MP News: चोरी की शंका में दलित युवक को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, चार आरोपी गिरफ्तार

मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था पीड़ित, रात में पैदल अपने गांव जा रहा था तभी उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा… रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक दलित युवक को पेड़ से बांधकर क्रूरता से पीटा गया। ताल थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव के रहने वाले श्रवण पिता केशूराम (चंद्रवंशी) के साथ यह बर्बरता की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (MP News) घटना 16 सितंबर की रात की है, जब श्रवण मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था। जिले के ताल में बस से उतरने के बाद वह पैदल अपने गांव नासिरगंज जा रहा था। रात के समय उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा। इस बीच टुंगनी गांव के कुछ ग्रामीणों ने उसे चोर समझ लिया। श्रवण ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसकी बातों को नजरअंदाज करते हुए उसे पेड़ से बांध दिया और लकड़ियों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। जांच में पता चला कि आरोपी दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा ने श्रवण को पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की थी। श्रवण के पिता केशूराम की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक के हाथ-पैर हुए फ्रैक्चर मारपीट में श्रवण के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। श्रवण मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है, लेकिन इस घटना ने उसकी जिंदगी में त्रासदी ला दी है। ताल थाना पुलिस ने आरोपियों दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 126(2), 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2)VA के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस क्रूरता की निंदा कर रहे हैं। स्थानीय समाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।

Gold Price On High: सोने की कीमत ने छुआ नया ऑल टाइम हाई, सोने पर प्रति 10 ग्राम और चांदी पर किलो के हिसाब से भाव तेज

लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना और चांदी में अभी भी निवेश का अच्छा मौका हो सकता है, सोना साल के आखिर तक 78 हजार और चांदी 1 लाख तक पहुंच सकती है! पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। सोने की कीमतें (Gold Price) आज फिर एक नए शिखर पर पहुंच गई हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में 204 रुपए की बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव 74,671 रुपए हो गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सोमवार को सोने की कीमत 74,467 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।  चांदी की कीमत (Silver Price) में भी उछाल देखा गया है। चांदी 312 रुपए महंगी होकर 88,068 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोमवार को यह 87,756 रुपए पर थी। इस साल चांदी ने 29 मई को 94,280 रुपए प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ था। सोने की कीमत में 11,319 रुपए की बढ़तसाल 2024 की शुरुआत में 1 जनवरी को सोने की कीमत 63,352 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद से अब तक इसमें 11,319 रुपए का इजाफा हो चुका है। इसी तरह, चांदी की कीमत भी साल के शुरुआत में 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब 88,068 रुपए हो गई है। 4 महानगरों और भोपाल में सोने की कीमतें (24 सितंबर 2024) – दिल्ली: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,150 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,510 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – मुंबई: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – कोलकाता: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – चेन्नई: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – भोपाल: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,050 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,410 रुपए प्रति 10 ग्राम है। सोना साल के आखिर तक 78 हजार और चांदी 1 लाख तक पहुंच सकती है!विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतें आगे और बढ़ सकती हैं। HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी हेड अनुज गुप्ता के अनुसार, सोना इस साल के अंत तक 78,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक जा सकती है। क्या हैं सोने और चांदी की कीमतों में उछाल के कारण?विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, वैश्विक अस्थिरता, और निवेशकों की रुचि में बढ़ोतरी के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह के मौसम में मांग बढ़ने से भी कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। निवेशकों के लिए सलाहविशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि अगर वे लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना और चांदी में अभी भी निवेश का अच्छा मौका हो सकता है। वहीं, शॉर्ट टर्म में निवेश करने वालों को बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही है। सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और आने वाले महीनों में इनकी कीमतें और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में निवेशकों को सोने और चांदी में निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति को समझकर सही फैसला लेना चाहिए।

Indore News : भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह, छात्रों ने दी सामाजिक एकता की मिसाल, आदिवासी परंपरा में झूमे पूर्व छात्र

इंदौर – पब्लिक वार्ता,प्रदीप रावत। राजीव गांधी बालक छात्रावास, भंवरकुआ में भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस विशेष आयोजन में अनुसूचित जनजाति हॉस्टल के पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्रों के साथ मिलकर कार्यक्रम का आनंद लिया। समारोह में आदिवासी परंपरा के वाद्य यंत्रों—ढोल, फेफरिये—की धुन पर सभी ने जमकर नृत्य किया। पूर्व छात्रों का पुष्पहार से स्वागत किया गया और ट्रॉफी के रूप में स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। (Indore News) अतीत से वर्तमान तक का सफरराजीव गांधी बालक छात्रावास में सन 1993 से 2024 तक शिक्षा प्राप्त करने वाले पूर्व छात्रों ने इस मिलन समारोह का आयोजन किया, जिसमें कई पूर्व छात्र आज शासकीय पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने अनुभवों को वर्तमान छात्रों के साथ साझा किया और उन्हें भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के बारे में मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और एक-दूसरे का पुष्पों की वर्षा से स्वागत किया। समारोह में सम्मानित हुए वरिष्ठ अधिकारीइस अनूठे मिलन समारोह में कई सरकारी कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए, जिनमें एमपीबी के मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रकाश चौहान, सहायक संचालक रविंद्र देवड़ा, आबकारी अधिकारी रमेश सिसोदिया, पीडब्ल्यूडी के देवराम मालवीय, सहायक मानचित्रकार जामसिंह चौहान, और असिस्टेंट प्रोफेसर सज्जन सिंह मौर्य प्रमुख थे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मिलन समारोह का हिस्सा बने। अनुभवों का साझा करनाकार्यक्रम में भूतपूर्व छात्रों ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां सुनाई, जिससे वर्तमान छात्रों को प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया कि छात्रावास के दिन उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा थे, और अब वे अपने कार्यक्षेत्र में भी उसी लगन और एकता को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन का संचालन  वीरेंद्र पटेल, सुरेश चौहान, सुरेंद्र डोडवे, मनोहर मडलोई, मगन भाबर और महेश गिरवाल द्वारा किया गया। इस भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह ने न केवल छात्रों के बीच सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश फैलाया, बल्कि यह भी साबित किया कि शिक्षा के माध्यम से कैसे व्यक्ति समाज में अपने कर्तव्यों को पूरा कर सकता है।

MP’s Vyapam Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, 11 साल में कहां पहुंची जांच!

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग, एसटीएफ और सीबीआई पर घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप! भोपाल – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) के मामले में सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व विधायक और व्यापमं घोटाले के व्हिसिल ब्लोअर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। सकलेचा ने व्यापमं घोटाले में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग की थी, जो पहले इंदौर हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। आपको बता दे 2013 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। माना जाता है कि आजाद भारत में व्यापमं सबसे बड़ा घोटाला रहा। मामले में जब जांच शुरू हुई तो जांचकर्ता और आरोपियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने लगी। घोटाले के तार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचने पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी गई। व्यापमं घोटाला जांच में गड़बड़ी के आरोपपारस सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि एसटीएफ और सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और सिर्फ छोटे रैकेटियर, दलाल, स्कोरर, छात्र और अभिभावकों पर ही कार्रवाई की गई है। सकलेचा का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चलने वाला रैकेट सरकार और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 850 पेज का दस्तावेजी साक्ष्य पेशसकलेचा ने अपने आवेदन में लगभग 850 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा सचिव, और व्यापमं के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सकलेचा का दावा है कि इन बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बिना व्यापमं जैसा बड़ा घोटाला संभव नहीं था। इंदौर हाईकोर्ट से निरस्त हुई थी याचिकाइससे पहले, पारस सकलेचा ने व्यापमं घोटाले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 19 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आज जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप: बड़े अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई!सकलेचा ने अपने आवेदन में कहा कि एसटीएफ और सीबीआई को व्यापमं घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी और दस्तावेज देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसटीएफ को 350 पेज का आवेदन और मौखिक साक्ष्य के अलावा 240 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इसके बावजूद, बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही शिकंजा कसा गया। प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवालपारस सकलेचा ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच में प्रशासन और सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने बताया कि 2009 में जब व्यापमं घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, तब भी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की भर्ती की जांच नहीं की गई, जबकि यह भी घोटाले का एक प्रमुख हिस्सा था। अब आगे क्या ?व्यापमं घोटाले (Vyapam) की जांच को लेकर पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। गौरतलब है की व्यापमं घोटाले को करीब 11 साल हो चुके है। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक रिश्वत लेकर प्रवेश परीक्षाओं और भर्तियों में नकल करने के मामले में 4046 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें से 956 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। वहीं CBI ने 1242 लोगों को आरोपी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापमं घोटाले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले से जुड़े 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो चुकी है। इनमें टीवी चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह भी शामिल है, जिनकी मौत झाबुआ में एक इंटरव्यू के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय बताते हैं कि यह घोटाला पूरी तरह से पिरामिड की तरह काम कर रहा था। इस पिरामिड में सबसे नीचे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स थे। जबकि ऊपर रसूखदार लोग थे, जिन्हें इस पूरे घोटाले का पैसा जा रहा था। जो रसूखदार लोग थे उन्हें कभी जेल नहीं हुई। कुछ लोग जेल गए भी तो सबूत के अभाव में छूट गए। 

Ratlam News : थाना माणकचौक का जिलाबदर रितिक खरे शहर में घूमते हुए पकड़ाया, एसपी अमित कुमार के निर्देशन के बाद जारी है धरपकड़

रतलाम- पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। नवागत एसपी अमित कुमार (ips amit kumar) के निर्देशों के बाद पुलिस का सघन चेकिंग अभियान जारी है। एसपी ने क्राइम मीटिंग के दौरान जिले में गुंडा, हिस्ट्रीशीटर, और जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया था। एसपी ने अच्छे काम के लिए पुलिस टीम को प्रोत्साहन के लिए इनाम देने की भी बात कही थी। इसी के अंतर्गत थाना औद्योगिक क्षेत्र  पुलिस टीम ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना माणकचौक के जिलाबदर आरोपी रितिक पिता सुनील खरे (23) निवासी नयापुरा हाट रोड, थाना माणकचौक, हाल मुकाम एमबी नगर को पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 660/2024 के तहत मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम की मुस्तैदी से पकड़ाया जिलाबदरपुलिस कप्तान अमित कुमार ने अपराधियों पर नियंत्रण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम पुलिस (ratlam police) शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभियान के तहत उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रतलाम के एमबी नगर इलाके से रितिक खरे को गिरफ्तार किया। रितिक के खिलाफ पहले से ही कई अपराधों में शामिल होने के चलते जिलाबदर का आदेश लागू किया गया था, लेकिन वह इसके बावजूद शहर में घूम रहा था। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के साथ प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक मयंक चौधरी और आरक्षक राजेश प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Hit and Run by Thar Jeep : केमिकल इंजीनियर और साली को 10 फिट तक हवा में उछाला, दो मासूम बच्चियां हुई अनाथ

शहर में काले शीशे से लैस थार गाड़ियों की बेख़ौफ स्टंटबाजी, पुलिस सुस्त! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में एक तेज रफ्तार थार जीप (Thar Jeep) ने बाइक सवार केमिकल इंजीनियर और उनकी साली को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों करीब 10 फीट तक हवा में उछल गए। हादसे में इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साली को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है। यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुआ। वहीं हादसे के 16 घंटे बीतने के बाद पुलिस सिर्फ जीप ही जप्त कर पाई है। आरोपी ड्राइवर का पता नहीं चल सका। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। जानकारी के अनुसार शहर के शिवशक्ति नगर निवासी मुकेश भाटी रविवार रात साली प्रीति बरोठा को लेकर घर लौट रहे थे। प्रीति इंदौर के स्कीम 51, सृष्टी पैलेस की रहने वाली हैं। रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र में दोनों साक्षी पेट्रोल पंप से नया गांव जाने वाले रास्ते की तरफ क्रॉस हुए, तभी डेलनपुर की तरफ से आ रहा थार जीप (जीजे 08 डीडी 0006) का ड्राइवर दोनों को रौंदता हुआ भाग निकला। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां मुकेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात 2 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सोमवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की सुस्ती पर सवालघटना के 16 घंटे बाद भी पुलिस सिर्फ जीप को जप्त करने में सफल हो पाई है, जबकि आरोपी ड्राइवर अब भी फरार है। इस मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं।  वहीं शहर में अब थार गाड़ियों से स्टंट बाजी देखना आम हो गया है। काले शीशों से लैस थार गाड़ियां बेधड़क सड़कों पर घूम रही है। जो आम लोगों रौंद कर तेजी से रफ्फू चक्कर होने में देर नहीं करती। ऐसे में बड़ा सवाल है की इस मौत के बाद पुलिस महकमा और आरटीओ विभाग ऐसी गाड़ियों के शौरूम संचालकों और गाड़ी मालिकों पर कार्रवाई करेगा? अनाथ हुई दो मासूम बेटियांपरिजनों के अनुसार मुकेश का इंदौर में ससुराल है। वे साली को लेने इंदौर गए थे। देर रात में ट्रेन से रतलाम लौटे। रेलवे स्टेशन से पार्किंग में खड़ी बाइक से वे साली को लेकर घर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। मृतक मुकेश मूलत: बड़नगर के रहने वाले थे। डेढ़ साल पहले रतलाम में रहने आए थे। इप्का फैक्ट्री के एपीआई प्लांट 24 में केमिकल इंजीनियर थे। घर में पत्नी रानी भाटी हैं। दो बेटी मानसी जिसकी उम्र 7 वर्ष और मिस्टी उम्र 2 वर्ष है। जिनके सर पर से अब पिता का साया उठ गया है। डेलनपुर के पवन पोरवाल की है थारथार जीप रतलाम के डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। घटना के बाद जीप उसी के घर पर खड़ी थी। पुलिस वहां जाकर जीप को लेकर आई, लेकिन मौके पर पवन पोरवाल नहीं मिला। थाना औद्योगिक क्षेत्र में पवन पोरवाल के खिलाफ पूर्व में धारा 188 के 2 व अवैध शराब और एट्रोसिटी के मामले में भी केस दर्ज है। थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी वीडी जोशी ने बताया कि अज्ञात जीप चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जीप डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। जप्ती में ली है। आरोपी अभी गिरफ्त में नहीं आया।

Train Cancelled: नीमच-रतलाम दोहरीकरण कार्य के चलते दो ट्रेनें रद्द, आठ ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन

उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के शाहगंज स्टेशन यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते 27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए गए, यात्रा से पहले करें योजना… पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। नीमच-रतलाम रेल खंड के दोहरीकरण कार्य के कारण 23 सितंबर 2024 को रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत दो ट्रेनें रद्द (Train Cancelled) कर दी गई हैं, जबकि आठ अन्य ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन (Train Route Change) किया गया है। इससे यात्रियों को यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन के समय और मार्ग की जानकारी जरूर लें। देखिए रद्द ट्रेनें1. अहमदाबाद-दरभंगा क्लोन स्पेशल (09465): यह ट्रेन 27 सितंबर को अहमदाबाद से नहीं चलेगी।2. दरभंगा-अहमदाबाद क्लोन स्पेशल (09466): यह ट्रेन 30 सितंबर को दरभंगा से रद्द रहेगी। परिवर्तित मार्ग वाली ट्रेनें– उज्जैन-चित्तौड़गढ़ पैसेंजर स्पेशल: यह ट्रेन रतलाम स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी और रतलाम से चित्तौड़गढ़ के बीच रद्द रहेगी।– इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321): यह ट्रेन अब वाया लखनऊ-सुल्तानपुर-जफराबाद चलेगी।– अहमदाबाद-दरभंगा साबरमती एक्सप्रेस (19165): यह ट्रेन अब वाया बाराबंकी-गोंडा-गोरखपुर-छपरा मार्ग से चलेगी।– सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (19053): अब वाया अयोध्या-मनकापुर-गोरखपुर-छपरा मार्ग से चलेगी और शाहगंज, आजमगढ़, मऊ, व बलिया स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।– गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस (15636): 23 व 30 सितंबर को यह ट्रेन जफराबाद-सुल्तानपुर-लखनऊ मार्ग से चलेगी।– दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस (19166): 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक यह ट्रेन छपरा-गोरखपुर-गोंडा-बाराबंकी मार्ग से चलेगी और कई स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।– सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (19054): 29 सितंबर को मुजफ्फरपुर से चलने वाली यह ट्रेन भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी। यात्रा से पहले करें योजनाउत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के शाहगंज स्टेशन यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते 27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए गए हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले www.enquiry.indianrail.gov.in और http://www.enquiry.indianrail.gov.in पर ट्रेन से संबंधित जानकारी (Train Time Table) अवश्य देखें। नीमच-रतलाम दोहरीकरण कार्य के कारण हुई इस असुविधा के लिए रेलवे ने खेद व्यक्त किया है और यात्रियों से सहयोग की अपील की है।

गायत्री परिवार रतलाम द्वारा सामूहिक श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम सम्पन्न

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। पितृ पक्ष के अवसर पर गायत्री परिवार रतलाम द्वारा सिद्ध बड़बड़ हनुमानजी मंदिर, सैलाना रोड पर रविवार, 22 सितंबर 2024 को सामूहिक श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 61 श्रद्धालुओं ने भाग लिया और अपने पितरों के मोक्ष की कामना के साथ श्राद्ध तर्पण की विधि संपन्न की। गायत्री परिवार के आचार्य नरेंद्र पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यजमानों से तर्पण संस्कार करवाया, जिसमें पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया गया। इस आयोजन में महिला आचार्य प्रेमलता साहू ने सहायक की भूमिका निभाई, जबकि वरिष्ठ परिजन डीपी चौधरी का सानिध्य प्राप्त हुआ। गायत्री परिवार के सदस्य जैसे जिला समन्वयक दामोदर शर्मा, अर्जुनसिंह चौहान, मदनमोहन साहू, महेश गोयल, गोपाल सिंह तोमर, महेश चौहान, दलबीर चौधरी, श्यामलाल भावसार, श्रवणकुमार भावसार, किशोर चौधरी, शिवपाल छपरी, परितोष जोशी, लालशंकर पाटीदार और महिला मंडल की वीणा पाठक एवं मधुबाला हीरे ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। आने वाले तर्पण कार्यक्रम गायत्री परिवार द्वारा हर साल पितृ पक्ष के दौरान नि:शुल्क सामूहिक तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 29 सितंबर को कालिका माता मंदिर धर्मशाला में और 1 अक्टूबर को गायत्री शक्तिपीठ डोंगरेधाम शंकरगढ़ में तर्पण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 2 अक्टूबर को ग्राम रानीसिंग में माही नदी के तट पर भी सामूहिक तर्पण कार्यक्रम होगा। जावरा में गायत्री शक्तिपीठ लालागली पर प्रतिदिन तर्पण संस्कार हो रहे हैं। वहीं, 29 सितंबर को ग्राम रिंगनोद के पास मिंडाजी संगम तीर्थ स्थल पर भी सामूहिक तर्पण संस्कार का आयोजन किया जाएगा, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की उम्मीद है।इच्छुक श्रद्धालु निकटतम गायत्री मंदिर अथवा गायत्री परिवार नगर ट्रस्ट से संपर्क कर इन आयोजनों में भाग ले सकते हैं।

नुक्कड़ नाटक से विद्यार्थियों को 4 प्रकार के कचरे के पृथक्कीकरण को समझायागीले कचरे से खाद बनाने की विधि से कराया अवगत

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। रतलाम 21 सितम्बर। 17 से 2 अक्टूबर तक चलाये जा रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत महापौर प्रहलाद पटेल के निर्देशानुसार 20 अक्टूबर शनिवार को देहली पब्लिक स्कूल में स्वच्छता हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों को 4 प्रकार के कचरे के पृथक्कीकरण करने व गीले कचरे से घर में ही खाद बनाने की विधि से अवगत कराया। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों का अमृत सागर झोन में सम्मान किया गया। स्वच्छता अभियान के तहत आज विभिन्न गतिविधियों को आयोजनरतलाम 21 सितम्बर । 17 से 2 अक्टूबर तक चलाये जा रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के अन्तर्गत आज 22 सितम्बर रविवार को प्रातः 10 बजे त्रिवेणी मेला ग्राउण्ड में एक पेड़ मॉं के नाम, वार्डवार सफाई मित्रों का सम्मान व शासकीय योजनाओं का लाभ दिये जाने हेतु शिविर का आयोजन किया जायेगा।नगर निगम द्वारा नागरिकों से अपील की जाती है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में रतलाम नगर को स्वच्छता में नम्बर 1 बनाये जाने हेतु स्वच्छता अभियान के तहत 19 सितम्बर बुधवार को आयोजित विभिन्न गतिविधियों में अधिकाधिक की संख्या में उपस्थित रहकर आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनावें।

Fake IPS Officer: बिहार में 18 साल का फर्जी आईपीएस गिरफ्तार, 2 लाख रुपये देकर बना ‘अधिकारी’

मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने 2 लाख 30 हजार रुपये में बना दिया Fake IPS Officer, अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया….. बिहार/जमुई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बिहार के जमुई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सिकंदरा पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। (Fake IPS Officer) गिरफ्तार युवक, मिथलेश कुमार, लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव का निवासी है। उसने 2 लाख रुपये देकर फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने का दावा किया। पुलिस ने मिथलेश को सिकंदरा चौक से हिरासत में लिया, जब वह आईपीएस की वर्दी पहनकर अपनी बाइक पर सवार था। कैसे खुली पोल? भीड़ के शक से हुई गिरफ्तारीमिथलेश कुमार आईपीएस की वर्दी में कमर पर पिस्टल लटकाकर सिकंदरा चौक पर रुका, जहां लोगों ने उसके हाव-भाव और वर्दी को देखकर संदेह जताया। किसी ने सिकंदरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फर्जी आईपीएस के खुलासे! दो लाख रुपये देकर ली ‘नौकरी’गिरफ्तार मिथलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि खैरा इलाके के मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने उसे पुलिस में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। इसके बदले में मनोज सिंह ने 2 लाख 30 हजार रुपये की मांग की। मिथलेश ने अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया। इसके बाद, मनोज ने उसका नाप लेकर उसे आईपीएस की वर्दी, बैज और पिस्टल सौंप दी। वर्दी पहन मां का लिया आशीर्वाद, बाकी रकम देने जा रहा था तभी पकड़ा गयामिथलेश ने बताया कि वर्दी पहनकर वह अपनी मां से आशीर्वाद लेने घर गया, जिसके बाद मनोज सिंह से बाकी 30 हजार रुपये देने के लिए निकल पड़ा। सिकंदरा चौक पर थोड़ी देर के लिए रुका, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा। एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि युवक को फर्जी आईपीएस वर्दी में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अगर मिथलेश की बात सही निकली, तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गिरोह का पर्दाफाश करना होगी, जो बेरोजगार युवकों को ठगकर फर्जी अधिकारियों का खेल रच रहा है। जमुई पुलिस फिलहाल इस गिरोह का सुराग तलाशने में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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