UP News: तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में डाली बकरियां, चोरों ने चुराई और कर ली मटन पार्टी

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क: UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में तेंदुए के हमलों से निपटने के लिए वन विभाग ने पिंजरे में बकरियां रखी, लेकिन अब इन बकरियों की चोरी और मटन पार्टी का मामला सामने आया है। तेंदुआ पकड़ने की वन विभाग की योजना चोरों की इस हरकत के कारण असफल हो रही है, जिससे तेंदुए का आतंक कम होने की बजाय बढ़ गया है। चोरों ने मचाई मटन पार्टीराम बाग कॉलोनी के निवासी रूपेश कुमार के अनुसार, वन विभाग ने उनके गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया था, जिसमें एक बकरी रखी गई थी। लेकिन कुछ ही दिनों में बकरी चोरी हो गई। गांव के लोगों ने मिलकर दूसरी बकरी खरीदी और फिर से पिंजरे में रखी, लेकिन वो बकरी भी चोरों के हाथ लग गई। चोर बकरियों को चुरा कर मटन बनाकर खा गए और तेंदुए को पकड़ने की योजना विफल हो गई। जिलेभर में हो रही बकरियों की चोरीयह सिर्फ एक मामला नहीं है। जिले के पिलाना, कोतवाली देहात, अफजलगढ़ और चांदपुर में भी वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों से कई बकरियां चोरी हो चुकी हैं। सूत्रों की माने तो बकरियों की चोरी के बाद चोर उनका मटन बना कर खा रहे हैं या फिर बेच रहे हैं, जिससे तेंदुआ पकड़ने की योजना लगातार विफल हो रही है। वन विभाग के प्रयासों को मिली चुनौतीबिजनौर के प्रभागीय वन अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमलों से निपटने के लिए 50 से अधिक पिंजरे लगाए गए थे और बकरियों को चारे के रूप में रखा गया था। लेकिन अब इन बकरियों की चोरी ऑपरेशन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। वन विभाग ने चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। तेंदुए का आतंक जारी, चोरों ने बिगाड़ा ऑपरेशनतेंदुए का खतरा कम करने के लिए वन विभाग की यह योजना अब चोरों के कारण विफल हो रही है। तेंदुआ अब भी क्षेत्र में खुला घूम रहा है और ग्रामीण दहशत में हैं, जबकि बकरियों की चोरी से चोर मटन पार्टी का आनंद उठा रहे हैं। वन विभाग को अब नई योजना बनानी पड़ेगी ताकि तेंदुए को पकड़ा जा सके और बकरियों की चोरी को रोका जा सके।

Gold Price On High: त्योहारी सीजन में सोना के भाव मे रेकॉर्ड तोड़ तेजी, चाँदी मे उछाल जानिए आज के भाव

मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Gold Price On High: त्योहारों के सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल जारी है। शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतें ऑल टाइम हाई पर पहुँच गईं। व्यापारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कीमतों में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि सोना 80,000 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 95,000 रुपए प्रति किलो तक बिक सकती है। सोने की कीमतेंशुक्रवार को सोने के भाव में 300 रुपए प्रति दस ग्राम की बढ़त दर्ज की गई, जिससे सोने की कीमत 78,000 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुँच गई। वहीं, जेवराती सोने का भाव 71,448 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। चांदी की कीमतेंचांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को चांदी के भाव में 1,000 रुपए प्रति किलो की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 92,700 रुपए प्रति किलो तक पहुँच गया। सोने और चांदी के यही भाव शनिवार को भी बने रहे। तीन दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में बढ़त | तिथि | सोना (प्रति 10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलो) | | 2 अक्टूबर | ₹77,500 | ₹91,350 || 3 अक्टूबर | ₹77,700 | ₹91,700 || 4 अक्टूबर | ₹78,000 | ₹92,700 || 5 अक्टूबर | ₹78,000 | ₹92,700 | रतलाम के व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है, जिससे कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। त्योहार के मौसम में निवेश के लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आने की संभावना है।

PM Kisan Yojna: आज आएगी पीएम किसान योजना 18वीं किस्त: लाइव अपडेट

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। PM Kisan Yojna: किसान भाइयों का इंतजार खत्म होने वाला है। पीएम किसान योजना की 18वीं किस्त 5 अक्टूबर 2024 को रिलीज की जाएगी, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। पीएम किसान योजना का उद्देश्य यह योजना गरीब किसानों के कल्याण के लिए शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को साल में कुल 6000 रुपये मिलते हैं, जो तीन किस्तों में बांटे जाते हैं। 18वीं किस्त का वितरण इस बार पीएम मोदी महाराष्ट्र के वाशिम से इस किस्त का वितरण करेंगे। पिछले किस्त का ट्रांसफर 18 जून 2024 को किया गया था, जो पीएम मोदी ने वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में जारी की थी। लाभ पाने की शर्तें किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:– आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना।– सक्रिय बैंक खाता।– eKYC का पूरा होना।– भू-सत्यापन की प्रक्रिया का पालन। e-KYC प्रक्रिया 1. पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. ‘Farmers Corner’ का चयन करें।3. e-KYC विकल्प पर क्लिक करें।4. आधार नंबर दर्ज करें और OTP प्राप्त करें।5. रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करें और सबमिट करें। किस्त की स्थिति चेक करने का तरीका 1. आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।2. ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करें।3. रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।4. Get OTP पर क्लिक करें और स्टेटस चेक करें। पीएम किसान हेल्पलाइन अगर आपके खाते में पिछले किस्त का पैसा नहीं आया है, तो आप हेल्पलाइन नंबर 155261 या टोल फ्री नंबर 1800115526 पर संपर्क कर सकते हैं।

Shailaja Paik: कौन है शैलजा पाइक:पुणे की झुग्गी से मैकआर्थर ‘जीनियस’ फेलोशिप तक की कहानी!

“यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। एक दलित महिला और एक रंग की महिला के रूप में मुझे यह सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है।” – Shailaja Paik पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Shailaja Paik: पुणे के येरवडा की एक छोटी झुग्गी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का सफर आसान नहीं था, लेकिन शैलजा पाइक की यह असाधारण कहानी हमें बताती है कि सच्ची लगन और दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी बाधा पार की जा सकती है। आज शैलजा पाइक दुनिया भर में दलित अध्ययन की प्रमुख विद्वान के रूप में जानी जाती हैं और हाल ही में उन्हें प्रतिष्ठित मैकआर्थर ‘जीनियस’ अनुदान (MacArthur ‘Genius’ Grant) से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपनी असाधारण रचनात्मकता और सामाजिक योगदान के माध्यम से दुनिया में बदलाव लाने की क्षमता दिखाई हो। इस फेलोशिप के साथ 8 लाख डॉलर का अनुदान भी दिया जाता है। भारतीय रुपये के हिसाब से ये करीब 6.64 करोड़ है। शैलजा पाइक का सफर बेहद प्रेरणादायक है। येरवडा (Yerawada) की झुग्गियों में पली-बढ़ी शैलजा ने बचपन में ही गरीबी, जातिगत और लैंगिक भेदभाव का सामना किया। उनका परिवार एक छोटे से एक कमरा घर में रहता था, जिसकी छत लकड़ी के खंभों से सहारा पाती थी। उनके पिता देवराम पाइक राज्य कृषि विभाग में काम करते थे, जबकि उनकी मां सरिता पाइक एक गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कठिन थी, लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी। शैलजा और उनकी तीन बहनों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शैलजा को पहली बार जातिगत भेदभाव का सामना अपने पैतृक गांव ब्रह्मगांव तकली में करना पड़ा, जहां दलित परिवारों को ऊंची जातियों से अलग रहना पड़ता था और उन्हें सार्वजनिक कुओं से पानी लेने की अनुमति नहीं थी। यह अनुभव उनके जीवन में एक गहरी छाप छोड़ गया और आगे चलकर उनके शोध का आधार बना। शैलजा ने स्थानीय रोशनी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने हमेशा कक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया। जब उन्होंने 10वीं कक्षा में 98% अंक हासिल किए, तो उनका नाम अखबार में आया और यह उनके स्कूल के लिए भी गर्व का क्षण था। इसके बाद, उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। हालांकि उनका सपना यूपीएससी पास कर आईएएस बनने का था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अपने परिवार की मदद करने के लिए वह सपना छोड़ना पड़ा। अपने शुरुआती संघर्षों के बावजूद, शैलजा ने अपनी ऊर्जा दलित महिलाओं के अधिकारों और उनके सामाजिक संघर्षों पर केंद्रित की। उन्होंने 2007 में ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वह अमेरिका के येल विश्वविद्यालय और यूनियन कॉलेज में पढ़ाने के बाद सिनसिनाटी विश्वविद्यालय में इतिहास की प्रोफेसर बनीं। आज वह दक्षिण एशियाई अध्ययन, महिला अध्ययन, और समाजशास्त्र के साथ ही चार्ल्स फेल्प्स टैफ्ट प्रतिष्ठित शोध प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। शैलजा की पहली पुस्तक, Dalit Women’s Education in Modern India: Double Discrimination (2014), दलित महिलाओं के संघर्ष और शिक्षा की जटिलताओं पर केंद्रित थी। उनकी दूसरी पुस्तक, The Vulgarity of Caste: Dalits, Sexuality, and Humanity in Modern India (2022), जाति, लैंगिकता और मानवीयता के आपसी संबंधों पर आधारित है। इन किताबों के माध्यम से शैलजा ने दिखाया कि कैसे जाति और लैंगिकता भारतीय समाज में अन्याय को बढ़ावा देती हैं। शैलजा की यात्रा का सबसे प्रेरणादायक पहलू उनका येरवडा से अमेरिका तक का सफर है। एक दलित महिला के रूप में उन्होंने जातिगत और लैंगिक भेदभाव के साथ-साथ रंगभेद का भी सामना किया, लेकिन इन सभी चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया। जब उन्हें मैकआर्थर फेलोशिप के लिए चुने जाने की खबर मिली, तो वह अमेरिका में थीं। उन्होंने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, “यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। एक दलित महिला और एक रंग की महिला के रूप में मुझे यह सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है।” शैलजा का मानना है कि जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में केवल दलितों को ही संघर्ष करने की जिम्मेदारी नहीं उठानी चाहिए, बल्कि ऊंची जातियों को भी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। वह कहती हैं, “जाति के दमन के खिलाफ सिर्फ पीड़ितों को ही नहीं, बल्कि सभी को साथ आकर लड़ना होगा।” शैलजा पाइक की यह यात्रा उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो सामाजिक भेदभाव, गरीबी और अन्याय का सामना कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि शिक्षा, संघर्ष, और समर्पण किसी भी बाधा को पार कर सकता है। शैलजा की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि अगर आप में संघर्ष करने की हिम्मत और सपनों को पाने का जुनून हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

Ratlam News: बालम ककड़ी खाने से परिवार हुआ फूड प्वाइजनिंग का शिकार, 5 वर्षीय बालक की मौत, रखे ये सावधानियां

रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं, रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा होता है उत्पादन, खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: रतलाम के जड़वासा कलां गांव में कथित तौर पर बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के पांच लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए, जिसमें 5 वर्षीय बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। माता-पिता और दो बेटियां मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला फूड प्वाइजनिंग का दिखाई दे रहा है, जिसकी वजह से पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ी। जानकारी के अनुसार परिवार ने बालम ककड़ी खाई थी, जो सीजन में मिलने वाला एक स्थानीय फल है। परिवार के सदस्य  मांगीलाल पाटीदार ने अपनी पत्नी कविता, बेटियां दक्षिता, साक्षी और बेटे क्रियांश के साथ बालम ककड़ी खाई थी। रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रतलाम के मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां 5 वर्षीय क्रियांश की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्यों का इलाज जारी है। मृतक बालक के चाचा रवि पाटीदार ने बताया कि मांगीलाल तीन दिन पहले सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदकर लाए थे। परिवार के सभी सदस्यों ने इसे एक साथ खाया, जिसके बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। परिवार के इंकार के बाद मृतक बालक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, इसलिए मृत्यु की असल वजह स्पष्ट नहीं हो पाई, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह फूड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है। फिलहाल, पिता की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि मां और दोनों बेटियों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। कीटनाशक भी हो सकती है वजहरतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनंग के कारण बीमार होकर आए थे। सही इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस चौकी को इन्वेस्टिगेशन के लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने बताया कि फिलहाल इस तरह का मामला नहीं आया है। जानकारी आएगी तो पड़ताल की जाएगी। विशेषज्ञों की माने तो बच्चे की मौत को सीधे तौर पर बालम ककड़ी का इफेक्ट नहीं मान सकते। इसकी पैदावार में पेस्टीसाइट्स का उपयोग किया जाता है। हो सकता है कि परिवार ने खाने से पहले ककड़ी को अच्छी तरह धोया नहीं होगा। उल्टी-दस्त के कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी आ जाती है, इससे भी मौत हो सकती है। रखे ये सावधानीबालम ककड़ी या साधारण ककड़ी/खीरा खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी है। ककड़ी का कच्चा फल जहरीला होता है, खाने से बीमार हो सकते हैं। ककड़ी को बेल से तोड़कर सीधे नहीं खाना चाहिए। ककड़ी पर कीट से बचाने के लिए जिन कीटनाशक का प्रयोग होता है, उनका असर 5 से 6 दिनों तक नहीं जाता है, ऐसे में किसान कीटनाशक का छिडकाव करने के 1 से 2 दिन में अगर फसल बेचते है तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। जब भी आप ककड़ी ले उसे पानी से अच्छे से साफ कर ले और उसके छिलके उतार कर ही खाएं। गर्म पानी में नमक डालकर उसमें भी कुछ देर रख सकते है।रात में ककड़ी नहीं खानी चाहिए। इससे पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। ककड़ी के सेवन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ककड़ी को पकाने की सलाह नही ं दी जाती क्योंकि इसमें पानी ज्यादा मात्रा में होता है। भोजन के साथ ककड़ी खा रहे हैं तो ज्यादा मात्रा में न खाएं। बालम ककड़ी क्या है?बालम ककड़ी एक फल है। यह लौकी जैसी दिखती है। पकने पर अंदर से केसरिया रंग की हो जाती है। इसलिए इसे केसरिया बालम ककड़ी भी कहते हैं। यह स्वाद में हल्की मीठी होती है। इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है। रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। इसके अलावा बालम ककड़ी की पैदावार सबसे ज्यादा झाबुआ और धार जिलों में होती है। सैलाना क्षेत्र में उगने वाली बालम ककड़ी का स्वाद और आकार सबसे अच्छा होता है। इसकी मांग देश में दूर – दूर तक है।

new zealand women vs india women: भारत को न्यूजीलैंड से मिली 58 रनों की करारी शिकस्त, सोफी डिवाइन का दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। new zealand women vs india women: भारतीय महिला टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप की बेहद निराशाजनक शुरुआत की। पहले गेंदबाजी और फील्डिंग, फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप शो के कारण भारतीय गेंदबाजों ने 160 रन दिए। वहीं न्यूजीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन (Sophie Devine) ने जबरदस्त अर्धशतक लगाते हुए अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और इसके बाद उनकी टीम के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर भारत को 58 रनों से हरा दिया। यह मुकाबला शुक्रवार को महिला टी20 विश्व कप (Women T20 World Cup) में खेला गया। दोनों टीमें 14वीं बार टी20 इंटरनेशनल मैच में आमने सामने थीं। पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाए। कप्तान सोफी डिवाइन ने 36 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इसके अलावा, ओपनर्स सूजी बेट्स (27) और जॉर्जिया प्लिमर (34) ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। भारत की ओर से अरुंधति रेड्डी ने 67 रन की साझेदारी को तोड़ते हुए भारत को पहली सफलता दिलाई। हालाँकि, भारतीय गेंदबाजों ने कुछ समय बाद वापसी की, लेकिन डिवाइन की लाजवाब पारी ने न्यूज़ीलैंड को फिनिशिंग टच दिया। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह से लड़खड़ा गई और 19 ओवरों में मात्र 102 रनों पर ढेर हो गई। कप्तान हरमनप्रीत कौर (15) (Harmanpreet Kaur) भारत की ओर से शीर्ष स्कोरर रहीं। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों में रोज़मेरी मैयर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि ली ताहूहू ने भी 15 रन देकर 3 विकेट झटके। भारतीय बल्लेबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए आसानी से अपने विकेट गंवाए और कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं कर पाए, जिससे टीम को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 58 रनों से मिली इस हार के बाद अब भारतीय टीम के सामने सोमवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान की चुनौती होगी, जिन्होंने अपना पहले मुकाबले में श्रीलंका को हराया था। (india vs pakistan) स्कोर बोर्डन्यूजीलैंड: 160/4 (20 ओवर) – सोफी डिवाइन 57* (36), जॉर्जिया प्लिमर 34 (22); रेणुका सिंह 2/27 भारत: 102 ऑल आउट (19 ओवर) – हरमनप्रीत कौर 15; रोज़मेरी मैयर 4/19, ली ताहूहू 3/15

Ratlam News: रतलाम को मिला इंटरनेशनल शूटिंग कोच, मध्यप्रदेश में एकमात्र उमंग पोरवाल ने हासिल की उपलब्धि

शहर को 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट देने वाला कोच, जर्मनी में हुई ट्रेनिंग, 16 में से 4 कोच भारत के चयनित, MP से अकेले उमंग रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अगर आप राइफल या गन से शूटिंग का शौक रखते है और आपको एक बेहतर कोच की तलाश है, तो मिलिए शहर के पहले इंटरनेशनल शूटिंग कोच उमंग पोरवाल से। जिन्होंने हालही में यह उपलब्धि हासिल की है। आपको बता दे उमंग रतलाम डिस्ट्रिक्ट रायफल एसोसिएशन के सेक्रेटरी और नेशनल लेवल मेडलिस्ट हैं। जिन्होंने अब इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) द्वारा आयोजित कोचेस (D Level) लाइसेंस कोर्स उत्तीर्ण कर रतलाम को गौरवान्वित किया है। यह कोर्स जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित किया गया, जिसमें संपूर्ण विश्व से 16 कोचों का चयन किया गया था। उमंग पोरवाल मध्य प्रदेश से चयनित होने वाले एकमात्र प्रतिभागी थे, जबकि पूरे भारत से 4 लोग चयनित हुए, जिनमें से तीन भारतीय सुरक्षा बलों से थे। शूटर्स के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाला यह कोर्स जून से जुलाई 2024 तक चला, जिसमें उमंग ने अंतिम परीक्षा में उच्चतम अंक अर्जित कर यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र प्राप्त किया। ISSF एक विश्वस्तरीय संस्था है, जो ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करती है। उमंग को विश्व रिकॉर्ड होल्डर और ग्रीस की राष्ट्रीय कोच श्रीमती अगाथी कसूमी से प्रशिक्षण मिला, जो स्वयं 6 बार ओलंपिक में हिस्सेदारी कर चुकी हैं। 10 सप्ताह चला प्रशिक्षणISSF के अध्यक्ष लुशियानो रोसी (इटली) और ISSF अकादमी डायरेक्टर वैसा निसिनिन (फिनलैंड) ने उमंग को यह लाइसेंस और प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस 10-सप्ताह लंबे प्रशिक्षण के दौरान उमंग ने एंटी डोपिंग एजुकेशन एंड लर्निंग के तहत कोचेस ऑफ हाई परफॉर्मेंस एजुकेशन प्रोग्राम से भी प्रमाण पत्र प्राप्त किया। 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट दे चुकेउमंग पोरवाल ने अब तक रतलाम को 96 स्टेट मेडल और 4 नेशनल मेडलिस्ट शूटर दिए हैं। 12 शूटर भारतीय शूटिंग टीम के ट्रायल्स में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी इस उत्कृष्टता को देखते हुए मुंबई, हरियाणा, हिमाचल, मेरठ, बिहार और पुणे के शूटर भी उनसे ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब रतलाम के बच्चों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि दूसरे शहरों से शूटर रतलाम आकर उमंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उमंग पोरवाल की इस बड़ी उपलब्धि पर लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप, एडिशनल कलेक्टर मंडलोई, CSP अभिनव बारंगे, रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सेठिया और रतलाम पत्रकार संघ के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश पोरवाल ने हर्ष व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) रतलाम नगर ने 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस अभियान का शुभारंभ 3 अक्टूबर को हुआ और यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महिला थाना प्रभारी श्रीमती लिलियन मालवीय और विशेष अतिथि के रूप में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुश्री ट्विंकल राठौर उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में श्रीमती लिलियन मालवीय ने कहा, “छात्राओं को न केवल शारीरिक आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित होना चाहिए, बल्कि साइबर क्राइम से भी सतर्क रहना चाहिए। ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है।” सुश्री ट्विंकल राठौर ने “मिशन साहसी” अभियान की सराहना करते हुए कहा, “यह अभियान छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस अभियान के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का कार्य लगातार कर रहा है।” एबीवीपी रतलाम नगर अध्यक्ष शुभम तलोदिया ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय अभियान के अंतर्गत छात्राओं को आत्मरक्षा की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन रतलाम नगर के कलीमी कॉलोनी स्थित कराते एकेडमी में किया जा रहा है, जिसमें शहर की युवतियां भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सिख सकती है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन रतलाम नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने किया।

Ratlam News: मामला रतलाम में स्कूली छात्रा से हैरेसमेंट का: सांईश्री स्कूल के संचालक राकेश देसाई के खिलाफ FIR, छिपाने का आरोप

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: 80 फीट रोड स्थित सांईश्री एकेडमी स्कूल में 5 वर्षीय मासूम से यौन उत्पीडन के मामले में पुलिस ने गुरुवार को स्कूल संचालक राकेश देसाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आपको बता दे बच्ची के साथ दरिंदगी की खबर लगने के बाद परिजनों ने जमकर विरोध किया था। जिसके बाद मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। वहीं स्कूल के अन्य छात्रों के परिजन ने मामले में रतलाम औद्योगिक थाना क्षेत्र में लिखित शिकायत कर डायरेक्टर देसाई और स्टॉफ के खिलाफ लापरवाही बरतने और जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगाए थे। आक्रोशित परिजनों की शिकायत और बयान के आधार पर जांच कर औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी वीडी जोशी ने कार्रवाई की है। थाना प्रभारी जोशी ने बताया कि 30 सितंबर 2024 को 80 फीट रोड स्थित सांई श्री स्कूल में अध्ययनरत अन्य विद्यार्थियों के परिजनों ने एक लिखित शिकायत थाने में प्रस्तुत की थी। परिजनों के बयान और जांच के दौरान साक्ष्यों में सामने आया कि स्कूल के डायरेक्टर देसाई को 24 सितंबर 2024 की घटना के बारे में जानकारी होते हुए भी उन्होंने घटना को छिपाया था। डायरेक्टर देसाई का यह कृत्य लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 21 की परिधि में आने पर कार्रवाई की है। बता दें कि मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण का कृत्य सामने आने के बाद पुलिस ने 28 सितंबर-2024 को बाल अपचारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। 30 सितंबर-2024 को परिजनों ने स्कूल पहुंचकर जमकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद जिला प्रशासन के आदेश पर स्कूल पांच दिन के लिए सील कर दिया था और पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन भी किया है, जिसकी जांच एसआईटी अलग से कर रही है। पूरा मामला जानने के लिए यह खबर पढ़ेRatlam News: 5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीड़न मामला, सांईश्री एकेडमी के बाहर अभिभावकों का जमकर प्रदर्शन – PUBLIC वार्ता CLICK HERE:https://publicvarta.com/ratlam-news-sexual-harassment-case-with-5-year-old-innocent-parents-protest-outside-saishree-academy/

Train Reschedule: लूप लाइन कार्य के कारण दो ट्रेनों का मार्ग बदला, यात्रा से पहले इस वेबसाईट पर चेक जरूर करे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल के कछपुरा रेलवे स्टेशन पर लूप लाइन डालने के लिए प्रस्तावित ब्लॉक के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली दो ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। यह परिवर्तन 06, 08 और 09 अक्टूबर को प्रभावी रहेगा। जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया कि गाड़ी संख्या 11464 जबलपुर-वेरावल एक्सप्रेस 06, 08 और 09 अक्टूबर को जबलपुर से वाया कटनी मुड़वारा-बीना-भोपाल मार्ग से चलेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 11463 वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस 06 और 08 अक्टूबर को वेरावल से वाया भोपाल-बीना-कटनी मुड़वारा होते हुए अपने गंतव्य जबलपुर तक जाएगी। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा की जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन करें और अपनी यात्रा की योजना के अनुसार मार्ग परिवर्तनों का ध्यान रखें।

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