ताक पर महिला सुरक्षा : हरितालिका तीज पर पूजा करने जा रही युवती से छेड़छाड़, घंटों तक इंतजार के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस

थाने पहुंचे भाजयुमो नेता को धक्का मारकर निकाला बाहर, प्रदर्शन के बाद एएसआई कनिक लाइन हाजिर रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर में चरमराई कानून व्यवस्था की तस्वीर शुक्रवार रात सामने आई। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत हरमाला रोड पर हरतालिका तीज मनाने एक युवती पूजा के लिए घर से तैयार होकर जब मंदीर पहुंच रही थी तभी रास्ते में कुछ मनचलों ने उस पर ताने कंसने शुरू कर दिए। छेड़छाड़ की घटना से घबराई युवती नेज ने परिजनों को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद क्षेत्रवासियों और परिजनों ने मौके पर आरोपियों को पकड़ लिया। क्षेत्रवासियों के अनुसार युवकों को पकड़कर पुलिस को फोन लगाए लेकिन थाना स्टेशन रोड से कोई भी जिम्मेदार घटनास्थल नहीं पहुंचा। जिसके बाद क्षेत्र के पार्षद प्रतिनिधि और भाजयुमो उपाध्यक्ष जलज सांखला, मंडल अध्यक्ष आयुष पडियार को बुलाया और सभी थाने पहुंचे। गौरतलब है की हरमाला रोड पर चौगानिया भेरु और फूल मंडी के आसपास का क्षेत्र शराबियों का अड्डा बना हुआ है और पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। वहीं इस घटना ने शहर के थानों पर महिला सुरक्षा के पुलिस दावों की पोल खोल कर रख दी है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब आठ बजे दो शराबी मनचलों ने मंदिर जा रही युवती को छेड़ दिया। इसकी जानकारी लगने पर लोगों ने स्टेशन रोड थाने पर शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर रहवासी भड़क गए और थाने पहुंचे। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि जिला उपाध्यक्ष जलज सांखला व भाजयुमो मंडल अध्यक्ष आयुष पड़ियार भी उनके साथ थे। आरोप है की कार्रवाई नहीं करने पर मंडल अध्यक्ष आयुष पड़ियार जब थाने के अंदर पहुंचे तो वहां मौजूद एएसआई दिनेश कनिक ने उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया। जिसके बाद भाजयुमो जिलाध्यक्ष विप्लव जैन कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर विरोध किया। आक्रोशित कार्यकर्ता बदतमीजी करने वाले एएसआई दिनेश कनिक पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जिसके बाद एसएसपी राहुल लोढा ने कनिक को लाइन अटैच कर दिया। उधर युवती की ओर से भी थाने पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।

धार्मिक झंडे को लेकर बवालः हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने, महिनेभर में इस प्रकार की यह तिसरी घटना

एसपी के निर्देश के बाद देर शाम टीआई ने दोनों पक्षों के प्रबुद्धजनों को बुलाकर की चर्चा, आपसी सोहाद्र बनाने की अपील रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के हाट की चौकी क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने – सामने हो गए। मामला धार्मिक झंडे को रोड किनारे पर लगाने का था। दरअसल आने वाले दिनों में हिंदू धर्म का प्रमुख गणेशोत्सव का त्यौहार है। वहीं मुस्लिम समुदाय का भी ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाना है। ऐसे में दोनों पक्षों की तैयारियां चल रही है। मंगलवार दोपहर झंडे लगाने की बात पर करीब 3 घंटों तक गहमागहमी चलती रही। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अनुराग यादव मौके पर बल सहित पहुंचे और समझाइश के बाद मामला शांत करवाया। दोनों पक्षों ने अपने – अपने झंडे एक साथ में लगा लिए। महिनेभर में धार्मिक झंडे के विवाद का यह तिसरा मामला है। इससे पहले मोहर्ऱम के समय उकाला रोड व दो दिन पहले कलाईगर रोड पर विवाद सामने आ चुके है। हालांकी दोनों में पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया। जिला प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए कड़े नियम लागू करने की आवश्यकता है। जिससे भविष्य में कोई बड़े सांप्रदायिक विवाद जैसी स्थिति निर्मित ना हो।    हिंदू समाज के लोगों का कहना था की हर साल गणेशोत्सव के पहले हनुमान मंदिर के पास पांडाल लगाया जाता है। पांडाल के आसपास रोड किनारे पोल पर भगवा ध्वज और लाइट लगाई जाती है। यह बात दुसरे पक्ष को पहले से पता होने के बावजूद उन्होने पांडाल व उसके आसपास देर रात झंडे लगा दिए। जबकी हर बार दोनों पक्ष तय सीमा में ही अपने झंडे लगाते है। लेकिन इस बार पांडाल के पास ही झंडे लगा दिए। वहीं दुसरी और मुस्लिम पक्ष के अनुसार ईद मिलादुन्नबी के पहले मस्जिद के आसपास वे भी हर साल सजावट करते है और झंडे लगाते है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाईश देकर पांडाल स्थल के पास लगे झंडों को हटवाया। एसपी राहुल लोढ़ा ने मामले में थाना दिनदयाल नगर टीआई रविंद्र दण्डोतिया को क्षेत्र के प्रबुद्धजनों से चर्चा के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद टीआई रविंद्र ने दोनों पक्षों को बुलाकर आगामी त्यौहार शांति व सोहाद्र से बनाने की अपील की। टीआई ने बताया की अगर कोई भी द्वेष फेलाकर शांतिभंग करने की कोशिश करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों पर पुलिस विशेष निगरानी रखे हुए है।

मानवता का “मर्डर” : मां को बनाना चाहता था अपनी हवस का शिकार, इसलिए 10 माह की मासूम बच्ची को उठा कर ले गया दरिंदा दशरथ

रोती – बिलखती मासूम का मुंह दबाकर कुंए में फेंका शव…. सजा – ए – मौत की उठी आवाज! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिला मुख्यालय के कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी से 17 अगस्त की रात एक 10 माह की मासूम के अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी थी। जिसके बाद पूरा पुलिस फोर्स अलग – अलग एंगल से बालिका को ढूंढने में जुट गया। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बगैर किसी सुराग के आरोपी तक पहुंचने की थी। आरोपी पुलिस के सामने ही था। मगर पुलिस के पास पर्याप्त सुराग नहीं होने से वह केवल रडार पर था। रतलाम पुलिस की अथक मेहनत और खोजी कुत्ते की एक निशानदेही ने आरोपी दशरथ के कारनामें को उजागर कर दिया। पुलिस पहुंचती उसके चंद घंटे पहले वह फरार हो चुका होता है। रतलाम पुलिस ने तत्तपरता से आरोपी को अन्य राज्यों में ढूंढने के प्रयास कर दिए। एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया, जिसे अब सलाखों के पीछे धकेल दिया। पुलिस सहित समाज को मलाल इसी बात का है की नन्हीं मासूम जीवित नहीं रही। दरिंदे दशरथ ने 10 माह की बच्ची जो ठीक से शायद अपनी मां की पहचान ही जानती थी, उसे दुनियां देखने से पहले ही मौत की नींद सुला दिया। इस पूरे मामले ने आज मानवता की हत्या की है। ऐसी नीच और ओच्छी मानसिकता आखिर समाज में कहां से व्याप्त हो रही है? यह विचार करने का एक गंभीर विषय है। पूरा समाज आज क्रोधित है और आरोपी दशरथ के खिलाफ जल्द से जल्द “सजा – ए – मौत” चाहता है! गौरतलब है की प्रेमा पति मुकेश उर्फ राकेश खारोल निवासी ग्राम उपरवाड़ा करीब एक साल से कालूखेड़ा थाना अंतर्गत गांव लसुड़िया नाथी में अपने मायके में थी। डिलेवरी के पहले वह अपने मायके आई थी। डिलेवरी के बाद से वह मायके में ही थी। पति मिलने आता जाता था। 17 अगस्त की रात प्रेमा घर में अपनी बच्ची तनु के साथ सो रही थी। रात 11 से 12 बजे के बीच मां प्रेमा की नींद खुली तो बच्ची पास में नहीं थी। घर का अंदर से दरवाजा बंद था। खिड़की खुली हुई थी। रात में ही बच्ची के पिता को सूचना दी। गांव में भी बच्ची के गायब होने पर हड़कंप मच गया। रात में पुलिस को सूचना दी। बच्ची को तलाश किया, लेकिन नहीं मिली। जिसके बाद रतलाम एसएसपी राहुल लोढा ने मौके पर पहुंचकर गंभीरता से इस मामले की छानबीन के लिए टीम को लगाया। जिसके बाद परत दर परत मामला खुलता गया और पुलिस ने लसुडिया नाथी निवासी आरोपी दशरथ पिता रामलाल कटारिया (23) को गिरफ्तार किया। दशरथ का बच्ची के पड़ोस में ही घर है, जिसकी पत्नी अपने मायके गई थी। इसका दो साल का एक बेटा भी है। पूरे मामले के खुलासे में एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी जावरा दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी शक्तिसिंह व कालूखेड़ा टीआई नीलम चौंगड़ की विशेष भूमिका रही। बच्ची को उठाया, ताकी मां के साथ…एसएसपी राहुल लोढा के अनुसार सख्ती से पूछताछ के दौरान आरोपी दशरथ ने बताया की बच्ची की मां यानी प्रेमा पर उसकी बुरी नजर थी। आरोपी दशरथ की पत्नी राखी के लिए 16 अगस्त को गई थी। 17 की रात वह पड़ोसी महिला के घर में खिड़की से गलत नियत से घुसने की फिराक में था। खिड़की के पास उसने बाहर से मां के पास सो रही बच्ची को उठा लिया। उसकी मंशा थी की बच्ची को उठाकर ले जाने से मां उसे ढूंढते हुए बाहर निकलेगी और वह उसका फायदा उठाकर महिला के साथ गलत कार्य कर सके। लेकिन बच्ची को उठाते ही वह रोने लगी तो उसने उसका मुंह हाथ से दबा दिया। इसी बीच बच्ची के मामा मौसी उठ गए और मां भी जाग गई। सभी बच्ची को ढूंढने लगे। आरोपी को जब लगा की मुंह दबाने से बच्ची मर गई है, तो उसने जुर्म छुपाने के लिए घर के पीछे कुछ दूरी पर स्थित कुंए में फेंक दिया। स्निफर डॉग से हाथ लगा सुरागएसएसपी ने बताया घटनास्थल की जांच के लिए साइबर और रेडियो टीम के हाथ भी कुछ नहीं लग रहा था। 200 से अधिक सीसीटीवी छाने, जावरा के प्रत्येक थाने और चौकी के प्रभारी को काम पर लगा दिया गया। गांव के एक – एक घर की तलाशी लेने के साथ सभी से पूछताछ जारी रखी गई। मानव तस्करी के एंगल से जांच को शुरू किया और बांछड़ा डेरो पर कड़ी निगरानी रखी गई। इतना सबकुछ करने के बाद भी नाकाफी सा लग रहा था। आरोपी जिस रास्ते से गया वहां तीन कैमरा थे मगर 2 रास्ते के कैमरा सही थे और उसी रास्ते का कैमरा खराब था जहां से आरोपी गुजरा। मामले में डॉग स्क्वाड को बुलाकर स्निफर डॉग (खोजी कुत्ता) की मदद ली गई। बच्ची के मकान से डॉग 3 किलोमीटर दूर चिकलाना में एक मकान तक पहुंचा। दूसरी बार फिर डॉग को फॉलो किया तो वापस वहीं जाकर डॉग रुक गया। जहां डॉग रुक रहा था वहां शराब मिलती है। पूछताछ में दशरथ कटारिया का नाम सामने आया। इस आधार पर दो बार उससे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यहां तक कि आरोपी बच्ची की तलाश में गांव के लोगों के साथ भी में रहा। जब दशरथ पर शक गहराया और सुराग हाथ लगा तब तक वह फरार हो गया। जिसे ढूंढने के लिए अलग – अलग टीमें बनाई। अपने ससुराल जाकर छुपा था आरोपीआरोपी दशरथ पुलिस से बचने के लिए राजस्थान के प्रतापगढ़ में हथूनिया गांव के एक सूने मकान में छुपकर रहने लगा था। रतलाम पुलिस को जांच में जब इसके ऊपर शंका हुई तो पुलिस ने कालूखेड़ा, मंदसौर, नीमच, प्रतापगढ़ के कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी कहीं नहीं मिला। रतलाम पुलिस ने राजस्थान पुलिस को भी जानकारी दी। इस बीच रविवार दोपहर को हथुनिया थाने के कांस्टेबल सुरेश मीणा को सूचना मिली कि आरोपी एक सुने झोपड़ीनुमा मकान में छिपा है। कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, तो दशरथ ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेर लिया। कांस्टेबल मीणा की मदद से उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद रतलाम पुलिस को … Read more

गैरजिम्मेदाराना रवैया : पाकिस्तानी झंडा लहराने का विरोध करने पर एबीवीपी नेताओं पर एफआईआर

स्कूल की जांच और कार्रवाई निल बटे सन्नाटा!, एबीवीपी करेगा उग्र आंदोलन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नगर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बालिका के हाथों में पाकिस्तान का झंडा लहराने का विरोध करने वाले छात्र नेताओं पर एफआईआर दर्ज हो गई। विद्यार्थी परिषद को कलेक्टर कार्यालय के सामने जावरा फाटक-सालाखेड़ी रोड पर दो घंटे तक जाम लगाना छात्र नेताओं पर भारी पड़ गया है। स्टेशन रोड पुलिस ने जिला प्रशासन के प्रतिवेदन पर जिला संयोजक सत्यम दवे सहित नौ छात्र नेताओं पर केस दर्ज किया है। छात्र नेताओं ने निजी स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहाराने का विरोध किया था। यह विरोध अधिकारियों को संभवत नागवार गुजरा, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद मुकदमा कायम कर लिया है। वहीं स्कूल पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई या जांच अब तक सामने नहीं आई है। इस मामले में कलेक्टर राजेश बाथम से हमने संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। एबीवीपी जिला संगठन मंत्री विनोद सिरोही ने बताया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रवादी संगठन है। जिला प्रशासन ने इसलिए केस दर्ज किया क्योंकि छात्र-छात्राएं भारत माता और तिरंगे के सम्मान में सड़कों पर उतरे थे। और पाकिस्तानी झंडे का विरोध कर रहे थे यह अत्यंत निंदनीय है। जबकी स्कूल पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। एबीवीपी जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगी। प्रशासन को रिकॉर्डिंग और पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराने के बाद भी प्रशासन अब तक कार्रवाई करने में नाकाम है। इससे यह साफ है की प्रशासन सांठ – गांठ या किसी के दबाव में काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड पुलिस ने अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई की और से शहर तहसीलदार के मिले पत्र को आधार बनाकर यह केस पंजीबद्ध किया है। आवेदन प्रस्तुत करने वाले तरुण कुमार रघुवंशी की रिपोर्ट पर अभाविप जिला संयोजक सत्यम दवे सहित 9 के खिलाफ यह केस पंजीबद्ध किया है। इसमें कहा गया कि नए कलेक्टर आफिस के सामने आमरोड पर भीड एकत्रित कर रोड को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे आने जाने वाले आम लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की? यह सार्वजनिक नहीं हुई है। वहीं सूत्रों की माने तो सत्ताधारी नेताओं के हस्तक्षेप हो जाने के बाद इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी का परिणाम है की प्रशासन ने बेख़ौफ विद्यार्थियों के हित में कार्य करने वाले राष्ट्र के सबसे बड़े विद्यार्थी संगठन पर एफआईआर तक दर्ज कर दी। यह है पूरा मामलास्वतंत्रता दिवस के दौरान शहर के रामबाग क्षेत्र में चलने वाले टाइम किड्स प्री स्कूल में बच्चों के कार्यक्रम में पाकिस्तान का झंडा लहराया गया। इसका वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद छात्र नेताओं ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अधिकारियों को पसंद नहीं आया। जिस स्कूल में पाकिस्तान का झंडा लहराया, उसके लिए जांच का निर्णय लिया। 2 दिन के अल्टीमेटम के बाद जांच का तो अता पता नहीं  लेकिन छात्र नेताओं पर पुलिस ने एडीएम के आवेदन पर तुरंत एक्शन लेते हुए मुकदमा कायम कर लिया। हालांकि मामले के तुल पकड़ने के बाद स्कूल के दीपक पंत ने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी थी की आधा वीडियो वायरल किया, पूरे वीडियो में विभाजन की त्रासदी का मंचन किया गया। लेकिन जब पब्लिक वार्ता ने उनसे सवाल किया था तब उन्होंने इसे पाकिस्तान का झंडा मानने से इंकार किया और समाजिक सदभाव का प्रतिक बताया था। लेकिन अब खुद दीपक पंत इसे पाकिस्तान का झंडा मानने के साथ सफाई देते हुए खेद जताया रहे है। यह भी देखिए EXCLUSIVE🔥 :स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल का जागा पाकिस्तान प्रेम! रतलाम के टाइम किड्स प्री स्कूल में नन्हीं बच्ची के हाथों लहरवाया पाकिस्तानी झंडा – PUBLIC वार्ता स्कूल संचालक दीपक पंत को झंडे में नजर आता है सामाजिक सदभाव! देखिए वीडियो👇🏻

ABVP का घेराव : टाइम किड्स स्कूल संचालक के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, मामला स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का

स्कूल संचालक ने बताया था सामाजिक सदभाव! , कल विद्यार्थी परिषद का कलेक्ट्रेट घेराव पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शहर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बच्ची के हाथों पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो स्कूल ने अपने सोशल मीडिया के एकाउंट पर डाला था। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मामले को जनता के सामने रखा। बकौल स्कूल संचालक दीपक पंत ने इसे सामाजिक सदभाव का प्रतीक बताया। लेकिन तीन दिन बाद तक जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इतने गंभीर मामले में प्रशासन के रवैय्ये को लेकर तीखी आपत्ति ली है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए वीडियो को हटा लिया गया और खेद जताकर मामले में इतिश्री कर ली। विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक सत्यम दवे ने बताया की मामला घोर निंदनीय है। खबर प्रसारित होने और वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह प्रशासन की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के अलावा अगर प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्कूल संचालक दीपक पंत पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई स्कूल के खिलाफ नहीं की तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। एडवोकेट मंथन मुसले के अनुसार इस पूरे कृत्य में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 और 196 (अ और ब) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद माना जा सकता है की यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। स्कूल व संचालक के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए। बाल आयोग को भी इसमें संज्ञान लेकर स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

होटल पर दबिश! : रईसजादों की अय्याशी का अड्डा बना समता सागर पैलेस, 9 जुआरियों से 1 लाख 40 हजार से अधिक जब्त

होटल संचालक पुलिस कार्रवाई से कोसों दूर, घनघनाने लगे थाने के फोन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। महू रोड स्थित शहर की नामचीन होटल समता सागर पैलेस पर देर रात एसपी राहुल लोढा की टीम ने छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया। होटल के कमरा नं 336 में लाखों रुपये की हार – जीत की जा रही थी। सूत्रों की माने तो होटल समता सागर में जुआ लंबे समय से संचालित होते आ रहा है। इसके अलावा भी यह होटल अन्य गतिविधियों के चलते चौराहों की सुर्खियों में बना रहता है। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत आने वाले इस होटल में शहर के रईसजादों की अय्याशियों के किस्से अक्सर सुनाई देते रहते है। शहर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों के लोग भी ताश पत्तियों पर हाथ आजमाने यहां चले आते है। होटल संचालक अतुल बाफना से पब्लिक वार्ता ने संपर्क कर होटल में जुआ संचालित करने व पुलिस दबिश संबंधी सवाल पूछा तो उन्होंने पुलिस दबिश व ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। पूरे मामले में अब तक समता सागर होटल संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एएसआई लोकेंद्रसिंह बेंस ने बताया की मामले में आगे जांच कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान होटल संचालक की संलिप्तता अगर पाई जाती है, तो जरूर कार्रवाई करेंगे। जानकारी के अनुसार देर रात करीब 12 बजे एसपी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर होटल में जुआ संचालित होने पर दबिश दी। मौके से पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 लाख 40 हजार 120 रूपये और ताश पत्ते जब्त किए। गिरफ्तार हुए कई आरोपी शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी परिवारों से जुड़े है। पुलिस ने मौके से आरोपी गौरव पिता सुरेशचंद्र परमार निवासी गोपाल गौशाला, कासिम पिता आबीद रंगवाला निवासी बोहरा बाखल, आशीष पिता रामनाथ शिवहरे निवासी कस्तूरबा नगर, आनंद पिता मांगीलाल सोनी निवासी भोलेनाथ मंदिर के पास चांदनी चौक, इरफान पिता यूसुफ खान निवासी नाहरपुरा गली नं1, मनजीत पिता आजाद जैन निवासी त्रिपोलिया गेट, अंकित पिता शांतिलाल जैन निवासी धानमंडी, आकाश पिता जगदीश रावत निवासी आमलिया भेरू काटजू नगर, एवं आशीष पिता मनोहरलाल जैन निवासी मोहन टाकीज को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 1 लाख 40 हजार 120 रुपए की नगदी सहित ताशपत्ते बरामद किए है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। देर रात आरोपियों के थाने पहुंचते ही थाने से उनको छुड़वाने के प्रयास तेज हो गए। पुलिस अधिकारियों के फोन भी तेजी से घनघनाने लगे, वहीं कई तो अपने चहितों के लिए थाने तक भी आ गए। गौरतलब है की इस होटल से एसपी कार्यालय की दूरी महज 300 से 400 मीटर है।

एक पेड़ मां के नामः  रतलाम के 22 थाने मिलकर करेंगे 1 हजार पौधारोपण, पुलिस अधिकारीयों ने लाईन में 200 पौधे लगाकर की शुरूआत

 बच्चे भावुक और मासूम, बच्चों से कहे उनकी मम्मी के नाम से पौधा लगाए, फिर देखिए उनकी सुरक्षा – एसपी राहुल लोढ़ा पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत रतलाम पुलिस ने 200 पौधे लगाकर अभियान में सहभागिता की। जिले के सभी 22 थाने मिलकर कुल 1 हजार पौधो को लगाएंगे। गुरूवार को पुलिस लाईन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें एसपी राहुल लोढ़ा, एएसपी राकेश खाखा, फोरेंसिक ऑफिसर डॉ. अतुल मित्तल, सीएसपी अभिनव बारंगे, एसडीओपी अभिलाष भलावी, डीएसपी अनिल राय, आरआई मोहन भर्रावत सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे।  पौधारोपण के दौरान एसपी राहुल लोढा ने कहा की जिस तरह से मौसम में हो रहे परिवर्तन के कारण हमें अभी इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो भविष्य में क्या हाल होंगे। इस पर विचार करते हुए हमें अच्छी वर्षा और भीषण गर्मी से बचाव के लिए पौधे लगाकर उनके वृक्ष हो जाने तक देखभाल करनी होगी। कोशिश करें की हमारे बच्चे इस अभियान से जुड़े और पौधारोपण करे। बच्चे मासूम होने के साथ ही भावनात्मक रूप से सोचते है। बच्चे अपनी मां से बहुत प्यार करते है। उनसे उनकी मम्मी के नाम पर पौधा लगवाकर देखिए फिर देखना एक – एक पत्ती की रक्षा वे कैसे करते है।  

भड़काऊ पोस्ट मामला : मशक्कत के बाद जयपुर से गिरफ्तार हुआ नाबालिग आरोपी, एक अन्य फरार आरोपी पर 5 हजार का इनाम

4 दिन पहले मुस्लिम समुदाय ने घेरा था थाना, एसपी ने बनाई थी स्पेशल टीम पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सोशल मीडिया पर किसी भी धर्म या समुदाय के प्रति बगैर जानकारी के पोस्ट करना आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। एक ऐसा ही मामला रतलाम शहर से सामने आया है। जहां मुस्लिम समुदाय के युवकों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर थाना घेर लिया था। मामला 1 जुलाई की रात का है, जब बड़ी संख्या में लोग थाने पर इकट्ठा हुए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर मुस्लिम समुदाय की भावना आहत करने वाली पोस्ट अज्ञात आरोपियों ने की थी। जिस पर थाना स्टेशन रोड ने तत्काल एफआईआर करते हुए आरोपियों की तलाश शूरु कर दी थी। एसपी राहुल लोढा ने बताया की मुस्लिम समुदाय द्वारा शिकायत की गई थी। जिसके बाद तत्काल मामले को संज्ञान में लिया गया। एएसपी राकेश खाखा व सीएसपी अभिनव बारंगे को निर्देशित कर एक स्पेशल टीम बनाई गई। अज्ञात और विशेषकर सोशल मीडिया के अपराध में आरोपियों को ट्रेस करने में बड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। सायबर सेल की मदद से अज्ञात आरोपियों को ट्रेस किया गया। तकनीकी साक्ष्यों से आईडी के असल यूजर को ढूंढा गया। जिसके बाद टीम बनाकर राजस्थान के जयपुर भेजी गई। जहां से 13 साल के एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया। यह नाबालिग पश्चिम बंगाल के  कुछविहार जिले का निवासी है जो जयपुर में रह रहा था। इसके अलावा एक अन्य अज्ञात आरोपी की भी तलाश की जा रही है। फरार आरोपी पर 5 हजार का इनाम रखा गया है। सराहनीय भूमिकानिरीक्षक दिनेश भोजक थाना प्रभारी थाना स्टेशन रोड, उनि इरफान खान, आर.902 विशाल सैन, आर.139 राजेश परिहार व सायबर सेल से प्र आर मनमोहन शर्मा आर विपुल भावसार, आर मयंक

जावरा UPDATE : मंदिर में गोवंश का कटा सिर फेंकने के मामले में 2 और गिरफ्तार, रासुका लगाकर निकाला जुलूस

गोवंश के बचे अवशेष को तलाशने में जुटी पुलिस, पुलिस ने जारी की सोशल मीडिया एडवाइजरी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा के शिव मंदिर जागनाथ महादेव में गोवंश का कटा सिर फेंकने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने देर रात जावरा के नौशाद उर्फ हनुमार (40) पिता भुरे खां कुरैशी निवासी जूना कबाड़ा और शाहरुख (25) पिता अब्दुल सत्तार निवासी अरब साहब कॉलोनी को गिरफ्तार किया। शुक्रवार सुबह घटना सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो चुकी थी। जिसके बाद पुलिस ने आनन फानन में कटा सिर फेंकने वाले दो आरोपी सलमान और शाकिर को सुबह ही गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों पर गोवंश का कटा सिर फेंकने का आरोप है। वहीं आज गिरफ्तार नोशाद और शाहरुख द्वारा गोवंश काटने की भूमिका बताई जा रही है। शनिवार को आरोपियों का जुलूस पुलिस ने निकाला। एएसपी राकेश खाखा ने बताया चारों आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका NSA) की कार्रवाई की। चारों आरोपियों को उज्जैन के भेरूगढ़ स्थित सेंट्रल जेल भेज दिया गया। आरोपी नौशाद पर पहले से 28 केस दर्ज हैं। एक बार जिला बदर भी रह चुका है। बाकी के तीनों आरोपियों की पहले से कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं मिली है। सलमान गैरेज पर काम करता है। शाकिर कुछ नहीं करता है। गोवंश कहां काटा गया था उसके अवशेष कहां फेंके गए इस सब पर पुलिस पूछताछ करके छानबीन कर रही है। इसके पीछे किसी साजिश की आशंका है। पुलिस सभी तथ्यों पर गहनता से जांच में जुटी है। शहर में आगामी त्यौहार को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर एडवाइजरी जारी की गई। अगर कोई भी नियमों का उलंघन करता है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर

गुमशुदा की तलाश : रतलाम की महिला इंदौर में हुई लापता, अपनी बड़ी बहन के साथ निकली थी घर से

पब्लिक वार्ता – इंदौर/रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के नागरवास में रहने वाली महिला की इंदौर में गुमशुदा होने की खबर सामने आई है। लापता हुई महिला का मायका इंदौर शहर में स्थित है। 6-7 दिन पहले वह इंदौर अपने मायके पहुंची थी। महिला के गुम हो जाने की सूचना मिलते ही रतलाम से महिला का पति व अन्य परिजन इंदौर पहुंचे। लापता हुई महिला के 4 व 8 साल के 2 छोटे बेटे है और पति मोबाइल शॉप का संचालन करता है। पुलिस ने महिला की गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। गौरतलब है की इंदौर में लगातार गुमशुदगी के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। इंदौर के विष्णु विहार कॉलोनी में रहने वाली रेखा पति मुकेश भंडारी ने पुलिस को बताया की उसकी छोटी बहन रिंकी जैन पति अनूप जैन उम्र 29 साल निवासी नागर वास, रतलाम अपने मायके इंदौर आई थी। अपनी सहेली के घर पर गई हुई थी, जिसके बाद से वो अब तक घर नहीं पहुंची। 12 जून बुधवार को सुबह 11:30 के करीब मैंने अपनी बहन रिंकी जैन को सहेली के घर जाने के लिए इंदौर स्थित रेडिसन चौराहा शनि मंदिर के पास छोड़ा था, जो अभी तक घर वापस नहीं आई है। मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा है। जिसके बाद अपनी बहन की तलाश आसपास और उसके ससुराल में की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मामले में विजय नगर थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शूर कर दी है। परिजन भी महिला की तलाश में जुट गए है।