भरोसे का घोंटा गला : बुजुर्ग दंपत्ति ने जिस किराएदार को रखा बेटे जैसा, उसी ने घर का ताला तोड़ किया लाखों रुपयों पर हाथ साफ

12 घंटे में माणक चौक पुलिस ने किया चोरी का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के माणक चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ उसी के किराएदार ने विश्वासघात कर दिया। पति – पत्नी दोनों की कोई संतान नहीं होने से किराएदार को ही उन्होंने अपना बेटा माना और उसे बेटे की तरह रखा। लालची किराएदार ने भरोसे का गला घोंटते हुए दंपत्ति के बंद घर में ताला तोड़ चोरी को अंजाम दे दिया। यह पैसा कैंसर के इलाज के लिए जमा किया हुआ था। माणक चौक थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 12 घंटे में आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान (27) निवासी मौलाना आजाद नगर (हालमुकाम लक्ष्मी नगर) को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना में जुटी माणकचौक थाने की पुलिस टीम को पुरुस्कार की घोषणा की गई है । गुरुवार को नवीन कंट्रोल रूम पर प्रेस वार्ता में एएसपी राकेश खाखा ने वारदात का खुलासा किया। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे, माणक चौक थाना प्रभारी रणजीत सिंगार मौजदू रहे। एएसपी राकेश खाखा ने मीडिया को बताया की लक्ष्मी नगर निवासी महिला मुकर्रम पति शेर खां मेव ने थाने में शिकायत कर बताया की वह मंगलवार/बुधवार की रात्री में अपने कैंसर से पीड़ित पति शेर खान के इलाज के लिए उसे अस्पताल ले गई थी। जहां उसे भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा था। घर में दोनों पति पत्नी के अलावा कोई भी नहीं था इसलिए उसने घर पर ताला लगाया हुआ था। उसी दौरान उसके सुने मकान मे कोई अज्ञात बदमाश 4 लाख 35 हजार रुपये नगदी एवं सोने की एक अंगुठी तथा चांदी के छोटे छोटे जेवर जिनकी किमत करीब 90 हजार रुपये है। इस तरह कुल 5 लाख 25 हजार रुपये घर व गोदरजे का ताला तोड़ कर चुरा ले गया। फरियादी महिला की शिकायत पर थाना माणकचौक पर अपराध क्रमांक 323/24 धारा 457,380 पंजीबद्ध कर पुलिस ने जांच शुरू की। जिसमें 12 घन्टे के भीतर ही पुलिस को सफलता मिली और आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान जो की महिला का किराएदार था उसे गिरफ्तार कर लिया गया। खुद आरोपी ने महिला को दी सूचनाआरोपी किराएदार सोहेल फरियादी महिला मुकर्रम खान के मकान में 6-7 माह से किराए से रह रहा था। आरोपी सोहेल शादीशुदा है और अपने घर से अलग किराए के मकान में रह रहा था। जब उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया तब उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। वह घर पर अकेला था। महिला की कोई संतान नहीं होने से उसने सोहेल को बेटे की तरह रखना शुरू कर दिया। जिससे सोहेल को उसके घर में रखी नगदी व जेवर की जानकारी लग गई। आरोपी ने ताला तोड़कर घर में हाथ साफ किया। जिसके बाद पुलिस व महिला को बरगलाने के लिए चोरी की घटना के बारे में बताया। जिससे वह संदेह के घेरे में ना आए। पुलिस ने जब मौके पर छानबीन की तो पड़ोसी की छत से नगदी व सामान मिला। जिससे यह लगे कि पड़ोस की छत और उसके पास के नाले से चोर घर में घुसे हो। लेकिन पुलिस को यहां पर संदेह हुआ और सोहेल से सख्ती से पूछताछ की। फिर उसने सब कुछ कबूल कर लिया। आरोपी सोहेल लोहे की अलमारी बनाने का काम करता है।मामले में पुलिस टीम के एएसआई बसील गणावा , प्रआर नारायणसिंह जादौन, दिलीपसिंह रावत, अमिचंद सिगारे, आरक्षक रणवीर सिंह , गोविन्द गेहलोत, विरेन्द्र बारोड, संदीप शर्मा, अशरफ खान कि महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सट्टे पर संग्राम : 4 दिन पहले स्टेशन रोड पुलिस की सटोरियों पर दबिश, रेलवे साईकील स्टैंड ठेकेदार का भाई रवि मीणा और साथी फरार

पहले भी कर चुका है पुलिसकर्मियों से हाथापाई, लॉज के पीछे चल रहा था अंक वाला सट्टा पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के स्टेशन रोड पर पुलिस द्वारा 4 दिन पूर्व सटोरियों पर बड़ी कार्रवाई की गई। जिसमें रेलवे का साईकील स्टैंड चलाने वाला ठेकेदार विजय मीणा का भाई रवि मीणा और उसका अन्य साथी अब तक फरार है। पुलिस रवि मीणा व अन्य फरार आरोपी की तलाश कर रही है। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो साईकील स्टैंड ठेकेदार विजय मीणा व रवि मीणा साईकील स्टैंड की आड़ में कई सालो सट्टे का संचालन कर रहे है। जीआरपी में कई बार शिकायतें भी हो चुकी है मगर राजनीतिक संरक्षण और पुलिसीया सांठगांठ के चलते कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। कुछ समय पूर्व रवि मीणा पुलिसकर्मियों से उलझने के मामले में भी सुर्खियों में छाया रहा था। करीब 3 साल पहले रेलवे स्टेशन के पार्किंग एरिया में सट्टा चलाए जाने की सूचना मिलने पर रतलाम पुलिस के एसआई अनुराग यादव रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 के पास पार्किंग एरिया में पहुंचे थे जहां रवि मीणा और उसके साथियों ने एसआई अनुराग यादव के साथ बदतमीजी व हाथापाई की थी। जिसके कुछ माह बाद रवि मीणा ने इंटेलिजेंस के दो जवानों के साथ भी पार्किंग में गाड़ी रखने को लेकर हाथापाई की थी। गौरतलब है की थाना स्टेशन रोड पुलिस ने फ्रीगंज रोड स्थित लक्ष्मी लाज के पीछे गली मे लोगों से सट्टा अंक लिखकर पैसे ले रहे युवक को रंगेहाथ पकड़ा था। पुलिस ने मौके से जब्बार उर्फ अनवर पिता मोहम्मद रफीक अब्बासी (28) निवासी रामेश्वर मंदिर के पास जावरा रोड, सुरज उर्फ स्वाधीन पिता स्व.अशोक नांदेचा जाति जैन (27) निवासी घास बाजार, रईस खाँ पिता अब्दुल वहीद जाति मेवाती (49) निवासी जयभारत नगर, व मुजफ्फर पिता मुशर्रफ खाँ जाति मेवाती (40) निवासी काजीपुरा को रंगेहाथ धर दबोचा था। वहीं 2 अन्य आरोपी रवि मीणा निवासी मिडटाउन कॉलोनी व रवि बौरासी निवासी जावरा फाटक फरार हो गए थे। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों से 1 मोबाईल एवं 9510/- रुपये नगद जप्त व अंक लिखी पर्चियां जप्त की। पुलिस ने मामले में अप.क्र. 788/2024 धारा 4A व पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट 109 भादवि के तहत कार्रवाई की। थाना प्रभारी दिनेश भोजक के नेतृत्व में पुलिस टीम के प्र.आर. मनोज पाण्डे, महेन्द्र फतरोड, आरक्षक नंदकिशोर, राकेश दांगी व अभिषेक पाठक की सराहनीय भूमिका रही।

सट्टे पर साइलेंट दबिश : एसपी की टीम ने कॉटेज पर मारी रेड, 25 जुआरियों से 13 लाख से अधिक का पकड़ा जुआ

गजेंद्र सोनी के कॉटेज में राजा खांडिया कर रहा था संचालन, डीडी नगर टीआई निलंबित पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। दिनदयाल नगर थाना क्षेत्र के अंर्तगत एक कॉटेज पर एसपी की टीम ने जुआ खेलते हुए 25 लोगों को पकड़ा। इनके पास से करीब 13 लाख 79 हजार रुपए जप्त किए है। पकड़े गए जुआरियों में रतलाम का किराना व्यापारी राजा खांडिया उर्फ राजेश खंडेलवाल भी धराया है। सूत्रों की माने तो जुए के अड्डे पर रोज करीब 30 से 40 लाख रुपए तक की हार जीत होती है। जिसकी जानकारी थाना क्षेत्र की पुलिस को थी। राजा खांडिया उर्फ राजेश खंडेलवाल रतलाम के बाहर से जुआरियों को बुलाकर जुआ संचालित कर रहा था। रतलाम में जुओं के अड्डो के संचालन में इसकी भूमिका पहले नंबर पर रहती है। मौके से पकड़ाया एक और आरोपी सड्डू लाला उर्फ यूनुस खान भी रतलाम में सट्टा व जुआ चलाने में अहम भूमिका निभाता है।फिलहाल एसपी ने कार्रवाई करते हुए डीडी नगर टीआई अर्जुन सेमलिया को निलंबित कर दिया है। मामले में महिला सेल डीएसपी अजय सारवान को जांच सौंपी है। मौके से रतलाम के जुआरियों अलावा धार, उज्जैन व इंदौर के जुआरी भी जुआ खेलते पकड़ाए है। शुक्रवार दोपहर पुलिस ने आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश करने ले गई। रास्ते में वाहन खराब होने से पुलिस पैदल ही जुआरियों को कोर्ट ले गई। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि सेंट्रल स्कूल के पीछे बने एक कॉटेज में बड़ी मात्रा में जुआ खेला जा रहा है। लाइन से स्पेशल टीम बनाकर दबिश दी गई। टीम में सब इंस्पेक्टर प्रताप सिंह भदौरिया, हेड कांस्टेबल तेजसिंह जगवत आदि को शामिल किया। मौके से 25 जुआरियों को पकड़ा है। पूरी कार्रवाई में एसपी ने किसी को कानो कान खबर तक नहीं होने दी। यहां तक क्षेत्र के थाने को भी इस बारे में पता नहीं चलने दिया। सभी जुआरियों को डीडीनगर थाने लाया गया और जुआ एक्ट व धारा 151 में केस दर्ज किया। थाने पर एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव बारंगे के समक्ष पुलिसकर्मियों ने जप्त नोटों की गिनती की। मामले में कॉटेज के मालिक गजेंद्र सोनी निवासी चांदनी चौक को भी आरोपी बनाया गया। दबिश में 25 जुआरी मौके से पकड़ाएआरीफ (45) पिता युसुफ खान निवासी नाहरपुरा रतलाम, शंकर (31) पिता नंदराम माली निवासी नोगावा जिला धार, राजेश (45) पिता कांतिलाल खंडेलवाल निवासी धानमंडी रतलाम, गोपाल (53) पिता बंसतीलाल सोनावा निवासी धानमंडी रतलाम, रमीज (29) पिता अनीश खान निवासी मोहननगर गली नं. 4 रतलाम, आशीष (41) पिता मोहनलाल जैन निवासी बजरंगगढ़ बदनावर, सहीद (52) पिता मजीद निवासी मनावर, मनोज (33) पिता भेरुलाल सिर्वी निवासी बदनावर, अर्जुन (40) पिता बापुसिंह निवासी बदनावर, महेश (33) पिता फुलचंद मारु निवासी बरमंडल जिला धार, शाहरुख (30) पिता अब्दुल सत्तार साल निवासी मोहननगर रतलाम, संदीप (31) पिता परमानंद पाटीदार निवासी बदनावर, दिपक (34) पिता प्रकाश माली निवासी बदनावर, आजाद (42) पिता मुराद फकीर निवासी बडनगर, ईश्वर (35) पिता राधेश्याम पाटीदार निवासी वरमंडल बदनावर जिला धार, जितेन्द्र (35) पिता मांगीलाल पाटीदार, किशोर (47) पिता वर्दीचंद माली निवासी बदनावर, योगेश (27) पिता अशोक माली निवासी बदनावर, युनुस उर्फ सड्डू (48) पिता युसुफ खान निवासी मोहननगर रतलाम, रमेश (60) पिता दरयावसिंह यादव निवासी जूनी इंदौर, महेंद्र (43) पिता मांगूसिंह यादव साल निवासी नागदा, शादाब (31) पिता मुबारिक अली दानीगेट उज्जैन, मनीष (39) पिता कैलाशचंद्र राठौर निवासी नोगावा जिला धार, शरीफ (45) पिता लाल मोहम्मद रंगरेज निवासी मोहननगर रतलाम, जयप्रकाश (54) पिता मिस्रीलाल जाट निवासी बखतगढ़ (धार)

अवैध संबंध, हत्या और खुलासा! : विवाहित महिला के दूसरे संबंधो से नाखुश था प्रेमी संतोष, गला घोंटकर लाश फेंकी थी नदी में

लापता महिला रचना उपाध्याय की लाश करवड़ में मिलने का मामला, पुलिस ने किया खुलासा पब्लिक वार्ता -रतलाम,जयदीप गुर्जर। 23 मई को थाना औद्योगिक क्षैत्र रतलाम पर वर्धमान नगर निवासी भगवतीलाल उपाध्याय अपनी पत्नी रचना उपाध्याय उम्र39 वर्ष की गुमशुदगी दर्ज करवाने पहुंचता है। 6 दिन बाद झाबुआ के करवड़ में माही नदी में में एक शव बरामद होता है। जिसकी सूचना रतलाम पुलिस को दी जाती है। जिसके बाद रचना के परिजनों को सूचना देकर बुलाया जाता है और शव की पहचान कराई जाती है। शव पानी में रहने के कारण सड़ गल चुका होता है। शरीर पर बने टेटू और कपड़ों से महिला की शिनाख्ती की जाती है। इसके बाद पुलिस मामले में हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश में जुट जाती है। पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंचती है और सोमवार को इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा होता है। मृतिका महिला रचना उपाध्याय की एक 19 वर्षीय बेटी व 13 वर्ष का बालक है। महिला के आरोपी के साथ अवैध संबंध होना सामने आए है। एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। हत्या के मुख्य आरोपी हाकिमवाड़ा निवासी संतोष पिता श्यामलाल राव उम्र 39 वर्ष व उसका साथ देने वाले दोस्त चिंगीपुरा निवासी सलमान पिता मोहम्मद एहसान उम्र 32 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी संतोष लोडिंग वाहन चलाता है। वहीं उसका दोस्त आरोपी सलमान लोकेंद्र भवन (कान्वेंट तिराहे) स्थित बंगले मुफद्दल विला का चौकीदार है। महिला की हत्या इसी मुफद्दल विला में गला घोंटकर की गई थी। कांफ्रेंस के दौरान एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव वारंगे, औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेंद्र वर्मा मौजूद रहे। प्रेमी का शक, गुस्सा और हत्या!पुलिस के अनुसार हत्या की वजह महिला के अन्य संबंध का शक बना। आरोपी संतोष के करीब 1 साल से महिला के साथ अवैध संबंध थे। इस दौरान उसे महिला के और भी अन्य लोगों के साथ संबंध होने का शक था। इसी बीच आरोपी संतोष अपनी शादीशुदा प्रेमिका रचना से प्यार करने लगा। 23 मई की शाम जब मृतिका संतोष से मिलने मुफद्दल विला पहुंची तो संतोष और महिला विवाद हुआ। विवाद इस बात को लेकर हुआ था की मृतिका रचना आरोपी संतोष मिलने से पहले किसी और से मिलकर उसके पास आई थी। संतोष ने शक में मृतिका रचना से विवाद किया और गुस्से में आकर गला दबा दिया। जिससे रचना अचेत हो गई। जानकारी के अनुसार 23 मई को दोपहर 4 बजे करीब रचना अपने ससुराल से मायके जाने का कहकर स्कूटी से निकली थी। रचना का मायका रतलाम में ही श्रृंगी नगर में है। रचना के परिवार वाले उस दिन हरिद्वार गए हुए थे। टेप से पैक की लाश, लोडिंग में डालीविवाद के दौरान जब संतोष ने रचना का गला दबाया तो वह अचेत हो गई। जिसके बाद उसने बंगले के चौकीदार अपने दोस्त सलमान को बुलाया और दोनों ने रचना को पानी छिड़क कर होश में लाने की कोशिश की। लेकिन तब तक रचना का शरीर ठंडा पड़ चुका था। दोनों ने मिलकर अब लाश ठिकाने लगाने की कोशिश शुरू कर दी। संतोष लोडिंग वाहन लेकर बंगले के अंदर आया। बंगले में लोडिंग खड़ी की, इसके बाद दोनों आरोपी महिला की स्कूटी से खाचरौद (उज्जैन) पहुंचे। रास्ते में स्कूटी की नंबर प्लेट निकालकर फेंक दी। महिला का मोबाइल भी तोड़कर रास्ते में फेंक दिया। स्कूटी को खाचरौद के उज्जैन गेट पर खड़ी कर वापस रतलाम लौट आए। आरोपियों ने महिला के शव को पुस्टे में टैप लगाकर पैक किया। आरोपियों ने महिला के शव को ठीक उसी तरह पैक किया जैसे कोई डिलवरी का सामान किसी लोडिंग में पैक कर पहुंचाया जाता है। संतोष शाम 7 बजे करीब महिला को लेकर बंगले मुफद्दल विला में घुसा था। जिसकी जानकारी उसके चौकीदार दोस्त सलमान को थी। महिला के शव को पैक कर दोनों ने लोडिंग में डाला और 40 किलोमीटर दूर करवड़ जाकर नदी में फेंक दिया। मशक्कत के बाद पुलिस के हाथ आएमृतिका रचना की गुमशुदगी से लेकर हत्या के दिन तक के करीब 150 से अधिक सीसीटीवी फूटेज को पुलिस ने खंगालना शूर किया। 23 मई की शाम महिला को संदेही संतोष के साथ नगर निगम के यहां देखा गया। जिसके बाद आरोपी संतोष को लगातार ट्रेस किया गया। आरोपी उसे बंगले में ले जाते हुए भी ट्रेस हुआ। पुलिस ने तुरंत संतोष की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने महिला के साथ अवैध संबंधो को स्वीकार किया और हत्या करने की वजह बताई। आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को पहले खूब दिमागी कसरत करना पड़ी। उसके बाद इनकी गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस को इधर – उधर खूब घूमना पड़ा। पुलिस की टीम जिसकी सराहनीय भूमिकाएसपी ने इस मामले को चिंहित अपराध में दर्ज किया। 10 हजार का इनाम भी पूर्व में घोषित किया। हत्या के इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने में थाना औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेन्द्र वर्मा, एसआई सत्येन्द्र रघुवंशी, अमित शर्मा सायबर सेल, एएसआई बबलू डागा, इशाक खान, प्र.आर. नीरज त्यागी, राहुल जाट, तपेश गोसाई, बलराम पाटीदार, मनमोहन शर्मा, हिम्मत सिंह, आरक्षक कपिल, लखन, अर्जुन खींची, मोहन पाटीदार, अभिषेक पाठक, दुर्गालाल गुजराती, कान्हा मेघवाल, राजेश प्रजापति, विपुल भावसार, चालक संजय एवं सीसीटीवी शाखा से एएसआई राजा तिवारी, प्र. आर. शान्तिलाल डिंडोर, आरक्षक पारस चावला, लखन धभाई की सराहनीय भूमिका रही।

हत्यारे गिरफ्त में : सिलावटों का वास में हुए हत्याकांड के आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, इसरथुनी के जंगलों में छिपे थे

चाकू मारने वाला एक आरोपी नाबालिग, भागने के दौरान गिरकर हुआ घायल पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बुधवार शाम शहर के माणकचौक थाना अंतर्गत सिलावटों का वास हरिजन बस्ती में रहने वाले प्रवीण उर्फ पप्पू (23) पिता सुनील रानवे की चाकू घोंपकर हत्या का मामला सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने फरियादी साहील पिता संजय रानवे निवासी शनि मंदिर के पास हरिजन बस्ती की रिपोर्ट पर विकास उर्फ विक्या पिता मंगल गोयर, अनिकेत उर्फ तोतू पिता मंगल गोयर, आदित्य पिता संजय मेहरोलिया तीनों निवासी सिलावटों का वास हरिजन बस्ती, आशु चावरे निवासी इंदौर व एक आरोपी नाबालिग के खिलाफ धारा 147, 148, 302 भादवि के तहत केस दर्ज किया था। 36 घंटो के भीतर पुलिस ने हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद से आरोपियों की तलाश की जा रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार दोपहर मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर सभी आरोपियों को इसरथुनी के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस खंगाल रही है। हत्या में शामिल आरोपी पुलिस से बचने के लिए इसरथुनी के जंगलों की और छुपे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जंगलों में तलाशी ली। पुलिस से बचकर भागने के दौरान एक नाबालिग आरोपी खाई में जा गिरा जिससे उसके पैर में चोट आई है। पुलिस ने घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने आरोपियों से हत्या में उपयोग किया गया चाकू व खून से सने कपड़े भी जप्ती में लिए है। जल्द ही पुलिस इस घटनाक्रम का खुलासा करेगी। यह था पूरा घटनाक्रम मामला जानने के लिए नीचे लिंक पर करे क्लिक https://publicvarta.com/youth-killed-300-metres-away-from-bloodshed-falls-to-death-due-to-enmity/

मौत का पूल : डॉल्फिन स्विमींग पूल के संचालक विजयशंकर पांडेय सहित 2 पर हुई FIR, मामला 10 दिन पहले युवक के डूबने का

बगैर परमिशन और सुरक्षा संसाधनों के खुलेआम संचालित हो रहे जिले में और भी वाटर पार्क और स्विमिंग पूल पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के सैलाना रोड स्थित डॉल्फिन स्विमिंग पूल में 10 दिन पहले एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।मामले में पुलिस ने अपनी जांच के बाद स्विमिंग पूल के संचालक, ट्रेनर और मृतक के दोस्त के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। आपको बता दे 19 मई की दोपहर करीब 4 बजे अनिकेत (18) पिता दिनेश तिवारी निवासी पटेड़ा थाना मौरावा (जिला उन्नाव उत्तरप्रदेश) हाल मुकाम ब्राह्मणों वास अपने तीन दोस्तों पीयूष पिता प्रवीण, हर्ष पिता गणेश और तुषार पड़ियार लोहार रोड के साथ डॉल्फिन स्विमिंग पूल गया था। वह पूल से बाहर आकर बैठा ही था कि एक अन्य युवक के छलांग लगाने के दौरान अनिकेत के चेहरे पर पैर टकरा गया। इससे अनिकेत पानी से भरे पूल में गिर गया। पानी में गिरने के बाद डूबने से उसकी मौत हो गई। वहां पर ट्रेनर भी खड़े रहते हैं, लेकिन युवक की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो जाती है। करीब 6 मिनट 20 सेकंड बाद उसे बाहर निकाला जाता है। तब तक उसकी मौत हो जाती है। थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मामले में जांच के बाद स्विमिंग पुल संचालक विजय शंकर पांडे पिता ओमप्रकाश पांडे, ट्रेनर कमल टाक पिता फूलचन्द्र टाक निवासी कोमलनगर रतलाम एवं दोस्त पीयूष कुमावत पिता प्रवीण कुमावत निवासी ब्राह्मणों का वास के खिलाफ 304 ए, 34 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों की लापरवाही से अनिकेत की मौत डूबने से मौत हुई है। बगैर परमिशन और ट्रेनिंग के हो रहा संचालन!घटना के बाद जब पुलिस ने जांच की तो यह तथ्य सामने आए की डॉल्फिन का संचालक विजय शंकर पांडेय बगैर नगर निगम की अनुमति के पूल संचालित कर रहा था। यहां तक की उसके यहां जो ट्रेनर या सेफ्टी गार्ड थे उनके पास भी ट्रेनिंग कोर्स संबंधि कोई सर्टिफिकेट नहीं था। इसके अलावा जिले में संचालित अन्य वाटर पार्क व स्विमिंग पूल भी बगैर अनुमति या सेफ्टी संसाधनों के संचालित हो रहे है। जिनके सुरक्षा मानकों की जांच भी बहुत जरूरी है। युवक की मौत के बाद प्रशासन ने डॉल्फिन के अलावा अन्य संचालित वाटर पार्क या पूल की जांच निर्देश नहीं दिए है। सभी वाटर प्ले जोन मनमर्जी के मुताबिक और बगैर सेफ्टी के संचालित किए जा रहे है।

खूनी खेल : रंजिश के चलते युवक को उतारा मौत के घाट, 300 मीटर दूर लहूलुहान होकर गिरा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बुधवार शाम 7 बजे करीब एक युवक को बदमाशों ने चाकू या किसी नुकीले हथियार को घोंपकर मौत के घाट उतार दिया। घटना शहर के बाजना बस स्टैंड क्षेत्र की है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार मामला आपसी रंजिश का बताया जा रहा है। घटना में सिलावटों का वास हरिजन बस्ती निवासी प्रवीण उर्फ पप्पू पिता सुनील रानवे उम्र 23 वर्ष की मृत्यु हुई है। मृतक सफाईकर्मी था। मृतक प्रवीण परिवार में इकलौता था। मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रवीण उर्फ पप्पू को लहूलुहान हालत में रिक्शे में डालकर जिला चिकित्सालय ले जाया गया। परिजनों ने बताया की आरोपियों से सैलाना की एक शादी में विवाद के बाद से पुरानी रंजिश थी। जिसके चलते 15 दिन पहले मोहल्ले में विवाद भी हुआ था। आज प्रवीण को कुछ युवकों ने घेरकर हरिजन मोहल्ले में स्थित एक घर के सामने हमला कर दिया। वो भागकर 300 मीटर दूर वीर सावरकर मार्केट तक गया और गिर गया। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी के बाद एडीशनल एसपी राकेश खाखा, टीआई माणकचौक रंजीत सिंगार सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच की। खबर लिखे जाने तक मामले में रिपोर्ट दर्ज की जा रही थी। परिजनों ने विकास, रितेश, आशु, आदित्य, अनिकेत सहित अन्य युवकों पर आरोप घटना में शामिल होने के आरोप लगाए है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच व आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मानवता हुई शर्मसार : अधेड़ ने गाय व उनके बछड़ों के साथ गुप्तांग निकालकर की अश्लील हरकतें, फूल मंडी के सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद

रात में रास्ते से गुजर रहे युवकों ने पकड़ा रंगे हाथ, किया पुलिस के हवाले पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आयी है। यहां देर रात गाय व उनके बछड़ों के साथ अश्लील हरकत करते एक अधेड़ को गिरफ्तार किया गया। आरोपी खोजेमा पिता नजमुद्दीन बोहरा (समोसेवाला) उम्र 52 वर्ष है। आरोपी खोजेमा बोहरा शहर के चांदनी चौक में किराना की दुकान संचालित करता है। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर आरोपी खोजेमा को गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 377 व 506 में मामला दर्ज किया है। माणकचौक थाना टीआई रंजित सिंगार ने बताया की शनिवार रात करीब 2 बजे हरमाला रोड स्थित फूल मंडी के यहां आरोपी खोजेमा विचरण करने वाली गाय और उनके बछड़ों के साथ अश्लीलता कर रहा था। घटना के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी गाय के बछड़े को बिस्किट खिला कर उसके साथ व अन्य गायों के साथ कुकृत्य करते नजर आ रहा है। इसी दौरान वहां से गुजर रहे युवकों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने इसे रंगेहाथ पकड़ा। मौके पर पुलिस पहुंची और  आरोपी को थाने लाया गया। युवकों की रिपोर्ट पर मामला पंजीबद्ध कर कार्रवाई शूर की है। वैटनरी डॉक्टरों द्वारा गायों का मेडिकल परीक्षण भी किया जा रहा है।

जातिवाद का दंश : पुलिस की मार से प्रताड़ित युवक ने पिया कीटनाशक, ASI प्रदीप शर्मा पर लगाए गंभीर आरोप

ऊंची जाति की लड़की से प्रेम विवाह करने के बाद से था प्रताड़ित, 3 दिन पहले एसपी से लगाई थी मदद की गुहार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। गुरुवार शाम मांगरोल निवासी एक युवक ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने थाना स्टेशन रोड की सालाखेड़ी चौकी पर पदस्थ पुलिसकर्मी एएसआई प्रदीप शर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए है। परिजनों ने एएसआई प्रदीप शर्मा का नाम लेते हुए  पीड़ित युवक को रातभर चौकी में पिटने और जातिसूचक शब्द कहने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे युवक का नाम यश पिता मोहनलाल सारवान उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम मांगरोल है। यश साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज में बीए सेकंड ईयर का छात्र है। यश ने 21 मई यानी 3 दिन पहले ही एसपी ऑफिस में आवेदन देकर अपनी पत्नी की कस्टडी मांगने के लिए पुलिस से गुहार भी लगाई थी। न्याय नहीं मिलने के बाद आज उसने यह कदम उठाया। कीटनाशक पीने के बाद परिजन युवक को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय लेकर आए। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफेर कर दिया गया है। फिलहाल युवक मेडिकल कॉलेज में भर्ती है,जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया की पीड़ित यश के अलावा उसकी मां नीलम व छोटी बहन दिव्या घर पर थे। गुरुवार शाम करीब 5 बजे यश पीछे वाले कमरे में उल्टियां करने लगा। जिसके बाद पिता मोहनलाल को फोन कर बुलाया और उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया। यश के पिता ने बताया की बेटे ने 13 मार्च को गांव की ही लड़की तमन्ना पिता महेशगिरि गोस्वामी से प्रेम विवाह किया था। यह विवाह धार जिले के चिराखान गांव के एक मंदिर में संपन्न हुआ था। जिसके बाद 16 मार्च को लड़की ने अपने माता – पिता से जान का खतरा, ससुराल वालों पर अनावश्यक कार्रवाई आदि विषय को लेकर एक आवेदन डाक पोस्ट के माध्यम से एसपी ऑफिस भेजा। पुलिस की समझाईश के बाद लड़की 31 अप्रैल को बयान के लिए थाना स्टेशन रोड पहुंची। जहां से उसके पिता व अन्य परिजन उसे अपने साथ ले गए। तब से उसकी हमसे या हमारे लड़के यश से कोई मुलाकात या बातचीत नहीं हुई। उसके बाद से यश डिप्रेशन में चला गया था और लड़की को ढूंढने की कोशिश भी कर रहा था। लड़की ऊंची जाति की होने से उसके परिवार वाले इस शादी के खिलाफ थे। जिसके बाद पुलिस में उसकी झूठी शिकायत भी की और पुलिस ने भी उसके साथ दुर्व्यवहार कर जातिसूचक शब्द कहे। इससे वह और डर गया था। फिलहाल पूरे मामले में पुलिसकर्मियों द्वारा चौकी के अंदर जातिवाद का यह मामला बड़ा ही संगीन है। अब यह देखना बाकी है की सूबे की सरकार और महकमे के आला अधिकारी इसमें क्या एक्शन लेते है और क्या जांच करते है? क्या दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कर उन पर उचित कार्रवाई होगी या उन्हें किसी तरह बचा लिया जाएगा। फिलहाल एक नोजवान युवक पुलिस की बर्बरता और जातिवाद का दंश झेलने के बाद मौत से जीत हार कर रहा है। वहीं दूसरी और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है, उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना बहुत जरूरी है। पूरी रात पिटाई की, कहा – तेरी बहन को उठा लेंगे!यश की छोटी बहन दिव्या ने बताया 12 मई को पुलिस उसे सालाखेड़ी चौकी पर ले गई थी। हमें अगले दिन एएसआई प्रदीप शर्मा ने फोन लगाकर सूचना दी की यश को छुड़ाकर ले जाओ। फिर पिताजी थाने गए और एसडीएम कोर्ट से उसे छुड़वाकर लेकर आये। पुलिस ने यश पर धारा 151 के तहत कार्रवाई की थी। पिता ने पुलिस से यश को चौकी लाने और केस बनाने का कारण पूछा तो प्रदीप शर्मा ने कहा की इसे समझाओ अपनी जात की छोरी देखे और उस लड़की को भूल जाए। यश ने घर आकर परिजनों को बताया की एएसआई प्रदीप शर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर पूरी रात उसकी पिटाई की। एएसआई प्रदीप शर्मा ने जातिसूचक शब्द कहे व गंदी-गंदी गालियां दी। उसने यश से कहा की तू नीची जाति का है ऊंची जात की लड़की से दूर रहना। अपनी जात देखकर शादी कर और उस लड़की को छोड़ दे। एएसआई शर्मा ने यह भी कहा की सीधे से मान जा नहीं तो तेरी बहन भी है उसे उठा लेंगे। इस घटना के बाद से परिवार डर और सहम गया था, उन्होंने इसकी शिकायत किसी को नहीं की। इसी बीच लड़की का दूसरे नंबर से यश के पास फोन आया था। जिसमें उसने कहा की मेरे घरवाले जबरदस्ती मेरी दूसरी शादी कर रहे है। मेरी जान खतरे में है मुझे बचा ले। 3 दिन पहले 21 मई को यश द्वारा एसपी ऑफिस में आवेदन देकर लड़की की कस्टडी की गुहार भी लगाई थी। मगर वहां से भी कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद आज अचानक उसने कीटनाशक पिने जैसा कदम उठाया।

सवाल सुरक्षा का : अस्पताल में दो पक्षो ने जमकर मचाया उत्पात, 5 आरोपी गिरफ्तार अन्य फरार

कहां थे सरकारी अस्पताल के सुरक्षा गार्ड?, क्या खत्म हो रही है परफेक्ट पुलिसिंग? पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम शासकीय जिला अस्पताल में शनिवार रात करीब 1 बजे दो पक्ष आपस में भिड गए। जिसके हाथ जो लगा, उसे उठाकर एक दूसरे पर हमला किया। अस्पताल के जांच काउंटर का कांच तोड़ डाला। फायर एक्सटेंशन उखाड़कर उसे भी इस्तेमाल किया। करीब 20 मिनट तक जमकर उत्पात मचाया। इस वक्त तक वीडियो जमकर वायरल हो रहे है। इससे भी मारपीट की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बेबस होकर केवल वीडियो बनाती रहे। दरअसल शहर के मदीना कॉलोनी में एक परिवार के दो गुटों में प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। अस्पताल में झगड़ने से पहले भी मारपीट हुई। एक गुट के कुछ लोग माणक चौक थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे। मारपीट में घायल के मेडिकल के लिए पुलिस जवान उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इतने में दूसरे पक्ष के लोग आ गए। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई। अस्पताल में मौजूद मरीज डॉक्टर व स्टाफ घबराकर इधर उधर भागने लगे। पुलिस ने एक पक्ष के शौकत की रिपोर्ट पर शाकिर, नासिर और तीन अन्य के खिलाफ केस किया है। दूसरे पक्ष के समीर की शिकायत पर अबरार, अंसार, रमजानी, आसिफ के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया है। अस्पताल में तोड़फोड़ पर सीएमएचओ की शिकायत पर भी केस दर्ज किया गया है। जिसमें कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रविवार 5 लोगों को गिरफ्तार किया व अन्य फरार है। सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति और पुलिस की देरी?घटनाक्रम के दौरान शासकीय जिला अस्पताल की चौकी में एक ही पुलिस जवान था। दूसरा जवान माणकचौक पुलिस का मेडिकल कराने एक पक्ष के लोगों को लेकर आया था। दोनों ही जवान उत्पात मचाती भीड़ के सामने बेबस थे। दोनों पुलिस जवान केवल सबूत के तौर पर वीडियो बनाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 25 मिनट तक पुलिस का बेक फोर्स नहीं आया। तब तक अपराधी उत्पात मचाकर रवाना हो चुके थे। ऐसे में पुलिसिंग पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है। क्या जिले में पुलिकर्मियों की इस कदर कमी है की घटना के दौरान पहुंचने में देरी लग रही है? क्या शहर या जिले में परफेक्ट पुलिसिंग अब खत्म होती जा रही है?   वहीं अस्पताल में केवल 1 गार्ड मौजूद था। जबकी अस्पताल में अन्य कमरों में रजिस्टर के अंदर करीब 5 से 7 गार्ड ऑन डयूटी रहते है। जिनकी जिम्मेदारी शासकीय अस्पताल की सुरक्षा की है। लेकिन जब मारपीट और तोड़फोड़ हो रही  थी तब कोई नहीं था। ऐसे में सीएमएचओ आनंद चन्देलकर केवल शिकायत कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। इनको किया गिरफ्तारअस्पताल में उत्पात मचाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जिसके बाद रविवार को समीर उर्फ बाबु पिता साबीर हुसैन निवासी 25 हाट रोड़, गोलु उर्फ अफसार पिता शौकतहुसैन निवासी हाट की चौकी वेदव्यास कालोनी, माहिद उर्फ अप्पु पिता नासीर हुसैन निवासी सुभाष नगर, पीर मोहम्मद उर्फ ईम्मु पिता मान खाँ फकीर निवासी सुभाष नगर, रमजानी पिता खेराती निवासी वेदव्यास कालोनी को गिरफ्तार किया है। वहीं अबरार, अंसार, आसीफ हुसैन, आमीन हुसैन, साबिर हुसैन एवं अन्य साथी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है।