CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से उठी आवाज अब देशभर में गूंज रही

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP Protest अब कई राज्यों तक पहुंच गया है। संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी की हिरासत और देशभर के ताजा अपडेट पढ़ें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ शुरू हुआ CJP Protest LIVE अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का रूप ले चुका है। दिल्ली से लेकर पटना, जयपुर, भोपाल और अन्य शहरों तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई स्थानों पर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आए, जिससे तनाव की स्थिति बनी। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। CJP Protest क्यों शुरू हुआ? आंदोलन की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ ही दिनों में यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित न रहकर कई राज्यों में फैल गया। संसद मार्च के दौरान क्या हुआ? प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई। राहुल गांधी की हिरासत पर बढ़ी सियासत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मैदान में उतरे। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। संसद में भी गूंजा मुद्दा बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते नजर आए। मकर द्वार के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन में कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कई राज्यों में तेज हुआ प्रदर्शन दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रमुख घटनाक्रम सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावे कांग्रेस का आरोप सरकार का पक्ष आंदोलन आगे क्या दिशा ले सकता है? आंदोलन से जुड़े आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता दिख रहा है। FAQ 1. CJP Protest किस मुद्दे को लेकर हो रहा है? यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया जा रहा है। 2. राहुल गांधी को क्यों हिरासत में लिया गया? प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था। कांग्रेस ने इसे विरोध दबाने की कार्रवाई बताया है। 3. किन-किन राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं? दिल्ली के अलावा पटना, जयपुर, भोपाल, अहमदाबाद समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 4. संसद में क्या हुआ? विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। 5. सरकार का इस मामले में क्या कहना है? सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

MP News: MP के 1100 करोड़ के चावल घोटाले में बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र से दो राइस मिल संचालक गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित चावल घोटाले में एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। अब तक 10 गिरफ्तारी, 5 आरोपी फरार हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित MP चावल घोटाले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर निकला करोड़ों रुपये का फोर्टिफाइड चावल उनकी राइस मिल में खपाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जुगल खंडेलवाल और उनके भाई किशनलाल खंडेलवाल हैं। इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य राइस मिलों की भूमिका भी सामने आ सकती है। इसी वजह से एसआईटी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। महाराष्ट्र से हुई गिरफ्तारी, एसआईटी की जांच तेज एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया पहुंचकर जुगल खंडेलवाल और किशनलाल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर जारी किया गया करीब 40 ट्रक फोर्टिफाइड चावल, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है, आरोपितों की राइस मिल में पहुंचाया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक कड़ी है और जांच आगे बढ़ने पर अन्य राइस मिलों और संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।  क्या है पूरा चावल घोटाला? यह मामला 3 जून को मध्य प्रदेश के बालाघाट और सिवनी जिलों में सामने आया था। जांच में आरोप लगा कि एफसीआई (FCI) के गोदामों से निकला फोर्टिफाइड चावल अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा। जांच के मुताबिक, 12.66 करोड़ रुपये मूल्य का 54,590 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एग्रिको ग्रुप के एथनॉल प्लांट के लिए जारी किया गया था, लेकिन वह प्लांट तक पहुंचा ही नहीं। 1100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है जांच जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। यदि जांच में ये आशंकाएं सही साबित होती हैं, तो यह मध्य प्रदेश के सबसे बड़े खाद्यान्न घोटालों में से एक माना जा सकता है। एथनॉल नीति क्या कहती है? प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार, एफसीआई के गोदामों में रखा पुराना और मानव उपभोग के लिए अनुपयोगी हो चुका चावल एथनॉल उत्पादन में उपयोग किया जा सकता है। महत्वपूर्ण जानकारी जांच अभी जारी, और बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां एसआईटी की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों, परिवहन रिकॉर्ड और संबंधित राइस मिलों की जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- ‘एक शादी करेगा वही मध्य प्रदेश में रहेगा’, मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक शादी करने वालों को ही प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा। विधानसभा के मानसून सत्र में UCC विधेयक लाने की तैयारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान UCC पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने विवाह संबंधी नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जो एक शादी करेगा, उसी को प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा।” मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता का विधेयक पेश किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गया है। सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा? कटनी के स्लीमनाबाद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब देश में “एक देश, एक विधान और एक निशान” की व्यवस्था है तो अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून क्यों होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों पर समान कानून लागू होना चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने विवाह व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि एक शादी का नियम सभी के लिए समान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार UCC लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मानसून सत्र में पेश हो सकता है UCC विधेयक मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक लाया जाएगा। इससे पहले मंत्रिपरिषद की बैठक भोपाल के पास स्थित जगदीशपुर में आयोजित की जाएगी, जहां UCC के ड्राफ्ट को मंजूरी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। जगदीशपुर में होगी कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि भोपाल के समीप स्थित जगदीशपुर में अगली कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले इस स्थान का नाम इस्लामनगर रखा गया था, जिसे राज्य सरकार ने बदलकर पुनः जगदीशपुर कर दिया है। इसी स्थान पर UCC के मसौदे को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति देने की योजना है। UCC क्या है? समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) ऐसा कानून है जिसके तहत सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे पारिवारिक मामलों में समान नियम लागू किए जाते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

Ratlam News: रतलाम में दूषित पानी का कहर: कुएं का पानी पीने से 80 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, 21 अस्पताल में भर्ती

रतलाम के पिपलोदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव में कथित रूप से दूषित कुएं का पानी पीने से 80 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती, जांच जारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम आजमपुर डोडिया में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर बीमार पड़ने लगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गांव के कुएं का कथित रूप से दूषित पानी पीने के बाद यह स्थिति सामने आई है। करीब 800 आबादी वाले इस गांव में 80 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 21 मरीजों की हालत को देखते हुए पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष लोगों का इलाज गांव में लगाए गए अस्थायी चिकित्सा शिविर में किया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की टीमें लगातार गांव में डटी हुई हैं। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने संबंधित कुएं को सील कर दिया है और ग्रामीणों के लिए टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। तीन दिनों से सामने आ रहे थे बीमारी के लक्षण ग्रामीणों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से कई लोगों को लगातार पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हो रही थी। जैसे ही सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची, बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार के निर्देश पर 108 एंबुलेंस गांव भेजी गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया, जहां करीब 80 ग्रामीणों की जांच की गई। मरीजों को दवाइयां देने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर सर्वे भी किया, ताकि किसी अन्य प्रभावित व्यक्ति की पहचान समय रहते हो सके। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले 21 मरीजों को पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें शामिल हैं— डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है। दूषित कुएं के पानी की आशंका, जांच शुरू प्राथमिक जांच में ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि गांव के मीठे पानी वाले कुएं का पानी दूषित होने के कारण लोग बीमार पड़े हैं। घटना के बाद पीएचई विभाग ने कुएं के पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम भी गांव पहुंची और प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। एहतियात के तौर पर कुआं सील, टैंकरों से पेयजल आपूर्ति स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित कुएं को तत्काल सील कर दिया है। फिलहाल गांव में— पीएचई विभाग का कहना है कि क्लोरीनेशन और जांच रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही कुएं के पानी के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। ग्रामीण नल-जल योजना का पानी नहीं पीते ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो सरकारी कुएं हैं। इनमें से एक का पानी मीठा होने के कारण अधिकांश लोग उसी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। उनका यह भी कहना है कि नल-जल योजना के तहत मिलने वाले पानी का स्वाद उन्हें पसंद नहीं आता और उसकी आपूर्ति भी नियमित नहीं रहती। इसी वजह से अधिकांश परिवार कुएं के पानी पर निर्भर हैं। एक माह पहले पानी की जांच हुई थी ग्राम सचिव प्रकाशचंद शर्मा के अनुसार करीब एक माह पहले पीएचई विभाग ने कुएं के पानी की जांच की थी और उसे पीने योग्य बताया था। उन्होंने बताया कि कुएं की समय-समय पर सफाई भी कराई जाती है। हालांकि गर्मी के कारण इस समय कुएं में पानी की मात्रा काफी कम हो गई है। दो दिन पहले निकाली गई थी कुएं की गाद सरपंच समरथ ने बताया कि दो दिन पहले मोटर लगाकर कुएं का पानी खाली कराया गया था और गाद भी निकाली गई थी। उनके अनुसार कुएं की पूरी सफाई के लिए कई बार पूरा पानी निकालना जरूरी होता है, लेकिन इस प्रक्रिया का कुछ ग्रामीण विरोध भी करते हैं। तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल घटना की सूचना मिलने के बाद पिपलोदा तहसीलदार प्रीति साठे सिविल अस्पताल पहुंचीं और भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से फिलहाल केवल सुरक्षित और उबला हुआ पानी पीने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

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