Ratlam News: रतलाम में नारकोटिक्स TI बताकर 4.50 लाख लेने का आरोप, सपना ठाकुर के खिलाफ छठी शिकायत

रतलाम में सपना ठाकुर के खिलाफ एक और शिकायत सामने आई है। इमरान खान ने नारकोटिक्स TI बताकर 4.50 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में चर्चित ठगी के मामलों में सामने आई सपना ठाकुर के खिलाफ एक और शिकायत पुलिस तक पहुंची है। इंदौर जिले के पीथमपुर-सागौर निवासी इमरान खान ने आरोप लगाया है कि सपना ने खुद को रतलाम-मंदसौर में नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताया और उनके भाई सलमान से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इमरान के अनुसार इस काम के बदले पहले 5 लाख रुपये की बात हुई थी। बाद में रकम घटाकर 4.50 लाख रुपये तय की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि 18 जून को बिलपांक टोल के पास उसने सपना ठाकुर को 4.50 लाख रुपये दिए, लेकिन रकम लेने के बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। इमरान गुरुवार को बिलपांक थाने पहुंचा और शिकायत के साथ मामले से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही। पुलिस ने लिखित शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की बात कही है। चोइथराम अस्पताल में हुई थी मुलाकात इमरान ने अपनी शिकायत में बताया कि 30 मई को वह इंदौर के चोइथराम अस्पताल में मौजूद था। उस समय उसका घायल भाई सलमान अस्पताल में भर्ती था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सपना ठाकुर से हुई। शिकायत के मुताबिक सपना ने खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताते हुए सलमान के मामले में प्रभावी पुलिस कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इमरान का आरोप है कि सपना ने पुलिस और न्यायालय में मजिस्ट्रेट व बाबू से अपने संपर्क होने की बात भी कही थी। इमरान के अनुसार बातचीत आगे बढ़ने पर पहले 5 लाख रुपये की मांग की गई। बाद में सपना ने कथित तौर पर बताया कि बाबू से बात हो गई है और 4.50 लाख रुपये में काम हो जाएगा। बिलपांक टोल के पास दिए 4.50 लाख रुपये इमरान का दावा है कि 18 जून को बिलपांक टोल के पास उसने सपना ठाकुर को 4.50 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद जब उसने मामले में कार्रवाई के बारे में जानकारी लेने के लिए संपर्क किया तो फोन उठाना बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में कभी पोस्टिंग बदलने तो कभी बच्चे के ऑपरेशन का हवाला देकर बातचीत टाली जाती रही। इमरान ने वॉट्सऐप पर भी रकम देने और काम नहीं होने को लेकर संदेश भेजे थे। इमरान का कहना है कि उसके पास सपना के साथ हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग और वॉट्सऐप संदेश मौजूद हैं, जिन्हें वह पुलिस जांच में उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। सलमान से जुड़े मामले का क्या है कनेक्शन? इमरान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 मई को मस्जिद के सफाईकर्मी नौशाद को काम से हटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। शिकायत के अनुसार, वारदात वाले दिन जामा मस्जिद के सदर शमशुद्दीन नमाज पढ़ने जा रहे थे, तभी आरोपितों ने उन्हें घेर लिया। इस घटनाक्रम में सलमान घायल हुआ था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इमरान के मुताबिक इसी दौरान सपना अपनी बेटी के इलाज के लिए अस्पताल आई थी और वहीं उससे मुलाकात हुई थी। सपना ठाकुर के खिलाफ अब तक छह शिकायतें सपना ठाकुर के खिलाफ यह छठी शिकायत बताई जा रही है। इससे पहले भी उसके खिलाफ अलग-अलग मामलों में शिकायतें सामने आ चुकी हैं। सबसे चर्चित मामले में प्रॉपर्टी कारोबारी रुपेश चपरोत से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप सामने आया था। आरोप है कि सपना ने खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताकर कारोबारी से संपर्क किया था। उस मामले के सामने आने के बाद सपना के खिलाफ अन्य शिकायतें भी पुलिस तक पहुंचीं। अब अलग-अलग जिलों से आई शिकायतों को पुलिस आपस में जोड़कर देख रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इन मामलों के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं। इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। बिलपांक पुलिस ने क्या कहा? बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान के अनुसार, इमरान शिकायत लेकर थाने आए थे। उन्हें साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया है। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले को जांच में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में सरकारी जमीन पर गांजे की खेती का भंडाफोड़, 2,948 पौधे जब्त

Ratlam News: रतलाम के सरवन थाना क्षेत्र के उण्डेर में सरकारी जमीन पर गांजे की अवैध खेती पकड़ी गई। पुलिस ने 2,948 पौधे जब्त किए, वजन 724 किलो है। रतलाम- पब्लिक वार्ता  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम उण्डेर में पुलिस टीम ने सरकारी जमीन पर की जा रही गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। यहां कपास और मक्का की फसल के बीच बड़ी संख्या में गांजे के पौधे उगाए गए थे। मुखबिर से मिली सूचना के बाद सरवन, सैलाना और बाजना थाने की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्चिंग की। पहाड़ी किनारे स्थित खेतों के आसपास तलाशी के दौरान गांजे के पौधे मिले, जिन्हें पुलिस ने नियमानुसार जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार मौके से कुल 2,948 हरे गांजे के पौधे जब्त किए गए हैं। इनका कुल वजन करीब 724 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने मामले में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। उण्डेर में पहाड़ी किनारे चल रही थी खेती पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम उण्डेर क्षेत्र में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीमों ने गांव के पहाड़ी किनारे और आसपास के खेतों में सर्चिंग की। तलाशी के दौरान कपास और मक्का की फसल के बीच गांजे के हरे पौधे दिखाई दिए। जांच में यह भूमि शासकीय होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मौके से पौधों को उखड़वाकर जब्त किया और उनका वजन कराया। जब्त पौधों की संख्या 2,948 और कुल वजन करीब 724 किलोग्राम बताया गया है। आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजे की खेती शासकीय भूमि पर की जा रही थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन पर खेती कौन कर रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान के बाद उन्हें प्रकरण में आरोपी बनाया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका तय कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच का दायरा केवल खेती करने वाले लोगों तक सीमित नहीं है। पुलिस गांजे की इस अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। तीन थानों की टीम ने की कार्रवाई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल के मार्गदर्शन में टीमों ने कार्रवाई की। सैलाना SDOP लेखराज मीणा के नेतृत्व में सरवन, सैलाना और बाजना थानों की पुलिस टीमों ने क्षेत्र में सर्चिंग की। कार्रवाई में थाना प्रभारी सरवन निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, थाना प्रभारी सैलाना निरीक्षक पिंकी आकाश, थाना प्रभारी बाजना निरीक्षक रविन्द्र दण्डोतिया सहित पुलिस अधिकारियों, थाना स्टाफ और साइबर टीम की भूमिका रही। 724 किलो पौधे, कीमत को लेकर पुलिस की जानकारी पुलिस की ओर से जारी जानकारी में जब्त गांजे के पौधों का वजन करीब 724 किलोग्राम बताया गया है। प्रेस नोट में कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े दर्ज हैं—एक स्थान पर करीब 70 लाख रुपये और दूसरे स्थान पर करीब 7 लाख रुपये का उल्लेख है। इसलिए इस खबर में जब्त सामग्री की कीमत को निश्चित आंकड़े के रूप में नहीं रखा गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड में कीमत की पुष्टि होने के बाद ही इसे अंतिम रूप से बताया जाना उचित होगा। नशे की खेती और तस्करी पर पुलिस का फोकस रतलाम पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ नशीले पदार्थों की अवैध खेती पर भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला—उत्पादन, परिवहन और बिक्री—पर रोक लगाना है। उण्डेर में हुई कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है।

Ratlam News: रतलाम में फर्जी नारकोटिक्स टीआई बनकर कारोबारी से 3.45 करोड़ की ठगी का आरोप, मकान-प्लॉट भी अपने नाम 

Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स टीआई बताकर महिला पर प्रॉपर्टी कारोबारी से 3.45 करोड़ रुपये ठगने, मकान और प्लॉट अपने नाम कराने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताकर एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। माणकचौक थाना पुलिस ने तेजानगर निवासी कारोबारी रुपेश चपरोत की शिकायत पर सपना ठाकुर नाम की महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी के साथ प्लॉट और मकान अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, महिला ने कारोबारी को दूसरे व्यक्ति के खिलाफ चल रहे हुंडी की दलाली से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। उसने कथित तौर पर मकान और फ्लैट कुर्क करवाकर रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे में कारोबारी ने महिला को लाखों रुपये दिए और बाद में अपनी संपत्ति भी उसके नाम करवा दी। शिकायत में यह भी आरोप है कि महिला ने कारोबारी और उसकी बेटी को झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायत पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कैसे शुरू हुआ ठगी का मामला? रुपेश चपरोत के अनुसार, दिसंबर 2025 में विजय लोढ़ा के खिलाफ हुंडी की दलाली के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी दौरान 10 से 15 दिसंबर के बीच उनके मोबाइल पर दो अलग-अलग नंबरों से फोन आए। फोन करने वाली महिला ने अपना नाम सपना ठाकुर बताया और खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताया। उसने विजय लोढ़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी मांगी। कारोबारी ने उसके कहने पर एफआईआर की प्रति वाट्सएप से भेज दी। इसके बाद महिला लगातार संपर्क में रही। उसने विजय लोढ़ा के मकान और फ्लैट की कुर्की सहित कानूनी कार्रवाई करवाकर कारोबारी की रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया। शिकायत के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के नाम पर महिला ने कारोबारी से अलग-अलग समय पर रुपये लेना शुरू कर दिया। नकदी, बैंक ट्रांसफर और उधारीनामा के नाम पर रुपये लेने का आरोप शिकायत में बताया गया है कि मकान और फ्लैट से संबंधित कार्रवाई के नाम पर महिला ने करीब 70 लाख रुपये नकद लिए। इसके अलावा कारोबारी के जीजा कमल मल्लारा को मुंबई के एक मामले में मदद दिलाने का भरोसा देकर 15 लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है। फरवरी 2026 में 42 लाख रुपये का उधारीनामा लिखवाया गया। इसके बाद 22 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से महिला के खाते में ट्रांसफर करवाए गए। स्टाम्प ड्यूटी और अन्य खर्चों के नाम पर 15 लाख रुपये और लेने की बात भी शिकायत में कही गई है। प्लॉट अपने नाम करवाने का भी आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में आरोप लगाया कि विजय लोढ़ा के खिलाफ चल रहे मामले में उन्हें न्यायालय के सामने उधारीदार दिखाने के लिए प्रमाण की जरूरत बताई गई थी। इसी बहाने सपना ठाकुर ने तुलसी विहार कॉलोनी में स्थित उनका 13 बाय 55 फीट का एलआईजी-06 प्लॉट अपने नाम करवा लिया। महिला ने जल्द ही प्लॉट वापस करने का भरोसा दिया था। इसके बाद नामली रोड क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू करने और उसमें निवेश करने का प्रस्ताव रखा गया। शिकायत के अनुसार, केसीसी लोन भरने के नाम पर भी करीब 20 लाख रुपये लिए गए। बेटी की शादी के लिए रखे सोने के जेवर भी लेने की शिकायत कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी मुस्कान की शादी के लिए करीब 105 ग्राम सोने के जेवर जमा किए गए थे। आरोप है कि महिला ने ये जेवर भी अपने पास रख लिए। इसके बाद विजय लोढ़ा के मामले में कारोबारी को दिवालिया दिखाने और हाईकोर्ट में केस मजबूत करने की बात कहकर तेजानगर स्थित उनका मकान भी अपने नाम करवा लिया गया। मकान की रजिस्ट्री के बाद 20 लाख रुपये वापस लेने का आरोप शिकायत के मुताबिक, तेजानगर स्थित मकान के बेचाननामा में उसकी कीमत 32 लाख 93 हजार रुपये दर्शाई गई थी। बैंक के माध्यम से 20 लाख रुपये दिए गए। कारोबारी का आरोप है कि रजिस्ट्री के अगले दिन महिला के कहने पर उन्होंने अपने बैंक खातों से 20 लाख रुपये नकद निकालकर उसे वापस दे दिए। महिला ने दस दिन में मकान की रजिस्ट्री फिर से उनके नाम कराने का भरोसा दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शिकायत में आरोप है कि महिला ने मकान बेचने के संबंध में एक वीडियो भी बनवाया। उसमें कारोबारी से कहलवाया गया कि उन्होंने अपना मकान 1 करोड़ 30 लाख रुपये में बेच दिया है और उस पर कोई कर्ज या उधारी नहीं है। साथ ही भाई-बहनों को भी बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कहलवाई गई। कारोबारी के अनुसार, वीडियो महिला ने खुद बनाया था। बाद में मकान का नामांतरण भी उसके नाम करवा लिया गया। मकान पर ताला लगवाकर खाली करवाने का आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में बताया कि महिला ने बाद में उनके मकान पर ताले लगवा दिए। उसने कथित तौर पर कहा कि हाईकोर्ट की टीम सर्वे के लिए आने वाली है और उन्हें 15 दिन बाद वापस मकान में आने को कहा। इसके बाद कारोबारी अपनी पत्नी और बेटी के साथ भाई के काटजू नगर स्थित मकान में रहने चले गए। शिकायत के अनुसार, इसके बावजूद महिला लगातार उनसे रुपये मांगती रही। एनडीपीएस केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत कारोबारी ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त रुपये देने से इनकार करने पर महिला ने उन्हें और उनकी बेटी को धमकियां दीं। शिकायत के मुताबिक, महिला ने एमडी पाउडर रखकर झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी। इसके अलावा खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बताकर एनकाउंटर करने की बात कहने, बेटी मुस्कान का रिश्ता तुड़वाने और रुपये नहीं देने पर जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। मोबाइल फॉर्मेट करवाने और सिम अपने पास रखने का आरोप … Read more

Ratlam News: रतलाम में स्पीड ब्रेकर पर कार बेकाबू, डिवाइडर से टकराकर पलटी; VIDEO में कैद हुआ हादसा

Ratlam News: रतलाम के नामली में स्पीड ब्रेकर पर कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसे में पांच लोग घायल हुए, CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के नामली में शनिवार रात एक तेज रफ्तार कार स्पीड ब्रेकर के पास अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार पलट गई और कुछ ही देर में उसमें फ्लेम दिखाई देने लगी। हादसे के दौरान कार में सवार पांचों लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। घटना रात करीब 10.30 बजे नामली के पल्टूना फंटा के पास फोरलेन पर हुई। हादसे का पूरा घटनाक्रम सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है, जबकि सभी पांच यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। घटना का CCTV देखे नामली में स्पीड ब्रेकर के पास हुआ हादसा जानकारी के अनुसार कार क्रमांक MP 09 CP 1145 से पांच लोग पीथमपुर से सांवरिया जी दर्शन के लिए निकले थे। कार सचिन सौंधिया चला रहे थे। उनके साथ सोनरजीत यादव, अनुपम केशरवानी, प्रिंस सिंह राजपूत और एक अन्य व्यक्ति सवार था। पल्टूना फंटा के पास फोरलेन से जाने के लिए कट बना हुआ है। इस स्थान पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार की रफ्तार करीब 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा थी। स्पीड ब्रेकर और सड़क पर मौजूद लोगों को देखकर चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इसके बाद कार का संतुलन बिगड़ा और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पलटने के बाद कार में दिखी फ्लेम सीसीटीवी फुटेज में कार के डिवाइडर से टकराने और सड़क पर पलटने का घटनाक्रम दिखाई देता है। इसके बाद कार के आसपास फ्लेम नजर आती है। उपलब्ध जानकारी में इसे किसी तरह के ब्लास्ट के रूप में सामने नहीं रखा गया है। आग या फ्लेम किस वजह से दिखाई दी, इसकी स्पष्ट तकनीकी वजह की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार सभी पांच लोग बाहर निकल आए। मौके पर मौजूद लोगों ने भी उनकी मदद की और घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया सूचना मिलने पर नामली थाना प्रभारी अमित कोरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कार सवार पांचों लोगों को नामली स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस के अनुसार सभी को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में कार को काफी नुकसान हुआ है। चालक सचिन सौंधिया ने पुलिस को बताया कि वह साथियों के साथ पीथमपुर से सांवरिया सेठ दर्शन के लिए जा रहे थे। उनके मुताबिक रास्ते में लोगों को बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाने के बाद कार अनियंत्रित हो गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे के दौरान कार के नीचे कोई व्यक्ति नहीं दबा था। CCTV में रिकॉर्ड हुआ पूरा हादसा फोरलेन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में कार के बेकाबू होने से लेकर डिवाइडर से टकराने और पलटने तक की घटना दिखाई देती है। हादसे के बाद कार सवारों के समय रहते बाहर निकलने से बड़ी जनहानि नहीं हुई। नामली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कार सवारों से घटना को लेकर पूछताछ कर रही है।

Ratlam News: किस्तें जमा करने के बाद भी मोबाइल लॉक, विरोध पर युवक से मारपीट; 300 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे

Ratlam News: रतलाम के सातरुंडा चौराहे पर किस्त जमा करने के बावजूद मोबाइल लॉक होने पर विवाद हुआ। युवक से मारपीट के बाद आदिवासी समाज ने धरना दिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के सातरुंडा चौराहे पर मोबाइल की किस्त जमा करने के बावजूद फोन लॉक होने को लेकर विवाद सामने आया है। मोबाइल अनलॉक नहीं होने की शिकायत लेकर दुकान पहुंचे आदिवासी युवक ने दुकानदार और फाइनेंस कर्मचारी पर मारपीट व जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में शुक्रवार को 300 से अधिक आदिवासी समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने दुकान संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजजनों में आक्रोश फैल गया। पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ। 20 हजार रुपये में फाइनेंस कराया था मोबाइल पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, धार जिले के बदनावर थाना क्षेत्र के नाहरखेड़ा निवासी अर्जुन पुत्र बाबूलाल डामर ने सातरुंडा चौराहे स्थित बालाजी मोबाइल दुकान से करीब 20 हजार रुपये में मोबाइल फाइनेंस कराया था। मोबाइल की मासिक किस्त 2200 रुपये तय थी। अर्जुन का कहना है कि वह तीन किस्तें दुकान पर बैठने वाले फाइनेंस कर्मचारी प्रदीप जाट को जमा कर चुका था। इसके बावजूद मोबाइल लॉक हो गया। मोबाइल लॉक होने का कारण जानने के लिए अर्जुन गुरुवार दोपहर अपने दोस्तों अक्षय भूरिया और धूरा निनामा के साथ दुकान पहुंचा। मोबाइल लॉक होने की बात पर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, दुकान पर प्रदीप जाट और नयन लोहार मिले। अर्जुन ने मोबाइल लॉक होने का कारण पूछा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि प्रदीप जाट और नयन लोहार ने उसके साथ जातिसूचक गाली-गलौज की और मारपीट व धक्का-मुक्की की। आरोप है कि नयन के पिता और दुकान संचालक सुभाष लोहार ने भी उसके साथ मारपीट की। मामले में पुलिस ने सिमलावदा निवासी सुभाष पुत्र नारायण लोहार, नयन पुत्र सुभाष लोहार और दंतोड़िया निवासी प्रदीप जाट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। वीडियो वायरल होने के बाद समाज में आक्रोश घटना के बाद मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ी और शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग सातरुंडा चौराहे पर पहुंच गए। 300 से अधिक समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों की मांग थी कि मामले में कार्रवाई की जाए और आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए। ढाई घंटे धरने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे समाजजन सातरुंडा चौराहे पर जुटने लगे। बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान और बिरमावल चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर समाजजनों से चर्चा की। रिपोर्ट दर्ज होने तक समाजजन करीब ढाई घंटे धरने पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। इसके बाद सातरुंडा चौकी के बाहर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, डॉ. अभय ओहरी, जयस जिलाध्यक्ष दीपक निनामा, जयस उपाध्यक्ष कमल भूरिया, राजकुमार डामर और महेश डोडियार सहित जनप्रतिनिधियों व समाजजनों ने ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने तीन लोगों पर दर्ज किया केस बिलपांक थाना पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

Ratlam News: लूनी नदी में डूबे युवक का 24 घंटे बाद मिला शव, डीआरसी टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक भगवान प्रजापत का शव 24 घंटे बाद बरामद हुआ। संयुक्त डीआरसी टीम ने किया रेस्क्यू। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आलोट थाना क्षेत्र के ग्राम बरडिया राठौर में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक का शव करीब 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया। युवक की पहचान राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा निवासी भगवान लाल उर्फ भगवान प्रजापत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार भगवान प्रजापत पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने मामा के घर बरडिया राठौर आया था। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे वह लूनी नदी में डूब गया था। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और डीआरसी टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लगातार तलाश के बावजूद युवक का पता नहीं चल पा रहा था। इसके बाद आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद से नदी की गहराई में तलाशी अभियान चलाया गया। 24 घंटे बाद नदी की गहराई से बरामद हुआ शव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आलोट, जावरा और रतलाम की संयुक्त डीआरसी टीमों ने मिलकर अभियान चलाया। डीप डाइव उपकरणों की सहायता से नदी की गहराई में जाकर युवक की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के बाद आज शाम करीब 4:30 बजे टीम को सफलता मिली और भगवान प्रजापत का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की गई। इसके पश्चात मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल आलोट भेजा गया। पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था युवक मृतक भगवान प्रजापत, पिता शंभूलाल प्रजापत, राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा गांव का निवासी था। वह अपने मामा सिद्धू प्रजापत और दशरथ प्रजापत के यहां पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बरडिया राठौर आया हुआ था। नदी में डूबने की घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बना हुआ था। करीब एक दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। संयुक्त टीमों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासनिक अमले के साथ डीआरसी की आलोट, जावरा और रतलाम टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। अभियान में कंपनी कमांडर बद्रीलाल मंडलोई, जितेंद्र गामड़, यस पिंकू, जावरा डीआरसी टीम प्रभारी देवराम चौधरी, पप्पू राव, जिया रहमान, कालू सिंह, आलोट टीम प्रभारी राम भजन, नरेंद्र सेन, रमेश शर्मा, वीरेंद्र सिंह, शाहरुख खान और ओमप्रकाश माली की सराहनीय भूमिका रही।

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती गर्भवती मिली, मां ने जताई दुष्कर्म की आशंका; अज्ञात आरोपी पर केस दर्ज

Ratlam News: रतलाम के नामली क्षेत्र में 20 वर्षीय युवती के गर्भवती होने पर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मां की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र के एक गांव में मानसिक स्थिति से परेशान 20 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। युवती के कई महीनों से पीरियड नहीं आने और पेट बढ़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद युवती की मां ने नामली थाने पहुंचकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, युवती से प्रारंभिक पूछताछ में उसने श्मशान क्षेत्र की ओर घटना होने की बात बताई है। अब पुलिस घटनास्थल और युवती द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। कई बार घर से अकेली निकल जाती थी युवती शिकायत के अनुसार, युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज भी कराया जा चुका है। परिवार में मां के अलावा चार बेटियां और एक बेटा है। युवती कभी-कभी सामान्य बातचीत करती है, लेकिन कई बार बिना बताए घर से बाहर चली जाती थी। परिजनों ने बताया कि वह कभी श्मशान की ओर तो कभी जंगल की तरफ चली जाती थी। परिवार के सदस्य उसे तलाशकर वापस घर लेकर आते थे। करीब चार से पांच महीने पहले भी युवती घर से चली गई थी। परिजन उसे रात के समय एक गांव से तलाश कर वापस लाए थे। पीरियड नहीं आने और पेट बढ़ने पर हुआ संदेह मां ने पुलिस को बताया कि युवती के घर लौटने के बाद करीब तीन से चार महीने तक उसका पीरियड नहीं आया। कुछ समय बाद पेट बढ़ा हुआ दिखाई देने पर परिवार को संदेह हुआ कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। 16 सितंबर को परिजन युवती को नामली के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। अस्पताल की ओर से पुलिस को भी सूचना दी गई। इसके बाद युवती की मां उसे लेकर नामली थाने पहुंचीं और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। युवती ने श्मशान की ओर घटना होने की बात बताई पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवती ने श्मशान की ओर उसके साथ घटना होने की बात बताई है। मां ने अपनी शिकायत में अज्ञात व्यक्ति पर गलत काम करने की आशंका जताई है। पुलिस अब युवती के बयान, घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित स्थानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।

Ratlam News: रतलाम में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का माल जब्त

Ratlam News: रतलाम के नामली थाना क्षेत्र में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया। 4 आरोपी गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का मश्रुका जब्त। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में महू-नीमच हाईवे पर ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने वाले गिरोह का नामली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े सात अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों पर हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों की तिरपाल काटकर लहसुन और सरसों की बोरियां चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कृषि उपज, बिना नंबर की मोटरसाइकिलें, अवैध हथियार और कच्ची शराब समेत कुल करीब 8 लाख 59 हजार रुपए का मश्रुका जब्त किया है। वीडियो देखे पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। स्पीड ब्रेकर, घाटी या अन्य स्थानों पर धीमे होने वाले ट्रकों को चिन्हित कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। नामली पुलिस की कार्रवाई से गिरोह का खुलासा हाईवे पर लगातार ट्रकों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पान्द्रो, प्रभारी एसडीओपी अजय सारवान के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी अमित कोरी के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा तकनीकी सहायता और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। खेत के मकान के पीछे छिपे थे संदिग्ध 16 सितंबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति धर्मेंद्र बापू के खेत पर बने मकान के पीछे रुके हुए हैं। सूचना मिलते ही नामली पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान अमन कंजर, राहुल कंजर और निखिल कंजर को मौके से पकड़ा गया। अंधेरे का फायदा उठाकर अनीश कंजर, चिंटू कंजर और अमित कंजर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और प्लास्टिक की केनों में भरी करीब 30 लीटर कच्ची हाथ भट्टी की शराब जब्त की। तलाशी के दौरान आरोपी अमन सिसोदिया के पास से 32 बोर का पिस्टलनुमा देशी कट्टा, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। इस मामले में नामली थाने पर आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पूछताछ में सामने आई ट्रकों से चोरी की वारदातें पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने की वारदातों का खुलासा किया। आरोपियों ने करीब 20 से 25 दिन पहले एक ट्रक से तिरपाल काटकर 14 कट्टे लहसुन चोरी करना स्वीकार किया। इसके अलावा करीब चार दिन पहले एक अन्य ट्रक से 13 कट्टे सरसों चोरी करने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई लहसुन और सरसों की बोरियां बरामद कर ली हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस तरह वारदात को देते थे अंजाम पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य तीन-तीन लोगों की टीम बनाकर चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। तिरपाल से ढके ट्रकों की पहचान करने के बाद उनकी निगरानी की जाती थी। खासतौर पर स्पीड ब्रेकर, घाटी और ऐसे स्थानों को चुना जाता था जहां ट्रकों की रफ्तार कम हो जाती है। ट्रक के धीमे होते ही मोटरसाइकिल पर बीच में बैठा आरोपी रस्सी की मदद से ट्रक के ऊपर चढ़ जाता था। इसके बाद वह तिरपाल काटकर ट्रक में भरी कृषि उपज को सड़क किनारे नीचे गिरा देता था। पीछे चल रहे साथी मोटरसाइकिल से नीचे गिराई गई कृषि उपज को समेटकर ले जाते थे। चोरी का सामान हाईवे से करीब 500 मीटर दूर खेत में बने मकान में छिपाकर रखा जाता था। आवश्यकता के अनुसार वहां से कृषि उपज निकालकर बेचने या ठिकाने लगाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। चार आरोपी गिरफ्तार, सात की तलाश जारी नामली पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन पिता दीपू सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी उखेड़िया; राहुल पिता गोरिया हाड़ा, उम्र 30 वर्ष, निवासी उखेड़िया; निखिल पिता बबलू हाड़ा, उम्र 23 वर्ष, निवासी उखेड़िया और सोनू पिता राजेंद्र सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी मेवासा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अनीश हाड़ा, चिंटू हाड़ा, अमित हाड़ा, अभिषेक सिसोदिया, आशीष चौहान, राजकुमार राणावत और धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया फिलहाल फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। 8.59 लाख रुपए का मश्रुका जब्त पुलिस कार्रवाई में जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है: कुल जब्त मश्रुका की कीमत करीब 8 लाख 59 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नामली अमित कोरी, थाना प्रभारी जावरा शहर दीपक मंडलोई, उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी, केके पटेल, सहायक उपनिरीक्षक जुगलकिशोर रावत, राजेंद्र जगताप सहित नामली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश के साथ-साथ अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई हत्याकांड का खुलासा, जमीन का हिस्सा नहीं देना पड़ा भारी, पिता-बेटे ने की हत्या

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। जमीन विवाद में पिता-बेटे गिरफ्तार। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में 11 सितंबर को घर के आंगन में मिले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर के शव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में महिला के काका ससुर बद्दा डामोर और उसके बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन में हिस्से को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि रात के समय दोनों ने महिला पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सुबह घर के आंगन में मिला था महिला का शव 11 सितंबर की सुबह नयाखेड़ा गांव निवासी अन्नुसिंह डामोर खेत पर काम करने जा रहा था। रोजाना की तरह देवीबाई अपने घर के बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस दिन वह जमीन पर पड़ी हुई मिली। अन्नुसिंह ने पास जाकर देखा तो महिला खून से लथपथ थी। उसने तुरंत शिवगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान महिला के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले के खुलासे के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। रिश्ते के देवर पर पुलिस को हुआ संदेह जांच के दौरान पुलिस को महिला के पति के काका के बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा पर संदेह हुआ। रिश्ते में वह देवीबाई का देवर लगता था। पुलिस ने पहले बसंतीलाल से पूछताछ की। इसके बाद उसके पिता बद्दा डामोर से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने देवीबाई की हत्या में शामिल होना स्वीकार किया। जमीन के हिस्से को लेकर चल रहा था विवाद शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना के अनुसार, देवीबाई और बसंतीलाल के बीच वर्ष 2017 से संबंध थे। इस मामले की जानकारी परिवार और समाज के लोगों को भी थी। पुलिस के मुताबिक, उस समय देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में हिस्से को लेकर परिवार तथा समाज के स्तर पर सहमति बनी थी। बसंतीलाल के पिता बद्दा ने कथित रूप से देवीबाई को अपने बेटे के साथ रखने, परिवार की जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के भरण-पोषण और रहने के लिए मकान उपलब्ध कराने की बात कही थी। बाद में देवीबाई के रहने के लिए मकान बना दिया गया, लेकिन जमीन में आधा हिस्सा देने की बात पूरी नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर महिला और दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद और कहासुनी होती रहती थी। रात करीब 3 बजे घर पहुंचकर किया हमला पुलिस पूछताछ के अनुसार, जमीन विवाद और लगातार हो रही कहासुनी के बाद दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई। 11 सितंबर की रात करीब 3 बजे बसंतीलाल और उसका पिता बद्दा देवीबाई के घर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि महिला के सोते समय दोनों ने धारदार हथियार से उस पर हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण देवीबाई की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कई थाना पुलिस और साइबर सेल ने की जांच हत्याकांड के खुलासे में शिवगढ़ थाना पुलिस के साथ रावटी और सरवन थाना पुलिस की टीम की भी भूमिका रही। इसके अलावा साइबर सेल और अन्य पुलिस अधिकारियों ने जांच में सहयोग किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Ratlam News: रतलाम के रावटी में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी, पास में मिला कंकाल

Ratlam News: रतलाम के रावटी थाना क्षेत्र में 13 दिन से लापता युवक सुखराम का क्षत-विक्षत शव मिला। पास में मिले कंकाल और कपड़ों की जांच में पुलिस जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक खेत में 13 दिनों से लापता 20 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। शव के कुछ दूरी पर एक कंकाल भी बरामद हुआ है। कंकाल के पास नाबालिग लड़की के कपड़े मिलने से पुलिस की जांच और गंभीर हो गई है। पुलिस के अनुसार, कंकाल की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। कपड़ों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह उसी नाबालिग लड़की का हो सकता है, जो 1 सितंबर को युवक के साथ लापता हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस और एफएसएल टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खेत में घास काटने गई महिला को मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक, रविवार को सेमलखेड़ी निवासी कुसुम पत्नी शंकर गणावा खेत में घास काटने गई थीं। इसी दौरान उन्हें खेत से तेज बदबू आने का एहसास हुआ। पास जाकर देखने पर उन्होंने एक युवक का शव पड़ा देखा। इसके बाद कुसुम ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। शाम करीब 6 बजे पुलिस को सूचना मिली, लेकिन बारिश के कारण पुलिस रात करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंच सकी। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शव के आसपास का क्षेत्र सुरक्षित किया और जांच शुरू की। इसी दौरान पास में एक कंकाल भी मिला। कपड़ों से हुई युवक की पहचान प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान 20 वर्षीय सुखराम पुत्र रमश गणावा, निवासी ग्राम सेमलखेड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान उसके पहने हुए कपड़ों के आधार पर की गई। शव काफी क्षत-विक्षत हालत में मिला था। प्रारंभिक तौर पर पुलिस को आशंका है कि लंबे समय तक पड़े रहने के कारण जानवरों ने शव को नुकसान पहुंचाया होगा। शव के पास जहर की एक डिब्बी मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा बना रही है। 13 दिनों से लापता थी नाबालिग लड़की मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पास मिले कंकाल के साथ बरामद कपड़े हैं। पुलिस को संदेह है कि ये कपड़े उस नाबालिग लड़की से संबंधित हो सकते हैं, जिसकी गुमशुदगी 1 सितंबर को रावटी थाने में दर्ज कराई गई थी। नाबालिग के परिवार ने युवक पर बेटी को अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था। अब युवक का शव मिलने और पास में कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। हालांकि, कंकाल की वास्तविक पहचान बिना वैज्ञानिक जांच के स्पष्ट नहीं होगी। पुलिस डीएनए परीक्षण और अन्य जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से पहचान सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है। मेडिकल कॉलेज में दोनों पक्षों के बीच विवाद सोमवार दोपहर दोनों मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई और पथराव तक पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच जारी रखी। पुलिस और एफएसएल टीम कर रही जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। डॉक्टर अतुल मित्तल सहित संबंधित अधिकारियों ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस दोनों परिवारों के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। युवक और नाबालिग लड़की के लापता होने की परिस्थितियों, उनके बीच संबंधों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। रावटी थाना प्रभारी ने क्या कहा? रावटी थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया ने बताया कि युवक का शव और एक कंकाल पास-पास मिले हैं। नाबालिग के परिजनों ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि युवक की पहचान हो चुकी है, जबकि कंकाल की पहचान अभी बाकी है। मामले की जांच जारी है और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस के सामने कई सवाल इस घटना ने पुलिस जांच के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, नाबालिग लड़की का कंकाल से कोई संबंध है या नहीं और दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हैं या नहीं—इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और डीएनए परीक्षण के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की संभावना है।

↑
0%