Social Media new rules: सोशल मीडिया KYC अनिवार्य? फेसबुक-इंस्टा यूजर्स के लिए बड़ा प्रस्ताव

Social Media new rules: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर KYC अनिवार्य करने की संसदीय समिति की सिफारिश, जानें क्या बदल सकता है Facebook, Instagram और अन्य ऐप्स के लिए नया नियम। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Social Media new rules: आने वाले समय में Facebook, Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संसदीय समिति ने यह अहम सिफारिश की है। क्यों जरूरी समझा गया KYC? संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल, साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इन समस्याओं को रोकने के लिए यूजर्स की पहचान और उम्र का सत्यापन जरूरी हो गया है। समिति ने गृह मंत्रालय और आईटी मंत्रालय को सुझाव दिया है कि सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर KYC आधारित वेरिफिकेशन लागू किया जाए। महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर फोकस ‘साइबर अपराध और महिलाओं की साइबर सुरक्षा’ विषय पर पेश रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि कई मामलों में गुमनाम अकाउंट्स के जरिए महिलाओं और नाबालिगों को निशाना बनाया जाता है।ऐसे में KYC अनिवार्य होने से फर्जी अकाउंट्स पर लगाम लगाई जा सकेगी। कंपनियों के लिए भी सख्त नियम समिति ने प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए भी कड़े नियम सुझाए हैं: निजता पर उठ सकते हैं सवाल हालांकि, इस सिफारिश के बाद डेटा सुरक्षा और यूजर्स की निजता को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि KYC से सुरक्षा तो बढ़ेगी, लेकिन व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का खतरा भी बढ़ सकता है। क्या बदल सकता है आपके लिए? अगर सरकार इन सिफारिशों को लागू करती है, तो आने वाले समय में:

Hormuz Strait News: होर्मुज से भारत को राहत: ईरान ने दी मंजूरी, तेल-गैस लदे 20 जहाज जल्द पहुंचेंगे

Hormuz Strait News: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने भारत सहित 5 देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी। फंसे 20 भारतीय तेल-गैस जहाजों के लौटने से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Hormuz Strait News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद वहां फंसे भारत के तेल और गैस से लदे जहाजों के देश पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। क्या है पूरा मामला? वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात के चलते दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल (Crude) और LNG की सप्लाई होती है, वहां आवाजाही बाधित होने से कई देशों की चिंता बढ़ गई थी। भारत के भी लगभग 20 जहाज इस रूट पर फंसे हुए थे। ईरान ने किन देशों को दी अनुमति ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सहित पांच मित्र देशों—चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान—के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। उनके मुताबिक, ये देश “गैर-शत्रुतापूर्ण” श्रेणी में आते हैं और इन्होंने सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान से संपर्क किया था। हालांकि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर रोक जारी रहेगी। पहले भी मिले थे संकेत रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों को संदेश भेजकर सीमित आवाजाही की अनुमति देने के संकेत दे चुका था। इसमें कहा गया था कि केवल सुरक्षित और गैर-शत्रु देशों के जहाजों को ही गुजरने दिया जाएगा। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है और अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। क्या खत्म होगा तेल-गैस संकट? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर स्थिति और खराब नहीं होती है और जहाज सुरक्षित पहुंच जाते हैं, तो भारत में तेल-गैस की आपूर्ति जल्द स्थिर हो सकती है। हालांकि मिडिल ईस्ट की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।

घर के पास PNG गैस तो LPG बंद! सरकार का नया नियम लागू

सरकार का बड़ा फैसला—घर के पास PNG पाइपलाइन होने पर 3 महीने में लेना होगा कनेक्शन, नहीं तो LPG सिलेंडर सप्लाई होगी बंद। जानें नए नियम और पूरी प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PNG Gas: केंद्र सरकार ने गैस वितरण को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू कर दिया है। इसके तहत जिन घरों के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां अब PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। अगर किसी घर के पास पाइपलाइन होने के बावजूद कनेक्शन नहीं लिया जाता, तो पहले 3 महीने का नोटिस दिया जाएगा और उसके बाद उस पते पर LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और गैस की संभावित कमी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि देश में गैस सप्लाई सुचारू बनी रहे और उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। नए नियम की 4 बड़ी बातें 1. सोसाइटी को 3 दिन में देना होगा परमिशन अब हाउसिंग सोसायटी या RWA पाइपलाइन बिछाने में बाधा नहीं बन सकेंगी। 2. सरकारी मंजूरी में देरी नहीं 3. जमीन मालिक को मिलेगा ज्यादा मुआवजा 4. सुरक्षा और सुविधा पर जोर फायदे: नुकसान: PNG लेने पर LPG सिलेंडर करना होगा सरेंडर सरकार के नए नियम के अनुसार: किराएदार कैसे लें PNG कनेक्शन? किराएदार भी PNG कनेक्शन ले सकते हैं: मकान मालिक मना करे तो क्या होगा? अगर मकान मालिक पाइपलाइन लगाने से मना करता है, तब भी नियम लागू होगा।90 दिन बाद उस पते पर LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी। घर बदलने पर क्या करें?

कल होगा शुभारंभ: सनातन स्वास्थ्य संजीवनी सेवा समिति की नई पहल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क | समाज सेवा की सनातन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सनातन स्वास्थ्य संजीवनी सेवा समिति (रजिस्टर्ड) अपने स्वर्णिम सफर की शुरुआत करने जा रही है। समिति का शुभारंभ कल आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम के साथ किया जाएगा, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति की अपेक्षा की जा रही है। समिति के संस्थापक अरविंद सेवनिया ने जानकारी देते हुए बताया कि व्यस्तताओं के कारण वे सभी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर आमंत्रण नहीं दे सके, जिसका उन्हें खेद है। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि सभी आमंत्रितजन इस आत्मीय निमंत्रण को स्वीकार कर अपनी गरिमामय उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के इस नए प्रयास में लोगों का सहयोग और आशीर्वाद ही सबसे बड़ी ताकत होगा। समिति का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाना और सेवा की परंपरा को मजबूत करना है। कार्यक्रम में उपस्थित होकर अतिथि न केवल इस पहल का समर्थन करेंगे, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाएंगे। आयोजकों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में जनसेवा का एक मजबूत माध्यम बनेगी।

28 दिन रिचार्ज खत्म? अब 30 दिन वैलिडिटी पर जोर, यूजर्स को सालाना बचत का मौका

मोबाइल रिचार्ज में बड़ा बदलाव! 28 दिन की जगह 30 दिन वैलिडिटी वाले प्लान को बढ़ावा, जानें कैसे साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज से बचकर आपकी होगी बचत। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मोबाइल रिचार्ज प्लान को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। अब सरकार ने टेलिकॉम कंपनियों को 30 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इससे यूजर्स को साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज से राहत मिल सकती है और कुल खर्च भी कम हो सकता है। 28 दिन रिचार्ज पर सरकार सख्त, 30 दिन प्लान को बढ़ावा मोबाइल यूजर्स की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के बाद सरकार ने टेलिकॉम कंपनियों को साफ संकेत दिया है कि 28 दिन की बजाय 30 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान को प्राथमिकता दी जाए। अब कंपनियों को अपने प्लान में पारदर्शिता दिखानी होगी और यूजर्स को स्पष्ट विकल्प देने होंगे। क्यों उठाना पड़ा ये कदम? दरअसल 28 दिन का प्लान यूजर्स के लिए “छुपा हुआ अतिरिक्त खर्च” बन गया था। यह मुद्दा संसद में भी उठा, जहां इसे यूजर्स पर अतिरिक्त बोझ बताया गया। 28 दिन vs 30 दिन प्लान: समझें पूरा गणित 28 दिन प्लान: 30 दिन प्लान: गणित:365 ÷ 28 = लगभग 13 रिचार्ज365 ÷ 30 = 12 रिचार्ज अभी क्या दे रही हैं कंपनियां? देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनियां जैसे अभी ज्यादातर 28 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान ही ऑफर कर रही हैं, जिनकी कीमत ₹199 से ₹299 के बीच होती है। सरकार के नए निर्देश क्या हैं? सरकार ने कंपनियों से कहा है कि: हालांकि, प्लान की कीमत तय करने की आजादी अभी भी कंपनियों के पास रहेगी। यूजर्स के लिए क्यों जरूरी है ये बदलाव? आगे क्या बदल सकता है? अब आपको क्या करना चाहिए? FAQs 1. 28 दिन प्लान में दिक्कत क्या है?इसमें साल में 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है, जिससे खर्च बढ़ता है। 2. क्या 30 दिन प्लान सस्ते होंगे?जरूरी नहीं, लेकिन कुल सालाना खर्च कम हो सकता है। 3. क्या 28 दिन प्लान बंद हो जाएंगे?अभी नहीं, लेकिन इनकी संख्या कम हो सकती है। 4. सरकार ने क्या कहा है?30 दिन वाले प्लान को प्रमोट करने और पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 5. यूजर्स को क्या फायदा होगा?कम रिचार्ज, कम खर्च और ज्यादा सुविधा।

Ratlam News: रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 100 गुम मोबाइल बरामद, ₹20 लाख की संपत्ति लौटाई

रतलाम सायबर सेल ने 100 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर करीब 20 लाख रुपए के मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए। जानिए पूरी खबर और पुलिस की अपील। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: गुम हुए मोबाइल फोन से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए रतलाम पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में सायबर सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 100 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर करीब ₹20 लाख मूल्य के मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंप दिए। वीडियो देखे इस अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में किया गया। सायबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से तकनीकी जांच कर मोबाइल फोन को ट्रेस किया। कई जिलों से बरामद हुए मोबाइल बरामद मोबाइल रतलाम के साथ-साथ इंदौर, धार, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और झाबुआ सहित विभिन्न जिलों से प्राप्त किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कई मोबाइल रास्ते में गिरे हुए मिले थे, जिन्हें लोगों ने अनजाने में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। पुलिस ने ऐसे लोगों को समझाइश दी कि भविष्य में किसी का मोबाइल मिलने पर उसे तुरंत नजदीकी थाने में जमा कराएं। इन कंपनियों के मोबाइल शामिल बरामद मोबाइल में प्रमुख ब्रांड जैसे सैमसंग, वीवो, रियलमी, रेडमी, ओप्पो और एप्पल के स्मार्टफोन शामिल हैं। सायबर फ्रॉड को लेकर भी किया जागरूक सायबर सेल टीम ने मोबाइल धारकों को मोबाइल सुरक्षा और सायबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी, ताकि भविष्य में वे किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें। टीम की सराहनीय भूमिका इस अभियान में निरीक्षक अमित कोरी, उप निरीक्षक जीवन बारिया सहित सायबर सेल की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी पुलिस विभाग ने सराहना की है। पुलिस की अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसे अपने पास रखने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराएं। ऐसा करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा और सायबर अपराधों की रोकथाम के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

Indian Railways New Rules: Indian Railways का बड़ा फैसला: कन्फर्म टिकट कैंसिल पर नए नियम लागू, 8 घंटे पहले तक नहीं मिलेगा रिफंड

Indian Railways New Rules: कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर नए रिफंड नियम लागू। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक नो रिफंड, जानें पूरा अपडेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indian Railways New Rules: भारतीय रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए Indian Railways ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय पहले कन्फर्म टिकट रद्द करने पर यात्रियों को कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह सीमा 4 घंटे थी, जिसे अब बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है। रेलवे द्वारा यह बदलाव 1 से 15 अप्रैल के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह निर्णय रेलवे में पारदर्शिता बढ़ाने और सीटों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से लिया गया है। क्यों किया गया बदलाव? रेलवे के अनुसार, कई बार एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और आखिरी समय में कैंसिल कर देते थे, जिससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता था। नए नियमों से इस तरह की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को ज्यादा मौके मिलेंगे। कब कितना मिलेगा रिफंड? चार्ट बनाने का समय भी बदला अब ट्रेन का चार्ट भी 4 घंटे की बजाय 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा, जिससे सीट आवंटन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। काउंटर टिकट पर बड़ी राहत अब काउंटर से खरीदा गया टिकट देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से कैंसिल कराया जा सकता है। पहले यह सुविधा केवल उसी स्टेशन तक सीमित थी जहां से टिकट लिया गया था। ई-टिकट में आसान प्रक्रिया ई-टिकट कैंसिल करते ही रिफंड की प्रक्रिया अपने आप शुरू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इन स्थितियों में मिलेगा पूरा रिफंड बोर्डिंग स्टेशन बदलने का नया नियम अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि, एक बार बदलाव के बाद पुराने स्टेशन से यात्रा शुरू नहीं की जा सकेगी।

रॉयल कॉलेज रतलाम का कमाल: MBA, BBA, BCA के 10 छात्र यूनिवर्सिटी मेरिट में शामिल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा घोषित सत्र 2025 के वार्षिक परीक्षा परिणामों की मेरिट लिस्ट में संस्थान के 10 विद्यार्थियों ने टॉप-15 में जगह बनाकर रतलाम का नाम रोशन किया है। संस्थान के एमबीए, बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट स्थान हासिल किए। इस उपलब्धि से न सिर्फ कॉलेज बल्कि पूरे जिले में खुशी का माहौल है। पाठ्यक्रमवार प्रदर्शन MBA (चतुर्थ सेमेस्टर):  BCA (तृतीय वर्ष): BBA (तृतीय वर्ष): प्रबंधन ने जताई खुशी इस ऐतिहासिक सफलता पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत और संस्थान के बेहतर शैक्षणिक माहौल का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। संस्थान के निदेशक एवं स्टाफ ने भी सभी सफल विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

रतलाम में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, प्रशासन ने किया स्टॉक सत्यापन

रतलाम जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के बीच प्रशासन ने पेट्रोल पंपों पर स्टॉक का सत्यापन किया। कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों ने जांच कर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बताया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों द्वारा जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर स्टॉक का सत्यापन किया जा रहा है। वीडियो देखे जांच के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी हुई है। आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों में आकर पैनिक खरीदारी न करें। प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल वाहनों में ही पेट्रोल-डीजल भरें। किसी भी स्थिति में ड्रम या बोतल में ईंधन नहीं दिया जाएगा, ताकि अनावश्यक जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके। विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों ने किया निरीक्षण नायब तहसीलदार पिन्की साठे ने साक्षी पेट्रोल पंप रतलाम का निरीक्षण किया, वहीं तहसीलदार रतलाम शहर ऋषभ ठाकुर ने पटेल पेट्रोल पंप पर स्टॉक की स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा तहसीलदार बाजना मनीष जैन ने बाजना क्षेत्र के पेट्रोल पंपों की जांच की। एसडीएम जावरा सुनील जयसवाल और एसडीएम रतलाम ग्रामीण विवेक सोनकर द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर स्टॉक का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।

JSG संगिनी उमंग परिवार को MP रीजन में दूसरा स्थान, सेवा गतिविधियों में बनाई पहचान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। JSG (Jain Social Group) के अंतर्गत कार्यरत JSG संगिनी उमंग परिवार ने एक बार फिर मध्य प्रदेश रीजन में अपनी शानदार उपलब्धि दर्ज कराई है। फरवरी माह में आयोजित सेवा गतिविधियों, विशेष रूप से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के उत्कृष्ट आयोजन के लिए समूह को पूरे एमपी रीजन में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल समूह के लिए बल्कि पूरे रतलाम शहर के लिए गर्व का विषय है। ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया ने इस सफलता का श्रेय सभी पदाधिकारियों, बोर्ड मेंबर्स और सक्रिय सदस्यों को देते हुए उनके सहयोग और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों और मार्गदर्शन से ही समूह निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर एमपी रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद की टीम का विशेष आभार व्यक्त किया गया। साथ ही JSG रतलाम सेंट्रल की पूरी टीम एवं निर्णायक मंडल के दीपक दोषी, प्रफुल्ल लोढ़ा और मनोज कटारिया को भी धन्यवाद और बधाई दी गई। ग्रुप सचिव निर्मला पटवा और अनीता कोठारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य में भी समूह सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा। यह उपलब्धि JSG संगिनी उमंग परिवार की टीम वर्क, समर्पण और समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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