 90% से ज्यादा LPG मिडिल ईस्ट से आयात होती है। सरकार क्या कदम उठा सकती है? सरकार पहले भी तेल की कीमतों के झटके को कम करने के लिए टैक्स में कटौती जैसे कदम उठा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो सरकार को फिर से टैक्स में राहत, रणनीतिक तेल भंडार के उपयोग और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। आम लोगों पर क्या असर होगा? तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में फिलहाल सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अगर युद्ध लंबा चला तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे सकता है।

Indian Railways PPP Policy: भारतीय रेलवे की PPP पॉलिसी में बदलाव की तैयारी, निवेश और प्रोजेक्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

Indian Railways PPP Policy: भारतीय रेलवे 10 साल पुरानी PPP पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। कंसेशन पीरियड 50 साल तक बढ़ाने और जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे लेने के प्रस्ताव से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indian Railways PPP Policy: यात्रियों की सुविधाओं और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए भारतीय रेलवे अब अपनी 10 साल पुरानी प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (PPP) पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य निजी निवेशकों को ज्यादा सुरक्षा देना, जोखिम कम करना और रेलवे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करना है। रेलवे की नई रणनीति के तहत दो बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, जिनसे प्राइवेट कंपनियों के लिए रेलवे परियोजनाओं में निवेश करना पहले से ज्यादा आसान और आकर्षक हो जाएगा। 50 साल तक बढ़ सकता है कंसेशन पीरियड फिलहाल रेलवे के PPP प्रोजेक्ट्स में कंसेशन पीरियड 20 से 35 साल के बीच होता है। अब रेलवे इसे बढ़ाकर 50 साल तक करने का प्रस्तावला रहा है। इससे निजी कंपनियों को अपने निवेश की लागत निकालने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का भरोसा भी बढ़ेगा। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw पहले ही गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (GCT) के लिए 50 साल का कंसेशन पीरियड घोषित कर चुके हैं, जिसे इस नई पॉलिसी की शुरुआत माना जा रहा है। जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे की होगी मौजूदा व्यवस्था में PPP प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और खर्च का बोझ निजी कंपनियों पर पड़ता है, जबकि जमीन रेलवे की होती है। इस कारण कई प्रोजेक्ट्स में देरी हो जाती है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार अब जमीन अधिग्रहण की पूरी जिम्मेदारी रेलवे खुद ले सकता है। यह कदम हाईवे प्रोजेक्ट्स के अनुभव को देखते हुए उठाया जा रहा है, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। 35 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स रेलवे ने मार्च 2028 तक PPP मॉडल के तहत 15 बड़े प्रोजेक्ट्स को चुना है, जिनकी कुल लागत करीब 35,817 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में नई रेल लाइन बिछाना, ट्रैक डबल करना और स्टेशन रीडेवलपमेंट जैसे काम शामिल हैं। वहीं, 2012 की मौजूदा PPP पॉलिसी के तहत दिसंबर 2025 तक 18 प्रोजेक्ट्स (16,686 करोड़ रुपये) पूरे हो चुके हैं, जबकि 7 प्रोजेक्ट्स (16,362 करोड़ रुपये) पर अभी काम जारी है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा फायदा नई PPP पॉलिसी लागू होने से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा, काम की गति तेज होगी और रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही देश में लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

Ratlam News: रतलाम में रिश्वतखोर पंचायत सचिव ट्रैप: 4500 रुपए लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों पकड़ा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तहत लोकायुक्त पुलिस ने रतलाम जिले में एक पंचायत सचिव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आवेदक की शिकायत पर उज्जैन लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को 4500 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया। वीडियो देखे जानकारी के अनुसार, आवेदक प्रेम जैसवार निवासी रतलाम ने दिनांक 18 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को शिकायत की थी कि उन्होंने रतलाम स्थित मां विंध्यवासिनी ड्रीम सिटी कॉलोनी में दो भूखंड खरीदे हैं। इनमें से भूखंड क्रमांक बी-41 पर भवन निर्माण की अनुमति और भूखंड क्रमांक 96 के ग्राम पंचायत में नामांतरण के लिए ग्राम पंचायत कनेरी के सचिव सत्यनारायण सेन उनसे 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले की तस्दीक की और 23 फरवरी 2026 को ट्रैप की योजना बनाई। इसके बाद सोमवार 9 मार्च 2026 को उज्जैन लोकायुक्त दल ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सचिव सत्यनारायण सेन को आवेदक से 4500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक हीना डावर, आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक संजीव कुमारिया, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत और आरक्षक इसरार शामिल रहे। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

Ratlam News: आलोट में 2 किलो से ज्यादा अफीम के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस ने बाइक भी की जब्त

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 किलो 147 ग्राम अफीम के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अफीम के साथ घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और अनुविभागीय अधिकारी पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में थाना आलोट पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार 7 मार्च को पुलिस टीम ने बरखेड़ा–आलोट रोड स्थित ग्राम नारायणी फंटा पर दबिश दी। यहां पुलिस ने राहुल पिता मांगु चंद्रवंशी (26), निवासी ग्राम नाथुखेड़ी को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 2 किलो 147 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम बरामद हुई। इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक MP 42 MF 0743 भी जब्त की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना आलोट में अपराध क्रमांक 96/2026 के तहत धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पीआर प्राप्त किया गया है। पुलिस आरोपी से अवैध अफीम के स्रोत और नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम, उपनिरीक्षक आर.सी. खड़िया, आरक्षक दीपक पाटीदार, अभिनंदन, अंकित काला और लोकेंद्र शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Ratlam News: रतलाम में फोरलेन निर्माण के लिए चला बुलडोजर: लक्कड़पीठा रोड से बाजना बस स्टैंड तक 27 मकान-दुकानों का अतिक्रमण हटाया

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में फोरलेन सड़क निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए नगर निगम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। लक्कड़पीठा रोड से पुराने बाजना बस स्टैंड तक बनने वाले फोरलेन के बीच आ रहे 27 मकान और दुकानों के हिस्सों को बुलडोजर और जेसीबी की मदद से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन अधिकारियों ने इसे मास्टर प्लान के तहत की गई नियमानुसार कार्रवाई बताया। वीडियो देखे जानकारी के अनुसार चांदनी चौक से लगे लक्कड़पीठा रोड को 18 मीटर चौड़ा फोरलेन बनाया जा रहा है, जो पुराने बाजना बस स्टैंड तक जाएगा। इस सड़क के निर्माण पर करीब 6.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लंबे समय से अतिक्रमण के कारण इस परियोजना का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। नगर निगम द्वारा पहले ही क्षेत्र के मकान और दुकान मालिकों को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। अक्टूबर-नवंबर में हुई नपती में 192 मकानों में 2 से 4 मीटर तक अतिक्रमण पाया गया था। इसके बाद कई लोगों ने स्वेच्छा से अपने निर्माण हटा लिए थे, जबकि कुछ लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया था। हाल ही में महापौर प्रहलाद पटेल ने अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए थे। इसी के तहत सोमवार को नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना ने बताया कि सभी संबंधित लोगों को दो महीने पहले नोटिस जारी किए गए थे और 9 मार्च तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया था। इसके बावजूद जिन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम के अनुसार फोरलेन बनने से इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी।